मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल के फायदे और उपयोग – Tea Tree Oil To Treat Acne in Hindi

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बेदाग त्वचा हर किसी को पसंद होती है। वहीं, कई बार कील-मुंहासों के कारण चेहरे की सुंदरता छिप जाती है, इसलिए इससे निजात पाना जरूरी हो जाता है। यूं तो मुंहासों से छुटकारा पाने के कई उपाय हैं, लेकिन स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम मुंहासों के लिए एक रामबाण इलाज लेकर आए हैं और वो है टी ट्री ऑयल। जी हां, इस लेख में हम मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल के लाभ और इसके उपयोग के तरीकों को बता रहे हैं। तो चलिए बिना देर किए पढ़िए मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल के फायदे।

शुरू करते हैं लेख 

आइये, सबसे पहले जानते हैं कि मुंहासों के लिए टी ट्री ऑयल कितना लाभकारी है। 

क्या टी ट्री ऑयल मुँहासे के लिए काम करता है? Does Tea Tree Oil actually work for Acne in Hindi?

हां, मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल का उपयोग एक कारगर नुस्खा माना जा सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर मौजूद रिसर्च की मानें, तो हल्के और मध्यम मुंहासे के उपचार के लिए टी ट्री ऑयल एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प साबित हो सकता है (1)। इस लाभ के पीछे टी ट्री ऑयल के एंटीसेप्टिक और एंटी माइक्रोबियल (बैक्टीरिया से लड़ने वाला) प्रभाव हो सकते हैं (2)। 

बने रहें हमारे साथ 

चलिए अब हम मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल के फायदे जान लेते हैं। 

मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल के फायदे – Tea Tree Oil Benefits for Acne in Hindi

मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल का उपयोग से पहले यहां हम इसके फायदों के बारे में बता रहे हैं। लेकिन, इससे पहले हम यह स्पष्ट कर दें कि टी ट्री ऑयल किसी भी तरह से मुंहासों का इलाज नहीं है। यह केवल इससे बचाव और इसके प्रभावों को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है। किसी को अगर गंभीर मुंहासों की समस्या है, तो वो एक बार त्वचा विशेषज्ञ के जरूर मिलें। अब जानें, मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल के लाभ :  

1. एंटी माइक्रोबियल गुण

इसमें कोई शक नहीं कि मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल का उपयोग बेहद फायदेमंद हो सकता है। जैसा कि हमने लेख के शुरुआत में ही बताया कि टी ट्री ऑयल एंटी माइक्रोबियल गुण से समृद्ध होता है। दरअसल, इस तेल में टेरपीनेन-4-ओल (terpinen-4-ol) नाम एक घटक मौजूद होता है, जो एंटी माइक्रोबियल गुण प्रदर्शित कर सकता है (3)। इसका यह गुण उन बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है, जो मुंहासों का कारण बनते हैं।

2. त्वचा से तेल को कम कर सकता है

ऑयली स्किन के लिए भी टी ट्री ऑयल का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, एक रिसर्च पेपर के मुताबिक, टी ट्री ऑयल त्वचा से अधिक तेल को निकाल कर उसे साफ करने में मदद कर सकता है (4)। वहीं, एक अन्य शोध के अनुसार, त्वचा से अधिक सीबम (तेल) का उत्पादन भी एक्ने का कारण बन सकता है (5)। ऐसे में टी ट्री ऑयल सीबम के उत्पादन को कम कर मुंहासों के उपचार में मदद कर सकता है।

3. सूजन कम करने में सहायक

एंटी माइक्रोबियल गुण होने के साथ-साथ टी ट्री ऑयल एंटी इंफ्लामेटरी गुण से भी समृद्ध होता है, जो मुंहासों के कारण होने वाली सूजन को कम करने में कारगर साबित हो सकता है (3)।

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नीचे जानिए विभिन्न सामग्रियों के साथ मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल का उपयोग।

मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल का उपयोग – How to Use Tea Tree Oil for Acne in Hindi

मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए टी ट्री ऑयल रामबाण साबित हो सकता है। इसलिए, यहां हम कुछ तरीकों को बता रहे हैं, जिसकी सहायता से मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल का उपयोग किया जा सकता है। तो चलिए जान लेते हैं वो तरीके :

1. टी ट्री ऑयल

सामग्री :

  • टी ट्री ऑयल – एक से दो बूंद
  • पानी – एक चम्मच

कैसे करें उपयोग :

  • सबसे पहले टी ट्री ऑयल को पानी में अच्छे से मिला लें।
  • अब कॉटन बॉल की मदद से इसे प्रभावित जगह पर लगाएं।
  • फिर 5 से 10 मिनट बाद चेहरा धो लें।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना दिन में एक बार करें।

कैसे है फायदेमंद :

जैसा कि हमने लेख के शुरुआत में ही बताया कि टी ट्री ऑयल एंटी माइक्रोबियल और एंटी इंफ्लामेटरी गुण से समृद्ध होता है, जो मुंहासों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया से लड़ने के साथ-साथ मुंहासों के कारण होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकता है (3)। इस प्रकार टी ट्री ऑयल मुंहासों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

2. लैवेंडर का तेल और टी ट्री ऑयल

सामग्री :

  • टी ट्री ऑयल – एक से दो बूंद
  • लैवेंडर का तेल – एक से दो बूंद

कैसे करें उपयोग :

  • सबसे पहले टी ट्री ऑयल में लैवेंडर का तेल अच्छे से मिला लें।
  • अब कॉटन बॉल की मदद से इस मिश्रण को प्रभावित जगहों पर लगाएं।
  • 5 से 10 मिनट बाद चेहरा धो लें।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना दिन में एक बार किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

टी ट्री ऑयल के साथ-साथ मुंहासों को दूर करने में लैवेंडर के तेल के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि एक्ने के उपचार में लैवेंडर का तेल सहायक साबित हो सकता है। इस शोध के अनुसार, यह तेल त्वचा की अन्य समस्याओं जैसे – ऑयली स्किन, बैक्टीरियल संक्रमण, जलन, सूजन, फंगल संक्रमण व घाव में भी मददगार साबित हो सकता है (6)। हालांकि, मुंहासों को कम करने में इसके कौन से गुण काम करते हैं, इसे लेकर अभी और शोध की आवश्यकता है।

3. टी ट्री ऑयल और बादाम का तेल

सामग्री :

  • टी ट्री ऑयल – एक से दो बूंद
  • बादाम का तेल – एक चम्मच

कैसे करें उपयोग :

  • सबसे पहले बादाम के तेल में टी ट्री ऑयल अच्छे से मिला लें।
  • अब कॉटन बॉल की मदद से इस मिश्रण को प्रभावित जगहों पर लगाएं।
  • 5 से 10 मिनट बाद चेहरा धो लें।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना दिन में एक बार करें।

कैसे है फायदेमंद :

टी ट्री ऑयल के साथ-साथ त्वचा के लिए बादाम का तेल भी गुणकारी माना जाता है। जैसा कि हमने लेख में पहले की बताया कि टी ट्री ऑयल मुंहासों से निजात दिलाने में मदद कर सकता है। वहीं, बादाम का तेल गहराई से त्वचा की सफाई कर सकता है, जिससे मुंहासों की समस्या कम हो सकती है। यही नहीं, बादाम का तेल त्वचा को नमी प्रदान कर सकता है। इसके अलावा, बादाम का तेल सभी प्रकार की त्वचा के लिए एक बेस्ट हीलिंग एजेंट के रूप में भी कार्य कर सकता है, जो घाव को जल्दी भरने में मदद कर सकते हैं (7)।

4. टी ट्री ऑयल और बेकिंग सोडा

सामग्री :

  • टी ट्री ऑयल – एक से दो बूंद
  • बेकिंग सोडा – एक चम्मच

कैसे करें उपयोग :

  • सबसे पहले टी ट्री ऑयल और बेकिंग सोडा को अच्छे से मिला लें।
  • अब इस मिश्रण को प्रभावित जगहों पर लगाएं।
  • ध्यान रहे इससे त्वचा को रगड़े नहीं।
  • 5 से 10 मिनट बाद जब यह सूख जाए, तो चेहरा धो लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में एक से दो बार कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

यूं तो त्वचा के लिए बेकिंग सोडा के फायदे कई सारे हैं। वहीं, इसका इस्तेमाल मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल के साथ किया जाए, तो यह और भी गुणकारी हो सकता है। दरअसल, बेकिंग सोडा में एंटी बैक्टीरियल प्रभाव पाया जाता है, जो मुंहासों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है (8)। इस आधार पर मुंहासों के उपचार के लिए टी ट्री ऑयल और बेकिंग सोडा का मिश्रण लाभकारी माना जा सकता है।

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5. टी ट्री ऑयल और नींबू का रस

सामग्री :

  • टी ट्री ऑयल – एक से दो बूंद
  • नींबू का रस – तीन से चार बूंद

कैसे करें उपयोग :

  • सबसे पहले टी ट्री ऑयल और नींबू के रस को अच्छे से मिला लें।
  • अब इस मिश्रण को रूई की मदद से प्रभावित जगहों पर इसे लगाएं।
  • 5 से 10 मिनट बाद चेहरा धो लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में तीन-से चार बार कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

मुंहासों से निजात पाने के लिए नींबू का उपयोग भी कारगर साबित हो सकता है। बता दें कि नींबू, एंटी बैक्टीरियल गुण से समृद्ध होता है, जो बैक्टीरिया की वजह से होने वाले मुंहासों से बचाव और इन्हें कम करने में मदद कर सकता है। यही नहीं, नींबू का एस्ट्रिंजेंट प्रभाव खुले रोम छिद्रों को बंद कर स्किन को टाइट और मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही नींबू में एंटीसेप्टिक गुण भी होते हैं, जो त्वचा को एक्सफोलिएट कर डेड सेल को निकालने में मदद कर सकते हैं (9)। 

6. टी ट्री ऑयल और कैलामाइन लोशन

सामग्री :

  • टी ट्री ऑयल – एक से दो बूंद
  • कैलामाइन लोशन – एक चम्मच

कैसे करें उपयोग :

  • सबसे पहले कैलामाइन लोशन में टी ट्री ऑयल मिलाएं।
  • फिर इस मिश्रण से प्रभावित जगहों की हल्की मसाज करें।
  • रात भर इसे लगा रहने दें और सुबह उठकर साफ गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में तीन से चार बार किया जा सकता है।  

कैसे है फायदेमंद :

मुंंहासों से छुटकारा पाने के लिए टी ट्री ऑयल के साथ कैलामाइन लोशन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। दरअसल, इससे संबंधित शोध से जानकारी मिलती है कि कैलामाइन लोशन में जिंक ऑक्साइड मौजूद होता है, जो एंटीबैक्टीरियल प्रभाव दिखा सकता है, जिससे मुंहासों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया से बचाव और इनसे लड़ने में मदद मिल सकती है (10)। यही कारण है कि मुंहासों के उपचार के लिए कैलामाइन लोशन का उपयोग फायदेमंद माना जा सकता है। वहीं, मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल के लाभ तो आप जान ही चुके हैं।

7. टी ट्री ऑयल और विच हेजल

सामग्री :

  • टी ट्री ऑयल – एक से दो बूंद
  • विच हेजल लिक्विड – एक चम्मच

कैसे करें उपयोग :

  • सबसे पहले विच हेजल में टी ट्री ऑयल मिला लें।
  • अब इस मिश्रण को रूई की मदद से प्रभावित जगहों पर लगाएं।
  • 5 से 10 मिनट बाद जब यह सूख जाए, तो चेहरा धो लें।
  • इस प्रक्रिया को दिन में एक बार कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

लेख में हमने मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल के लाभ तो बताए ही हैं। वहीं, अगर इसमें विच हेजल मिला दिया जाए, तो यह और भी लाभकारी हो सकता है। बता दें कि लंबे समय से विच हेजल का उपयोग एक एंटीसेप्टिक और एस्ट्रिंजेंट के रूप में मुँहासे के लिए किया जाता रहा है। इस बात की जानकारी एनसीबीआई की साइट पर मौजूद एक शोध से मिलती है (11)। ऐसे में यह माना जा सकता है कि टी ट्री ऑयल और विच हेजल मुंहासों के उपचार में लाभकारी साबित हो सकते हैं।

8. टी ट्री ऑयल और सेब का सिरका

सामग्री :

  • टी ट्री ऑयल – एक से दो बूंद
  • सेब का सिरका – एक चम्मच

कैसे करें उपयोग :

  • सबसे पहले टी ट्री ऑयल और सेब के सिरके को अच्छे से मिला लें।
  • अब रूई को इसमें भिगोकर प्रभावित जगहों पर लगाएं।
  • 5 से 10 मिनट बाद त्वचा धो लें।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना एक बार किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए टी ट्री ऑयल के साथ सेब के सिरके का इस्तेमाल भी कारगर साबित हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद रिसर्च पेपर से जानकारी मिलती है कि सेब के सिरके में एंटीमाइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं, जो मुंहासों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया पर प्रभावी रूप से काम कर सकते हैं (12)।

9. टी ट्री ऑयल और एलोवेरा जेल

सामग्री :

  • टी ट्री ऑयल – एक से दो बूंद
  • ताजा एलोवेरा जेल – एक चम्मच

कैसे करें उपयोग :

  • सबसे पहले एलोवेरा जेल में टी ट्री ऑयल को अच्छे से मिला लें।
  • फिर इस मिश्रण को प्रभावित जगहों पर लगाएं।
  • 15 मिनट बाद जब यह सूख जाए, तो चेहरा धो लें।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल के साथ-साथ एलोवेरा का उपयोग भी बेहद लाभकारी माना जाता है। दरअसल, एलोवेरा में एंटी एक्ने गुण मौजूद होता है, जो मुंहासों को ठीक करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, एलोवेरा एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लामेटरी गुणों से भी समृद्ध होता है, जो मुंहासों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद करने के साथ-साथ मुंहासों के कारण होने वाली सूजन से भी निजात दिलाने में मदद कर सकते हैं (13)।

अभी बाकी है लेख 

अंत में जानिए टी ट्री ऑयल के उपयोग से जुड़ी सावधानियां।

मुंहासों के लिए टी ट्री ऑयल का उपयोग करने से जुड़ी सावधानी

इस लेख में हमने मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल के लाभ तो बता दिए, लेकिन इसके उपयोग के समय कुछ सावधानी बरतनी भी जरूरी है। इसलिए, यहां हम मुँहासे के लिए टी ट्री ऑयल का उपयोग करने के टिप्स और सावधानी बता रहे हैं, जो इस प्रकार हैं :

  • अगर किसी की त्वचा संवेदनशील है, तो इसके इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
  • टी ट्री ऑयल का उपयोग कभी भी त्वचा पर सीधे न करें।
  • टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल करते वक्त ध्यान रखें कि यह आंखों में न जाए।
  • टी ट्री ऑयल लगाने के बाद अगर किसी को खुजली या अन्य किसी भी तरह की परेशानी हो रही हो, तो तुरंत इसे धो लें।
  • इसके अलावा, लेख में बताई गई अन्य किसी भी सामग्री से अगर किसी को एलर्जी है, तो उसका उपयोग न करें। इसके लिए लेख में बताए गए अन्य सुरक्षित उपाय किए जा सकते हैं। 

हम उम्मीद करते हैं कि हमारा यह लेख मुंहासों की समस्या को कुछ हद तक कम करने में आपके लिए मददगार साबित होगा। लेख में बताए गए सभी उपाय बेहद सरल हैं, जिन्हें घर बैठे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, इसके उपयोग के वक्त थोड़ा संयम बरतने की जरूरत है, क्योंकि इसका असर धीरे-धीरे ही हो सकता है। वहीं, लेख के हमने टी ट्री ऑयल के उपयोग से जुड़ी सावधानियां भी बताई हैं,  जिनका ध्यान भी जरूर रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

टी ट्री ऑयल के साथ मुँहासे का इलाज करने में कितना समय लगता है?

टी ट्री ऑयल के साथ मुँहासे का इलाज, मुंहासों की स्थिति पर निर्भर करता है। अगर मुंहासे हल्के हैं, तो एक से दो हफ्ते का समय लग सकता है। वहीं, अगर यह गंभीर हैं, तो इन्हें ठीक होने में थोड़ा लंबा समय भी लग सकता है।

मुँहासे के इलाज के लिए टी ट्री ऑयल को कैसे पतला करें?

मुँहासे के इलाज के लिए टी ट्री ऑयल को पतला करने के लिए उसमें बादाम का तेल या लैवेंडर का तेल मिला सकते हैं।

मुँहासे पर टी ट्री ऑयल का उपयोग कितनी बार करना चाहिए?

मुँहासे पर टी ट्री ऑयल का उपयोग दिन में एक बार किया जा सकता है। अच्छा होगा सावधानी के लिए इस विषय में त्वचा विशेषज्ञ से बात करें।

क्या टी ट्री ऑयल मुँहासे के निशान को कम कर सकता है?

मुंहासों के निशान को यह कम कर सकता है या नहीं, फिलहाल इस बारे में सटीक शोध की कमी है।

क्या टी ट्री ऑयल सीधे त्वचा पर लगा सकते हैं?

नहीं, टी ट्री ऑयल को सीधे त्वचा पर नहीं लगाना चाहिए। विभिन्न सामग्रियों के साथ इसके लगाने के सुरक्षित तरीके हमने ऊपर बताए हैं, जिनका इस्तेमाल आप कर सकते हैं।

Sources

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    1. The efficacy of 5% topical tea tree oil gel in mild to moderate acne vulgaris: a randomized, double-blind placebo-controlled study
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    2. A comparative study of tea-tree oil versus benzoyl peroxide in the treatment of acne
      https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/2145499/
    3. Melaleuca alternifolia (Tea Tree) Oil: a Review of Antimicrobial and Other Medicinal Properties
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1360273/
    4. Development and Preliminary Cosmetic Potential Evaluation of Melaleuca alternifolia cheel (Myrtaceae) Oil and Resveratrol for Oily Skin
      https://clinmedjournals.org/articles/ijdrt/journal-of-dermatology-research-and-therapy-ijdrt-2-032.php?jid=ijdrt
    5. Tea tree oil gel for mild to moderate acne; a 12 week uncontrolled, open-label phase II pilot study
      https://onlinelibrary.wiley.com/doi/pdf/10.1111/ajd.12465
    6. Commercial Essential Oils as Potential Antimicrobials to Treat Skin Diseases
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5435909/
    7. Microencapsulation Of Almond Oil And Its Application In Massaging Gel
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    8. Antibacterial activity of baking soda
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    9. Formulation and evaluation of herbal face mist
      http://www.jipbs.com/VolumeArticles/FullTextPDF/471_JIPBSV7I102.pdf
    10. Structural morphology of zinc oxide structures with antibacterial application of calamine lotion
      https://aip.scitation.org/doi/abs/10.1063/1.4915219
    11. Antioxidant and potential anti-inflammatory activity of extracts and formulations of white tea, rose, and witch hazel on primary human dermal fibroblast cells
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3214789/
    12. Antimicrobial activity of apple cider vinegar against Escherichia coli, Staphylococcus aureus and Candida albicans; downregulating cytokine and microbial protein expression
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5788933/
    13. Aloe Vera: A Short Review
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2763764/

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आवृति गौतम ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने अपने करियर की शुरूआत डिजिटल मीडिया से ही की थी। इस क्षेत्र में इन्हें काम करते हुए दो वर्ष से ज्यादा हो गए हैं। आवृति को स्वास्थ्य विषयों पर लिखना और अलग-अलग विषयों पर विडियो बनाना खासा पसंद है। साथ ही इन्हें तरह-तरह की किताबें पढ़ने का, नई-नई जगहों पर घूमने का और गाने सुनने का भी शौक है।

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