पालक के जूस के 14 फायदे, उपयोग और नुकसान – 14 Health Benefits Of Spinach Juice ( Palak Ka Ras) in Hindi

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हरी पत्तेदार सब्जियों की अगर बात की जाए, तो इसमें पालक का नाम आना लाजमी है। पौष्टिक सब्जियों की लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराने वाले पालक का सेवन लोग कई तरह से करते हैं। खासकर, भारत में पालक का साग, आलू-पालक और पालक-पनीर जैसे पालक से बनने वाले व्यंजन लोग बहुत पसंद करते हैं। वहीं, सेहत के प्रति सजग रहने वाले कई लोग पालक का जूस पीना भी पसंद करते हैं। अब जब पालक के जूस की बात चली ही है, तो क्यों न शरीर के लिए पालक के जूस के फायदे जान लिए जाएं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में जानिए स्वास्थ्य के लिए पालक का जूस किस प्रकार लाभकारी हो सकता है। इसके अलावा, लेख में पालक के जूस के फायदे के साथ ही पालक का जूस बनाने की विधि भी साझा की गई है। आइए, लेख मे आगे बढ़ते हैं और जानते हैं पालक के जूस के फायदे विस्तार से। 

लेख विस्तार से पढ़ें

आइये, लेख की शुरुआत करते हैं पालक से जुड़ी जानकारी के साथ।

पालक क्या है?

पालक एक हरी पत्तेदार सब्जी है, जिसकी पत्तियां थोड़ी बड़ी और कोमल होती हैं। इसे विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग नाम से जाना जाता है। इसे अंग्रेजी में स्पिनेच, बंगाली में पालोक साग व हिंदी में पालक कहा जाता है। भारतीय व्यंजनों में इसका एक खास स्थान है। इसे अकेले साग के रूप में और विभिन्न सब्जियों के साथ मिलाकर भी पकाया जाता है। वहीं, इसे सेहत के लिए गुणकारी माना गया है। इसमें आयरन की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा, इसमें विटामिन (ए, बी-2, बी-6, सी और के), फाइबर, पोटेशियम व मैंगनीज जैसे जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं (1)। इसके अलावा, इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल जैसे औषधीय गुण भी पाए जाते हैं (2)। इन्हीं खूबियों के बारे में हम आगे विस्तार से जानकारी देंगे।

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स्क्रॉल करके क्रमवार पढ़ें पालक जूस के फायदे किस प्रकार काम करते हैं।

पालक के जूस के 14 फायदे – 14 Best Benefits Of Spinach Juice In Hindi

पालक के फायदे की तरह ही सेहत के लिए पालक के जूस के फायदे भी बहुत हैं। वहीं, पाठक इस बात का भी ध्यान रखें कि पालक का जूस किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है। यह केवल समस्या से बचाव और उसके लक्षणों को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है। आइए, अब जानते हैं पालक के जूस के फायदे :

1. एनीमिया से बचाव

जब शरीर में स्वस्थ लाल कोशिकाएं नहीं बनती, तो एनीमिया यानी खून की कमी की समस्या होती है। इसका सबसे मुख्य कारण शरीर में आयरन की कमी होना है। आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण का काम करता है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि पालक में आयरन की भरपूर मात्रा पाई जाती है। ऐसे में पालक या पालक के जूस को आहार में शामिल कर आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया से बचा जा सकता है (3)

2. रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए

बीमारियों से बचाव के लिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना जरूरी है। इम्यून सिस्टम शरीर को बैक्टीरिया व वायरस से लड़ने के लिए सक्षम बनाता है (4)। ऐसे में इम्यून पावर को बूस्ट करने के लिए विटामिन ए और सी युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना लाभकारी हो सकता है। यहां पालक के जूस की अहम भूमिका देखी जा सकती है, क्योंकि पालन में ये दोनों विटामिन मौजूद होते है (5) (6)

3. बॉडी डिटॉक्स के लिए पालक का जूस

शरीर में विषाक्त पदार्थों का जमाव हृदय रोग, मोटापा व डायबिटीज जैसी बीमारियों को आमंत्रित कर सकता है। ऐसे में शरीर को डिटॉक्स रखना जरूरी है (7)। यहां पालक के जूस के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, पालक में एंटी-ओबेसिटी और हाइपोग्लाइसेमिक (hypoglycemic – शुगर लेवल को कम करना) गुण मौजूद हैं (8), जो मोटापे, मधुमेह और हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकते हैं। वहीं,  एक शोध के अनुसार, पालक में ग्लूटाथिओन (Glutathione – एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट) नामक तत्व मौजूद होता है, जो शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक हो सकता है (9)। ऐसे में पालक के जूस का सेवन शरीर के लिए उपयोगी हो सकता है।

4. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पालक का जूस

शरीर को फ्री रेडिकल से होने वाले नुकसान और बीमारियों से बचाव के लिए एंटीऑक्सीडेंट जरूरी होता है। ऐसे में डाइट में एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थों का शामिल करना बहुत जरूरी है। इसी एंटीऑक्सीडेंट डाइट में पालक का नाम भी शामिल है। पालक में ल्यूटिन और विटामिन-सी जैसे जरूरी एंटीऑक्सीडेंट मौजूद हैं (10)

वहीं, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित हाइपरलिपिडिमिया (Hyperlipidemia – खून में अधिक फैट होना) से ग्रस्त चूहों पर पालक के एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव से जुड़े एक शोध में पाया गया है कि पालक का अर्क प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट का एक अच्छा स्रोत है और इसके सेवन से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट क्षमता को बढ़ाया जा सकता है (11)

5. आंखों के लिए पालक का जूस

पालक का जूस आंखों को स्वस्थ रखने में भी मदद कर सकता है। दरअसल, पालक ल्यूटिन और जियाजैंथिन नामक एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है। ये पोषक तत्व आंखों को स्वस्थ रखने और बढ़ती उम्र में आंखों की रोशनी कम होने की समस्या से बचाव कर सकते हैं। इतना ही नहीं, ये मोतियाबिंद से भी बचाव करने में सहायक हो सकते हैं। ऐसे में पालक या पालक के जूस का सेवन आंखों से जुड़ी समस्याओं से बचाव के लिए किया जा सकता है (12) (13)

महत्वपूर्ण फैक्टअगर हाई फैट डाइट के साथ ल्यूटीन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन किया जाए, तो यह ज्यादा अच्छी तरह से शरीर में अवशोषित हो सकता है और असरदार हो सकता है (12)। हालांकि, यह व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर भी निर्भर करता है। अगर किसी को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या या वजन बढ़ने की शिकायत है, तो वो हाई फैट डाइट से परहेज करें।

6. गठिया के लिए पालक का जूस

गठिया के कई प्रकार हैं, जैसे – ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटाइड आर्थराइटिस और सोराइटिक आर्थराइटिस (14)। इससे ग्रस्त मरीज को असहनीय जोड़ों के दर्द का सामना करना होता है। ऐसे में इससे बचाव या आराम पाने के लिए पालक का सेवन किया जा सकता है। इससे जुड़े एक अध्ययन में पाया गया कि पालक रूमेटाइड आर्थराइटिस के लक्षण को कम करने में मदद कर सकता है। दरअसल, इसमें एंटीइफ्लेमेटरी गुण मौजद होता है, जो गठिया की सूजन को कम करने में मददगार हो सकता है (15)

इतना ही नहीं, पालक के पत्तों का उपयोग गठिया के दर्द से राहत पाने के लिए भी किया जा सकता है। इस प्रभाव के पीछे पालक के एंटी-ऑस्टियोआर्थराइटिस गुण काम करते हैं (16)। ऐसे में गठिया से बचाव के लिए पालक के जूस का सेवन किया जा सकता है।

7. उच्च रक्तचाप के लिए पालक का जूस

उच्च रक्तचाप की समस्या कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों जैसे – हृदय रोग, किडनी की समस्या और स्ट्रोक का कारण बन सकती है (17)। ऐसे में रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए आहार में पालक के जूस को शामिल किया जा सकता है। दरअसल, इस विषय में किये गए एक शोध में हाई बीपी के लिए पालक को गुणकारी पाया गया है। यह गुण पालक में मौजूद नाइट्रेट के कारण है (18)। ऐसे में हाई बीपी डाइट में पालक के जूस को शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

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8. एल्कलाइन स्तर बनाए रखने के लिए

मनुष्य का शरीर एल्कलाइन और एसिड दोनों तत्वों का मिश्रण है। वहीं, शरीर में एसिड बढ़ने से कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में एल्कलाइन, एसिड के स्तर को नियंत्रित कर बॉडी पीएच को संतुलित रख सकता है (19)। शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए और बीमारियों से बचाव के लिए एल्कलाइन की जरूरत होती है। एल्कलाइन प्राकृतिक तरीके से कई खाद्य पदार्थों में मौजूद होता है (20)। इन्हीं खाद्य पदार्थों में पालक भी शामिल है। एल्कलाइन युक्त पालक शरीर के एल्कलाइन को बनाए रखने और रोगों से बचाव में सहायक हो सकता है (19)। ऐसे में एल्कलाइन डाइट में पालक का जूस शामिल किया जा सकता है।

9. पेट के लिए पालक का जूस

पालक का सेवन व्यक्ति के पेट का ख्याल रख सकता है। पालक का जूस पाचन तंत्र को साफ करने और  आंतों को पोषण देने में सहायक हो सकता है। इतना ही नहीं, कच्चे पालक का जूस कब्ज से राहत देने में मददगार साबित हो सकता है (21)। वहीं, एक स्टडी के अनुसार पालक में एंटी-अल्सरोजेनिक (anti-ulcerogenic) गतिविधि पाई जाती है, जिससे अल्सर के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है (22)। ऐसे में पेट को ठीक रखने या पेट में अल्सर से बचाव के लिए डाइट में पालक के जूस को शामिल करना लाभकारी हो सकता है।

10. गर्भावस्था में पालक का जूस

प्रेगनेंसी में क्या खाएं और क्या खाएं यह उलझन सामान्य है। ऐसे में इस दौरान कई तरह के पौष्टिक फलों और सब्जियों के सेवन की सलाह दी जाती है। इन्हीं सब्जियों में पालक भी शामिल है। पालक फोलिक एसिड का एक अच्छा स्रोत है। फोलिक एसिड की कमी से गर्भवती को एनीमिया की समस्या हो सकती है। ऐसे में गर्भावस्था में पालक का सेवन एनीमिया के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है (21)। गर्भवती आधे से एक कप पालक का जूस बनाकर सेवन कर सकती है (23)। हालांकि, गर्भवती को पालक का जूस कितनी मात्रा में लेना है, इस विषय में डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है। इसका कारण है कि हर महिला की गर्भावस्था अलग होती है। ऐसे में बेहतर है कि स्वास्थ्य के अनुसार विशेषज्ञों से इसकी मात्रा की जानकारी ली जाए।

11. नर्जी के लिए पालक का जूस

पालक का जूस शरीर को ऊर्जा भी प्रदान कर सकता है। दरअसल, पालक में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। इसी में आयरन भी मौजूद है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में सहायक हो सकता है (24)। ऐसे में बॉडी को एनर्जी देने के लिए पालक के जूस का सेवन कर सकते हैं। फिलहाल, इस विषय में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

12. त्वचा के लिए पालक का जूस

पालक का जूस त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। पालक में मौजूद क्लोरोफिल (chlorophyll-एक प्रकार का पिग्मेंट) त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए असरदार हो सकता है। इससे पालक का जूस त्वचा में एक नई जान डाल सकता है (21)। साथ ही, पालक में विटामिन ए भी मौजूद होता है, जिससे कि हानिकारक यूवी किरणों से त्वचा का बचाव हो सकता है (25)

13. बालों के लिए पालक का जूस

त्वचा के साथ-साथ बालों की सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। बालों को स्वस्थ रखने के लिए कई जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिनमें आयरन का नाम भी शामिल है। दरअसल, आयरन की कमी से बाल झड़ने की समस्या उत्पन्न हो सकती है। वहीं, पालक को आयरन का अच्छा स्रोत माना जाता है। वहीं, इसमें विटामिन-सी भी मौजूद होता है, जो शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ावा दे सकता है (26) (27)

14. कैंसर से बचाव के लिए पालक का जूस

पालक के जूस का सेवन कैंसर से बचाव में कुछ हद तक मदद कर सकता है। दरअसल, पालक के अर्क में एंटी कैंसर गुण पाए जाते हैं, जो अंडाशय, प्रोस्टेट, स्तन व पेट के कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं (2)। वहीं, ध्यान रहे कि यह कैंसर से बचाव में सहायक हो सकता है। अगर कोई इस बीमारी की चपेट में आ चुका है, तो उस व्यक्ति के लिए डॉक्टरी चिकित्सा ही प्राथमिकता होनी चाहिए।

आगे पढ़ें 

पालक जूस के फायदे के बाद अब जानिए इसके पौष्टिक तत्वों के बारे में। 

पालक के जूस के पौष्टिक तत्व – Spinach Juice Nutritional Value in Hindi

पालक से ही पालक का जूस बनता है। इसलिए, हम यहां पालक के जूस के बजाय पालक के पौष्टिक तत्वों की सूची आपके साथ शेयर कर रहे हैं (27)

पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी91.40 ग्राम
एनर्जी23 केसीएएल
प्रोटीन2.86 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट3.63 ग्राम
फाइबर, कुल डाइटरी2.2 ग्राम
कैल्शियम99 मिलीग्राम
 आयरन 2.71 मिलीग्राम
  मैग्नीशियम79 मिलीग्राम
  फास्फोरस49 मिलीग्राम
  पोटेशियम558 मिलीग्राम
 सोडियम79 मिलीग्राम
 विटामिन-सी  28.1 मिलीग्राम
 फोलेट194 माइक्रोग्राम
विटामिन ए 469 माइक्रोग्राम
 विटामिन के482.9 माइक्रोग्राम

पालक जूस रेसिपी

आइये, अब जान लेते हैं कि पालक का जूस कैसे बनाया जा सकता है। 

पालक का जूस बनाने की विधि – How to make Spinach juice at home in Hindi

हम अपने पाठकों की हर जरूरत का ख्याल रखने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि पालक के जूस के फायदे के बाद हम पालक का जूस बनाने की विधि भी साझा कर रहे हैं। नीचे पढ़ें, आसानी से पालक का जूस बनाने का तरीका :

पालक का जूस दो लोगों के लिए 

सामग्री :

  • एक से डेढ़ कप पालक की पत्तियां
  • 5 से 6 पुदीने की पत्तियां
  • दो गिलास पानी
  • आधा चम्मच भुना जीरा
  • स्वादानुसार काला नमक
  • दो गिलास 

बनाने का तरीका :

  • सबसे पहले पालक और पुदीने की पत्तियों को अच्छे से धो लें।
  • अब पालक की पत्तियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • चाहें, तो बिना पत्तियों को काटे भी जूस के लिए उपयोग कर सकते हैं।
  • अब मिक्सी में पालक और पुदीने की पत्तियां डालें।
  • साथ में इसमें थोड़ा पानी भी डाल लें और अब मिक्सी में इसे अच्छे से पीस लें।
  • जब पालक महीन पीस जाए, तो इसे एक बाउल में निकालें।
  • अब इसमें आवश्यकतानुसार पानी, भुना जीरा और काला नामक मिलाएं।
  • फिर बराबर मात्रा में दोनों गिलास में सर्व करें। 

आसान टिप्सपालक का जूस पसंदीदा फल और मसालों के साथ भी बनाया जा सकता है।  

जुड़े रहिये

अब जानते हैं कि पालक के जूस का सेवन कितनी मात्रा में करना चाहिए। 

कितनी मात्रा में और कब पालक के जूस का सेवन किया जाना चाहिए?

अगर मात्रा की बात करें, तो दिनभर में एक कप पालक के जूस का सेवन किया जा सकता है। हालांकि, इसकी मात्रा और सेवन का सही समय व्यक्ति की उम्र और शारीरिक स्थिति पर भी निर्भर करता है। ऐसे में बेहतर है कि इस बारे में आहार विशेषज्ञ की राय ली जाए।

अभी लेख बाकी है

अब जानते हैं कि किन लोगों को पालक के जूस से परहेज करना चाहिए। 

किन लोगों को पालक का जूस नहीं पीना चाहिए – Who should Avoid Drinking Spinach Juice in Hindi

इसमें कोई शक नहीं है कि पालक का जूस एक पौष्टिक आहार है। वहीं, जरूरी नहीं कि इसका सकारात्मक असर हर किसी पर हो। कुछ लोगों के लिए पालक का जूस हानिकारक भी हो सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम नीचे बता रहें हैं कि पालक का जूस का सेवन किन लोगों को नहीं करना चाहिए।   

  • किडनी की समस्याजिन लोगों को किडनी की समस्या है जैसे – किडनी स्टोन, वो पालक के जूस के सेवन से बचें। पालक में ऑक्सलेट नामक यौगिक होता है, जो किडनी स्टोन का कारण बन सकता है (28) 
  • खून पतला करने की दवाअगर कोई खून पतला करने की दवा का सेवन कर रहा है, तो पालक के जूस के सेवन से परहेज करें या डॉक्टरी सलाह पर इसका सेवन करें। दरअसल, पालक में विटामिन-के होता है, जिसे ब्लड क्लॉटिंग विटामिन भी कहा जाता है। ऐसे में खून को पतला करने के दवा के साथ इसका सेवन दवा के असर को प्रभावित कर सकता है (29)
  • गाउट के मरीज जब शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा मात्रा में जमने लगता है, तो गाउट (एक प्रकार का गठिया) की समस्या हो सकती है। गाउट की परेशानी में प्यूरिन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज की सलाह दी जाती है। इन्हीं प्यूरिन युक्त खाद्य पदार्थों में पालक भी शामिल है (30)। ऐसे में गाउट के मरीज पालक के जूस से परहेज करें या डॉक्टरी सलाह से ही पालक का जूस पिएं। 

तो ये थे पौष्टिक पालक के जूस के कुछ सुने-अनसुने फायदे। पालक का जूस संतुलित मात्रा में सेवन कर आप अपने शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त बना सकते हैं। यह न सिर्फ सेहत, बल्कि त्वचा और बालों को भी स्वस्थ रख सकता है। तो बिना देर करते हुए अपनी डाइट में पालक का जूस शामिल करें। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। आप चाहें, तो इस लेख को दूसरों के साथ भी शेयर कर सकते हैं, ताकि पालक के जूस के फायदे दूसरों को भी पता चलें। अब आगे हम पाठकों द्वारा पूछे जाने वाले कुछ सवालों के जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कच्चे पालक का जूस पी सकते हैं?

हां, कच्चे पालक के जूस का सेवन किया जा सकता है। लेख में पालक के जूस की आसान रेसिपी भी दी गई है।

क्या हर दिन पालक खाना ठीक है?

किसी भी चीज का अति सेवन नुकसानदायक हो सकता है। पालक में उच्च मात्रा में ऑक्सलेट मौजूद होता है, ऐसे में इसका अधिक सेवन किडनी स्टोन का कारण बन सकता है (31)

31 संदर्भ (Sources) :

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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