प्रेगनेंसी में मूली के रस के फायदे और नुकसान- Radish Juice During Pregnancy In Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

गर्भावस्था में महिला को कई चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है। डाइट उन्हीं में से एक है, अक्सर उन्हें खाने में फल और सब्जियों को शामिल करने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही उन्हें घर में बने जूस लेने की सलाह भी मिलती है। वहीं, जूस को लेकर महिलाओं के मन में असमंजस की स्थिति बनी रहती है। खासतौर पर, जब बात हो मूली के जूस की। प्रेगनेंसी में मूली का जूस पीना चाहिए या नहीं, गर्भवती के मन में यह सवाल कई बार आता होगा। ऐसे में इसी सवाल का जवाब हम स्टाइलक्रेज के इस खास लेख में दे रहे हैं। यहां हम न सिर्फ प्रेगनेंसी में मूली का जूस पीना चाहिए या नहीं ये बताएंगे, बल्कि प्रेगनेंसी में मूली के जूस के फायदे भी बताएंगे।

लेख विस्तार से पढ़ें

सबसे पहले जानते हैं कि गर्भावस्था में मूली का जूस सुरक्षित है या नहीं।

क्या गर्भावस्था में मूली का जूस पीना सुरक्षित है? – Is it Safe to Drink Radish Juice During Pregnancy?

कुछ रिसर्च बताती हैं कि प्रेगनेंसी में मूली का सेवन उसमें मौजूद सेलेनियम की वजह से किया जा सकता है। यह एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम कर शरीर को बीमारियों से बचा सकता है। साथ ही यह पोषक तत्व मांसपेशियों और ऊतकों के लिए भी लाभकारी हो सकता है। यही नहीं, इससे कैंसर का जोखिम भी कम हो सकता है (1)

एक अन्य शोध में मूली को गर्भ में पल रहे शिशु के पेट फूलने का कारण माना गया है (2)। इससे संबंधित एक अन्य स्टडी के दौरान मूली में बीमारी का जोखिम पैदा करने वाले कीटाणुओं के होने की आशंका जताई गई है (3)। इन मिलीजुली रिसर्च के आधार पर माना जा सकता है कि मूली की तरह ही मूली के जूस का सेवन गर्भवती को सीमित मात्रा में डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। दरअसल, हर महिला की गर्भावस्था एक जैसी नहीं होती है। ऐसे में सावधानी के तौर पर डॉक्टर से परामर्श लेकर मूली के रस का सेवन करने से इसके नुकसान के संभावित जोखिम से बचा जा सकता है।

आगे पढ़ें

अब जानते हैं गर्भावस्था में मूली के जूस के फायदे से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां।

प्रेगनेंसी में मूली का जूस पीने के फायदे – Benefits of Radish Juice During Pregnancy In Hindi

एक बार जब डॉक्टर गर्भावस्था में मूली के जूस के सेवन की सलाह दे देते हैं, तो ऐसे में मूली के जूस के फायदे जानते हुए इसका सेवन करना अच्छा विकल्प हो सकता है। तो अब हम लेख के इस भाग में प्रेगनेंसी में मूली के जूस से जुड़े फायदे की जानकारी दे रहे हैं। हम यह स्पष्ट कर दें कि गर्भावस्था में मूली के जूस के ये फायदे मूली में मौजूद पोषक तत्वों और गुणों के आधार पर बताए गए हैं। तो प्रेगनेंसी में मूली के जूस के फायदे कुछ इस प्रकार हैं:

1. ब्लड प्रेशर के लिए

गर्भावस्था में महिला को उच्च रक्तचाप का जोखिम भी रहता है (4)। ऐसे में प्रेगनेंसी में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए मूली के जूस का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, एक रिसर्च के अनुसार फाइबर और पोटेशियम ये दोनों ही पोषक तत्व ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकते हैं (5)। वहीं, ये पोषक तत्व मूली में मौजूद होते हैं (6)। इसके अलावा, मूली में सेलेनियम होता है, जो प्री-एक्लेम्पसिया (Preeclampsia – उच्च रक्तचाप विकार) के जोखिम को भी कम कर सकता है (1)। ऐसे में इस आधार पर माना जा सकता है कि मूली की तरह ही मूली का जूस भी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है।

2. फोलेट युक्त

प्रेगनेंसी में फोलेट युक्त खाद्य पदार्थ महिलाओं को आहार में शामिल करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में फोलेट से भरपूर खाद्य पदार्थों में मूली की भी गिनती होती है (7)। दरअसल, गर्भवती के शरीर में फोलेट की अच्छी मात्रा होने से भ्रूण में दिमाग और रीढ़ की हड्डी से जुड़े जन्म दोष का जोखिम कम हो सकता है। साथ ही यह अच्छी ग्रोथ में भी मददगार साबित हो सकता है (8)। ऐसे में प्रेगनेंसी में फोलेट के लिए अन्य सब्जियों के साथ मूली या मूली के जूस का सेवन भी लाभकारी हो सकता है।

3. अल्सर के लिए

गर्भावस्था में अल्सर होने का रिस्क भी महिला को रहता है। खासतौर पर, उन महिलाओं को जिन्हें पहले कभी पेप्टिक (पेट का) अल्सर रहा हो (9)। इस खतरे को कम करने में भी मूली का जूस लाभकारी हो सकता है। दरअसल, शोध के अनुसार मूली को पेट के स्वास्थ्य और अल्सर के लिए उपयोगी बताया गया है (10)। इसके अलावा, मूली में गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव (Gastroprotective) प्रभाव भी होता है, जिससे अल्सर की समस्या से निपटा जा सकता है। इसके लिए मूली के जूस व रस को फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर में म्यूकस सेक्रेशन में मदद करके पेट के अल्सर की परेशानी या जोखिम को कम कर सकता है (11)। हालांकि, अगर अल्सर के लक्षण दिखे तो बेहतर है इस बारे में डॉक्टरी सलाह लें और मूली या मूली के जूस के सेवन से पहले भी डॉक्टर से पूछें।

4. हृदय स्वास्थ्य के लिए

गर्भावस्था में हृदय को स्वस्थ रखने के लिए भी मूली के जूस का सेवन किया जा सकता है। मूली हृदय रोग के जोखिम को भी कुछ हद तक कम कर सकता है (10)। दरअसल, मूली में नाइट्रेट नामक फाइटोकेमिकल होता है। यह फाइटोकेमिकल हृदय के लिए लाभकारी हो सकता है (12)। ऐसे में मूली के जूस के सेवन से हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है और हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है।

5. कब्ज के लिए

कब्ज भी प्रेगनेंसी में होने वाली आम समस्याओं में से एक है (13)। इस परेशानी से छुटकारा दिलाने में भी मूली का जूस फायदेमंद साबित हो सकता है। रिसर्च पेपर में मौजूद इससे जुड़ी जानकारी से यह पता चलता है कि मूली पेट संबंधी परेशानियों, जिसमें कब्ज भी शामिल है, उसके लिए भी उपयोगी हो सकता है (10)। इसके अलावा, कब्ज से बचाव के लिए फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों और पानी का सेवन भी उपयोगी माना जाता है (14)। वहीं, मूली में फाइबर और पानी दोनों मौजूद हैं (6)। ऐसे में इस आधार पर माना जा सकता है कि प्रेगनेंसी में कब्ज की समस्या से बचाव या राहत के लिए मूली के जूस का सेवन लाभकारी हो सकता है।

6. शिशु के स्वस्थ विकास के लिए

मूली के जूस को शिशु के स्वस्थ विकास के लिए भी लाभकारी माना गया है। हालांकि, सीधे तौर पर तो नहीं, लेकिन मूली में मौजूद पोषक तत्व के आधार पर इसे बेबी ग्रोथ के लिए लाभकारी माना जा सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, मूली में मौजूद सेलेनियम जैसा जरूरी पोषक तत्व शरीर के स्वस्थ विकास में उपयोगी हो सकता है। इतना ही नहीं, सेलेनियम गर्भपात के जोखिम को भी कम कर सकता है (1)। ऐसे में, इस आधार पर माना जा सकता है कि अन्य पोषक तत्व युक्त आहार के साथ ही सेलेनियम युक्त मूली के जूस का सेवन शिशु के स्वस्थ विकास में मददगार साबित हो सकता है।

7. पाचन के लिए उपयोगी

गर्भावस्था के दौरान पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए भी मूली के जूस का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, मूली पाचन क्रिया को बेहतर करने में उपयोगी हो सकती है (15)। हालांकि, इसके पीछे मूली में मौजूद कौन सा गुण है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। ऐसे में प्रेगनेंसी में बेहतर पाचन स्वास्थ्य के लिए मूली के जूस का सेवन लाभकारी हो सकता है। हां, कुछ मामलों में मूली गैस का कारण भी बन सकती है, इसलिए मूली या मूली के जूस के सेवन के बाद कुछ दिन इंतजार करें (16)। अगर इसके सेवन के बाद गैस जैसी समस्या होती है तो मूली के जूस का सेवन बंद कर दें।

8. मधुमेह से बचाव

गर्भावस्था के दौरान मधुमेह का जोखिम भी बढ़ जाता है (17)। वहीँ, प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती में हाई ब्लड शुगर की समस्या शिशु को भी नुकसान पहुंचा सकती है (18)। ऐसे में प्रेगनेंसी में मधुमेह के जोखिम को कम करने के लिए मूली का जूस लाभकारी हो सकता है। दरअसल, मूली में फाइटोकेमिकल्स मौजूद होते हैं, जो एंटीडायबिटिक गुण प्रदर्शित कर सकते हैं। इसके अलावा, ये पॉलीफेनोल ब्लड ग्लूकोज कम करने का प्रभाव यानी हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव प्रदर्शित कर सकते हैं (10)। ऐसे में इस आधार पर मान सकते हैं कि मूली में मौजूद इन गुणों के कारण मूली के जूस के सेवन से गर्भावस्था में मधुमेह का जोखिम कम हो सकता है।

और पढ़ें

अब लेख के इस भाग में हम गर्भवती के लिए मूली का जूस बनाने का तरीका साझा कर रहे हैं।

गर्भावस्था में मूली का जूस बनाने की विधि

यहां हम मूली का जूस बनाने की आसान विधि बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार है:

सामग्री:

  • एक या दो मूली
  • स्वादानुसार नमक
  • आधा से एक कप पानी
  • एक छोटा गिलास या कप

बनाने की विधि:

  • सबसे पहले मूली को अच्छी तरह से धो लें।
  • अब मूली को छील लें।
  • फिर एक बार मूली को अच्छी तरह धो लें।
  • धोने के बाद मूली को छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • अब इन टुकड़ों को मिक्सी में डालें।
  • इनके साथ आधा कप पानी डालें।
  • फिर इसे ग्राइंड कर लें।
  • अब एक छन्नी की मदद से जूस को एक गिलास में छान लें।
  • तैयार है मूली का जूस।
  • गिलास में निकालने के बाद उसमें स्वादानुसार नमक मिलाकर सेवन करें।

नोट : डॉक्टरी सलाह पर चाहें तो मूली के रस में स्वाद के लिए आंवला, अदरक, चाट मसाला और काला नमक भी मिला सकते हैं।

स्क्रॉल करें

प्रेगनेंसी में मूली के जूस के फायदे और बनाने की विधि के बाद अब गर्भावस्था में मूली के जूस के नुकसान से जुड़ी जानकारियां दे रहे हैं।

प्रेगनेंसी में मूली के जूस के नुकसान – Side Effects of Radish Juice During Pregnancy

मूली के जूस के फायदे की तरह ही इसके नुकसान हम मूली के नुकसान के आधार पर साझा कर रहे हैं। तो प्रेगनेंसी में मूली के जूस के नुकसान कुछ इस प्रकार हैं :

  • मूली में एंटी डायबिटिक और ब्लड शुगर कम करने के गुण मौजूद हैं (19)। ऐसे में मूली के जूस के अधिक सेवन से से ब्लड शुगर बहुत कम हो सकता है।
  • मूली से बैक्टीरियल इंफेक्शन होने का जोखिम हो सकता है, क्योंकि इसमें कीटाणु होने की आशंका है (3)। ऐसे में अगर मूली को अच्छे से न धोकर जूस बनाया गया तो मूली के जूस से भी बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा हो सकता है।
  • मूली से गैस की समस्या हो सकती है (16)। ऐसे में अगर मूली के जूस के सेवन के बाद अगर गैस या पेट फूलने की परेशानी हो तो तुरंत इसका सेवन बंद कर दें।

आगे है और जानकारी

अब जानिए मूली के जूस से जुड़ी सावधानियों के बारे में।

प्रेगनेंसी में मूली के जूस से जुड़ी सावधानियां – Precautions while taking Radish Juice during Pregnancy

मूली के नुकसान से बचाव के लिए कुछ सावधानियों को ध्यान में रखना भी आवश्यक है। ऐसे में नीचे पढ़ें मूली के जूस से जुड़ी सावधानियां, जो कुछ इस प्रकार हैं:

  • मूली के जूस के लिए हमेशा ताजी मूली का ही उपयोग करें।
  • मूली का जूस बनाने से पहले इसे अच्छी तरह धो लें।
  • अगर किसी महिला को मूली से एलर्जी है तो वो मूली का जूस न पिएं।
  • गर्भवती मूली या मूली के जूस के सेवन से पहले डॉक्टरी परामर्श लें।
  • गर्भवती नाश्ते के साथ या नाश्ते के बाद आधा कप मूली के जूस का सेवन कर सकती हैं।
  • चाहें तो मूली के जूस की मात्रा और सेवन के समय के बारे में भी एक बार डॉक्टरी सलाह लें।

अब आप गर्भावस्था में मूली के जूस के फायदे अच्छी तरह से जान चुके होंगे। ऐसे में अगर गर्भवती बिना किसी नुकसान के इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहती हैं तो एक बार डॉक्टरी परामर्श जरूर लें। इसलिए क्योंकि हर किसी की प्रेगनेंसी एक जैसी नहीं होती है। एक बार जब डॉक्टर से इस बात की पुष्टि हो जाए कि मूली के जूस का सेवन कर सकती हैं। तो ऊपर बताए गए तरीके से घर में ही मूली का जूस बनाएं और सेवन करें। उम्मीद है यह लेख आपको पसंद आया होगा, तो इसे अन्य लोगों के साथ शेयर कर हर किसी को प्रेगनेंसी में मूली के जूस के फायदों से अवगत जरूर कराएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रेगनेंसी में मूली का जूस कब पीना शुरू करें?

प्रेगनेंसी में मूली के जूस का सेवन कब करना चाहिए, यह स्पष्ट नहीं है। हालांकि, माना जाता है कि डॉक्टरी सलाह पर सिमित मात्रा में स्वस्थ गर्भावस्था में मूली के जूस का सेवन कभी भी शुरू किया जा सकता है।

Sources

Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Read our editorial policy to learn more.

  1. Minerals in Pregnancy and Lactation: A Review Article
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5713811/
  2. Factors affecting maternal nutrition and health: A qualitative study in a matrilineal community in Indonesia
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7297355/
  3. Pregnancy and Nutrition
    https://medlineplus.gov/pregnancyandnutrition.html
  4. High Blood Pressure in Pregnancy
    https://medlineplus.gov/highbloodpressureinpregnancy.html#:~:text=Gestational%20hypertension%20is%20high%20blood
  5. Relationship Between Nutrition and Blood Pressure: A Cross-Sectional Analysis from the NutriNet-Santé Study, a French Web-based Cohort Study
    https://academic.oup.com/ajh/article/28/3/362/2743418
  6. Radishes, raw
    https://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/169276/nutrients
  7. A folate-rich diet is as effective as folic acid from supplements in decreasing plasma homocysteine concentrations
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1145135/
  8. Folic Acid in Diet
    https://medlineplus.gov/ency/article/002408.htm#:~:text=Folate%20has%20many%20functions%20in
  9. Peptic ulcer disease in pregnancy
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/1478737/
  10. Deciphering the Nutraceutical Potential of Raphanus sativus—A Comprehensive Overview
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6412475/
  11. Gastroprotective effect of radish “Raphanus Sativus” L. on experimental Gastric ulcer models in rats
    https://www.researchgate.net/publication/228809335_Gastroprotective_effect_of_radish_Raphanus_Sativus_L_on_experimental_Gastric_ulcer_models_in_rats
  12. Cardiovascular Health Benefits of Specific Vegetable Types: A Narrative Review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5986475/
  13. Common symptoms during pregnancy
    https://medlineplus.gov/ency/patientinstructions/000583.htm
  14. Constipation – self-care
    https://medlineplus.gov/ency/patientinstructions/000120.htm
  15. Radishes
    https://www.nj.gov/agriculture/farmtoschool/documents/seasonality-chart/F2S%20Radishes.pdf
  16. Gas and Flatulence Prevention Diet
    http://www.syracusegastro.com/docs/Gas%20and%20Flatulance%20Prevention-1.pdf
  17. Gestational diabetes
    https://medlineplus.gov/ency/article/000896.htm
  18. Diabetes and Pregnancy
    https://medlineplus.gov/diabetesandpregnancy.html#:~:text=Diabetes%20and%20Pregnancy
  19. Radish (Raphanus sativus) and Diabetes
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5622774/
Was this article helpful?
thumbsupthumbsdown
The following two tabs change content below.
पुजा कुमारी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने वर्ष 2015 में अपने... more

ताज़े आलेख