सरसों के साग के फायदे और नुकसान – Mustard Greens (Sarson Ka Saag) in Hindi

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हम अपने दैनिक जीवन में कई तरह के आहार का सेवन करते हैं, जो हमे स्वस्थ रहने में मदद करते हैं। खासकर हरी पत्तेदार सब्जियों को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। ऐसे ही एक स्वाद और पोषक तत्वों से समृद्ध हरी सब्जी सरसों का साग भी है। सरसों का साग व्यक्ति को कई बीमारियों से बचाने में सहायता कर सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम सरसों के साग के फायदे के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं। साथ ही सरसों के साग के नुकसान बताएंगे।

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इस लेख की शुरुआत हम सरसों का साग क्या है, यह बताते हुए करेंगे।

सरसों का साग क्या है?

सरसों एक तरह का पौधा होता है, जिसके बीज और पत्तों को आहार में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके पत्तों से बनाई गई सब्जी को सरसों के साग के नाम से भी जाना जाता है। सरसों ब्रैसिका के परिवार से संबंध रखती है, जो ​ठंडे मौसम में होती है। ​इसका वैज्ञानिक नाम ब्रैसिका जंकिया (Brassica Juncea) है। इसकी कई प्रजातियां होती हैं, जिसकी पत्तियों का अक्सर स्वाद भिन्न होता है (1)। आगे हम इस संबंध में विस्तार से जानकारी देंगे।

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इस लेख में आगे पढेंगे कि सरसों के साग कितने प्रकार के होते हैं।

सरसों के साग के प्रकार – Types of Mustard Greens in Hindi

सरसों के साग के प्रकार को इसकी प्रजातियों के आधार पर विभाजित किया जा सकता है। इसके प्रकार और सरसों का साग बनाने की विधि भिन्न भिन्न होती है। नीचे हम इसके प्रकार की जानकारी दे रहे हैं-

  1. ग्रीन वेव सरसों- यह घुमावदार हरी पत्तियां होती हैं, जो बहुत कोमल होती हैं। इस पौधे की ऊंचाई 2 फीट तक होती है। यह अधिक गर्मी और ठंड दोनों मौसम में रहा सकता है।
  2. पर्पल ओसाका सरसों- इसके पत्ते बड़े, चौड़े और बैंगनी रंग के होते हैं। पत्तियों की लंबाई 300 से 350 मिमी और चौड़ाई में 150 मिमी तक होती है।

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अब हम सरसों के साग के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं, इसकी जानकारी देने जा रहे हैं।

सरसों के साग के फायदे – Benefits of Mustard Greens in Hindi

किसी भी खाद्य पदार्थ को लेने से स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष रूप से असर पड़ता है, जिस कारण सेहत पर कई लाभ दिखाई दे सकते हैं। सरसों के साग के फायदे निम्नलिखित हैं।

1. प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए मजबूत

शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली बीमारियों को दूर रखने में मदद करती है, इसलिए इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए सरसों के साग का सेवन कर सकते हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर पब्लिश वैज्ञानिक अध्ययन में इस बात का जिक्र मिलता है कि सरसों के साग में विटामिन ए होता है, जिसमें रेटिनोइड्स शामिल हैं। यह पोषक तत्व प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करने में मदद कर सकता है (1)।

2. विटामिन के

सरसों के साग के फायदे सेहत पर कई तरह से दिखाई दे सकते हैं, क्योंकि इसमें शरीर के लिए जरूरी विटामिन के मौजूद होता है। विटामिन के को क्लॉटिंग विटामिन के तौर पर भी जाना जाता है, जो ब्लड क्लॉट यानी रक्त का थक्का जमने से रोक सकता है। साथ ही यह हड्डियों को मजबूत करने में भी सहायता कर सकता है (2)।

3. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

सरसों के साग का सेवन एंटीऑक्सीडेंट के लिए भी किया जा सकता है। यूनाइटेड स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर की वेबसाइट पर पब्लिश जानकारी के मुताबिक, यह एंटी-ऑक्सीडेंट गुण से समृद्ध होता है, जो कैंसर और हृदय रोग के जोखिम को कम करने का काम कर सकता है (3)।

4. हृदय के लिए

सरसों के साग के फायदे हृदय पर नजर आ सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध की मानें, तो सरसों के साग में कैरोटेनॉयड जैसे एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो हृदय रोग के खिलाफ काम कर सकते हैं (1)। वहीं, इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो हृदय रोग की समस्या को पनपने से रोक सकते हैं (3)। इस तरह हृदय को स्वस्थ रखने में सरसों उपयोगी साबित हो सकती है।

5. आंखों के लिए

आंखों को स्वस्थ रखने में सरसों का साग लाभकारी हो सकता है। इससे संबंधित एक शोध में बताया गया है कि सरसों के साग में विटामिन ए, कैरोटीनॉयड और बी-कैरोटीन होता है, जो विजन हेल्थ यानी आंखों के स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकता है (1)। इस आधार पर माना जा सकता है कि सरसों का साग आंखों पर सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है।

6. मधुमेह से राहत

मधुमेह की स्थिति में सुधार करने के लिए भी सरसों के साग के फायदे हो सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, सरसों के साग में एंटी-डायबिटिक गुण होता है, जो हाइपरग्लाइसेमिया को कम करने और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने का काम कर सकता है। इससे मधुमेह के जोखिम को कम करने और डायबिटीज की स्थिति में सुधार हो सकता है (1)।

7. लिवर के लिए लाभकारी

सरसों का साग लिवर के लिए भी लाभकारी हो सकता है। इस संबंध में किए गए शोध में पाया गया कि सरसों के साग में एंटी ओबेसिटी गुण मौजूद होता है, जो मोटापे को कम कर लिवर स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है (4)। साथ ही यह लिवर डीटॉक्सीफिकेशन का भी काम कर सकता है, जो लिवर से संबंधित समस्या को पनपने से रोक सकता है (5)।

8. बेहतर पाचन के लिए

सरसों के साग के फायदे पाचन क्रिया को बेहतर करने के लिए भी देखे जा सकते हैं। एक वैज्ञानिक शोध में साफ तौर से बताया गया है कि सरसों के साग में अच्छी मात्रा में फाइबर मौजूद होता है, जो खाने को पचाने में मदद कर सकता है। साथ ही फाइबर पाचन क्रिया को भी बेहतर कर सकता है (6)।

9. याददाश्त के लिए

याददाश्त को बेहतर रखने के लिए भी सरसों के साग का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, सरसों के साग में विटामिन के होता है, जो मस्तिष्क में जमा होता है (2)। विटामिन के याददाश्त को भी बेहतर करने का काम कर सकता है (7)। ऐसे में माना जा सकता है कि सरसों के साग के फायदे याददाश्त पर भी अच्छा असर डाल सकते हैं।

10. कब्ज से छुटकारा

कब्ज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें मल त्याग करते समय कठिनाई होती है (8)। इस स्थिति से छुटकारा पाने के लिए सरसों के साग का सेवन लाभकारी हो सकता है। दरअसल, सरसों के साग में फाइबर की समृद्ध मात्रा होती है (6)। फाइबर मल को मुलायम कर कब्ज की समस्या से छुटकारा दिला सकता है (9)। इस तरह कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए सरसों का सेवन उपयोगी हो सकता है।

11. एंटीकैंसर प्रभाव

सरसों के फायदे में कैंसर से बचाव को भी शामिल किया जा सकता है। विशेषज्ञों द्वारा किए गए अध्ययन के मुताबिक, सरसों के साग में एंटी-कैंसर गुण होते हैं, जो कोलन और लंग कैंसर से बचा सकता है (10)। साथ ही हम स्पष्ट कर दें कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने पर डॉक्टरी चिकित्सा ही पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

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चलिए अब जानते हैं कि सरसों के साग में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं।

सरसों के साग के पौष्टिक तत्व – Mustard Greens Nutritional Value in Hindi

सरसों का साग अनेक तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिस कारण इसके सेवन से ऊपर लेख में बताए फायदे हो सकते हैं। नीचे एक तालिका के माध्यम से सरसों के पोषक तत्वों की जानकारी दे रहे हैं (11)।

पोषक तत्वमूल्य प्रति 100 ग्राम
पानी90.7 g
ऊर्जा27 kcal
प्रोटीन2.86 g
टोटल लिपिड (फैट)0.42 g
कार्बोहायड्रेट4.67 g
फाइबर3.2 g
शुगर1.32 g
कैल्शियम115 mg
आयरन, Fe1.64 mg
मैग्नीशियम, Mg32 mg
फॉस्फोरस, P58 mg
पोटैशियम, K384 mg
सोडियम, Na20 mg
जिंक, Zn0.25 mg
कॉपर, Cu0.165 mg
सेलेनियम, Se0.9 µg
विटामिन सी, टोटल एस्कॉर्बिक  एसिड70 mg
थायमिन0.08 mg
राइबोफ्लेविन0.11 mg
नियासिन0.8 mg
विटामिन बी-60.18 mg
फोलेट12 µg
विटामिन ए, RAE151 µg
विटामिन ए, IU3020 IU
ल्यूटिन + जेक्सैन्थिन3730 µg
विटामिन ई2.01 mg
विटामिन के258 µg
फैटी एसिड्स, टोटल सैचुरेटेड0.01 g
फैटी एसिड्स, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.092 g
फैटी एसिड्स, टोटल पोलीअनसैचुरेटेड0.038 g

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आगे पढ़िए, सरसों के साग का इस्तेमाल कैसे-कैसे किया जा सकता है।

सरसों के साग का उपयोग – How to Use Mustard Greens in Hindi

सरसों के साग को अगल अलग तरह से पकाकर खाया जा सकता है, जिससे कि इसके एक ही तरह के स्वाद से नहीं उबेंगे। इसके उपयोग के बारे में नीचे बता रहे हैं।

कैसे करें सेवन-

  • सिर्फ सरसों के साग को पकाकर सेवन कर सकते हैं।
  • सरसों के साग और पालक को मिक्स करके भी साग बना सकते हैं।
  • पालक पनीर के साथ सरसों के साग को पकाकर खाया जा सकता है।
  • चने के साथ सरसों के साग को मिलाकर सब्जी बनाकर सेवन कर सकते हैं।
  • मली के पत्तों, बथुआ और चौलाई के साथ मिलाकर भी इसका साग बनाकर खा सकते हैं।

कब करें सेवन-

  • सरसों से बने साग को दोपहर के खाने या रात के खाने में मक्के की रोटी या चावल के साथ खा सकते हैं।

कितना करें सेवन-

सरसों के साग को प्रतिदिन कितना सेवन करना है, इस संबंध में वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इसे रोजाना एक कप ले सकते हैं। इसकी सटीक मात्रा जानने के लिए आहार विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

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आइए जानें सरसों के साग को अधिक समय तक सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है।

सरसों के साग को लंबे समय तक सुरक्षित केसे रखें ?

सरसों के साग को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखने की आवश्यकता होती है। इसे सुरक्षित रखने के तरीके नीचे बता रहे हैं।

  • इसे सुरक्षित रखने के लिए ताजे पत्ते का चयन करें और उसे फ्रिज में रख दें।
  • अगर फ्रिज नहीं है, तो इसे घर के ठंडे स्थान में रखकर कुछ समय के लिए सुरक्षित रख सकते हैं।
  • इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इसकी जड़ को पानी में डूबाकर रख सकते हैं।

अभी और जानकारी है

लेख में आगे सरसों साग बनाने की विधि बता रहे हैं।

सरसों के साग की रेसिपी

सरसों का साग बनाने का तरीका बहुत आसान है। इसे नीचे दिए स्टेप्स को फॉलो कर आसानी से बनाया जा सकता है:

  • सबसे पहले सरसों के मोटे डंठल हटाएं।
  • इसके बाद सरसों के पत्तों को पानी से 3-4 बार अच्छे से धो लें।
  • अब एक बर्तन में पानी गरम करें। इसमें आधा छोटा चम्मच नमक मिलाएं।
  • अब इसमें सरसों को डालकर 5 मिनट के लिए उबालें।
  • सरसों से पानी निकानले के लिए इसे छलनी में डालकर ठंडा होने रख दें।
  • अब मिक्सर में सरसों को हरी मिर्च के साथ पीस लें।
  • ध्यान रखें सरसों को दरदरा पीसें।
  • इसके बाद कड़ाही में घी गर्म करने रखें।
  • इसमें बारीक कटा प्याज डालकर भूनें।
  • जब प्याज गुलाबी हो जाए, तो इसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर 10 सेकेंड के लिए भूनें।
  • अब दरदरा पीसा हुआ सरसों मिलाएं और 5 मिनट तक पकाएं।
  • इसमें 2 बड़े चम्मच मक्के के आटे को पानी में मिलाकर डालें।
  • अब एक छोटा चम्मच मेथी पाउडर और गरम मसाला डालें।
  • अंत में स्वादानुसार नमक मिलाएं और 10 मिनट बाद आंच बंद कर दें।
  • सरसों का साग बनकर तैयार है। इसे मक्के की रोटी के साथ सर्व कर सकते हैं।

लेख के अंत तक बने रहें

सरसों का साग बनाने का तरीका जानने के बाद सरसों के साग के नुकसान पर एक नजर डालते हैं।

सरसों के साग के नुकसान – Side Effects of Mustard Greens in Hindi

सरसों के साग के फायदे होने के साथ ही इससे कुछ नुकसान हो सकते हैं। ये नुकसान निम्नलिखित तरीके से नजर आ सकते हैं।

  1. अगर किसी को लो रक्त शुगर की समस्या है, तो इसे अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें। दरअसल, इसमें एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं, जो निम्न रक्त शुगर को गंभीर कर सकता है (1)।
  2. अगर कोई रक्त को पतला करने वाली दवाई ले रहा है, तो सरसों के साग का सेवन न करें। इसमें विटामिन के की अच्छी मात्रा होती है, जो खून को ज्यादा पतला कर सकती है (2)।

किसी भी सब्जी को नियमित रूप से सेवन करने पर बोर हो जाते हैं। ऐसे में अपने आहार में सरसों के साग को शामिल कर आहार की सूची को बढ़ा सकते हैं। लेख में सरसों साग बनाने की विधि भी दी गई है। सरसों न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि यह सेहत पर कई लाभकारी असर डाल सकता है, जिसकी जानकारी ऊपर लेख में दी गई है। फिर अब देर किस बाद की आज ही सरसों के साग को अपने आहार में शामिल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

सरसों का साग और केल में से क्या ज्यादा हेल्दी है?

सरसों का साग और केल दोनों ही सेहत के लिए हेल्दी होते हैं। इन दोनों पत्तेदार सब्जियों का असर अलग-अलग लोगों पर अलग-अलग तरीके से नजर आ सकता है।

क्या सरसों के साग में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है?

हां, सरसों के साग में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो सूजन की समस्या को कम कर सकता है (12)।

क्या वजन घटाने के लिए सरसों का साग अच्छा है?

हां, सरसों का साग वजन को घटाने के लिए अच्छा हो सकता है। असल में यह विटामिन्स और फाइबर से समृद्ध होते हैं, जिस कारण यह पाचन तंत्र को अच्छा कर सकता है। इससे वजन कम हो सकता है। इसी वजह से आहार विशेषज्ञ भी वजन घटाने के लिए सरसों के साग को लेने की सलाह भी देते हैं (6)।

क्या सरसों का साग लिवर के लिए अच्छा है?

हां, सरसों का साग लिवर के लिए अच्छा होता है। सरसों के साग में एंटी-ओबेसिटी गुण होता है, जो मोटापा को कम कर सकता है। इससे लिवर के स्वास्थ्य में भी सुधार हो सकता है (4)।

क्या सरसों का साग बनाने की विधि आसान होती है?

हां, सरसों का साग बनाने का तरीका बहुत आसान है। इसे घर पर आराम से बनाया जा सकता है।

संदर्भ (Sources)

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  6. Mineral content in mustard leaves according to the cooking method
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  12. Enhancement of the Anti-Inflammatory Effect of Mustard Kimchi on RAW 264.7 Macrophages by the Lactobacillus plantarum Fermentation-Mediated Generation of Phenolic Compound Derivatives
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7074436/
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