गर्भावस्था में दूध पीना सुरक्षित है या नहीं – Milk During Pregnancy in Hindi

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गर्भावस्था के दौरान पोषक तत्वों से युक्त भोजन लेना बहुत जरूरी है। इस दौरान गर्भवती महिला जो कुछ भी खाती है, उसका सीधा असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। यही कारण है कि गर्भ में पल रहे शिशु को अच्छा स्वास्थ्य देने के लिए कुछ पदार्थों को भोजन में शामिल किया जाता है, तो कुछ को न खाने की सलाह दी जाती है। वहीं, दूध को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है कि गर्भावस्था में इसे पीना चाहिए या नहीं। हम इस लेख में वैज्ञानिक शोध के आधार पर बताने का प्रयास करेंगे कि गर्भावस्था में दूध पीना सुरक्षित है या नहीं। साथ ही यह भी जानेंगे कि अगर दूध पीना सुरक्षित है, तो प्रेगनेंसी में दूध पीने के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं।

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तो आइए शुरू करते हैं और सबसे पहले जानते हैं कि गर्भावस्था में दूध पीना सुरक्षित है या नहीं। 

क्या गर्भावस्था में दूध पीना सुरक्षित है?

हां, गर्भावस्था में दूध का सेवन किया जा सकता है, लेकिन संतुलित मात्रा में। एक शोध के अनुसार, दूध में कैल्शियम और विटामिन-डी जैसे लाभकारी तत्व पाए जाते हैं, जो मां और शिशु के लिए जरूरी होते हैं (1)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च में भी कहा गया है कि दूध का सेवन गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए जरूरी है। गर्भवती महिला के दूध पीने से शिशु का वजन सही रहता है। साथ ही इस रिसर्च में यह भी बताया गया है कि दूध का अधिक सेवन लार्ज गैस्टेशनल ऐज (LGA) का जोखिम पैदा कर सकता है (2)

लार्ज गैस्टेशनल ऐज ऐसी अवस्था होती है, जिसमें शिशु का वजन, लंबाई और सिर का आकार बढ़ जाता है, जिस कारण प्रसव में बाधा आ सकती है (3)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि संतुलित मात्रा में दूध का सेवन गर्भवतियों के लिए लाभकारी हो सकता है।

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आइए, अब विस्तार से जानते हैं कि गर्भावस्था में दूध पीना किस-किस प्रकार फायदेमंद हो सकता है। 

प्रेगनेंसी में दूध पीने के फायदे – Benefits of Milk During Pregnancy In Hindi

प्रेगनेंसी दूध पीने के फायदे अनेक हो सकते हैं, जिनमें से प्रमुख फायदों के बारे में हम यहां बता रहे हैं।

1. दूध में कैल्शियम

गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम की जरूरत सामान्य लोगों से ज्यादा होती हैं। एक गर्भवती महिला को प्रतिदिन 1000 से 1300 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है। वहीं, दूध को कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना गया है। वसा रहित एक कप दूध (Fat free milk) में 299 मिलीग्राम और वसा वाले दूध (full cream milk) में 276 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि दूध में जितना ज्यादा फैट होगा, कैल्शियम की मात्रा उतनी ही कम हो जाती है (4)। इसलिए, कैल्शियम की पूर्ति के लिए दूध का सेवन करना अच्छा हो सकता है। कैल्शियम की पूर्ति के लिए आप डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट का सेवन भी कर सकती हैं।

2. दूध में मौजूद प्रोटीन

गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम के साथ-साथ प्रोटीन की भी जरूरत होती है। प्रोटीन का सीधा प्रभाव भ्रूण के विकास पर हो सकता है। इसकी कमी से प्रसव के दौरान शिशु का वजन कम हो सकता है। वहीं, दूध में प्रोटीन पाया जाता है, जो शिशु को जन्म के समय के कम वजन की आशंका से बचा सकता है (5)। दूध में मौजूद प्रोटीन कई तरह की बीमारियों से बचा सकता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं (6)। इसलिए, कहा जा सकता है कि भ्रूण विकास के लिए प्रेगनेंसी में दूध पीने के फायदे उठाए जा सकते हैं।

3. दूध में मौजूद विटामिन डी बचाए रिकेट्स रोग से

गर्भावस्था के दौरान दूध, विटामिन डी, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, प्रोटीन और ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत हो सकता है। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान दूध का सेवन करने से ये सभी महिला को ये सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं। दूध का सेवन करने से उच्च रक्तचाप के जोखिम से बचा जा सकता है। दूध के माध्यम से विटामिन-डी का सेवन,  नवजात शिशु में रिकेट्स के जोखिम को कम कर सकता है (7)। रिकेट्स हड्डियों की कमजोरी से जुड़ी एक बीमारी है, जो नवजात शिशु में विटामिन-डी की वजह से हो सकती है (8)

4. हाइड्रेट रखता है दूध

गर्भावस्था के दौरान तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है, ताकि गर्भवती के शरीर में पानी की कमी न हो। वहीं, इस लेख में हम ऊपर स्पष्ट कर चुके हैं कि दूध पोषक तत्वों से भरपूर है। इसलिए, कहा जा सकता है कि दूध पोषक तत्वों से भरपूर एक तरल पदार्थ है, जो शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ा सकता है। दूध में 90 प्रतिशत पानी होता है, इसलिए शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए प्रेगनेंसी में दूध पीने के फायदे उठाए जा सकते हैं (9)

अभी आगे है और जानकारी

अभी हमने जाना कि दूध किस तरह से फायदेमंद है। आइए, अब जानते हैं कि गर्भावस्था में कौन-सा दूध पीना सही है। 

गर्भावस्था में कौन सा दूध पीना सुरक्षित है?

पॉश्चराइज दूध : विशेषज्ञों का मानना है गर्भावस्था के दौरान कच्चे दूध यानी अनपॉश्चराइज दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसे दूध में कैम्पिलोबैक्टर, ई. कोलाई, लिस्टेरिया और साल्मोनेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो टीबी जैसी गंभीर बीमारी का जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसलिए, किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए  गर्भावस्था के दौरान हमेशा पॉश्चराइज दूध का सेवन करें। दूध चाहे गाय का हो या भैंस का उसे उबालना जरूर चाहिए (10)

कम वसा युक्त : गर्भावस्था के दौरान वसायुक्त दूध (फुल क्रीम मिल्क) के मुकाबले कम वसा वाले दूध (टोंड मिल्क) का सेवन बेहतर हो सकता है, क्योंकि इसमें कैल्शियम की मात्रा ज्यादा होती है (11)। गर्भावस्था में अतिरिक्त वसा का सेवन मोटापे का कारण बन सकता है और इसका असर गर्भस्थ शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास पर पड़ सकता है (12)। हां, अगर आपको फुल क्रीम दूध पसंद है, तो बेहतर होगा कि इसका सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 

आइए, अब जानते हैं कि दूध को आहार में कैसे शामिल किया जा सकता है।

गर्भावस्था के दौरान दूध को कैसे शामिल करें?

दूध का सेवन कब करें : गर्भावस्था के दौरान दूध का सेवन कभी भी किया जा सकता है। जहां तक मात्रा की बात है, तो प्रतिदिन कम से कम 1 गिलास दूध का सेवन किया जा सकता है (2)। साथ ही दूध से बने उत्पाद (Dairy product) का सेवन हर तिमाही में प्रतिदिन तीन कप तक किया जा सकता है (13)

दूध का सेवन कैसे करें?

दूध का सेवन करने के बहुत से तरीके हैं, जैसे:

  • दूध का शेक बनाया जा सकता है। साथ ही चाय भी बना सकते हैं। गर्भावस्था में चाय का सेवन कर सकते हैं या नहीं इसके लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • नाश्ते के समय दूध में ओट्स या कॉर्नफ्लैक्स मिलाकर स्वादिष्ट दलिया बनाया जा सकता है और प्रेगनेंसी में दूध पीने के फायदे लिए जा सकते हैं।
  • दूध से बने उत्पाद जैसे पनीर और दही इत्यादि का सेवन भी किया जा सकता है।
  • अगर आपको दूध का स्वाद पसंद नहीं है, तो दूध में इलायची डालकर दूध पी सकते हैं। गर्भावस्था में बादाम का दूध भी पिया जा सकता है।

अभी आपने जाना कि प्रेगनेंसी में दूध पीने के फायदे क्या हैं और दूध का सेवन कैसे किया जा सकता है। आइए, अब जानते हैं कि दूध के सेवन में किन-किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

गर्भावस्था में दूध पीने के लिए कुछ टिप्स

  • अगर दूध से एलर्जी है, तो इसके सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • आजकल शुद्ध दूध मिलना मुश्किल हो सकता है, इसलिए अच्छी कंपनी के दूध का सेवन करें।
  • दूध उबालते और पीते समय स्वच्छता का ध्यान रखें। साथ ही साफ बर्तनों का प्रयोग करें।
  • दूध को फ्रिज में स्टोर करें। खराब हो चुके दूध का सेवन न करें, इसमें हानिकारक बैक्टीरिया हो सकते हैं।

हमारे इस लेख में आपने जाना कि गर्भावस्था के दौरान दूध का सेवन कैसे और क्यों करना चाहिए। इस लेख से निष्कर्ष निकलता है कि गर्भावस्था में दूध का सेवन करने से पोषक तत्वों की पूर्ति हो सकती है, लेकिन इसका सेवन संतुलित मात्रा में करना ही सही है। गर्भावस्था एक नाजुक स्थिति है, इसलिए अगर दूध के सेवन से जुड़ें आपके मन में कुछ सवाल हैं, तो एक बार डॉक्टर से मिलकर अपनी शंका का समाधान जल्द कर लें। इस अवस्था में भावनात्मक रूप से ऊर्जावान और प्रसन्न रहें। ऐसी ही उपयोगी और विश्वसनीय जानकारी हासिल करने के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

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Auli Tyagi

औली त्यागी उभरती लेखिका हैं, जिन्होंने हरिद्वार (उत्तराखंड) से पत्रकारिता और जनसंचार में एम.ए. की डिग्री हासिल की है। औली को लेखन के क्षेत्र में दो साल का अनुभव है। औली प्रतिष्ठित दैनिक अखबार और कम्युनिटी रेडियो स्टेशन से ट्रेनिंग ले चुकी हैं। औली सामाजिक मुद्दों पर लिखना पसंद करती हैं। लेखन के अलावा इन्हें वीडियो एडिटिंग और फोटोग्राफी का तकनीकी ज्ञान भी हैं। इन्हें हिंदी और उर्दू साहित्य में विशेष रुचि है।

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