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पेट और कमर की चर्बी कम करने के आसान उपाय – Tips to Reduce Belly Fat in Hindi

Medically reviewed by Madhu Sharma, Registered Dietitian
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पेट और कमर की चर्बी कम करने के आसान उपाय – Tips to Reduce Belly Fat in Hindi Hyderabd040-395603080 December 20, 2019

पेट और कमर पर जमा जरूरत से ज्यादा चर्बी चिंता का विषय है। यह न सिर्फ दिखने में खराब लगती है, बल्कि इसके कारण थायराइड, बीपी व शुगर जैसी कई बीमारियां भी हो सकती हैं। स्टाइलक्रेज के इस लेख के जरिए हम जानेंगे कि पेट की चर्बी कैसे घटाएं। इसके लिए, हम कारगर व्यायाम, योग व आहार के बारे में बताएंगे, जो पेट की चर्बी को कम करने में मदद कर सकते हैं। इन सभी चीजों का फायदा तभी है, जब इन्हें नियमित रूप से किया जाए। एक-दो दिन करके इसे छोड़ देने से फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है।

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इससे पहले कि हम कमर और पेट कम करने के उपायों की चर्चा करें, उससे पहले हमारे लिए यह जानना जरूरी है कि आखिर इस समस्या के पीछे मुख्य कारण क्या हैं।

पेट पर चर्बी जमा होने के कारण – Causes of Belly Fat in Hindi

पेट पर थोड़ी-बहुत चर्बी होने को सामान्य माना जाता है। कहा जाता है कि अगर यह कमर व पेट पर निश्चित मात्रा में हो, तो यह कुशन की तरह हमारी हड्डियां की सुरक्षा करती है। साथ ही शरीर के अंदरुनी अंग अच्छी तरह से काम कर पाते हैं। वहीं, अगर यह चर्बी जरूर से ज्यादा होती है, तो कई बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। यहां हम पेट पर अतिरिक्त चर्बी के प्रमुख कारणों के बारे में आपको बताएंगे।

  • आनुवंशिक : वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार, शरीर में कुछ फेट सेल आनुवंशिक तौर पर विकसित होते हैं। अगर किसी के परिजन इस परेशानी से ग्रस्त रहे हैं, तो आने वाली पीढ़ी को भी यह समस्या होने की आशंका रहती है (1)।
  • खराब गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रक्रिया : उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारा पाचन तंत्र भी कमजोर होने लगता है। साथ ही गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम भी प्रभावित होने लगता है। इस कारण से भी पेट की चर्बी बढ़ सकती है (2)।
  • हार्मोन में बदलाव : आमतौर पर हार्मोन बदलाव का सामना महिलाओं को करना पड़ता है। जब वह अपने जीवन के मध्य पड़ाव (करीब 40 के आसपास) में पहुंची हैं, तो शरीर के वजन के मुकाबले चर्बी तेजी से बढ़ती है। वहीं, मेनपॉज यानी रजोनिवृत्ति के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम और एंड्रोजन हार्मोन का स्तर ज्यादा हो जाता है। यही कारण होता है कि कमर के आसपास की चर्बी अधिक हो जाती है (3)।
  • तनाव : तनावग्रस्त शख्स एक के बाद एक कई बीमारियों से घिरता चला जाता है। शरीर में चर्बी का बढ़ाना भी उन्हीं में से एक है। तनाव के कारण रक्त में कोर्टिसोल का स्तर अधिक हो जाता है। कोर्टिसोल शरीर में वसा का स्तर बढ़ा देता है, जिससे वसा कोशिकाएं बड़ी हो जाती हैं। आमतौर पर इस स्थिति में चर्बी पेट के आसपास ही बढ़ती है (4)।
  • अन्य बीमारियां : कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं, जिनकी चपेट में आने से बढ़ते वजन का शिकार होना पड़ सकता है। खासकर महिलाओं में यह समस्या ज्यादा होती है। महिलाओं को अगर शुगर, ब्रेस्ट कैंसर व ह्रदय की कोई बीमारी या फिर उच्च रक्तचाप है, तो कमर व पेट के आसपास चर्बी बढ़ने की आशंका ज्यादा रहती है।
  • मांसपेशियों में ढीलापन : जब पेट के आसपास की मांसपेशियां ढीली होने लगती हैं, तो हो सकता है कि उस जगह की चर्बी बढ़ना शुरू हो जाए।
  • बैठकर काम करने की आदत : आधुनिकता के जमाने में हमारा जीवन इतना आसान हो गया है कि हमने शारीरिक गतिविधियां करना ही बंद कर दिया है। हम अपना हर काम बैठे-बैठे ही करने की कोशिश करते हैं, फिर चाहे ऑफिस में हों या फिर घर में। समय निकालकर कसरत करने की जगह, हम टीवी देखना या फिर कंप्यूटर पर काम करना ज्यादा पसंद करते हैं। परिणामस्वरूप हमारे शरीर में चर्बी का स्तर बढ़ने लगता है।
  • कम प्रोटीन, ज्यादा कार्बस : हम दिनभर में क्या कुछ नहीं खाते। कभी-कभी तो काम के दबाव या फिर तनाव में जरूरत से ज्यादा खा जाते हैं। वहीं, खाते समय पोषक तत्वों पर भी ध्यान नहीं देते। स्वाद के चक्कर में हम ऐसी चीजें खा लेते हैं, जिनमें प्रोटीन कम और कार्बस व फैट ज्यादा होता है। फिर एक ही जगह बैठकर काम करते रहते हैं। इस तरह से भी कमर व पेट के आसपास चर्बी बढ़ने लगती है।

अब आप जान गए होंगे कि शरीर में चर्बी बढ़ने के अहम कारण क्या-क्या हैं। आइए, अब जानते हैं कि पेट कम कैसे करें।

पेट और कमर की चर्बी कम करने के लिए व्यायाम – Exercises to Reduce Belly Fat in Hindi

कुछ लोगों के पेट व कमर के आसपास चर्बी इतनी ज्यादा हो जाती है कि वो चाहकर भी अपने पसंदीदा कपड़े नहीं पहन पाते हैं। कई बार ऐसे लोगों को दूसरों के सामने उठते-बैठते हुए हीनभावना का शिकार होना पड़ता है, क्योंकि उनके पेट की चर्बी कपड़ों से साफ नजर आती है। इस तरह के लोग हमेशा इस सोच में डूबे रहते हैं कि पेट की चर्बी कैसे घटाएं। ऐसे में जरूरी है कि ऐसे लोगों को नियमित व्यायाम करना चाहिए। यहां हम कुछ ऐसे व्यायाम बता रहे है, जिन्हें करने से आपको जरूर लाभ होगा (5) (6)।

सबसे पहले हम कार्डियो एक्सरसाइज (ह्रदय के लिए) के बारे में बात करते हैं :

1. दौड़ना

शरीर को चुस्त व दुरुस्त रखने के लिए रनिंग से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। दौड़ लगाने से जहां ह्रदय अच्छे से काम कर पाता है, वहीं अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है और धीरे-धीरे चर्बी भी कम होने लगती है। शुरुआत में कुछ मीटर ही दौड़ें और तेज की जगह धीरे-धीरे दौड़ें। जब शरीर इसका अभ्यस्त हो जाए, तो अपनी गति और समय दोनों में वृद्धि कर सकते हैं।

2. तैराकी

इससे भी शरीर में अतिरिक्त जमा वसा कम होनी शुरू होती है। तैराकी करना ह्रदय के लिए भी अच्छा है। तैराकी करने से न सिर्फ वज़न कम होता है, अपितु शरीर बेहतर शेप में आ जाता है। आप इसे हफ़्ते में एक या दो बार कर सकते हैं। अगर आपने पहले कभी तैराकी नहीं की है, तो इसे किसी ट्रेनर की देखरेख में ही करें।

3. साइकलिंग

इसे सबसे बेहतर व आसान कार्डियो एक्सरसाइज (ह्रदय के लिए) माना गया है। इससे जहां, पैरों, टांगों वह जांघों की अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है, वहीं शरीर की अतिरिक्त चर्बी व कैलोरी भी बाहर निकल जाती है।

4. पैदल चलना

अगर कोई ऊपर दी गई तीनों गतिविधियों को नहीं करना चाहता, तो रोज सुबह-शाम आधा घंटा पैदल जरूर चले। इससे भी शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी कम होने लगती है। संभव हो, तो तेज कदमों से चलना चाहिए। पेट कम करने के उपाय में इसे आसान और सुरक्षित माना गया है।

5. वेट ट्रेनिंग

अगर जिम जाने का समय नहीं है, तो वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं। वहां भार उठाने वाले व्यायाम करने से न सिर्फ शरीर को आकर्षक शेप मिलेगी, बल्कि पाचन क्रिया भी मजबूत होगी। ध्यान रहे कि जिम में वेट ट्रेनिंग सिर्फ पेशेवर ट्रेनर की देखरेख में ही करें।

योगासन भी पेट कम करने के उपायों में से एक है। आगे हम कुछ योगासनों के बारे में बता रहे हैं :

1. सेतुबंध योगासन

पेट कम करने के लिए सेतुबंध योगासन Pinit

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इस आसन को करने से पेट व कमर के पास जमा चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही पेट व जांघों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। अगर किसी की गर्दन में दर्द या फिर खिंचाव महसूस हो रहा है, तो इस आसन को करने से वह भी ठीक हो सकता है। इतना ही नहीं अगर गलत तरीके से बैठने के कारण रीढ़ की हड्डी एक तरफ झुक गई है, तो यह आसन उसे भी ठीक कर सकता है।

करने का तरीका :

  • जमीन पर योग मैट बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं और दोनों घुटनों को मोड़ें व एड़ियों को कूल्हों के साथ सटा लें।
  • इसके बाद दोनों हाथों से एड़ियों को पकड़ लें।
  • अब सांस लेते हुए कमर को ऊपर की ओर उठाएं, जबकि पैरों व हाथों को उसी स्थिति में रहने दें।
  • कुछ 30 सेकंड इसी अवस्था में रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें।
  • इसके बाद सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • इस आसन से 4-5 राउंड किए जा सकते हैं।

सावधानी : उच्च रक्तचाप से ग्रसित लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए।

2. कपालभाती :

पेट कम करने के लिए कपालभाती Pinit

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मोटापा कम करने के लिए इस योगासन को सबसे ज्यादा फायदेमंद माना गया है। कहा जाता है कि इसके परिणाम जल्द ही देखने को मिलते हैं। इसे नियमित रूप से करने पर कब्ज, गैस व एसिडिटी जैसी समस्याएं गायब हो जाती हैं। पेट की नसें मजबूत होती हैं और पाचन तंत्र भी अच्छे से काम करता है।

करने का तरीका :

  • जमीन पर सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें।
  • एक लंबी गहरी सांस लें और छोड़ दें।
  • अब धीरे-धीरे नाक के जरिए सांस को बाहर छोड़ें। जब आप सांस बाहर छोड़ेंगे, तो आपका पेट अंदर की ओर जाएगा।
  • ध्यान रहे कि इसे करते हुए मुंह को बंद रखें। सांस को सिर्फ छोड़ना है। सांस लेने की प्रक्रिया अपने आप होगी
  • प्रतिदिन इस आसन के पांच चक्र सुबह-शाम खाली पेट करने से लाभ होगा।

सावधानी : सुबह खाली पेट ही यह आसन करना चाहिए और इसे करने के आधे घंटे बाद ही कुछ खाना चाहिए। अगर शाम को कर रहे हैं, तो खाना खाने के पांच घंटे बाद करें। गभर्वती महिला को इसे नहीं करना चाहिए।

3. अनुलोम-विलोम प्राणायाम :

पेट कम करने के लिए अनुलोम-विलोम प्राणायाम Pinit

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बेशक यह आसन करने में आसान है, लेकिन मोटापा कम करने में कारगर है। मुख्य रूप से इसे नाड़ी शोधन प्राणायाम भी कहते हैं। इससे शरीर में रक्त का प्रवाह ठीक से होता है।

करने का तरीका :

  • जमीन पर सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें।
  • अब दाएं हाथ के अंगुठे से दाएं तरफ की नासिका छिद्र को बंद कर दें और बाईं नासिका से सांस लें।
  • अब दाएं हाथ की सबसे छोटी व उसके साथ की उंगली से बाएं तरफ की नासिका को बंद कर दाईं तरफ से सांस को धीरे-धीरे छोड़ें।
  • अब इसी स्थिति में रहते हुए सांस को अंदर खींचे और फिर दाईं तरफ से नाक को बंद कर बाईं तरफ से सांस को छोड़ें।
  • इस तरह के चक्र क्षमतानुसार चार-पांच बार किए जा सकते हैं।

सावधानी : उच्च रक्तचाप व ह्रदय के रोगी को प्रशिक्षित योग गुरु से सलाह लेकर व उनकी देखरेख में इसे करना चाहिए। साथ ही इसे कभी जोर से या तेज गति से नहीं करना चाहिए।

4. बालासन :

पेट कम करने के लिए बालासन Pinit

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पेट की चर्बी कैसे घटाएं में बालासन भी शामिल है। इस आसन को करते समय स्थिति मां के कोख में पलने वाले भ्रूण की तरह होती है। इसलिए, इसे बालासन योग कहा जाता है। बालासन करने से पेट की मासपेशियां मजबूत होती हैं। इसे रोज करीब 10 मिनट करने से पेट अंदर हो सकता है।

करने का तरीका :

  • सबसे पहले वज्रासन यानी आप घुटनों के बल बैठ जाएं और पूरा वजन एड़ियों पर डालें।
  • अपनी कमर को सीधा रखते हुए सांस लेते हुए हाथों को सीधा ऊपर ले जाएं।
  • अब सांस छोड़ते हुए आगे की तरफ झुक जाएं।
  • कोशिश करें कि आपका सिर जमीन से लग जाए और हाथे सीधे रखें।
  • कुछ सेकंड इस स्थिति में रहते हुए सामान्य गति से सांस लेते रहें और फिर सांस लेते हुए उठ जाएं।

सावधानी : अगर पीठ में दर्द हो या फिर घुटनों का ऑपरेशन हुआ हो, तो यह आसन न करें। साथ ही, जिन्हें दस्त हो, वो भी यह आसन न करें।

5. नौकासन :

पेट कम करने के लिए नौकासन Pinit

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कमर और पेट कम करने के उपायों में यह आसन फायदेमंद है। इसे करने से छोटी आंत, बड़ी आंत और पाचन तंत्र बेहतर हो जाता है।

करने का तरीका :

  • सबसे पहले पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं और एड़ियों व पंजों को आपस में मिला लें।
  • दोनों हाथ कमर के साथ सटे होने चाहिए और हथेलियां जमीन की ओर होनी चाहिए।
  • पहले एक लंबी गहली सांस लें और फिर सांस छोड़ते हुए दोनों पैर, हाथ व गर्दन को सामांतर ऊपर की तरफ उठाएं, ताकि शरीर का पूरा भार कूल्हों पर आ जाए।
  • इस स्थिति में करीब 30 सेकंड रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। इसके बाद धीरे-धीरे सांस लेते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।

सावधानी : जिन्हें कमर व पेट संबंधी कोई गंभीर रोग हो, उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए। साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी इस आसन से परहेज करना चाहिए।

हम यह जान चुके हैं कि किस तरह के व्यायाम करने से वजन को नियंत्रित किया जा सकता है। अब समय है, यह जानने का कि खानपान में क्या शामिल करें कि पेट पर चर्बी न जम पाए।

पेट की चर्बी कम करने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं – Diet Tips to Get Flat Tummy in Hindi

अगर खान-पान को संतुलित न रखा जाए हैं, तो फिर जितनी भी एक्सरसाइज व योग कर लें, पेट की चर्बी कम नहीं होगी। इसलिए, एक नजर डालते हैं कि वजन कम करने के लिए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं :

सुबह उठते ही : सुबह उठने के बाद करीब दो गिलास गुनगुना पानी पिएं, ताकि पेट साफ हो जाए। शौच से निवृत होने के बाद एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पिएं। जिन्हें शुगर है, वो नींबू पानी में चीनी न मिलाएं और जिन्हें उच्च रक्तचाप है, वो बिना नमक के पिएं। वैज्ञानिक शोध में साबित हुआ है कि नींबू पानी पीने से वजन कम होता है (7)।

नाश्ते से पहले : नाश्ता करने से 15 मिनट पहले करीब 5-6 बादाम खाएं। इन बादाम को रात भर पानी में भिगोकर रखें और सुबह छिलके उतारकर खाएं। बादाम खाने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। बादाम में फाइबर होता है, जो भूख को मिटाता है।

नाश्ता : कम फैट वाले दही के साथ एक चपाती खा सकते हैं। इसकी जगह दो ब्राउन ब्रेड भी ले सकते हैं, जिस पर बादाम वाला बटर लगा सकते हैं। इनकी जगह एक कटोरी ओट्स भी खा सकते हैं। साथ ही प्रोटीन युक्त आहार का सेवन कर सकते हैं।

दो घंटे बाद : सुबह समय पर नाश्ता कर लेने के बाद 11 बजे के आसपास कोई भी फल खा सकते हैं या फिर विभिन्न फलों की सलाद बनाकर भी खा सकते हैं।

दोपहर का खाना : खाने से पहले सब्जियों की सलाद जरूर खाएं। सलाद खाने से शरीर को अतिरिक्त फाइबर मिलता है। इसके बाद एक या दो रोटी और साथ में मिक्स सब्जी ले सकते हैं। अगर नॉन वेज खाते हैं, तो मछली का एक टुकड़ा ले सकते हैं। कोशिश करें कि खाना एक बजे तक खा लें।

शाम को : डिनर से पहले शाम करीब पांच बजे एक फल या फिर एक गिलास बिना क्रीम वाला दूध पी सकते हैं। इनके अलावा, ग्रीन-टी या फिर नारियल पानी भी पी सकते हैं।

रात का खाना : डिनर हमेशा हल्का होना चाहिए और आठ बजे तक कर लेना चाहिए। डिनर में बिना बटर के वेज या फिर चिकन सूप ले सकते हैं। इसके बाद सब्जी के साथ एक या दो रोटी ले सकते हैं।

इनसे बनाएं दूरी :

  • शक्कर युक्त व डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ खाने से बचें।
  • स्टार्च युक्त खाद्य पदार्थ जैसे:- चावल, नूडल्स, पास्ता और ब्रेड। इनकी जगह ब्राउन राइस व ब्राउन ब्रेड का सेवन करना चाहिए।
  • तंबाकु, शराब व सिगरेट से परहेज करना चाहिए।

आगे हम कुछ और जरूरी टिप्स दे रहे हैं, जिनकी मदद से पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है।

पेट और कमर की चर्बी के लिए कुछ और टिप्स – Tips to Reduce Belly Fat in Hindi

आइए, बात करते हैं कुछ अन्य टिप्स के बारे में, जिन्हें अपनाने से आपके शरीर की अतिरिक्त चर्बी छूमंतर हो सकती है।

संतुलित मात्रा में खाएं : दिनभर में तीन बार पेट भरकर खाने से हमारा पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर पाता। इसलिए, हर दो से तीन घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाते रहें।

अधिक पानी पिएं : दिनभर में आठ-दस गिलास पानी पीना सेहत के लिए जरूरी है। पानी तभी नहीं पीना चाहिए, जब प्यास लगी हो या फिर गला सूख रहा हो। हर तय समय पर थोड़ा-सा पानी पीना चाहिए। पानी पीने से ओवर इटिंग की आदत कम हो सकती है।

नाश्ता न भूलें : जितना जरूरी सांस लेना है, उतना ही जरूरी नाश्ता है। कुछ लोग सोचते हैं कि नाश्ता नहीं करने से वजन कम होता है, जबकि ऐसा नहीं है। उल्टा नाश्ता न करने से हमारी भूख बढ़ती है और हम ज्यादा खा लेते हैं, जिससे वजन बढ़ने की समस्या पैदा हो सकती है।

ग्रीन-टी : इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है, जो मोटापा व चर्बी घटाने में सहायक सिद्ध होता है। इसलिए, दिनभर में कम से कम एक कप ग्रीन-टी पी सकते हैं।

पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थ : एवोकाडो, केला, पपीता, आम व खरबूजे में भरपूर मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है, जो शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और वजन कम करने में मदद करता है।

फल व सब्जियां : दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में फल व सब्जियों का सेवन करते रहना चाहिए। इससे भूख कम लगेगी और मोटापा कम करने में मदद मिलेगी।

स्मूदी : संभव हो तो दिन की शुरुआत फलों की स्मूदी के साथ करें। खासकर, तरबूज की स्मूदी का सेवन करना चाहिए। तरबूज में पर्याप्त मात्रा में पानी होता है। इसे खाने के बाद पेट भरा रहता और कुछ खाने का मन नहीं करता। ऐसे में जब आप खाना नहीं खाएंगे, तो संभव है कि पेट की चर्बी कम होगी।

पूरी नींद : चर्बी को कम करने के लिए पूरी नींद सोना भी जरूरी है। हर किसी को सात-आठ घंटे की नींद लेनी ही चाहिए। कम या ज्यादा सोना, दोनों ही वजन बढ़ाने के लिए अहम कारण हैं। कहा भी जाता है कि अगर आप पूरी नींद सोते हैं, तो पाचन तंत्र अच्छे से काम करता है और भोजन को पचाता है।

कमर या फिर पेट पर जमा चर्बी, ऐसी समस्या नहीं है कि उसे दूर न किया जा सके। बस जरूरत है, तो तय दिनचर्या का पालन करने और नियमित व्यायाम करने की। हां, अगर किसी का वजन जरूरत से कहीं ज्यादा है, तो इस लेख में बताए गए उपायों के साथ-साथ डॉक्टर से चेकअप करवाना भी जरूरी है। साथ ही इस लेख में दिए गए सुझावों से कितना लाभ हुआ, इस बारे में नीचे दिए कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं।

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Anuj Joshi

अनुज जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में एमए किया है। अनुज को प्रिंट व ऑनलाइन मीडिया जगत में काम करते हुए करीब 10 वर्ष हो गए हैं। इन्हें एडिटिंग व लेखन का अच्छा खासा अनुभव है। हिंदी के कई प्रमुख अखबारों में विभिन्न विषयों पर इनके लेख प्रकाशित हो चुके हैं। मुख्य रूप से यह स्वास्थ्य विषय पर लिखना पसंद करते हैं। साथ ही इन्होंने दूरदर्शन के लिए एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी और आकाशवाणी पर अपना कार्यक्रम भी रेकॉर्ड करवा चुके हैं। इन्हें सुबह उठते ही योग करना सबसे ज्यादा पसंद है और खाली समय को फिल्में देखकर या फिर गाने सुनकर बिताते हैं।

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