सांस फूलने के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Shortness Of Breath Causes, Symptoms and Home Remedies in Hindi

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किसी ने सच ही कहा है, जब तक सांस है, तब तक आस है। देखा गया है कि कई बार लोग सांस फूलने की समस्या को मामूली समझकर अनदेखा कर देते हैं। ऐसे में वो ये भूल जाते हैं कि सांस फूलना किसी गंभीर बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने स्टाइलक्रेज के इस लेख का विषय सांस फूलने की समस्या और उसके समाधान को चुना है। इस लेख का उद्देश्य न सिर्फ सांस फूलने के कारण पर गौर करना है बल्कि सांस फूलने के घरेलू उपाय के बारे में भी जानकारी देना है। सांस फूलने की इस समस्या की ज्यादा से ज्यादा जानकारी के लिए पढ़ते रहें यह लेख।

सबसे पहले जानते हैं कि सांस फूलना क्या होता है?

सांस फूलना क्या है – What is Shortness Of Breath in Hindi

सांस फूलना उस स्थिति को कहते हैं जब व्यक्ति को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता और उसे सांस लेने में परेशानी होती है। इस दौरान व्यक्ति को बेचैनी और सीने में जकड़न का एहसास होता है। यह समस्या आम कारण (जैसे तेज दौड़ना या सीढ़ी चढ़ना) या किसी गंभीर शारीरिक परेशानी की वजह से भी हो सकती है (1) (2) (3)। सांस फूलने की समस्या को डिस्पनिया (Dyspnea) के नाम से भी जाना जाता है। लेख में आगे इस समस्या संबंधी कई जरूरी जानकारी को साझा किया गया है।

लेख में आगे जानिए सांस फूलने के कारण क्या-क्या हो सकते हैं।

सांस फूलने के कारण – Causes of Shortness Of Breath in Hindi

जैसा कि हमने ऊपर बताया, सांस फूलने के कारण सामान्य भी हो सकते हैं, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। नीचे हम सांस फूलने के कारणों के बारे में जानकारी दे रहे हैं (1) (2) (3) (4)।

सांस फूलने के कुछ सामान्य कारण –

  • दौड़ना
  • ज्यादा व्यायाम करना
  • मोटापा
  • प्रदूषण
  • किसी ऊंची जगह पर जाना, जहां ऑक्सीजन की कमी हो
  • मौसम में बदलाव (बहुत गर्मी होना या बहुत ठंड होना)

सांस फूलने के कुछ गंभीर कारण –

  • फेफड़ों से संबंधित बीमारी (जैसे ब्रोंकाइटिस, दमा या लंग्स कैंसर)
  • श्वसन संक्रमण (जैसे सर्दी-जुकाम या निमोनिया के कारण)
  • एनीमिया (खून की कमी)
  • हृदय रोग का लक्षण हो सकता है।
  • दिल का दौरा पड़ना
  • फेफड़ों में खून का थक्का जमना।
  • गर्दन, छाती या फेफड़ों में किसी तरह की चोट।
  • पेरिकार्डियल एफ्यूजन (Pericardial Effusion – ह्रदय के आसपास तरल पदार्थ का जमा होना)
  • प्ल्युरल एफ्यूजन (Pleural Effusion – फेफड़ों के आसपास तरल पदार्थ का जमाव)
  • किसी तरह की गंभीर एलर्जिक रिएक्शन
  • पैनिक अटैक के कारण (अचानक चिंता या तनाव का बढ़ जाना)

सांस फूलने के कारण जानने के बाद सांस फूलने के लक्षणों की जानकारी रखना भी बहुत जरूरी है। लेख के इस भाग में हम इसी के बारे में जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं।

सांस फूलने के लक्षण – Symptoms of Shortness Of Breath in Hindi

नीचे जानिए सांस फूलने के लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं (3)।

  • जल्दी-जल्दी सांस लेना।
  • सोते वक्त सांस लेने में तकलीफ और बैठकर सांस लेने की जरूरत महसूस होना।
  • चिंता और बेचैनी
  • सुस्ती और उलझन

इसके कुछ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं –

  • चक्कर आना
  • पसीना आना
  • बुखार होना
  • सर्दी-जुकाम होना
  • मतली
  • उल्टी होना
  • घरघराहट होना
  • बोलने में कठिनाई होना
  • पसीना आना

सांस फूलने के लक्षण जानने के बाद अब बारी आती है सांस फूलने का घरेलू इलाज जानने की।

सांस फूलने के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Shortness Of Breath in Hindi

अगर अचानक कभी घर में या बाहर सांस फूलने की समस्या हो, तो नीचे बताए गए सांस फूलने के घरेलू उपचार व्यक्ति के लिए मददगार हो सकते हैं।

1. पर्स्ड लिप ब्रीथिंग (Pursed-lip breathing)

कैसे करें
  • अपनी गर्दन और कंधों की मांसपेशियों को आराम दें।
  • एक आरामदायक कुर्सी पर बैठें और अपने तलवों को जमीन से सटाकर रखें।
  • अब कुछ सेकंड के लिए अपनी नाक के माध्यम से धीरे-धीरे सांस लें।
  • हवा को अपने पेट में महसूस करें और फेफड़ों के बजाय अपने पेट को हवा से भरने की कोशिश करें।
  • होंठों को ऐसे सिकोड़ें जैसे कि सीटी बजाने वाले हों या फूंक कर मोमबत्ती बुझाने वाले हों।
  • फिर धीरे-धीरे मुंह से सांस छोड़ें।
  • इस प्रक्रिया को दो से तीन बार करें।
कैसे फायदेमंद है

यह प्रक्रिया सांस लेने में मददगार साबित हो सकती है। दरअसल, इस प्रक्रिया में सांस लेने के लिए कम ऊर्जा का प्रयोग करना होता है। साथ ही इस प्रक्रिया से सांस लेने की गति धीमी हो जाती है, जिससे सांस की कमी की समस्या में कुछ हद तक फायदा मिल सकता है (5)। इसके अलावा, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में यह बात सामने आई है कि पर्स्ड लिप ब्रीथिंग एक्सरसाइज शारीरिक परिश्रम के बाद होने वाली सांस फूलने की समस्या में लाभकारी हो सकती है (6) (7)।

एक अन्य शोध के अनुसार, यह एक्सरसाइज क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (फेफड़ों की बीमारियों का समूह, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है) के रोगियों में वायु संचार में सुधार का काम कर सकती है (8) (9) (10)। इस व्यायाम को करते वक्त किसी विशेषज्ञ का होना भी जरूरी है (11)। वहीं इस विषय में एनसीबीआई के एक अन्य शोध में यह बात भी सामने आयी है कि आईएलडी (Interstitial Lung Disease – फेफड़ों से संबंधित समस्या) के मरीजों में इस व्यायाम से कोई सुधार नहीं पाया गया (12)।

2. पंखे का उपयोग

सांस फूलने के घरेलू उपाय में पंखे का उपयोग भी शामिल है। दरअसल, लंग्स कैंसर के मरीजों पर किए गए एक शोध में हाथ वाले पंखे (Hand-held Fan) के इस्तेमाल से सांस फूलने की समस्या में राहत देखी गई है (13) (14)। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की जरूरत है।

3. टेबल पर झुककर बैठें

सांस फूलने के घरेलू उपचार की बात करें तो इसमें व्यक्ति के बैठने का तरीका भी शामिल है। इसके लिए किसी आरामदायक कुर्सी पर बैठ जाएं और अपने तलवों को जमीन से सटाकर रखें। साथ ही सामने एक टेबल पर तकिया रखें और फिर अपना सिर तकिये पर और हाथों को टेबल पर रखकर थोड़ी देर आराम से इसी मुद्रा में सांस लें। ऐसा करने से शरीर रिलैक्स हो सकता है और सांस लेने में आसानी से हो सकती है। फिलहाल, इसका कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण अभी मौजूद नहीं है कि यह कैसे राहत दिला सकता है।

आगे जानते हैं कि सांस फूलने का इलाज कैसे किया जा सकता है।

सांस फूलने का इलाज – Shortness Of Breath Treatment in Hindi

नीचे जानिए सांस फूलना के लिए घरेलू उपाय के अलावा इसका और क्या इलाज हो सकता है। हम आपको बता दें कि सांस फूलने का इलाज इसकी गंभीरता और बीमारी के प्रकार पर निर्भर करता है (15) (16)।

  • अगर व्यक्ति धूम्रपान या किसी तरह के तम्बाकू का उपयोग करता है तो डॉक्टर उसे बंद करने की सलाह देंगे।
  • अगर व्यक्ति को श्वास या फेफड़ों से संबंधित कोई समस्या है तो डॉक्टर उन्हें इन्हेलर या ऑक्सीजन थेरेपी की सलाह दे सकते हैं।
  • अगर व्यक्ति के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो तो डॉक्टर नियमित रूप से ऑक्सीजन सप्लीमेंट थेरेपी लेने की राय दे सकते हैं।
  • अगर मरीज को किसी दवाई की वजह से सांस फूलने की समस्या हो रही है तो डॉक्टर उन दवाइयों को बंद करने की सलाह दे सकते हैं।
  • अगर मरीज को हृदय से संबंधित किसी समस्या की वजह से सांस फूलने की परेशानी हो रही है तो डॉक्टर संबंधित उपचार को आगे बढ़ाएंगे।
  • अगर सांस फूलने की समस्या बढ़ते वजन के कारण है तो डॉक्टर व्यायाम या योग करने की सलाह दे सकते हैं। वजन कम होने से इस समस्या से काफी राहत मिल सकती है।
  • अगर सांस फूलने की समस्या के पीछे कोई मनोवैज्ञानिक कारण है, तो डॉक्टर एंटीडिप्रेसेंट दवाइयों (Selective Serotonin Receptor Inhibitor) के साथ साइकोलॉजिकल काउंसलिंग की सलाह दे सकते हैं।

सांस फूलना कष्टदायी हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि इसके बचाव के बारे में जानकारी रखी जाए। लेख के इस भाग में हम पाठकों को इसी के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

सांस फूलना से बचाव – Prevention Tips for Shortness Of Breath in Hindi

नीचे जानिए सांस फूलना से बचाव कैसे किया जाए (3)।

  • अगर किसी को दमा या एलर्जी की समस्या है तो वो एलर्जी पैदा करने वाली चीजों से दूर रहे।
  • बच्चों को सर्दी-जुकाम के वैक्सीन दिलवाएं।
  • धूम्रपान न करें, अगर कोई धूम्रपान कर रहा हो तो वहां से हट जाएं।
  • अगर निजी गाड़ी से यात्रा कर रहे हैं तो बीच-बीच में गाड़ी रोकें और थोड़ा बाहर टहलें।
  • अगर किसी का वजन ज्यादा है तो नियमित व्यायाम और योग करें और वजन कम करने की कोशिश करें।
  • प्रदूषित वातावरण में निकलने से पहले मास्क पहनें।
  • घर में साफ-सफाई रखें, जिससे धूल-मिट्टी न जमें और एलर्जी से बचाव हो सके।

सांस फूलना एक गंभीर समस्या हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि व्यक्ति वक्त रहते सांस फूलने का इलाज करवाए। साथ ही ध्यान रहे कि इस लेख में दिए गए सांस फूलने के घरेलू उपाय सामान्य सांस फूलने की परेशानी से ही राहत दिला सकते हैं। गंभीर सांस फूलने की समस्या में डॉक्टरी इलाज करवाना न भूलें। साथ ही इस समस्या से बचे रहने के लिए बताए गए प्रिवेंशन टिप्स का भी पालन जरूर करें। यह लेख आपको कैसा लगा, हमें बताना न भूलें। साथ ही इस लेख से जुड़े सवालों और सुझावों के लिए आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स की मदद ले सकते हैं।

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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