क्या खाने से पिम्पल (मुंहासे) नहीं होते हैं? – Diet For Pimple Free Skin in Hindi

Written by , MA (Mass Communication) Anuj Joshi MA (Mass Communication)
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मुंहासों की वजह से होने वाले दर्द और इनके दाग से छुटकारे के लिए क्रीम, दवाई, फेसवॉश और न जाने क्या-क्या जतन हम करते हैं। लाख कोशिश के बाद भी कई बार मुंहासों का पनपना कम नहीं होता। कभी सोचा है आपने इसके पीछे का कारण क्या हो सकता है? नहीं न! इसकी वजह कुछ और नहीं बल्कि ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जो पिम्पल को बढ़ाते व प्रभावित करते हैं (1)। इसी वजह से स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम पिम्पल की समस्या को बढ़ावा न देने वाले आहार के बारे में बता रहे हैं। नीचे विस्तार से पढ़ें मुंहासे को रोकने के लिए आहार के बारे में।

शुरू करते हैं लेख

बिना इधर-उधर की बात किए सीधे पिम्पल से बचने के लिए आहार के बारे में जानते हैं।

पिम्पल (मुंहासे) से बचने के लिए आहार – Diet For Acne Free Skin in Hindi

नीचे कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताया जा रहा है, जो मुंहासों से बचाव और इन्हें कम करने में सहायक हो सकते हैं। इन खाद्य पदार्थों को मुंहासों का इलाज न समझें। समस्या अगर गंभीर है, तो किसी त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क जरूर करें।

1. लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) आहार

ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) एक तरह माप है, जो बताता है कि भोजन कितनी जल्दी रक्त शर्करा (ग्लूकोज) को बढ़ा सकता है। केवल ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें कार्बोहाइड्रेट होते हैं, वो जीआई श्रेणी में आते हैं। सामान्य तौर पर कहें, तो कम जीआई वाले खाद्य पदार्थ शरीर में ग्लूकोज को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं (2)। यह कम ग्लाइसेमिक वाले आहार मुंहासे की संवेदनशीलता में सुधार कर सकते हैं। इसी वजह से पोषण संबंधी जीवनशैली में बदलाव एक्ने के लिए जरूरी माना जाता है (3)।

खाद्य पदार्थ:

मुंहासे से बचाव करने वाले आहार में शामिल लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स युक्त खाद्य पदार्थ कुछ इस प्रकार हैं (2):

  • जौ और पास्ता
  • क्विनोआ (एक तरह का अनाज)
  • दलिया (ओटमील)
  • उच्च फाइबर वाले अनाज
  • गाजर, फलियां, सेम और हरी सब्जियां
  • अन्य स्टार्च रहित सब्जियां
  • सेब, संतरे या अंगूर
  • दूध और दही

2. ओमेगा-3 फैटी एसिड

ओमेगा-3 फैटी एसिड प्राकृतिक रूप से कई खाद्य पदार्थों में मौजूद होता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट में मौजूद एक रिसर्च में कहा गया है कि ओमेगा -3 फैटी एसिड के फायदे मुंहासे को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। इसमें जिक्र है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड मुंहासों की दर कम करने की क्षमता रखते हैं। वहीं, ओमेगा-3 के सप्लीमेंट लेने वाले लोगों में भी मुंहासों और इसकी वजह से होने वाली परेशानियों में कमी पाई गई है (4)।

खाद्य पदार्थ:

ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ की लिस्ट नीचे पढ़ें (5):

  • अखरोट, अलसी और चिया सीड्स
  • सोयाबीन का तेल , मछली का तेल, अलसी का तेल और कैनोला ऑयल
  • मछली और अन्य सी-फूड खासकर फैटी मछली जैसे – सैल्मन, मैकेरल, टूना, हेरिंग और सार्डिन्स
  • फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ यानी अलग से पोषक तत्वों को जोड़े गए पदार्थ (जैसे – कुछ ब्रांड के अंडे, दही, जूस, दूध, सोया मिल्क और शिशु फार्मूले)
  • क्रिल्ल ऑयल, कॉड लिवर ऑयल और शैवाल यानी एल्गी ऑयल

3. विटामिन-ए, डी और ई युक्त आहार

विटामिन-ए (रेटिनॉल) मुंहासों से लड़ने में मदद कर सकता है। पुरुषों और महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन के मुताबिक रेटिनॉल मुंहासे की सूजन को कम करने में प्रभावी हो सकता है (6)।

विटामिन-डी भी मुंहासों से बचाव में लाभदायक हो सकता है। एक स्टडी में पाया गया कि मुंहासे से पीड़ित लोगों में विटामिन डी का स्तर कम था (7)। एक अन्य अध्ययन में इस बात का जिक्र है कि विटामिन-डी की खुराक लेने से मुंहासों के लक्षणों में सुधार हो सकता है (8)।

इसके अलावा, विटामिन-ई को विटामिन-सी के साथ लेने से भी मुंहासे के एक प्रकार से बचा जा सकता है। यह दोनों विटामिन मिलकर मुंहासों को पनपने से रोक सकते हैं (9)।

विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थ:

विटामिन-ए से भरपूर खाद्य पदार्थ कुछ इस प्रकार हैं (10) (11) –

  • फोर्टिफाइड स्किम मिल्क और डेयरी उत्पाद
  • नारंगी, पीली सब्जियां और फल
  • मछली, जैसे सैल्मन, कॉड लिवर ऑयल और अंडा
  • बीटा-कैरोटीन के अन्य स्रोत जैसे – ब्रोकली, पालक और गहरी हरी व पत्तेदार सब्जियां
  • खरबूजा और आम

विटामिन-डी युक्त खाद्य पदार्थ :

विटामिन-डी युक्त खाद्य पदार्थ इस प्रकार हैं (12) –

  • कॉड लिवर ऑयल, सैल्मन फिश और अंडा
  • पोर्टाबेला और सफेद मशरूम
  • दूध फॉर्टिफाइड विद विटामिन-डी
  • चिकन ब्रेस्ट (भुना हुआ)

विटामिन-ई युक्त खाद्य पदार्थ :

विटामिन- ई से भरपूर खाद्य पदार्थ कुछ इस प्रकार हैं (13) –

  • सूरजमुखी के बीज, बादाम (सूखा भुना) और हेजलनट्स (सूखा भुना हुआ)
  • सूरजमुखी और कुसुम (Safflower) का तेल
  • मूंगफली का मक्खन
  • मूंगफली (सूखी भूनी हुई)
  • व्हीट जर्म ऑयल और कॉर्न ऑयल
  • उबला हुआ पालक और कटा व उबली हुई ब्रोकली
  • सोयाबीन तेल और कच्चा टमाटर
  • कीवी फ्रूट और आम

4. एंटीऑक्सीडेंट्स युक्त आहार

एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा का खाद्य पदार्थ में अधिक सेवन करने से भी एक्ने से बचा जा सकता है। दरअसल, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी मुंहासे के मुख्य कारणों में से एक है (14)। इससे बचाव करने में एंटीऑक्सीडेंट्स से समृद्ध खाद्य पदार्थ मदद कर सकते हैं (15)। एक रिसर्च में कहा गया है कि एक्ने की समस्या से जूझ रहे लोगों में एंटीऑक्सीडेंट्स की कमी होती है। शोध में इसके सप्लीमेंट के बाद एक्ने की स्थिति में सुधार पाया गया (16)। इसी वजह से मुंहासों के लिए एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है।

खाद्य पदार्थ:

आगे जानते हैं पिंपल से बचने के लिए आहार में क्या-क्या शामिल किया जाना चाहिए, जो एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर हों (17) (18)।

  • चकुंदर, अमरूद और नाशपाती
  • अनार, पपीता, तरबूज और सेब
  • आलूबुखारा, हरा कच्चा केला और उसका छिलका
  • गाजर, मटर और सफेद गोभी
  • टमाटर और सफेद प्याज
  • फूल गोभी और पालक

आगे पढ़ें

5. जिंक युक्त खाद्य पदार्थों से समृद्ध आहार

जिंक युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से भी ऐक्ने को कम करने में मदद मिल सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक शोध में भी इस बात का जिक्र किया गया है। शोध में कहा गया है कि जिन लोगों में जिंक की मात्रा कम पायी जाती है, उन्हें ऐक्ने होने का अधिक खतरा होता है (19)। इसी वजह से माना जाता है कि जिंक से भरपूर भोजन और फल का सेवन ऐक्ने से बचाव और इसे कम करने में लाभकारी साबित हो सकता है।

खाद्य पदार्थ:

आगे हम बता रहे हैं कौन से खाद्य पदार्थ जिंक से समृद्ध हैं, जिन्हें पिम्पल मुंहासे को रोकने के लिए आहार में शामिल कर सकते हैं (20)।

  • डिब्बाबंद या सादे बेक्ड बीन्स
  • पकाया हुआ चिकन डार्क मीट
  • सूखे हुए कद्दू के बीज
  • सूखा भुना हुआ काजू
  • पकाया हुआ मटर
  • चेडर, मोजेरेला और स्विस चीज़
  • दही और कम वसा या बिना वसा वाला दूध
  • ओटमील और हरे पके हुए व फ्रोजन मटर

6. डेयरी उत्पाद का सेवन नहीं या नियंत्रित सेवन

क्या खाने से पिम्पल होता है, अगर आप यह सोच रहे हैं, तो इसमें दूध का नाम शामिल हो सकता है। एक रिसर्च की मानें, तो अधिक दूध पीने से मुंहासे ज्यादा फैल सकते हैं। एक स्टडी में पाया गया है कि रोजाना 2 से 3 गिलास दूध पीने वालों में से 92 प्रतिशत व्यक्तियों में मुंहासे विकसित नहीं हुए। ऐसे में दूध पसंद करने वाले लोग दो से तीन गिलास तक दूध पा सकते हैं। इसी शोध में यह भी कहा गया है कि दूध और मुंहासे को लेकर अधिक अध्ययन की आवश्यकता है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि दूध मुंहासे होने का कारण है या सिर्फ दूध पीने से इनमें सिर्फ वृद्धि होती है (21)। ऐसे में पिंपल से बचने के लिए आहार में दूध की मात्रा को कम किया जा सकता है या फिर इसके विकल्प का सहारा ले सकते हैं।

विकल्प:

  • बादाम दूध
  • सोया दूध
  • नारियल का दूध

7. चॉकलेट और एक्ने

साल 2013 में हुए एक अध्ययन में कहा गया है कि चॉकलेट का सेवन करने से मुंहासों से संबंधित दो बैक्टीरिया स्ट्यूमिलेट होते हैं (22)। एक अन्य रिसर्च में भी जिक्र है कि चॉकलेट खाने से एक्ने होने की आशंका बढ़ सकती है (23)। हालांकि, कुछ अध्ययन कि मानें, तो चॉकलेट एक्ने को प्रभावित करते हैं, ऐसा नहीं कहा जा सकता है (21)। इसी वजह से इस संबंध में अधिक वृहद स्तर के शोध की आवश्यकता है।

अंत तक पढ़ें

आगे हम अन्य सप्लीमेंट के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आहार में शामिल करने से एक्ने को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

मुंहासों के लिए अन्य सप्लीमेंट

पिंपल दूर करने के लिए आहार में क्या शामिल किया जाना चाहिए, यह तो हम बता ही चुके हैं। फिर भी किसी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि पिम्पल हटाने के लिए क्या खाएं, तो हम नीचे कुछ सप्लीमेंट्स के बारे में बता रहे हैं। इन्हें आहार में शामिल करके एक्ने से बचाव किया जा सकता है।

सेलेनियम – पिंपल से बचने के लिए आहार में सेलेनियम को भी शामिल किया जा सकता है। एडवांसमेंट इन डर्मेटोलॉजी एंड एलर्जोलॉजी के एक अध्ययन में कहा गया है कि मुंहासे से पीड़ित लोगों के शरीर में सेलेनियम का स्तर कम हो सकता है।

वहीं, 47 महिलाओं और 42 पुरुषों में मुंहासे को लेकर हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि विटामिन ई और सेलेनियम के सप्लीमेंट 12 हफ्ते तक लेने से एक्ने की स्थिति में सुधार हो सकता है (24)। सेलेनियम के स्तर को बढ़ाने से इससे राहत पाई जा सकती है।

विटामिन-सी – विटामिन-सी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गतिविधि होती है। इस एक्टिविटी की वजह से विटामिन-सी का उपयोग मुंहासे से बचाव में किया जा सकता है। यह मुंहासे के कारण होने वाले घाव को भरने और इन्फ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन को रोकने में सहायक हो सकता है (25)।

ग्रीन-टी – पिम्पल मुंहासे को रोकने के लिए आहार में ग्रीन टी को भी शामिल कर सकते हैं। वैज्ञानिक अनुसंधान की मानें, तो ग्रीन टी का उपयोग मुंहासे से ग्रसित लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। मध्यम से गंभीर मुंहासे वाली 80 महिलाओं में हुए इस रिसर्च में पता चला है कि 4 सप्ताह में 1,500 मिलीग्राम ग्रीन टी सप्लीमेंट लेने वाले लोगों में अन्य लोगों की तुलना में मुंहासे से होने वाली क्षति कम थी (26)। दरअसल, ग्रीन टी में शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स और इसे एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं (27)।

अब आपके पास मुंहासों से बचाने वाले आहार की लिस्ट है। यह सभी जानकारी शोध के आधार पर हमने आपको दी हैं। इसलिए, यह मुंहासे की स्थिति में सुधार लाने में आपकी अवश्य मदद कर सकते हैं। बस ध्यान दें कि डाइट के साथ ही गंभीर मुंहासे होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना भी आवश्यक है। इस लेख को अपने दोस्तों के साथ साझा कर उन्हें भी पिम्पल डाइट के बारे में बताएं और एहसास दिलाएं कि आप उनकी कितनी केयर करते हैं।

References

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Anuj Joshi

Anuj Joshiचीफ एडिटर

अनुज जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। अनुज को प्रिंट व ऑनलाइन मीडिया जगत में काम करते हुए करीब 11 वर्ष हो गए हैं। इन्हें एडिटिंग व लेखन का अच्छा खासा अनुभव है। हिंदी के कई प्रमुख अखबारों में विभिन्न विषयों पर इनके लेख प्रकाशित हो चुके हैं। मुख्य रूप...read full bio

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