प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Swollen Feet During Pregnancy in Hindi

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गर्भवती होना हर महिला का सपना होता है। वहीं, इस दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। जैसे – पेट दर्द, चक्कर आना, उल्टी होना इत्यादि। इन समस्याओं की अनदेखी जच्चा और बच्चा दोनों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। इस दौरान एक और समस्या है, जिनका सामना गर्भवती महिलाओं को करना पड़ता है और वो है पैरों में सूजन। हालांकि, प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन होना सामान्य बात है, लेकिन फिर भी इसके बारे में जानना बहुत जरूरी है। इसलिए, स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम गर्भावस्था में पैरों में सूजन के कारण, लक्षण और इससे बचाव के लिए घरेलू उपाय के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी लेकर आए हैं। तो, इस बारे में जानने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

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चलिए लेख में आगे बढ़ते हैं और जानते हैं प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन के कारण क्या-क्या हो सकते हैं?

प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन के कारण – Causes of Swollen Feet During Pregnancy in Hindi

सूजन का मतलब होता है – शरीर के ऊतकों (Tissues) में द्रव या तरल पदार्थ का जमना। यह समस्या शरीर के किसी भी भाग में हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान भी पैरों में सूजन की शिकायत देखी जा सकती है (1)। वहीं, प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन के कारण निम्नलिखित हो सकते हैं (2)

  • हार्मोन में बदलाव
  • खाने में अधिक नमक का सेवन
  • आयरन की कमी
  • किडनी की बीमारी
  • लिवर की बीमारी
  • उच्च रक्तचाप

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यहां हम बताने जा रहे हैं कि गर्भावस्था में पैरों में सूजन के लक्षण क्या हो सकते हैं?

प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन के लक्षण – Symptoms of Swollen Feet During Pregnancy in Hindi

प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन के कारण जानने के इसके लक्षणों को भी जानना बेहद जरूरी है। अगर इसके लक्षण पता होंगे, तो सही समय पर इसका इलाज किया जा सकता है। इसलिए, यहां हम गर्भावस्था में पैरों में सूजन के लक्षण के बारे में बता रहे हैं (3)

  • पैर भारी लगना
  • खुद में असहज महसूस करना
  • प्रभावित जगह को उंगली से दबाने पर गड्ढा सा पड़ना।
  • सूजन वाली जगह पर गरमाहट महसूस होना
  • पैरों को हिलाने में परेशानी होना
  • प्रभावित पैर में दर्द महसूस होना

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अब जानिए प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन की समस्या कब हो सकती है?

प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन की समस्या कब होती है?

गर्भावस्था के दौरान पैरों में सूजन की समस्या कभी भी हो सकती है। वहीं, इससे जुड़े एक शोध में तीसरी तिमाही के दौरान पैरों में सूजन की शिकायत का पता चलता है। इसी आधार पर यह कहा जा सकता है कि गर्भावस्था में पैरों में सूजन की समस्या तीसरी तिमाही में हो सकती है (2)। हालांकि, यह समस्या ऊपर बताए गए कारणों की वजह से पहली या दूसरी तिमाही में भी हो सकती है। फिलहाल, इससे जुड़ी सटीक जानकारी के लिए और शोध की आवश्यकता है।

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आर्टिकल के इस भाग में गर्भावस्था में पैरों में सूजन के लिए घरेलू उपाय के बारे में जानकारी दी गई है।

प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Swollen Feet During Pregnancy in Hindi

जब किसी को कोई समस्या होती है, तो उसे ठीक करने के उपायों को जानना भी जरूरी है। इसलिए, यहां हम गर्भावस्था में पैरों में सूजन के लिए घरेलू उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं। वहीं, ध्यान रहे कि ये घरेलू उपाय प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन का डॉक्टरी इलाज नहीं हैं। ये केवल समस्या से कुछ हद तक आराम दिलाने में मदद कर सकते हैं।

1. आइस पैक

सामग्री :  

  • आइस पैक

कैसे करें प्रयोग : 

  • सूजन वाली जगह पर आइस पैक को एक-एक मिनट के अंतराल में रखें और धीरे-धीरे दबाएं।
  • जब तक सूजन से आराम न मिले, यह प्रक्रिया दोहराई जा सकती है।
  • इस उपाय को खुद से करने में कोई दिक्कत हो, तो परिवार के किसी सदस्य की मदद ले सकती हैं।

कैसे है फायदेमंद :

आइस पैक प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन से राहत दे सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में जिक्र मिलता है कि सूजन को कम करने के लिए आइस पैक की सलाह दी जा सकती है (4)। हालांकि, यह कितना प्रभावी होगा, इस तथ्य की सटीकता से जुड़े वैज्ञानिक शोध का अभाव है। इसलिए, गर्भावस्था में पैरों में सूजन का इलाज आइस पैक के जरिए करने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

2. एसेंशियल ऑयल

सामग्री : 

  • यूकेलिप्टस या पिपरमिंट एसेंशियल ऑयल की तीन-चार बूंदें
  • तीन चार बूंद जैतून या नारियल का तेल

कैसे करें प्रयोग: 

  • अपने पसंद के किसी एसेंशियल ऑयल को जैतून या नारियल तेल के साथ मिला लें।
  • फिर इस मिश्रण से प्रभावित जगह की हल्के हाथों से मसाज करें या करवाएं।

कैसे है फायदेमंद : 

गर्भावस्था में पैरों में सूजन को कम करने में एसेंशियल ऑयल असरकारी साबित हो सकते हैं। दरअसल, यूकेलिप्टस ऑयल और पिपरमिंट ऑयल में एंटी इन्फ्लामेट्री गुण मौजूद होते हैं (5) (6)। यह गुण सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, प्रेगनेंसी में पैर में सूजन को मालिश के जरीए कम किया जा सकता है (7) 

3. जौ का पानी

सामग्री :  

  • एक से दो चम्मच जौ के दाने
  • एक गिलास पानी

कैसे करें प्रयोग : 

  • सबसे पहले जौ के दानों को पानी में डाल कर उबाल लें।
  • इसे तब तक उबालें जब तक इसका रंग पूरी तरह से भूरा न हो जाए।
  • अब इस पानी को ठंडा कर पी लें।

कैसे है फायदेमंद  :

जौ का पानी भी गर्भावस्था के दौरान सूजन कम करने का उपाय हो सकता है। दरअसल, जौ में भी एंटी इन्फ्लामेट्री गुण मौजूद होते हैं, जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं (8)। वहीं, प्रगनेंसी में जौ के सेवन की भी सलाह दी जाती है (9)। हालांकि, प्रेगनेंसी में जौ का पानी देने से जुड़ा कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्रेगनेंसी में पैरों की सूजन कम करने के लिए जौ के पानी का सेवन करने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

4. खीरा

सामग्री :

  • एक खीरा
  • साफ पट्टी (बांधने के लिए)

कैसे करें प्रयोग :

  • सबसे पहले खीरे को पतले-पतले स्लाइस में काट लें।
  • इसके बाद इसे प्रभावित जगहों पर रखें, फिर इसपर पट्टी बांध लें।
  • बांधने समय पट्टी को ज्यादा टाइट न करें।

कैसे है फायदेमंद  :

गर्भावस्था के दौरान सूजन कम करने के उपाय में खीरा भी शामिल हो सकता है। दरअसल, खीरा त्वचा की जलन को शांत कर सकता है। साथ ही इसमें सूजन को कम करने की क्षमता भी होती है (10)। ऐसे  में, हम कह सकते हैं कि गर्भावस्था में बताए गए तरीके से किया गया खीरे का इस्तेमाल पैरों की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।

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5. गोभी के पत्ते

सामग्री :

  • गोभी के कुछ पत्ते
  • साफ पट्टी

कैसे करें प्रयोग :

  • गोभी के पत्ते को फ्रिज में पहले ठंडा कर लें।
  • इसके बाद प्रभावित जगह पर ठंडे गोभी के पत्ते रखें, फिर इस पर हल्की पट्टी बांध लें।

कैसे है फायदेमंद : 

पत्ता गोभी के पत्तों का भी इस्तेमाल गर्भावस्था के दौरान सूजन कम करने के उपाय के लिए किया जा सकता है। दरअसल, एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि पत्ता गोभी में भी एंटी इन्फ्लामेट्री गुण पाए जाते हैं, जो सूजन को कम करने में प्रभावी हो सकता है (11) । हालांकि, इसका ज्यादातर इस्तेमाल महिलाओं के स्तन में होने वाले दर्द या सूजन के लिए किया जाता है (12)। ऐसे में, गर्भावस्था में पैरों में सूजन में यह कितना सहायक हो सकता है, इस पर अभी और सटीक वैज्ञानिक प्रमाणिकता की आवश्यकता है।

6. शकरकंद

सामग्री : 

  • शकरकंद
  • पट्टी

कैसे करें प्रयोग : 

  • शकरकंद को स्लाइसेस में काट लें।
  • अब इसे प्रभावित जगह पर रखें और उसके ऊपर हल्की पट्टी बांध लें।

कैसे है फायदेमंद : 

प्रेगनेंसी में पैर में सूजन से राहत के लिए शकरकंद का उपयोग भी किया जा सकता है। दरअसल, शकरकंद में एंटी इन्फ्लामेट्री गुण मौजूद होते हैं, जिसका उपयोग सूजन के उपचार के लिए किया जा सकता है (13)। वहीं, शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि शकरकंद की जड़ का आटा एडिमा यानी सूजन को कम करने में उपयोगी हो सकता है (14)

7. केला

सामग्री : 

  • एक-दो केले का छिलके
  • अब चाकू से छिलके के अंदरूनी परत को निकाल कर उसका पेस्ट बना लें।

कैसे करें प्रयोग : 

  • इस पेस्ट को अब प्रभावित जगहों पर लगाएं।

कैसे है फायदेमंद  :

केला एक पौष्टक फल होने के साथ-साथ सूजन से राहत दिलाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। एक शोध में सूजन और जलन को कम करने में केले के छिलके का उपयोग सफल माना गया है (15)। हालांकि, यह कितना प्रभावी होगा, इससे जुड़े वैज्ञानिक शोध का अभाव है।

8. पालक

सामग्री : 

  • पालक के कुछ पत्ते

कैसे करें प्रयोग : 

  • सबसे पहले पालक के पत्तों को फ्रिज में डालकर ठंडा कर लें।
  • फिर इसे प्रभावित जहगों पर रखकर पट्टी बांध दें।
  • कुछ घंटों के लिए इस पट्टी को बांधे रखें।

कैसे है फायदेमंद  :

गर्भावस्था में पैरों में सूजन के लिए पालक का उपाय भी किया जा सकता है। दरअसल, पालक में एंटी इन्फ्लामेट्री गुण यानी सूजन को कम करने के गुण पाए जाते हैं। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि पालक प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन से बचाव व उसे कम करने में मदद कर सकता है। एंटी इन्फ्लामेट्री गुण की वजह से प्रगनेंसी में पैरों में सूजन से राहत पाने के लिए इसका सेवन भी किया जा सकता है। वहीं, गर्भावस्था में इसका सेवन सुरक्षित माना गया है (16)

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इस भाग में जानिए गर्भावस्था में पैरों में सूजन कम करने से जुड़े कुछ जरूरी टिप्स।

गर्भावस्था में पैरों में सूजन के लिए कुछ और जरूरी टिप्स – Other Tips For Swollen Feet During Pregnancy in Hindi

नीचे प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन को कम करने के लिए जरूरी टिप्स बताए गए है, जिनका पालन किया जा सकता है –

  • हाइड्रेट रहना : गर्भावस्था में पैरों में सूजन को दूर रखने के लिए नियमित रूप से पानी का सेवन करना चाहिए। शरीर में पानी की मौजूदगी सूजन की समस्या को दूर रख सकती है (17)
  • व्यायाम : व्यायाम को भी गर्भावस्था के दौरान सूजन कम करने के उपाय में शामिल किया जा सकता है। इससे गर्भावस्था में पैरों में सूजन से राहत मिल सकती है (18)। वहीं, इस दौरान कोई भी व्यायाम डॉक्टरी परामर्श और विशेषज्ञ की देखरेख मे ही करें।
  • आहार : गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए पौष्टिक भोजन कितना आवश्यक होता है, यह सभी जानते हैं। वहीं, प्रेगनेंसी में पैर में सूजन के समय उन्हें अपने आहार को और बेहतर करने की जरूरत होती है। इस दौरान एंटी-इन्फ्लामेट्री गुणों से समृद्ध सब्जी और फलों (जैसे – पालक, टमाटर, स्ट्रॉबेरी या संतरा) को अपने आहार में शामिल किया जा सकता है (19)। गर्भावस्था में बताए गए खाद्य पदार्थों को सुरक्षित माना गया है (20)। वहीं, डॉक्टरी परामर्श पर अन्य एंटी-इन्फ्लामेट्री खाद्य-पदार्थों को भी शामिल किया जा सकता है।
  • ढीले कपड़े पहने : अगर किसी भी महिला को गर्भावस्था में पैरों में सूजन की समस्या हो रही है, तो उन्हें हमेशा ढीले-ढाले कपड़े पहनने चाहिए। इससे उन्हें तकलीफ कम होगी और वे खुद में हल्का महसूस करेंगी।
  •  नमक का इस्तेमाल कम करें : प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन के दौरान महिलाएं नमक का अधिक सेवन करने से बचें। खाना पकाने के दौरान कोशिश करें कि नमक का कम से कम प्रयोग हो (17)
  • डिहाइड्रेटेड ड्रिंक्स से परहेज : गर्भावस्था में पैरों में सूजन से बचने के लिए डिहाइड्रेटेड ड्रिंक्स जैसे चाय, कॉफी और अल्कोहल से बचें (17)
  • टहलना : गर्भावस्था में पैरों में सूजन से राहत पाने के लिए महिलाएं टहल भी सकती हैं। इससे उन्हें दर्द और सूजन दोनों से आराम मिल सकता है। इस दौरान महिलाएं इलास्टिक वाले मोजे भी पहन सकती हैं (21)
  •  लंबे समय तक खड़े रहने से बचें : गर्भावस्था के दौरान अधिक समय तक खड़े रहने से पैरों की सूजन और बढ़ सकती है। इसलिए, गर्भवती महिलाएं लंबे समय तक खड़े रहने से बचें। ऐसा करने से प्रेगनेंसी में  पैरों में सूजन से आराम मिल सकता है (3)

बाकी है जानकारी

अब जानिए प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन होने पर कब डॉक्टर से मिलें?

प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन होने पर डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?

गर्भावस्था में पैरों में सूजन को आम माना जाता है। वहीं, कुछ स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी हो सकता है, जैसे –

  • असहनीय दर्द की स्थिति।
  • सूजन और दर्द का लंबे समय तक बने रहना।
  • सूजन के साथ अन्य किसी शारीरिक तकलीफ का सामना करना।

पढ़ते रहें

अब हम जानेंगे कि प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन के इलाज क्या-क्या हो सकते हैं?

प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन का इलाज – Treatment for Swollen Feet During Pregnancy in Hindi

गर्भावस्था में पैरों में सूजन का इलाज करने के लिए डॉक्टर कई तरह तरीके इस्तेमाल में ला सकता है। तो चलिए, क्रमवार जानते हैं गर्भावस्था में पैरों में सूजन का इलाज (22)

  • पैरों को ऊंचाई पर रखना – गर्भावस्था में पैरों में सूजन होने पर डॉक्टर गर्भवती को लेटते वक्त पैरों को थोड़ी ऊंचाई पर रखने की सलाह दे सकता है। इसके लिए गर्भवती अपने पैरों के नीचे एक या दो तकिए रख सकती है। इससे पैरों की सूजन से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। वहीं, पैरों की सूजन के पीछे अगर कोई शारीरिक समस्या है, तो डॉक्टर सूजन के कारण के आधार पर इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है।
  • बैंडेज – बैंडेज भी गर्भावस्था में पैरों में सूजन का इलाज कर सकती है। बैंडेज को सूजन वाले पैरों से बांधकर इलाज किया जा सकता है। यह ऊतकों पर उच्च दबाव डाल सकती है, जिससे आराम मिल सकता है।
  •  इलास्टिक मोजा – इलास्टिक मोजा भी गर्भावस्था में पैरों में सूजन का इलाज करने में मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, यह दबाव को बनाए रख सकता है, जिससे सूजन से राहत मिल सकती है।
  • इंटरमिटेंट न्यूमेटिक कंप्रेशन (आईपीसी) – इसमें आईपीसी डिवाइस के जरिए दवाब बनाकर सूजन को कम करने का काम किया जाता है। इसके जरीए गर्भावस्था में पैरों में सूजन का इलाज किया जा सकता है।
  • पैरों की मालिश – पैरों की मालिश से भी गर्भावस्था में पैरों में सूजन का इलाज किया जा सकता है। सूजन से प्रभावित जगहों पर मालिश करने से आराम मिल सकता है।
  • रिफ्लेक्सोलॉजी – रिफ्लेक्सोलॉजी भी एक प्रकार की मालिश होती है, इसमें प्रभावित हिस्सों पर दबाव बनाया जाता है। इससे गर्भावस्था में पैरों में सूजन का इलाज हो सकता है। यह काफी असरदार भी साबित हो सकती है।

बने रहें हमारे साथ

चलिए अब जान लेते हैं कि गर्भावस्था में पैरों की सूजन से बचाव कैसे किया जा सकता है?  

प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन से बचाव – Prevention Tips for Swollen Feet During Pregnancy in Hindi

प्रेगनेंसी के दौरान अगर महिलाएं कुछ चीजों का ध्यान रखें, तो प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन से बचाव किया जा सकता है। नीचे हम क्रमवार तरीके से इस बारे में बता रहे हैं (17) (18)

  • जैसा कि हमने ऊपर बताया कि खाने में नमक का कम से कम इस्तेमाल करें।
  • पैरों में हल्का-सा भी दर्द महसूस होने पर एक-दो तकिए को अपने पैरों के नीचे रख कर लेट जाएं।
  • लगातार एक जगह पर लंबे समय तक बैठे न रहें। बीच-बीच में उठकर जरूर टहलें।
  • टाइट कपड़े पहनने से बचें।
  • डॉक्टरी सलाह और विशेषज्ञ की देखरेख में पैरों से जुड़े हल्के व्यायाम कर सकते हैं।

दोस्तों, गर्भावस्था में पैरों में सूजन होना सामान्य है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इसलिए, इस दौरान पैरों में सूजन होने पर लेख में बताए गए प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन के लिए घरेलू उपाय डॉक्टरी परामर्श पर किए जा सकते हैं। वहीं, किसी महिला को अगर अधिक परेशानी हो रही है, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। आपकी सुविधा के लिए हमने लेख में प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन से बचाव से जुड़े कुछ जरूरी टिप्स भी साझा किए हैं, जिनका पालन किया जा सकता है। हम उम्मीद करते हैं कि यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इस तरह की अन्य जानकारी के लिए स्टाइलक्रेज के अन्य लेख को पढ़ सकते हैं।

22 संदर्भ (Sources) :

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Aviriti Gautam

आवृति गौतम ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने अपने करियर की शुरूआत डिजिटल मीडिया से ही की थी। इस क्षेत्र में इन्हें काम करते हुए दो वर्ष से ज्यादा हो गए हैं। आवृति को स्वास्थ्य विषयों पर लिखना और अलग-अलग विषयों पर विडियो बनाना खासा पसंद है। साथ ही इन्हें तरह-तरह की किताबें पढ़ने का, नई-नई जगहों पर घूमने का और गाने सुनने का भी शौक है।

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