सर्पगंधा के फायदे, उपयोग और नुकसान – Sarpagandha Benefits and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
Written by

बेशक, मेडिकल साइंस ने कितनी ही प्रगति क्यों न कर ली है, लेकिन प्राकृतिक इलाज की जगह कोई नहीं ले सकता। संभवत यही कारण है कि भारत में प्राचीन काल से ही कई बीमारियों के इलाज में जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे ही एक आयुर्वेदिक औषधि है सर्पगंधा, जिसमें कई प्राकृतिक गुण छिपे हुए हैं। इसकी मदद से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के रोगों का इलाज संभव है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको सर्पगंधा के गुण और सर्पगंधा के फायदे के बारे में जानकारी देंगे।

सबसे पहले हम थोड़ी सी जानकारी सर्पगंधा के बारे में ले लेते हैं।

सर्पगंधा पौधा क्या है? – What is Sarpagandha in Hindi

सर्पगंधा एक तरह का पौधा है। इसकी जड़ों का रंग पीले या भूरे रंग का होता है। वहीं, इसकी पत्तियों का रंग चमकीला हरा होता है और ये हमेशा तीन-तीन के जोड़े में होती हैं। इसके फूल का रंग सफेद और वायलेट होता है। ऐसा माना जाता है कि इस पौधे को घर में लगाने से सांप नहीं आते हैं। साथ ही इसे सांप के काटने पर दवा की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका वैज्ञानिक नाम रावोल्फिया सर्पेंटिना (Rauvolfia serpentina) है। इसे इंडियन स्नेकरूट के नाम से भी जाना जाता है। सर्पगंधा की जड़ को पीसकर इसके पाउडर को खाने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।

सर्पगंधा के फायदा जानने के लिए पढ़ते रहें यह लेख।

सर्पगंधा के फायदे – Benefits of Sarpagandha in Hindi

1. अनिद्रा

सर्पगंधा का उपयोग कर अनिद्रा की समस्या से राहत पाने के लिए किया जा सकता है। एक शोध के अनुसार, सर्पगंधा में सेरोटोनिन (मूड को बेहतर करने वाला केमिकल) पाया जाता है, जिस कारण यह नींद की गुणवत्ता में सुधार करने का काम कर सकता है। इस लिहाज से कह सकते हैं कि सर्पगंधा के उपयाेग से इंसोमनिया (Insomnia) की अवस्था में राहत मिल सकती है (1)।

2. रक्तचाप

शरीर में रक्तचाप के बढ़ने से कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। उच्च रक्तचाप की स्थिति में सर्पगंधा का सेवन इसे संतुलन करने का काम कर सकता है। इसके लिए इसमें पाए जाने वाले एल्कलॉइड रक्तचाप के स्तर को कम करने में सहायक हो सकते हैं (1)।

3. पेट की समस्या

पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए सर्पगंधा का उपयोग किया जा सकता है। इसमें पाए जाने वाले एल्कलॉइड के कारण यह पेट की समस्या में लाभ पहुंचाने में मदद कर सकता है (2)। इसलिए, एल्कलॉइड युक्त खाद्य पदार्थ को पेट के लिए फायदेमंद कहा जा सकता है।

4. मासिक धर्म के दर्द से राहत

सर्पगंधा का सेवन कर मासिक धर्म के दर्द को कम किया जा सकता है। सर्पगंधा में पाए जाने वाले एल्कलॉइड में एनाल्जेसिक गुण होते हैं, जो मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द को कम करने का काम कर सकते हैं (3) (4)।

5. काली खांसी

सर्पगंधा के औषधीय गुण के कारण ही इसे काली खांसी के घरेलू इलाज में भी उपयोग किया जा सकता है। एलर्जी के कारण खांसी की समस्या उत्पन्न हो सकती है (5)। इसे दूर करने में एंटी माइक्रोबियल सहायक हो सकता है (6)। वहीं, सर्पगंधा में एंटी माइक्रोबियल गुण पाए जाते (7)। इसलिए, सर्पगंधा के फायदे काली खांसी को ठीक करने के काम भी आ सकते हैं।

6. कीट के काटने पर असरकारक

भारत में कीड़े-मकोड़ों के काटने पर भी जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। सर्पगंधा भी इन्हीं जड़ी-बूटियों में शामिल है। इसमें कीटनाशक गुण पाए जाते हैं, जिस कारण सर्पगंधा के फायदे कीड़ों के काटने से होने वाली समस्या को दूर करने में काम आ सकते हैं (8)।

7. सांप के काटने का इलाज

कई बार सांप के काटने पर तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट देना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में जान जोखिम में पड़ सकती है। इस अवस्था में घर में लगे सर्पगंधा का उपयोग कर सांप के काटने का इलाज किया जा सकता है। यह सांप के विष के प्रभाव को कम करने में मददगार हो सकता है (9)।

8. चिंता

बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि चिंता चिता समान है। अगर आप चिंता से मुक्ति चाहते हैं, तो सर्पगंधा का उपयोग फायदेमंद सिद्ध हो सकता है। एक रिसर्च के अनुसार, एंटीऑक्सीडेंट के प्रभाव के कारण चिंता को दूर करने में मदद मिल सकती है (10)। वहीं, सर्पगंधा में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है (11)। इसलिए, सर्पगंधा का इस्तेमाल कर चिंता को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

9. बुखार

बुखार को कम करने के लिए कई तरह की दवाई का उपयोग किया जाता है, लेकिन सर्पगंधा का उपयोग भी बुखार की दवाई की तरह काम कर सकता है। इसमें एल्कलॉइड पाए जाते हैं (2), जो दवा का काम कर सकते हैं। इसलिए, यह कहा जा सकता है कि सर्पगंधा के उपयोग से बुखार को कम किया जा सकता है (12)।

10. हैजा

कई लोगों का मानना है कि हैजा (कॉलरा) दूषित पानी और आहार के सेवन के कारण होता है, लेकिन यह बैक्टीरिया के कारण भी हो सकता है। इसलिए, एंटी-माइक्रोबियल युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से हैजा की समस्या को दूर किया जा सकता है (13)। वहीं, सर्पगंधा के औषधि गुण में एंटी-माइक्रोबियल भी शामिल है (14)।

सर्पगंधा के फायदे जानने के बाद आपको यह जानने की इच्छा हो रही होगी कि इसे उपयोग कैसे किया जाए। हम आर्टिकल के इस हिस्से में यही बता रहे हैं।

सर्पगंधा का उपयोग – How to Use Sarpagandha (Indian snakeroot) in Hindi

सर्पगंधा जड़ के पाउडर को आप कई तरह से उपयोग कर सकते हैं। यहां तक कि आप इसे खाने में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए, जानते हैं कि इसे कैसे-कैसे उपयोग में लाया जा सकता है :

कैसे खाएं :
  • सर्पगंधा पाउडर को पानी में मिला कर लिया जा सकता है।
  • सर्पगंधा को दूध के साथ भी लिया जा सकता है।
  • सर्पगंधा को शहद के साथ भी लिया जा सकता है।
कब खाएं :
  • सुबह दूध या पानी के साथ लिया जा सकता है।
  • रात में सोने से पहले दूध या पानी के साथ भी ले सकते हैं।
कितना खाएं :
  • एक चम्मच सुबह और एक चम्मच शाम को ले सकते हैं। बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से पूछकर इसकी खुराक लें।

ऊपर आपने सर्पगंधा के उपयोग पढ़े, आगे हम इससे होने वाले नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

सर्पगंधा के नुकसान – Side Effects of Sarpagandha in Hindi

कोई भी खाद्य पदार्थ कितना भी लाभदायक क्यों हो, लेकिन उसे अधिक मात्रा में लेने से कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। सर्पगंधा के साथ भी कुछ ऐसा ही है। हालांकि, इसके खास नुकसान नहीं है, लेकिन उच्च रक्तचाप की अवस्था में इसकी अधिक डोज लेने से कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ऐसा सर्पगंधा में पाए जाने वाले रेसरपीन के कारण है। ये दुष्प्रभाव कुछ इस तरह के हो सकते हैं (1):

  • सुस्ती
  • अवसाद
  • मतली
  • उल्टी
  • पेट में ऐंठन
  • गैस्ट्रिक अल्सरेशन
  • ब्रैडीकार्डिया
  • एनजाइना
  • खुजली
  • त्वचा पर लाल चकत्ते
  • अस्थमा

अब तक आपने सर्पगंधा का सिर्फ नाम ही सुना होगा, लेकिन इस लेख को पढ़ने के बाद आप यह जरूर जान गए होंगे कि यह आयुर्वेदिक औषधि किस कदर लाभदायक हो सकती है। अगर आप भी इस लेख में बताई गई किसी समस्या से परेशान हैं, तो आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह अनुसार सर्पगंधा का इस्तेमाल जरूर करके देखें। हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगा। स्वास्थ्य से जुड़े अन्य विषयों के बारे में जानने के लिए जुड़े रहिए स्टाइलक्रेज से।

संदर्भ (Sources)

Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Check out our editorial policy for further details.

और पढ़े:

Was this article helpful?
The following two tabs change content below.
भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

ताज़े आलेख

scorecardresearch