गर्भावस्था में उल्टी और मतली (मॉर्निंग सिकनेस) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Nausea and Vomiting in Pregnancy in Hindi

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गर्भावस्था में मॉर्निंग सिकनेस यानी उल्टी और मतली होना सामान्य बात है। इस प्रेगनेंसी के लक्षण के कारण महिला का मन अक्सर खराब रहता है और उसे बेचैनी का एहसास होता है। प्रेगनेंसी में उल्टी और मतली से छुटकारे पाने के लिए महिलाएं टहलना और खाने के बाद न लेटने जैसे कई उपाय करती हैं। बावजूद इसके कुछ गर्भवतियों को इससे राहत नहीं मिलती है। ऐसा होने पर गर्भावस्था में उल्टी का इलाज घरेलू नुस्खों से किया जा सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम गर्भावस्था में उल्टी होने के कारण के साथ ही इसके घरेलू उपाय और विभिन्न तरह के लक्षणों के बारे में बताएंगे। साथ ही प्रेगनेंसी में उल्टी से बचाव से जुड़ी जानकारी भी देंगे।

आइए, लेख शुरू करें

आर्टिकल के पहले भाग में जानिए कि गर्भावस्था में उल्टी कब होने लगती है।

गर्भावस्था के दौरान उल्टी कब शुरू होती है?

गर्भावस्था के आम लक्षणों में उल्टी या मतली भी शामिल है। यह आमतौर पर गर्भावस्था के दूसरे से आठवें हफ्ते के बीच शुरू होती है और पूरी गर्भावस्था तक चल सकती है। इसे यूं तो मॉर्निंग सिकनेस कहा जाता है, लेकिन यह दिनभर में किसी भी समय हो सकती है (1)

आगे है और जानकारी

अब जानिए गर्भावस्था में उल्टी होने के कारण क्या हो सकते हैं।

गर्भावस्था में उल्टी और मतली होने के कारण – Causes of Nausea and Vomiting in Pregnancy in Hindi

गर्भावस्था में मॉर्निंग सिकनेस यानी मतली और उल्टी के कारण कई हो सकते हैं। हम नीचे प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में होने वाली परेशानियों के कुछ आम कारण बता रहे हैं (2) (3):

  • हॉर्मोनल बदलाव
  • खून में शुगर की कमी
  • भावनात्मक तनाव
  • थकान
  • यात्रा करना
  • रक्तचाप में उतार-चढ़ाव, विशेष रूप से निम्न रक्तचाप
  • कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म में बदलाव
  • गर्भावस्था के कारण होने वाले शारीरिक और रासायनिक परिवर्तन

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गर्भावस्था में उल्टी होने के कारण जानने के बाद जानिए इसके लक्षण क्या हो सकते हैं।

गर्भावस्था में उल्टी आने के संकेत और लक्षण – Signs and Symptoms of Vomiting in Pregnancy in Hindi

आमतौर पर प्रेगनेंसी में उल्टी आने के कोई लक्षण नहीं होते, क्योंकि यह खुद गर्भधारण करने का एक संकेत है। फिर भी मॉर्निंग सिकनेस व उल्टी के दौरान कुछ इस तरह का एहसास महिला को हो सकता है (3)

  • जी मिचलाना
  • बार-बार उल्टी आने जैसा एहसास होना
  • पेट में हल्का दर्द व पेट की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव
  • खाने की इच्छा कम होना व भूख कम लगना
  • मानसिक प्रभाव जैसे तनाव और चिंता

बने रहें हमारे साथ

अब हम आपको गर्भावस्था में उल्टी रोकने के कुछ घरेलू उपाय बताएंगे।

गर्भावस्था में उल्टी और मतली रोकने के घरेलू उपाय – How to Stop Nausea and Vomiting in Pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को विभिन्न तरह की दवाओं का सेवन करना पड़ता है। ऐसे में गर्भावस्था में उल्टी रोकने के घरेलू उपाय की मदद भी ली जा सकती है। हमने नीचे कुछ ऐसे ही घरेलू नुस्खे बताए हैं, जो मॉर्निंग सिकनेस यानी मतली और उल्टी को कुछ हद तक कम करने में सहायक हो सकते हैं :

1. पुदीने का तेल

सामग्री :

  • पुदीने का तेल
  • डिफ्यूजर

विधि :

  • एक डिफ्यूजर में तीन से चार बूंद पुदीने का तेल डालकर गर्भवती महिला के कमरे में रख दें।

कैसे फायदेमंद है :

गर्भावस्था में उल्टी रोकने के उपाय के रूप में पुदीना के तेल का उपयोग किया जा सकता है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध में इस बात की पुष्टि की गई है कि कुछ मामलों में पुदीना के तेल की अरोमाथेरेपी गर्भावस्था में मतली से आराम दिलाने में सहायक हो सकती है। वैसे इसकी कार्यप्रणाली को बेहतर तरीके से समझने के लिए और शोध करने की सिफारिश भी की गई है (4)

2. अदरक

सामग्री :

  • एक कप पानी
  • आधा इंच अदरक का टुकड़ा
  • 2 से 3 बूंद नींबू का रस

विधि :

  • एक कप पानी को उबालने के लिए रखें।
  • जब पानी में उबाल आ जाए, तो उसमें अदरक कद्दूकस करके डाल लें और उसे कुछ देर उबलने दें।
  • जैसे ही पानी से अदरक की खुशबू आने लगे, तो उसे छानकर एक कप में निकाल लें।
  • अब इसमें कुछ बूंदें नींबू का रस मिलाकर पी लें।

कैसे फायदेमंद है :

गर्भावस्था में उल्टी रोकने के घरेलू उपाय के रूप में अदरक का उपयोग भी सुरक्षित और लाभदायक बताया गया है। इस विषय पर अदरक को लेकर किए गए शोध में यह साबित हुआ है कि इसमें एंटीइमेटिक गुण होता है, जो गर्भावस्था में होने वाली मतली और उल्टी को रोकने में प्रभावशाली हो सकता है। रिसर्च में बताया गया है कि कुछ गर्भवतियों को 5 दिन, तो कुछ को 4 दिन में ही इससे राहत मिल सकती है (5)

3. नींबू

सामग्री :

  • एक-दो बूंद लेमन एसेंशियल ऑयल
  • डिफ्यूजर

विधि :

  • नींबू के एसेंशियल ऑयल को डिफ्यूजर में डालर उसकी खुशबू लें।
  • वैकल्पिक रूप से जी मिचलाने पर सीधे नींबू को भी सूंघ सकती हैं।

कैसे फायदेमंद है :

गर्भावस्था में उल्टी रोकने के घरेलू उपाय के रूप में नींबू के एसेंशियल ऑयल का उपयोग भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, नींबू के एसेंशियल ऑयल की महक दिमाग तक ऐसे सिग्नल पहुंचाती है, जो महिला का मन शांत करने में मदद कर सकते हैं। इससे जी-मिचलाने और मॉर्निंग सिकनेस के अन्य लक्षण से आराम मिल सकता है। रिसर्च में बताया गया है कि नींबू की सुगंध लेने वाली महिलाओं को तीसरे व चौथे दिन से ही सुधार दिखने लग सकता है (6)

4. सौंफ

सामग्री :

  • आधा चम्मच सौंफ
  • एक गिलास पानी

विधि :

  • रात में एक गिलास पानी में सौंफ भिगोकर रख दें।
  • सुबह उठकर इस पानी को छान लें और इसका सेवन करें।
  • वैकल्पिक रूप से आधा चम्मच सौंफ को सीधे भी खा सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है :

गर्भावस्था में मतली रोकने के घरेलू उपाय में सौंफ भी शामिल है (7)। एक शोध में इस बात की पुष्टि हुई है कि सौंफ के बीज का सेवन मतली का उपचार करने में फायदेमंद हो सकता है (8)। गर्भावस्था में मतली रोकने के घरेलू उपाय के रूप में सौंफ की कार्यप्रणाली पर अभी और शोध की आवश्यकता है। ध्यान दें कि सौफ में एम्मेंनगोज प्रभाव होता है, जिससे मैन्सट्रूएल ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से डॉक्टर से पूछ कर ही इसका सेवन करें (9)

5. आंवला

सामग्री :

  • तीन आंवला
  • एक कप पानी
  • आधा चम्मच शहद
  • एक चुटकी काला नमक

विधि :

  • आंवला को साफ करके उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर लें और बीज अलग कर दें।
  • अब इन टुकड़ों के साथ थोड़े से पानी को ग्राइंडर में डालकर पीस लें।
  • अच्छी तरह पिस जाने के बाद जूस को छान लें।
  • फिर एक चुटकी काला नमक और स्वादानुसार शहद मिलाकर सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है :

गर्भावस्था में मतली का उपाय करने के लिए पारंपरिक समय से आंंवला का उपयोग भी किया जाता रहा है (10)। दरअसल, मॉर्निंग सिकनेस से बचने के लिए कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन करने की सलाह दी जाती है (3)। आंवला में कार्बोहाइड्रेट की अच्छी मात्रा होती है, जो मतली से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। आंवला ही नहीं, बल्कि इसके बीज का पाउडर भी मॉर्निंग सिकनेस में फायदेमंद माना जाता है (11)

अंत तक पढ़ें लेख

आगे हम गर्भावस्था में उल्टी रोकने के उपाय से संबंधित कुछ टिप्स दे रहे हैं।

गर्भावस्था में उल्टी रोकने के कुछ और जरूरी टिप्स – Other Tips For Vomiting in Pregnancy in Hindi

गर्भावस्था में उल्टी रोकने के घरेलू उपाय के साथ कुछ अन्य टिप्स का ध्यान रखने से भी इससे बचाव करने से मदद मिल सकती है, जैसे (3) :

  • सुबह उठकर सबसे पहले थोड़े बिस्कुट खा लें। यह गर्भावस्था में उल्टी रोकने के उपाय के रूप में मददगार हो सकता है।
  • स्वयं को हाइड्रेट रखें। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में नींबू पानी, अदरक की चाय या किसी फल का पतला जूस पीते रहें।
  • अपने डॉक्टर से बात करके विटामिन-बी6 के सप्लीमेंट्स लें।
  • गर्भावस्था में उल्टी रोकने के उपाय में कलाई एक्यूप्रेशर भी शामिल है। कलाई के आसपास के हिस्से को अंगूठे से हल्का दबाकर राहत मिल सकती है। ध्यान रहे कि इसे खुद से न करें। हमेशा विशेषज्ञ से ही करवाएं।
  • उच्च कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें।
  • गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर से परामर्श लिए बिना किसी भी दवा का सेवन करने से बचें।

अंत तक पढ़ें

मतली से कैसे बचा जा सकता है, अब इस पर एक नजर डाल लेते हैं।

भोजन के बाद मतली को कैसे रोकें?

भोजन के बाद मतली रोकने के लिए कुछ बातों का ख्याल रखना चाहिए। इनसे मतली से बचाव में सहायता मिल सकती है, जैसे :

  • खाना खाने के तुरंत बाद न लेटें (12)
  • एक बार में ढेर सारा खाने की जगह थोड़ी-थोड़ी देर में थोड़ा-थोड़ा खाएं (12)
  • खाने के बाद जब डकार आ जाए, तो उसके बाद ब्रश करें या माउथवॉश का इस्तेमाल कर लें। मुंह में स्वाद रह जाने से भी जी मिचला सकता है।
  • हल्का या कम तेल मसाले वाले खाने का सेवन करें।
  • खाने के बाद नींबू सूंघने से भी मतली से आराम मिल सकता है।
  • खाना खाने के बाद सीधा बैठें (12)

आगे है रोचक जानकारी

अब जान लेते हैं कि गर्भावस्था में उल्टी का इलाज क्या है।

गर्भावस्था में उल्टी और मतली का इलाज

गर्भावस्था में उल्टी का इलाज करने के लिए आमतौर पर दवाइयों का उपयोग नहीं किया जाता। डॉक्टर भी प्रेगनेंसी में उल्टी से बचाव के लिए घरेलू उपाय का ही सहारा लेने की सलाह देते हैं। हां, अगर घरेलू उपचार से भी राहत न मिले, तो डॉक्टर निम्न रूप से परामर्श दे सकते हैं (13)

  • एंटी-नौजिया दवा और विटामिन-बी6 के सप्लीमेंट।
  • अधिक तरल पदार्थ का सेवन।
  • अगर उल्टी के कारण गर्भवती महिला की हालत ज्यादा खराब है, तो गंभीर परिस्थिति में अस्पताल में भर्ती करके शरीर में फ्लूइड (आईवी) चढ़ाया जा सकता है।
  • अगर शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो गई है, तो एक्सट्रा न्यूट्रिएंट्स लेने की सलाह दे सकते हैं।

इसके बचाव जानिए

गर्भावस्था में उल्टी का इलाज कैसे करते हैं जानने के बाद अब प्रेगनेंसी में उल्टी से बचाव के बारे में जानें

प्रेगनेंसी में उल्टी और मतली से बचाव

नीचे बताई गई कुछ बातों को ध्यान में रखकर प्रेगनेंसी में उल्टी से बचाव किया जा सकता है (2) (3) :

  • प्रेगनेंसी में उल्टी से बचाव के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ हल्का-फुल्का खाते रहें।
  • धूम्रपान न करें और धूम्रपान करने वालों से दूरी बनाए रखें।
  • कमरे में किसी भी तरह की दुर्गंध बनने से रोकने के लिए कमरे की खिड़कियों को खुला रखें।
  • ऐसे चीजों से दूर रहें, जिनके कारण जी मिचलाने लगे।
  • प्रेगनेंसी में उल्टी से बचाव के लिए तेज महक का खाना बनाने से बचें।
  • ढीले कपड़े पहनें, जिससे पेट पर दबाव न पड़े।
  • ट्रैवल करने से भी मॉर्निंग सिकनेस का एहसास हो सकता है, इसलिए ऐसा करने से बचें।

प्रेगनेंसी ऐसा दौर है, जिसमें पग-पग पर सावधानी बरतना जरूरी है। भले ही बात इसके आम लक्षण, जैसे प्रेगनेंसी में मतली और उल्टी से जुड़ी ही क्यों न हो। अगर आप या आपके आसपास कोई भी इस समस्या का सामना कर रहा हो, तो घर में गर्भावस्था में उल्टी का इलाज करने के इन उपायों को अपना सकता है। बेशक, गर्भावस्था में उल्टी रोकने के घरेलू उपाय इस समस्या और इसके लक्षणों से कुछ हद तक आराम दिला सकते हैं। फिर भी हम सलाह देंगे कि समस्या गंभीर होने पर डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। अगर आपको यह लेख पसंद आया हो, तो इसे शेयर करना न भूलें और ऐसे ही अन्य आसान नुस्खों के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

13 संदर्भ (Sources) :

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Soumya Vyas

सौम्या व्यास ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बीएससी किया है और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, बेंगलुरु से टेलीविजन मीडिया में पीजी किया है। सौम्या एक प्रशिक्षित डांसर हैं। साथ ही इन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। इनके सबसे पसंदीदा कवि फैज़ अहमद फैज़, गुलज़ार और रूमी हैं। साथ ही ये हैरी पॉटर की भी बड़ी प्रशंसक हैं। अपने खाली समय में सौम्या पढ़ना और फिल्मे देखना पसंद करती हैं।

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