पिली नट्स, फल, एवं उसके तेल के फायदे और नुकसान – Pili Fruits, Nuts And Its Oil Benefits and Side Effects in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

दुनिया भर में कई तरह के नट्स पाए जाते हैं। इनमें से कुछ से हम अच्छी तरह से वाकिफ होते हैं, लेकिन कुछ नट्स ऐसे भी होते हैं, जिनके बारे में हम कुछ खास नहीं जानते हैं। इन्हीं में से एक नाम पिली नट्स का भी है, जिसके बारे में स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम चर्चा करने वाले हैं। यहां हम बताएंगे पिली नट्स क्या है। साथ ही, इस लेख में पिली फल और पिली नट्स खाने के फायदे और उपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई है। तो चलिए, बिना देर किए शुरू करते हैं लेख और जानते हैं पिली नट्स के फायदे।

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लेख में सबसे पहले जानेंगे पिली नट्स क्‍या है।

पिली नट्स क्‍या है – What are Pili Nuts in Hindi

पिली नट्स पिली नमक पेड़ पर लगने वाला एक प्रकार का फल है, जो बर्सेरासी (Burseraceae) परिवार की 600 प्रजातियों में से एक है। इसका वैज्ञानिक नाम कैनारियम ओवेटम (Canarium ovatum) है। यह फिलीपींस सहित दक्षिणी लूजोन और विसायस और मिंडानाओ के कुछ हिस्सों में पाया जाता है (1)

यह पेड़ अपने फलों के लिए जाना जाता है, जो 4 – 6 सेंटीमीटर तक लंबा होता है। इसका आकार आयताकार, अंडाकार जैसा होता है। सामान्य तौर पर, पिली फल के तीन भाग होते हैं- छिलका, गूदा और नट। फिलीपींस के बिकोल क्षेत्र में, पिली नट को समृद्ध पौष्टिक स्वाद और पोषक मूल्य के कारण आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है (2)

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चलिए, लेख में आगे पिली नट्स के फायदे जान लीजिए।

पिली नट्स के फायदे – Benefits of Pili Nuts in Hindi

यहां पिली नट्स और उसके तेल से होने वाले फायदों के बारे में बता रहे हैं, लेकिन उससे पहले हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि पिली नट्स या फिर उससे बना कोई भी उत्पाद किसी भी गंभीर समस्या का सम्पूर्ण इलाज नहीं है। यह केवल कुछ रोगों के लक्षणों को काफी हद तक कम कर सकता है। चलिए अब जानते हैं पिली नट्स खाने के फायदे –

1. पोषक तत्वों से भरपूर कर्नेल

पिली फल के कर्नेल (kernel- नट्स) को इसका सबसे महत्वपूर्ण भाग माना जाता है, क्योंकि यह कई पोषक तत्वों के भरपूर होता है। पिली नट्स को कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए, नियासिन और राइबोफ्लेविन का एक समृद्ध स्रोत माना जाता है। यही नहीं, इसमें आवश्यक मिनरल्स, जैसे- सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस के साथ-साथ आयरन, जिंक, कॉपर और मैंगनीज भी मौजूद होते हैं (1)। बता दें कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ये विटामिन्स और मिनरल्स आवश्यक माने जाते हैं (3)

2. हृदय स्वास्थ्य के लिए

पिली फल स्वस्थ हृदय को बढ़ावा देने में भी मददगार साबित हो सकता है। एक शोध में साफ तौर से जिक्र मिलता है कि पिली फल का अर्क टैनिन जैसे पॉलीफेनोल कंपाउंड से समृद्ध होता है। वहीं, टैनिन कार्डियो प्रोटेक्टिव इफेक्ट (cardioprotective effects) प्रदर्शित कर सकता है, जो हृदय की रक्षा करने में सहायक साबित हो सकता है (4)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि हृदय रोग से बचने के लिए पिली नट्स खाने के फायदे देखे जा सकते हैं।

3. एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत

फ्री रेडिकल्स यानी मुक्त कणों से रक्षा करने के लिए भी पिली नट्स का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, फ्री रेडिकल्स शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का मुख्य कारण बन सकता है, जो हृदय रोग, पार्किंसंस रोग, कैंसर, अल्जाइमर रोग, मोतियाबिंद सहित मधुमेह की समस्या का जोखिम बढ़ा सकता है (5)। ऐसे में इन रोगों को दूर रखने के लिए एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना लाभकारी साबित हो सकता है। बता दें कि पिली फल का गूदा प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट का बहुत अच्छा स्रोत माना जाता है (6)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि पिली फल का सेवन मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाव करने में सहायक साबित हो सकता है।

4. लिवर के स्वास्थ्य के लिए

पिली नट्स का सेवन लिवर के लिए भी लाभकारी माना जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस पर हुए शोध बताते हैं कि पिली फल का अर्क फ्लावोनोइड्स ( flavonoid) जैसे पॉलीफेनोल कंपाउंड से भरपूर होता है। बताया जाता है कि फ्लावोनोइड्स हेपेटोप्रोटेक्टिव (hepatoprotective) प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है, जो लिवर को नुकसान पहुंचने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (4)। यही वजह है कि लिवर की रक्षा के लिए पिली फल का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है।

5. संक्रमण से बचाने में सहायक

शरीर को कई तरह के संक्रमण से बचाने के लिए भी पिली फल का इस्तेमाल करना लाभकारी साबित हो सकता है। जैसा कि हमने लेख में बताया कि पिली फल का अर्क फ्लावोनोइड्स से समृद्ध होता है। वहीं, इस पर हुए शोध बताते हैं कि फ्लेवोनोइड्स एंटी बैक्टीरियल (बैक्टीरिया से बचाने वाला) के अलावा एंटीवायरल (वायरस संक्रमण से बचाने वाला) गतिविधियां प्रदर्शित कर सकता है (4)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि संक्रमण से बचाव व पनपने से रोकने के लिए पिली फल का सेवन कुछ हद तक कारगर माना जा सकता है।

6. मलेरिया से बचाव

मलेरिया की समस्या से बचाव के लिए भी पिली फल लाभकारी माना जा सकता है। दरअसल, पिली फल के अर्क में टेरपिन (Terpenes-एक तरह का कंपाउंड) मौजूद होता है। बता दें कि टेरपीन मलेरिया के खिलाफ एक शक्तिशाली कार्रवाई कर सकता है। यही नहीं, इस पर हुए शोध की मानें तो वायरस और बैक्टीरिया के कारण होने वाले विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोगों से भी रक्षा करने में भी टेरपिन मददगार साबित हो सकता है (4)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि मलेरिया से बचाव के लिए पीली फल खाने के फायदे देखे जा सकते हैं।

7. सूजन में मददगार

सूजन संबंधी समस्या से राहत पाने के लिए भी पिली फल का सेवन उपयोगी साबित हो सकता है। दरअसल, पिली फल के अर्क में फ्लावोनोइड्स, टैनिन और एनथराक्विनोन (Anthraquinones) मौजूद कंपाउंड एंटी इंफ्लामेटरी गुण प्रदर्शित कर सकते हैं। इसका यह गुण सूजन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक साबित हो सकता है (4)

8. एनीमिया से बचाव

पिली नट्स खाने के फायदे में एनीमिया से बचाव भी शामिल है। बता दें कि एनीमिया की समस्या का मुख्य कारण शरीर में आयरन की कमी को माना जाता है (7)। ऐसे में पिली नट्स के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में साफ तौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि पिली नट्स विशेष रूप से आयरन से भरपूर होते हैं (8)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि एनीमिया के लिए डाइट चार्ट में पिली नट्स को शामिल करना कुछ हद तक कारगर साबित हो सकता है।

9. कैल्शियम से भरपूर

पीली नट्स शरीर में कैल्शियम की कमी को भी पूरा करने में सहायक भूमिका निभा सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में बताया गया है कि शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। यही नहीं, कैल्शियम की कमी मांसपेशियों में ऐंठन, हृदय संबंधी समस्याएं आदि का भी कारण बन सकती है (9)। ऐसे में इन सभी समस्या से बचाव के लिए पिली नट्स खाने के फायदे देखे जा सकते हैं। बता दें कि पिली नट्स कैल्शियम से समृद्ध होते हैं। 100 ग्राम पिली नट में कम से कम 230 मिलीग्राम कैल्शियम मौजूद होता है (1)

10. कैंसर

कैंसर जैसी गंभीर समस्या से बचाव के लिए भी पीली नट्स का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि पिली नट्स के अर्क में एंटी कैंसर (कैंसर से बचाने वाला) प्रभाव मौजूद होता है (6)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि कैंसर से बचाव के लिए पिली नट्स खाना फायदेमंद हो सकता है। बता दें कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है, इसलिए डॉक्टर से इसका इलाज करवाना जरूरी है। घरेलू नुस्खों की मदद से इस बीमारी का इलाज संभव नहीं है।

अभी बाकी है जानकारी

पिली नट्स खाने के फायदे जानने के बाद इसमें मौजूद पौष्टिक तत्वों के बारे में भी जान लीजिए।

पिली नट्स के पौष्टिक तत्व – Pili Nut Nutritional Value in Hindi

पिली नट्स कई प्रकार के पौष्टिक तत्वों से समृद्ध होता है। यहां हम उन्ही पौष्टिक तत्वों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो पिली नट्स में मौजूद होते हैं (1)

पोषक तत्वमात्रा
सोडियम158 मिलीग्राम
पोटेशियम513 मिलीग्राम
कैल्शियम230 मिलीग्राम
मैग्नीशियम365 मिलीग्राम
फास्फोरस131 मिलीग्राम
आयरन229.75 मिलीग्राम
जिंक72.01 मिलीग्राम
कॉपर121.75 मिलीग्राम
मैंगनीज156.25 मिलीग्राम
विटामिन ए455.1मिलीग्राम
नियासिन8.50 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन5.50 मिलीग्राम
थायमिन1.25 मिलीग्राम
विटामिन-सी8.60 मिलीग्राम
विटामिन-ई8.98 मिलीग्राम

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अब बारी है पिली नट्स के इस्तेमाल के बारे में जानने की।

पिली नट्स का उपयोग – How to Use Pili Nuts in Hindi

पिली नट्स का उपयोग निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है (1) (2)

  • पिली नट्स के कर्नेल भाग (बीज) का दूसरे नट्स की तरह कच्चा सेवन किया जा सकता है।
  • चाहें तो इसे भुन कर भी खा सकते हैं।
  • इसके अलावा, इसे चाशनी में डुबोकर भी खाया जा सकता है।
  • पिली नट्स का उपयोग केक, चॉकलेट और आइसक्रीम बनाने में भी किया जा सकता है।
  • यही नहीं, पिली नट्स के तेल का उपयोग खाना पकाने के लिए भी किया जा सकता है ।
  • इसके अलावा सलाद में भी पिली नट्स के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पिली नट्स का सेवन कब किया जा सकता है :

  • पिली नट्स का उपयोग सुबह के नाश्ते में किया जा सकता है।
  • चाहें तो स्नैक्स के रूप में भी पिली नट्स का उपयोग कर सकते हैं।

पिली नट्स कितना खाएं –

पिली नट्स खाने के फायदे तभी तक है, जब तक इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाए। वहीं, इसके सेवन को लेकर कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं इसलिए इसके सेवन से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर ले लें।

यह भी पढ़ें

लेख के अंत में हम पिली नट्स के नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

पिली नट्स के नुकसान – Side Effects of Pili Nuts in Hindi

पिली नट्स के फायदे के बारे में हम लेख में बता ही चुके हैं। लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से यह स्वास्थ्य को नुकसान भी पहुंचा सकता है। नीचे जानिए पिली नट्स के नुकसान क्या हैं-

  • कुछ मामलों में पिली नट एलर्जी का कारण बन सकता है। हालांकि ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है (10)
  • इसके अलावा, पिली नट का अधिक मात्रा में सेवन विषाक्तता का कारण भी बन सकता है (1)
  • पिली नट्स में पोटेशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है (1)। बता दें कि अधिक मात्रा में पोटेशियम का सेवन, हाइपरकलेमिया (खून में सामान्य से अधिक मात्रा में पोटेशियम का होना) की समस्या का कारण बन सकता है (11)

इस लेख को पढ़ने के बाद अब आप पिली नट्स से अच्छी तरह से वाकिफ हो चुके होंगे। यहां हमने पिली नट्स क्या है, यह समझाने के साथ-साथ पिली नट्स के खाने के फायदे और उपयोग के बारे में भी बताया है। ऐसे में विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए पिली नट्स को डाइट में शामिल करने में कोई बुराई नहीं है। वहीं, इसकी मात्रा को लेकर सावधानी बरतनी जरूरी है, क्योंकि अधिक मात्रा में इसका सेवन हानिकारक साबित हो सकता है। वैसे तो सीमित मात्रा में इसका सेवन सुरक्षित माना जा सकता है। वहीं, किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को पिली नट्स का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मैं पिली नट्स कहां से खरीद सकता हूँ?

पिली नट्स को किसी भी ड्राई फ्रूट्स की दुकान या ऑनलाइन माध्यम से खरीद सकते हैं। वहीं, सामान्य किराने की दुकान पर इसे प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है।

पीली नट्स किस चीज से बने होते हैं?

पिली नट्स एक प्रकार का प्राकृतिक खाद्य पदार्थ है। यह कई पौष्टिक तत्वों, जैसे – सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस, आयरन, जिंक, कॉपर और मैंगनीज से मिलकर बना होता है (1)

क्या रोजाना नट्स खाना ठीक है?

हां, सीमित मात्रा में रोजाना नट्स का सेवन किया जा सकता है।

क्या पिली नट्स वजन घटाने के लिए अच्छा है?

पिली नट्स वजन घटाने के लिए अच्छा माना जा सकता है या नहीं, फिलहाल इस बारे शोध की कमी है।

Sources

Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Read our editorial policy to learn more.

  1. The Nutrient Composition of Pili Fruit (Canarium Ovatum) Kernel
    https://www.elixirpublishers.com/articles/1391775520_67%20(2014)%2021565-21568.pdf
  2. Philippine Pili: Composition of the lipid molecular species
    https://www.researchgate.net/publication/285215963_Philippine_Pili_Composition_of_the_lipid_molecular_species
  3. Vitamins and Minerals: Types, Sources and their Functions
    https://www.researchgate.net/publication/342571945_Vitamins_and_Minerals_Types_Sources_and_their_Functions
  4. Heavy metal and microbiological profiles of defatted pili (Canarium ovatum, Engl.) pulp meal residue and acute oral toxicity of its ethanolic extract in mice
    http://www.ifrj.upm.edu.my/24%20(04)%202017/(54).pdf
  5. Antioxidants: In Depth
    https://www.nccih.nih.gov/health/antioxidants-in-depth
  6. Evaluation of the antioxidant and anticancer activities of Canarium ovatum (Burseraceae) pulp extracts
    https://www.researchgate.net/publication/320344853_Evaluation_of_the_antioxidant_and_anticancer_activities_of_Canarium_ovatum_Burseraceae_pulp_extracts
  7. Anemia
    https://medlineplus.gov/anemia.html
  8. Nutritional quality of almond, canarium, cashew and pistachio and their oil photooxidative stability
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6400731/
  9. Dietary Calcium
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK549792/
  10. Tree Nut and Peanut Consumption in Relation to Chronic and Metabolic Diseases Including Allergy
    https://academic.oup.com/jn/article/138/9/1757S/4750852
  11. Potassium in diet
    https://medlineplus.gov/ency/article/002413.htm
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