घरेलू उपचार

पित्ताशय की पथरी के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Gallbladder Stone Symptoms and Home Remedies in Hindi

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पित्ताशय की पथरी के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Gallbladder Stone Symptoms and Home Remedies in Hindi Hyderabd040-395603080 September 18, 2019

आज के दौर में हमारा जिस तरह का रहन-सहन और जीवनशैली है, उस कारण से हम कई शारीरिक समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। पित्ताशय की पथरी उन्हीं में से एक है। खासकर, महिलाओं और बुजुर्गों को पित्त की पथरी की परेशानी सबसे ज्यादा होती है। सिर्फ पित्ताशय की पथरी ही नहीं, बल्कि पथरी के कारण दर्द, सूजन, संक्रमण और यहां तक कि कैंसर जैसी घातक बीमारी भी हो सकती है।

पित्त की थैली में पथरी का तब तक पता नहीं चलता, जब तक कि वो दर्दनाक नहीं हो जाती है। वक्त रहते पित की पथरी का उपचार जरूरी है, वरना यह घातक भी हो सकती है। शुरुआती चरण में दवा के साथ-साथ कुछ घरेलू उपचार कारगर साबित हो सकते हैं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम पित्त की पथरी के लिए असरकारी घरेलू उपचार आपको बताएंगे। आप तैयार हो जाइए पित्त की थैली में पथरी से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए।

पित्त की पथरी का इलाज जानने से पहले हम यह पता करते हैं कि ‘पित्ताशय की पथरी क्या है?

पित्ताशय की पथरी क्या है – What is Gallbladder Stone in Hindi

What is Gallbladder Stone in Hindi Pinit

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पित्ताशय की पथरी कठोर क्रिस्टल बॉल की तरह होते हैं। यह पित्ताशय की थैली में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल या पित्त नमक (bile salts) के जमा होने के कारण होती है। ये पत्थर दाने के आकार से लेकर टेनिस बॉल तक बड़े हो सकते हैं (1)। पित्त की थैली की पथरी गाल ब्लैडर स्टोन के नाम से भी जानी जाती है।

पित्ताशय की पथरी के बारे में जानने के बाद अब हम पित्त की थैली में पथरी होने के कारणों की चर्चा करेंगे।

पित्त की पथरी के कारण – Causes of Gallbladder Stone in Hindi

कई बार पित्ताशय की पथरी बहुत पीड़ादायक होती है। यह तब होता है, जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक हो जाती है और पित्त नमक की कमी हो जाती है (2)। पित की पथरी का उपचार सही तरीके से करने के लिए इनके कारण जान लेने से इलाज करना और आसान हो सकता है। इसलिए, इसके कुछ कारण हम नीचे बता रहे हैं (3) :

  • पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को पित्ताशय की पथरी का खतरा रहता है। गर्भवती महिलाएं या जो महिलाएं गर्भ निरोधक दवाइयों का सेवन कर रही हों।
  • अधिक उम्र के व्यक्तियों को भी पित्त की पथरी का खतरा रहता है।
  • अगर किसी के परिवार में किसी व्यक्ति को पित्त की पथरी की समस्या रही हो, तो दूसरे सदस्य को भी होने का खतरा हो सकता है। सरल भाषा में कहें, तो यह वंशानुगत भी है।
  • अधिक वजन होने से या मोटापे के कारण भी हो सकता है (1)।
  • जो ज्यादा फैटी खाद्य पदार्थ या जंक फूड का सेवन करते हैं या सही डाइट नहीं लेते हैं।
  • जो तेजी से वजन कम कर रहे हों या जिन्होंने तेजी से वजन कम किया हो (1)।

लेख के आगे के भाग में हम आपको पित्त की पथरी के लक्षण बताएंगे।

पित्ताशय की पथरी के लक्षण – Symptoms of Gallbladder Stone in Hindi

कई बार पित्त की पथरी के लक्षण कई सालों तक दिखाई नहीं देते हैं। इनका तब पता चलता है, जब अचानक से पेट में दर्द शुरू होता है। इसके अलावा भी कई लक्षण हैं, जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं :

  • पेट के दाहिने तरफ ऊपरी भाग में असहनीय दर्द (1)
  • दर्द का घंटों तक रहना
  • पीलिया (2)
  • भूख न लगना
  • उल्टी या मितली की समस्या
  • पेट फूलने की समस्या
  • कमजोरी

पित्त की पथरी के लक्षण जानने के बाद अब यह जरूरी है कि आप पित्त की थैली में पथरी का इलाज जानें। हालांकि, आपने पित्ताशय की पथरी के लिए ऑपरेशन ही एकमात्र इलाज सुना होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। पित्ते की पथरी के लिए घरेलू उपचार भी संभव है। नीचे हम आपको पित्त की पथरी के लिए असरकारी घरेलू उपचार बताएंगे।

पित्त की पथरी के लिए असरकारी घरेलू उपाय – Home Remedies for Gallbladder Stone in Hindi

नीचे जानिए क्या हैं पित्त की पथरी के घरेलू उपाय।

1. नींबू का रस

Lemon juice to remove Gallbladder Stone in hindi Pinit

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सामग्री :
  • एक चम्मच या जरूरत के अनुसार नींबू का रस या जूस
  • एक गिलास गुनगुना पीने का पानी
कैसे उपयोग करें?
  • सुबह सबसे पहले एक गिलास पानी में नींबू का रस मिलाकर पिएं।
  • साथ ही पूरे दिन में ज्यादा से ज्यादा नींबू पानी पिएं।
कितनी बार सेवन करें?

एक दिन में कम से कम तीन से चार गिलास नींबू पानी पिएं।

कैसे फायदेमंद है?

नींबू पानी विटामिन-सी से भरपूर होता है (4) और विटामिन-सी पित्त की थैली में पथरी की समस्या से बचाव कर सकता है (5) (6)। इसलिए, हर रोज नींबू पानी का सेवन करें।

2. पित्त की पथरी के लिए डैंडेलायन

सामग्री :
  • एक बड़ा चम्मच सूखी डैंडेलायन की जड़
  • आधा चम्मच शहद
  • एक कप गर्म पानी
कैसे उपयोग करें?
  • डैंडेलायन की जड़ को पीसकर चूर्ण बना लें और फिर उसमें गर्म पानी डालें।
  • अब इसे थोड़ी देर भिगोकर रखें और फिर इसमें शहद मिलाएं।
  • फिर इसे छानकर एक कप में डालकर पिएं।
कितनी बार सेवन करें?

अच्छे परिणाम के लिए आप इस चाय को दिन में दो बार पी सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

डैंडेलायन की जड़ न सिर्फ पाचन शक्ति में सुधार करती हैं, बल्कि इससे पित की पथरी का उपचार भी किया जा सकता है (7) (8)। पित्त की पथरी के लिए आप चाय के अलावा डैंडेलायन के कैप्सूल का भी सेवन कर सकते हैं (9)।

सावधानी : जिनको डायबिटीज की या अन्य कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो वो इस चाय को पीने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

3. पित्त की पथरी के लिए नाशपाती

Pistachios to remove Gallbladder Stone in hindi Pinit

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सामग्री :
  • आधा गिलास नाशपाती का रस
  • आधा गिलास गर्म पानी
  • दो चम्मच शहद
कैसे उपयोग करें?
  • गर्म पानी में नाशपाती के रस और शहद को अच्छी तरह से मिलाएं।
  • इस जूस को गर्म पिएं।
कितनी बार सेवन करें?

आप एक दिन में तीन बार इस जूस को पी सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

पित्त की पथरी के लिए असरकारी घरेलू उपचार की बात करें, तो नाशपाती का रस बहुत फायदेमंद है। नाशपाती में पेक्टिन होता है, जो हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और पित्त की थैली में पथरी के खतरे को कम कर सकता है (9)।

4. पित्ताशय की पथरी के लिए चुकंदर

सामग्री :
  • चुकंदर
  • पानी
कैसे उपयोग करें?
  • चुकंदर को छोटे टुकड़ों में काटें और रस बनाने के लिए थोड़े पानी के साथ मिक्सी में मिलाएं।
  • अब इस जूस का सेवन करें।
कितनी बार सेवन करें?

पित्त की पथरी के दर्द से छुटकारा पाने के लिए रोज इसका सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है?

चुकंदर का जूस पित्त की पथरी में बहुत लाभकारी हो सकता है। इससे कोलेस्ट्रॉल भी कम हो सकता है और यह लिवर को भी स्वस्थ रखता है (10)।

5. पित्त की पथरी के लिए सेब का जूस

Apple juice for gall stones in hindi Pinit

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सामग्री :
  • एक या दो सेब
  • चीनी (आवश्यकतानुसार)
कैसे उपयोग करें?
  • पहले सेब को अच्छी तरह धो लें।
  • इसके बाद सेब को काटकर उसके बीज निकाल दें।
  • फिर उसे तब तक उबालें, जब तक कि वो नर्म न हो जाए।
  • जब सेब उबलकर नर्म हो जाए, तो इसे जूस मेकर में डालकर जूस बना लें।
  • फिर छानकर गिलास में निकाल लें और चीनी मिलाकर सेवन करें।
कितनी बार सेवन करें?

आप रोज एक से दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

आपने यह कहावत तो सुनी ही होगी कि ‘एन एप्पल ए डे कीप्स दी डॉक्टर अवे’। इस लिहाज से कह सकते हैं कि सेब बहुत ही पौष्टिक फल है। अगर इसके जूस का सेवन किया जाए, तो मल के द्वारा पित्त की पथरी निकल सकती है, क्योंकि सेब के जूस के सेवन से पित्ताशय की पथरी नर्म हो सकती है और मल के द्वारा आसानी से निकल सकती है। हालांकि, यह व्यक्ति और उसके शरीर व स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। संभव है कि किसी पर इसका प्रभाव पड़े और किसी पर न हो। हालांकि, अभी तक इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है, लेकिन इसका सेवन किया जा सकता है। आप चाहें तो चुकंदर के साथ भी सेब के जूस का सेवन कर सकते हैं (10) (11)।

6. पित्त की पथरी के लिए पिपरमिंट

सामग्री :
  • पिपरमिंट चाय के पत्ते (बाजार में ऑनलाइन उपलब्ध है)
  • एक कप गर्म पानी
  • आधा चम्मच शहद
कैसे उपयोग करें?
  • पानी को उबालें और उबलते पानी में पिपरमिंट चाय की पत्तियां डाल दें।
  • फिर गैस को बंद करके थोड़े देर के लिए उसे ढक दें।
  • उसके बाद चाय को छानकर गरमा गर्म पिएं।
कितनी बार सेवन करें?

इस चाय का सेवन आप दो वक्त के भोजन के बीच में करें।

कैसे फायदेमंद है?

पिपरमिंट में टेरीपेन नामक प्राकृतिक यौगिक होता है, जो पित्त पथरी को पतला या नर्म कर सकता है (12) (13)। यह पित्ताशय की पथरी के लिए अच्छा उपचार है (14)। हालांकि, इसके लिए अभी और ठोस प्रमाण की जरूरत है, लेकिन यह कुछ हद तक पित्ताशय की पथरी से राहत दिला सकता है।

नोट : पिपरमिंट चाय का ज्यादा सेवन न करें। इसे कितनी मात्रा में लेना है, उस बारे में एक बार अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

7. पित्ताशय की पथरी के लिए हल्दी

Turmeric for gallstones in hindi Pinit

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सामग्री :
  • आधा चम्मच हल्दी
  • आधा चम्मच शहद
कैसे उपयोग करें?
  • फिट और स्वस्थ रहने के लिए रोज शहद में हल्दी मिलाकर खाएं और पित्त पथरी से भी राहत पाएं।
कितनी बार सेवन करें?

स्वस्थ पित्ताशय की थैली के लिए दिन में कम से कम एक बार इसका सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है?

हल्दी का उपयोग न सिर्फ खाना बनाने के लिए, बल्कि आयुर्वेदिक औषधि के तौर पर भी किया जाता है। इसे एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए भी जाना जाता है। इसके सेवन से पित्ताशय की पथरी का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है, क्योंकि हल्दी पित्त की घुलनशीलता को बढ़ाने में मदद कर सकती है और पित्त की पथरी को होने से रोक सकती है (15)।

8. पित्ताशय की पथरी के लिए मिल्क थिसल

सामग्री :
  • एक चम्मच मिल्क थिसल के बीज (बाजार में व ऑनलाइन उपलब्ध)
  • तीन कप पानी
  • शहद (स्वादानुसार)
कैसे उपयोग करें?
  • मिल्क थिसल के बीजों को पीसकर उबाल लें।
  • फिर इसे करीब 20 मिनट तक गर्म पानी में भीगने दें।
  • अब इस हर्बल चाय को छानकर इसका सेवन करें।
कितनी बार सेवन करें?

एक दिन में दो से तीन कप इस चाय का सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है?

मिल्क थिसल एक प्रकार की जड़ी-बूटी है। कई वर्षों से लिवर और पित्ताशय की पथरी के लिए इसका उपयोग किया जा रहा है। इसमें मौजूद मुख्य घटक सिलीमरिन (silymarin) पित्त की पथरी को सिकोड़ता है और किसी भी दर्द से राहत दिलाने में भी मदद कर सकता है। होम्योपैथिक दवाइयों में भी इसका उपयोग किया जाता है (16)। साथ ही कई अन्य शारीरिक समस्याओं जैसे – पीलिया व ब्रोंकाइटिस आदि में भी यह जड़ी-बूटी फायदेमंद हो सकती है। आप इसे पाउडर के रूप में दूध या जूस में मिलाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं। अगर आपको जूस में डालने से इसका स्वाद अच्छा नहीं लगता है, तो इस पाउडर को सलाद में भी मिक्स कर सकते हैं।

9. पित्त की थैली में पथरी के लिए क्रैनबेरी जूस

Cranberry juice for the gallstones in the gallbladder Pinit

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सामग्री :
  • क्रैनबेरी जूस
कैसे उपयोग करें?
  • हर दिन एक गिलास क्रैनबेरी जूस पिएं। अगर आपको लगता है कि यह जूस ज्यादा एसिडिक हो गया है, तो इसमें पानी मिला लें।
कितनी बार सेवन करें?

शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हर दिन इस को रस को पिएं।

कैसे फायदेमंद है?

यह पित्त पथरी और पित्ताशय की थैली की समस्याओं के लिए एक अच्छा उपाय है। क्रैनबेरी रस में मौजूद डाइटरी फाइबर शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। इस प्रकार कोलेस्ट्रॉल पित्त पथरी के खतरे को भी कम कर सकता है। यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देता है। अनुमान है कि ऐसा इसमें मौजूद पॉलीफेनोलिक (polyphenolic) यौगिक के कारण होता है (17)।

10. पित्त की पथरी के लिए अरंडी का तेल

सामग्री :
  • एक कप अरंडी का तेल
  • एक साफ छोटा तौलिया
  • प्लास्टिक रैप
  • एक गर्म सेंक
कैसे उपयोग करें?
  • अरंडी के तेल को हल्का गर्म करें और उसमें छोटे तौलिये को भिगोएं।
  • कपड़े से अतिरिक्त तेल निकालें और इसे पेट के दाहिनी ओर रखें, जहां आपका पित्ताशय और लिवर है।
  • पेट के चारों ओर प्लास्टिक रैप लपेट लें।
  • फिर लगभग 30 से 40 मिनट के लिए इससे गर्म सिकाई करें।
कितनी बार इस प्रक्रिया को करें ?

आप हफ्ते में तीन बार ऐसा कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

अरंडी तेल के फायदे अनेक हैं। अगर बात करें पित्ताशय की पथरी की, तो अरंडी के तेल से सेक लेने से पित्त की पथरी में होने वाले दर्द से आराम मिल सकता है (18)। अरंडी के तेल में मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण दर्द से राहत दिला सकता है (19)।

11. पित्त की पथरी के लिए नारियल तेल

Coconut oil for gallstones in hindi Pinit

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सामग्री :
  • तीन चम्मच नारियल तेल
  • एक चौथाई कप सेब का जूस
  • आधा नींबू का रस
  • लहसुन की एक कली (वैकल्पिक)
  • अदरक का एक छोटा टुकड़ा
कैसे उपयोग करें?
  • नारियल तेल को हल्का गर्म करके उसमें सभी सामग्रियां डाल दें और अच्छी तरह से मिलाएं।
  • फिर इस मिश्रण का सेवन करें।
कितनी बार सेवन करें?

इसका सेवन आप रोज कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

अगर आप पित्त की पथरी की समस्या से पीड़ित हैं, तो यह आपके लिए एक अच्छा उपचार हो सकता है। नारियल तेल में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता और इसमें जरूरी फैट होता है, जिस वजह से इसे पचाना आसान हो सकता है। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल नहीं जमता और पित्ताशय की पथरी की समस्या से बचाव हो सकता है (20)। आप चाहें तो नारियल तेल को खाना बनाने के लिए भी उपयोग कर सकते हैं।

12. पित्ताशय की पथरी के लिए ग्रीन टी

सामग्री :
  • दो चम्मच ग्रीन टी की पत्तियां (या एक ग्रीन टी बैग)
  • एक कप गर्म पानी
  • शहद
  • नींबू
कैसे उपयोग करें?
  • पांच से दस मिनट के लिए ग्रीन टी के पत्तों को उबलते गर्म पानी में भिगोएं।
  • फिर इसे छानकर एक कप में डाल दें और इसमें नींबू व शहद मिला लें।
  • उसके बाद गरमा गर्म इसका सेवन करें।
कितनी बार सेवन करें?

आप हर दिन एक से दो कप ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

ग्रीन टी के गुणों के बारे में हमने पहले ही एक लेख में आपको जानकारी दी है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट व एंटीइन्फ्लेमेटरी गुणों के कारण यह कई शारीरिक समस्याओं में असरदार होता है। हालांकि, इसका अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि ग्रीन टी के सेवन से पित्त की पथरी ठीक होती है या नहीं, लेकिन इतना जरूर है कि ग्रीन टी के सेवन से पित्ताशय की पथरी का कोई जोखिम नहीं होता है (21)।

13. पित्ताशय की पथरी के लिए कॉफी

Coffee for gallstones in hindi Pinit

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सामग्री :
  • एक कप गर्म कॉफी
कैसे उपयोग करें?
  • आप इसे दूध के साथ पी सकते हैं या फिर ब्लैक कॉफी भी पी सकते हैं।
कितनी बार सेवन करें?

पित्ताशय की पथरी से बचाव के लिए रोज कम से कम एक या दो कप कॉफी पिएं।

कैसे फायदेमंद है?

शोध में यह बात सामने आई है कि दिन में एक कप कॉफी पीने से पित्ताशय की थैली की समस्याओं को कम किया जा सकता है। यह पित्त की पथरी को रोकने में मदद करता है। जो लोग एक दिन में करीब दो कप कॉफी का सेवन करते हैं, उनमें पित्ताशय की पथरी का खतरा 4 प्रतिशत तक कम हो सकता है। वहीं, जो लोग चार से ज्यादा कप कॉफी पीते हैं, उनमें पित्त की पथरी का खतरा 45 प्रतिशत तक कम हो सकता है (22)। अगर किसी को पित्ताशय की पथरी की समस्या है, तो कॉफी उसमें यह असरदार है या नहीं, इसका अभी तक कोई प्रमाण नहीं है।

14. पित्ताशय की पथरी के लिए विटामिन सी

विटामिन-सी न केवल आपके इम्यून सिस्टम और त्वचा के लिए फायदेमंद है, बल्कि पित्ताशय की पथरी को रोकने में भी प्रभावी है। विटामिन-सी की कमी से भी पित्त की पथरी की समस्या हो सकती है। ऐसे में सही मात्रा में विटामिन-सी के सेवन पित्ताशय की पथरी का खतरा कम हो सकता है। आप विटामिन-सी की दवा ले सकते हैं, आप विटामिन-सी युक्त फल जैसे – अमरूद, कीवी, पपीता व आम का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, आप हरी सब्जियों का सेवन कर सकते हैं। इन सबसे न सिर्फ विटामिन-सी आपके शरीर तक पहुंचेगा, बल्कि कई अन्य पोषक तत्व भी मिलेंगे (23) (24)।

15. पित्ताशय की पथरी के लिए मूली

सामग्री :
  • एक मूली
  • पानी
कैसे उपयोग करें?
  • मूली को छील कर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • मूली के ताजे रस को बनाने के लिए थोड़े से पानी के साथ इसे मिलाएं।
  • फिर इसका सेवन करें।
कितनी बार सेवन करें?

बड़े पित्ताशय की पथरी के लिए दिन भर में पांच से छह बड़े चम्मच पिएं। छोटी पथरी के लिए पूरे दिन में एक या दो चम्मच रस का सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है?

जरूरी नहीं कि मूली सभी को पसंद आए, क्योंकि कुछ लोगों को मूली पसंद नहीं होती। इसके बावजूद, यह पित्त की पथरी के लिए अच्छा घरेलू उपाय है। मूली, विशेष रूप से काली मूली, कोलेस्ट्रॉल पित्त की पथरी के उपचार में मदद कर सकती है (25)। अगर आपको मूली का जूस नहीं पसंद, तो आप मूली को सलाद की तरह खा सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि आप इसका सेवन एक नियंत्रित मात्रा में ही करें।

[ पढ़े: मूली के 13 फायदे, उपयोग और नुकसान ]

16. पित्ताशय की पथरी के लिए इसबगोल (Psyllium)

Psyllium for Gallbladder in hindi Pinit

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सामग्री :
  • एक चम्मच इसबगोल पाउडर
  • एक गिलास पानी
कैसे उपयोग करें?
  • एक गिलास पानी में एक चम्मच इसबगोल मिलाएं।
  • फिर इसका सेवन करें।
कितनी बार सेवन करें?

हर रोज या हर दूसरे दिन रात को सोने से पहले इसका सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है?

कई लोग कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए इसबगोल का सेवन करते हैं। आपको बता दें कि यह सिर्फ कब्ज के लिए ही नहीं, बल्कि पित्ताशय की पथरी के लिए भी असरकारी घरेलू उपचार है। इसबगोल फाइबर का एक अच्छा स्रोत है, जो पित्त की पथरी के लिए बहुत लाभकारी हो सकता है। मोटापे से परेशान लोग, जिन्हें पित्त की पथरी की भी समस्या है, उनके लिए भी इसबगोल अच्छा घरेलू उपचार है (26) (27)।

पित्त की पथरी के लिए असरकारी घरेलू उपचार के साथ-साथ सही आहार भी जरूरी है। आगे हम बता रहे हैं कि पित्ताशय की पथरी में क्या खाना चाहिए।

पित्ताशय की पथरी में आहार – Diet for Gallbladder Stone in Hindi

पित्त की पथरी का इलाज तब और असरदार होता है, जब इस दौरान खान-पान का सही तरीके से ध्यान रखा जाए। लेख के इस भाग में जानिए कि पित्त की पथरी में किन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

  • उन खाद्य पदार्थों का सेवन न करें, जिनमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक हो, बल्कि उन खाद्य पदार्थों को चुनें, जिनमें फाइबर ज्यादा मात्रा में हो।
  • आप खाना बनाने के लिए ऑलिव ऑइल या केनोला ऑइल का उपयोग कर सकते हैं। ये आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकते हैं।
  • लो फैट डेयरी उत्पादों का सेवन करें।
  • खाने में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों का सेवन करें। इससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा कम होगा और शरीर स्वस्थ रहेगा। आप लाल शिमला मिर्च भी अपने डाइट में शामिल करें, जिसमें विटामिन-सी होता है, जो पित्ताशय की पथरी की समस्या से राहत दिलाने के लिए जरूरी है।
  • अपने खाने में दाल जरूर लें जैसे – मूंग दाल व काली दाल आदि।

हमेशा याद रखें कि पित्ताशय की पथरी में डाइट अहम है। साथ ही अगर आपको पित्त की पथरी की समस्या नहीं है, तो इसके खतरे से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों का सेवन करें (28)।

पित्ताशय की पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए यह जानना भी जरूरी है। नीचे पढ़ें उन खाद्य पदार्थों के बारे में।

पित्ताशय की पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to avoid in Gallbladder Stone in Hindi

  • ज्यादा तले-भूने खाद्य पदार्थ या बाहरी खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  • ज्यादा फैट या कोलेस्ट्रॉल वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  • अंडे का या मांसाहारी खाने का सेवन न करें।
  • एसिडिक खाद्य पदार्थ जैसे टमाटर व संतरे का सेवन न करें।
  • ज्यादा मसाले वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचे।
  • सब्जियां जैसे – फूलगोभी व शलजम से दूर रहें।
  • सोडा या शराब जैसे पेय पदार्थों का सेवन न करें।

पित्ताशय की पथरी से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि वक्त रहते पित्त की पथरी के लक्षण पर ध्यान देकर उपचार करना जरूरी है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो ऊपर दिए गए पित्त की पथरी के लिए असरकारी घरेलू उपचार की मदद ले सकते हैं। साथ ही घरेलू उपचार को आजमाने के बाद आप अपने अनुभव भी नीचे कमेंट बॉक्स में हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। ध्यान रहे कि ऊपर दिए गए पित्त की पथरी के घरेलू उपाय पथरी के शुरुआती लक्षणों के लिए हैं। अगर समस्या ज्यादा हो, तो बिना देर करते हुए डॉक्टर से इलाज करवाएं। इसके अलावा, अगर इस लेख में बताई गई किसी भी सामग्री से आपको एलर्जी है, तो उसका उपयोग न करें और डॉक्टर से पूछ लें। साथ ही अगर आपके पास भी पित्त की पथरी के लिए असरकारी घरेलू उपचार से जुड़े कुछ सुझाव हैं, जो ऊपर नहीं दिए गए हैं, तो उसे भी हमारे साथ आप साझा कर सकते हैं। याद रखें पित्त की पथरी का इलाज संभव है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पित्ताशय की पथरी का दर्द कहां होता है ?

पित्ताशय की थैली का दर्द पेट के ऊपरी या ऊपरी-दाएं हिस्से में होता है।

पित्ताशय की थैली क्या करती है?

पित्ताशय की थैली हमारे पाचन प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। यह नाशपाती के आकार की होती है, जो लिवर के पीछे होती है। यह लिवर द्वारा स्रावित कोलेस्ट्रॉल-युक्त पित्त को जमा करती है। पित्त का काम खाद्य पदार्थों से वसा को अवशाेषित करने में शरीर की मदद करना है (29)।

क्या पित्ताशय की पथरी लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है?

जब पित्त पथरी पित्त नलिकाओं में जमा होने लगती है, तो लिवर से पित्ताशय में पित्त का प्रवाह बाधित होता है। नतीजतन, लिवर में अधिक पित्त जमा होने लगता है और लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। यह सिरोसिस का कारण बन सकता है। यह ऐसी स्थिति होती है, जिसमें लिवर खराब हो जाता है (30)।

पित्त की पथरी के ऑपरेशन के बाद पीठ दर्द से राहत कैसे पाएं?

पित्ताशय की थैली की सर्जरी के बाद पीठ दर्द होना आम है। यह दर्द वक्त के साथ-साथ धीरे-धीरे कम होता है। आप इस दर्द को कम करने के लिए एक साधारण गर्म सेक का उपयोग कर सकते हैं। अगर दर्द कुछ हफ्तों के बाद भी कम नहीं होता है और बेचैनी पैदा करता है, तो बिना देर करते हुए अपने डॉक्टर से मिलें। यह ऑपरेशन के बाद होने वाली कुछ समस्याओं का संकेत हो सकता है।

पित्त की थैली की पथरी यानी गाल ब्लैडर स्टोन का पता लगाने के लिए कौन से टेस्ट हैं?

पित्ताशय की पथरी का इलाज कराने से पहले डॉक्टर पित्त की थैली की पथरी यानी गाल ब्लैडर स्टोन के लिए कुछ टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। इन टेस्ट के जरिए डॉक्टर को पता चलेगा कि आपके पित्ताशय की पथरी की क्या स्थिति है और पित्त की थैली में पथरी का इलाज किस प्रकार किया जाए। नीचे हम कुछ परीक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जो आमतौर पर डॉक्टरों द्वारा मरीज को लिखे जाते हैं :
पेट का अल्ट्रासाउंड (Abdominal ultrasound) – इसमें आसानी से छोटी पित्त पथरी का पता लगाया जा सकता है।
पेट का एक्स-रे (Abdominal X-ray) – ऐसी पित्त पथरी, जिसमें कैल्शियम जमा होता है, उसका पता लगाने के लिए यह टेस्ट बहुत ही लाभकारी है।
पेट का सीटी स्कैन (Abdominal CT scan) – पित्ताशय की पथरी के कारण होने वाले नुकसान और संक्रमण का पता लगाने के लिए।
एमआरआई स्कैन (MRI scan) – पित्त नलिकाओं में फंसे पत्थरों का पता लगाने के लिए यह टेस्ट कराया जा सकता है।
एंडोस्कोपिक रेट्रोग्रेड कोलएंजियोपैन्क्रीआटोग्राफी (Endoscopic Retrograde Cholangiopancreatography – ERCP) – यह टेस्ट पित्त नलिकाओं में रुकावट पैदा करने वाले पत्थरों का पता लगाने के लिए होता है। इस टेस्ट के दौरान पित्ताशय की पथरी को हटाया भी जा सकता है।
कोलेसिंटेग्राफी या गॉलब्लैडर रेडियोन्यूक्लाइड स्कैन (Cholescintigraphy or gallbladder radionuclide scan) – यह टेस्ट बंद नलिकाओं और सूजन का पता लगाने के लिए किया जाता है।

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