प्रेग्नेंसी में सीने में जलन और एसिडिटी – Heartburn During Pregnancy in Hindi

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गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है। इन परेशानियों में एसिडिटी और सीने में जलन भी शामिल है। कई बार खान-पान की वजह से भी महिलाओं को गर्भावस्था में एसिडिटी का सामना करना पड़ता है। खाने के प्रति लापरवाही व दिनचर्या को लेकर सतर्क न होने की वजह से यह समस्या और बढ़ जाती है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम प्रेग्नेंसी में हार्टबर्न और एसिडिटी के संबंध में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। यहां हम हार्टबर्न से बचाव के तरीके के साथ ही इसके इलाज के बारे में भी बता रहे हैं। बस आप प्रेग्नेंसी में सीने में जलन व एसिडिटी से संबंधित कई अनसुलझे सवालों के जवाब जानने के लिए अंत तक इस लेख को जरूर पढ़ें।

चलिए, सबसे पहले यह जान लेते हैं कि क्या सीने में जलन होना गर्भवती होने के लक्षण हैं।

क्या सीने में जलन गर्भावस्था का प्रारंभिक संकेत है?

प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षणों में पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली में परिवर्तन होना शामिल है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर मौजूद एक अध्ययन में पाया गया है कि गर्भावस्था में एसिडिटी होना व सीने में जलन की समस्या या दोनों समस्याएं, प्रेग्नेंसी के शुरुआती दौर में ही होने लगती हैं। सीने में जलन के साथ ही उल्टी व जी-मिचलाना जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं, जो प्रेगनेंसी की ओर इशारा करते हैं। शोध के मुताबिक, गर्भावस्था में सीने में जलन की समस्या 17 से 45 प्रतिशत गर्भवतियों को होती है (1) (2) (3)।

हालांकि, गर्भावस्था में सीने में जलन प्रेगनेंसी की ओर तभी इशारा करती है, जब इससे जुड़े कुछ और लक्षण भी नजर आएं, क्योंकि सीने में जलन की समस्या मसालेदार भोजन या एसिड रिफ्लक्स के कारण भी हो सकती है (4)।

हम आर्टिकल में आगे बता रहें है कि प्रेग्नेंसी में सीने में जलन के कारण क्या हो सकते हैं।

प्रेग्नेंसी में सीने में जलन के कारण

प्रेग्नेंसी में हार्टबर्न व एसिडिटी की समस्या मां बनने के प्यारे से एहसास को भी प्रभावित करने लगती है। कई महिलाएं यह समझ नहीं पाती कि आखिर गर्भावस्था में एसिडिटी व सीने में जलन क्यों होने लगती है। यही वजह है कि हम नीचे प्रेग्नेंसी में सीने में जलन के कारण के बारे में बता रहे हैं (5) (6)।

  • गर्भावस्था में सीने जलन और एसिडिटी का कारण शरीर में होने वाले हार्मोनल और अन्य शारीरिक बदलाव हैं।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के कारण एसिड पेट से फूड पाइप में वापस आता है और सीने में जलन पैदा होती है।
  • प्रेग्नेंसी में हार्टबर्न व एसिडिटी का कारण अपच भी है।
  • प्रेग्नेंसी में बढ़ते गर्भाशय के कारण अंगों पर दवाब पड़ता हैं, जिससे एसिडिटी होती है।

प्रेग्रेंसी में एसिडिटी और हार्टबर्न के बारे में जानने के लिए आगे पढ़ते रहें यह आर्टिकल।

गर्भावस्था में एसिडिटी के लक्षण

गर्भवती महिला में एसिडिटी व सीने में जलन के लक्षण लगभग वैसे ही होते हैं जैसे अन्य लोगों में नजर होते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं (7) :

  • खाना खाने के एकदम बाद चेस्ट के पीछे की हड्डी में जलन होना। अगर जलन कुछ मिनट से कई घंटों तक रहती है, तो यह एसिडिटी हो सकती है।
  • लेटने, झुकने या खाने के बाद हार्ट बर्न होना।
  • डकार का बार-बार आना।
  • गले का खराब होना व आवाज बैठना।
  • गले में भी जलन होना।
  • गले में घरघराहट व अस्थमा जैसे लक्षण का एहसास होना।

चलिए, अब बात करते हैं गर्भावस्था के दौरान सीने में जलन से बचाव व जलन पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों के बारे में।

प्रेग्नेंसी में सीने में जलन से बचाव

इस नाजुक समय में कुछ बातों का ख्याल रखने से हार्टबर्न को कम करने में मदद मिल सकती है। इसलिए, हम बता रहे हैं कि गर्भावस्था के समय सीने में जलन से बचाव के लिए क्या कुछ किया जा सकता है।

1. कम भोजन और बार-बार करें

गर्भावस्था के दौरान हार्टबर्न होने पर एक बार में ज्यादा खाने से बचना चाहिए। हार्टबर्न होने पर थोड़ा-थोड़ा और बार-बार खाएं, ताकि भोजन को पचने में आसानी हो और पेट में एसिड न बने (1)।

2. हार्ट बर्न को ट्रिगर करने वाली चीजों से बचें

अगर कोई चीज खाने या पीने से सीने में जलन बढ़ती है, तो उसका सेवन करने से बचें। हार्टबर्न को ट्रिगर करने वाली चीजों में मिर्च वाला खाना, मसालेदार खाना व फैटी फूड जैसे फ्राइड चिकन आदि का सेवन करने से बचें (1)।

3. खाना खाते समय पानी पीने से बचें

खाना खाते समय जितना संभव हो उतना कम तरल पदार्थ पिएं। खाने के साथ तरल पदार्थ पीने से हार्टबर्न और इससे संबंधित लक्षण बढ़ सकते हैं (6)।

4. खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें

खाना खाने के बाद तुरंत लेटना नहीं चाहिए। भोजन करने के बाद करीब 3 घंटे तक सीधे बैठने की कोशिश करें (1)। भोजन के तुरंत बाद लेटने से पेट में मौजूद एसिड ऊपर की तरफ आता है, जिससे हार्टबर्न होने की आशंका बढ़ सकती है (8)।

5. लेटेते समय सिर ऊपर उठाएं

बिस्तर पर लेटते समय कोशिश करें कि सिर की तरफ का हिस्सा ऊंचा हो (1)। इससे सोते समय पेट में मौजूद एसिड को ऊपर फूड पाइप की ओर आने से रोका जा सकता है (9)। सिर की तरफ के हिस्से को ऊंचा रखने के लिए कंधों के पीछे एक से अधिक तकिये रखे जा सकते हैं।

6. सोने से कुछ घंटे पहले खाना खाएं

रात को सोने से करीब तीन घंटे पहले खाना खाएं। ऐसा करने से हार्टबर्न व एसिडिटी से बचा जा सकता है (1)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक शोध के मुताबिक, सोने से तुरंत बाद खाने और एसिड का वापस पेट में लौटने के बीच में सीधा संबंध है (10)।

7. धूम्रपान से बचें

धूम्रपान भी आपके सीने की जलन को बढ़ा सकता है। इसलिए, प्रेग्नेंसी के दौरान धूम्रपान और अन्य नशीले पदार्थों से बचना चाहिए (7)।

8. वजन को नियंत्रित रखें

प्रेग्नेंसी में एसिडिटी और हार्टबर्न की समस्या से राहत पाने का एक तरीका वजन को कंट्रोल में रखना भी है। दरअसल, वजन एसिड रिफलेक्स (एसिडिटी) का जोखिम कारक है। ऐसे में वजन पर ध्यान देना जरूरी है (11)।

9. चुइंगम (Chew gum)

चुइंगम चबाने से भी गर्भावस्था में सीने में जलन से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। चुइंगम चबाने से लार निकलती है, जो शरीर में एसिड को खत्म करने में मदद कर सकती है (12)।

10. शराब

प्रेग्नेंसी में सीने में जलन व एसिडिटी से बचने के लिए शराब व मादक पदार्थों के सेवन से बचें। बीयर, वाइन और शराब के सेवन से पेट में एसिड का उत्पादन अधिक होता है (7)।

चलिए, अब जानते हैं कि प्रेग्नेंसी में एसिडिटी का इलाज क्या हो सकता है।

गर्भावस्था में एसिडिटी का इलाज

प्रेग्नेंसी में एसिडिटी व हार्टबर्न का इलाज दवाओं के माध्यम से ही किया जाता है। डॉक्टर इस दौरान कौन सी दवाएं लेने की सलाह दे सकते हैं, वो हम नीचे विस्तार से बता रहे हैं (1) (5)।

एंटासिड: गर्भावस्था में सीने में जलन का उपचार करने के लिए एंटासिड (Antacids) का सेवन किया जा सकता है। यह दवा प्रेग्नेंसी में हार्टबर्न को पैदा करने वाले एसिड को कम कर सकती है ।

एच2आरए (एच-2-रिसेप्टर एंटागोनिस्ट्स) : एच-2-रिसेप्टर एंटागोनिस्ट्स (H-2-receptor antagonists) दवा को भी प्रेग्नेंसी में हार्टबर्न से निजात पाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह दवा पेट के एसिड को कम करके सीने में जलन से राहत दे सकती है।

पीपीआई (प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स) : प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स (Proton Pump Inhibitors) के प्रयोग से भी पेट में एसिड की मात्रा कम हो सकती है। साथ ही सीने में हो रही जलन से राहत मिल सकती है।

नोट : गर्भावस्था बेहतद नाजुक दौर होता है, इसलिए बिना अपने डॉक्टर से सलाह लिए किसी भी तरह की दवाई का सेवन न करें।

प्रेग्नेंसी में एसिडिटी और सीने में जलन से संबंधित इस लेख को पढ़ने के बाद यह तो समझ ही गए होंगे कि गर्भावस्था में यह समस्या काफी आम हैं। आप लेख में बताए गए बचाव को अपनाकर इस समस्या को कुछ हद तक नियंत्रित कर सकती हैं। हां, अगर गर्भावस्था में हार्टबर्न की समस्या ज्यादा हो रही है, तो एक बार डॉक्टर से भी सलाह लेनी चाहिए। बिना डॉक्टरी सलाह के इस नाजुक समय में किसी तरह की दवा का सेवन न करें। पूरे आर्टिकल को पढ़ने के बाद भी अगर आपके जहन में हार्टबर्न को लेकर कुछ सवाल हैं, तो उन्हें आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हम तक पहुंचा सकते हैं। हम वैज्ञानिक प्रमाण सहित जवाब देने का प्रयास करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या हार्टबर्न बच्चे के लिंक की ओर संकेत देता है?

नहीं, कई लोग मानते हैं कि हार्टबर्न की समस्या बच्चे के लिंग की ओर संकेत करती है, लेकिन इसमें किसी भी तरह की सच्चाई नहीं है। स्टाइलक्रेज न तो इस अंधविश्वास पर भरोसा करता है और न ही इसका प्रचार करता है।

क्या प्रेग्नेंसी में हार्टबर्न गर्भस्थ शिशु को हानि पहुंचाता है?

प्रेग्नेंसी में सीने में जलन की वजह से भ्रूण को किसी तरह की हानि नहीं होती। बस यह अवस्था मां के लिए थोड़ा असहज हो सकती है, जिसे बारे में आर्टिकल में ऊपर विस्तार से बताया गया है।

गर्भावस्था में सीने में जलन जुड़वां बच्चों का प्रारंभिक संकेत है?

नहीं, हार्ट बर्न जुड़वां बच्चे का प्रारंभिक संकेत नहीं है। हां, इतना जरूरी है कि गर्भ में जुड़वां बच्चे होने से सीने में ज्यादा दर्द या जलन महसूस हो सकती है (13)।

क्या गर्भावस्था के दौरान जीईआरडी होता है?

जी हां, करीब 80 प्रतिशत गर्भवतियों को गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) की समस्या होती है (5)।

गर्भावस्था में सीने में जलन को लेकर कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

नीचे दिए गए लक्षण नजर आने पर बिना किसी देरी के डॉक्टर से परामर्श जरूर लें (6) :
● सीने की जलन का काफी ज्यादा बढ़ना।
● खून की उल्टी होना या थूक में खून दिखना।
● गहरे रंग का मल आना आदि।

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