पुदीने की चाय के फायदे और नुकसान – Peppermint Tea (Pudina) Benefits and Side Effects in Hindi

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खाने को एक अलग स्वाद और खुशबू देने के लिए पुदीने का उपयोग सालों से किया जा रहा है। खासकर, बात जब पकौड़ों के साथ धनिया-पुदीने की चटनी की हो, तो मुंह में पानी आ जाता है। वैसे पुदीने का उपयोग खाने में ही नहीं, बल्कि औषधि के रूप में भी किया जा सकता है। इसके औषधीय गुणों के लिए पुदीने की चाय से बेहतर विकल्प और कुछ नहीं है। इसी वजह से स्टाइलक्रेज के इस लेख से हम पुदीने की चाय से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। यहां हम पुदीना चाय के फायदे और सावधानी के तौर पर पुदीना की चाय पीने के नुकसान से भी पाठकों को अवगत कराएंगे। बस अब बिना देर किए पुदीना चाय के फायदे से जुड़े इस लेख को पढ़ें।

लेख विस्तार से पढ़ें

सबसे पहले जानते हैं कि पुदीने की चाय क्या होती है।

पुदीना की चाय क्‍या है?

पुदीने की चाय हर्बल टी है, जिसे पुदीने के पत्तों से तैयार किया जाता है। इसी वजह से पुदीने के लगभग सभी गुण पुदीने की चाय में भी मौजूद होते हैं। पुदाने और इससे बनी चाय का उपयोग लोग स्वाद के साथ-साथ औषधि के रूप में भी करते हैं। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, पुदीने की पत्तियों में रोजमरिनिक एसिड (Rosmarinic Acid) और कई तरह के फ्लेवेनॉयड्स होते हैं। अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि पुदीने में एंटीमाइक्रोबियल, एंटीवायरल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीट्यूमर और एंटी-एलर्जेनिक प्रभाव होते हैं (1)। अब आगे लेख में हम पुदीने के इन सभी प्रभाव के कारण होने वाले पुदीना चाय के फायदे की जानकारी देंगे।

जानिए फायदे

अब बारी आती है पुदीना चाय के फायदे जानने की।

पुदीने की चाय के फायदे – Benefits of Peppermint Tea in Hindi

पुदीना चाय के फायदे स्वस्थ रहने और बीमारी के लक्षण कम करने में मदद कर सकते हैं। इन फायदों के आधार पर पुदीने के उपयोग को किसी गंभीर बीमारी का इलाज समझने की भूल न करें। किसी भी गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए डॉक्टरी इलाज को ही प्राथमिकता दें। चलिए, अब जानते हैं पुदीना चाय के फायदे क्या हैं।

1. पाचन के लिए पुदीना चाय के फायदे

पाचन की समस्या से लगभग हर दूसरा व्यक्ति परेशान रहता है। ऐसे में पुदीने की चाय पाचन संबंधी समस्याओं से कुछ हद तक आराम दे सकती है (2)। इसी वजह से पुदीने को पेट के लिए एक हर्बल औषधि की तरह उपयोग किया जाता रहा है (3)। वैसे, कई शोध कहते हैं कि पेपरमिंट-टी डाइजेशन के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें मौजूद कौन-सा तत्व पाचन के लिए लाभदायक होता है (4)

2. तनाव से होने वाला सिरदर्द और माइग्रेन के लिए पुदीना की चाय

सिरदर्द को दूर करना हो, तो कई लोग चाय पीने की सलाह देते हैं। ऐसे में पुदीने की चाय का सेवन किया जा सकता है। कहा जाता है कि पुदीने की चाय तनाव कम करके इसके कारण होने वाले सिरदर्द और माइग्रेन से राहत दिला सकती है (4)। दरअसल, पुदीने में मेंथॉल कंपाउंड होता है, जो एंटीहेडेक गुण प्रदर्शित करता है। यह गुण सिर दर्द कम करने में मदद कर सकता है (3)

3. ताजा सांस के लिए पुदीना चाय

पुदीने का उपयोग ताजा सांस पाने के लिए भी किया जा सकता है। एक स्टडी में कहा गया है कि पुदीना मुंह की बदबू को दूर करके ताजगी भरी सांस देने में मदद कर सकता है (5)। दरअसल, पुदीने में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह के पैथोजन (बैक्टीरिया) को दूर कर मुंह की बदबू से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है (6)। इसके अलावा, पुदीने में मौजूद मेंथॉल की वजह से इससे ताजगी का एहसास मिलता है, जिस वजह से माउथ फ्रेशनर व माउथ वॉश के रूप में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है (7)। इसी आधार पर कहा जा सकता है कि पुदीना चाय का सेवन भी मौखिक स्वास्थ्य के लिए प्रभावकारी है।

4. बंद नाक के लिए पुदीना चाय

बंद नाक की समस्या को कम करने के लिए भी पुदीने की चाय का इस्तेमाल किया जा सकता है। कार्डिफ यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया है कि पेपरमिंट में मौजूद सक्रिय यौगक एल-मेंथॉल एयर फ्लो को बढ़ाकर बंद नाक की समस्या में सुधार कर सकता है (8)। ऐसे में यह माना जा सकता है कि नाक बंद होने पर पुदीने चाय का सेवन करना और इसकी भाप लेना लाभकारी हो सकता है।

5. पीरियड्स में होने वाली ऐंठन के लिए पुदीना चाय

पुदीने की चाय मासिक धर्म में होने वाले दर्द और ऐंठन को कम करने में सहायक हो सकती है। इसी संबंध में एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, मासिक धर्म के ऐंठन की समस्या से जूझ रही 127 छात्राओं को पेपरमिंट एक्स्ट्रेक्ट लेने के बाद दर्द में कमी महसूस हुई (7)। इसके आलावा, पुदीने की पत्तियों में एनाल्जेसिक यानी दर्दनिवारक गुण होता है, जो दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (1)। इसी आधार पर कहा जा सकता है कि पीरियड्स के दौरान पुदीना चाय का सेवन असरदार हो सकता है।

6. एंटीबैक्टीरियल गुण

पुदीने की पत्तियों में एंटीबैक्टीरियल प्रभाव होता है। एक शोध में कहा गया है कि यह इफेक्ट ग्राम नेगेटिव बैक्टीरिया पर प्रभावकारी असर दिखा सकता है। इसके अलावा, यह अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या पैदा करने वाले एसचेरिचिया कोली (Escherichia coli) व साल्मोनेला पुलोरम (Salmonella Pullorum) जैसे कई बैक्टीरिया से बचाव करने में सहायक हो सकता है (3)। इसी वजह से कहा जाता है कि शरीर को कीटाणुओं के बुरे प्रभाव से बचाने में पुदीने की चाय लाभकारी हो सकती है।

7. अच्छी नींद के लिए पुदीना चाय

अच्छी नींद के लिए भी पुदीना चाय का सेवन किया जा सकता है। एक स्टडी में कहा गया है कि तनाव की वजह से होने वाली अनिद्रा की समस्या को कम करने में पुदीना की चाय सहायक हो सकती है (4)। हां, तनाव दूर करके अच्छी नींद देने के अलावा यह किस तरह से नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद करता है, इसको लेकर अधिक शोध की आवश्यकता है।

8. ताजगी के लिए पुदीना चाय

पुदीने की पत्तियों में मौजूद मिंट की खुशबू न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि ताजगी भरा एहसास भी दिला सकती है। दरअसल, पुदीना में मौजूद मेंथॉल कंपाउंड रिफ्रेशिंग एहसास देने के लिए जाना जाता है (9)। इसी वजह से मूड फ्रेश करने के लिए पुदीना चाय को अच्छा विकल्प कहा जाता है।

9. मौसमी एलर्जी के लिए पुदीना चाय

पुदीना चाय सीजनल एलर्जी से बचाव में भी लाभकारी हो सकती है। दरअसल, पुदीने में एंटी-एलर्जेनिक प्रभाव भी होता है, जो एलर्जी से राहत दे सकता है (1)। इसके अलावा, पुदीने की चाय में रोजमेरिनिक एसिड (Rosmarinic Acid) भी होता है (1)। यह एसिड एंटी-एलर्जेनिक के साथ ही एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रभाव को प्रदर्शित करता है। यह दोनों प्रभाव मिलकर मौसमी एलर्जी राइनोकंजक्टिवाइटिस (Rhinoconjunctivitis- आंख और नाक की एलर्जी) से बचाव करने में सहायक हो सकते हैं (10)।

10. एकाग्रता के लिए पुदीना चाय

पुदीने की चाय का सेवन करके एकाग्रता को भी बढ़ाने में मदद मिल सकती है। दरअसल, पुदीने की चाय में मौजूद मेंथॉल में कोलिनेस्टरेज (Cholinesterase) एंजाइम को बाधित करने का गुण होता है। इस प्रभाव के कारण पुदीने की चाय याददाश्त और एकाग्रता में सुधार कर सकती है (11)। साथ ही पुदीने की चाय अल्जाइमर की समस्या (कमजोर याददाश्त) को भी कम करने में मदद कर सकती है (12)।

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अब जानते हैं पुदीने की चाय के पौष्टिक तत्वों के बारे में।

पुदीने की चाय के पौष्टिक तत्व – Peppermint Tea Nutritional Value in Hindi

पुदीने से ही पुदीना का तेल और पुदीने की चाय बनती है। इसलिए, पुदीने के पौष्टिक तत्वों के गुण पुदीने की चाय के सेवन से भी मिल सकते हैं। देखा जाए तो पुदीने में मुख्य रूप से प्रोटीन (3.75 ग्राम), कार्बोहाइड्रेट (4.89 ग्राम), फाइबर (8 ग्राम), कैल्शियम (243 मिलीग्राम), आयरन (5.08 मिलीग्राम) और विटामिन-सी (31.8 मिलीग्राम) मौजूद होता है (13)।

पढ़ते रहें यह आर्टिकल

अब जानते हैं पुदीना की चाय बनाने की आसान विधि।

पुदीने की चाय बनाने की विधि – How to Prepare Peppermint Tea in Hindi

पुदीने की चाय के फायदे उठाने के लिए इसे बनाने का तरीका भी पता होना चाहिए। आप यहां दी गई पुदीने की चाय बनाने की विधि की मदद से इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं।

सामग्री :

  • 10 से 15 पुदीने की पत्तियां
  • दो से ढाई कप पानी
  • शहद स्वादानुसार
  • एक सॉस पैन

बनाने की विधि :

  • सबसे पहले सॉस पैन में पानी उबालें।
  • अब उसमें पुदीने की पत्तियां डाल दें।
  • फिर थोड़ी देर पानी को उबलने दें।
  • कुछ सेकंड बाद गैस बंद कर दें और पानी को ढक दें।
  • फिर कुछ मिनट बाद इस चाय को छान लें।
  • अगर मन हो, तो स्वादानुसार शहद भी डाल लें।
  • बस तैयार है आपकी पुदीने की चाय, अब आप इसकी स्वास्थ्यवर्धक चुस्कियां ले सकते हैं।
  • चाहें तो नमक डालकर नमकीन-मसाले वाली पुदीना चाय भी बना सकते हैं।

बने रहें हमारे साथ

अब बात करते हैं पुदीना चाय पीने के सही वक्त के बारे में।

पुदीने की चाय पीने का सही समय – When to Drink Peppermint Tea in Hindi

पुदीना चाय का सेवन दिनभर में कभी भी किया जा सकता है। जैसे कि ऊपर जानकारी दी गई है कि यह पाचन क्रिया को दुरुस्त कर सकता है, तो इसका सेवन खाना खाने के बाद भी किया जा सकता है। इसके अलावा, यह एक हर्बल टी है, तो इसे रात को सोने से पहले भी पी सकते हैं।

अब जानते हैं पुदीना की चाय पीने के नुकसान

पुदीने की चाय के नुकसान – Side Effects of Peppermint Tea in Hindi

इसमें कोई शक नहीं है कि पुदीना व पुदीना चाय गुणकारी होती है, लेकिन अधिक सेवन से इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। इसी वजह से सावधानी के तौर पर हम यहां पुदीना की चाय पीने के नुकसान की जानकारी दे रहे हैं :

  • संवेदनशील व्यक्ति को एलर्जी या अस्थमा जैसी समस्या हो सकती है (14)।
  • पुरुष चूहों पर किए गए शोध के मुताबिक, पुदीने की चाय के अधिक सेवन से रिप्रोडक्टिव फंक्शन पर असर पड़ सकता है (15)। हालांकि, यह शोध जानवरों पर किया गया है, मनुष्यों पर इसके प्रभाव को लेकर अभी और शोध की आवश्यकता है। फिर भी सावधानी के तौर पर पुरुष इसके अधिक सेवन से दूरी बनाए रखें।
  • लो ब्लड प्रेशर की समस्या वालों को पुदीना चाय पीने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि पुदीना चाय में ब्लड प्रेशर को कम करने के गुण होते हैं (16)।
  • वैसे तो पुदीना चाय गर्भवती और भ्रूण के लिए हानिकारक नहीं मानी जाती। फिर भी इसमें मौजूद इमेनगॉग (Emmenagogue) प्रभाव के कारण इस चाय के ज्यादा सेवन से बचने की सलाह दी जाती है। दरअसल, इमेनगॉग इफेक्ट पेल्विक और गर्भाशय में रक्त प्रवाह को उत्तेजित कर सकता है। ऐसे में गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है (17)।

ये थे पुदीना चाय के फायदे, जिसे जानने के बाद आप जरूर इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाह रहे होंगे। अगर ऐसा है, तो आप लेख में बताए गए पुदीना चाय बनाने की आसान विधि को पढ़कर इसे तैयार कर सकते हैं। हां, इसे पीने के बाद किसी चमत्कार की अपेक्षा न करें। पुदीना चाय कोई जादू नहीं है, जो तुरंत असर दिखा दे। पुदीने की चाय का लाभ पाने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा, लेकिन एक बात पक्की है कि इसे पीने के बाद ताजगी का एहसास जरूर होगा। इसका सेवन करते समय पुदीना की चाय पीने के नुकसान पर भी ध्यान दें और संतुलित मात्रा में इसका सेवन करें। पुदीना चाय के फायदे से संबंधित यह लेख पसंद आया हो, तो इसे साझा जरूर करें। खासतौर ये उन लोगों के साथ, जो चाय पीने के शौकीन हैं।

17 संदर्भ (Sources):

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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