पूर्वोत्तानासन करने का तरीका और फायदे – Purvottanasana Steps And Benefits in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

योग शरीर के लिए इतना फायदेमंद है कि हर कोई इसे दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देता है। योग से न सिर्फ स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि व्यक्ति ऊर्जा से भरपूर महसूस करता है। शरीर की तमाम समस्याओं से बचने के लिए विभिन्न योगासन किए जा सकते हैं, जिनमें से एक पूर्वोत्तानासन भी है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम बताएंगे कि पूर्वोत्तानासन क्या है और इसे कैसे किया जाता है। साथ ही यहां आप पूर्वोत्तानासन योग करने के फायदे भी जानेंगे।

शुरू करते हैं लेख

लेख की शुरुआत पूर्वोत्तानासन क्या है, इसकी जानकारी से करते हैं।

पूर्वोत्तानासन क्या है – What is Purvottanasana in hindi

पूर्वोत्तानासन का नाम पूर्व और उत्तान, इन दो शब्दों से मिलकर बना है। इसका शाब्दिक अर्थ निकाला जाए, तो मतलब होता है पूर्व दिशा की ओर खींचना। भले ही इस योगासन में पूर्व का अर्थ दिशा से हो, लेकिन इसमें दिशा का कोई काम नहीं है। इसी वजह से लोग इस योगासन में पूर्व का अर्थ शरीर के पहले हिस्से से भी लगाते हैं। दरअसल, पूर्वोत्तानासन में शरीर के पहले यानी ऊपरी हिस्से को हथेलियों के सहारे से ऊपर की ओर उठाया जाता है। इस पोज को अंग्रेजी में अपवर्ड प्लैंक पोज (Upward Plank Pose) कहा जाता है।

पढ़ना जारी रखें

अब, पूर्वोत्तानासन करने से पहले किन आसान को करना चाहिए, यह जानते हैं।

पूर्वोत्तानासन करने से पहले यह आसन करें

पूर्वोत्तानासन करने से पहले व्यक्ति को कुछ योगासन करने की जरूरत पड़ती है। ये आसान कुछ इस प्रकार हैं।

  • उल्कटासन (Chair Pose)
  • वीरभद्रासन (Warrior Pose)
  • दंडासन (Staff Pose)

स्क्रॉल करें

आइए, अब पढ़ते हैं पूर्वोत्तानासन करने के फायदे किस प्रकार हो सकते हैं।

पूर्वोत्तानासन करने के फायदे – Benefits of Purvottanasana in hindi

पूर्वोत्तानासन के नियमित अभ्यास से स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। पूर्वोत्तानासन करने के लाभ क्या-क्या हो सकते हैं, नीचे हम विस्तार से बता रहे हैं।

1. श्वसन प्रणाली को बेहतर करे

श्वसन प्रणाली को बेहतर करने के लिए पूर्वोत्तानासन बेहद कारगर साबित हो सकता है। दरअसल, एक मेडिकल रिसर्च में इस बात का जिक्र मिलता है कि पूर्वोत्तानासन को करने से श्वसन प्रणाली बेहतर तरीके से काम करती है। साथ ही शरीर के हार्मोन भी संतुलित रहते हैं। यह योगासन अस्थमा में भी काफी सुधार ला सकता है (1)। इस लिहाज से यह कहना गलत नहीं होगा कि बेहतर श्वसन प्रणाली के लिए योग का नियमित अभ्यास करना लाभकारी है।

2. तनाव कम करे

पूर्वोत्तानासन करने के फायदे तनाव की समस्या को कम करने में भी देखे जा सकते हैं। एक रिसर्च पेपर में बताया गया है कि इस योगासन को करने से दिमाग फ्रेश हो सकता है। दिमाग जब फ्रेश रहेगा, तो तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही शोध में यह भी जिक्र मिलता है कि हर तरह के योगासन से स्ट्रेस दूर हो सकता है (2)। ऐसे में इस योगासन को भी तनाव कम करने के लिए फायदेमंद कहा जा सकता है।

3. चेस्ट के लिए

एक रिसर्च पेपर में इस बात जिक्र मिलता है कि नियमित रूप से पूर्वोत्तानासन करने से न सिर्फ मांसपेशियां मजबूत होती हैं, बल्कि चेस्ट अच्छे से स्ट्रेच भी होता है (3)। रोजाना पूर्वोत्तानासन करते रहने से चेस्ट स्ट्रेच होने के साथ ही चौड़ा भी हो सकता है। बस तो अगर किसी को अपनी पर्सनालिटी को बेहतर करने के लिए चेस्ट को चौड़ा करना है, तो पूर्वोत्तानासन कर सकते हैं।

4. हाथों में मजबूती

पूर्वोत्तानासन हाथ और कलाई की मांसपेशियों को मजबूत करने में लाभकारी हो सकता है। दरअसल, पूर्वोत्तानासन करने पर मांसपेशियों में खिंचाव आता है और मजबूती भी। इससे संबंधित रिसर्च पेपर में भी लिखा है कि पूर्वोत्तानासन से कलाई, हाथ, पीठ और पैर मजबूत हो सकते हैं (3)।

5. कमर दर्द

कमर दर्द एक आम समस्या है, जिसका अधिकतर लोग सामना करते हैं। गलत तरीके से बैठने, झुकने और वजन उठाने से कमर दर्द की समस्या शुरू हो सकती है। इस परेशानी से निजात पाने के लिए योग करने की भी सलाह दी जाती है। इससे संबंधित एक रिसर्च पेपर में दिया है कि कई योगासन करने से कमर दर्द कम से राहत मिल सकती है, जिनमें से एक पूर्वोत्तानासन भी है। शोध में यह भी जिक्र मिलता है कि इससे कमर का हिस्सा मजबूत हो सकता है (3)।

6. लेख में बने रहें

अब हम पूर्वोत्तानासन करने का तरीका बता रहे हैं।

पूर्वोत्तानासन करने का तरीका

पूर्वोत्तानासन योग करने के लिए नीचे हम इसकी विधि बता रहे हैं। इसे फॉलो करके आप आसानी से पूर्वोत्तानासन के फायदे उठा सकते हैं।

  • पूर्वोत्तानासन करने के लिए सबसे पहले साफ जगह का चुनाव करें।
  • चयनित जगह पर मैट बिछाकर दंडासन की मुद्रा में यानी पैर को आगे की ओर फैलाकर और हाथों को नितंब के बगल रखकर बैठ जाएं।
  • बैठने के बाद धीरे-धीरे सांस लें और पीठ के हिस्से को थोड़ा पीछे की ओर करें। इस दौरान हाथ भी थोड़े पीछे होंगे।
  • ध्यान दें कि इस वक्त हथेलियां जमीन को छूती हुई और उंगलियां अंदर की ओर होंगी।
  • अब शरीर को हाथों की मदद से ऊपर की ओर उठाएं।
  • इस दौरान शरीर का बाकी का हिस्सा हवा में रहेगा और शरीर का भार हाथों और एड़ियों पर होगा।
  • इस अवस्था में पैर और हाथ एकदम सीधे रहेंगे और 90 डिग्री का कोण जमीन से बनेगा।
  • इस अवस्था में कुछ सेकंड के लिए बने रहते हुए सामान्य तरीके से सांस लेते रहें।
  • आखिर में सांस को छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
  • इस योग का बेहतर अभ्यास हो जाने के बाद इसे 10 से 15 मिनट तक कर सकते हैं।

अभी जानकारी बाकी है

इस लेख के अंतिम भाग में हम पूर्वोत्तानासन से संबंधित सावधानियां बता रहे हैं।

पूर्वोत्तानासन करने के लिए सावधानियां

पूर्वोत्तानासन करने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। ऐसे में नीचे हम सावधानियों के बारे में बता रहे हैं।

  • इस योगासन को करते समय शरीर पर ज्यादा जोर न डालें। अपनी क्षमता के अनुसार ही इस योगासन को करें।
  • अगर हाथ या कलाई में चोट लगी हो, तो इस आसान को करने से बचें।
  • गर्दन में चोट या दर्द होने पर पूर्वोत्तानासन योग न करें।
  • हमेशा योग सुबह के वक्त खाली पेट करना चाहिए।
  • शाम के वक्त योगासन करने की सोच रहे हैं, तो योग करने से 3 से 4 घंटे पहले कुछ न खाएं।
  • योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही योगासन करें। गलत तरीके से किया गया योग नुकसानदायक साबित हो सकता है।
  • गर्भवती महिलाएं इस योगासन को डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
  • बैक सर्जरी वालों को यह योगासन करने से बचना चाहिए।
  • इस योगासन को करते समय नितंब वाले हिस्से को ध्यान से उठाएं।

स्वस्थ रहने के लिए योग एक बेहतरीन माध्यम है। इसे करने से न सिर्फ मन शांत होता है, बल्कि तमाम समस्याओं से भी छुटकारा मिल सकता है। ऐसे में लेख में बताए गए तरीके को अपनाकर पूर्वोत्तानासन करने के फायदे उठाएं। यह दिमाग को शांत करने के साथ ही श्वसन प्रणाली को भी फायदे पहुंचा सकता है। बस तो निरोग रहने के लिए विभिन्न योगासन की मदद लेते रहें। अगर पूर्वोत्तानासन करना चाह रहे हैं, तो लेख में पूर्वोत्तानासन करने का तरीका और सावधानियां पढ़कर ही इस योग को करें।

संदर्भ (Sources) :

Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Read our editorial policy to learn more.

  1. Influence of yogic breathing on Asthma: The respiratory disorder
    https://www.theyogicjournal.com/pdf/2019/vol4issue1/PartU/5-1-6-638.pdf
  2. The Impacts of Pilates and Yoga on Health-Promoting Behaviors and Subjective Health Status
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC8038747/
  3. Yoga Asanas for Backache
    https://juniperpublishers.com/jyp/pdf/JYP.MS.ID.555708.pdf
Was this article helpful?
thumbsupthumbsup
The following two tabs change content below.
अनुज जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। अनुज को प्रिंट... more

ताज़े आलेख