सफेद दाग के लिए डाइट चार्ट : Vitiligo (Leucoderma) Diet chart in Hindi

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स्वस्थ रहने के साथ ही बीमारियों से लड़ने में सही खान-पान की अहम भूमिका होती है। कुछ ऐसा ही विटिलिगो यानी सफेद दाग के साथ भी है। दवाओं के साथ ही सही खाद्य पदार्थों का सेवन करके इस स्थिति को कुछ बेहतर किया जा सकता है। इसी वजह से विटिलिगो के लिए सही डाइट को फॉलो करना जरूरी है, जिसके बारे में आपको स्टाइलक्रेज के इस लेख में पूरी जानकारी मिलेगी। यहां सफेद दाग में क्या खाएं, इससे जुड़ी सावधानियां और सफेद दाग में क्या नहीं खाना चाहिए, इसके बारे में विस्तार से बताया गया है।

नीचे है पूरी जानकरी

लेख के पहले भाग में हम बताएंगे कि सफेद दाग में पोषक तत्वों की क्या भूमिका है।

सफेद दाग में विटामिन्स और मिनरल्स की भूमिका- Role Of Vitamins and Minerals In Vitiligo In Hindi

सफेद दाग की समस्या को ठीक करने और बढ़ाने में विटामिन्स और मिनरल्स की अहम भूमिका होती है। इस संबंध में प्रकाशित एक रिसर्च में दिया हुआ है कि सफेद दाग से ग्रस्त लोगों में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन-ई व विटामिन-सी की कमी होती है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की अधिकता होती है। इससे ऑक्सीडेटिव डैमेज का जोखिम बढ़ता है, जिसकी वजह से विटिलिगो यानी ल्यूकोडर्मा हो सकता है (1)

ऐसे में विटामिन्स और मिनरल्स के माध्यम से एंटीऑक्सीडेंट्स की पूर्ति करके ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ने से रोका जा सकता है। इसके लिए विटामिन-ए, सी, ई, बी-12, बीटा-कैरोटीन और फोलिक एसिड फायदेमंद हो सकते हैं। वहीं, मिनरल्स में मैंगनीज, सेलेनियम और आयोडीन को फायदेमंद माना जाता है (1)

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चलिए, अब जानते है सफेद दाग के लिए डाइट चार्ट में क्या-क्या शामिल किया जा सकता है।

विटिलिगो डाइट चार्ट – Sample Diet Plan for Vitiligo prevention in Hindi

सफेद दाग यानी ल्यूकोडर्मा होने पर एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करना अच्छा होता है। इसी आधार पर हम एक नमूना विटिलिगो डाइट चार्ट नीचे दे रहे हैं। इनमें से किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी हो, तो उसकी जगह अन्य विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही एक बार डॉक्टर से भी परामर्श जरूर करें (2) (3):

Mealsक्या खाएं/What To Eat
सुबह उठते ही/Early Morning (6 से 7 बजे के बीच)सुबह उठते ही एक से दो गिलास गुनगुना पानी पी सकते हैं। इसके अलावा, सुबह-सुबह एक कप ग्रीन टी भी ले सकते हैं।
नाश्ता/Breakfast (8 से 9:30 बजे के बीच)सुबह नाश्ते में सेब, अनार, अंगूर, संतरा, अनानास, स्ट्रॉबेरी, कीवी और ब्लूबेरी में से किसी भी फल का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, इन फल के मिश्रण से फ्रूट सलाद बनाकर भी खा सकते हैं।
नाश्ते के बाद (10:30 से 12 बजे के बीच)नाश्ते के कुछ देर बाद स्प्राउट्स का सेवन किया जा सकता है।
दोपहर का खाना/Lunch (1 से 2 बजे के बीच)दोपहर के खाने में चावल के साथ मशरूम, केल, लाल पत्ता गोभी, ब्रोकोली या पालक की सब्जी और दाल ले सकते हैं।
शाम का नाश्ता/Evening (4:30 से 6 बजे के बीच)इस समय अनार, स्ट्रॉबेरी और कीवी फल का सेवन कर सकते हैं या फिर इन फलों से बना जूस पी सकते हैं।
रात का खाना/Dinner (7 से 8 बजे के बीच)एक कटोरी चावल के साथ ब्रोकली, मशरूम या केल की सब्जी और सलाद खा सकते हैं।

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अब हम सफेद दाग की बीमारी में क्या खाएं, इस बारे में बताने जा रहे हैं।

सफेद दाग की बीमारी में क्या खाएं – Foods for Vitiligo In Hindi

ल्यूकोडर्मा की स्थिति में सुधार करने में खाद्य पदार्थ मददगार साबित हो सकते हैं। किस तरह से खाद्य पदार्थों में मौजूद पोषक तत्व सफेद दाग पर सकारात्मक असर डाल सकते हैं, नीचे जानिए।

1. ग्रीन टी

ग्रीन टी के सेवन से सफेद दाग की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। इस संबंध में प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, ग्रीन टी में एपिगैलोकैटेचिन-3-गैलेट (ईजीसीजी) नामक घटक होता है। यह सफेद दाग के जोखिम को कम करने का काम कर सकता है (4)। इसी वजह से कई लोग ग्रीन टी को सफेद दाग की अचूक दवा भी कहते हैं।

2. खरबूजा

विटिलिगो डाइट में खरबूजा शामिल करना भी लाभदायक हो सकता है। इस संबंध में प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, खरबूजा में एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो हाई सुपरऑक्साइड डिसम्यूटेज (एसओडी) गतिविधि दिखाता है। यह विटिलिगो के पहले चरण में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण मेलानोसाइट्स (मेलेनिन यानी त्वचा का रंग बनाने वाली कोशिकाओं) को होने वाले नुकसान को रोक सकता है। इसी वजह से खरबूजा का सेवन विटिलिगो में फायदेमंद माना जाता है (5)

3. केला

अगर मन में यह सवाल उठ रहा है कि सफेद दाग की बीमारी में क्या खाएं, तो केला का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, केले में फ्लावोनॉइड होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट की तरह का काम करता है। यह सफेद दाग की समस्या को कम करने में सहायक माना जाता है (6)। एंटीऑक्सीडेंट की वजह से ही केले को सफेद दाग की अचूक दवा भी माना जा सकता है

4. सेब

सेब का सेवन भी सफेद दाग में राहत पहुंचाने का काम कर सकता है। इसमें भरपूर मात्रा में क्वेरसेटिन (एक तरह का फ्लावोनोइड) होते हैं, जो कोशिकाओं पर साइटोप्रोटेक्टिव प्रभाव डाल सकता है। इससे सेल्स को डैमेज होने से बचाने में मदद मिलती है, जिस वजह से सेब को विटिलिगो के लिए अच्छा माना जाता है (3)

5. पालक

सफेद दाग में क्या खाना चाहिए, इसका जवाब पालक भी हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश मेडिकल रिसर्च की मानें, तो पालक में अल्फा लिपोइक एसिड होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम कर सकता है। यह एंटीऑक्सीडेंट शरीर में फ्री-रेडिकल्स के कारण मेलानोसाइट्स से होने वाले नुकसान को रोकने का काम कर सकता है। इससे सफेद दाग की समस्या से बचने और उसे ठीक करने में कुछ हद तक मदद मिल सकती है (6)

6. ब्रोकली

विटिलिगो डाइट चार्ट में ब्रोकली को भी शामिल किया जा सकता है। इसमें अल्फा लिपोइक एसिड की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो एक तरह से एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है। इससे फ्री-रेडिकल्स के कारण मेलानोसाइट्स को होने वाले नुकसान को रोकने में मदद मिलती है, जिस वजह से यह सफेद दाग को ठीक करने में सहायक भूमिका निभा सकता है (6)

7. केल (kale)

सफेद दाग वालों के लिए केल का सेवन भी अच्छा हो सकता है (2)। यह एक तरह की हरी पत्तेदार सब्जी है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने का काम कर सकता है। इससे त्वचा की समस्या को उत्पन्न होने से रोकने में मदद मिलती है (7)। इसी वजह से केल को विटिलिगो के लिए भी अच्छा माना जाता है।

आगे और जानकारी है

अब हम सफेद दाग की बीमारी में क्या नहीं खाना चाहिए, इस संबंध में जानकारी देंगे।

सफेद दाग की बीमारी में क्या ना खाएं – Foods to Avoid in Vitiligo in Hindi

विशेषज्ञों की मानें, तो कुछ खाद्य पदार्थ विटिलिगो के रोगियों के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। ऐसे जिन खाद्य पदार्थों से सफेद दाग में परहेज करना चाहिए वो कुछ इस प्रकार हैं (2):

  • विटिलिगो से पीड़ित व्यक्ति को मसालेदार खाद्य पदार्थ को परहेज करना चाहिए।
  • इस स्थिति में डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ व पेय के सेवन से बचें।
  • अधिक तैलीय आहार का सेवन न करें।
  • सफेद दाग की समस्या से जूझ रहे लोगों को ज्यादा टमाटर युक्त आहार का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अंडे और डेयरी उत्पाद से बनी चीजों का सेवन कम करें।
  • सफेद दाग वालों को मछली और चिकन ज्यादा खाने से बचना चाहिए।
  • कॉफी का सेवन भी अधिक न करें।

बने रहें लेख में

आगे जानते हैं कि सफेद दाग का इलाज और जीवनशैली का क्या रिश्ता है।

सफेद दाग के इलाज के लिए जीवनशैली में बदलाव- Lifestyle changes in Leucoderma Treatment In Hindi

सफेद दाग का इलाज करने के लिए जीवनशैली की भी कुछ बदलाव करने की जरूरत होती है। नीचे पढ़िए कि इस समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को खान-पान के साथ ही दैनिक रूटीन में क्या बदलाव करने चाहिए (2)

  • टेंशन न लें और सकारात्मक सोच रखें।
  • धूम्रपान और नशीली चीजों का उपयोग करना बंद कर दें।
  • अधिक टाइट फिटिंग यानी चुस्त कपड़े और जूते न पहनें।
  • त्वचा को सूरज की सीधी व तेज रोशनी से बचाएं।
  • घर से बाहर निकलते समय त्वचा को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें, ताकि सूरज की किरणों से नुकसान न हो।
  • सफेद दाग को ठीक करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • सही समय पर खाने और सोने की आदत डालें।
  • अधिक से अधिक पानी पिएं।
  • त्वचा पर डॉक्टर से पूछे बिना साबून या क्रीम न लगाएं।

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इस लेख के अगले भाग में हम सफेद दाग में ध्यान रखने वाली जरूरी बातों की जानकरी दे रहे हैं।

सफेद दाग रोग में ध्यान रखने वाली जरूरी बातें

सफेद दाग से ग्रस्त लोगों को कुछ बातों का खास ध्यान रखना होता है। इन बातों से विटिलिगो को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है। यह जरूरी बातें कुछ इस प्रकार हैं:

  • जिन मरीजों को निकल (Nickel) केमिकल से एलर्जी है, वो मेटल यानी धातु के संपर्क में आने से बचें। इस समय ज्वैलरी पहनना भी उचित नहीं होगा (2)
  • त्वचा में केमिकल युक्त क्रीम का उपयोग करने से बचें।
  • स्किन को अधिक न खुजाएं।
  • समय-समय पर त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेते रहें।

नीचे और जानकारी है

आइए, अब जान लेते हैं कि सफेद दाग में आहार के क्या लाभ हैं।

सफेद दाग के लिए आहार के लाभ- Benefits Of The Vitiligo Diet

सफेद दाग को कम करने के लिए जिन खाद्य पदार्थ को लिया जाता है, उनसे सफेद दाग में कमी के अलावा दूसरे लाभ भी हो सकते हैं। आहार के लाभ में नीचे दी गई बातें शामिल हैं:

  • ग्रीन टी सफेद दाग को फैलने से रोक सकती है। साथ ही यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में सहायक हो सकती है (4)
  • खरबूजा का सेवन त्वचा को सूरज की नुकसानदायक किरणों से बचाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण होने वाले जोखिम को कम कर सकता है (5)
  • पालक और ब्रोकली में अल्फा-लिपोइक एसिड होता है, जो फ्री रेडिकल्स द्वारा मेलानोसाइट्स को नष्ट होने से रोक सकता है। इससे स्किन कलर को बरकरार रखने में मदद मिल सकती है (6)

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इस लेख के अगले हिस्से में सफेद दाग में आहार से नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

सफेद दाग में आहार से होने वाले नुकसान- Side Effects Of The Vitiligo Diet

सफेद दाग की स्थिति में जिस तरह आहार से लाभ हो सकते हैं, उसी तरह एक ही प्रकार के खान-पान के कारण इससे कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। फिलहाल, इन नुकसान से संबंधित कोई मेडिकल रिसर्च उपलब्ध नहीं है:

  • एक ही तरह के खाद्य पदार्थ से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
  • गलत खान-पान से समस्या बढ़ सकती है व दाग फैल सकते हैं।

अब सफेद दाग से परेशान लोगों को खान-पान को लेकर ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। यहां हमने विटिलिगो के लिए बेस्ट खाद्य पदार्थों की जानकारी दी है, जिन्हें दैनिक आहार में शामिल किया जा सकता है। इनकी मदद से सफेद दाग की समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है। हां, लेख में बताए गए उन खाद्य पदार्थ से परहेज जरूर करें, जिनसे बचने की सलाह दी गई है। वरना स्थिति गंभीर भी हो सकती है।  खाद्य पदार्थों और जीवन शैली पर ध्यान देने के अलावा विटिलिगो सफेद दाग स्पेशलिस्ट डॉक्टर की सलाह भी जरूर लें, क्योंकि इस समस्या में इलाज जरूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कौन सा आहार सफेद दाग का कारण बनता है?

कौन सा आहार सफेद दाग का कारण बनता है, यह स्पष्ट नहीं है। हां, अपनी डाइट में इस दौरान न खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ को शामिल न करें। उनकी वजह से समस्या बढ़ सकती है (2)

क्या सिट्रस सफेद दाग के लिए खराब है?

हां, सफेद दाग में सिट्रस युक्त खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी जाती है (2)

सफेद दाग के लिए कौन सा जूस अच्छा है?

सफेद दाग में अनार, अनानास, स्ट्रॉबेरी और कीवी का जूस लेना अच्छा हो सकता है (2)

क्या मांस सफेद दाग के लिए अच्छा है?

नहीं, सफेद दाग के लिए मांस अच्छा नहीं होता है (2)

सफेद दाग से हमेशा के लिए कैसे छुटकारा पा सकते हैं?

सही डॉक्टरी उपचार की मदद से इसे कुछ कम किया जा सकता है (8)

सफेद दाग में दूध पीना चाहिए या नहीं?

अगर कोई सोच रहा है कि सफेद दाग में दूध पीना चाहिए या नहीं, तो उन्हें बता दें कि सफेद दाग में दूध पीने की सलाह नहीं दी जाती है (9)

6 संदर्भ (Sources):

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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