पेट में कीड़े होने के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Home Remedies for Intestinal Worms in Hindi

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अगर आप अक्सर पेट दर्द, भूख न लगना या ज्यादा खाने का सेवन करने जैसी समस्या से जूझते रहते हैं, तो सतर्क हो जाइए। अगर आपको पेट से संबंधित ऐसी कोई भी समस्या है, तो आपके पेट में कीड़े हो सकते हैं। कई बार यह समस्या काफी गंभीर भी हो सकती है। ऐसे में क्या करना चाहिए और क्या नहीं स्टाइलक्रेज के इस लेख में आपको पूरी जानकारी मिलेगी। हम आपको पेट के कीड़े के घरेलू नुस्खे बताने के साथ ही इनके पनपने की वजह और अन्य अहम बातें भी बताएंगे।

सबसे पहले तो आपको यह बता देते हैं कि पेट के कीड़े के प्रकार क्या-क्या होते हैं।

पेट के कीड़े के प्रकार – Types of Intestinal Worms in Hindi

वैसे तो पेट के कीड़े के प्रकार कई होते हैं, लेकिन मुख्य रूप ये तीन प्रकार के होते हैं (1)

  • राउंडवॉर्म
  • व्हिपवॉर्म
  • हुकवॉर्म

पेट में कीड़े होने के कारण – Causes of Intestinal Worms in Hindi

पेट में कीड़े होने की वजह कई होती हैं। इन सभी वजहों के बारे में हम आपको नीचे बिंदुवार बताएंगे। आप इनसे बचकर खुद को पेट के कीड़े से बचा सकते हैं (2) (3) :

  • दूषित पानी पीना
  • साफ-सफाई की अनदेखी
  • अधपका मांस का सेवन
  • दूषित मिट्टी, पानी या मल के संपर्क में आना 

पेट में कीड़े के कारण के बाद अब बात करते हैं पेट में कीड़े होने के लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं। इसके बाद आगे हम आपके बताएंगे पेट में कीड़े के उपचार के बारे में।

पेट में कीड़े के लक्षण – Symptoms of Intestinal Worms in Hindi 

पेट में जैसे-जैसे कीड़े पनपने लगते हैं, हमें शारीरिक तौर पर कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसे हम आम भाषा में लक्षण भी कहते हैं। चलिए, तो अब बात करते हैं पेट में कीड़े पड़ने के लक्षणों के बारे में (4) (5)

  • डायरिया
  • पेट दर्द
  • सामान्य अस्वस्थता
  • कमजोरी
  • एनीमिया
  • बलगम में खून
  • खांसी
  • गले में घरघराहट
  • हल्का बुखार
  • मल में कीड़ों का निकलना
  • सांस लेने में दिक्कत
  • त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना
  • उल्टी या खांसते वक्त कीड़ों का निकलना
  • नाक या मुंह से कीड़ों का निकलना

पेट में कीड़े के लक्षण के बाद चलिए अब बात करते हैं पेट के कीड़ों से निपटने वाले घरेलू नुस्खों के बारे में।

पेट के कीड़े दूर करने के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies For Intestinal Worms in Hindi

1. सेब का सिरका 

सामग्री :
  • एक कप पानी
  • 1 चम्मच सेब का सिरका
  • 1 छोटा नींबू
  • आधा चम्मच शहद (वैकल्पिक)
उपयोग का तरीका :
  • पानी में सेब के सिरके को डालें।
  • अब नींबू का रस निचोड़कर इसे पी लें।
  • आप स्वाद के लिए इसमें शहद भी मिला सकते हैं।
  • दिन में रोजाना इसे तीन बार पिएं।
कैसे लाभदायक है :

सेब के सिरके में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में बैक्टीरिया को खत्म करने के साथ ही इन्हें पनपने से रोकते हैं (6)। ऐसे में माना जाता है कि इसके सेवन से पेट में मौजूद कीड़े को बाहर निकालने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

2. लहसुन 

सामग्री :
  • लहसुन की 2-3 कलियां
उपयोग का तरीका :
  • लहसुन की दो से तीन कलियों को रोजाना खाली पेट चबाएं। अगर आपका गला संवेदनशील है, तो आप लहसुन को बेक करके इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • बेक करने पर आपको 2-3 की जगह, दिनभर में 6 लहसुन का सेवन करना होगा।
  • दरअसल, बेक करने के बाद पेट के कीड़ों के खिलाफ लड़ने की लहसुन की क्षमता लगभग आधी हो जाती है।
कैसे लाभदायक है :

लहसुन में एलिसिन (Allicin) और अजीन (Ajoene) जैसे कई महत्वपूर्ण यौगिक यानी कंपाउंड होते हैं (7)। इसके अलावा, लहसुन बतौर एन्थेलमेंटिक हमारे शरीर में काम करता है (8), जिसकी वजह से पेट के कीड़ों को खत्म करने में मदद मिलती है।

[ पढ़े: Lahsun Khane Ke Fayde in Hindi ]

3. लौंग

सामग्री :
  • 2-3 लौंग
  • 1 कप पानी
  • स्वादानुसार शहद
उपयोग का तरीका :
  • एक कप पानी में दो से तीन लौंग डालकर उबाल लें।
  • 5 मिनट तक उबलने के बाद इसे छान लें।
  • जब यह घोल गुनगुना हो जाए तो इसमें स्वाद के लिए थोड़ा शहद मिलाएं।
  • ठंडा होने से पहले इसे पी लें।
  • सप्ताह में तीन-चार आप इसे पी सकते हैं।
कैसे लाभदायक है :

लौंग में यूजेनॉल (Eugenol) नामक यौगिक होता है, जो रोगाणुनाशक के रूप में काम करता है (9)। इसके अलावा, इसमें एंटी पैरासिटिक गुण भी पाए जाते हैं (10)। इसलिए,  इसके नियमित सेवन से पेट के कीड़ों और उनके अंडों को खत्म करने में मदद मिलती है।

4. हर्बल टी 

सामग्री :
  • आवश्यकतानुसार पेपरमिंट या सौंफ
  • 1 कप पानी
  • शहद
उपयोग का तरीका :
  • एक कप पानी में पेपरमिंट या सौंफ डालकर उबालें।
  • 5 मिनट तक उबालने के बाद चाय में शहद मिलाएं।
  • एक हफ्ते तक इसे रोजाना 3 से 4 बार पिएं।
कैसे लाभदायक है :

सौंफ व पेपरमिंट से बनी हर्बल चाय पेट के कीड़ों को मारने में मदद कर सकती हैं। दरअसल, इनमें एंटी पैरासिटिक  गुण पाए जाते हैं, जो आपके पेट से विषाक्त पदार्थों और कीड़ों को बाहर निकाल सकते हैं (11) (12)

5. हल्दी 

सामग्री :
  • 1 चम्मच हल्दी पाउडर
  • 1 गिलास गर्म नारियल का दूध
उपयोग का तरीका :
  • एक गिलास गर्म नारियल के दूध में एक चम्मच हल्दी पाउडर डालें।
  • इसे अच्छी तरह से मिलाकर पी लें।
  • चार-पांच दिनों तक रोजाना 1 से 2 बार पी सकते हैं।
कैसे लाभदायक है :

हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो पेट के कीड़ों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। करक्यूमिन एंटीमाइक्रोबियल गुणों से भरपूर होता है, जो आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को भी निकालने में मदद करता है (13)

6. पपीता 

सामग्री :
  • पपीते के बीज का 1 बड़ा चम्मच
  • आधा कप पपीता
  • 1 कप नारियल का दूध
उपयोग का तरीका :
  • एक ब्लेंडर में सभी सामग्रियों को डालकर अच्छे से ब्लेंड कर लें।
  • अब इस मिश्रण का सेवन हर तीन दिन में एक बार करें।
कैसे लाभदायक है :

पपीते के बीज में अनथलिमिंटिक (Anthelmintic) और एंटी-अमीबिक (Anti-Amoebic) गुण होते हैं, जो पेट के कीड़ों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। ये आंतों के कीड़े को मारने के साथ ही आपके पाचन को बढ़ाते हैं (14)

7. अदरक 

सामग्री :
  • 1-2 चम्मच अदरक का पेस्ट
  • 1 कप पानी 
उपयोग का तरीका :
  • एक कप पानी में अदरक का पेस्ट डालकर 5 मिनट उबाल लें।
  • अब इसे छानकर चाय की तरह पिएं।
  • आप इस घोल को रोजाना 3 से 4 बार पिएं।
कैसे लाभदायक है :

अदरक में मौजूद यौगिक जिंजरॉल आपके पाचन को बढ़ाने के साथ ही पेट में मौजूद कीड़ों जैसे राउंडवॉर्म को निकालने में मदद करता है (15)

[ पढ़े: अदरक के 24 फायदे, उपयोग और नुकसान ]

8. नीम

सामग्री :
  • 8-10 नीम के पत्ते
  • आवश्यक्तानुसार पानी
उपयोग का तरीका :
  • नीम के पत्तों को बारीक पीस लें।
  • करीब आधा चम्मच पेस्ट को खाली पेट एक गिलास पानी और शहद के साथ लें।
  • तीन हफ्ते तक इसका सेवन करें या जब तक कि पेट के कीड़े न मर जाएं।
कैसे लाभदायक है :

नीम के पत्ते में एंथेल्मिंटिक (Anthelmintic) गुण होते हैं, जो कीड़ों को आपके शरीर से पनपने से रोकते हैं। साथ ही मौजूद कीड़ों को खत्म करने और इनसे होने वाले इंफेक्शन से आपको बचाते हैं (16)। इसके सेवन से पेट में होने वाले एक तरह के राउड वॉर्म यानी नेमाटोड्स (Nematodes) से बचाता है (17) 

9. दालचीनी पाउडर 

सामग्री :
  • एक चम्मच दालचीनी पाउडर
  • 1 गिलास गर्म पानी
  • शहद (वैकल्पिक)
उपयोग का तरीका :
  • एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
  • अब इस घोल को तुरंत पी लें।
  • कुछ दिनों तक रोजाना कम से कम तीन बार इसका सेवन करें।
कैसे लाभदायक है :

दालचीनी में एंटीमाइक्रोबियल और एंटी पैरासिटिक गुण पाए जाते हैं (18)। यह गुण पेट में मौजूद कीड़ों को खत्म करने में मदद करते हैं। साथ ही उन्हें पनपने भी नहीं देते हैं।

10. विटामिन-सी 

सामग्री :
  • 2000 मिलीग्राम विटामिन-सी सप्लीमेंट
उपयोग का तरीका :
  • दो से तीन खुराक में आपको 2000 मिलीग्राम विटामिन-सी लेना होगा।
  • कुछ दिनों के लिए रोजाना इसका सेवन करें।
कैसे लाभदायक है :

विटामिन-सी बतौर एंटी-ऑक्सीडेंट हमारे शरीर में काम करता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही इसमें पेट के कीड़ों को मारने की क्षमता भी होती है (19)। पेट में कीड़े होने की वजह से आपको ज्यादा मात्रा में विटामिन-सी लेने की सलाह दी जाती है। विटामिन-सी का सहन करने योग्य ऊपरी सेवन स्तर 2000 mg ही है (20)। इससे अधिक का सेवन करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।

11. एलोवेरा 

सामग्री :
  • एलोवेरा का एक कप जूस
उपयोग का तरीका :
  • एक कप एलोवेरा जूस का सेवन करें।
  • आपको यह जूस रोजाना 2 से 3 कप पीना होगा।
कैसे लाभदायक है :

एलोवेरा आपके पेट से सभी विषाक्त पदार्थों के साथ-साथ कीड़ों को बाहर निकालने में मदद करता है। दरअसल, एलोवेरा में एंथेल्मिंटिक (Anthelmintic) गतिविधि पाई जाती है। इसके अर्क का 20ml का सेवन कीड़ों के साथ ही इसके अंडो और लार्वा को खत्म करने में सहायक पाया गया है (21)

12. कद्दू के बीज

सामग्री :
  • एक कप कद्दू के कच्चे बीज
  • आधा कप नारियल का दूध
  • आधा कप पानी
उपयोग का तरीका :
  • एक कप कच्चे कद्दू के बीज को आधा कप पानी और नारियल के दूध के साथ ब्लेंड करें।
  • अब इस मिश्रण को खाली पेट पिएं।
  • पूरे दिन अपने आप को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखें।
  • कीड़े खत्म न होने तक या कुछ हफ्तों तक इसे रोजाना पिएं।
कैसे लाभदायक है :

कद्दू के बीजों में कुकुरबिटासिन (Cucurbitacin) नामक एक कंपाउंड होता है, जो आपके पेट के अंदर के कीड़ों को बाहर निकालने में मदद करता है। कुकुरबिटासिन की वजह से ही कद्दू में एंटी पैरासिटिक (Antiparasitic) और एंथेल्मिंटिक (Anthelmintic) गतिविधि पाई जाती है, जो कीड़ों के खिलाफ लड़ने में मदद करते हैं (22) (23)

13. टी-ट्री ऑयल 

सामग्री :
  • टी-ट्री ऑयल की 12 बूंदें
  • 30 एमएल नारियल तेल
उपयोग का तरीका :
  • 30 एमएल नारियल तेल में टी-ट्री ऑयल की 12 बूंदें मिला लें।
  • अब कुछ मिनट इससे अपने पेट में हल्के हाथों से मालिश करें।
  • आप इसे सीधे अपने गुदे (एनस) पर लगाकर रातभर के लिए छोड़ सकते हैं।
  • इस प्रक्रिया को आप अपनी जरूरत के हिसाब से रोजाना दोहरा सकते हैं।
कैसे लाभदायक है :

टी ट्री ऑयल अपने रोगाणुरोधी गुणों के लिए जाना जाता है। शायद यही वजह है कि यह हमारे पेट में मौजूद कीड़े से भी लड़ने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें एंटी पैरासिटिक गुण भी पाए गए हैं, जो कुछ कीड़ों से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं (24)

14. अरंडी का तेल 

सामग्री :
  • अरंडी के तेल का 1 बड़ा चम्मच
  • 1 कप गर्म पानी
उपयोग का तरीका :
  • एक कप गुनगुने पानी में अरंडी का तेल मिलाएं।
  • इस घोल को धीरे-धीरे घूंट लेकर पिएं।
कैसे लाभदायक है :

अरंडी के तेल में लैक्सेटिव गुण होता है (25), जो पेट से मल के साथ विषाक्त पदार्थों और कीड़ों को बाहर निकालने में मदद कर सकता है (26)। इसके साथ ही इसमें रिसिनोलिक एसिड (Ricinoleic Acid) भी होता है, जो एंटीइंफ्लेमेटरी की तरह काम करता है। यह पेट में कीड़ों की वजह से होने वाले दर्द को भी कम करने में मदद करता है।

नोट: 100% प्रतिशत ऑर्गेनिक अरंडी के तेल का ही इस्तेमाल करें।

15. जैतून के पत्ते का अर्क 

सामग्री :
  • जैतून के पत्ते का करीब 180 मिलीग्राम अर्क।
उपयोग का तरीका :
  • इस अर्क को तीन हिस्सों में बांट लें।
  • रोजाना इसे दिन में तीन बार पिएं।
  • कीड़ों की समस्या दूर न होने तक इसका सेवन करते रहें।
कैसे लाभदायक है :

जैतून के पत्तों के अर्क में मौजूद फ्लेवोनोइड्स की वजह से इसमें एंटीपैरसिटिक गुण पाये गए जाते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक जैतून के पत्तों के अर्क के इस्तेमाल से लीशमैनिया (Leishmania) पैरासाइट (एक तरह का कीड़ा) से लड़ने में सहायक साबित हुआ है (27)

16. अंगूर बीज का अर्क

सामग्री :
  • अंगूर के बीज के अर्क की 8-12 बूंदें
  • 1 गिलास पानी
उपयोग का तरीका :
  • एक गिलास पानी में अंगूर के बीज के अर्क की कुछ बूंदें डालें।
  • इसे अच्छी तरह से मिलाकर पी लें।
  • इस घोल को आप रोजाना 1 से 2 बार पी सकते हैं।
कैसे लाभदायक है :

अंगूर के बीज के अर्क में एंटीमाइक्रोबियल गतिविधि पाई जाती है। इसकी मदद से बैक्टीरिया को पनपने से रोका जा सकता है। इसके अलावा, एक शोध के मुताबिक अंगूर के बीज के अर्क में 800 से अधिक बैक्टीरिया, 100 फंगल और कई एकल व मल्टीसेल कीड़ों के खिलाफ लड़ने की क्षमता है (28)

पेट के कीड़ों के घरेलू नुस्खे के बाद अब बात करते है उस आहार की, जिससे आपके पेट में कीड़े की समस्या बढ़ सकती है।

पेट में कीड़े होने पर इन खाद्य पदार्थों से करें परहेज – Foods to avoid For Intestinal Worms in Hindi 

पेट में कीड़े होने पर नीचे दिए गए खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें, क्योंकि इनको आहार में शामिल करने से कीड़े की समस्या बढ़ सकती है। एक शोध के मुताबिक इन सभी खाद्य पदार्थों में किसी न किसी तरह के कीड़े पाए गए हैं (29) 

  • एवोकाडो
  • पत्तागोभी
  • गाजर
  • टमाटर
  • शिमला मिर्च
  • केला
  • आम

इसके अलावा, आपको अधपके मीट, मछली, पानी में होने वाली सब्जियां और सामान्य सब्जियों को बिना अच्छे से धोएं खाने से बचना चाहिए (30) 

पेट में कीड़े के जोखिम और जटिलताएं – Intestinal Worms Risks & Complications in Hindi  

पेट में कीड़े होने की वजह से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें इंफेक्शन से लेकर कई सर्जिकल स्थितियां भी शामिल हैं। इनमें से कुछ बारे में हम यहां बता रहे हैं (31) (32) (1) :

  • एलर्जी।
  • लीवर की नलिकाओं में रुकावट
  • आंत में बाधा
  • पेट से संबंधित समस्याएं
  • आंतों से रक्तस्राव
  • भूख न लगना
  • दस्त
  • पोषक तत्वों के अवशोषण में कमी

पेट में कीड़े का इलाज – Treatment of Intestinal Worms in Hindi 

  • पेट के कीड़ों के घरेलू नुस्खे के बाद भी अगर समस्या कम नहीं होती है, तो आपको पेट में कीड़े के इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करना होगा। सबसे पहले तो डॉक्टर आपके मल व खून की जांच करके ये सुनिश्चित करेंगे कि आपके पेट में कीड़े हैं या नहीं। इसके अलावा, डॉक्टर आपको एंडोस्कोपी/कोलोनोस्कोपी या एमआरआई व अन्य जांच की भी सलाह दे सकते हैं (33)
  • इसके बाद जब यह पक्का हो जाएगा कि आपके पेट में कीड़े हैं, तो डॉक्टर आपको अल्बेंडाजोल (Albendazole) जैसी कुछ दवाओं के सेवन की सलाह देगें, जिससे आपके पेट के कीड़े पेरालाइज हो जाएंगे या मर जाएंगे। हालांकि, अगर आपकी पेट के कीड़ों की वजह से आपकी आंत में कुछ समस्या आ गई है, तो एंडोस्कोपी से इन्हें हटाने की कोशिश की जाएगी और कुछ गंभीर मामलों में डॉक्टर सर्जरी की सलाह भी दे सकते हैं।
  • पेट में राउंड वॉर्म होने वाले लोगों को उपचार के 3 महीने बाद फिर से कीड़ों से संबंधित जांच करवाने की सलाह दी जाती है। इस दौरान देखा जाता है कि कही पेट में कीड़ों का अंड़ा या लार्वा मौजूद तो नहीं है। अगर ऐसा कुछ होता है, तो दोबारा से दवा दी जाती है (33)
  • अगर आपके पेट में हूकवॉर्म हैं, तो पेट में कीड़े के इलाज दो से तीन दिन तक डॉक्टरी सलाह के अनुसार दवा लेने से पूरा हो जाता है। इसके अलावा, अगर आपको पेट के कीड़ों की वजह से आयरन की कमी या एनीमिया हो गया है, तो डॉक्टर आयरन की गोली लेने की भी सलाह दे सकते हैं (34)

पेट में कीड़े किसी भी उम्र में और किसी को भी हो सकते हैं। इसलिए, आपको अपने आसपास सफाई रखने की काफी ज्यादा जरूरत है। इसके अलावा, अगर आप हाथों को धोएं बिना खाना खाने जैसी आदतों पर ध्यान दें, तो इस स्थिति से खुद को बचा सकते हैं। वो कहते हैं न इलाज से बेहतर रोकथाम है। अगर सावधानी बरतने के बावजूद पेट में कीड़े हो जाते हैं, तो आप इस लेख में दिए गए पेट के कीड़ों के घरेलू नुस्खे को अपना सकते हैं। आशा करते हैं कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। अगर आपके जहन में इस विषय से संबंधित कुछ सवाल हैं, तो आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमारे साथ जुड़ सकते है। साथ ही पेट के कीड़ों से संबंधित इस तथ्यात्मक जानकारी को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें।

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vinita pangeni

विनिता पंगेनी ने एनएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में बीए ऑनर्स और एमए किया है। टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में काम करते हुए इन्हें करीब चार साल हो गए हैं। इन्हें उत्तराखंड के कई पॉलिटिकल लीडर और लोकल कलाकारों के इंटरव्यू लेना और लेखन का अनुभव है। विशेष कर इन्हें आम लोगों से जुड़ी रिपोर्ट्स करना और उस पर लेख लिखना पसंद है। इसके अलावा, इन्हें बाइक चलाना, नई जगह घूमना और नए लोगों से मिलकर उनके जीवन के अनुभव जानना अच्छा लगता है।

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