पेट फूलने के कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपाय – Home Remedies For Bloating in Hindi

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अनहेल्दी खाना न सिर्फ शरीर का वजन बढ़ा सकता है, बल्कि पेट फूलना और गैस बनना जैसी परेशानियों का भी कारण बन सकता है। अब पेट फूलने की परेशानी न हो, इसके लिए पेट फूलने के लक्षण व पेट फूलने का कारण पता होना जरूरी है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम पेट फूलने की समस्या से जुड़ी सभी जरूरी बातें बताने जा रहे हैं। साथ ही यहां हम इस समस्या से बचाव संबंधी घरेलू उपायों की भी जानकारी देंगे। हालांकि, उससे पहले यह समझना जरूरी है कि घरेलू उपाय केवल इस समस्या में राहत पहुंचा सकते हैं। समस्या का पूर्ण इलाज डॉक्टरी परामर्श पर ही निर्भर करता है।

शुरू करते हैं लेख

तो आइए पेट फूलने का कारण, लक्षण और इलाज जानने से पहले हम पेट फूलना क्या है, यह समझ लेते हैं।

पेट फूलना किसे कहते हैं?

जब पेट जरूरत से अधिक भरा हुआ और कसा हुआ महसूस हो या फिर देखने में ऐसा लगे कि पेट सूजा हुआ है। तो इस स्थिति को ही पेट फूलना या गैस बनना (Bloating) कहा जाता है (1)। सामान्य तौर पर पेट फूलने के कई कारण हो सकते हैं, जिसके बारे में हम आपको लेख में आगे विस्तार से बताएंगे।

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लेख के अगले भाग में हम पेट फूलने का कारण समझने का प्रयास करेंगे।

पेट फूलने के कारण – Causes of Bloating in Hindi

गैस और पेट फूलना एक ऐसी समस्या है, जो किसी भी उम्र में हो सकती है और कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पेट फूलने का कारण बन सकती हैं (2)। ऐसे में हम यहां उन सामान्य कारणों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी वजह से पेट का फूलना जैसी समस्या देखने को मिल सकती है (1)।

  • खाते या पीते समय पेट में हवा निगलना (जिसे मेडिकल टर्म में एरोफैगिया कहा जाता है)
  • कब्ज की समस्या
  • गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफलक्स डिजीज (पाचन संबंधी विकार जिसमें पेट में मौजूद एसिडिक जूस इसोफेगस यानी गले में आ जाता है)
  • इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (आंतों से संबंधित विकार जिसमें पेट में दर्द, ऐठन, गैस के साथ-साथ दस्त और कब्ज की समस्या देखी जा सकती है)
  • लैक्टोज इंटॉलरेंस यानी दूध और अन्य सामग्रियों को पचाने में परेशानी
  • बहुत अधिक खाना
  • छोटी आंत के बैक्टीरिया का अधिक बढ़ना
  • अधिक वजन बढ़ना
  • लैक्टुलोज या सोर्बिटोल युक्त दवा या आहार का सेवन

अब जानते हैं कुछ गंभीर स्थितियों के बारे में जो पेट फूलने का कारण बन सकती हैं (1):

  • पेट में पानी भरना (जलोदर)
  • पेट में ट्यूमर होना
  • सीलिएक रोग (ग्लूटेन युक्त खाद्य के सेवन से पैदा होने वाली प्रतिरक्षा प्रणाली संबंधी समस्या, जिसमें छोटी आंत में सूजन या क्षति पैदा होती है)
  • डंपिंग सिंड्रोम (पेट से जुड़ी सर्जरी के कारण पैदा होने वाली समस्या, जिसमें भोजन पेट के पहले भाग से तेजी से गुजरने लगता है)
  • ओवेरियन कैंसर (अंडाशय का कैंसर)
  • पित्त का पाचक रस का उचित मात्रा में उत्पादन न कर पाना

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आगे अब हम पेट फूलने के लक्षण बताने जा रहे हैं।

पेट फूलने के लक्षण – Symptoms of Bloating in Hindi

पेट फूलने की समस्या को समय रहते पहचानने के लिए पेट फूलने के लक्षण पता होना जरूरी है। यह लक्षण कुछ इस प्रकार देखने को मिल सकते हैं (1):

  • पेट अत्याधिक भरा हुआ लगना
  • पेट में कसाव महसूस होना
  • पेट सूजा हुआ दिखाई देना

लेख में आगे बढ़ें

अब हम घरेलू तौर पर पेट फूलने के उपचार में किन चीजों को शामिल किया जा सकता है, यह जानेंगे।

पेट फूलने के लिए घरेलू उपाय- Home Remedies for Bloating in Hindi

पेट फूलने के लक्षण पहचान कर पेट फूलने के लिए घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं। ताकि गैस बनना और पेट फूलना की समस्या को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सके। तो आइए लेख में आगे बढ़कर हम क्रमवार पेट फूलने की समस्या में कारगर कुछ घरेलू उपायों को जान लेते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

1. पुदीने या कैमोमाइल की चाय

सामग्री :

  • 1 चम्मच ताजी या सूखी पुदीने या कैमोमाइल की पत्तियां
  • 1 कप पानी
  • शहद (ऑप्शनल)

कैसे उपयोग करें :

  • एक कप गर्म पानी में पुदीने या कैमोमाइल की पत्तियां मिलाएं।
  • 5 मिनट तक गर्म पानी में पुदीने या कैमोमाइल की पत्तियां उबालें।
  • समय पूरा होने के बाद इसे छान लें।
  • अब इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं और सिप करते हुए पिएं।

कैसे लाभदायक है :

पेट फूलने की समस्या से राहत पाने के लिए पुदीने का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) पर प्रकाशित पुदीने से संबंधित एक शोध से होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि पुदीना में मौजूद फिनोलिक यौगिकों के कारण यह इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (आंतों से संबंधित विकार) को दूर करने में मदद कर सकता है (3)। वहीं इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम को मुख्य रूप से पेट फूलने का कारण माना जाता है (1)।

वहीं, दूसरी ओर गैस और पेट फूलना जैसी समस्या में कैमोमाइल टी के फायदे भी उपयोगी हो सकते हैं। वजह यह है कि कैमोमाइल में मौजूद फिनोलिक यौगिक आंतों से संबंधित समस्याओं में राहत पहुंचा सकते हैं, जिसमें पेट फूलने की समस्या भी शामिल है (4)। ऐसे में माना जा सकता है कि कैमोमाइल और पुदीने की चाय दोनों ही पेट फूलने की समस्या में सहायक हो सकती हैं।

2. सौंफ

सामग्री :

  • 1/2 से 1 चम्मच सौंफ पाउडर
  • 1 कप गर्म पानी

कैसे उपयोग करें :

  • सौंफ के पाउडर को गर्म पानी में मिलाएं।
  • 5 से 10 मिनट तक इसे ऐसे ही रहने दें।
  • अब इस पानी को छान लें और पी लें।

कैसे लाभदायक है :

खाने के बाद पेट फूलना जैसी स्थिति पनपने पर राहत पाने के लिए सौंफ का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह बात सौंफ के फायदों से संबंधित एक शोध से स्पष्ट होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि सौंफ में स्पाज्मोलिटिक (मांसपेशियों को आराम पहुंचाने वाला) प्रभाव पाया जाता है। इस प्रभाव के कारण सौंफ इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (आंतों से संबंधित विकार) में राहत पहुंचा सकती है, जिसमें पेट फूलने की समस्या भी शामिल है (5)। इस आधार पर माना जा सकता है कि सौंफ का सेवन करने से पेट फूलने की समस्या को कम करने में कुछ हद तक मदद मिल सकती है।

3. बेकिंग सोडा

सामग्री :

  • 1 चम्मच बेकिंग सोडा
  • 1 गिलास गर्म पानी

कैसे उपयोग करें :

  • 1 गिलास गर्म पानी में 1 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं और पी जाएं।
  • पेट फूलने का इलाज करने के लिए बेकिंग सोडा और गर्म पानी का सेवन नियमित रूप से दिन में एक बार किया जा सकता है।

कैसे लाभदायक है :

बेकिंग सोडा का उपयोग भी पेट फूलने की समस्या का कारगर उपाय साबित हो सकता है। इस बात को कब्ज से जुड़े एक शोध में सीधे तौर पर माना गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि बेकिंग सोडा (सोडियम बाईकार्बोनेट) का इस्तेमाल कब्ज की समस्या में राहत दिला सकता है (6)। वहीं कब्ज के कारण भी पेट फूलने की समस्या हो सकती है (1)। इस आधार पर कब्ज के कारण होने वाली पेट फूलने की समस्या में बेकिंग सोडा को उपयोगी माना जा सकता है। हालांकि, बेकिंग सोडा का अधिक प्रयोग इसके विपरीत पेट फूलने की समस्या को बढ़ाने का भी काम कर सकता है (7)।

4. अदरक

सामग्री :

  • 1 इंच अदरक का एक टुकड़ा
  • 1 कप पानी
  • एक चम्मच शहद (स्वाद के लिए)

कैसे उपयोग करें :

  • एक पैन में अदरक और पानी को डालें।
  • फिर पैन को गैस पर चढ़ाकर 3 से 5 मिनट तक इसे उबलने दें।
  • समय पूरा होने पर इसे कप में छान लें और स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद मिला लें।
  • अब सिप करते हुए इसे चाय की तरह पिएं।
  • गैस और पेट फूलना से राहत पाने के लिए रोजाना इसका सेवन कर सकते हैं।

कैसे लाभदायक है :

अदरक का सेवन करने से भी पेट फूलने की समस्या में आराम मिल सकता है। दरअसल, अदरक सालों से पेट संबंधित समस्याओं जैसे :- कब्ज, दस्त, डकार आना, अपच, उल्टी, मतली और पेट फूलने की समस्या से राहत दिलाने के लिए उपयोग की जाती रही है। वहीं फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन द्वारा एक शोध में भी इस बात को माना गया है (8)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि पेट फूलने की समस्या में अदरक का उपयोग लाभकारी साबित हो सकता है।

5. कद्दू

सामग्री :

  • 1 कप कटा हुआ कद्दू
  • 2 कप पानी

कैसे उपयोग करें :

  • कटे हुए हुए कद्दू को पानी में उबालें
  • फिर इस उबले हुए कद्दू को खाने के लिए उपयोग करें।

कैसे लाभदायक है :

पेट फूलने की समस्या को नियंत्रित करने के मामले में कद्दू के फायदे भी सहायक हो सकते हैं। दरअसल, कद्दू कम फर्मेंटेबल ओलिगोसैकैराइड, डिसैकैराइड, मोनोसैकैराइड और पॉलीयोल्स युक्त खाद्यों (FODMAPs) में गिना जाता है। ऐसे खाद्य इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की समस्या में सहायक माने जाते हैं और इसके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं, जिसमें पेट फूलना भी शामिल है (9)। इस आधार पर माना जा सकता है कि आंतों से संबंधित समस्या के कारण दिखने वाले पेट फूलने के लक्षण को कम करने में कद्दू कुछ हद तक सहायक साबित हो सकता है।

6. नींबू-पानी

सामग्री :

  • 1 चम्मच नींबू का रस
  • 1 गिलास गर्म पानी

कैसे उपयोग करें :

  • एक गिलास पानी हल्का गर्म करें।
  • अब गर्म पानी में नींबू के रस को मिलाएं।
  • पेट फूलने के लक्षण कम करने के लिए सुबह-सुबह रोजाना इसका सेवन करें।

कैसे लाभदायक है :

गैस और पेट फूलना जैसी समस्या से राहत पाने के लिए गुनगुने पानी में नींबू को मिलाकर पीना भी काफी लाभदायक साबित हो सकता है। इस बात को दो अलग-अलग शोध के माध्यम से समझा जा सकता है। गुनगुने पानी से संबंधित एक शोध में माना गया है कि यह आंतों में कसाव लाने के साथ ही कब्ज की समस्या से राहत दिला सकता है, जिसके कारण पेट फूलने की समस्या हो सकती है (10)। दूसरी ओर नींबू कम फर्मेंटेबल ओलिगोसैकैराइड, डिसैकैराइड, मोनोसैकैराइड और पॉलीयोल्स युक्त खाद्यों (FODMAPs) में शामिल है, जो इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम में सहायक माने जाते हैं (9)। वहीं पेट फूलने के कारणों में इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की समस्या भी शामिल है। इन दोनों तथ्यों को देखते हुए यह माना जा सकता है कि गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलकर पीना पेट फूलने की समस्या से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है।

7. काला जीरा

सामग्री :

  • 1 चम्मच काला जीरा
  • 1 कप गर्म पानी
  • एक चम्मच शहद (ऑप्शनल)

कैसे उपयोग करें :

  • एक कप गर्म पानी में काला जीरा मिलाएं।
  • 5 से 10 मिनट तक इसे ऐसे ही रहने दें।
  • समय पूरा होने पर इसमें शहद मिलाकर इसे पी जाएं।
  • दिन में तीन बार इसका रोजाना सेवन किया जा सकता है।

कैसे लाभदायक है :

काला जीरा, जिसे अंग्रेजी में कैरावे (Caraway) के नाम से भी जाता जाता है, यह पेट फूलने की समस्या में राहत दिलाने का काम कर सकता है। एनसीबीआई पर प्रकाशित काला जीरा से संबंधित एक शोध से यह बात स्पष्ट होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि काला जीरा का सेवन दस्त, अपच और पेट दर्द के साथ पेट फूलना जैसी समस्या से राहत दिला सकता है (11)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि खाने के बाद पेट फूलना जैसी समस्या से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए काला जीरा का उपयोग लाभकारी साबित हो सकता है।

8. मोटी सौंफ

सामग्री :

  • 1 चम्मच मोटी सौंफ
  • 1 कप गर्म पानी
  • शहद (ऑप्शनल)

कैसे उपयोग करें :

  • एक कप गर्म पानी लें।
  • इसमें मोटी सौंफ मिलाएं।
  • 5 से 10 मिनट के लिए इसे ऐसे ही रहने दें।
  • अब इसमें स्वादानुसार शहद मिलाएं और इसका सेवन करें।

कैसे लाभदायक है :

मोटी सौंफ (Anise) का उपयोग भी पेट फूलने की समस्या में किया जा सकता है। मोटी सौंफ से संबंधित एक शोध से यह बात स्पष्ट होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि मोटी सौंफ में लैक्जेटिव (मल को ढीला करने वाला) प्रभाव पाया जाता है, जो कब्ज से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है (12)। वहीं पेट फूलने के कारणों में कब्ज की समस्या भी शामिल है (1)। इस आधार पर मोटी सौंफ को पेट फूलने की समस्या से राहत दिलाने का एक बेहतर विकल्प माना जा सकता है।

9. केला

सामग्री :

  • 1 या 2 केला

कैसे उपयोग करें :

  • पेट फूलने की समस्या से निजात पाने के लिए 1 से 2 केले का सेवन रोजाना किया जा सकता है।

कैसे लाभदायक है :

केला एक ऐसा फल है, जिसे कम फाइबर युक्त खाद्यों में गिना जाता है। इसलिए यह आसानी से पाच जाता है। साथ ही गैस और पेट फूलने की समस्या को कुछ हद तक कम करने में भी मदद कर सकता है (13)। केला खाने के फायदे से संबंधित एक शोध से भी इस बात का इशारा मिलता है। शोध में जिक्र मिलता है कि केले का सेवन पाचन को सुधरने में मदद कर सकता है। साथ ही यह भी पाया गया कि केले का सेवन करने वालों में पेट फूलने के लक्षण कम देखे गए (14)। इस आधार पर केले को पेट फूलने की समस्या से राहत पाने के लिए उपयोगी माना जा सकता है।

10. एप्पल साइडर विनेगर

सामग्री :

  • 1 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर
  • 1 गिलास गर्म पानी

कैसे उपयोग करें :

  • गिलास में गर्म पानी लें।
  • अब गर्म पानी में एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं और पी जाएं।
  • पेट फूलने की समस्या से निजात पाने के लिए दिन में एक बार इसका सेवन किया जा सकता है।

कैसे लाभदायक है :

पेट फूलने से राहत पाने के लिए एप्पल साइडर विनेगर का उपयोग भी किया जा सकता है। वजह यह है कि सेब का सिरका कब और अपच की समस्या से राहत दिला सकता है (15)। साथ ही यह एसिड रिफ्लक्स (पेट में मौजूद एसिड का गले में आना) की समस्या को कम करने में भी मदद कर सकता है (16)। वहीं यह तीनों ही स्थितियां पेट फूलने के कारणों में शामिल हैं (1)। इस आधार पर घरेलू रूप से पेट फूलने की दवा के तौर पर सेब के सिरके को उपयोगी माना जा सकता है।

11. अरंडी का तेल

सामग्री :

  • 1 चम्मच अरंडी का तेल
  • 1 कप संतरे का जूस

कैसे उपयोग करें :

  • एक कप संतरे के जूस में अरंडी का तेल मिलाएं।
  • फिर इसे पी जाएं।

कैसे लाभदायक है :

पेट फूलने की समस्या में अरंडी के तेल के फायदे भी सहायक हो सकते हैं। अरंडी के तेल में लैक्सेटिव गुण होता है, जो कब्ज से निजात दिलाने में मदद कर सकता है (17)। वहीं संतरे में पेट में मौजूद बैक्टीरिया की संख्या को नियंत्रित करने की क्षमता पाई जाती है (18)। वहीं पेट में अधिक बैक्टीरिया की मौजूदगी और कब्ज की समस्या पेट फूलने के कारणों में शामिल हैं (1)। इस आधार पर माना जा सकता है कि पेट फूलने के लक्षण से राहत पाने के लिए संतरे के रस के साथ अरंडी के तेल का उपयोग सहायक हो सकता है। हालांकि, अरंडी के तेल का अधिक सेवन पेट फूलने की समस्या को बढ़ा भी सकता है। इसलिए इसका सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए।

12. डिटॉक्स ड्रिंक

सामग्री :

  • 1 गिलास पानी
  • 5-6 खीरे के स्लाइस
  • आधा चम्मच नींबू का रस
  • आधा चम्मच अदरक का रस

कैसे उपयोग करें :

  • गिलास के पानी में बताई गई सभी सामग्रियों को मिक्स करें।
  • फिर इसे रात भर के लिए फ्रिज में रख दें।
  • इसे सुबह या दिन में पी सकते हैं।

कैसे लाभदायक है :

पानी में नींबू, अदरक और खीरा मिलाकर डिटॉक्स ड्रिंक को तैयार किया जा सकता है, जो शरीर से टॉक्सिन (विषैले पदार्थ) बाहर निकालने में मदद कर सकती है। साथ ही यह पाचन को सुधारने में भी मदद कर सकती है (19)। वहीं नींबू और खीरे में एंटासिड प्रभाव भी मौजूद होता है, जो एसिडिटी को दूर कर सकता है (20)। वहीं एसिडिटी के कारण भी पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा अदरक में सीधे तौर पर पेट फूलने की समस्या से राहत दिलाने की क्षमता पाई जाती है (21)। इस आधार पर माना जा सकता है कि यह डिटॉक्स ड्रिंक पेट फूलने की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकती है।

13. एसेंशियल ऑयल

सामग्री :

  • 3 से 4 बूंद पेपरमिंट ऑयल या लौंग का तेल
  • एक कप पानी

कैसे उपयोग करें :

  • पेपरमिंट ऑयल या लौंग का तेल को पानी में मिलाएं और पी जाएं।
  • बेहतर प्रभाव के लिए इसे दिन में एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे लाभदायक है :

पेपरमिंट ऑयल इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की समस्या में राहत दिला सकता है, जिसमें पेट पूलने की समस्या भी शामिल है (22)। वहीं लौंग का तेल भी गैस और पेट फूलने की समस्या से राहत दिलाने में कारगर माना जाता है (23)। इस आधार पर माना जा सकता है कि इन दोनों में से किसी भी एसेंशियल ऑयल का उपयोग कर पेट फूलने की परेशानी से राहत पाई जा सकती है।

14. ग्रीन टी

सामग्री :

  • 1 चम्मच ग्रीन टी
  • 1 कप गर्म पानी
  • एक चम्मच शहद (वैकल्पिक)

कैसे उपयोग करें :

  • पानी में ग्रीन टी डालें।
  • अब इसे 5 मिनट तक उबलने दें।
  • जब चाय अच्छे से उबल जाए तो इसे छानकर एक कप में अलग कर लें।
  • फिर इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर चाय को सिप करके पिएं।
  • इस चाय का सेवन दिन में 3 बार किया जा सकता है।

कैसे लाभदायक है :

ग्रीन टी का उपयोग करके भी पेट फूलने की समस्या में राहत पाई जा सकती है। इस बात को ग्रीन टी पर आधारित एक शोध में स्पष्ट रूप से माना गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि ग्रीन टी में मौजूद एंटी इन्फ्लामेट्री (सूजन को कम करने वाला) और एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। यह दोनों ही प्रभाव संयुक्त रूप से इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से राहत दिला सकते हैं, जिसमें पेट फूलने का लक्षण भी देखने को मिलता है (24)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि ग्रीन टी पेट फूलने का इलाज करने में कुछ हद तक कारगर साबित हो सकती है।

15. एलोवेरा जूस

सामग्री :

  • आधा कप एलोवेरा जूस

कैसे उपयोग करें :

  • पेट फूलने से राहत पाने के लिए आधा कप ताजे एलोवेरा जूस का सेवन करें।
  • बेहतर लाभ के लिए इसे प्रतिदिन एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे लाभदायक है :

एलोवेरा में एंथ्राक्विनोन नाम का एक खास तत्व पाया जाता है, जो एक लैक्सेटिव (मल को ढीला करने वाला) गुण प्रदर्शित करता है। यह आंतों में पानी की मात्रा को बढ़ा कर मल को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है। इससे कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है (25)। वहीं लेख में आपको पहले ही बताया जा चुका है कि पेट फूलने के कारणों में कब्ज की समस्या भी शामिल है। इस आधार पर एलोवेरा जूस को पेट फूलने के इलाज के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

16. नारियल तेल

सामग्री :

  • 1 चम्मच शुद्ध नारियल तेल
  • एक कप गुनगुना पानी

कैसे उपयोग करें :

  • एक कप गुनगुने पाने में शुद्ध नारियल का तेल मिलाएं और पी जाएं।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो से तीन बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे लाभदायक है :

पेट फूलने की समस्या से ग्रास व्यक्तियों को शुद्ध नारियल तेल के उपयोग से भी लाभ हासिल हो सकता है। यह बात नारियल तेल के एक शोध से साफ तौर पर स्पष्ट होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि नारियल का तेल पेट से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने में मदद कर सकता है। साथ ही यह वजन को कम करने में भी प्रभावी माना जाता है (26)। वहीं अधिक वजन और पेट से जुड़ी समस्याओं के कारण भी फेट फूलने की समस्या हो सकती है (1)। वहीं इसके विपरीत नारियल तेल का अधिक सेवन पेट फूलने की समस्या को बढ़ा भी सकता है (26)। इस आधार पर माना जा सकता है कि संतुलित मात्रा में नारियल का तेल पेट फूलने के लक्षण को दूर करने सहायक हो सकता है।

17. योगर्ट

सामग्री :

  • 1 कप योगर्ट

कैसे उपयोग करें :

  • एक कप योगर्ट का सेवन रोजाना करें।

कैसे लाभदायक है :

लैक्टोज इंटॉलरेंस के कारण अगर किसी को फेट फूलने की समस्या होती है तो इस स्थिति में दही का सेवन काफी लाभकारी साबित हो सकता है। गैस और पेट फूलने की समस्या से जुड़े एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है (27)। वहीं दूसरी ओर योगर्ट में प्रोबायोटिक यानी हेल्दी बैक्टीरिया मौजूद होते हैं (28)। ये बैक्टीरिया पाचन क्रिया को तेज कर कुछ हद तक इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की समस्या के कारण होने वाली पेट फूलने की समस्या से राहत दिला सकते हैं (29)। इस आधार दही को भी पेट फूलने की समस्या में उपयोगी माना जा सकता है।

18. अनानास

सामग्री :

  • 1 कप अनानास (कटा हुआ)
  • 1 कप पानी

कैसे उपयोग करें :

  • अनानास और पानी को मिक्सर में डाल कर अच्छे से पीस लें।
  • पेट का फूलना कम करने के लिए इस तैयार जूस को पी जाएं।
  • इस जूस को दिन में एक बार रोज पिया जा सकता है।

कैसे लाभदायक है :

अनानास के जूस का सेवन भी पेट फूलने की समस्या में लाभकारी साबित हो सकता है। यह बात अनानास के जूस से संबंधित एक शोध से साफ होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि अनानास में ब्रोमेलैन नाम का एक खास तत्व पाया जात है, जो अपच की समस्या को दूर कर अपच के कारण होने वाली पेट फूलने की समस्या में राहत पहुंचा सकता है (30)। इस आधार पर घरेलू तौर पर पेट फूलने का इलाज करने में अनानास के जूस को कारगर माना जा सकता है।

19. संतरा

सामग्री :

  • 1 से 2 संतरे
  • 1 कप पानी

कैसे उपयोग करें :

  • संतरे और पानी को अच्छी तरह से ब्लेंड करें।
  • पेट फूलने की परेशानी से निजात पाने के लिए इस जूस का सेवन रोजाना कर सकते हैं।

कैसे लाभदायक है :

लेख में आपको पहले ही बताया जा चुका है कि संतरे में पेट में मौजूद बैक्टीरिया की संख्या को नियंत्रित करने की क्षमता पाई जाती है (18)। वहीं पेट में अधिक बैक्टीरिया की मौजूदगी पेट फूलने के कारणों में शामिल हैं (1)। ऐसे में पेट फूलना और गैस बनना जैसी समस्या से राहत पाने के लिए कुछ हद तक संतरे के रस को सहायक माना जा सकता है।

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पेट फूलना गैस बनना के घरेलू उपचार जानने के बाद अब हम पेट फूलने का इलाज जानेंगे।

पेट फूलने का इलाज – Bloating Treatment in Hindi

पेट फूलने का इलाज करने के लिए हेल्थ एक्सपर्ट पेट फूलने की दवा लेने की सलाह दे सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं (2):

  • एंटीबायोटिक्स का सेवन करना : इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के कारण पेट फूलने के लक्षण दिखने पर डॉक्टर कुछ एंटीबायोटिक दवाएं लेने की सलाह दे सकते हैं।
  • प्रोबायोटिक्स का सेवन करना : आंत के माइक्रोबायोटा में परिवर्तन होने से पेट फूलने या इससे जुड़ी अन्य समस्या हो सकती है। ऐसे में इलाज के लिए डॉक्टर प्रोबायोटिक्स टैबलेट का सेवन करने की सलाह दे सकते हैं।
  • प्रोकिनेटिक्स का सेवन करना : ब्लोटिंग के इलाज के लिए प्रोकिनेटिक्स (आंतों की कार्यक्षमता बढ़ाने वाली) दवा का सेवन करने का सुझाव दे सकते हैं।
  • एंटीस्पास्मोडिक का सेवन करना : इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के लक्षणों से राहत पाने के लिए आमतौर पर विभिन्न प्रकार के एंटीस्पास्मोडिक (मांसपेशियों को आराम देने वाली) दवा का सुझाव भी दिया जा सकता है।
  • डाइट में बदलाव : दवा के अलावा कुछ मामलों में हेल्थ एक्सपर्ट कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य और पेट में गैस वाले खाद्यों से परहेज करने की भी सलाह दे सकते हैं।

और भी है बहुत कुछ

इलाज के बाद आइए अब हम पेट फूलने में क्या खाना चाहिए, यह जान लेते हैं।

पेट फूलने में क्या खाना चाहिए – What to Eat During Bloating in Hindi

लेख में हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि पेट फूलने की समस्या का मुख्य कारण इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की स्थिति को माना जाता है। वहीं इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की समस्या से बचाव के लिए स्वास्थ्य सलाहकार घुलनशील फाइबर युक्त और लो फूडमैप ((FODMAPs) डाइट लेने की सलाह देते हैं। बता दें लो फूडमैप का अर्थ है, कम फर्मेंटेबल ओलिगोसैकैराइड, डिसैकैराइड, मोनोसैकैराइड और पॉलीयोल्स युक्त खाद्य (31)। यही वजह है कि यहां हम घुलनशील फाइबर और लो फूडमैप युक्त खाद्यों के विषय में अलग-अलग बताने जा रहे हैं।

घुलनशील फाइबर युक्त आहार कुछ इस प्रकार हैं (32):

  • अनाज : जौ, मकई, ओट्स, चावल, गेंहू।
  • फलियां और दालें : हरी फलियां, सोया, मटर, राजमा, सफेद सेम।
  • सब्जियां : आलू, करेला, चुकंदर, मेथी, भिंडी, पालक, शलजम, टमाटर, बैंगन।
  • फल : सेब, कीवी, आम, अनानास, अनार, तरबूज, अंगूर संतरा, स्ट्रॉबेरी।
  • नट्स और सीड्स : बादाम, नारियल, मूंगफली, काजू, तिल का बीज, अलसी का बीज।

लो फूडमैप खाद्य में निम्न चीजों को शामिल किया जा सकता है (9):

  • सब्जियां: शिमला मिर्च, गाजर, अजवाइन, मक्का, बैंगन, हरी फलियां, कद्दू।
  • फल : केला, ब्लूबेरी, अंगूर, तरबूज, चकोतरा, स्ट्रॉबेरी, कीवी, नींबू, संतरा।
  • डेयरी उत्पाद : लैक्टोज मुक्त दूध व दही, चावल का दूध, स्टोर किया हुआ पनीर।
  • ठंडे खाद्य या पेय : आइसक्रीम के विकल्प में गेलेटो (फ्रोजेन डेजर्ट) या शर्बत का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • मीठा : मीठे के तौर पर पॉलीयोल्स यानी शुगर फ्री छोड़कर चीनी व अन्य मीठे पदार्थों के विकल्प शामिल कर सकते हैं।

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अब जानते हैं पेट का फूलना जैसी समस्या होने पर किन चीजों से परहेज करना चाहिए।

पेट फूलने में परहेज – What to Avoid During Bloating in Hindi

खाने के बाद पेट फूलना की समस्या से राहत पाने के लिए कुछ चीजों से परहेज किया जाना आवश्यक है, जो कुछ इस प्रकार हैं (1):

  • गैस बनाने वाले खाद्य (जैसे :- अंकुरित अनाज, शलजम, गोभी, बीन्स और दाल) से परहेज करना चाहिए।
  • स्मोकिंग ना करें।
  • अल्कोहल से दूरी बनाकर रखें।
  • जरूरत से ज्यादा खाना ना खाएं।
  • च्विंग गम और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स के इस्तेमाल से बचें।

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चलिए, अब जानते हैं कि पेट फूलने के लिए कुछ अन्य उपाय क्या हो सकते हैं।

पेट फूलने के लिए कुछ और उपाय – Other Tips For Bloating in Hindi

पेट फूलने की परेशानी से बचने के लिए खास टिप्स (33):

  • नियमित रूप से व्यायाम करें। सप्ताह में कम से कम 3 या 4 बार वॉकिंग या स्विमिंग जैसी शारीरिक गतिविधियां करें।
  • दिनभर में 8 से 10 कप (दो से ढाई लीटर) की मात्रा में तरल पदार्थ व पानी पीएं।
  • नियमित रूप से तय समय पर खाना खाएं। खाना स्किप करने से बचें।
  • बहुत देर तक पेशाब रोककर न रखें।
  • ग्लूटेन युक्त, प्रोसेस्ड व फास्ट फूड से बचें, जैसे- सफेद ब्रेड, पेस्ट्री, बर्गर, आलू के चिप्स और फ्रेंच फ्राइज।
  • अलसी, गेंहू की भूसी (व्हीट ब्रान) का इस्तेमाल सूप व स्मूदी के रूप में करें।

पेट फूलने की समस्या इतनी भी जटिल नहीं कि इससे राहत न पाई जा सके। बस जरूरत है तो सही जानकारी और उपाय की। लेख में हमने पेट फूलने की समस्या से जुड़े कई उपाय बताएं हैं। साथ ही इस समस्या से बचाव संबंधी कई जरूरी बातें भी लेख में दी गई हैं। इन जानकारियों के माध्यम से काफी हद तक पेट फूलने के लक्षण को हल करने में मदद मिल सकती है। वहीं राहत न मिलने या स्थिति गंभीर होने पर बिना देर किए डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। चलिए, अब हम पेट फूलने की समस्या से जुड़े उन सवालों के जवाब भी जान लेता हैं, जो अक्सर लोगों द्वारा पूछे जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शराब के सेवन से पेट फूलने व गैस की समस्या क्यों होती है?

अधिक मात्रा में शराब का सेवन करने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (भोजन ग्रहण करने वाला अंग) से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही यह इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के लक्षणों को भी बढ़ा सकता है, जिसमें पेट फूलना भी शामिल है (34)। ऐसे में यह माना जा सकता है कि शराब का सेवन फूलने व गैस की समस्या को बढ़ा सकता है।

पेट फूलने की परेशानी को दूर करने के लिए क्या करना चाहिए?

पेट फूलने की परेशानी दूर करने के लिए ऊपर बताए गए उपायों का पालन किया जा सकता है। अगर इसके बाद भी समस्या बनी रहती है तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

ब्लोटिंग की परेशानी होने पर कब चिंता करना चाहिए?

अगर घरेलू उपाय से राहत न मिले तो चिंतित होना स्वाभाविक है, लेकिन ऐसी स्थिति में चिंता करने से बेहतर है डॉक्टर से संपर्क करें।

कैसे समझें की ब्लोटिंग की समस्या गंभीर हो चुकी है?

कब्ज, डायरिया, मल में खून आना, उल्टी होना, सीने में जलन होना या शरीर का वजन कम होने की स्थिति में सतर्क हो जाना चाहिए और जल्द से जल्द इलाज शुरू करवाना चाहिए (1)।

क्या नींबू-पानी के सेवन से पेट फूलने की परेशानी को कम किया जा सकता है?

जी हां, पेट फूलने की परेशानी को दूर करने में नींबू-पानी बेहद लाभकारी माना जा सकता है। दरअसल, नींबू में एंटासिड की उच्च मात्रा पाई जा सकती है (20)। वहीं एसिड रिफक्स के कारण पेट फूलने की समस्या हो सकती है (1)। ऐसे में नींबू पेट फूलने की समस्या में लाभकारी माना जा सकता है।

क्या पानी के सेवन से ब्लोटिंग की परेशानी को कम किया जा सकता है?

हां, फेट फूलने की समस्या में शुरुआत में सिर्फ पानी पीने की ही सलाह दी जाती है (35)। इसलिए माना जा सकता है कि पानी ब्लोटिंग की समस्या को कम कर सकता है।

पेट फूलने की परेशानी को दूर करने में कौन से चाय का सेवन करना चाहिए?

पेट फूलना गैस बनना जब परेशान करे, तो पुदीने की चाय, कैमोमाइल टी और ग्रीन टी का सेवन करने से पेट फूलने की परेशानी में राहत मिलती है (3) (4) (24)।

बच्चे का पेट फूलना या गैस की तकलीफ हो, तो क्या करना चाहिए?

बच्चे का पेट फूलना या उसे गैस की समस्या होने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। वहीं वैकल्पिक उपचार के तौर पर नींबू-पानी या डिटॉक्स ड्रिंक दे सकते हैं, जिसके बारे में लेख में पहले ही बताया जा चुका है।

35 Sources

35 Sources

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