प्रेगनेंसी में सेब खाना चाहिए या नहीं | Apple In Pregnancy in Hindi

by

गर्भावस्था के दौरान शिशु का सही पोषण मां की अच्छी सेहत पर निर्भर करता है। यही वजह है कि घर के बड़े-बुजुर्ग कई पोषक तत्वों से समृद्ध सेब को गर्भावस्था में लेने की सलाह देते हैं। ऐसे में अगर आप भी सुनिश्चित करना चाहती हैं कि सेब का सेवन गर्भावस्था में किया जा सकता है या नहीं, तो यह आर्टिकल आपके काफी काम आ सकता है। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम प्रेगनेंसी में सेब खाने के फायदे के साथ ही गर्भावस्था में सेब खाना कितना लाभकारी हो सकता है, यह विस्तार से बताएंगे। साथ ही यहां आपको गर्भावस्था में सेब खाने के नुकसान से जुड़ी जानकारी भी मिलेगी।

नीचे स्क्रॉल करें

गर्भावस्था में सेब खाना चाहिए या नहीं, आर्टिकल की शुरुआत में हम इसी पर चर्चा करते हैं।

क्या गर्भावस्था में सेब लेना सुरक्षित है?

गर्भावस्था में सेब का सेवन अन्य फलों के जैसे ही सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध से भी इस बात की पुष्टि होती है। शोध के अनुसार गर्भावस्था में सेब खाना गर्भवती के साथ ही होने वाले बच्चे के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। वहीं, शोध में यह भी माना गया है कि गर्भावस्था में सेब के सेवन से बचपन में अस्थमा और एलर्जी की बीमारी के विकास के खिलाफ सुरक्षात्मक प्रभाव हासिल होता है (1)। वहीं, सेब में फाइबर, विटामिन-सी, विटामिन-ए, फोलेट, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और पेक्टिन जैसे आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो गर्भावस्था में जरूरी होते हैं (2) (3)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि गर्भावस्था में सेब का सेवन फायदेमंद हो सकता है।

आगे पढ़ें

यहां हम प्रेगनेंसी में सेब खाने के फायदे के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

प्रेगनेंसी में सेब खाने के फायदे – Benefits of Eating Apple in Pregnancy In Hindi

यहां हमने वैज्ञानिक आधार पर बताने का प्रयास किया है कि गर्भावस्था में सेब खाने के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं।

1. पाचन में सुधार करे

गर्भावस्था में सेब का सेवन पाचन को सुधारने के साथ ही पाचन से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मददगार हो सकता है। इस विषय पर हुए शोध में पाया गया कि सेब में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है। वहीं, फाइबर पाचन को सुधारने के साथ ही कब्ज और दस्त की समस्या में फायदेमंद हो सकता है (4)।

2. हृदय के स्वास्थ्य के लिए

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए भी सेब का सेवन फायदेमंद हो सकता है। सेब से संबंधित एक रिसर्च के अनुसार पॉलीफेनोल और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों में सेब का विशेष स्थान है। वहीं, इसमें मौजूद पॉलीफेनोल और फाइबर एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव प्रदर्शित करते हैं, जो हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है (5) (4)। इस आधार पर गर्भावस्था में हृदय संबंधी जोखिमों को दूर रखने के मामले में भी सेब को उपयोगी माना जा सकता है।

3. एनर्जी को बूस्ट करे

सेब का सेवन एनर्जी को बूस्ट करने का एक अच्छा जरिया हो सकता है। दरअसल, शोध में पाया गया कि सेब में मौजूद फ्रुक्टोज तुरंत ऊर्जा को बढ़ाने में मददगार हो सकता है (6)। इसलिए, यह कहा जा सकता है कि गर्भावस्था में कमजोरी को तुरंत दूर करने के लिए सेब का सेवन उपयोगी हो सकता है ।

4. प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाए

गर्भवती और भ्रूण को गर्भावस्था के दौरान संक्रमण की वजह से बीमारी होने का खतरा रहता है। इस दौरान अगर प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम बेहतर हो, तो संक्रमण और इसके प्रभाव से बचा जा सकता है। इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए सेब का सेवन फायदेमंद हो सकता है। इस बात को इस तरह से समझा जा सकता है कि सेब में फाइटोकेमिकल्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है। वहीं, फाइटोकेमिकल्स इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का काम कर सकता है (7)। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि सेब का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करने में मददगार हो सकता है।

5. एनीमिया की समस्या में

रक्त में आयरन का कम होना एनीमिया की समस्या है। वहीं, सेब का सेवन एनीमिया से बचाव में लाभदायक हो सकता है। शोध के अनुसार, सेब में आयरन की अच्छी मात्रा पाई जाती है। सेब में पाया जाने वाला आयरन एनीमिया की समस्या को कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकता है (8)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि गर्भावस्था में एनीमिया से बचाव के लिए सेब लाभकारी साबित हो सकता है।

6. विटामिन से भरपूर

सेब कई प्रकार के पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत होता है। इसमें विटामिन-सी, विटामिन-बी6, विटामिन-ए, विटामिन-ई और विटामिन-के भी पाया जाता है (2)। सेब में पाए जाने वाले विटामिन-सी और विटामिन-के को हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए लाभदायक माना गया है (9)। साथ ही विटामिन-बी6 गर्भावस्था में मतली और उल्टी की समस्या को दूर करने के अलावा प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम, मस्तिष्क संबंधी विकार और हृदय रोग में फायदेमंद हो सकता है (10)। वहीं, विटामिन-ए आंखों के विकार और खसरा रोग में लाभदायक हो सकता है (11)। इसके अलावा विटामिन ई हृदय रोग, आंखों की समस्या और मेंटल हेल्थ में मददगार हो सकता है (12)। इस आधार पर हम यह कह सकते हैं कि कई विटामिन से समृद्ध सेब ऊपर दिए विटामिन की कमी को पूरा कर उनकी कमी से होने वाले जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

पढ़ना जारी रखें

गर्भावस्था में सेब के फायदे के बाद हम जानेंगे कि सेब को आहार के रूप में कैसे उपयोग करें।

गर्भावस्था के आहार में सेब को कैसे शामिल करें?

यहां हम गर्भावस्था में सेब को आहार में शामिल करने के कुछ आसान तरीके जान लेते हैं।

  • सेब को धोकर उसका छिलका अलग करके स्लाइस के रूप में सीधा खाया जा सकता है।
  • सेब से एप्पल मिल्कशेक बनाकर उसका सेवन किया जा सकता है।
  • सेब के जूस का सेवन भी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।
  • कुछ लोग सेब की सब्जी बनाकर खाना पसंद करते हैं।
  • सेब का उपयोग फ्रूटसलाद के रूप में भी किया जा सकता है।

मात्रा: सामान्य रूप से गर्भावस्था में रोजाना एक मध्यम आकार का सेब खाया जा सकता है (13)। वहीं, अगर कोई इससे अधिक मात्रा में नियमित सेब का सेवन करना चाहता है, तो उम्र, वजन और जरूरत के हिसाब से सेब का सेवन करने के लिए डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है।

गर्भावस्था में सेब खाने के फायदे और उपयोग के बाद बारी है सेब के नुकसान जानने की।

गर्भावस्था में सेब खाने के नुकसान- Side Effects of Apple in Pregnancy In Hindi

प्रेगनेंसी में सेब खाने के फायदे के साथ ही सेब का अधिक मात्रा का सेवन इसे नुकसानदायक बना सकता है। प्रेगनेंसी में सेब खाने के नुकसान कुछ इस प्रकार हैं :

  • सेब में फाइबर होता है और फाइबर की अधिक मात्रा पेट में दर्द व ऐंठन पैदा कर सकती है (14) (15)।
  • सेब में पाई जाने वाली कैलोरी से वजन बढ़ सकता है (16)।
  • सेब के अधिक सेवन से कुछ लोगों को एलर्जी की शिकायत हो सकती हैं, जिसमें होंठ, जीभ और गले में सूजन की समस्या हो सकती है (17)।
  • सेब का सेवन एनाफाइलेक्सिस (Anaphylaxis) यानी त्वचा पर चकत्ते, उल्टी, मतली और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हो सकती है (18)।

अब तो आप समझ गए होंगे कि आखिर बेहतर स्वास्थ्य के लिए रोजाना सेब का सेवन करने की सलाह क्यों दी जाती है। प्रेगनेंसी में सेब का सेवन करने के पहले इस बात का जरूर ध्यान रखें कि इससे किसी तरह की एलर्जी की शिकायत न हो। वहीं, अगर इसके सेवन से कुछ दुष्प्रभाव नजर आते हैं, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। उम्मीद है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी ही अन्य जानकारी के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

संदर्भ (Sources):

Stylecraze has strict sourcing guidelines and relies on peer-reviewed studies, academic research institutions, and medical associations. We avoid using tertiary references. You can learn more about how we ensure our content is accurate and current by reading our editorial policy.
Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

ताज़े आलेख

scorecardresearch