पपीता के पत्ते के जूस के फायदे और नुकसान – Papaya Leaf Juice Benefits and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava, MSc (Life Sciences) Neha Srivastava Neha SrivastavaMSc (Life Sciences)
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सब्जियों के साथ-साथ फलों का सेवन भी संतुलित आहार का हिस्सा होता है। फलों की बात करें, तो पपीता भी गुणकारी फलों में से एक है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ पपीता ही नहीं, बल्कि पपीते के पत्ते भी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। स्टाइक्रेज के इस लेख में हम आपको पपीते के पत्तों के जूस के फायदे के बारे में प्रमाण के साथ जानकारी देने की कोशिश करेंगे। इतना ही नहीं सेहतमंद रहने के लिए आप किस तरीके से पपीते के पत्तों का रस बनाकर उपयोग कर सकते हैं, यह भी आपको इस लेख में पढ़ने को मिलेगा। तो अब विस्तार से पपीता के पत्ते के जूस के फायदे के बारे में जान लेते हैं।

पपीता के पत्ते के जूस के फायदे – Benefits of Papaya Leaf Juice in Hindi

1. डेंगू बुखार

डेंगू के प्रकोप से लगभग हर कोई परेशान है। डेंगू वायरस के कारण अक्सर लोगों को बुखार हो जाता है। यह बुखार हर वर्ष देशभर में कई लोगों की जिंदगी छीन लेता है। इस जानलेवा वायरस की वजह से तेज बुखार, दाने और तेज सिरदर्द, जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, कंपकंपी और आंख में दर्द की समस्या होती है। डेंगू वायरस आखिर में शरीर में प्लेटलेट को इतना कम कर देता है कि लोगों की मौत भी हो जाती है।

ऐसे में आप पपीते के पत्ते का 25 एमएल रस दिन में दो बार ले सकते हैं। इससे आपके प्लेटलेट काउंट बढ़ने में मदद मिल सकती है और संक्रमण की गंभीरता कम हो सकती है। दरअसल, पीपते के पत्ते के अर्क में आवश्यक बायोएक्टिव यौगिक होते हैं, जैसे पपैन (Papain), कायमोपोपीन (Chymopapain) और कैरिकेन (Caricain), जो डेंगू बुखार के प्रभाव को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं (1)

2. एंटीमलेरिया

पपीते का सेवन मलेरिया के लिए भी बेहतर माना जाता है। पपीते के पत्ते, फल, बीज और जड़ में एंटीमलेरियल (Antimalarial) गुण होते हैं (1)खासकर, पपीते के पत्ते के एंटीमलेरियल (Antimalarial) गुण रक्त में मौजूद पैरासाइट्स को खत्म करने का काम कर सकते हैं, जिस कारण मलेरिया की रोकथाम में मदद मिलती है। आप पपीते के पत्ते के रस का रोजाना सेवन कर सकते हैं (2) (3)

3. पाचन प्रक्रिया और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसऑर्डर

पपीते की पत्तियों में कारपैन (Karpain) के रासायनिक यौगिक होते हैं, जो पाचन क्रिया में बाधा डालने वाले सूक्ष्मजीवों (माइक्रोऑर्गेनिज्म) को खत्म करने का काम करते हैं, जिससे पाचन क्रिया में सुधार हो सकता है (5)। इससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसऑर्डर (Gastrointestinal Disorder) जैसे इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से राहत पाने में मदद मिल सकती है (6)। साथ ही इसके सेवन से अल्कोहल की वजह से होने वाले गैस्ट्रिक की समस्या या गैस्ट्रिक अल्सर को भी ठीक करने में मदद मिल सकती है (7)

4. लिवर

लिवर संबंधी रोग का कारण कई बार हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (Hypercholesterolemia) यानी उच्च कोलेस्ट्रोल हो सकता है (8)। आप इस समस्या को पपीते के पत्ते के रस का सेवन करके कम कर सकते हैं। पपीते के पत्ते का जूस कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करके आपके रक्त को साफ करता है और आपको लिवर संबंधी परेशानियां जैसे पीलिया, सिरोसिस से बचाए रखने में मदद कर सकता है (9)। इसके साथ आपको अपनी जीवनशैली और खान-पान में भी बदलाव करने जरूरी हैं।

5. इम्यूनिटी को बढ़ाए

पपीते के पत्ते का जूस आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाकर आपको बीमारियों से बचाने में मदद करता है। दरअसल, इसमें इम्यूनोमॉड्यूलेटरी (Immunomodulatory) गुण होते हैं, जिसकी मदद से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली, शरीर की जरूरत के अनुरूप काम करती है (10) (1)। इससे कई बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है।

6. एंटी-कैंसर

पपीते के पत्ते के जूस में मौजूद इम्यूनोमॉड्यूलेटरी (Immunomodulatory) प्रभाव की वजह से यह कैंसर जैसे प्राणघातक बीमारी से भी लड़ने में मदद कर सकता है। इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव शरीर में बढ़ रहे कैंसर सेल्स और ट्यूमर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोक सकता है (10)। साथ ही इसमें ऐंटी-कैंसर गुण भी मौजूद हैं, जो कैंसर के जोखिम को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं (11)

7.  एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीनोसाइसेप्टिव

पपीते के पत्ते में भरपूर मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह गुण शरीर में किसी भी तरह के सूजन (लालिमा, सूजन और दर्द) के प्रभाव को कम कर सकते हैं (12)। साथ ही इसमें एंटीनोसाइसेप्टिव (Antinociceptive) प्रभाव भी होते हैं। एंटीनोसाइसेप्टिव एजेंट न्यूरोन्स और तंत्रिका तंत्र में दर्द पैदा करने वाले और हानिकारक तत्व का पता लगाकर उन्हें रोकने मदद कर सकते हैं (13) (14)

8. त्वचा के लिए

पपीते के पत्ते का सेवन आपकी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। इसमें मौजूद विटामिन-सी और ई आपकी त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाने के साथ-साथ झुर्रियों को भी दूर करने में मदद कर सकते हैं (15) (16)। खासकर, विटामिन-सी आपके कोलेजन (त्वचा के लिए जरूरी प्रोटीन) को बनाने में मदद करता है और त्वचा में कसावट लाता है (17)

9. डैंड्रफ 

डैंड्रफ न सिर्फ बालों के लिए नुकसानदायक है, बल्कि कई बार शर्मिंदगी का कारण भी बन जाता है। ऐसे में आप पपीते के पत्ते के घरेलू नुस्खे को अपनाकर डैंड्रफ से छुटकारा पा सकते हैं। हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है कि पपीते की पत्तियां डैंड्रफ को पूरी तरीके से दूर कर सकती हैं या नहीं, लेकिन आप पपीते के पत्ते से निकले रस से स्कैल्प की मसाज कर सकते हैं। इसके अलावा, पपीते के पत्तों को पीसकर इसके पेस्ट को स्कैल्प पर लगाकर इसका असर देख सकते हैं। यह सुझाव हम आपको लोगों के अनुभव के आधार पर दे रहे हैं।

इसके अलावा, पपीते के फल का इस्तेमाल सीधे तौर पर आपके स्कैल्प को साफ करके रूसी की समस्या को दूर करने के लिए किया जा सकता है (18)। ऐसे में माना जाता है कि पपीते की पत्तियां भी रूसी की समस्या में असरदार साबित हो सकती है। पपीते के फल में पाए जाने वाले अधिकतर गुण पपीते के पत्तों में भी मौजूद होते हैं।

10. बालों के लिए

बालों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए भी पपीते के पत्ते के रस का इस्तेमाल किया जा सकता है। पपीते की पत्तियों को आपको पानी में उबालकर ठंड़ा होने के लिए रखना होगा। इसके बाद इस पानी को आप बाल साफ करने के लिए उपयोग कर सकते हैं। माना जाता है कि इससे बाल अच्छी तरह से साफ हो जाते हैं। बालों से गंदगी दूर होने की वजह से बाल स्वस्थ रहते हैं। आप इसका लेप बनाकर बतौर हेयर मास्क भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

दरअसल, पपीते के पत्ते में मौजूद विटामिन-ई और सी दोनों पोषक तत्व बालों के लिए जरूरी होते हैं। यह झड़ते बालों की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं (15)। खासकर, विटामिन-ई बालों को फ्री-रेडिकल्स की वजह से बालों को होने वाली क्षति (असमय सफेद होना और झड़ना) से बचाने में मदद कर सकता है (19)

पपीते के पत्ते का रस किस तरह आपको फायदा पहुंचाता है, यह तो आप जान ही चुके हैं। अब हम आपको पपीते के पत्ते के जूस में मौजूद पौष्टिक तत्वों के बारे में बताएंगे।

पपीता के पत्ते के जूस के पौष्टिक तत्व – Papaya Leaf Juice Nutritional Value in Hindi 

पपीते के पत्ते में अल्कलॉइड कार्पेन (Alkaloids carpain), स्यूडोकार्पैन (pseudocarpain), डीहाइड्रोकार्पाइन I व II (dehydrocarpaine I and II), कोलीन (choline), कारपोसाइड (carposide) और विटामिन सी व ई (vitamin C and E ) पाए जाते हैं। इसके अलावा, पपीते के पत्ते में पाए जाने वाले पोषक तत्व और गुण कुछ इस प्रकार हैं (15) (13)

  • फ्लेवोनोइड्स (काएफेरफेरोल और माइरिकेटिन)
  • अल्कलॉइड्स (कारपाइन, स्यूडोकार्पाइन, डीहाइड्रोकार्पाइन I और II)
  • फेनोलिक कंपाउंड (फेरुलिक एसिड, कैफिक एसिड, क्लोरोजेनिक एसिड)
  • सिनोजेनिक यौगिक (बेंजिलग्लुकोसिनोलेट)
  • कैरोटीनॉयडज जैसे कैरोटीन, लाइकोपीन व एंथ्राक्विनोन ग्लाइकोसाइड
  • एंटी-इंफ्लेमेटरी, हाइपोग्लाइकेमिक, एंटी-फर्टिलिटी, गर्भपात, हेपेटोप्रोटेक्टिव व घाव भरने जैसे गुण।
  • इसके अलावा एंटीहाइपरटेंसिव और एंटीट्यूमोर गतिविधियां भी पपीते की पत्तियों में पाई जाती हैं।

पपीते के पत्ते के जूस के बारे में इतना जानने के बाद अब आपके में पपीता के पत्ते के जूस का उपयोग कैसे किया जाए, यह सवाल भी आ ही रहा होगा। आपके इस सवाल का जवाब हम लेख के इस भाग में देंगे।

पपीता के पत्ते के जूस का उपयोग – How to Use Papaya Leaf Juice in Hindi

पपीते के पत्ते के जूस का उपयोग एक ही है कि बस इसे बनाकर आप सीधे पी लें, लेकिन यह स्वाद में इतना कड़वा होता है कि काफी देर तक आपके मुंह का स्वाद बिगड़ा रह सकता है। इसलिए, नीचे हम आपको इसे पीने के कुछ अन्य तरीके भी बताएंगे।

  • पपीते के पत्ते का जूस बनाते वक्त उसमें कुछ मीठे फल भी मिला सकते हैं।
  • कच्चे पत्ते के रस की कड़वाहट को कम करने के लिए इसमें आप थोड़ी मिश्री मिला सकते हैं।
  • आप इसमें चीनी भी डालकर पी सकते हैं।
  • चीनी की जगह आप पौष्टिक शहद या अन्य स्वीटनर मिला सकते हैं।

नोट : आप इसकी कड़वाहट कम करने के लिए इसमें बेहिचक कुछ मीठा मिला सकते हैं। हम आपको सलाह देंगे की आप बिना कुछ मीठा मिलाएं इसका सेवन करें। अगर आप बिना कुछ मीठा मिलाएं इसे नहीं पी पा रहे हैं, तो आप धीरे-धीरे पपीते के पत्ते के रस में मीठे की मात्रा को कम करते जाएं। इसके अलावा, अगर आपको एलर्जी की समस्या है, तो इसके सेवन से पहले विशेषज्ञ की राय लें या इसके उपयोग से पहले पैच टेस्ट करें।

कितनी मात्रा का सेवन करें:

उपचार के रूप में उपयोग किए जाने वाले पपीते के पत्ते की उपयुक्त खुराक उपयोगकर्ता की आयु, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती हैं। वैसे तो इस समय पपीते के पत्ते के जूस की खुराक की उचित सीमा निर्धारित करने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक शोध मौजूद नहीं हैं, लेकिन आप एक छोटा कप पपीते के पत्ते का रस पी सकते हैं। इसे पीते समय ध्यान रखें कि प्राकृतिक उत्पाद हमेशा पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते हैं और इनका ज्यादा सेवन हानिकारक हो सकता है। किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए चिकित्सक से सलाह जरूर लें। अगर आप बाजार से पपीते के पत्ते का जूस खरीद रहे हैं, तो उत्पाद के लेबल पर लिखे निर्देशों का पालन करें। अगर आप घर में इसका जूस बना रहे हैं, तो पत्तों को अच्छे से धो लें और पूरी सफाई का ध्यान रखें।

अब हम आपको पपीते के पत्ते के नुकसान के बारे में बताएंगे।

पपीता के पत्ते के जूस के नुकसान – Side Effects of Papaya Leaf Juice in Hindi

पपीते के पत्ते के जूस के फायदे तो यकीनन अनेक हैं, लेकिन इसके सेवन से नुकसान भी हो सकते हैं। पपीते के पत्ते के जूस के नुकसान कुछ इस प्रकार हैं (17)

  • यह गर्भपात का कारण बन सकता है।
  • बांझपन की वजह भी बन सकता है।
  • कुछ लोगों को इससे एलर्जी हो सकती है।

पपीते के पत्ते का घरेलू औषधि के रूप में इस्तेमाल करने का चलन दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। आप भी इस लेख से समझ गए होंगे कि पपीते के पत्ते का जूस कितना लाभकारी है। अब आप बिना देर किए स्वास्थ्य लाभ के लिए पपीता के पत्ते के जूस का उपयोग शुरू कर सकते हैं। साथ ही ध्यान रहे कि पपीता के पत्ते के जूस के फायदे के साथ ही नुकसान भी हैं, इसलिए आपको दोनों पहलूओं को अच्छे से देख-समझकर ही पपीता के पत्ते के जूस का उपयोग करना चाहिए। आप पपीते के पत्ते के जूस से संबंधित इस लेख को अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ शेयर कर सकते हैं।

References

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  2. Antagonistic antimalarial properties of pawpaw leaf aqueous extract in combination with artesunic acid in Plasmodium berghei-infected mice
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  3. Antimalarial Potential of Carica papaya and Vernonia amygdalina in Mice Infected with Plasmodium berghei
    https://www.hindawi.com/journals/jtm/2016/8738972/
  4. Investigation on Antibacterial Activity of Carica Papaya Leaf Extracts against Wound Infection-Causing Bacteria
    http://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.684.4836&rep=rep1&type=pdf
  5. Papaya preparation (Caricol®) in digestive disorders
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  7. Hypoxic Signaling and Cholesterol Lipotoxicity in Fatty Liver Disease Progression
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  10. The Use of Natural Health Products Especially Papaya Leaf Extract and Dandelion Root Extract in Previously Untreated Chronic Myelomonocytic Leukemia
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    https://www.cancer.gov/publications/dictionaries/cancer-terms?expand=A
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  15. Vitamin E in dermatology
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    https://www.plantsjournal.com/vol1Issue1/Issue_jan_2013/2.pdf
  18. The Role of Vitamins and Minerals in Hair Loss: A Review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6380979/

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Neha Srivastava

Neha SrivastavaPG Diploma In Dietetics & Hospital Food Services

Neha Srivastava - Nutritionist M.Sc -Life Science PG Diploma in Dietetics & Hospital Food Services. I am a focused health professional and I am determined to promote healthy living. I have worked for Apollo Hospitals in Hyderabad and gained rich experience in Dietetics and Hospital Food Services. I have conducted several Diet Counselling Sessions in various Multi National Companies like...read full bio

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