प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर के फायदे और नुकसान- Protein Powder During Pregnancy In Hindi

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गर्भावस्था के समय भी शरीर को सभी पोषक तत्वों की संतुलित मात्रा में जरूरत होती है। इनमें से एक आवश्यक न्यूट्रिएंट प्रोटीन भी है। कई बार इसकी पूर्ति के लिए प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को प्रोटीन पाउडर का सेवन करना पड़ता है। ऐसे में उनके मन में यह डर बना रहता है कि कहीं इससे गर्भस्थ शिशु को नुकसान तो नहीं होगा। प्रोटीन पाउडर से जुड़ी इस दुविधा को दूर करने के लिए स्टाइलक्रेज के इस लेख में जानिए कि प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर लेना सुरक्षित है या नहीं। साथ ही हम प्रोटीन के फायदे और प्रेगनेंसी में प्रोटीन खाने के नुकसान दोनों की जानकारी दे रहे हैं।

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लेख में आगे बढ़ते हुए जानिए कि प्रेगनेंसी में प्रोटीन का सेवन सुरक्षित है या नहीं।

क्या गर्भावस्था में प्रोटीन खाना सुरक्षित है – Is it Safe to Eat Protein While Pregnant?

हां, गर्भावस्था में प्रोटीन लेना सुरक्षित है। इसे खाद्य पदार्थों के माध्यम से लिया जा सकता है। अगर किसी गर्भवती के शरीर में प्रोटीन की मात्रा कम है, तो डॉक्टर प्रोटीन सप्लीमेंट के रूप में प्रोटीन पाउडर लेने की सलाह दे सकते हैं। इससे भ्रूण के विकास और लो बर्थ वेट यानी वजन कम होने की समस्या को कम किया जा सकता है (1)। बताया जाता है कि जिन महिलाओं का वजन कम या शरीर में पार्यप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं होता है, उन्हें डॉक्टर संतुलित मात्रा में प्रोटीन सप्लीमेंट लेने का सुझाव दे सकते हैं (2)।

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आगे पढ़ें कि प्रेगनेंसी में महिला को कितनी मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है।

प्रेगनेंसी में कितना प्रोटीन लेना चाहिए?

गर्भावस्था के समय एक स्वस्थ महिला को प्रतिदिन कम से कम 71 ग्राम तक प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। महिला के शरीर को प्रेगनेंसी की हर तिमाही में प्रोटीन की थोड़ी अधिक मात्रा की जरूरत पड़ सकती है, जो इस प्रकार है (3):

  • प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में रोजाना 1 ग्राम अतिरिक्त प्रोटीन की जरूरत हो सकती है।
  • दूसरे तिमाही में 8 ग्राम अतिरिक्त प्रोटीन की आवश्यकता पड़ सकती है।
  • तीसरी तिमाही में शरीर को 26 ग्राम अतिरिक्त प्रोटीन की जरूरत हो सकती है।

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चलिए, अब जान लेते हैं कि प्रेगनेंसी में प्रोटीन के फायदे में क्या-क्या शामिल हैं।

प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर के फायदे – Benefits of Protein Powder During Pregnancy In Hindi

गर्भावस्था के समय प्रोटीन पाउडर लेने से न सिर्फ प्रोटीन की कमी को दूर किया जा सकता है, बल्कि इससे कई अन्य लाभ भी मिल सकते हैं। प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर के फायदे के बारे में आगे विस्तार से पढ़ें।

1. इम्युनिटी के लिए

प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर का उपयोग करने से इम्युनिटी को बेहतर करने में मदद मिल सकती है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में दिया हुआ है कि प्रेगनेंसी में प्रोटीन की कमी के कारण भ्रूण का इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है। इससे उसे इंफेक्शन होने का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में प्रोटीन भ्रूण की इम्युनिटी को बनाए रख सकता है (4)।

इसके अलावा, जिन प्रोटीन पाउडर में अमीनो एसिड सिस्टीन होता है, वो शरीर में ग्लूटाथिओन के लेवल को बढ़ाकर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर सकते हैं। दरअसल, ग्लूटाथियोन एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो इम्यून सिस्टम में सुधार करके इंफेक्शन के जोखिम से बचा सकता है (5)।

2. मांसपेशियों के लिए

गर्भावस्था में प्रोटीन लेने के लाभ में मांसपेशियों को क्षति से बचाना भी शामिल है। इससे जुड़े एक वैज्ञानिक अध्ययन की मानें, तो प्रोटीन के सेवन से मांसपेशियों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। साथ ही प्रोटीन से मांसपेशियों की कार्यप्रणाली को बेहतर करने में भी मदद मिल सकती है (6)। हालांकि, यह वैज्ञानिक अध्ययन एथलीटों पर किया गया है, लेकिन माना जाता है कि गर्भवतियों पर भी प्रोटीन यही प्रभाव दिखा सकता है।

3. ऊर्जा के लिए

गर्भावस्था के दौरान थकान होना काफी आम बात है (7)। इस थकान को दूर करके शरीर को ऊर्जा देने में प्रोटीन पाउडर अहम भूमिका निभा सकता है। दरअसल, प्रोटीन पाउडर में अच्छी मात्रा में ऊर्जा होती है, जो गर्भवती को पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखने का काम कर सकता है (8)। ऐसे में माना जा सकता है कि प्रोटीन पाउडर इन प्रेगनेंसी के लाभ में ऊर्जा देना भी शामिल है।

4. गर्भाकालीन मधुमेह

एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान पार्यप्त मात्रा में प्रोटीन लेने वाली महिलाओं में गर्भाकालीन मधुमेह का जोखिम कम होता है। वहीं, जिन गर्भवतियों में मधुमेह का जोखिम पाया गया, उनमें प्रोटीन की कमी थी। लिहाजा, ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि प्रोटीन पाउडर गर्भावस्था के समय मधुमेह की समस्या से बचाव और उसे कुछ कम कर सकता है (9)। इस दौरान शुगर युक्त प्रोटीन पाउडर का सेवन बिल्कुल न करें।

5. भ्रूण विकास के लिए

प्रेगनेंसी में प्रोटीन के फायदे में भ्रूण विकास का भी जिक्र होता है। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर लेने से भ्रूण के विकास के साथ ही जन्म के दौरान कम वजन यानी लो बर्थ वेट के जोखिम से बचने में मदद मिल सकती है। यह जानकारी एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक रिसर्च पेपर में उपलब्ध है (1)।

6. हृदय को स्वस्थ रखने के लिए

प्रोटीन पाउडर फॉर प्रेगनेंसी के फायदों में हृदय स्वास्थ्य भी शामिल है। एक रिसर्च की मानें, तो प्रोटीन पाउडर में ल्यूटिन नामक विटामिन होता है, जो हृदय को स्वस्थ रखने और हृदय रोग के जोखिम से बचाने का काम कर सकता है (10)। इससे संबंधित एक अन्य शोध में दिया हुआ है कि प्रोटीन पाउडर में एंटी ऑक्सीडेंट प्रभाव होता है, जो हृदय रोग से बचाव कर सकता है (11)। इसी आधार पर माना जा सकता है कि प्रोटीन पाउडर हृदय के लिए लाभकारी है।

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अब हम प्रोटीन पाउडर के पोषक तत्वों की जानकारी देने जा रहे हैं।

प्रोटीन पाउडर के पोषक तत्व

प्रोटीन पाउडर को कई अलग-अलग सामग्रियों को मिलाकर तैयार किया जाता है, इसलिए इसमें प्रोटीन के अलावा कई अन्य पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। इन पोषक तत्वों के बारे में हम नीचे एक टेबल के माध्यम से विस्तार से बता रहे हैं (8)।

पोषक तत्व मूल्य प्रति 100 g
ऊर्जा333 kcal
प्रोटीन50 g
टोटल लिपिड (>फैट)3.33 g
कार्बोहाइड्रेट36.67 g
फाइबर16.7 g
शुगर13.33 g
कैल्शियम400 mg
पोटैशियम, K467 mg
सोडियम, Na567 mg
विटामिन सी, >टोटल एस्कॉर्बिक एसिड520 mg
राइबोफ्लेविन0.567 mg
नियासिन4 mg
पैंथोथेटिक एसिड2 mg
विटामिन बी- 60.533 mg
फोलेट133 µg
विटामिन बी-122 µg
फैटी एसिड्स, >टोटल सैचुरेटेड1.67 g
कोलेस्ट्रॉल83 mg

आगे और जानकारी है

आइए, जानते हैं कि गर्भावस्था के समय प्रोटीन पाउडर को आहार में कैसे शामिल कर सकते हैं।

प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर को अपने आहार में कैसे शामिल करें

प्रेगनेंसी के दौरान प्रोटीन पाउडर को सही तरीके से आहार में शामिल करना जरूरी होता है। इससे प्रोटीन पाउडर के लाभ बेहतर तरीके से हो सकते हैं। नीचे हम प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर को आहार में शामिल कैसे करना है, इसकी जानकारी दे रहे हैं।

कैसे करें सेवन :

  • प्रोटीन पाउडर को दूध में अच्छी तरह मिलाकर पी सकते हैं।
  • इसे पानी में मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है।
  • खीर में मिलाकर खा सकते हैं।
  • ओट्स में मिलाया जा सकता है।

कब करें सेवन :

  • डॉक्टर की सलाह पर प्रोटीन पाउडर को सुबह या शाम ले सकते हैं।

कितना करें सेवन :

  • गर्भावस्था में प्रोटीन पाउडर के सेवन की सटीक मात्रा डॉक्टर ही बता सकते हैं। हां, हर व्यक्ति को प्रतिदिन 71 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है (3)।

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आगे इसपर नजर डालिए कि प्रेगनेंसी में प्रोटीन खाने के नुकसान क्या-क्या होते हैं।

प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर खाने के नुकसान – Side Effects of Protein Powder in Pregnancy In Hindi

प्रेगनेंसी में प्रोटीन के फायदे तो होते ही है, लेकिन इसकी अधिकता होने से प्रेगनेंसी में प्रोटीन खाने के नुकसान भी हो सकते हैं। इन नुकसान की जानकारी हम नीचे दे रहे हैं।

  • गर्भवती में प्रोटीन की अधिकता से गर्भस्थ शिशु का विकास बाधित हो सकता है (12)।
  • प्रेगनेंसी के समय अधिक मात्रा में प्रोटीन पाउडर लेने से मुंहासे हो सकते हैं (13)।
  • अगर कोई ज्यादा दिनों तक नियमित रूप से प्रोटीन पाउडर लेता है, तो उन्हें किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं (14)।
  • डेयरी से एलर्जिक लोगों को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल असुविधा हो सकती है (15)।
  • कुछ प्रोटीन पाउडर बहुत शुगर होता है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकता है (15)।
  • प्रोटीन पाउडर में कैलोरी और शुगर दोनों होने के कारण इससे वजन बढ़ सकता है (15)।

गर्भावस्था में प्रोटीन की क्या भूमिका होती है, यह अब पूरी तरह स्पष्ट हो गया होगा। प्रेगनेंसी में प्रोटीन पाउडर को कभी भी डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। डॉक्टर इसकी सही मात्रा के बारे में जानकारी दे सकते हैं, जिससे प्रोटीन पाउडर से होने वाले नुकसान से बचा सकता है। जी हां, गर्भावस्था में किसी भी पोषक तत्व की कमी ही नहीं, बल्कि अधिकता से भी कुछ जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। इसी वजह से डॉक्टर से पूछे बिना प्रोटीन पाउडर को डाइट में शामिल न करें।

चलिए, अब गर्भावस्था में प्रोटीन पाउडर से संबंधित कुछ सवालों के जवाब जानते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गर्भावस्था के दौरान प्रोटीन पाउडर वजन बढ़ा सकता है?

जी हां, गर्भावस्था के समय प्रोटीन पाउडर के सेवन से वजन बढ़ सकता है। इसी वजह से इसे कम वजन वाली गर्भवतियों के लिए अच्छा माना जाता है। वहीं, सामान्य वजन वाली गर्भवतियों का ज्यादा वजन बढ़ सकता है, जिसके कारण प्रसव के दौरान या बाद में कुछ परेशानियां हो सकती हैं (12)।

गर्भवती महिला को एक दिन में कितना प्रोटीन लेना चाहिए?

गर्भवती को रोजाना 71 ग्राम से ज्यादा प्रोटीन लेना चाहिए (3)।

किसे बेस्ट प्रोटीन पाउडर इन प्रेगनेंसी में शामिल किया गया है?

बेस्ट प्रोटीन पाउडर इन प्रेगनेंसी में से एक व्हे प्रोटीन (Whey Protein) भी है।

15 Sources

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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