परवल के फायदे और नुकसान – Pointed Gourd (Parwal) Benefits and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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आपने कई सब्जियों के नाम सुने हाेंगे और उनका जायका भी लिया होगा। उन्हीं में से एक है परवल। यह सब्जी देखने में तो छोटी है, लेकिन सेहत के लिए इसके बड़े फायदे हैं। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम आपको परवल के बारे में बता रहे हैं। आर्टिकल में हम आपको बताएंगे सेहत के लिए परवल के फायदे और उपयोग के बारे में। साथ ही जानेंगे कि इससे कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं। आगे बढ़ने से पहले बता दें कि परवल लेख में बताई गई किसी भी बीमारी का उपचार नहीं है। यह सिर्फ इनके प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है।

यहां हम आपको सबसे पहले परवल के बारे में बता रहे हैं।

परवल क्या है? What is Pointed Gourd (Parwal) in Hindi

परवल का वैज्ञानिक नाम ट्राइकोसेन्थेस डायोइका रोक्सब. (Trichosanthes dioica Roxb.) है। यह पाैधों के कुकुरबिटास (Cucurbitaceae) परिवार से संबंध रखता है। कई शोधों में पाया गया कि परवल में कई औषधीय गुण पाये जाते हैं। परवल के औषधीय गुण में एंटीहाइपरग्लाइसेमिक (रक्त में ग्लूकोज के स्तर को कम करने वाला गुण), एंटीहाइपरलिपिडेमिक (कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला गुण), एंटीट्यूमर, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीडायरियल (दस्त के लक्षणों से राहत देने वाला गुण) शामिल हैं (1)। ये सभी गुण सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकते हैं और कई बीमारियों के लक्षण को भी कम कर सकते हैं।

यहां हम आपको सबसे पहले परवल के फायदे के बारे में बता रहे हैं।

परवल के फायदे – Benefits of Pointed Gourd (Parwal) in Hindi

1. रक्त में ग्लूकोज के स्तर को कम करता है

मधुमेह की समस्या वाले लोगों के लिए परवल का सेवन फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, कई शोध में पाया कि परवल में एंटीहाइपरग्लाइसेमिक गुण पाया जाता है। यह गुण रक्त में ग्लूकोज के स्तर को कम करने में फायदेमंद हाे सकता हैं (1)। इसके अलावा, एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर एक शोध प्रकाशित किया गया है। जिसमें 28 दिनों तक चूहों को परवल के अर्क का सेवन कराया गया। इस अध्ययन में रक्त में मौजूद ग्लूकोज में कमी देखी गई (2)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि परवल का उपयोग मधुमेह से बचाव करने में मददगार हो सकता है।

2. पाचन तंत्र के लिए परवल के फायदे

औषधीय गुणों से भरपूर परवल का सेवन भूख और पाचन तंत्र में सुधार का काम कर सकता है। साथ ही इसमें एंटीअल्सर प्रभाव भी पाए जाते हैं, जो पेट को अल्सर से दूर रखने में मददगार साबित हो सकते हैं (3) (4)। वहीं, डॉक्टरों की मानें तो परवल फाइबर से भरपूर तो है ही इसके अलावा इसमें मौजूद बीज का सेवन कब्ज में बहुत फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, पाचन तंत्र को इसका कौन सा गुण ठीक करने में फायदेमंद होता है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

3. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए

परवल का सेवन कोलेस्ट्रॉल की समस्या को भी कुछ हद तक दूर करने में फायदेमंद हो सकता है। जैसा की हमने ऊपर बताया कि परवल में कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला एंटीहाइपरलिपिडेमिक (Antihyperlipidemic) गुण होता है। यह गुण कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में फायदेमंद हो सकता है (1)। इसके अलावा, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार परवल का अर्क कोलेस्ट्रॉल की समस्या को कम करने में लाभदायक हो सकता है। यह अर्क कुल कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) और ट्राइग्लिसराइड (रक्त में मौजूद वसा) के स्तर को कम कर सकता है और एचडीएल (अच्छे कोलेस्ट्रॉल) का स्तर बढ़ाने में फायदेमंद हो सकता है (2)

4. पीलिया के उपचार में परवल के फायदे

पीलिया जैसी बीमारी से बचे रहने के लिए भी परवल के लाभ देखे जा सकते हैं। बंगाल स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी (पश्चिम बंगाल) द्वारा किए गए एक शोध के अनुसार परवल की जड़ों का भारत में पारंपरिक रूप से हाइड्रोगॉग कैथार्टिक (Hydragogue Cathartic), टॉनिक और फिब्रिफ्यूज (Febrifuge) यानी की ज्वर कम करने वाला, के रूप में और पीलिया, एंसार्का (पूरे शरीर की सामान्य सूजन) और जलोदर (पेट में सूजन) के उपचार में उपयोग किया जाता है (5)।  इसके अलावा, एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि चरक संहिता के अनुसार परवल के पत्तों और फल का अर्क कई समस्याओं के साथ पीलिया को दूर करने में फायदेमंद हो सकता है (2)

5. अल्कोहोलिस्म की समस्या को दूर करने के लिए

अल्कोहोलिस्म यानी शराब की लत लगना, जिसके कारण कई प्रकार की मानसिक या शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। परवल इस समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में चरक संहिता की कुछ जानकारी को शामिल किया गया है। चरक संहिता के अनुसार परवल की पत्तियों और फल का उपयोग अल्कोहॉलिस्म की समस्या को कम कर सकता है (2)। फिलहाल, इस तथ्य की पुष्टि के लिए सटीक वैज्ञानिक प्रमाण की आवश्यकता है।

6. ब्लड प्यूरिफायर के रूप में

आयुर्वेद के अनुसार परवल रक्त को शुद्ध कर इससे संबंधित कई बीमारियों को दूर करने में मदद कर सकते हैं। इसमें ब्लड प्यूरिफायर गुण पाया जाता है, जो रक्त को शुद्ध करने में मदद कर सकता है और कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से भी बचा सकता है (1)। शरीर को कई गंभीर बीमारियों से मुक्त रखने के लिए रक्त की शुद्धि महत्वपूर्ण है।

7. वजन कम करने के लिए परवल के फायदे

मोटापे और बढ़ते वजन की समस्या काे दूर करने के लिए परवल फायदेमंद हो सकता है। हाइपरग्लाइसेमिक चूहों पर 2 सप्ताह तक किए गए एक शोध के अनुसार परवल के अर्क का सेवन कोलेस्ट्रॉल और शरीर के वजन को कम करने में फायदेमंद हो सकता है (6)। इस शोध से अंदाजा लगाया जा सकता है कि परवल शरीर के वजन को कम करने के लिए लाभदायक हो सकता है। हालांकि, परवल का कौन सा गुण वजन कम करने में फायदेमंद होता है यह स्पष्ट नहीं है। वहीं, डॉक्टरों की मानें तो कम कम कैलोरी और उच्च फाइबर के कारण इसका सेवन पाचन में सुधार कर सकता है।

परवल के फायदों के बाद यहां हम परवल के उपयोग के बारे में बता रहे हैं।

परवल का उपयोग – How to Use Pointed Gourd in Hindi

परवल का उपयोग कई प्रकार से किया जाता है। यहां हम आपको इसके कुछ आसान और फायदेमंद उपयोग के बारे में बता रहे हैं।

  • परवल का उपयोग रसदार सब्जी के रूप में किया जाता है।
  • आलू और टमाटर के साथ परवल की ड्राई सब्जी बनाई जा सकती है।
  • कई स्थानों पर परवल की मिठाई को बढ़े चाव से खाया जाता है।
  • दक्षिण भारत में परवल का उपयोग सांभर बनाने के लिए किया जाता है।

मात्रा: परवल को कितनी मात्रा में खाना चाहिए, इस विषय पर अभी कोई शोध उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन फिर भी इसे सीमित मात्रा में सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा, इसकी सुरक्षित मात्रा के बारे में आहार विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।

आपने ऊपर परवल के उपयोग के बारे में पढ़ा, इसके बाद जानिए परवल के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

परवल के नुकसान – Side Effects of Pointed Gourd in Hindi

परवल के औषधीय गुण जहां इसको फायदेमंद बनाते हैं, ताे वहीं जानकारी के अभाव में इसका सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। यहां पर हम आपको परवल के नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

  • जिनकाे लो शुगर की समस्या होती है, उनके लिए परवल का सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसका एंटीहाइपरग्लाइसेमिक गुण रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को कम कर सकता है (1)।
  • कई लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है, उन्हें परवल से एलर्जी होने का खतरा हो सकता है।

उम्मीद है कि इस आर्टिकल के माध्यम से आपने परवल के फायदे और उपयोग के बारे में जान ही लिया होगा। परवल के ऊपर हुए शोधों के अनुसार अगर इसका उपयोग सही तरीके से किया जाए, तो इसके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके अलावा, अगर आप इसे औषधि के रूप में उपयोग करने का विचार कर रहे हैं, तो डाॅक्टर की सलाह जरूर लें। परवल पर लिखा हमारा यह लेख आपको कैसा लगा, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

Sources

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  1. Trichosanthes dioica Roxb.: A vegetable with diverse pharmacological properties
    https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S2213453017301295
  2. Trichosanthes dioica Roxb.: An overview
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3358970/
  3. Cholesterol-Lowering Activity of the Aqueous Fruit Extract of Trichosanthes dioica Roxb (L.) in Normal and Streptozotocin Diabetic Rats
    http://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.563.8441&rep=rep1&type=pdf
  4. Pharmacological potential of Trichosanthes dioica – an edible plant.
    http://www.hygeiajournal.com/downloads/12531074041-7,REVIEW-trichosanthes%20review.pdf
  5. Paralytic and lethal effects of Trichosanthes dioica root extracts in experimental worms
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/20695728/
  6. Cholesterol-Lowering Activity of the Aqueous Fruit Extract of Trichosanthes dioica Roxb (L.) in Normal and Streptozotocin Diabetic Rats
    https://www.jcdr.net/article_fulltext.asp?id=164
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सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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