सहजन के तेल के 10 फायदे और नुकसान – Moringa Oil Benefits and Side Effects in Hindi

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क्या आप मोरिंगा ऑयल यानी सहजन के तेल के फायदे के बारे में जानते हैं? औषधीय गुणों से भरपूर सहजन के तेल का मुख्य रूप से उपयोग भारत, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में किया जाता है। सहजन के तेल का उपयोग किसी भी पकवान में तड़का लगाने से लेकर स्किन और हेयर केयर के लिए किया जा सकता है। साथ ही यह कई बीमारियों से निजात दिलाने में भी मददगार साबित हो सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में सहजन के तेल के लाभ के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। तो स्क्रॉल करें और पढ़ते रहें।

शुरू करते हैं लेख

सबसे पहले जानते हैं कि मोरिंगा ऑयल क्या है।

मोरिंगा ऑयल क्या है?

सहजन का तेल या मोरिंगा ऑयल सहजन की फलियों के बीज (मोरिंगा ओलीफेरा के बीज से) से मिलता है। एक हर्ब के तौर पर सहजन के पेड़ के सभी भागों जैसे सहजन की फलियां, सहजन के पेड़ की छाल और सहजन की पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सहजन एक प्रकार की फली है, जिसका उपयोग आमतौर पर सब्जी के तौर पर किया जाता है। इसे अंग्रेजी में ड्रमस्टिक (Drumstick) या मोरिंगा (Moringa) के नाम से भी जाना जाता है। सहजन का वानस्पतिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा (Moringa Oleifera) है। बता दें कि सालाना तौर पर भारत में सहजन का उत्पादन 10 लाख टन से अधिक होता है (1)।

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आइए, अब सहजन के तेल के फायदे के बारे में जानते हैं।

सहजन के तेल के फायदे – Moringa Oil Benefits in Hindi

सहजन के तेल के फायदे के बारे में बात करें, तो यह आपके स्वास्थ्य से लेकर त्वचा और बालों के लिए भी लाभदायक हो सकता है। यहां कुछ वैज्ञानिक रिसर्च के आधार पर सहजन के तेल के फायदों के बारे में बताया गया है। यह तेल कई रोगों से बचाव में मदद कर सकता है, लेकिन यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है।

1. एंटी-इंफ्लेमेटरी के तौर पर सहजन के तेल का उपयोग

मोरिंगा तेल में जेइटिन (Zeatin) होता है। माना जाता है कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर में सूजन दूर करने के उपाय में मददगार साबित हो सकते हैं (2)। इस मामले से संबंधित चूहों पर किए गए एक शोध के मुताबिक, सहजन के तेल से गठिया और जोड़ों से संबंधित सूजन व दर्द से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। यह रिसर्च पेपर एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध है (3)।

2. एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर सहजन के तेल के फायदे

सहजन की फलियों और पत्तियों की तरह ही सहजन के तेल में भी एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम कर इससे संबंधित बीमारियों के जोखिम कम कर सकते हैं। साथ ही यह फ्री रेडिकल्स के कारण शरीर की कोशिकाओं को होने वाले नुकसान को रोकने व उसकी प्रक्रिया को धीमा करने में भी मदद कर सकते हैं (4)।

3. कोलेस्ट्रोल मैनेजमेंट के लिए सहजन के तेल का उपयोग

सहजन के तेल में बीटा-साइटोस्टेरॉल होता है, जो शरीर में प्राकृतिक तौर पर कोलेस्ट्रोल का निर्माण करने वाले रासायनिक प्रक्रिया को रोक सकता है और एंटी इंफ्लेमेटरी की तरह शरीर में कार्य कर सकता है। इसके अलावा, इसमें केम्पफेरोल (Kaempferol) की भी मात्रा होती है, जो चयापचय और कोशिकाओं के कार्य को बेहतर बना सकती है (2)। इस तरह सहजन का तेल का सेवन शरीर में एलडीएल (LDL) यानी खराब कोलेस्ट्रोल का लेवल कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

4. ब्लड प्रेशर के लिए सहजन का तेल

चूहों पर किए गए शोध के मुताबिक, सहजन के तेल का उपयोग करने से ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं का उपचार किया जा सकता है। दरअसल, सहजन के बीज से बने तेल में फ्लेवोनोइड जैसे एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स की मात्रा को कम करने में मदद कर सकते हैं और उच्च रक्तचाप की दर कम कर सकते हैं (5)। बेशक, एनसीबीआई की ओर से उपलब्ध शोध में रक्तचाप के लिए सहजन के तेल को सुरक्षित माना गया है, लेकिन इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

5. एनर्जी लेवल बेहतर बनाए सहजन का तेल

सहजन के तेल में अच्छी मात्रा में लिपिड फैट होता है, जो शरीर में पहुंचकर एनर्जी बढ़ाने का काम कर सकता है। लिपिड को ऊर्जा का बेहतर स्त्रोत माना जा सकता है। इसमें फैट में घुलने वाले विटामिन्स व जरूरी फैटी एसिड जैसे कई बायोएक्टिव गुण होते हैं, जो शरीर के कार्यों को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं (2)। इस तरह सहजन का तेल शरीर का एनर्जी लेबल बढ़ाने में मदद कर सकता है।

6. वेट लॉस के लिए सहजन के तेल का उपयोग

कनाडा, मैक्सिको और अमेरिका में सहजन के तेल का मुख्य रूप से इस्तेमाल प्राकृतिक तौर पर वेट लॉस के लिए किया जाता है (6)। शोध के मुताबिक, सहजन के बीज में एंटी-ओबेसिटी और एंटी-डायबिटिक बायोएक्टिव होते हैं, जो लिवर ग्लुकोनियोजेनेसिस को प्रभावित कर सकते हैं। इससे शरीर में इंसुलिन रिलीज की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जो सीधे तौर पर मोटापे और टाइप 2 डायबिटीज की रोकथाम और उपचार के लिए एक प्रभावी विकल्प हो सकता है। यह शोध एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध है (7)।

7. ड्राई स्किन को हाइड्रेट करने के लिए सहजन के तेल के फायदे

मोरिंगा ऑयल या सहजन के तेल में पाया जाने वाला ओलिक एसिड क्लींजिंग एजेंट के रूप में ड्राई स्किन को मॉइस्चराइज करने के तरीके में मदद कर सकता है। एंटीबैक्टीरियल गुणों के साथ विटामिन-ए और ई से भरपूर सहजन का तेल रूखी और बेजान त्वचा को मुलायम बना सकता है। साथ ही इसमें एंटीहाइपरटेंसिव, एंटीफंगल और एंटीपीलेप्टिक जैसे गुण भी होते हैं, जो त्वचा की देखभाल में मदद कर सकते हैं (2)।

8. एंटी-एजिंग के लिए सहजन के तेल का उपयोग

सहजन के तेल में विटामिन-ई की उच्च मात्रा होती है, जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में सुरक्षा कवच प्रदान कर सकता है। इसका यह गुण त्वचा के कोलेजन उत्पादन में सुधार कर ग्लोइंग स्किन और एंटी-एजिंग के तौर पर लाभकारी साबित हो सकता है। मोरिंगा ऑयल में टोकोफेरॉल का हाई लेवल होने से इसका इस्तेमाल कई तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है (2) (8)।

9. डैंड्रफ के लिए मोरिंग ऑयल के फायदे

सहजन के तेल में ओलिक एसिड के साथ-साथ विटामिन-सी की उच्च मात्रा होती है। इसका इस्तेमाल मुख्य तौर पर मलहम बनाने के लिए किया जाता है। स्किन के साथ स्कैल्प को साफ रखने के लिए इसका इस्तेमाल क्लींजिंग एजेंट के रूप में किया जा सकता है। सहजन का तेल बालों की सेहत में सुधार लाने, एंटी-डैंड्रफ के रूप में और दोमुंहे बालों की समस्या से भी निजात दिलाने में मदद कर सकता है (9)।

10. इम्यून सिस्टम के लिए सहजन के तेल के फायदे

सहजन के तेल में मौजूद विटामिन-सी और अन्य गुण विभिन्न रोगजनक सूक्ष्मजीवों और बीमारियों की रोकथाम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके औषधीय गुणों में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी एजेंट मुख्य रूप से पाया जाता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है (10)।

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लेख में आगे आप सहजन के तेल के पौष्टिक तत्व जानेंगे।

सहजन के तेल के पौष्टिक तत्व – Moringa Oil Nutritional Value in Hindi

नीचे जानिए उन पौष्टिक तत्वों के बारे में जो सहजन के तेल को इतना लाभदायक बनाते हैं (11)।

पौष्टिक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट9.1 ग्राम
डायटरी फाइबर2.1 ग्राम
फैट1.7 ग्राम
प्रोटीन 8.1 ग्राम
विटामिन ए80 माइक्रोग्राम
थियामिन (बी1)0.103 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन (बी2)0.112 मिलीग्राम
नियासिन (बी3)1.5 मिलीग्राम
पैंटोथेनिक एसिड (बी5)0.48 मिलीग्राम
विटामिन बी60.129 मिलीग्राम
फोलिक एसिड (बी9)41 μg
विटामिन सी8.6 मिलीग्राम
कैल्शियम99.1 मिलीग्राम
आयरन1.3 मिलीग्राम
मैग्नीशियम35.1 मिलीग्राम
मैंगनीज0.119 मिलीग्राम
फास्फोरस70.8 मिलीग्राम
पोटेशियम471 मिलीग्राम
सोडियम70 मिलीग्राम

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अब हम सहजन के तेल को उपयोग करने के तरीकों पर बात करते हैं।

सहजन के तेल का उपयोग – How to Use Moringa Oil (Sahjan ke tel) in Hindi

सहजन का तेल रंग में पीला होता है। इसका स्वाद मूंगफली के तेल के समान होता है। सहजन के तेल में 36.7% ट्रायोलिन होता है, जो मुख्य ट्राईसाई ग्लिसरॉल के रूप में होता है (12)। सहजन के तेल का उपयोग कई रूपों में किया जा सकता है, जो इस प्रकार है:

  • सहजन के तेल को कुकिंग ऑयल के तौर पर प्रयोग कर सकते हैं। इसे खाना पकाने या सैलेड गार्निश के रूप में शामिल किया जा सकता है (13)।
  • सहजन के तेल का उपयोग ब्यूटी और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के तौर पर किया जा सकता है (6)। मार्केट में मोरिंगा ऑयल से बने तेल, साबुन, इत्र, क्रीम, स्क्रब व लोशन आदि उपलब्ध हैं। आप अपनी पसंद और भरोसेमंद ब्रांड के अनुसार इसके प्रोडक्ट्स को खरीद सकते हैं।
  • सहजन के तेल का उपयोग कुकिंग ऑयल के अलावा हेयर ऑयल और हेयर केयर प्रोडक्ट्स के तौर पर भी किया जा सकता है (6)।
  • डॉक्टरी सलाह पर मोरिंगा ऑयल सप्लीमेंट्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं (6)।

सहजन के तेल का उपयोग कब और कैसे किया जाना चाहिए, यह इसके इस्तेमाल के प्रकार पर निर्भर कर सकता है। अगर कुकिंग ऑयल या अन्य खाद्य पदार्थ के रूप में सहजन के तेल का उपयोग करना चाहते हैं, तो इसके लिए उचित डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

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अब जानें सहजन के तेल के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

सहजन के तेल के नुकसान – Side Effects of Moringa Oil (Sahjan ke tel) in Hindi

सहजन के तेल के नुकसान क्या हो सकते हैं, फिलहाल इस बारे में उचित शोध उपलब्ध नहीं है। फिर भी कुछ स्थितियों में सहजन के तेल के नुकसान देखे जा सकते हैं, जैसेः

  • अगर किसी की त्वचा अधिक संवेदनशील है या उन्हें किसी भी तरह के कॉस्मेटिक से जल्दी एलर्जी होने का खतरा बना रहता है, उन्हें सहजन के तेल से परहेज करना चाहिए। ऐसे लोगों को सहजन का तेल इस्तेमाल करने से त्वचा में जलन या खुजली की समस्या हो सकती है।
  • जैसा कि लेख में पहले बताया गया है कि सहजन के तेल में ओमेगा 3 फैटी एसिड की अधिक मात्रा होती है, जो ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है। ऐसे में लो ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे लोग इसका इस्तेमाल करने में सावधानी बरतें (14)।
  • सहजन के तेल के पौष्टिक तत्वों में कार्बोहाइड्रेट की उच्च मात्रा होती है। इसका अधिक सेवन वजन बढ़ा सकता है (15)।
  • एक बात का ध्यान रखें कि गर्भवती होने के बारे में सोच रहीं महिलाओं या गर्भवती महिलाओं को सहजन के तेल का इस्तेमाल अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

उम्मीद करते हैं कि इस लेख के जरिए सहजन के तेल के फायदे जानने के बाद बहुत सारे लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहेंगे। सहजन के तेल कई सारे रोगों के इलाज में मदद कर सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से बीमारी का इलाज नहीं है। साथ ही इस बात की भी ध्यान रखें कि सहजन के तेल का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, तभी इससे होने वाले फायदों को हासिल किया जा सकता है। इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें और ऐसी ही अन्य रोचक जानकारी के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सहजन का तेल स्किन पर लगाया जा सकता है?

हां, स्किन पर सहजन के तेल का उपयोग किया जा सकता है (2)। पसंद के अनुसार मोरिंगा ऑयल सीधे चेहरे की त्वचा और हाथों-पैरों पर लगाया जा सकता है। चाहें तो मोरिंगा ऑयल युक्त स्किन और बॉडी कॉस्मेटिक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्या मोरिंगा ऑयल बालों को लंबा कर सकता है?

हां, मोरिंगा ऑयल में जिंक और कैल्शियम होता है, जो बालों को स्वस्थ बनाता है। साथ ही यह बालों की ग्रोथ में मददगार साबित हो सकता है। सहजन के तेल के इस्तेमाल से बाल चमकदार, मजबूत और स्वस्थ बन सकते हैं (6)।

क्या सहजन का तेल स्किन में निखार ला सकता है?

हां, सहजन के तेल के गुण स्किन में कोलेजन के उत्पादन को बेहतर बना सकते हैं। इससे स्किन से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो सकती हैं (6)।

क्या मोरिंगा तेल रोम छिद्र बनाता है?

नहीं, मोरिंगा तेल ओलिक एसिड (ओमेगा 9) से भरपूर होता है, जो स्किन के लिए सुरक्षित माना जाता है। यह स्किन पोर्स का कारण नहीं बन सकता है (6)।

सबसे अच्छा सहजन का तेल कहां से खरीदें?

सहजन के तेल को किसी भी लोकल मार्केट से खरीद सकते हैं। यह किराना की दुकान से लेकर मेडिकल स्टोर पर भी आसानी से मिल सकता है। इसे ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है।

15 संदर्भ (sources)

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