ओलोंग टी के फायदे और नुकसान – Oolong Tea Benefits and Side Effects in Hindi

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भारत के संदर्भ में देखा जाए तो यहां सामान्य दूध से बनी या काली चाय का चलन काफी ज्यादा है। हालांकि, अब लोग मिल्क टी के साथ-साथ स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाली चाय के अन्य प्रकारों की तरफ भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसमें एक नाम ओलोंग टी का भी है। कई लोगों के लिए ओलोंग टी नई हो सकती है। ऐसे में स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम ओलोंग चाय पीने के फायदे बताने के साथ ही ओलॉन्ग टी का उपयोग कैसे किया जा सकता है, यह जानकारी भी दे रहे हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ओलोंग चाय के स्वास्थ्य लाभ बताई जा रही समस्याओं के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन यह चाय इन समस्याओं का इलाज नहीं है।

शुरू करते हैं लेख

सबसे पहले हम ओलोंग चाय सेहत और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है या नहीं, यह जान लेते हैं।

क्या आपके लिए ओलोंग टी अच्छी है?

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलाजिक इनफार्मेशन (NCBI) के अनुसार, ग्रीन और ब्लैक टी की ही तरह ओलोंग चाय भी कैमेलिया साइनेंसिस (Camellia Sinensis) पौधे की पत्तियों से ही तैयार की जाती है। इसका उपयोग पेय पादर्थ के तौर पर किया जाता है। हालांकि, ग्रीन और ब्लैक टी से अलग ओलॉन्ग टी आधी फर्मेंटेड (Semi-Fermented) होती है। इसे मुरझाई, कुचली और आंशिक रूप से ऑक्सीकृत पत्तियों से बनाया जाता है। ऐसे में ओलोंग टी में चाय के पौधे के कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जिनके कारण इसे सेहत और स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। ओलोंग टी में मौजूद औषधीय गुण कुछ इस प्रकार हैं (1) (2):

  • कार्डियोप्रोटेक्टिव (हृदय को सुरक्षा देना वाला)
  • एंटीडायबिटिक (ब्लड शुगर को कम करने वाला)
  • एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला)
  • एंटी-इन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला)
  • एंटी-ओबेसिटी (मोटापा कम करने वाला)
  • एंटी-कैंसर (कैंसर के जोखिम को कम करने वाला)

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यहां अब हम विस्तार से ओलोंग चाय पीने के फायदे बता रहे हैं।

ओलोंग चाय के फायदे – Benefits of Oolong Tea in Hindi

लेख के इस भाग में हम ओलोंग चाय पीने के फायदे बता रहे हैं। उन्हें जानने से पहले यह जरूर ध्यान रखें कि ओलॉन्ग चाय के फायदे नीचे बताई जा रही समस्याओं के लक्षणों को कुछ हद तक कम करने में असरदार हो सकते हैं। मगर, ओलोंग चाय इन समस्याओं का इलाज नहीं है। गंभीर स्थितियों में हमेशा डॉक्टरी इलाज को ही प्राथमिकता दें।

1. दिल को स्वस्थ रखने के लिए ओलोंग चाय के फायदे

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए ओलोंग चाय पीने के फायदे देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग कॉफी, ग्रीन टी और ओलोंग टी या कैफीन का सेवन करते हैं, उनमें हृदय रोग से मृत्यु का जोखिम कम हो सकता है (3)। इतना ही नहीं इस विषय में चीन और जापान में किए गए कुछ अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि ओलॉन्ग टी के सेवन से स्ट्रोक और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा भी कम हो सकता है (4)। हालांकि, हृदय से संबंधित ओलॉन्ग टी की उपयोगिता को और गहराई से समझने के लिए इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

2. मोटापा कम करने में सहायक

पारंपरिक तौर पर ओलोंग चाय में एंटी ओबेसिटी (मोटापा कम करने वाला) और हाइपोलिपिडेमिक (कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला) प्रभाव होने की पुष्टि की जाती है। इस वजह से ओलोंग टी का सेवन मोटापे और फैटी लिवर की समस्या में प्रभावी हो सकता है (5)।

वहीं एक अन्य अध्ययन के अनुसार, ओलॉन्ग टी शरीर में वसा की मात्रा कम कर सकती है। साथ ही यह लिपिड मेटाबोलिज्म (Lipid Metabolism) में सुधार कर शरीर के वजन को नियंत्रित कर सकती है (6)। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा सकता है कि ओलॉन्ग चाय के फायदे मोटापे को नियंत्रित करने में लाभकारी हो सकते हैं। हालांकि, सिर्फ ओलोंग टी के भरोसे रहकर वजन कम करना पूरी तरह से संभव नहीं है। वजन कम करने के लिए डाइट और जीवनशैली में कुछ बदलाव भी जरूरी है।

3. कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए ओलोंग टी

ओलोंग चाय पीने के फायदे में कैंसर के जोखिम को कम करना भी शामिल है। दरअसल, एक चीनी अध्ययन में यह पाया गया कि नियमित चाय का सेवन महिलाओं में ओवेरियन कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है। इस शोध में ओलॉन्ग टी का जिक्र भी शामिल है (7)। इसके अलावा ग्रीन टी के लाभ के समान ही ओलॉन्ग चाय के फायदे स्तन कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को रोकने में भी सहायक हो सकते हैं। साथ ही यह स्तन कैंसर के स्थिति में कीमोप्रिवेंटिव (कैंसर को रोकने वाला) एजेंट की तरह काम कर सकता है (8)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि कैंसर मरीजों के लिए ओलोंग चाय का सेवन लाभकारी हो सकता है। मगर, यह समझना भी जरूरी है कि कैंसर एक घटक और जानलेवा बीमारी है, जिसका इलाज डॉक्टरी परामर्श पर ही निर्भर करता है।

4. मधुमेह का जोखिम कम करे

मधुमेह जैसी गंभीर समस्या से बचाव के लिए भी ओलोंग चाय के स्वास्थ्य लाभ देखे जा सकते हैं। दरअसल, ओलॉन्ग टी में एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक (ब्लड शुगर कम करने वाला) प्रभाव होता है, जो मधुमेह की रोकथाम में प्रभावकारी हो सकता है। इसकी पुष्टि एनसीबीआई पर प्रकाशित एक शोध से होती है। इस शोध के मुताबिक, ओलॉन्ग टी का एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक प्रभाव टाइप-2 मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी हो सकता है (9)। इस आधार यह कहना गलत नहीं होगा कि ओलोंग टी का सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

5. ब्लड प्रेशर के लिए ओलोंग चाय

जिनको उच्च रक्तचाप की समस्या है, उनके लिए भी ओलोंग चाय का सेवन काफी लाभकारी हो सकता है। चीन में हुए एक शोध के अनुसार, जिन व्यक्तियों ने एक साल तक प्रतिदिन 120 एमएल या उससे अधिक ग्रीन या ओलोंग टी का सेवन किया, उनमें उच्च रक्तचाप का जोखिम कम पाया गया। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा सकता है कि ओलोंग टी का सेवन ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए फायदेमंद हो सकता है (10)। इसके अलावा एक अन्य अध्ययन से यह भी पुष्टि होती है कि ओलोंग टी में हाइपोटेंसिव (ब्लड प्रेशर कम करने वाला) प्रभाव पाया जाता है (11)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि ओलॉन्ग टी के सेवन से उच्च रक्तचाप में सुधार लाया जा सकता है।

6. मस्तिष्क के लिए ओलोंग चाय

ओलोंग चाय के स्वास्थ्य लाभ मस्तिष्क के लिए भी प्रभावकारी हो सकते हैं। यह बात इस विषय से संबंधित एक शोध में सामने आई है। शोध के अनुसार ब्लैक, ओलोंग और ग्रीन टी का सेवन दिमागी विकास में मदद कर सकता है (12)। सिर्फ मस्तिष्क ही नहीं, बल्कि ओलोंग टी का असर तनाव की समस्या से भी निजात दिलाने मे सहायक हो सकता है। इस काम में ओलोंग चाय में मौजूद गाबा (GABA- एक प्रकार का एमिनो एसिड) अहम भूमिका निभाता है (13)। फिलहाल, इस संबंध में अभी और शोध की आवश्यकता है।

7. ओलोंग चाय एनर्जी ड्रिंक की तरह

अन्य चाय की तरह ओलोंग चाय में भी कैफीन मौजूद होता है (14)। ऐसे में कैफीन का सेवन व्यक्ति में एनर्जी बढ़ाने में मदद कर सकता है (15)। ध्यान रहे कि इसका जरूरत से ज्यादा सेवन न करें, वरना इसके नकारात्मक प्रभाव (बेचैनी, मतली और उल्टी) भी सामने आ सकते हैं (16)।

8. रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए

ओलोंग चाय का सेवन रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के उपाय के तौर पर भी किया जा सकता है, जिसमें इसका थिसिनेंसिन-ए (एक प्रकार का पॉलीफेनोल फ्लेवोनोइड) तत्व लाभकारी हो सकता हैं। दरअसल, थिसिनेंसिन-ए एंटी इन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) प्रभाव प्रदर्शित करने के साथ ही शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है (2)। इस आधार पर यह कह सकते हैं कि ओलोंग चाय के स्वास्थ्य लाभ शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता के लिए भी लाभकारी हो सकते हैं।

9. त्वचा के लिए ओलोंग चाय के फायदे

ओलोंग चाय पीने के फायदे सिर्फ स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि त्वचा के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं। दरअसल, यह बात एक्जिमा (त्वचा पर खुजली, जलन और रैशेज) को लेकर किये गए एक शोध में सामने आयी है। एनसीबीआई (NCBI) की वेबसाइट पर प्रकाशित इस शोध माना गया कि इस चाय में मौजूद पॉलीफेनोल्स के कारण एंटी-एलर्जिक गुण पाए जाते हैं। इस गुण के कारण ओलोंग चाय एक्जिमा की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकती है (17)।

10. बालों के लिए ओलोंग चाय के फायदे

सिर्फ त्वचा ही नहीं बल्कि बालों को स्वस्थ बनाने के उपाय के रूप में भी ओलॉन्ग चाय के फायदे हो सकते हैं। अध्ययन के अनुसार, चाय के अर्क में मौजूद विभिन्न जैविक घटकों के कारण इसका इस्तेमाल कॉस्मेटिक बनाने के लिए भी किया जाता है, जिसमें हेयर प्रोडक्ट भी शामिल हैं। शोध के अनुसार चाय के अर्क से तैयार किया गया है हेयर कॉस्मेटिक एंड्रोजेनिक एलोपेसिया (गंजेपन का प्रकार) और बालों के झड़ने की समस्या को कम कर सकता है (18)।

दरअसल, चाय की पत्तियों में मौजूद पॉलीफेनोल्स, आवश्यक तेल और कैफीन डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) (बालों के विकास में सहायक हार्मोन) को टेस्टोस्टेरोन में बदलने से रोक सकते हैं। वहीं ओलोंग चाय भी चाय की पत्तियों से ही तैयार की जाती है। इस वजह से हार्मोनल परिवर्तन के कारण बालों के झड़ने या गंजेपन की समस्या को कम करने में ओलॉन्ग चाय के फायदे सहायक माने जा सकते हैं (18)।

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आगे हम ओलोंग टी में शामिल पौष्टिक तत्वों के बारे में बता रहे हैं।

ओलोंग टी के पौष्टिक तत्व – Oolong Tea Nutritional Value in Hindi

नीचे प्रति 100 ग्राम की मात्रा में ओलोंग टी में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व व उनकी मात्रा के बारे में बताया गया है, जो कुछ इस प्रकार हैं (19):

पोषक तत्व प्रति 100 ग्राम मात्रा
पानी99.84 g
ऊर्जा1 kcal
कार्बोहाइड्रेट0.15 g
कैल्शियम1 mg
मैग्नीशियम1 mg
फारफोरस1 mg
पोटेशियम12 mg
सोडियम3 mg
जिंक0.01 mg
मैंगनीज0.21 mg
नियासिन0.06 mg
कैफीन16 mg
थियोब्रोमाइन2 mg

पढ़ते रहें लेख

अब जानते हैं ओलॉन्ग टी का उपयोग करने का तरीका।

ओलोंग टी का उपयोग – How to Use Oolong Tea in Hindi

नीचे बताए गए तरीकों से ओलोंग टी का उपयोग कर इसके गुणों का लाभ उठाया जा सकता है।
ओलोंग चाय को सीधे बनाकर पी सकते हैं। ओलोंग चाय बनाने का तरीका हम नीचे शेयर कर रहे हैं :

सामग्री :

  • एक ओलोंग टी बैग
  • एक कप पानी

बनाने की विधि :

  • सबसे पहले पानी को गर्म करें।
  • अब इस पानी को एक कप में डालें।
  • फिर इसमें ओलोंग टी बैग को डालें।
  • दो से तीन मिनट बाद, ओलोंग टी का सेवन करें।

नोट : ओलोंग टी बैग ऑनलाइन या सुपरमार्केट में मिल जाएंगे।

ओलोंग टी को उपयोग करने के अन्य तरीके :

  • ओलोंग टी का सेवन नींबू के साथ भी किया जा सकता है।
  • सुबह-सुबह ओलोंग टी से चेहरा भी धो सकते हैं।
  • ओलोंग टी का उपयोग बालों पर भी लगाकर किया जा सकता है।

मात्रा – आम चाय की तरह ओलोंग टी का सेवन दिनभर में एक से दो कप तक किया जा सकता है (1)। हालांकि, इसे लेने की मात्रा व्यक्ति की उम्र और शारीरिक स्थिति पर भी निर्भर कर सकती है। ऐसे में इसे नियमित इस्तेमाल में लाने से पूर्व डॉक्टर या विशेषज्ञ की राय जरूर लें।

यह भी पढ़ें

यहां अब हम जानेंगे कि अन्य चाय के मुकाबले ओलोंग टी क्यों बेहतर है।

ओलोंग टी या ब्लैक टी या ग्रीन टी या व्हाइट टी – कौन सबसे अच्छी है? – Oolong Tea Vs. Black Tea Vs. Green Tea Vs. White Tea – Which One Is The Best?

ओलोंग टी, ब्लैक टी, ग्रीन या व्हाइट टी में से सबसे अच्छी चाय कौन सी है, यह तय कर पाना बड़ा मुश्किल है। प्रत्येक चाय की अपनी अलग खासियत होती है। वहीं लेख में हम पहले ही बता चुके हैं कि सामान्य तौर पर सभी प्रकार की चाय कैमेलिया साइनेंसिस (Camellia Sinensis) पौधे की पत्तियों से ही तैयार की जाती हैं (1)। इस कारण चाय के सभी प्रकारों के औषधीय गुण लगभग एक समान हो सकते हैं।

वहीं लेख में हमने यह भी बताया है कि ओलोंग टी ग्रीन और ब्लैक टी से अलग आधी फर्मेंटेड (Semi-Fermented) होती है (1)। ऐसे में अन्य चाय के मुकाबले इसमें पौष्टिक गुणों की मात्रा अधिक हो सकती है। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि ओलोंग टी, ब्लैक टी, ग्रीन टी या व्हाइट टी के मुकाबले अधिक प्रभावकारी हो सकती है।

हालांकि, ग्रीन टी में ब्लैक टी और ओलोंग टी की तुलना में अधिक कैटेचिन (एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट) होता है। इस वजह से इसे एंटी एजिंग, एंटी अल्जाइमर और एंटीडायबिटिक जैसी स्थितियों के लिए अधिक प्रभावी माना जा सकता है (20)। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि प्रत्येक चाय की अपनी विशेष उपयोगिता है।

अंत तक पढ़ें

लेख के अंत में जानते हैं ओलॉन्ग टी के नुकसान।

ओलोंग टी के नुकसान – Side Effects of Oolong Tea in Hindi

किसी चीज का फायदा है, तो उसके कुछ नुकसान भी है। ठीक उसी तरह ओलोंग टी के नुकसान भी हैं, जिसके बारे में हम नीचे जानकारी दे रहे हैं।

  • हालांकि, ओलोंग चाय डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है (9)। मगर, इसका अधिक उपयोग मधुमेह के जोखिम को बढ़ा सकता है (21)। इसलिए मधुमेह के मरीज इसका सेवन डॉक्टरी परामर्श से ही करें।
  • ओलोंग टी में कैफीन मौजूद होता है (14)। ऐसे में इसके अधिक सेवन से बार-बार पेशाब आना, मतली, उल्टी, बेचैनी और अनिद्रा जैसे दुष्प्रभाव सामने आ सकते हैं (16)।
  • ओलोंग चाय के जरिए अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन हाई बीपी की समस्या भी पैदा कर सकता है (22)।
  • ऐसे तो गर्भवती महिलाओं को कैफीन (प्रतिदिन 200 मिलीग्राम से कम) लेने में कोई समस्या नहीं है (23)। मगर, बेहतर है कि ओलॉन्ग टी के नुकसान से बचने के लिए गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसका सेवन डॉक्टर के कहे अनुसार ही करें।

उम्मीद करते हैं कि पाठकों को इस लेख से ओलोंग टी के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी मिली होगी। ओलॉन्ग टी का उपयोग सही प्रकार से कर व्यक्ति इसके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकता है। साथ ही इसका उपयोग करते हुए व्यक्ति इस गलतफहमी में न रहे कि यह चाय किसी जादू की तरह काम करेगी। ओलॉन्ग टी का उपयोग लेख में बताई गईं स्वास्थ्य समस्याओं के प्रभाव और उनके लक्षणों को कम करने के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसका असर दिखने में थोड़ा समय जरूर लगेगा। वहीं अहम बात यह है कि किसी भी गंभीर परेशानी के लिए केवल घरेलू उपायों पर ही निर्भर न रहें, बल्कि डॉक्टरी इलाज को प्राथमिकता दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मैं हर रोज ओलोंग टी पी सकता हूं?

सामान्य चाय या ग्रीन टी की ही तरह प्रतिदिन ओलोंग टी का सेवन किया जा सकता है। हालांकि, इसकी मात्रा एक या दो कप तक ही सीमित रखें (1)।

क्या ओलोंग टी पीने से पेट की चर्बी कम की जा सकती है?

हां, ओलोंग टी का एंटी ओबेसिटी गुण वजन घटाने में मदद कर सकता है (6)। इस आधार पर पेट की चर्बी घटाने के उपाय के तौर पर भी ओलोंग टी को प्रभावी माना जा सकता है।

क्या रात में ओलोंग टी पी सकते हैं?

ओलोंग टी का सेवन रात में सोते समय भी किया जा सकता है। दरअसल, वजन कम करने वालों के लिए यह एक बेहतर उपाय हो सकता है। वजह यह है कि ओलोंग टी में मौजूद कैफीन की मात्रा हृदय गति को बढ़ाकर एनर्जी मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है। इस वजह से शरीर सोते समय भी ऊर्जा की खपत करता रहता है। साथ ही इसका नींद पर भी किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ता है (24)।

क्या दूध के साथ ओलोंग टी का सेवन करना अच्छा होता है?

जी हां, ओलोंग टी बनाने में दूध का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। मगर, स्वास्थ्य संबंधी फायदों के लिए इसे बिना दूध के ही लेने की सलाह दी जाती है (25)।

क्या ओलोंग टी में कैफीन की मात्रा नहीं होती है?

प्राकृतिक तौर पर प्रति 100 ग्राम ओलोंग टी में 16 मिलीग्राम कैफीन की मात्रा होती है (19)। हालांकि, डिकैफिनेटेड पॉलीफेनोल अर्क से तैयार की गई ओलोंग टी भी होती है (26)। इसलिए मार्केट में आप कैफीन रहित और बिना कैफीन वाली ओलोंग चाय भी खरीद सकते हैं।

Sources

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अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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