पेट साफ करने के 18 आसान घरेलू उपाय – Pet Saaf Karne Ke Upay

Medically reviewed by Dr. Zeel Gandhi, Ayurvedic Doctor
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शरीर की कई गंभीर बीमारियों की एक वजह पेट साफ न होना है। बदलती जीवनशैली में यह समस्या आम है और इससे हर उम्र के लोग प्रभावित हो सकते हैं। गलत खान-पान, पानी की कमी, भोजन के समय में बदलाव आदि इसके सबसे अहम कारण हैं। वहीं, पेट ठीक से साफ न होने के कारण पेट में जलन, गैस और एसिडिटी जैसी तकलीफें पीछा नहीं छोड़ती हैं? अगर ऐसा आपके साथ भी है, तो यह लेख आपकी इन सभी समस्याओं का हल हो सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको पेट साफ होने के उपाय बताने जा रहे हैं, जो आपको जल्द राहत दिला सकते हैं। आइए, सबसे पहले जानते हैं कि अगर पेट साफ हो, तो क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।

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सबसे पहले जानते हैं कि क्या पेट की सफाई से विषाक्त पदार्थों को निकाला जा सकता है।

क्या पेट की सफाई शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का एक अच्छा तरीका है? – Is colon cleansing a good way to eliminate toxins from your body in Hindi?

हां, पेट की सफाई को शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का एक अच्छा तरीका माना जा सकता है। इसके अलावा, यह अन्य कई शारीरिक समस्याओं जैसे कब्ज, अपच, मोटापा और उच्च रक्तचाप में भी फायदेमंद हो सकता है (1)

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आर्टिकल के इस हिस्से में जानते हैं कि पेट साफ होने के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।

पेट साफ होने के फायदे : Benefits of Colon Cleansing in Hindi

पेट साफ करने के कई फायदे देखे गए हैं। यहां हम उन फायदों के बारे में आपको बता रहे हैं (1)  :

  • शारीरिक समस्याओं से बचाव : अगर पेट ठीक से साफ हो जाता है, तो पेट दर्द, जलन, खट्टी डकारें, सिर दर्द, कब्ज व गैस जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। वहीं, अगर अपने पेट के प्रति लापरवाह हैं, तो शरीर में कई बीमारियां प्रवेश कर सकती हैं।
  • मजबूत पाचन तंत्र : पाचन तंत्र को मजबूत रखने के लिए पेट का साफ रहना जरूरी है, वरना शरीर को ठीक से पोषण नहीं मिल पाएगा। स्वस्थ पाचन तंत्र भोजन ग्रहण करने से लेकर मल-मूत्र निकासी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है।
  • स्वस्थ दिनचर्या : कहते हैं कि अगर पेट साफ है, तो पूरा दिन स्वस्थ गुजरेगा। व्यक्ति किसी भी काम को पूरे जोश के साथ करेगा। साथ ही विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों का भी आनंद ले पाएंगा।
  • काम पर ध्यान : घर हो या दफ्तर अगर पेट साफ नहीं है, तो काम पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो सकता है। गैस और पेट में दर्द के कारण शरीर सुस्त पड़ सकता है। वहीं, अगर पेट साफ है, तो अपने काम पर पूरी तरह ध्यान दे पाएंगे।
  • बढ़ाता है ऊर्जा : पेट ठीक से साफ होने का मतलब है कि पाचन तंत्र मजबूत है। सही प्रकार से मल-मूत्र की निकासी से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह तेज हो सकता है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता : पेट का साफ होना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है, जिससे शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद मिल सकती है।
  • आर्थिक चपत से छुटकारा : यह कब्ज का मरीज ही बता सकता है कि उसे दवा-दारू का कितना खर्च उठाना पड़ता है। पेट साफ रखने के लिए लोग न जाने कौन-कौन से आधुनिक उपायों का सहारा लेते हैं, जो आर्थिक भार को बढ़ाते चले जाते हैं। अगर पेट साफ है, तो इन चक्करों में पड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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अब जानिए पेट साफ करने के कुछ आसान घरेलू उपाय।

पेट साफ कैसे करें : पेट साफ करने के 18 रामबाण और घरेलू  उपाय

मन में यह सवाल आ सकता है कि घर में पेट कैसे साफ करें? तो हम आपको बता दें कि घर में ही कुछ आसान उपायों के जरिए पेट साफ किया जा सकता है। नीचे हम पेट साफ करने के देसी नुस्खों को बता रहे हैं –

1. गुनगुना पानी

सामग्री :

  • एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे करें इस्तेमाल :

  • रोजाना सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी का सेवन करें।

कैसे है लाभदायक :

रोजाना गुनगुने पानी का सेवन पेट को साफ करने का काम कर सकता है। इस विषय पर हुए शोध में पता चला है कि नियमित रूप से गर्म पानी का सेवन पाचन शक्ति को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, यह शरीर से गंदगी को साफ कर प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बढ़ाने में मददगार हाे सकता है। शोध में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि गर्म पानी शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही गर्म पानी आंत में मौजूद खाद्य पदार्थों को तेजी से तोड़ने में मदद कर सकता है, जिससे उन्हें पचाने में आसानी हो सकती है (2)।

2. शहद और नींबू

सामग्री :

  • आधा चम्मच नींबू का रस
  • 1 या 2 चम्मच शहद
  • एक चुटकी नमक
  • 1 गिलास गुनगुना पानी 

कैसे करें इस्तेमाल :

  • एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नींबू का रस मिलाएं।
  • इस मिश्रण में नमक और शहद डालकर अच्छी तरह से मिला लें।
  • रोजाना सुबह इस मिश्रण का सेवन किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

नींबू में कई प्रकार के गुण होते हैं, जो पेट को साफ करने में मददगार हो सकते हैं। शोध के अनुसार नींबू में पाया जाने वाला एसिड पेट से मल को साफ करने में मददगार हो सकता है। साथ ही कब्ज की समस्या से राहत दिलाने का काम भी कर सकता है। इसके अलावा, शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि नींबू का उपयोग इसमें पाए जाने वाले विटामिन सी और फ्लेवोनोइड्स के कारण डिटॉक्सिफिकेशन के लिए भी किया जा सकता है (3)। वहीं, शहद का इस्तेमाल आंतों के बैक्टीरियल संतुलन को बनाए रखने में किया जा सकता है, जिससे सही पाचन को बढ़ावा मिल सकता है (4)।

3. अजवाइन

सामग्री :

  • एक चम्मच अजवाइन पाउडर
  • एक चम्मच जीरा पाउडर
  • आधा चम्मच अदरक पाउडर

कैसे करें इस्तेमाल :

  • उपरोक्त सामग्री को ठीक से मिला लें।
  • रोज सुबह-शाम इस मिश्रण को हल्के गर्म पानी के साथ लें।
  • चाहें, तो भोजन के बाद अजवाइन की कुछ मात्रा सीधे ले सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

पेट की समस्या और पेट के कीड़ों को दूर करने के लिए अजवाइन का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। इस विषय पर हुए शोध से पता चला है कि अजवाइन में एंटेलमिंटिक गुण पाए जाते हैं, तो आंतों में रहने वाले पैरासाइट्स को बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, इसका उपयोग डाइजेस्टिव एंजाइम की गतिविधि को बढ़ाने का काम कर सकता है, जिससे सही पाचन में मदद मिल सकती है (5)।

4. सेब

सामग्री :

  • रोज कम से कम एक सेब

कैसे करें इस्तेमाल :

  • सेब को सीधे या अन्य फलों के साथ फ्रूट सलाद बनाकर भी खा सकते हैं।
  • सेब का जूस निकालकर भी उसका सेवन कर सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

पेट की सफाई और पाचन तंत्र के लिए सेब का उपयोग किया जा सकता है। इसमें पॉलीफेनोल और पेक्टिन के साथ ही फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है। ये पोषक तत्व गट माइक्रोबायोटा (Gut Microbiota – आंत मे मौजूद सूक्ष्म जीव) की प्रणाली में सुधार करने, मल की निकासी को आसान करने और कब्ज की समस्या को ठीक करने में मददगार हो सकते हैं (6)।

5. दही

सामग्री :

  • दही (एक छोटा कटोरा) 

कैसे करें इस्तेमाल : 

  • दही का सेवन सीधे कर सकते हैं या
  • भोजन के साथ ले सकते हैं। 

कैसे है लाभदायक : 

दही का उपयोग पेट की सफाई में मददगार हो सकता है। एक रिसर्च के अनुसार दही के सेवन से गट माइक्रोबायोटा में सुधार किया जा सकता है। साथ ही इसमें लैक्टिक एसिड होता है, जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पेट और आंतों से संबंधित) फंक्शन में सुधार करने मददगार हो सकता है। साथ ही दही का सेवन कब्ज और डायरिया की समस्या को ठीक कर पाचन क्षमता को बढ़ाने में लाभदायक हो सकता है (7)। दही का दैनिक सेवन शरीर में प्रोबायोटिक्स के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है (8)।

6. सेब का सिरका

सामग्री :

  • सेब के टुकड़े (जार का एक तिहाई)
  • दो चम्मच चीनी

कैसे करें इस्तेमाल :

  • सेब के टुकड़ों को एक जार (1 लीटर) में डाल दें।
  • अब चीनी को एक कप पानी में घोल लें और जार में डाल दें।
  • जार को ढककर 3-5 हफ्तों के लिए छोड़ दें।
  • इसके बाद घोल को कपड़े की मदद से अच्छी तरह छान लें।
  • अब जार को साफ कर घोल को वापस उसी में डाल दें और 3-4 हफ्तों के लिए छोड़ दें।
  • गर्म पानी में एक चम्मच सेब का सिरका घोलकर सोने से पहले पिएं। जब तक समस्या ठीक न हो जाए यह प्रक्रिया जारी रखें।

कैसे है लाभदायक :

सेब का सिरका पाचन तंत्र को मजबूत रखने और आंतों की सफाई के लिए एक कारगर पेट साफ करने का तरीका हो सकता है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकता है। शोध के अनुसार सेब के सिरका का उपयोग शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में भी मददगार हो सकता है (9)।

7. कच्ची सब्जियों का जूस

सामग्री :

  • कच्ची सब्जी (गाजर, चुकंदर या पालक) आवश्यकतानुसार

कैसे करें इस्तेमाल :

  • कच्ची सब्जियों को साफ पानी में धोकर उसे छोटा-छोटा काट लें।
  • अब जूसर की मदद से इनका जूस निकाल लें।
  • इन सब्जियों का एक कप जूस प्रतिदिन ले सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

मानव के अच्छे स्वास्थ्य और अच्छे पाचन के लिए गट माइक्रोबायोटा का अहम योगदान हो सकता है। वहीं, फलों और सब्जियों से प्राप्त पॉलीफेनोल, ओलिगोसैकैराइड, फाइबर और नाइट्रेट जैसे जरूरी पोषक तत्वों में प्रीबायोटिक प्रभाव पाया जाता है, जो गट माइक्रोबायोटा फंक्शन में लाभदायक हो सकता है (9)। वहीं, हरी सब्जियां (जैसे गाजर, चुकंदर या पालक) फाइबर का अच्छा स्रोत होती हैं और फाइबर कब्ज जैसी समस्या में राहत पहुंचाकर पाचन प्रक्रिया का आसान बनाने में मदद कर सकता है (10)

8. समुद्री नमक

सामग्री :

  • समुद्री नमक (एक चौथाई चम्मच)
  • गर्म पानी (एक गिलास)

कैसे करें इस्तेमाल :

  • इसका इस्तेमाल गर्म पानी के साथ कर सकते हैं।
  • गर्म पानी में थोड़ा समुद्री नमक मिलाकर पीने से फायदा मिल सकता है।

कैसे है लाभदायक :

समुद्री नमक का उपयोग पेट साफ करने में मददगार हो सकता है। इस विषय पर हुए शोध के अनुसार गर्म पानी के साथ समुद्री नमक लेने से आंतों की सफाई की जा सकती है और इससे विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाला जा सकता है। पेट साफ करने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है (11)।

9. घृतकुमारी (एलोवेरा)

सामग्री :

  • एलोवेरा जेल (दो चम्मच)
  • 1 कप पानी

कैसे करें इस्तेमाल :

  • जूस बनाने के लिए एलोवेरा की ऊपरी परत को चाकू की मदद से हटा दें।
  • अब जूसर में साफ पानी और एलोवेरा जेल को डालकर जूस बना लें।
  • अब इस तरल को अच्छी तरह छान लें।
  • एक कप एलोवेरा जूस को सुबह खाली पेट ले सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

सेहत के लिए एलोवेरा के फायदे देखे गए हैं। साथ ही यह पेट को साफ करने और मल को निकालने में भी मददगार हो सकता है। शोध में पाया गया कि एलोवेरा में लैक्सेटिव गुण होते हैं। यह गुण मल को चिकना करके निकालने में मददगार हो सकते हैं। इससे कब्ज की समस्या में भी राहत मिल सकती है (12)।

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10. बेकिंग सोडा

सामग्री :

  • आधा चम्मच बेकिंग सोडा
  • गर्म पानी (एक गिलास) 

कैसे करें इस्तेमाल :

  • आधा चम्मच बेकिंग सोडा एक गिलास गर्म पानी में मिलाएं।
  • रोज सुबह खाली पेट इस पानी को पिएं।

कैसे है लाभदायक :

बेकिंग सोडा का उपयोग सेहत के लिए कई प्रकार से किया जाता है। दरअसल, इससे जुड़े एक शोध में कब्ज के लिए बेकिंग सोडा का जिक्र मिलता है, यानी यह पेट साफ करने में कुछ हद तक मददगार हो सकता है। हालांकि, यह कितना कारगर होगा, इस बात का जिक्र इस शोध में नहीं मिलता है। इसलिए, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है (13)।

11. अरंडी का तेल

सामग्री :

  • अरंडी का तेल (10 ml)
  • नींबू का रस (10 ml) 

कैसे करें इस्तेमाल :

  • अरंडी के तेल को नींबू के रस के साथ मिला लें।
  • रोज सुबह खाली पेट इस मिश्रण का सेवन करें।
  • 15-20 मिनट के बाद एक गिलास गुनगुना पानी पिएं। 

कैसे है लाभदायक :

पेट साफ करने का एक गुणकारी तरीका अरंडी के तेल का उपयोग भी हो सकता है। दरअसल, अरंडी के तेल में लैक्सेटिव गुण पाया जाता है, जो पेट से मल को निकालने में मददगार हो सकता है। इसके साथ ही यह आंतों में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकाल आंतों को साफ करने में मदद कर सकता है (14)।

12. मेथी के बीज

सामग्री :

  • 1 छोटा चम्मच मेथी के बीज
  • थोड़ा सा गुड़ 

कैसे करें इस्तेमाल :

  • सबसे पहले मेथी के बीजों को अच्छी तरह से पैन में सेंक लीजिए।
  • इसके बाद इसमें गुड़ मिलाकर सेवन किया जा सकता है। 

कैसे है लाभदायक :

मेथी का उपयोग न केवल व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जा सकता है, बल्कि सेहत के लिए भी इसके फायदे देखे गए हैं। यह पेट साफ करने में मददगार हो सकती है। रिसर्च में पाया गया कि इसमें लैक्सेटिव गुण होते हैं, जो मल को मुलायम बनाकर बाहर निकालने में मदद कर सकता है। इससे पेट की अन्य समस्याएं जैसे अपच और गैस में भी फायदा मिल सकता है (15)।

13. ईसबगोल

सामग्री :

  • 1 गिलास दूध
  • 1 चम्मच ईसबगोल 

कैसे करें इस्तेमाल :

  • दूध को गर्म करें।
  • इसमें ईसबगोल डाल कर कुछ देर के लिए छोड़ दें।
  • रोजाना सुबह इस मिश्रण का सेवन किया जा सकता है। 

कैसे है लाभदायक :

पेट को साफ करने के लिए ईसबगोल फायदेमंद हो सकता है। एक अध्ययन में ईसबगोल का सेवन कब्ज से निजात पाने में फायदेमंद माना गया है। दरअसल, यह आंतोंं में पानी से स्तर को बढ़ाने में सहायक हो सकता है, जिससे मल निकासी की प्रक्रिया आसान हो सकती है (16)। ऐसे में हम कह सकते हैं कि ईसबगोल का उपयोग पेट साफ करने में मददगार हो सकता है।

14. अलसी के बीज

सामग्री :

  • एक चम्मच अलसी
  • एक गिलास दूध
  • एक गिलास गर्म पानी

कैसे करें इस्तेमाल :

  • अलसी के बीजों का पाउडर बना लें।
  • अब एक गिलास दूध या गर्म पानी में अलसी का पाउडर डालें।
  • सोने से पहले इसका सेवन करें।
  • इसके अलावा, अलसी पाउडर (10 ग्राम) को सुबह खाली पेट शहद (30 से 40 ग्राम) के साथ भी ले सकते हैं। 

कैसे है लाभदायक :

कब्ज की समस्या में अलसी के फायदे देखे जा सकते हैं, क्योंकि यह आंतों की इस समस्या से छुटकारा दिलाने में मददगार हो सकती है। शोध के अनुसार, अलसी के बीज में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है। वहीं, फाइबर मल को निकालने और आंतों की सफाई में मददगार हो सकता है (17)। इससे हम कह सकते हैं कि आंतों और पेट की सफाई में अलसी के बीज फायदेमंद हो सकते हैं।

15. त्रिफला

सामग्री :

  • एक चम्मच त्रिफला चूर्ण
  • गर्म दूध या फिर गर्म पानी

कैसे करें इस्तेमाल :

  • त्रिफला चूर्ण रात में सोने से पहले ले सकते हैं।
  • एक चम्मच चूर्ण फांकने के बाद हल्का गर्म पानी या दूध पी लें।

कैसे है लाभदायक :

त्रिफला चूर्ण का सेवन पेट साफ करने का एक कारगर उपाय हो सकता है। दरअसल, इसमें लैक्सेटिव गुण पाए जाते हैं, जो मल को निकालने में मददगार हो सकते हैं। कब्ज जैसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए इसे एक असरदार आयुर्वेदिक दवा माना गया है। इसके अलावा, यह बड़ी आंत से विषाक्त पदार्थों को साफ करने के लिए एक क्लीनर के रूप में कार्य कर सकता है (18)।

16. तुलसी

सामग्री :

  • थोड़े-से तुलसी के पत्ते
  • शहद (1 चम्मच)
  • गर्म पानी (एक गिलास)
  • नींबू का रस (आधा चम्मच)

कैसे करें इस्तेमाल :

विधि 1 :

  • तुलसी के पत्तों (10-15) को खाली पेट सुबह-सुबह चबा सकते हैं।
  • तुलसी के रस (आधा चम्मच) के साथ थोड़ा शहद (1 चम्मच) मिलाकर ले सकते हैं।
  • एक गिलास गर्म पानी में तुलसी की 5-6 पत्तियां डालकर पी सकते हैं।

विधि 2 :

  • तुलसी की चाय बनाकर ले सकते हैं। इसके लिए तुलसी की 5-6 पत्तियों को आधे कप पानी में मध्यम आंच पर उबालें ( 5-8 मिनट)।
  • अब उसमें एक चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू का रस डाल दें और धीरे-धीरे पिएं।

कैसे है लाभदायक :

तुलसी का उपयोग कई प्रकार से किया जाता है। रसोई के साथ ही इसे आयुर्वेद में भी विशेष स्थान प्राप्त है। पेट को साफ करने और लिवर से टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने के लिए भी यह फायदेमंद हो सकती है। शोध के अनुसार तुलसी में फेनोलिक कंपाउंड और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये गुण शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में लाभदायक हाे सकते हैं (19) (20)।

17. नारियल का पानी

 सामग्री :

  • 1 गिलास नारियल पानी

कैसे करें इस्तेमाल :

  • रोज एक गिलास नारियल का पानी पर्याप्त है।

कैसे है लाभदायक :

नारियल का पानी बहुत गुणकारी होता है, यह इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकता है और पेट को शांत रख सकता है। वहीं, यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर करने का काम भी कर सकता है। नारियल का पानी कई प्रकार के पोषक तत्व जैसे फाइबर, प्रोटीन और विटामिन के साथ ही एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुणों से भरपूर होता है। यह शरीर को डिटॉक्सीफाई करने के साथ ही पाचन तंत्र को साफ करने में भी मदद कर सकता है (21)।

18. फाइबर फ्रूट

 सामग्री :

  • फाइबर से युक्त फल (आवश्यकतानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल :

  • फाइबर से युक्त फलों को स्लाइस में काट लें और सेवन करें।

कैसे है लाभदायक :

कीवी फ्रूट, केला और आलूबुखारा कुछ ऐसे फल हैं, जिनमें फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है। वहीं, फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करने और सही पाचन को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है (22)। इसके अलावा, पपीता का सेवन भी पेट को साफ रखने में मददगार हो सकता है। इसमें भी फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है (23)

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आगे जानिए पेट साफ करने के कुछ और आसान उपाय।

पेट साफ करने के लिए कुछ और उपाय

ऊपर दिए गए घरेलू नुस्खों के अलावा पेट साफ करने के लिए कुछ अन्य टिप्स को भी अपनाया जा सकता है। यहां हम आपको बता रहे हैं पेट साफ करने के कुछ और आसान उपाय।

  • भरपूर मात्रा में पानी : शरीर में पानी की कमी के कारण कई परेशानियां खड़ी हो जाती हैं, इसलिए रोजाना भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए। सुबह उठकर दो गिलास पानी और सोने से पहले एक गिलास पानी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं इससे पेट साफ बना रहता है। ध्यान रहे कि भोजन के तुरंत बाद पानी न पिएं। पानी पीने की प्रक्रिया दिन भर जारी रखें (24)।
  • योगासन : कब्ज से छुटकारा पाने के लिए योगासन का सहारा ले सकते हैं। ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, कटिचक्रासन, त्रिकोणासन, पश्चिमोत्तानासन, उत्तरासन व सेतु बंधासन पेट साफ करने के कारगर आसन माने गए हैं। ये आसन आंतरिक संरचना और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं (25)।
  • वमन विधि : पेट साफ रखने के तरीकों के रूप में वमन विधि प्रयोग में ला सकते हैं। पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का यह एक सटीक और कारगर तरीका हो सकता है। इसे करने के लिए सुबह उठते ही पेट भरकर पानी पी लें और दो उंगलियों को गले में डालकर पानी को पेट से बाहर निकालें। यह लगभग उल्टी करने जैसा है, लेकिन इसमें स्वयं बल लगाना पड़ता है। ऐसा करने से खाद्य नली से लेकर आंतें तक साफ हो सकती हैं। इस विधि का प्रयोग बच्चों से न करवाएं और अगर कोई पहली बार कर रहा है, तो किसी योग्य ट्रेनर की देखरेख में ही करें (26)।
  • हींग का इस्तेमाल : हींग भी पेट के लिए काफी लाभदायक माना जा सकता है। इसका प्रयोग अक्सर भोजन बनाने में किया जाता है। अगर  पेट साफ न होने की समस्या से जूझ रहे हैं, तो हींग का प्रयोग अपने भोजन में शुरू कर दें। सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी के साथ चुटकी भर हींग पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। हींग भोजन पचाने में मदद कर सकता है और शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकाल सकता है (27)।
  • रुबर्ब : पेट साफ करने की दवा की दवा के रूप में रूबर्ब का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक गुणकारी पौधा है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय से भोजन और दवा के रूप में किया जा रहा है। यह दिखने में पालक की तरह होता है, जिसकी एक लंबी डंठल होती है। रूबर्ब की डंठल औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसे बारीक काटकर सॉस के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। दस्त, कब्ज, गैस और अन्य पेट संबंधी परेशानियों के निवारण के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं (28)।
  • रखें उपवास : अगर कब्ज की समस्या से ज्यादा परेशान हैं, तो एक या दो दिन का उपवास रख सकते हैं। इस दौरान, सिर्फ फल और जूस का सेवन करें। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। ऐसा करने से शरीर से जहरीले और अपच पदार्थ बाहर निकल सकते हैं। शरीर को डिटॉक्सीफाई करने का यह एक कारगर तरीका है (29)।

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आगे जानें पेट साफ करने से जुड़े कुछ जरूरी टिप्स।

 पेट को साफ करने के लिए जरूरी टिप्स – Tips for safe colon cleansing in Hindi 

पेट साफ करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इसकी जानकारी हम नीचे दे रहे हैं –

  • पेट से संबंधित किसी भी प्रकार की गंभीर समस्या, जैसे आंतों में सूजन या अत्यधिक पेट दर्द में पेट साफ न करें।
  • पेट साफ करने के नुस्खों को अपनाने से पहले किसी डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • शारीरिक कमजोरी या किसी बीमारी की स्थिति में भी पेट साफ करने से बचना चाहिए।
  • पेट को साफ करने के लिए फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है, वे शरीर को अन्य पोषक तत्व भी प्रदान कर सकते हैं।
  • पेट साफ करने की किसी योग क्रिया को अपनाने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें और किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें।
  • तम्बाकू और शराब के सेवन से बचना चाहिए।
  • पानी के साथ अन्य पेय पदार्थों (फलों और सब्जियों का जूस) का ज्यादा से ज्यादा सेवन कर सकते हैं।

अंत तक पढ़ें

अंत में जानिए पेट साफ करने से जुड़े कुछ जोखिम के बारे में।

पेट साफ करने के जोखिम – Risks of a colon cleanse In Hindi

पेट की सफाई के फायदे होने के बाद भी यह कुछ दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है, इन दुष्प्रभावों में शामिल हैं (30) :

  • गंभीर दस्त
  • निर्जलीकरण यानी डिहाइड्रेशन
  • इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन
  • सिर दर्द
  • बेहोशी
  • कमजोरी

दोस्तों, पेट का साफ न होना, कई शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकता है, इसलिए इस विषय को गंभीरता से लें। वहीं, अगर आप इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो लेख में बताए गए पेट साफ रखने के उपाय अपना सकते हैं। इसके अलावा, अगर आप किसी गंभीर शारीरिक समस्या से जूझ रहे हैं, तो इन घरेलू नुस्खों को बिना डॉक्टरी परामर्श के न अपनाएं। इसके अलावा, अगर इन उपायों को करने के दौरान किसी तरह की शारीरिक समस्या सामने आती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उम्मीद करते हैं कि पेट साफ कैसे करें, इस विषय पर लिखा यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

पेट साफ होने में कितना समय लगता है?

पेट साफ होने में कितना समय लगता है, यह बता पाना मुश्किल है। अच्छा होगा इस विषय में डॉक्टरी परामर्श लिया जाए।

कैसे पता चलेगा कि आपका पेट साफ है?

पेट साफ होने पर स्टूल पतला निकलता है और हल्का महसूस करते हैं।

क्या पेट साफ करना सही है?

हां, पेट साफ करने से कई प्रकार की समस्याओं को दूर किया जा सकता है, जिनके बारे में हम ऊपर बता चुके हैं।

पेट साफ करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

पेट साफ करने का सबसे अच्छा और आसान तरीका है, रोजाना सुबह एक गिलास गर्म पानी पीना।

कैसे पता चलेगा कि पेट साफ करने की जरूरत है?

पेट साफ न होने के सबसे आम लक्षण हैं, कब्ज और सही समय पर लैट्रिन न आना। इनके जरिए आप जान सकते हैं कि आपको पेट साफ करने की जरूरत है।

मैं किस प्रकार से तुरंत लैट्रिन जा सकता हूं?

कुछ योग को अपना कर और अधिक मात्रा में गरम पानी पीकर तुरंत लैट्रिन जा सकते हैं। इसके लिए डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

पेट या आंतों को साफ करने से कितना वजन कम किया जा सकता है?

पेट साफ होना वजन नियंत्रण को बढ़ावा दे सकता है (1)। वहीं, यह बता पाना जरा मुश्किल होगा कि इससे कितना वजन कम किया जा सकता है।

प्रेगनेंसी में पेट साफ ना हो, तो क्या करें?

अगर प्रेगनेंसी में पेट साफ ना हो, तो समस्या गंभीर होने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

30 संदर्भ (Sources) :

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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