ओरेगेनो तेल के 11 फायदे, उपयोग और नुकसान – Oregano Oil Benefits and Side Effects in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

ओरेगेनो एक गुणकारी पौधा है, जिसका इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपचार में भी किया जाता है। ठीक वैसे ही इससे बनने वाले तेल का उपयोग भी कई प्रकार के शारीरिक समस्याओं से बचाव के लिए किया जा सकता है। ऐसे में स्टाइलक्रेज के इस विशेष लेख में हम ओरेगेनो के तेल के फायदे की जानकारी दे रहे हैं। हालांकि, हम स्पष्ट कर दें कि यह किसी भी बीमारी का पूर्ण इलाज नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव या लक्षणों से राहत दे सकता है। वहीं, लेख में आप जानेंगे कि ओरेगेनो के तेल के नुकसान से बचाव के लिए ओरेगेनो के तेल का उपयोग सही तरीके से से कैसे किया जा सकता है। ओरेगेनो तेल से जुड़ी सभी जानकारी के लिए लेख को अंत पढ़ें।

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आर्टिकल की शुरुआत करते हैं ओरेगेनो का तेल के फायदे के साथ।

ओरेगेनो तेल के फायदे – Benefits of Oregano Oil in Hindi

ओरेगेनो के तेल में मौजूद गुण इसे सेहत की दृष्टि से प्रभावकारी बनाते हैं। साथ ही यह कई स्वास्थ्य समस्याओं में फायदेमंद हो सकता है। यहां हम सेहत के लिए ओरगेनो का तेल के फायदे बता रहे हैं। हालांकि, गंभीर स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टरी इलाज को ही प्राथमिकता दें, क्योंकि ओरेगेनो का तेल स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव या लक्षणों को कुछ हद तक कम कर सकता है। तो ओरेगेनो तेल के फायदे कुछ इस प्रकार हैं :

1. बैक्टीरिया से बचाव

हानिकारक बैक्टीरिया के कारण कई प्रकार की बीमारियां और संक्रमण होने का खतरा हो सकता है, जिनमें त्वचा के घाव का संक्रमण भी शामिल है। इस समस्या में ओरेगेनो का तेल फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च में पाया गया कि ओरेगेनो के तेल में एंटी बैक्टीरियल गुण होता है। यह पैथोजेनिक बैक्टीरिया (Pathogenic bacteria – बीमारी का कारण बनने वाले बैक्टीरिया) के लिए प्रभावकारी हो सकता है। यह प्रभाव एमडीआर यानी की मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट बैक्टीरिया, स्यूडोमोनास एरुगिनोसा (Pseudomonas aeruginosa) और एसिनेटोबेक्टर बॉमनी (Acinetobacter baumannii) हानिकारक बैक्टीरिया के प्रभाव को कम करने में मददगार हो सकता है। इतना ही नहीं, ओरेगेनो तेल एंटीबायोटिक की तरह प्रभाव प्रदर्शित कर त्वचा पर होने वाले घाव के लिए भी असरदार हो सकता है (1)।

2. कॉलेस्ट्रॉल को कम करे

रक्त में कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा एक समस्या हो सकती है। इस समस्या से निपटने के लिए भी ओरेगेनो का तेल लाभदायक माना गया है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में पाया गया कि ओरेगेनो के तेल में थाइमोल (Thymol) नामक घटक पाया जाता है। यह एंटीहाइपरलिपिडेमिक (Antihyperlipidemic) प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है। इसके उपयोग से एचडीएल (HDL-अच्छा कोलेस्ट्रॉल) में वृद्धि हो सकती है और एलडीएल (LDL-हानिकारक कोलेस्ट्रॉल) कम हो सकता है (2)। ऐसे में कोलेस्ट्रॉल कम करने की डाइट में ओरेगेनो तेल को शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

3. एंटीऑक्सीटेंड से समृद्ध

एंटीऑक्सीडेंट एक पदार्थ होते हैं, जो कोशिकाओं की क्षति को रोक सकते हैं। यह कई खाद्य पदार्थों में मौजूद होता है। यह शरीर में एक अहम भूमिका निभाता है। दरअसल, यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद कर सकता है। फ्री रेडिकल्स अर्थात मुक्त अणु के कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस होता है, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं, जैसे – कैंसर, हृदय संबंधी रोग, मधुमेह, अल्जाइमर रोग, पार्किंसंस रोग और मोतियाबिंद का जोखिम बढ़ जाता है (3)। ऐसे में एंटीऑक्सीडेंट कई खाद्य पदार्थों से प्राप्त किया जा सकता है। एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थों में ओरेगेनो तेल भी शामिल है। दरअसल, ओरेगेनो तेल में मौजूद कार्वाकॉल(Carvacrol) और थाइमोल (Thymol) एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रदर्शित करते हैं। ऐसे में शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने के लिए ओरेगेनो तेल का उपयोग लाभकारी हो सकता है (4)। शायद यही कारण है कि कुछ मात्रा में इसका आहार में उपयोग लाभकारी हो सकता है (5)।

4. फंगल इंफेक्शन को कम करे

ओरेगेनो तेल फंगल संक्रमण में भी लाभकारी हो सकता है। दरअसल, एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि एसेंशियल ऑयल, जिसमें ओरेगेनो ऑयल भी शामिल है टीनिया पेडिस (Tinea pedis – पैरों में होने वाला फंगल संक्रमण) के लिए उपयोगी पाया गया है (6)। वहीं, एक अन्य अध्ययन में कैंडिडा फंगल संक्रमण के खिलाफ ओरेगेनो के तेल में एंटीफंगल प्रभाव पाया गया है (7)। इसके अलावा, ओरेगेनो तेल में मौजूद मुख्य तत्व कार्वाक्रोल (Carvacrol) को भी ओरल कैंडिडा (Oral Candida) यानी मुंह के संक्रमण के लिए उपयोगी पाया गया है (8)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि ओरेगेनो की पत्ती का एंटी फंगल प्रभाव प्रदर्शित कर, फंगल संक्रमण से बचाव कर सकता है।

5. एंटी इंफ्लेमेटरी प्रभाव

माना जाता है कि इन्फ्लेमेशन यानी सूजन कई प्रकार की समस्याओं का कारण बन सकता है। यदि इसे नियंत्रित नहीं किया जाता है तो यह गठिया, एथेरोस्क्लेरोसिस यानी धमनी में प्लाक बनना और कैंसर जैसी बीमारियों से संबंधित रोगों का कारण बन सकता है। वहीं, रिसर्च में इस बात की पुष्टि हुई कि ओरेगेनो के तेल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होता है। यह गुण सूजन को कम करने के साथ ही इससे संबंधित समस्याओं में सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है (9)। वहीं, जानवरों पर हुए एक अन्य अध्ययन से पता चलता है कि कार्वक्रोल का एंटी इंफ्लेमेटरी गुण इंटरल्यूकिन-10 (Interleukin 10 – शक्तिशाली एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों वाला साइटोकिन यानी प्रोटीन) के उत्पादन को बढ़ाकर सूजन की समस्या को कुछ हद तक कम कर सकता है (10)।

6. दर्द से आराम दिलाए

दर्द की समस्या होने पर भी ओरेगेनो के तेल का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। एक रिसर्च के अनुसार ओरेगेनो के तेल में मौजूद कार्वक्रोल कंपाउंड में एनालजेसिक यानी दर्द निवारक प्रभाव होता है (11)। यह प्रभाव कई प्रकार के दर्द में फायदेमंद हो सकता है। एक अन्य रिसर्च के अनुसार कार्वक्रोल, जो ओरेगेनो के तेल में मौजूद होता है, ओरोफेशियल दर्द (Orofacial pain) यानी चेहरे के दर्द के में भी फायदेमंद हो सकता है (12)। इसके अलावा यह तेल सिर, चेहरे, गर्दन और मुंह के दर्द से भी राहत दिला सकता है (13)। ऐसे में हल्के-फुल्के दर्द के लिए ओरेगेनो के तेल का उपयोग लाभकारी हो सकता है।

7. पेट को स्वस्थ रखे

पाचन विकार के इलाज के लिए लोक चिकित्सा में अजवायन के तेल का उपयोग किया गया है (14)। अजवायन की पत्ती के तेल में मौजूद एंटी बैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रभाव आंतों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। शोध में जानवरों के आंत पर इस तेल का सुरक्षात्मक प्रभाव पाया गया। रिसर्च में पाया गया कि तेल ने आंतों की समस्या में सुधार और हानिकारक बैक्टीरिया को मारकर आंतों के इलाज करने में मदद कर सकता है (15)। इसके अलावा ओरेगेनो के तेल में मौजूद कार्वक्रोल कंपाउंड के एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी अल्सर गुण गैस्ट्रिक अल्सर से बचाव उसे ठीक करने में मदद कर सकते हैं (16)। हालांकि, यह अल्सर की गंभीरता पर निर्भर करता है, इसलिए अगर किसी को अल्सर की समस्या है तो बेहतर है डॉक्टरी इलाज प्राथमिकता दें। जैसे कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि इसमें दर्दनिवारक गुण होते हैं तो अल्सर के दौरान अगर पेट दर्द की समस्या हो तो ओरेगेनो तेल से पेट की हल्की मालिश कर सकते हैं। वहीं, ओरेगेनो तेल के सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श लें।

8. कैंसर के खतरे को कम करे

ओरेगेनो के तेल के फायदे में कैंसर से बचाव भी शामिल है। दरअसल, ओरेगेनो तेल में मौजूद कार्वक्रोल में एंटी ट्यूमर गुण मौजूद होता है, जो पेट के कैंसर से बचाव में सहायक हो सकता है (17)। वहीं, एक अन्य शोध में भी इस बात की पुष्टि होती है कि खासकर, स्तन और पेट के कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने के लिए ओरेगेनो के फायदे कारगर साबित हो सकते हैं। इसमें एंटी प्रोलाइफरेटिव (Antiproliferative) प्रभाव होते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं को फैलने से रोक सकते हैं और इनकी मदद से कैंसर का खतरा भी कम हो सकता है (9)। इसके अलावा, इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि ये घरेलू उपचार कैंसर का खतरा कुछ हद तक कम कर सकते हैं, लेकिन ये उसका इलाज नहीं है। ऐसे में कोई इससे ग्रसित हो जाए तो डॉक्टरी इलाज करवाना आवश्यक है।

9. वजन कम करने में फायदेमंद

शरीर में अतिरिक्त चर्बी के जमा होने से मोटापे की समस्या हो सकती है, जिससे कई अन्य बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है (18)। इस समस्या में भी ओरेगेनो के तेल के फायदे देखे गए हैं। दरअसल, ओरेगेनो के तेल में कार्वक्रोल नाम कंपाउंड मौजूद होता है, जो मोटापा की समस्या को कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकता है (9)। हालांकि, सिर्फ ओरेगेनो तेल नहीं, बल्कि संतुलित आहार और वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज भी जरूरी है।

10. घाव भरने में मददगार

ओरेगेनो के तेल का उपयोग पारंपरिक रूप से घाव को भरने और उसके इलाज के लिए भी किया जाता रहा है। एक रिसर्च के अनुसार इसमें वुंड हीलिंग प्रभाव होता है, जो घाव भरने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर सकता है (19)। वहीं, एक अन्य शोध में ओरेगेनो युक्त मरहम को घावों पर (विशेषकर सर्जरी के बाद होने वाले घावों पर) बैक्टीरिया के संक्रमण को रोकने के लिए उपयोगी पाया गया (20)। ऐसे में हल्के-फुल्के घाव के लिए ओरेगेनो तेल को उपयोगी मान सकते हैं। वहीं, अगर घाव गहरा है तो बेहतर है डॉक्टरी चिकित्सा को प्राथमिकता दें।

11. दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाव

कई दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं। ऐसी ही एक दवा है मेथोट्रेक्सेट (Methotrexate- एक प्रकार की दवा), जिसका इस्तेमाल गठिया और कैंसर जैसी सूजन संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। ऐसे में, ओरेगेनो के तेल में मौजूद कार्वक्रोल का एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव मेथोट्रेक्सेट के कारण होने वाले आंतों के नुकसान को रोकने में फायदेमंद पाया गया है (21)। ऐसे में ओरेगेनो को दवा के नुकसान से बचाव के लिए उपयोगी माना जा सकता है। हालांकि, हर दवा का असर अलग हो सकता है और ओरेगेनो का प्रभाव भी अलग-अलग हो सकता है। इसलिए अगर कोई किसी खास प्रकार की दवा का सेवन करता है तो बेहतर हो ओरेगेनो तेल के उपयोग से पहले डॉक्टरी सलाह लें।

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यहां हम जानते हैं कि ओरेगेनो तेल का उपयोग किस प्रकार से किया जा सकता है।

ओरेगेनो के तेल का उपयोग – How to Use Oregano Oil in Hindi

जानवरों हुए कई अध्ययनों में थोड़ी मात्रा में ओरेगेनो तेल के सेवन का जिक्र मिलता है। हालांकि, मनुष्यों पर इसके सेवन से जुड़े शोध का अभाव है। इसलिए इसके सेवन के पहले इसकी मात्रा और सेवन के तरीके के बारे में डॉक्टर से सलाह ले लेना चाहिए। इसके अलावा टॉपिकल रूप से यानी बाहरी तरीके से इसका उपयोग कई समस्याओं में किया जा सकता है (22)।

  • इसके अलावा इसे त्वचा पर कई प्रकार की समस्याओं को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है। मुंहासे की समस्या, एथलीट फुट (एक प्रकार का फंगल संक्रमण) जैसे संक्रमण में इसका उपयोग लाभकारी हो सकता है। हालांकि, ध्यान रहे समस्या गंभीर हो तो डॉक्टरी इलाज को प्राथमिकता दें।
  • बालों में रूसी यानी डैंड्रफ होने पर एक बूंद ओरेगेनो तेल शैंपू में मिलाकर उपयोग कर सकते हैं।
  • दांत दर्द होने पर इसकी एक बूंद कॉटन पर डालकर प्रभावित क्षेत्र पर लगा सकते हैं। ध्यान रहे कि इसे निगलें नहीं।
  • वहीं, जानकारों का मानना है कि खाने का स्वाद बढ़ाने या सलाद में ड्रेसिंग के रूप में इसकी एक बूंद उपयोग कर सकते हैं।

नोट: इसका उपयोग त्वचा पर सीधे नहीं करना चाहिए। साथ ही इसे उपयोग करने के पहले पैच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए। इसके अलावा, अगर किसी को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है तो बेहतर है डॉक्टर से सलाह के बाद ही इसे डाइट में शामिल करें।

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लेख के इस भाग में जानते हैं ओरेगेनो तेल से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में।

ओरेगेनो तेल के नुकसान – Side Effects of Oregano Oil in Hindi

  • ओरेगेनो का तेल कई प्रकार से सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ मामलों में इसके दुष्प्रभाव भी देखे गए हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं ओरेगेनो तेल के नुकसान के बारे में।
  • ओरेगेनो का तेल बहुत गुणकारी होता है लेकिन यदि इसे ठीक से डायलुट न किया जाए तो यह जलन पैदा कर सकता है (23)। इसलिए इसका उपयोग करने के पहले जैतून या नारियल के तेल के साथ मिलाकर उपयोग करें। इसे अपनी त्वचा पर इस्तेमाल करने से पहले एक पैच टेस्ट जरूर करें।
  • मधुमेह की दवा लेने वाले लोगों को तेल का सेवन नहीं चाहिए, क्योंकि इससे रक्त शर्करा का स्तर कम हो सकता है (24)।
  • जो लोग दवा ले रहे हैं उन्हें ओरेगेनो का तेल लेने से सावधान रहना चाहिए है क्योंकि यह दवाओं के असर को प्रभावित कर सकता है(21)।
  • आमतौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए इसका सेवन सुरक्षित नहीं माना जाता है (22)।

अब आप अच्छी तरह समझ चुके होंगे कि ओरेगेनो के तेल के लाभ आप किस तरह उठा सकते हैं। लेख के माध्यम से आपको ओरेगेनो के तेल के फायदे के साथ ओरेगेनो के तेल के नुकसान के बारे में भी जानकारी मिल गई होगी। ऐसे में इसके सेवन से पहले बेहतर है डॉक्टरी सलाह ली जाए। वहीं, ओरेगेनो का तेल बाहरी तौर से उपयोग करना लाभकारी हो सकता है। तो स्वास्थ्य समस्या के लिए ओरेगेनो का तेल ट्राई करें, बाजार में या ऑनलाइन यह आसानी से उपलब्ध है और आप चाहें तो इसे घर में भी बना सकते हैं। इसका उपयोग करें और फर्क देखें। ऐसे ही अन्य ज्ञानवर्धक लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहें स्टाइलक्रेज के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मैं अपने चेहरे पर ओरेगेनो के तेल का उपयोग कर सकता हूं?

हां, लेकिन इसे उपयोग करने के पहले नारियल या जोजोबा तेल में मिलाकर ड्यूलिट करें।

क्या ओरेगेनो का तेल साइनस के संक्रमण के इलाज में मदद करता है?

हां, साइनस संक्रमण में ओरेगेनो के तेल के उपयोग की बात सामने आई है (25)। हालांकि, बेहतर है इसके उपयोग से पहले डॉक्टरी परामर्श भी ली जाए।

बालों के विकास के लिए आप ओरेगेनो के तेल का उपयोग कैसे करते हैं?

बालों के विकास को बढ़ाने के लिए इसे नारियल या आर्गन के तेल के साथ मिलाकर उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, इस विषय पर कोई शोध नहीं है कि, ओरेगेनो का तेल बालों के विकास को किस प्रकार से बढ़ा सकता है।

ओरेगेनो का तेल का चयन कैसे करे और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखे?

बाजार से ओरेगेनो का तेल आसानी से मिल सकता है। देखा जाए तो इसके चयन को लेकर कोई विशेष बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी मेडिकल की दुकान से अच्छी गुणवत्ता वाला ओरेगेनो तेल के बारे में पूछकर इसे खरीदा जा सकता है। वहीं, ऑनलाइन भी ओरेगेनो तेल के बोतल में प्योर शब्द लिखा हुआ ओरेगेनो का तेल का चुनाव किया जा सकता है। इसके अलावा, रिव्यू के आधार पर भी ओरेगेनो तेल का चुनाव कर सकते हैं। साथ ही खरीदते वक्त इसके बनने की तिथि और एक्सपायरी डेट जरूर देखें। इसे कमरे के सामान्य तापमान में एयर टाइट बोतल में आसानी से लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

Sources

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