पुश अप करने के तरीके और फायदे – Push Up Steps And Benefits In Hindi

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शरीर को चुस्त और तंदुरुस्त रखने के लिए संतुलित भोजन के साथ-साथ शारीरिक व्यायाम भी जरूरी है। व्यायाम शरीर को फिट रखने के साथ ही कई प्रकार की बीमारियों काे दूर रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, नियमित रूप से व्यायाम करने से शरीर का स्टैमिना भी बढ़ता है। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम ऐसे ही एक खास व्यायाम यानी पुश अप की बात कर रहे हैं। इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि पुश अप क्या है। साथ ही पुश अप के फायदे और इस एक्सरसाइज को कैसे किया जाए, इसकी जानकारी भी देंगे। साथ ही इस बात को भी ध्यान में रखें कि कोई भी शारीरिक व्यायाम शुरू करने से पहले ट्रेनर से प्रशिक्षण लेना जरूरी है और इसे नियमित रूप से करने पर ही फायदा होगा।

यहां हम सबसे पहले बता रहे हैं कि पुश अप क्या है।

पुश अप क्‍या है? – What is Push Up in Hindi

पुश अप एक सामान्य व्यायाम है, जिसमें पूरी शरीर को जमीन के सामांतर आकर सीधा रखा जाता है। छाती के दोनों ओर हथेलियों को जमीन रख कर बाजुओं और कंधो पर जोर देकर शरीर को ऊपर व नीचे किया जाता है। इस अवस्था में शरीर का पूरा भार हथेलियों व पैरों के पंजों पर होता है। पुश-अप मांसपेशियों, ट्राइसेप्स और कंधों को मजबूत बनाने के साथ ही शरीर की स्ट्रैंथ को बढ़ाने में मददगार हो सकता है (1)।

पुश अप के बारे में जानने के बाद यहां हम बता रहे हैं कि पुश अप कितने प्रकार के होते हैं।

पुश अप के प्रकार – Types of Push Up in Hindi

पुश अप कई प्रकार से किया जा सकता है। लेकिन, यहां पर हम आपको इसके कुछ खास और आम प्रकारों के बारे में बता रहे हैं:

  1. स्टैंडर्ड पुश अप: यह पुश अप करने का सबसे आम तरीका है। इसमें हाथों को कंधे के समानांतर रखा जाता है और पैरों के बीच में कुछ दूरी रखी जाती है।
  1. मॉडिफाइड पुश अप: पुश अप करने के इस तरीके में भी हाथों को कंधे के समानांतर रखा जाता है, लेकिन घुटना जमीन के साथ सटे रहते हैं। जो पहली बार पुश अप कर रहे हैं, उनके लिए शुरुआत में यह तरीका सबसे सही है।
  1. वाइड पुश अप: इस पुश अप में पैरों को पूरी तरह से फैलाया जाता है और हाथों को कंधों से कुछ दूरी पर रख कर अपने शरीर को ऊपर की ओर धकेला जाता है। पहली बार पुश अप्स कर रहे लोगों के लिए यह तरीका भी सरल है।
  1. नैरो पुश अप: पुश अप की इस विधि में हाथों को छाती के पास अंदर की ओर रखा जाता है। यह तरीका शुरुआत में थोड़ा कठिन लग सकता है।
  1. डिक्लाइन पुश अप: इस प्रकार के पुश अप में हाथों को कंधे के समानांतर रखा जाता है और पैरों को थोड़ी ऊंची टेबल या फिर सीढ़ी पर रख कर किया जाता है। इसको करने में ज्यादा मेहनत लगती है, लेकिन यह जल्दी ही असर दिखाता है।
  1. प्लायोमेट्रिक पुश-अप: यह पुश अप करने का एडवांस तरीका है। इसमें पुश अप करते समय शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर की ओर उछाला जाता है और ताली बजाई जाती है। फिर वापस जमीन पर अपने हाथ रखे जाते हैं। इस दौरान पंजे जमीन से सटे रहते हैं।

पुश अप के बारे में जानने के बाद अब हम पुश अप से होने वाले फायदे के बारे में बात करेंगे।

पुश अप करने के फायदे – Benefit of Push Up in Hindi

कई प्रकार के व्यायाम की तरह ही पुश अप्स भी शरीर के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। यहां हम पुश अप्स से होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

1. हाथ, कंधे और छाती को मजबूत करें

हाथ, कंधों और छाती के लिए पुश अप्स किस प्रकार फायदेमंद हैं, यह जानने के लिए कोरियाई विश्वविद्यालय के छात्रों पर एक शोध किया गया। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में बताया गया है कि पुश-अप करने से मांसपेशियों पर खिंचाव आता है। साथ ही हाथ, कंधे और छाती को मजबूती मिलती है (1) (2)।

2. कमर दर्द से राहत दिलाए

खराब जीवन शैली और लापरवाही के साथ की जाने वाली शारीरिक गतिविध कमर दर्द का कारण बन सकती है। ऐसे में पुश अप्स कुछ हद तक इस समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं। शोध में पाया गया है कि पुश अप्स करने से मांसपेशियों में मजबूती आती है। साथ ही मांसपेशियों में आने वाला खिंचाव अकड़न को दूर कर दर्द को कम करने में मददगार हो सकता है। जिन लोगों को कमर के निचले हिस्से में दर्द रहता है, उन्हें पुश अप करने से फायदा हो सकता है। साथ ही शरीर में चुस्ती भी आती है (3)।

3. मांसपेशियों को मजबूत बनाए

पुश अप्स का एक फायदा यह भी है कि अगर इसको सही तरीके से किया जाए, तो मांसपेशियां मजबूत हो सकती हैं। इसकी तथ्य की पुष्टि करने के लिए 20 से 30 वर्ष की उम्र के कुछ लोगों पर शोध किया गया। इस शोध के अनुसार, पुश अप्स करने से लोगों के कंधे, भुजाएं और बाजुओं की मांसपेशियां मजबूत हुईं (4)।

4. वजन कम करने के लिए पुश अप के फायदे

बढ़ता हुआ वजन या फिर मोटाप कई प्रकार की समस्याओं का कारण बन सकता है। इस समस्या को दूर करने के लिए पुश अप करना फायदेमंद हो सकता है। इस विषय पर एनसीबीआई की वेबसाइट पर कुछ शोध उपलब्ध हैं। इनके अनुसार, जो लोग पुश अप करते हैं, उनमें हृदय की समस्या के साथ-साथ मोटापे की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकती है (5)। फिलहाल, इस संबंध में और शोध किए जाने की जरूरत है।

पुश अप के फायदे जानने के बाद अब हम पुश अप्स एक्सरसाइज करने के तरीके के बारे में बता रहे हैं।

पुश अप्स करने के तरीके – Steps to do Push-Ups in Hindi

ऊपर बताए गए पुश अप्स के विभिन्न प्रकारों के आधार पर ही हम यहां पुश अप्स एक्सरसाइज करने के तरीके बता रहे हैं।

  1. स्टैंडर्ड पुश अप:
  • सबसे पहले जमीन पर योग मैट बिछा लें। इसके बाद पेट के बल लेट जाएं।
  • गर्दन को सीधा रखें और हथेलियाें को कंधों के नीचे रखें। साथ ही पंजे जमीन से सटे हुए हों।
  • अब हाथों पर जोर डालते हुए शरीर को ऊपर की ओर उठाएं। फिर आराम से नीचे की तरफ आएं।
  • अपने शरीर को तब तक नीचे लाएं, जब तक कि छाती जमीन को न छूने लगे।
  • अब अपने शरीर को धीरे-धीरे वापस ऊपर की ओर उठाए। अपने हाथों को सीधा रखें और 10 सेकंड इसी अवस्था में रहें।
  • फिर वापस धीरे-धीरे नीचे आएं।
  1. मॉडिफाइड पुश अप:
  • सबसे पहले मैट पर अपने हाथों को कंधे से थोड़ा नीचे की ओर रखें। साथ ही पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें और घुटने जमीन से लगे रहें।
  • अब पहले बताई विधि के जैसे ही अपने शरीर के आराम-आराम से नीचे की ओर ले जाएं।
  • अपने शरीर को तब तक नीचे ले जाएं, जब तक कि आपकी छाती जमीन को न छूने लगे।
  • इसके बाद शरीर को वापस ऊपर की ओर धकेलें।
  • इस विधि को लगातार कई बार करें।
  1. वाइड पुश अप:
  • इस पुश अप को करने के लिए स्टैंडर्ड पुश अप की अवस्था में आ जाए, लेकिन अपने हाथों को कंधे से थोड़ी दूरी पर रखें।
  • इसके बाद अपने शरीर को आराम-आराम से नीचे की ओर लेकर आएं, जब तक कि छाती जमीन से न लग जाए।
  • इसके बाद वापस ऊपर की ओर उठें और इस विधि को दोहराएं।
  1. नैरो पुश अप:
  • नैरो पुश अप की शुरुआत स्टैंडर्ड पुश अप के जैसी ही की जाती है। बस इसमें इतना करना होती है कि अपने दोनों हाथों को छाती की ओर अंदर की तरफ रखा जाता है।
  • इसके बाद की पूरी विधि स्टैंडर्ड पुश अप की तरह ही होती है।
  1. डिक्लाइन पुश अप:
  • इस पुश अप को टेबल या फिर सीढ़ियों के सहारे किया जाता है। अपने हाथों को कंधे की सीध में जमीन पर रखा जाता है और पैरों को टेबल या सीढ़ी के ऊपर रखा जाता है।
  • इसके बाद आराम-आराम से अपने शरीर को नीचे की ओर लाएं और छाती को जमीन से लगाने का प्रयास करें।
  • फिर वापस से ऊपर की ओर ले जाएं।
  1. प्लायोमेट्रिक पुश-अप:
  • इस पुश अप को करने के लिए स्टैंडर्ड पुश अप की पोजीशन में आएं।
  • इसके बाद अपने शरीर को नीचे की ओर ले जाएं।
  • फिर झटके के साथ शरीर को ऊपर की ओर उठाएं और दोनों हाथों को जमीन से अलग करें या फिर ताली बजाने का प्रयास करें और फिर हाथों को वापस जमीन पर अपने स्थान पर स्थिर कर दें।
  • अब वापस अपने शरीर को नीचे की ओर ले जाएं और ऊपर की ओर आते समय पहले के जैसी विधि करें।

नोट: अगर आप पुश अप्स पहली बार कर रहे हैं, तो कोशिश करें किसी जानकार की देखरेख में ही इसे करें। इसके अलावा, प्रत्येक पुश अप को तीन-तीन के सेट में ही करना चाहिए।

पुश अप करने की विधि के बाद यहां पर हम आपको बता रहे हैं सी फार्म में पुश अप कैसे करना चाहिए।

सही फॉर्म में पुश अप्स करने के लिए टिप्स – Tips for Proper Form in Hindi

पुश अप्स करने हों या फिर कोई अन्य व्यायाम, हमेशा कुछ काम की बातों को ध्यान में रखना जरूरी है। यहां हम पुश अप करने के लिए कुछ खास टिप्स दे रहे हैं (6)।

  • पुश अप करते समय अपने हाथों को कंधे की सीध में सामने की ओर रखें।
  • पैरों को एक साथ या फिर लगभग 12 इंच की दूरी पर रखें।
  • अपनी पीठ को सीधा रखें और अपने शरीर के वजन को हाथों और पैरों पर छोड़ दें।
  • नीचे की ओर जाते समय नीचे देखे और जब पूरी तरह से नीचे पहुंच जाएं या फिर जब तक कोहनी 90 डिग्री पर हो, तो फिर सामने की ओर देखें।
  • पुश अप करते समय अपने शरीर को आराम-आराम से नीचे की ओर ले जाएं। इसे जल्दी-जल्दी नहीं करना चाहिए।
  • दीवार के सहारे पुश अप करने के लिए दीवार की ओर कम से कम 45 डिग्री तक झुकना चाहिए।
  • नीचे जाने के लिए जितना समय ले रहे हैं, उससे आधे समय में ऊपर आने की कोशिश करें।

आर्टिकल के इस हिस्से में हम बता रहे हैं पुश अप करने के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

पुश अप करने के नुकसान – Side Effects of Push Up in Hindi

हालांकि, पुश अप को अच्छा व्यायाम माना गया है, लेकिन फिर भी इसे जानकारी के अभाव या फिर गलत तरीके से किया जाए, तो इसके नकारात्मक परिणाम भी हो सकते हैं। यहां हम पुश अप करने के नुकसान की जानकारी दे रहे हैं।

  • गलत तरीके से पुश अप करने से गर्दन में, पीठ में, पेट में और कलाई में दर्द हो सकता है (7)।
  • इसके अलावा, गलत तरीके से किए गए पुश अप के कारण कोहनी में चोट लगने का डर रहता है और शरीर में मोच की आशंका रहती है।
  • मांसपेशियों में खिंचाव और अकड़न की समस्या भी हो सकती है।

व्यायाम कोई भी हो अगर उसे सही तरीके से किया जाए, ताे वह सेहत के लिए फायदेमंद हाे सकता है। उन्हीं में से एक है पुश अप। आपने आर्टिकल के माध्यम से पुश अप और इसके फायदे के बारे में जाना साथ ही यह जानकारी भी प्राप्त हुई कि इसे किस प्रकार से किया जाना चाहिए। अगर आप पहली बार पुश अप करने जा रहे हैं, तो हमारी सलाह होगी कि इसे किसी अच्छे ट्रेनर की देखरेख में ही करें। पुश अप करने के फायदे और इसकी जानकारी देता यह आर्टिकल आपके लिए किस प्रकार से फायदेमंद रहा, इस बारे में आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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