प्रेगनेंसी में गन्ने का जूस के फायदे और नुकसान- Sugarcane Juice During Pregnancy In Hindi

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गर्भावस्था में पोषक तत्व से भरपूर खाद्य और पेय गर्भवती और भ्रूण दोनों के लिए जरूरी होते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर अक्सर पौष्टिक फलों के साथ ही उ जूस पीने की भी सलाह गर्भवती को देते हैं। ऐसा ही एक पौष्टिक जूस गन्ने का भी है, लेकिन इसका सेवन गर्भवती कर सकती है या नहीं, इसको लेकर कई तरह के संशय महिला के मन में रहते हैं। भले ही गन्ने का रस कई प्रकार के पोषक तत्व और औषधीय गुण से संपन्न हो, लेकिन गर्भावस्था जैसे नाजुक दौर में इसका प्रभाव सकारात्मक होगा या नहीं, यह जानना जरूरी है। इसी उद्देश्य के साथ स्टाइलक्रेज गर्भावस्था में गन्ने के जूस से जुड़े तमाम सवालों के जवाब लेकर आया है। बस तो प्रेगनेंसी में गन्ने के जूस के बारे में जानने के लिए अंत तक पढ़ें लेख।

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चलिए, लेख में सबसे पहले जानते हैं कि गर्भावस्था में गन्ने के जूस का सेवन किया जा सकता है या नहीं।

प्रेगनेंसी में गन्ने का जूस पीना चाहिए या नहीं?

हां, गर्भावस्था में गन्ने का जूस का सेवन किया जा सकता है। बताया जाता है कि गन्ने के रस में विटामिन बी 9 की समृद्ध मात्रा होती है। साथ ही इसमें फोलिक एसिड भी होता है। यह दोनों ही पोषक तत्व प्रेगनेंसी के लिए जरूरी माने जाते हैं। साथ ही ये भ्रूण को प्राकृतिक जन्म दोषों से बचाने में सहायक हो सकते हैं (1)। बताया जाता है कि गन्ने का जूस गर्भवती के शरीर में ऊर्जा को बनाए रखने और मॉर्निंग सिकनेस जैसी समस्या को कम कर सकता है। यही नहीं, प्रेगनेंसी में गन्ने का जूस पीने से कब्ज की परेशानी भी कम हो सकती है। हां, मधुमेह रोग से ग्रसित महिलाओं को इसका सेवन कम मात्रा में डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए (2)।

आगे फायदे पढ़ें

प्रेगनेंसी में गन्ने का जूस फायदेमंद है या नहीं, जानने के बाद आगे पढ़िए कि गर्भावस्था में गन्ने के जूस के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी में गन्ने का जूस के फायदे – 8 Benefits of Sugarcane Juice During Pregnancy In Hindi

गर्भावस्था में गन्ने का जूस पीने से क्या लाभ होते हैं, समझने के लिए लेख को आगे पढ़ें। यहां हमने प्रेगनेंसी में गन्ने के जूस से जुड़ी पूरी जानकारी रिसर्च के आधार पर विस्तार से दी है।

1. इम्यून सिस्टम

प्रेगनेंसी के दौरान इम्यूनिटी कमजोर होने से महिला को इंफेक्शन होने का खतरा बना रहता है (3)। इससे संबंधित एक रिसर्च पेपर की मानें, तो गन्ने के जूस से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। दरअसल, इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम और आयरन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो इम्यूनिटी को बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं। शोध में कहा गया है कि गन्ने का जूस इंफेक्शन से भी बचा सकता है। खासकर, गन्ने का रस मैक्रोफेज और न्यूट्रोफिल जैसे इंफेक्शन को खत्म करने वाली कोशिकाओं पर सकारात्मक असर डालकर वायरल, बैक्टीरियल और अन्य संक्रमण से बचाव कर सकता है (4)।

2. मॉर्निंग सिकनेस

प्रेगनेंसी के समय मॉर्निंग सिकनेस यानी मतली और उल्टी होना आम है (5)। इस परेशानी से राहत दिलाने में भी गन्ने का रस मदद कर सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, गन्ने के रस की छोटी-छोटी दो से तीन खुराक मॉर्निंग सिकनेस को दूर करने के लिए काफी है। रिसर्च में यह भी कहा गया है कि अदरक युक्त गन्ने का जूस भी इस समस्या के लिए कारगर हो सकता है (4)।

3. ऊर्जात्मक बनाए रखे

गर्भावस्था में महिला को थकान का एहसास बहुत होता है (6)। ऐसे में खुद को ऊर्जात्मक बनाए रखने के लिए गन्ने के जूस का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, गन्ने के जूस को ऊर्जा बढ़ाने वाले पेय के रूप में जाना जाता है (7)। रिसर्च में बताया गया है कि इसमें 15 प्रतिशत प्राकृतिक शुगर होता है, जो इंस्टेंट यानी तुरंत एनर्जी दे सकता है। साथ ही यह लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) पेय है, जो शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है (4)।

दरअसल, जीआई एक तरह का माप है, जो यह बताता है कि शरीर में कार्बोहाइड्रेट किस तीव्रता से ब्लड ग्लूकोज बनाता है। लो जीआई का मतलब हुआ शरीर धीरे-धीरे ग्लूकोज बनाता है, जिससे शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बनी रहती है और ऊर्जा भी मिलती है (4)।

4. यूरिनरी संबंधी समस्या

बताया जाता है कि गन्ने का जूस यूरिनरी संबंधी समस्या को दूर करने में भी मददगार साबित हो सकता है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध में कहा गया है कि प्राचीन काल से ही लोग गन्ने के रस का उपयोग यूरिनरी रोग से बचने के लिए करते हैं। हालांकि, रिसर्च में इस बात का जिक्र नहीं मिलता है कि इसके कौन से प्रभाव व गुण की वजह से यह यूरिनरी रोग से बचाव कर सकता है (8)।

हां, माना जाता है कि इसमें मौजूद ड्यूरेटिक यानी मूत्रवर्धक प्रभाव यूरिनरी संबंधी समस्या के जोखिम को कम करने व राहत दिलाने में मदद कर सकता है (8)। इससे संबंधित एक अन्य रिसर्च के अनुसार, गन्ने के रस में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो यूरिनरी इंफेक्शन से बचाव कर सकते हैं (9)।

5. भ्रूण के लिए लाभदायक

फोलिक एसिड प्रेगनेंसी के समय भ्रूण और महिला दोनों के लिए जरूरी होता है (10)। इससे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। इसके अलावा, फोलिक एसिड और विटामिन बी9 जन्म दोष से बचाव करने वाले पोषक तत्व माने जाते हैं। इन सभी न्यूट्रिएंट्स से गन्ने का जूस भरपूर होता है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि गन्ने का रस भ्रूण के स्वास्थ्य और उसे जन्म दोष से बचाने में सहायक हो सकता है (1)।

6. कब्ज की परेशानी

गर्भावस्था के समय कब्ज की परेशानी भी महिला को बना रहती है। इससे बचने के लिए भी गन्ने के रस का सेवन किया जा सकता है। इससे संबंधित एक रिसर्च पेपर में बताया गया है कि गन्ने का रस पाचन को बढ़ावा देने के साथ ही कब्ज की समस्या को कम कर सकता है। शोध की मानें, तो इसके पीछे की वजह गन्ने के रस में मौजूद पोटेशियम है। यही नहीं, गन्ने का रस पाचन तंत्र की बेहतर कार्यप्रणाली को सुनिश्चित करके पेट के इंफेक्शन से बचाव कर सकता है (4)।

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प्रेगनेंसी में गन्ने का जूस पीना चाहिए या नहीं, यह जानने के बाद इसे डाइट में शामिल करने के तरीके पढ़ें।

गर्भावस्था में गन्ने का जूस को अपने आहार में कैसे शामिल करें

प्रेगनेंसी में गन्ने के जूस को आहार में शामिल करने करने के तरीके कुछ इस प्रकार हैं।

  • सुबह, दोपहर या शाम के समय ताजा गन्ने का जूस सादा पी सकते हैं।
  • गन्ने के जूस में काला नमक डालकर भी पिया जा सकता है।
  • नींबू को गन्ने के रस में निचोड़कर खट्टे-मीठे गन्ने के जूस का सेवन कर सकते हैं।
  • गन्ने का जूस बनाते समय उसमें पुदीने की पत्तियों को भी पीसा जा सकता है।
  • गर्भवती दिनभर में करीब एक गिलास गन्ने का जूस को पी सकती है (4)।

लेख में बने रहें

अब जानते हैं गर्भावस्था में गन्ने का जूस पीने के क्या नुकसान हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी में गन्ने का जूस के नुकसान – Side Effects of Sugarcane Juice While Pregnant In Hindi

प्रेगनेंसी में गन्ने का जूस फायदेमंद होने के साथ ही नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। गर्भावस्था में गन्ने के रस के संभावित नुकसान कुछ इस प्रकार हैं (2)।

प्रेगनेंसी में गन्ने का जूस पीना चाहिए या नहीं, इस सवाल का जवाब आपको मिल ही गया होगा। यह जूस कई तरीकों से गर्भवती को फायदा पहुंचा सकता है, जिसका जिक्र हम ऊपर लेख में कर ही चुके हैं। बस इसके लिए जरूरी है सीमित मात्रा में गन्ने के जूस का सेवन। इसके अलावा, प्रेगनेंसी से जुड़ी किसी तरह की समस्या हो, तो डॉक्टर की सलाह पर ही इसे डाइट में शामिल करें। खासकर, मधुमेह से जूझ रही महिलाओं को इसका सेवन करने से पहले सही परामर्श लेना जरूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गर्भवती महिला गन्ने के रस को खाली पेट पी सकती है?

हां, प्रेगनेंसी में गन्ने के रस को खाली पेट पी सकते हैं।

क्या मैं गर्भावस्था के दौरान रोजाना गन्ने का रस पी सकती हूं?

हां, आप स्वस्थ गर्भावस्था में सीमित मात्रा में रोजाना गन्ने के रस का सेवन कर सकती हैं।

गर्भावस्था में गन्ने का रस कब पीना शुरू करना चाहिए?

गर्भावस्था के शुरुआत से ही इसका रस पी सकते हैं। बस इसकी मात्रा सीमित होनी चाहिए और मधुमेह की परेशानी वाली महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

प्रेगनेंसी में गन्ने का जूस पीना चाहिए या नहीं

हां, स्वस्थ प्रेगनेंसी में गन्ने का जूस पीना चाहिए।

Sources

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