गर्भावस्था में खजूर खाने के फायदे और नुकसान- Dates During Pregnancy In Hindi

Written by , MA (Journalism & Media Communication) Puja Kumari MA (Journalism & Media Communication)
 • 
 

शरीर में सभी पोषक तत्वों की संतुलित मात्रा होना जरूरी है। इनकी सही मात्रा बनाए रखने के लिए कई फलों की तरह ही खजूर का भी सेवन किया जाता है। भले ही खजूर पौष्टिकता से भरपूर हो, लेकिन गर्भावस्था में खजूर खाना अच्छा है या नहीं, इस तरह के तमाम सवाल गर्भवतियों के मन में उठते हैं। खजूर से जुड़े ऐसे सभी सवालों के जवाब स्टाइलक्रेज खास आपके लिए लेकर आया है। यहां गर्भावस्था में खजूर खाना सुरक्षित है या नहीं और इसके जवाब के आधार पर प्रेगनेंसी में खजूर खाने के फायदे व नुकसान दोनों की जानकारी दी गई है।

शुरू करते हैं लेख

सबसे पहले जानिए कि प्रेगनेंसी में खजूर खाना चाहिए या नहीं।

क्या गर्भावस्था में खजूर खाना सुरक्षित है? – Is it Safe to Eat Dates While Pregnant?

हां, प्रेगनेंसी में खजूर खाना सुरक्षित हो सकता है। इसमें गर्भावस्था के लिए जरूरी आयरन और कैल्शियम होते हैं, जिस वजह से खजूर को प्रेगनेंसी के लिए अच्छा माना जा सकता है (1)। इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट यानी ग्लूकोज, सरकोज और फ्रुक्टोज गर्भवती को ऊर्जात्मक एहसास कराते हैं। इतना ही नहीं, खजूर का सेवन करने से प्रसव संबंधी प्रक्रिया की अवधि कम होने के साथ ही प्रसव पीड़ा के लिए ऑक्सीटोसिन हार्मोन की जरूरत भी कम हो सकती है (2)।

पढ़ना जारी रखें

अब सीधे जानते हैं गर्भावस्था में खजूर खाने के फायदे क्या-क्या हैं।

गर्भावस्था में खजूर के फायदे – 7 Benefits of Eating Dates During Pregnancy In Hindi

प्रेगनेंसी में खजूर खाने के फायदे कई हो सकते हैं। इन सभी फायदों के बारे में हम लेख में आगे विस्तार से बता रहे हैं। बस ध्यान दें कि खजूर प्रेगनेंसी में होने वाली किसी भी समस्या का इलाज नहीं है। हां, समस्याओं से राहत दिलाने व उनके लक्षण कम करने में खजूर मददगार हो सकता है।

1. कब्ज

प्रेगनेंसी में कब्ज होना आम है (3)। इस परेशानी को दूर करने में डेट्स यानी खजूर मदद कर सकते हैं। इससे संबंधित रिसर्च में भी इस बात का जिक्र मिलता है (4)। दरअसल, खजूर में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। इसी वजह से माना जाता है कि खजूर से कब्ज की समस्या कम हो सकती है (5)। खजूर के फल का अर्क गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रांजिट गतिविधि यानी खाने का मुंह से पाचन तंत्र और फिर गुदे तक पहुंचने के समय को तेज
करके कब्ज के जोखिम को कम कर सकता है (5)।

2. एनर्जी

हम ऊपर भी बता चुके हैं कि खजूर का सेवन करने से शरीर को भरपूर मात्रा में ऊर्जा मिल सकती है। ऐसा इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट की वजह से होता है। इसमें तीन तरह के कार्बोहाइड्रेट यानी ग्लूकोज, सुक्रोज और फ्रुक्टोज होते हैं। ये गर्भवती को ऊर्जात्मक रखने में सहायक माने जाते हैं। इसके अलावा, खजूर में मौजूद उच्च स्तरीय कैलोरी भी ऊर्जा की बचत और थकान से बचाव में अहम भूमिका निभा सकती है (2)।

3. एनीमिया

प्रेगनेंसी से संबंधित एक जटिलता लगातार एनीमिया होना भी है। ऐसा गर्भावस्था में खासकर आयरन की कमी और फोलेट का स्तर कम होने से होता है (6)। खजूर इन दोनों पोषक तत्वों से समृद्ध है। इसी वजह से माना जाता है कि खजूर का सेवन करने से एनीमिया से बचा जा सकता है (7)। बताया जाता है कि इससे रेड सेल फॉर्मेशन में मदद मिल सकती है (8)।

4. ब्लड प्रेशर

हाई ब्लड प्रेशर से गर्भावस्था पर कई तरह के नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। इससे बचने के लिए खजूर का सेवन करना लाभदायक माना जाता है। एक रिसर्च पेपर में कहा गया है कि खजूर खाने से रक्तचाप नियंत्रित हो सकता है। इसी वजह से अध्ययनकर्ताओं ने गर्भावस्था की डाइट में खजूर को शामिल करना जरूरी बताया है (9)।

5. ग्रोथ के लिए

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भस्थ शिशु की ग्रोथ के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जिसमें कैल्शियम और आयरन भी शामिल हैं। ये पोषक तत्व खजूर में भी होते हैं। इसी वजह से खजूर को गर्भस्थ शिशु के लिए अच्छा माना जाता है। इनके अलावा, खजूर में फास्फोरस, पोटेशियम और मैग्नीशियम भी होते हैं। ये सभी घटक भ्रूण के मसूड़ों और उसके पनपने वाले दांतों के विकास के लिए आवश्यक माने गए हैं (1)।

6. हड्डियों के लिए

खजूर में कैल्शियम की भी अच्छी मात्रा पाई होती है। इस पोषक तत्व को गर्भवती और भ्रूण दोनों की हड्डियों के लिए अच्छा माना जाता है। यह कैल्शियम, भ्रूण और गर्भवती दोनों के बोन मिनरल डेंसिटी यानी हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने और हड्डी को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है (1)। इसके अलावा, खजूर में फास्फोरस भी होता है, जो कैल्शियम के साथ मिलकर हड्डी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है (10)।

7. नर्वस सिस्टम

खजूर को नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र के लिए भी लाभदायक माना गया है। दरअसल, खजूर पोटेशियम का अच्छा स्रोत होता है। यह स्वस्थ यानी हेल्दी नर्वस सिस्टम के रखरखाव के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। साथ ही यह शरीर में तंत्रिका तंत्र के कार्य को संतुलित करने में भी मदद कर सकता है (10)।

लेख में बने रहें

आगे पढ़िए कि प्रेगनेंसी में खजूर को आहार में किस तरह से शामिल करना चाहिए।

गर्भावस्था में खजूर को अपने आहार में कैसे शामिल करें

प्रेगनेंसी में खजूर का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। इसे डाइट में शामिल करने का फैसला ले लिया है, तो आप नीचे बताए गए तरीकों को अपना सकते हैं।

  • खजूर को दूध के साथ खाया जा सकता है।
  • मिल्कशेक बनाते समय भी खजूर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • डेजर्ट बनाते समय भी खजूर का उपयोग करके खा सकते हैं।
  • स्मूदी बनाते समय खजूर का उपयोग किया जा सकता है।
  • खजूर को ऐसे ही फल की तरह खा सकते हैं।
  • सूखे खजूर यानी छुहारे को भिगोकर भी खाया जा सकता है।
  • दही में खजूर को काटकर डालने के बाद भी खा सकते हैं।
  • खजूर का सेवन हेल्दी स्नैक्स के रूप में भी हो सकता है।

कितना खाएं : तकरीबन दो से चार ग्राम खजूर के सेवन को गर्भावस्था के समय में सुरक्षित माना जा सकता है।

कब खाएं : इसे डॉक्टर की सलाह पर सुबह या दोपहर के समय तीनों ट्राइमेस्टर में गर्भवती अपनी डाइट में शामिल कर सकती है।

अंत तक पढ़ें लेख

गर्भावस्था में खजूर खाने से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी के बाद एक नजर प्रेगनेंसी में खजूर खाने के नुकसान पर डाल लेते हैं।

प्रेगनेंसी में खजूर खाने के नुकसान- Side Effects of Eating Dates While Pregnant In Hindi

गर्भावस्था में खजूर को खाने के फायदे ही नहीं, बल्कि कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। इसकी अधिकता होने से प्रेगनेंसी में खजूर खाने के नुकसान कुछ इस प्रकार हो सकते हैं।

  • खजूर में मौजूद शुगर से हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है यानी ब्लड शुगर बढ़ सकता है (11)।
  • खजूर में फाइबर होता है (12)। ऐसे में इसके अधिक सेवन से शरीर में फाइबर की अधिकता हो जाए, तो गैस, डायरिया जैसी समस्या हो सकती है (13)।
  • खजूर का सेवन ज्यादा करने से हाइपरकलेमिया यानी रक्त में पोटेशियम की अधिकता हो सकती है (14)। इस समस्या से मांसपेशियों में कमजोरी होना और लकवा का जोखिम हो सकता है (15)।
  • खजूर मीठा होता है, इसलिए इसकी अधिकता के कारण दांतों में सड़न की समस्या हो सकती है।

प्रेगनेंसी में खजूर के सेवन के फायदे और नुकसान दोनों के ही बारे में आप समझ गए होंगे। हम बता ही चुके हैं कि खजूर की सीमित मात्रा सुरक्षित होती है, लेकिन फिर भी इसके सेवन से पहले लाभ और हानि दोनों पहलुओं पर गौर करके ही खजूर को डाइट में शामिल करें। इसे खाने का तरीका और सुरक्षित मात्रा के बारे में लेख में जानकारी दी गई है। ऐसे में सारी बातों को ठीक से पढ़कर ही खजूर का उपयोग करें। हां, अगर किसी तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के बिना खजूर का सेवन करने से बचें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रेगनेंसी में खजूर खाना चाहिए या नहीं?

हां, प्रेगनेंसी में खजूर को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

क्या गर्भवती खजूर खाली पेट खा सकती है?

हां, सुबह फलों या फिर ओट्स व अन्य ब्रेकफास्ट में मिलाकर इसे खा सकते हैं।

क्या गर्भावस्था के दौरान रोजाना खजूर खा सकते हैं?

हां, डॉक्टर की सलाह पर प्रेगनेंसी में रोजाना खजूर खाया जा सकता है।

किसे खजूर नहीं खाना चाहिए?

डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे लोगों को खजूर के सेवन से बचना चाहिए।

गर्भावस्था में खजूर खाना कब शुरू करना चाहिए?

खजूर में मौजूद पोषक तत्वों की वजह से इसे पूरी गर्भावस्था के दौरान सीमित मात्रा में इसे खा सकते हैं। अगर खजूर को लेबर के लिए खाना है, तो प्रेगनेंसी के आखिरी महीने में इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है।

क्या खजूर खाने से लेबर शुरू हो सकता है?

हां, प्रेगनेंसी के आखिरी महीनों में खजूर खाने से लेबर हो सकता है। इसी वजह से इसे प्रसव से एक महीने पहले रोजाना इसे लिया जा सकता है (16)।

References

Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Read our editorial policy to learn more.

  1. . EFFECTS OF DATES FRUIT (PHOENIX DACTYLIFERA L.) IN THE FEMALE REPRODUCTIVE PROCESS,
    https://www.ijramr.com/sites/default/files/issues-pdf/873.pdf
  2. Effect of Dates in Late Pregnancy on the Duration of Labor in Nulliparous Women
    ,
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5637148/
  3. Treating constipation during pregnancy,
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3418980/
  4. Diverse application of Phoenix sylvestris: A potential herb,
    https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S2452316X17302107
  5. Effects of Dates Pulp Extract and Palm Sap (Phoenix dactylifera L.) on Gastrointestinal Transit Activity in Healthy Rats
    ,
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4098977/
  6. Anemia in pregnancy,
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/10818399/
  7. Date,
    https://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/1102631/nutrients
  8. Study of the effect of the Nutritional and Socio-economic Factors on the prevalence of iron deficiency Anaemia among Pregnant Women,
    https://www.osti.gov/etdeweb/servlets/purl/348053
  9. The Effect of Giving Date Palm (Phoenix dactylifera L) toward Changes in Blood Pressure on Pregnant Women Getting Hypertension,
    http://jurnal.fkmumi.ac.id/index.php/woh/article/view/woh2105
  10. Dates (Fruit)
    ,
    https://www.sciencedirect.com/topics/agricultural-and-biological-sciences/dates-fruit
  11. The unexpected truth about dates and hypoglycemia
    ,
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4859097/
  12. Dates, medjool,
    https://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/168191/nutrients
  13. How to Increase Volume in Your Meals,
    https://www.cdc.gov/diabetes/prevention/pdf/posthandout_session6.pdf
  14. The effect of use of dates on serum potassium in nondiabetic hemodialysis patients
    ,
    https://www.researchgate.net/publication/38041064_The_effect_of_use_of_dates_on_serum_potassium_in_nondiabetic_hemodialysis_patients
  15. Hyperkalemia,
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK470284/
  16. The effect of late pregnancy consumption of date fruit on labour and delivery,
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/21280989/
Was this article helpful?
thumbsupthumbsdown
Puja Kumari

Puja Kumariहेल्थ एंड वेलनेस राइटर

पुजा कुमारी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने वर्ष 2015 में अपने करियर की शुरुआत न्यूज आधारित वेब पोर्टल से की थी। अब तक इनके 2 हजार से भी ज्यादा आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। पुजा को विभिन्न विषयों पर लेख लिखना पसंद है, लेकिन इनका सबसे ज्यादा पसंदीदा विषय घर की...read full bio

ताज़े आलेख