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पान के पत्ते के 12 फायदे, उपयोग और नुकसान – Betel Leaf Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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पान के पत्ते के 12 फायदे, उपयोग और नुकसान – Betel Leaf Benefits, Uses and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 September 17, 2019

आपने वो गाना तो सुना ही हाेगा ‘खई के पान बनारस वाला, खुल जाए बंद अकल का ताला’। दरअसल, भारत में पान खाने की परंपरा पुरानी है, इसलिए इस पर कई गाने भी बन चुके हैं। पान में दो चीजें सबसे महत्वपूर्ण होती हैं, एक पान का पत्ता और दूसरा सुपारी। आपको जानकर हैरानी होगी कि सुपारी से अलग पान के पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। पान के पत्ते का उपयोग शरीर की कई परेशानियों से निजात पाने के लिए किया जा सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम बात करेंगे शरीर के लिए पान के पत्ते के फायदे और इसके उपयोग में लाने के विभिन्न तरीकों और नुकसानों के बारे में।

पान के पत्ते सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं। कैसे? आइए जानते हैं।

पान के पत्ते आपकी सेहत के लिए क्यों अच्छे हैं?

पुराने समय से ही आयुर्वेद में पान के पत्ते का उपयोग इसके औषधीय गुणों की वजह से किया जाता रहा है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व आपकी सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। पान के पत्तों में टॉक्सिन को खत्म करने से लेकर एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण होते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटी-डायबिटिक, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटी-कैंसर, दिल को स्वस्थ रखने वाले और एंटी-अल्सर जैसे गुण भी पाए जाते हैं (1)। तो है न यह हमारी सेहत के लिए फायदेमंद।

पान के पत्ते के फायदे बस सेहत के लिए ही नहीं है, इसके और भी फायदे हैं। आइए जानते हैं।

पान के पत्ते के फायदे – Benefits of Betel Leaf in Hindi

अभी आपने ऊपर जाना कि पान का पत्ता हमारी सेहत के लिए क्यों फायदेमंद हैं, अब जानिए यह शरीर की विभिन्न बीमारियों पर किस प्रकार काम करता है।

1. खांसी और कंजेशन के लिए पान के पत्ते के फायदे

Cough and congestion Pinit

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पान के पत्तों में कई औषधीय गुण होते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुणों से भी समृद्ध होता है। पान के पत्ते के ये गुण खांसी से निजात दिला सकते हैं और संक्रमण को दूर कर खांसी के दौरान गले के कजेशन से छुटकारा यानी गले को साफ करने का काम कर सकते हैं (2)।

2. मधुमेह की रोकथाम के लिए पान खाने के फायदे

पान के पत्तों में एंटी हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं, जो रक्त में मौजूद ग्लूकोज को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं। पान के पत्ते में मौजूद इस गुण के कारण यह टाइप 2 डायबिटीज को नियंत्रित करने में मददगार हो सकता है (3)।

3. डेंटल हीलिंग और ओरल हेल्थ के लिए पान के पत्ते के फायदे

 Dental healing and oral Pinit

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इसमें दांतों को मजबूत करने और ओरल संक्रमण को दूर करने वाले औषधीय गुण मौजूद होते हैं। यह दांतों के क्षय के इलाज के लिए एक कारगर दवा के रूप में कार्य करता है और बैक्टीरिया के कारण होने वाले मुंह के संक्रमण से भी राहत देने का काम कर सकता है (4)।

4. अच्छे पाचन के लिए पान खाने के फायदे

पान की पत्ते आंतों के लाइपेस (Lipase), एमाइलेज (Amylase) और डिसाकारिडेसिस (Disaccharidases) पाचन एंजाइमों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं, जो अच्छे पाचन के लिए उपयोगी होते हैं। इससे पाचन तंत्र को मजबूती मिलती है। पाचन स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए पान एक विकल्प हो सकता है (5)।

5. भूख को बढ़ाने के लिए पान के पत्ते के फायदे

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि पान की पत्ते आंतों के पाचन एंजाइमों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं (5), जिससे पाचन तंत्र में सुधार होगा और इससे भूख भी बढ़ेगी। हालांकि, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

6. मुंह के छाले में पान खाने के फायदे

Mouth blisters Pinit

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एक शोध् के अनुसार पान के पत्तों के अर्क में एंटी-अल्सर गुण पाए जाते हैं, जो मुंह के छालों को ठीक करने में कारगर हो सकते हैं (7)। हालांकि, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

7. शरीर की दुर्गंध को दूर करने के लिए पान के पत्ते के फायदे

पान के पत्तों का अर्क शरीर की दुर्गंध मिटाने के लिए भी किया जा सकता है। इसमें पाए जाने वाले औषधीय गुण शरीर की बदबू दूर करने में मदद कर सकते हैं। अल्कोहल के सेवन के बाद शरीर से आने वाली दुर्गंध को इसके जरिए दूर किया जा सकता है (8)।

नोट : ध्यान रहे कि अल्कोहल का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।

8. कैंसर से बचाव के लिए पान के फायदे

पान के पत्तों के अर्क में एंटी कैंसर गुण पाए जाते हैं, जो कैंसर को पनपने से रोक सकते हैं। इसका यह गुण ट्यूमर को बढ़ने से रोकने में भी कारगर होता है। साथ ही यह कैंसर की रोकथाम में भी मदद कर सकता है (1)।

9. वजन को कम करने के लिए पान के फायदे

मोटापा कम करने में भी पान के फायदे देखे जा सकते हैं, क्योंकि यह फाइबर से समृद्ध होता है (9)। पान वजन को नियंत्रित करने का काम कर सकता है। हालांकि, यह मोटापे के लिए कितना कारगर हो सकता है, इसके लिए अभी और शोध की आवश्यकता है (10)।

10. गैस्ट्रिक

पान के पत्तों के अर्क में गैस्ट्रो प्रोटेक्टिव गुण पाया जाता है, जो आपको गैस की समस्या से निजात दिलाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, इसमें पेट का अल्सर ठीक करने के गुण भी मौजूद होते हैं। पेट से जुड़ी इन समस्याओं के लिए आप इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में कर सकते हैं (11)।

11. घावों को ठीक करने के लिए पान के फायदे

पान के पत्ते का उपयोग प्राचीन काल से ही एक औषधि के रूप में किया जाता रहा है। इसके औषधीय गुण घाव को जल्द भरने का काम कर सकते हैं। यह हाइड्रॉक्सीप्रोलाइन (कोलेजन में पाया जाने वाला हेटेरोसाइक्लिक प्रोटीन अमीनो एसिड) और सुपरऑक्साइड डिसम्यूटेज (शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करने वाला बहुत महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट) को बढ़ाने में कारगर है, जो घावों को जल्दी भरने में मदद करते हैं। एक शोध के अनुसार, पान के पत्ते से बने अर्क का उपयोग करने से मधुमेह में होने वाले घाव को जल्दी भरा जा सकता है (2)।

12. मुंहासों काे ठीक करे

Acne Acne Pinit

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शोध में पाया गया है कि ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस मुंहासों को बढ़ाने का काम कर सकते हैं (12)। वहीं, पान के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, जो ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को दूर कर मुंहासों को बढ़ने से रोक सकते हैं (2)।

पान के पत्ते के स्वास्थ्य लाभ के बाद, जानते हैं इसमें पाए जाने वाले पौष्टिक तत्वों के बारे में।

पान के पत्ते के पौष्टिक तत्व – Betel Leaf Nutritional Value in Hindi

पान के पत्ते के स्वास्थ्य लाभ सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद होते हैं। कारण है इसमें पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व। आइए, पान के पत्तों में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्वों के बारे में जानते हैं (9)।

पोषक तत्वपोषक मूल्य
पानी85-90 %
प्रोटीन3-3.5 %
वसा0.4 – 1.0 %
मिनरल2.3 – 3.3 %
फाइबर2.3 %
क्लोरोफिल0.01 – 0.25 %
कार्बोहाइड्रेट0.5 – 6.10 %
निकोटिन एसिड0.63 – 0.89 मिलिग्राम / 100 ग्राम
विटामिन सी0.005 – 0.01 %
विटामिन ए 1.9 – 2.9 मिलिग्राम /100 ग्राम
थियामिन10 – 70 µg /100 ग्राम
राइबोफ्लेविन1.9 – 30  µg /100 ग्राम
टैनिन0.1 – 1.3 %
नाइट्रोजन2.0 – 7.0 %
फास्फोरस0.05 – 0.6 %
पोटैशियम1.1 – 4.6 %
कैल्शियम0.2 – 0.5 %
आयरन0.005 – 0.007 %
आयोडिन3.4 µg /100 ग्राम
आवश्यक तेल0.08 – 0.2 %
कैलोरी22 कैलोरी /100 ग्राम

पान के पत्तों का इस्तेमाल सिर्फ पान मसाले के रूप में नहीं होता, बल्कि इसके और भी उपयोग हैं। आगे हम इसी बारे में बता रहे हैं।

पान के पत्ते का उपयोग – How to Use Betel Leaf in Hindi

पान के पत्तों का उपयोग अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग तरीके से होता है।

  • इसका उपयोग पान मसाले के रूप में होता है, यह तो सभी जानते हैं।
  • पान का पत्ता चबाने से मुंह से दुर्गंध नहीं आती है। आप इसका उपयोग माउथ फ्रेशनर के रूप में कर सकते हैं।
  • पान का पत्ता पवित्र माना जाता है, इसका उपयोग पूजा लिए भी किया जाता है।

सेहत के लिए फायदेमंद पान का पत्ता नुकसानदायक भी हो सकता है, आइए जानते हैं इसके नुकसान।

पान के पत्ते के नुकसान – Side Effects of Betel Leaf in Hindi

फायदा पहुंचाने के साथ-साथ पान का पत्ता नुकसानदायक भी हो सकता है। यहां हम बता रहे हैं कि पान का पत्ता किस प्रकार हानिकारक हो सकता है।

    • अधिक पान के पत्ते चबाने से हृदय गति, रक्तचाप, पसीना और शरीर के तापमान में वृद्धि हो सकती है (13)।
    • शोध के अनुसार, पान चबाने से एसोफैगल (खाद्य नली) और मुंह का कैंसर होने की आशंका हो सकती है (14)।
    • अगर गर्भावस्था में पान के पत्तों का सेवन किया जाता है, तो यह भ्रूण और उसके विकास के लिए हानिकारक हो सकता है (15)।
    • अधिक मात्रा में पान के पत्तों का सेवन थायराइड की समस्या पैदा कर सकता है (16)।

आपने इस लेख में जाना कि पान के पत्ते का इस्तेमाल सिर्फ पान बनाने में नहीं किया जाता, बल्कि इसके कई सारे उपयोग भी हैं। साथ ही आपे जाना कि यह किस प्रकार सेहत के साथ-साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है, लेकिन पान के पत्ते का उपयोग सोच समझ कर करना चाहिए, नहीं तो इसके नकारात्मक परिणाम भी देखने मिल सकते हैं। पान के औषधीय गुण इसकी सीमित मात्रा और सही तरह से किए गए उपयोग से दिख सकते हैं। लेख पढ़ने के बाद अगर अभी भी आपके मन में कोई सवाल है, तो उसे नीचे कमेंट बॉक्स मे जरिए हम तक जरूर पहुंचाएं।

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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