पलाश के 10 फायदे, उपयोग और नुकसान – Palash (Butea Monosperma) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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फूल हम सभी को बेहद पसंद होते हैं। उनकी भीनी खुशबू, उनका खूबसूरत रंग सभी के मन को भाता है। भगवान को चढ़ाने से लेकर विभिन्न दवाइयों तक फूलों का उपयोग कई तरह किया जा सकता है। इनमें गुलाब, कमल, गेंदा आदि के अलावा एक और फूल का नाम शामिल है, जिसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते। यह है पलाश का फूल। पलाश के फूल के फायदे से ज्यादा लोग वाकिफ नहीं है और इस कारण हम इस विषय पर आपको सभी जानकारी देने की कोशिश करेंगे। स्टाइलक्रेज के इस लेख में फायदों के साथ पलाश के नुकसान के बारे में भी आप विस्तार से जानेंगे, जो इसका सही ढंग से उपयोग न करने पर देखे जा सकते हैं।

आइए शुरू करें लेख

लेख के सबसे पहले भाग में जानिए कि पलाश का फूल क्या होता है।

पलाश क्या है?

यह फबासी परिवार का एक फूल है, जिसका वैज्ञानिक नाम ब्यूटिया मोनोस्पर्मा (Butea monosperma) है। यह भारत में कहीं भी मिल जाता है। पलाश के फूल के अलावा इसकी पत्तियों, छाल व बीज आदि का उपयोग भी विभिन्न दवाइयों के रूप में किया जाता है। पलाश से बनी आयुर्वेदिक दवाइयों का उपयोग त्रिदोष में वात और कफ का उपचार करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, पलाश में और भी कई गुण होते हैं, जिनका उपयोग कई शारीरिक समस्याओं का उपचार करने के लिए किया जा सकता है (1)।

आगे है और जानकारी

लेख के अगले भाग में जानिए पलाश के फूल के फायदे और उससे जुड़ी अन्य जानकारी।

पलाश के फायदे – Benefits of Palash in Hindi

होली खेलने के लिए प्राकृतिक रंग बनाने के लिए पलाश का उपयोग किया जाता है। वहीं, इनकी खूबसूरती के कारण कई लोग इनका उपयोग घर के आंगन की शोभा बढ़ाने के लिए भी करते हैं। साथ ही इसमें कुछ ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो कुछ स्वास्थ लाभ पाने में सहायक हो सकते हैं। यह किसी बीमारी का इलाज तो नहीं करेगा, लेकिन उनके लक्षणों को कम करने में मदद जरूर कर सकता है।

1. मधुमेह में पलाश के फायदे

पलाश के फायदे में सबसे पहला नंबर डायबिटीज का आता है। यह घरेलू उपचार करने में सहायक हो सकता है। पलाश के इथेनॉल अर्क में एंटीहाइपरग्लिसेमिक गुण होते हैं, जो मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। लैब में चूहों पर किए गए शोध के आधार पर बताया जाता है कि दो हफ्ते तक 200 मिलीग्राम पलाश का उपयोग करने से ब्लड शुगर और सीरम कोलेस्ट्रोल नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही अच्छे कोलेस्ट्रोल को बेहतर करने में मदद मिल सकती है। यह शोध पेपर एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नॉलोजी इंफॉर्मेशन) की साइट पर उपलब्ध है (2)।

2. सूजन में पलाश के फूल के फायदे

अगर शरीर में किसी भी कारण से सूजन आ जाए, तो उससे आराम पाने के लिए पलाश का उपयोग कर सकते हैं। एनसीबीआई की ओर से प्रकाशित एक शोध में यह पाया गया है कि पलाश के फूल में मेथनॉलिक अर्क होता है। इस अर्क में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। ये घाव के कारण होने वाली सूजन को कम करने में सहायक हो सकते हैं (3)। वहीं, इसमें मौजूद ब्यूटिन, ब्यूट्रिन, आइसो ब्यूट्रिन और आइसोकोरोप्सिन नामक तत्व भी सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं (1)।

3. पेट की समस्या में लाभदायक

पलाश के फायदे में पेट दर्द से आराम दिलवाना भी शामिल है। जी हां, बताया जाता है कि पलाश के बीज का उपयोग पेट से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। वहीं, पेट से जुड़े विकारों से आराम दिलाने के साथ पलाश के बीज पेट के कीड़े (intestinal worms) का उपचार करने में भी सहायक हो सकते हैं (4)। फिलहाल, इसकी कार्यप्रणाली पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

4. बुखार में पलाश के फायदे

जब शरीर का तापमान सामान्य से अधिक होता है, तो उसे बुखार कहा जाता है। साथ ही शरीर में किसी तरह के वायरस या बैक्टीरिया के कारण संक्रमण हो जाता है, तो भी बुखार हो सकता है। इस दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावी रूप से काम करने लगती है (5)। इस समस्या से आराम पाने में भी पलाश के फूल के फायदे देखे जा सकते हैं। माना जाता है कि पलाश के फूल कई अन्य शारीरिक समस्याओं के साथ-साथ क्रोनिक बुखार से आराम पाने में भी मदद कर सकते हैं (6)।

5. रक्त साफ करने में सहायक

आजकल की अनियमित जीवनशैली, जंक फूड व शराब आदि के सेवन से रक्त में गंदगी जमा हो सकती है। इसके कारण अन्य समस्याएं जैसे मुंहासे, रैशेज व एलर्जी आदि हो सकती है। ऐसे में रक्त को साफ करने के लिए किसी दवा की जगह हर्बल चीजों का इस्तेमाल करना सही रहता है (7)। ऐसी ही एक हर्बल औषधि है पलाश की छाल। पलाश की छाल ब्लड प्यूरिफायर की तरह काम करती है और खून साफ करने में मदद कर सकती है (6)।

6. कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) में लाभदायक

पलाश के फूल के फायदे में अगला है कुष्ठ रोग में इसके फायदे। यह रोग एक तरह का संक्रमण है, जो माइकोबैक्टेरियम लेप्री नामक बैक्टीरिया से होता है। इस रोग में नसों, मांसपेशियों और त्वचा पर प्रभाव पड़ सकता है (8)। इसके उपचार में पलाश के फूल कुछ हद तक मदद कर सकते हैं। इसके गुण कुष्ठ रोग से आराम पाने में मदद कर सकते हैं (9)।

7. पाइल्स से दिलाए आराम

मलद्वार या मलाशय के आसपास की नसों में होने वाली सूजन को पाइल्स कहा जाता है। इस दौरान मलद्वार में खुलजी, दर्द (खासकर बैठते समय) और मलद्वार के आसपास गांठ हो सकती है। इसके अलावा, मल त्याग के दौरान खून भी निकल सकता है (10)। पलाश के फूल के फायदे पाइल्स की समस्या से आराम पाने में भी देखे गए हैं। इसके सूखे हुए फूल के पाउडर में कई जरूरी खनिज पाए जाते हैं और उन्ही में से एक मैंगनीज भी है, जो बवासीर का इलाज करने में कुछ हद तक सहायक हो सकता है (11)।

8. घेंघा (गॉइटर) में फायदेमंद

घेंघा या गॉइटर ऐस बीमारी है, जिसमें थायराइड ग्लैंड बढ़ जाता है और सूजन आ जाती है। इस दौरान सांस लेने में समस्या होती है, गला बैठ जाता है, खांसी होती है, निगलने में समस्या होती है व थायराइड के हिस्सों में दर्द होना जैसी दिक्कतें होने लगती हैं (12)। इस समस्या से आराम पाने के लिए भी पलाश के फायदे उठाए जा सकते हैं। बताया जाता है कि पलाश की छाल का जूस घेंघा का उपचार करने में मदद कर सकता है (13)। वहीं, इसमें थायराइड हार्मोन को नियंत्रित करने का गुण भी होता है (14)। अभी इस संबंध में वैज्ञानिक और अध्ययन कर रहे हैं।

9. दाद में पलाश का उपयोग

दाद एक तरह का संक्रमण होता है, जो फंगस के कारण होता है। यह दाढ़ी, स्कैल्प, पैर या शरीर के किसी भी अंग पर हो सकता है। इस फंगल इन्फेक्शन से आराम पाने के लिए एक प्रभावी एंटीफंगल दवा की जरूरत होती है (15)। इसके लिए पलाश का उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है। पलाश के पेड़ से निकलने वाला रस (gum) दाद यानी रिंगवर्म के प्रभाव को कम कर सकता है (16)। इसके साथ ही पलाश की छाल में एंटीफंगल गुण भी पाए जाते हैं, जो संक्रमण फैलाने वाले फंगस को खत्म करने में सहायक हो सकते हैं (17)।

10. यौन शक्ति बढ़ाए

बताया जाता है कि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस इरेक्टाइल डिस्फंक्शन यानी पुरुषों में नपुंसकता का एक कारण हो सकता है। ऐसे में पलाश के अर्क में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके इस समस्या से आराम दिला सकते हैं। साथ ही यह नाइट्रिक ऑक्साइड और एंड्रोजन के स्तर को भी बढ़ाता है, जिससे पुरुषों में यौन की समस्या से आराम मिल सकता है (18)। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि पलाश के फूल के फायदे यौन शक्ति और उससे जुड़ी अन्य समस्याओं में लाभकारी हो सकते हैं।

नीचे तक करें स्क्रॉल

लेख के अगले भाग में आप जानेंगे कि पलाश का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है।

पलाश का उपयोग – How to Use Palash in Hindi

नीचे बताई गए विभिन्न तरीकों से पलाश का सेवन किया जा सकता है।

  • पलाश के फूलों को सुखाकर, उसका पाउडर बनाकर आधा चम्मच पाउडर का सेवन किया जा सकता है।
  • पलाश के कुछ फूलों को रातभर भिगोकर अगली सुबह उस पानी का सेवन कर सकते हैं।
  • पलाश का उपयोग करने के लिए इसके बीजों को सरसों के तेल में गरम करके, इस तेल से मालिश की जा सकती है।
  • पलाश के सप्लीमेंट्स दवा के तौर पर लिए जा सकते हैं।
  • बाजार में पलाश की पत्तियों का जूस, इसकी छाल, फूल एवं बीज का पाउडर और एसेंशियल ऑयल उपलब्ध होता है।

अंत तक पढ़ें लेख

इस लेख के आने वाले भाग में आप पलाश का उपयोग करते समय बरते जाने वाली सावधानियों के बारे में जानेंगे।

पलाश लेने से पहले सावधानियां

पलाश का उपयोग करते समय नीचे दी गई बातों का ध्यान अवश्य रखें।

  • गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाएं इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य कर लें।
  • अगर कोई किसी बीमारी के लिए एलोपेथिक दवा का सेवन कर रहा हो, तो पलाश का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।
  • पलाश के फूल का उपयोग करने से पहले उसे गर्म पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि उसकी सारी गंदगी निकल जाए।

बन रहें हमारे साथ

आगे जानिए इसकी खुराक से जुड़ी कुछ जानकारी।

पलाश की खुराक

यह इस बात पर निर्भर करता है कि पलाश का उपयोग किस लिए किया जा रहा है। साथ ही पलाश की खुराक व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई कारकों पर निर्भर करती है। अगर इसका सेवन किसी खास बीमारी या पोषक तत्व के लिए किया जा रहा है, तो उपयोग से पहले इसकी उचित खुराक के बारे में आहार विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।

पढ़ते रहें लेख

इस लेख के आखिरी भाग में हम पलाश के नुकसान से जुड़ी जानकारी देंगे।

पलाश के नुकसान – Side Effects of Palash in Hindi

पलाश के नुकसान की बात करें, तो इससे जुड़ी ज्यादा जानकारी और शोध उपलब्ध नहीं है। एक शोध में बताया गया है कि पलाश उन हर्बल दवाइयों में से एक है, जिनके बहुत कम या कोई नुकसान नहीं होता है (19)। पलाश के नुकसान पर मौजूद शोध की कमी के कारण हम यही सलाह देंगे कि इसका सेवन डॉक्टर से परामर्श करके ही करें। वहीं, इसका उपयोग करने के बाद किसी तरह की असहजता होने पर अपने चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें।

दोस्तों, अब आप समझ गए होंगे कि होली का रंग बनाने के अलावा पलाश के फूल के फायदे अन्य भी हैं। इन फूलों और इस पेड़ के अन्य चीजों का उपयोग आप कई शारीरिक समस्याओं से लाभ पाने के लिए उठा सकते हैं। पलाश के फायदे के साथ याद रखिए कि हर सिक्के के दो पहलु होते हैं। पलाश के नुकसान पर भले ही ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन अपनी सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए इसका उपयोग सावधानी से करना ही उचित होगा। हम आशा करते हैं कि पलाश का उपयोग करने की जानकारी पर लिखा हमारा यह लेख आपको पसंद आया होगा।

19 संदर्भ (Sources) :

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Soumya Vyas

सौम्या व्यास ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बीएससी किया है और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, बेंगलुरु से टेलीविजन मीडिया में पीजी किया है। सौम्या एक प्रशिक्षित डांसर हैं। साथ ही इन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। इनके सबसे पसंदीदा कवि फैज़ अहमद फैज़, गुलज़ार और रूमी हैं। साथ ही ये हैरी पॉटर की भी बड़ी प्रशंसक हैं। अपने खाली समय में सौम्या पढ़ना और फिल्मे देखना पसंद करती हैं।

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