प्रोटीन रिच फूड्स फॉर वेजिटेरियन्स – Protein Sources for Vegetarians in Hindi

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प्रोटीन हमारे शरीर के लिए काफी जरूरी है। इसके बावजूद अधिकतर लोग पर्याप्त मात्रा में इसका सेवन नहीं कर पाते हैं और शाकाहारी लोगों के लिए यह काम थोड़ा और मुश्किल हो जाता है। इस विषय में कम जानकारी के कारण कई लोगों को लगता है कि बस कुछ गिने-चुने ही प्रोटीन युक्त शाकाहारी खाद्य पदार्थ हैं। ऐसे में लोगों की इसी उलझन को सुलझाने के लिए स्टाइलक्रेज के इस लेख से हम शाकाहारियों के लिए प्रोटीन फूड्स के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी लेकर आए हैं। प्रोटीन फूड्स फॉर वेजटेरियंस के इस आर्टिकल में हम 10 से भी ज्यादा प्रोटीन वेज फूड्स के विकल्प लाए हैं। यहां बताए गए प्रोटीन वेज फूड्स को आहार में शामिल करके आपको पर्याप्त प्रोटीन मिल सकता है। तो प्रोटीन वेज फूड्स से जुड़ी ज्यादा से ज्यादा जानकारी के लिए लेख को अंत तक पढ़ें।

लेख विस्तार से पढ़ें

सबसे पहले जानते हैं कि हाई प्रोटीन वेज डाइट के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं।

वेजिटेरियन प्रोटीन डाइट के फायदे – Benefits of a Vegetarian Protein diet In Hindi

हाई प्रोटीन वेज डाइट के सेवन से भरपूर मात्रा में प्रोटीन मिलने के अलावा अन्य स्वास्थ्य फायदे भी प्राप्त हो सकते हैं। यहां हम उन्हीं फायदों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। तो प्रोटीन वेज फूड्स के फायदे कुछ इस प्रकार हैं (1):

  • कोलेस्ट्रॉल कम होनाकुछ शोध में पाया गया है कि प्लांट प्रोटीन के सेवन से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (LDL cholesterol) यानी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी पाई गई है। हालांकि, इस विषय में अभी और स्टडी की आवश्यकता है, लेकिन कुछ स्टडीज के आधार पर प्रोटीन वेज फूड्स को कोलेस्ट्रॉल के लिए उपयोगी मान सकते हैं।
  • डायबिटीजप्लांट प्रोटीन डाइट को मधुमेह के लिए उपयोगी पाया गया है। शोध में पाया गया है कि नट्स के सेवन से मधुमेह का जोखिम कुछ हद तक कम हुआ है। इसी विषय में अभी बड़े पैमाने पर स्टडी की आवश्यकता है, लेकिन डायबिटीज के जोखिम को कम करने के लिए प्रोटीन वेज फूड में नट्स का सेवन अच्छा विकल्प हो सकता है।
  • कैंसर का जोखिम कम दाल और अन्य प्लांट प्रोटीन के सेवन से कैंसर की बीमारी का जोखिम कम हो सकता है। वहीं, हम यह स्पष्ट कर दें कि अगर किसी को कैंसर रोग है, तो वह डॉक्टरी इलाज को ही प्राथमिकता दें। प्रोटीन वेज फूड्स कैंसर से कुछ हद तक बचाव कर सकता है, इन्हें कैंसर का इलाज समझने की भूल न करें।
  • संतुलित वजन प्लांट प्रोटीन डाइट जिसमें फाइबर भी मौजूद हो, वजन को संतुलित रखने में सहायक हो सकता है। हालांकि, इस विषय में अभी शोध की आवश्यकता है और इसे अभी अनुमान के तौर पर ही कहा जा सकता है।

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अब जानते हैं कि प्रोटीन फूड्स फॉर वेजिटेरियंस केटेगरी में क्या-क्या विकल्प हैं।

वेजिटेरियन्स के लिए प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ – Protein Rich Food For Vegetarians In Hindi

हाई प्रोटीन वेज डाइट के फायदों के बाद जानते हैं कि प्रोटीन फूड्स फॉर वेजिटेरियंस कौन-से हैं, जिनके सेवन से शाकाहारी लोग भी पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं। तो प्रोटीन वेज फूड्स कुछ इस प्रकार हैं :

1. उड़द की दाल

भारतीय खाने में दाल की अपनी अलग ही अहमियत है। इसी में शामिल है उड़द की दाल, प्रोटीन फूड्स की केटेगरी में शामिल यह दाल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकती है। ऐसे में प्रोटीन के लिए दोपहर में चावल के साथ या रात के खाने में रोटी के साथ उड़द की दाल का सेवन कर सकते हैं। उड़द दाल सिर्फ प्रोटीन का ही नहीं बल्कि कैल्शियम और आयरन का भी अच्छा स्त्रोत है (2)।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम उड़द की दाल में 22.6 ग्राम प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है (2)

2. कटहल

प्रोटीन वेज फूड्स में कटहल का नाम भी शामिल है। कई लोग कटहल को शाकाहारियों का चिकन कहते हैं। प्रोटीन के मामले में भी यह इस कहावत को सही साबित करता है। यह प्रोटीन वेज फूड्स की कटेगोरी में तो है ही, इसके अलावा यह ह्रदय के लिए भी उपयोगी हो सकता है। दरअसल, इसमें पोटेशियम की मात्रा कम होती है, इसलिए यह ब्लड प्रेशर नियंत्रित रख सकता है। वहीं, इसमें विटामिन सी है, जो इम्यून पावर को मजबूत करने में सहायक हो सकता है (3)। ऐसे में प्रोटीन वेज फूड्स की श्रेणी में डालने के साथ-साथ, कटहल का उपयोग  ब्लड प्रेशर के डाइट में भी किया जा सकता है।

प्रोटीन की मात्राप्रति 100 ग्राम कटहल में करीब 1.72 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है (4)

3. पालक

शाकाहारी लोगों के लिए पौष्टिक तत्वों को प्राप्त करने का एक बेहतरीन तरीका है, हरी सब्जियों का सेवन। इन्हीं हरी सब्जियों में पालक का नाम भी शामिल है। स्वास्थ्य के लिए पालक के फायदे कई सारे हैं। प्रोटीन युक्त पालक पेट को स्वस्थ रखने के लिए, कैंसर से बचाव के लिए, हृदय और हड्डियों के लिए उपयोगी खाद्य पदार्थों में से एक है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन्स व मिनरल्स पाए जाते हैं, जो कि शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं (5)। ऐसे में आप अपने डाइट में पालक या पालक का जूस शामिल कर खुद को सेहतमंद रख सकते हैं।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम पालक में लगभग 1.67 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है। इसके अलावा, पालक में 33 मिलीग्राम कैल्शियम और 1.7 ग्राम फाइबर भी मौजूद होता है। वहीं, पालक आयरन, विटामिन ए, विटामिन सी, पोटेशियम का भी स्रोत है (6)।

4. क्विनोआ – Quinoa

क्विनोआ एक किस्म का साबूत अनाज है, जिसमें प्रोटीन के अलावा कई अन्य पोषक तत्व भी शामिल हैं। वहीं, माना जाता है कि क्विनोआ का सेवन हृदय रोग और मधुमेह के जोखिम को कम कर सकता है। यह ग्लूटेन-फ्री होने के कारण सीलियक रोग के मरीजों के लिए एक स्वस्थ आहार हो सकता है (7)। सीलियक रोग प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें ग्लूटेन युक्त आहार के सेवन से व्यक्ति को छोटी आंत से जुड़ी समस्या हो सकती है (8)। ऐसे में क्विनोआ का सेवन लाभकारी हो सकता है।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम क्विनोआ में लगभग 14.12 ग्राम प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है (9)।

5. टोफू – Tofu

प्रोटीन वेज फूड्स में टोफू को भी शामिल किया जा सकता है। टोफू को सोया मिल्क से बनाया जाता है (10)। इसे कई रेसिपी में शामिल करके इसके फायदे प्राप्त किए जा सकते हैं। इसमें प्रोटीन के अलावा आयरन, कैल्शियम और फाइबर मौजूद होता है (11)। यह कोलेस्ट्रॉल फ्री खाद्य पदार्थ होता है, यह बच्चे और व्यस्क दोनों के लिए उत्तम आहार हो सकता है (12)। डाइट में टोफू का उपयोग सब्जी बनाकर, हल्का तलकर या फ्राई करके किया जा सकता है।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम टोफू में लगभग 9.41 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है (11)।

6. अखरोट

हरी सब्जियों की तरह ही ड्राई फ्रूट्स के भी अपने फायदे हैं। ड्राई फ्रूट्स की बात की जाए तो इसमें अखरोट काफी लाभकारी होता है। अखरोट में प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर, कैल्शियम और आयरन जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं (13)। अखरोट ह्रदय को स्वस्थ रखने में भी सहायक हो सकता है। वहीं इसका सेवन कैंसर और बढ़ते वजन के जोखिम को भी कम कर सकता है (14)। ऐसे में अखरोट का सेवन न सिर्फ प्रोटीन पाने के लिए बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भी किया जा सकता है। प्रोटीन के लिए अन्य ड्राई फ्रूट्स जैसे – बादाम, मूंगफली को भी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। इससे न सिर्फ शरीर को प्रोटीन मिल सकता है, बल्कि खाने में वैराइटी भी होगी।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम अखरोट में करीब 16.67 ग्राम प्रोटीन होता है (13)।

नीचे जारी है वेज प्रोटीन फूड्स की लिस्ट

7. चिया सीड्स

पोषक तत्वों के मामले में चिया सीड्स का सेवन करना भी लाभदायक हो सकता है। इसमें प्रोटीन के अलावा, फाइबर, कैल्शियम, ओमेगा-6 और ओमेगा-3 भी मौजूद होते हैं। पोषक तत्वों के अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-एंग्जायटी और दर्द निवारक गुण भी मौजूद हैं। ऐसे में चिया बीज का उपयोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं जैसे – हृदय रोग, मधुमेह और पाचन संबंधी परेशानियों के लिए उपयोगी हो सकता है (15)। चिया बीज का सेवन पानी में भिगोकर या दही के साथ कर सकते हैं।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम चिया सीड्स में करीब 15.38 ग्राम प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है (16)।

8. पनीर

टोफू की तरह ही पनीर भी एक अच्छा प्रोटीन युक्त आहार है। पनीर में प्रोटीन के अलावा कैल्शियम और फैट भी होता है (17)। शरीर को पौष्टिकता प्रदान करने के साथ-साथ खाने में वैरायटी लाने के लिए पनीर का उपयोग एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आप पनीर के अलग-अलग व्यंजन जैसे – बटर पनीर, पनीर भुर्जी या अन्य डिशेज बनाकर खा सकते हैं।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम पनीर में लगभग 21.43 ग्राम प्रोटीन हो सकता है (17)।

9. दही

भारत में कुछ अच्छा काम करने से पहले दही-चीनी खाना काफी प्रचलित है। इसकी अच्छाई सिर्फ मान्यताओं तक ही सीमित नहीं है। दही कैल्शियम और प्रोबायोटिक (probiotic- हेल्दी गट बैक्टीरिया) का अच्छा स्त्रोत है। दही का सेवन हड्डियों और पेट दोनों को स्वस्थ रख सकता है। इसके साथ ही दही के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी सुधार हो सकता है (18)। ऐसे में दही को खाने के साथ या दही की लस्सी बनाकर भी पी सकते हैं।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम दही में लगभग 5.25 ग्राम प्रोटीन की मात्रा हो सकती है (19)।

10. राजमा

राजमा एक प्रकार की फली है, जो कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजमा जैसी फलियों के सेवन से टाइप-2 डायबिटीज, टोटल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल, हाइपरटेंशन जैसी समस्याओं से बचाव करने में मदद मिल सकती है (20)। ऐसे में इस पौष्टिक और स्वादिष्ट राजमा का सेवन आप आसानी से कर सकते हैं और इसके स्वास्थ्य लाभ उठा सकते हैं।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम राजमा में 22.53 ग्राम प्रोटीन होता है (21)।

11. मशरूम

शाकाहारियों के लिए प्रोटीन फूड्स में मशरूम का सेवन एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें प्रोटीन के साथ कई अन्य पोषक तत्व जैसे – विटामिन बी2, फोलेट, विटामिन सी, ई भी मौजूद होता है। मशरूम प्राकृतिक विटामिन डी का एकमात्र शाकाहारी खाद्य पदार्थ है (22)। मशरूम के स्वास्थ्य लाभ के लिए आप इसे सैंडविच में डालकर, सब्जी या सूप बनाकर सेवन कर सकते हैं।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम मशरूम में 3.09 ग्राम प्रोटीन की मात्रा होती है (23)।

12. फूल गोभी

प्रोटीन वेज फूड में फूल गोभी को आसानी डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसमें प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन सी, फोलेट, फाइबर जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इतना ही नहीं इसमें फाइटोकेमिकल्स जैसे – सल्फोराफेन और कैरोटेनॉयड्स होते हैं, ये शरीर के लिए एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण प्रदर्शित कर सकते हैं (24)। फूलगोभी का सेवन आप कई तरह से कर सकते हैं, जैसे – सब्जी बनाकर, आलू के साथ इसका स्वादिष्ट भुजिया बनाकर या गोभी मंचूरियन बनाकर भी सेवन कर सकते हैं। सेहत और स्वाद के लिए फूलगोभी एक अच्छा विकल्प हो सकती है।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम फूलगोभी में 1.18 ग्राम प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है (25)।

13. ज्वार का आटा

प्रोटीन फूड्स की बात की जाए तो ज्वार का आटा भी काफी लाभकारी हो सकता है। प्रोटीन के अलावा, इसमें फेनोलिक कंपाउंड जैसे – फ्लेवेनॉइड मौजूद है, जो शरीर में ट्यूमर को बनने से रोक सकता है। यह मधुमेह रोगियों के लिए भी उपयोगी खाद्य पदार्थ हो सकता है (26)।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम ज्वार के आटे में 10 ग्राम प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। वहीं, इसमें फाइबर की मात्रा 6.7 ग्राम है (27)।

14. ब्रोकली

हाई प्रोटीन वेजिटेरियन फूड्स इन इंडिया में ब्रोकली का नंबर भी आता है। जिसमें प्रोटीन तो जरूरी मात्रा में होता ही है, बल्कि मिनरल्स, सेलेनियम (selenium) और ग्लूकोसिनोलेट्स (glucosinolates) कंपाउंड का स्तर भी काफी होता है। यह तत्व दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं (28)। इसके साथ ही ब्रोकली का सेवन करने से फैटी लिवर की समस्या से भी बचाव किया जा सकता है (29)। फूलगोभी की ही तरह दिखने वाली ब्रोकोली का उपयोग आप फूलगोभी की तरह सब्जी बनाकर कर सकते हैं। इसे सूप, पास्ता या नूडल्स में डालकर भी खाया जा सकता है।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम ब्रोकली में 2.82 ग्राम प्रोटीन होता है (30)।

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15. फावा बीन्स

प्रोटीन वेज फूड्स के केटेगरी में बीन्स का नाम भी शामिल है। इन्हीं बीन्स में से एक है फावा बीन्स, जिसे बाकला भी कहते हैं। प्रोटीन के अलावा, विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर यह बीन्स स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकते हैं। पोषक तत्वों के साथ-साथ इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी फंगल, एंटी डायबिटिक गुण भी मौजूद है। इतना ही नहीं, फावा बीन्स के सेवन से पार्किंसन रोगियों की स्थिति में भी सुधार होने की पुष्टि हुई है (31)। पार्किंसन, तंत्रिका तंत्र से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति के शरीर में कंपन की समस्या हो सकती है (32)। ऐसे में पार्किंसन, डायबिटीज जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए भी फावा बीन्स को आहार में शामिल किया जा सकता है।

प्रोटीन की मात्राप्रति 100 ग्राम फावा बीन्स में 26.12 ग्राम प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है (33)।

16. पंपकिन सीड्स

हाई प्रोटीन वेज डाइट में पंपकिन सीड्स (कद्दू के बीज) को शामिल करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है। कद्दू के फायदे की तरह ही कद्दू के बीज के फायदे भी कई सारे हैं। प्रोटीन के साथ-साथ कद्दू के बीज में फाइबर, फॉलिक एसिड और फायटोकेमिकल्स मौजूद होते हैं। वहीं इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी डायबिटिक और ह्रदय को स्वस्थ रखने वाला गुण भी मौजूद होता है (34)। ऐसे में एक स्वस्थ आहार चार्ट में कद्दू के बीज को शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम पंपकिन सीड्स में 29.84 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है (35)।

17. आलू

खाद्य पदार्थों में आलू का अलग ही स्थान है, क्योंकि इसे अधिकतर सब्जी या रेसिपी में आसानी से शामिल किया जा सकता है। लोग लगभग हर सब्जी में आलू का उपयोग कर लेते हैं, लेकिन शायद कई लोगों को आलू के फायदे पता नहीं होंगे। तो यहां हम जानकारी दे दें कि आलू में प्रोटीन तो है ही, इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, फाइबर, फोलेट जैसे पोषक तत्व भी मौजूद हैं (36)। ऐसे में यह मान सकते हैं कि आलू न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ा सकता है, बल्कि सेहतमंद भी हो सकता है।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम आलू में लगभग 2.57 ग्राम प्रोटीन होता है (36)।

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18. मसूर की दाल

भारत में कई प्रकार की दालें मिलती है और उन्हीं में से एक है मसूर की दाल। इसमें प्रोटीन के साथ-साथ आवश्यक अमीनो एसिड की अच्छी मात्रा भी पाई जाती है। पॉलीफेनोल युक्त मसूर दाल में एंटीवायरल, एंटीफंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीकैंसर, एंटी-डायबिटिक, एंटीऑक्सीडेंट गुण भी मौजूद हैं, जो शरीर को बीमारियों के जोखिम से बचाने में सहायक हो सकते हैं (37)।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम मसूर की दाल में 7.14 ग्राम प्रोटीन होता है (38)।

19. अमरूद

शाकाहारियों के लिए प्रोटीन फूड्स में सिर्फ सब्जियां ही नहीं, बल्कि फल भी शामिल है। प्रोटीन वेज फूड्स में अमरूद को जोड़ना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अमरूद में प्रोटीन होने के साथ एंटी डायबिटिक, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी फंगल, एंटी कैंसर, एनाल्जेसिक (दर्दनिवारक) और ऐसे ही कई अन्य गुण भी मौजूद है, जो शरीर को बीमारियों के जोखिम से बचा सकता है। ऐसे में खुद को स्वस्थ रखने के लिए अमरूद का सेवन जरूर करें (39)।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम अमरूद में 2.55 ग्राम प्रोटीन होता है (40)

20. एवोकाडो

एवोकाडो में सिर्फ प्रोटीन ही नहीं होता, बल्कि इसमें विटामिन-ए, सी, फाइबर, कैल्शियम भी होता है (41)। पोषक तत्वों से भरपूर एवोकाडो मनुष्य के शरीर को मधुमेह, बढ़ते वजन और कोलेस्ट्रॉल की समस्या से बचा सकता है (42)। प्रोटीन वेज फूड्स डाइट में नियमित एवोकाडो का सेवन कर कर इसके गुणों का लाभ उठाया जा सकता है।

प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम एवोकाडो में 2 ग्राम प्रोटीन होता है (41)।

नोट : तो वेजिटेरियन्स के लिए ये फूड्स हैं प्रोटीन के अच्छे स्त्रोत। इन्हें आसानी से डाइट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को ऊपर बताए गए किसी प्रोटीन वेज फूड से एलर्जी है, तो उसका सेवन न करें। इसके अलावा, अगर किसी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो यहां दिए गए प्रोटीन वेज फूड्स के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

नीचे और भी है जानकारी

प्रोटीन वेज फूड्स के बाद अब नीचे पढ़ें प्लांट और एनिमल प्रोटीन में फर्क से जुड़ी जानकारी।

प्लांट प्रोटीन बनाम एनिमल प्रोटीन – Plant vs. Animal protein in Hindi

अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि प्लांट प्रोटीन और एनिमल प्रोटीन में से बेहतर क्या है, या फिर उन्हें लगता है कि प्लांट प्रोटीन से ज्यादा एनिमल प्रोटीन बेहतर होता है। इस कंफ्यूजन को कुछ हद तक कम करने के लिए हम नीचे प्लांट प्रोटीन और एनिमल प्रोटीन में फर्क बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • जहां एनिमल प्रोटीन के लिए नॉन-वेज यानी मांसाहारी खाना होता है, वहीं प्लांट प्रोटीन के लिए हरी सब्जियां, दूध उत्पाद और अन्य शाकाहारी खाद्य पदार्थ खाना होता है।
  • ऐनिमल प्रोटीन की तुलना में प्लांट प्रोटीन सेहत के लिए ज्यादा लाभकारी हो सकता है। इसके सेवन से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी अन्य बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है (43)।
  • एनिमल प्रोडक्ट्स के मुकाबले प्लांट प्रोडक्ट्स के सेवन से शरीर में अच्छे बैक्टीरिया बनने में बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है (44)।
  • वहीं, कई लोगों का मानना है कि प्लांट प्रोटीन युक्त डाइट एनिमल प्रोटीन युक्त डाइट से हल्का और आसानी से पचाने योग्य हो सकता है।

लेख अभी बाकी है

अब जानते हैं कि प्रोटीन वेज फूड्स के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

वेजिटेरियन प्रोटीन डाइट के नुकसान – Side Effects of Protein Veg Diet in Hindi

हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। वैसे ही प्रोटीन वेज फूड्स के अगर फायदे हैं तो अधिक सेवन से इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसे में सावधानी के तौर पर हम प्रोटीन वेज फूड्स के कुछ नुकसान की जानकारी दे रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  1. शरीर को प्रोटीन बनाने के लिए अमिनो एसिड की जरूरत होती है। शरीर 9 अमिनो एसिड नहीं बना पाता, जिन्हें एसेंशियल अमिनो एसिड कहा जाता है (45)। वेजिटेरियन बेस्ड प्रोटीन डाइट में सभी अमिनो एसिड मिल पाना कठिन हो सकता है या ऐसे प्रोटीन वेज फूड्स की संख्या सीमित हो सकती है (46)।
  1. प्रोटीन के अलावा कुछ अन्य पौष्टिक तत्व भी हैं, जो कि प्लांट बेस्ड प्रॉडक्ट्स में आमतौर पर कम पाए जाते हैं। इनमें विटामिन बी12, विटामिन डी, जिंक, डीएचए और आयरन प्रमुख हैं (47)। ऐसे में इनकी पूर्ति के लिए अन्य स्वस्थ आहार भी डाइट में शामिल करना आवश्यक हो सकता है।
  1. कुछ सब्जियों और फलों से एलर्जी की समस्या हो सकती है। खासतौर पर अगर उनका सेवन बिना पकाए किया जाए (48)।

उम्मीद है कि इस आर्टिकल से शाकाहारियों के लिए प्रोटीन फूड्स के बारे में पर्याप्त जानकारी मिल गई होगी। यहां बताए गए 20 हाई प्रोटीन वेज फूड्स को डाइट में शामिल करके जरूरी प्रोटीन प्राप्त किया जा सकता है। ऐसे में बिना देर करते हुए अपने स्वास्थ्य लाभ के लिए इन प्रोटीन फूड्स में से अपना पसंदीदा प्रोटीन फूड चुनकर अपने आहार में शामिल करें। प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। इसलिए आहार में पर्याप्त प्रोटीन जरूर लें। वहीं, अगर किसी को यहां बताई गए किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी हो, तो वो उस प्रोटीन फूड का सेवन बिल्कुल न करे। इस लेख को अन्य लोगों को अन्य लोगों के साथ शेयर कर सभी को प्रोटीन वेज फूड्स की जानकारी दें। ऐसे ही अन्य विषयों पर पढ़ने के लिए स्टाइलक्रेज के अन्य आर्टिकल्स भी पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रोटीन के लिए शाकाहारी लोग क्या खा सकते हैं?

शाकाहारी लोग प्रोटीन के लिए ऊपर बताई गई दालें, फलियां, नट्स-सीड्स, मिल्क प्रोडक्ट्स, क्विनोआ आदि का सेवन कर सकते हैं। इनके अलावा, लेख में दिए गए प्रोटीन वेज फूड्स में से अपना पसंदीदा खाद्य पदार्थ चुनकर सेवन कर सकते हैं।

कौन-से इंडियन फूड में सबसे ज्यादा प्रोटीन होता है?

दूध में सबसे ज्यादा प्रोटीन मौजूद होता जाता है (49)। इसके अलावा दाल जैसे – उड़द की दाल व मसूर की दाल में भी प्रोटीन होता है। दाल के अलावा, राजमा, पनीर, ड्राई फ़्रूट्स में भी प्रोटीन की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जिसके बारे में ऊपर लेख में भी जानकारी दी गई है।

शाकाहारी लोग प्रतिदिन किस तरह 150 ग्राम प्रोटीन का सेवन कर सकते हैं?

इसके लिए डाइट में प्रोटीन वेज फूड्स का संतुलन होना काफी जरूरी है। यहां बताए गए ज्यादा प्रोटीन वाले शाकाहारी खाद्य पदार्थों को भी डाइट में शामिल कर सकते हैं। बेहतर सुझाव के लिए किसी न्यूट्रिशनिस्ट की मदद से डाइट चार्ट की जानकारी ले सकते हैं।

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