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साइटिका के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Sciatica Symptoms and Home Remedies in Hindi

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साइटिका के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Sciatica Symptoms and Home Remedies in Hindi Hyderabd040-395603080 November 28, 2019

अक्सर कई लोगोंं को कमर के निचले हिस्से में अचनाक दर्द होने लगता है। वो इस दर्द को यह सोचकर अनदेखा कर देते हैं कि ऐसा अधिक काम करने या फिर थकान के कारण हुआ होगा और यही सबसे बड़ी भूल साबित होती है। दरअसल, आम-सा लगने वाला यह दर्द साइटिका का हो सकता है। साइटिका में धीरे-धीरे कमर के नीचे का पूरा भाग बेकार हो जाता है, लेकिन इस बात से बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं, समय रहते कुछ उपाय और उपचार अपना कर इससे बचा जा सकता है। विषय की गंभीरता को देखते हुए ही स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको साइटिका के लक्षण और इलाज संबंधी कई घरेलू उपचार बता रहे हैं, जो इस समस्या को समझने और दूर करने में मददगार साबित होंगे।

इस लेख में हम साइटिका होने के कारण और साइटिका के लक्षण के बारे में तो बात करेंगे ही, लेकिन उससे पहले साइटिका क्या है, इस बारे में भी जान लेते हैं।

साइटिका क्या है? – What is Sciatica in Hindi

दरअसल, साइटिका एक लक्षण है, जो साइटिक नर्व में होने वाली समस्या को दर्शाता है। साइटिक नर्व शरीर में मौजूद सबसे बड़ी नर्व है, जो कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर कूल्हों से होती हुई आपकी एड़ियों तक जाती है। यही कारण है कि इसमें आने वाली समस्या आपके कमर के नीचे के पूरे भाग को प्रभावित करती है। शुरुआत में आपको सिर्फ कमर में हल्का दर्द महसूस होता है। बाद में यह दर्द अधिक कष्टदाई हो जाता है और कमर से धीरे-धीरे आपके कूल्हों और फिर पैरों की तरफ बढ़ने लगता है। इस समस्या में कमर के निचले हिस्से में दर्द के अलावा कमजोरी, सुन्नपन या झुनझुनाहट जैसा महसूस हो सकता है। वहीं, यह भी संभव है कि यह लक्षण आपको दोनों पैरों की जगह केवल एक पैर में ही महसूस हों (1)। यही कारण है कि लक्षण होने के बावजूद इसे एक बीमारी के रूप में देखा जाता है।

साइटिका क्या है, यह पता चलने के बाद अब हम लेख के अगले भाग में साइटिका होने के कारण जानेंगे।

साइटिका के कारण – Causes of Sciatica in Hindi

साइटिका होने के कारण की बात करें, तो इसकी मुख्य वजह साइटिक नर्व में समस्या या चोट हो सकती है। ऐसा उठने-बैठने के गलत तरीके से साइटिक नर्व पर दबाव या फिर किसी दुर्घटना के कारण हो सकता है। साइटिक नर्व में समस्या या क्षति के कुछ आम कारण भी हैं, जिनके बारे में हम नीचे बात रहे हैं (2)।

  • स्लिप्ड हर्नियेटेड डिस्क (निचली रीढ़ के हड्डियों का अव्यवस्थित होना)
  • स्पाइनल स्टेनोसिस (रीढ़ की नस से संबंधित एक समस्या)
  • पिरिफोर्मिस सिंड्रोम (एक दर्द विकार, जो कूल्हों की पतली मांसपेशियों में होता है)
  • पेल्विक की चोट या फ्रैक्चर
  • ट्यूमर

नोट- सामान्य तौर पर 30 से 50 साल की उम्र के बीच इस समस्या के होने की आशंका सबसे ज्यादा होती है।

साइटिका होने के कारण जानने के बाद, अब हम साइटिका के लक्षण के बारे में बात करेंगे।

साइटिका के लक्षण – Symptoms of Sciatica in Hindi

साइटिका के लक्षण व्यक्ति विशेष आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं (2)।

  • कमर, कूल्हों, और पैरों में हल्के दर्द का बने रहना।
  • कमर की तुलना में पैरों में अधिक दर्द महसूस होना।
  • किसी एक पैर में तीव्र दर्द का महसूस होना।
  • पैरों के साथ पैरों की उंगलियों में दर्द होना।
  • कमर और परों में झुनझुनी महसूस होना।
  • पैरों का बेजान महसूस होना।

साइटिका के लक्षण के बाद अब हम साइटिका का घरेलू इलाज कैसे किया जा सकता है, इस बारे में बताएंगे।

साइटिका के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Sciatica in Hindi

1. लहसुन का दूध

Garlic milk Pinit


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सामग्री :

  • 8 से 10 लहसुन की कलियां
  • 300 एमएल दूध
  • एक कप पानी
  • शहद स्वाद के लिए

कैसे इस्तेमाल करें :

  • सबसे पहले लहसुन की कलियों को कुचल लें।
  • अब एक बर्तन में कुचले हुए लहसुन के साथ दूध और पानी को डालकर गर्म होने के लिए गैस पर रख दें।
  • फिर इसमें उबाल आने तक इसे पकाएं।
  • उबाल आने के बाद गैस बंद कर दें और तैयार मिक्सचर को गुनगुना होने दें।
  • जब मिक्सचर हल्का गुनगुना हो जाए, तो उसमें स्वाद के लिए थोड़ा शहद मिलाएं।
  • फिर मिक्सचर को गिलास में निकाल कर पिएं।
  • इस प्रक्रिया को दिन में करीब दो बार दोहराएं।

कैसे है उपयोगी :

लहसुन में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है। यह गुण साइटिका नर्व की सूजन को कम कर साइटिका के दर्द से राहत दिलाता है (3)। इस कारण हम कह सकते हैं कि साइटिका का घरेलू इलाज करने के लिए लहसुन का उपयोग लाभदायक सिद्ध हो सकता है।

2. हॉट ऑर कोल्ड कम्प्रेस

सामग्री :

  • एक वाश क्लॉथ
  • एक कटोरा गर्म या बर्फ डालकर ठंडा किया गया पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • गर्म या ठंडे पानी में वाशक्लॉथ को डुबोएं (यह इस पर निर्भर करता है कि आप ठंडे पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं या गर्म)।
  • अब वाशक्लॉथ को हल्का निचोड़ कर प्रभावित स्थान पर कुछ देर के लिए रखें।
  • इस प्रक्रिया को करीब पांच से छह मिनट के अंतर पर कई बार दोहराएं।
  • इस प्रक्रिया को आप दिन में करीब तीन से चार बार दोहरा सकते हैं।

कैसे है उपयोगी :

विशेषज्ञों के मुताबिक, हॉट एंड कोल्ड कम्प्रेस उपचार विधि को अपनाने से साइटिका के दर्द और साइटिक नर्व की सूजन दोनों से राहत मिल सकती है (4)। इस कारण यह माना जा सकता है कि इस प्रक्रिया से साइटिका का इलाज करना फायदेमंद साबित हो सकता है।

3. एसेंशियल ऑयल

सामग्री :

  • चार से पांच बूंद एसेंशियल ऑयल
  • एक चम्मच आपका पसंदीदा कैरियर ऑयल (नारियल या जैतून का तेल)

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक चम्मच कैरियर ऑयल में एसेंशियल ऑयल की चार से पांच बूंदें मिलाएं।
  • अब तेल के इस मिक्सचर से कमर के निचले हिस्से पर हल्के हाथों से मसाज करें।
  • जल्द लाभ के लिए आप इसे दिन में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है उपयोगी :

साइटिका नर्व संबंधी एक समस्या है। वहीं, एसेंशियल ऑयल में एंटी-नोकिसेप्टिव (तंत्रिका यानी नर्व संबंधी सूजन और विकार को दूर करने वाला) प्रभाव पाया जाता है (5)। इसलिए, यह कहा जा सकता है कि एसेंशियल ऑयल से साइटिका का घरेलू इलाज लाभदायक साबित हो सकता है।

4. अदरक

Ginger4 Pinit

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सामग्री :

  • अदरक का एक बड़ा टुकड़ा
  • आधा नींबू
  • एक चम्मच शहद स्वाद के लिए

कैसे इस्तेमाल करें :

  • सबसे पहले अदरक को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • अब इसे मिक्सर में डालकर अच्छी तरह से पीस लें।
  • अच्छी तरह से पिस जाने के बाद अदरक के पेस्ट को निकाल लें।
  • इस पेस्ट को किसी साफ सूती कपड़े में रखकर इसका रस अलग कर लें।
  • अब इस रस में नींबू और शहद मिलाकर सेवन करें।
  • इस प्रक्रिया को दिन में दो बार दोहराएं।

कैसे है उपयोगी :

बताया जाता है कि अदरक में तंत्रिका तंत्र को ठीक करने के साथ-साथ दर्द निवारक गुण भी पाया जाता है, जो साइटिका की समस्या में लाभ पहुंचा सकता है। आप चाहें तो जूस की जगह अदरक की चाय का भी इस्तेमाल कर सकते हैं (6)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि अदरक से साइटिका का इलाज फायदेमंद साबित हो सकता है।

5. हल्दी

सामग्री :

  • एक चम्मच हल्दी पाउडर
  • एक चम्मच तिल का तेल

कैसे इस्तेमाल करें :

  • तिल के तेल में हल्दी पाउडर मिलकर पेस्ट बना लें।
  • अब प्रभावित स्थान पर इस पेस्ट को लगाएं और हल्के हाथ से मसाज करें।
  • इस प्रक्रिया को दिन में दो बार दोहराएं।

कैसे है उपयोगी :

एक शोध में पाया गया है कि हल्दी में नर्व रिजनरेशन यानी तंत्रिका तंत्र को ठीक करने की क्षमता पाई जाती है। वहीं, हल्दी के उपयोग से साइटिक नर्व में क्षति को भी ठीक करने में मदद मिल सकती है (7)। इस कारण हम कह सकते हैं कि हल्दी से साइटिका का घरेलू इलाज सकारात्मक प्रभाव दे सकता है।

6. विटामिन्स

कैसे है उपयोगी :

इस संबंध में किए गए शोध में पाया गया कि विटामिन सी और ई का संयुक्त इस्तेमाल साइटिका की समस्या में लाभदायक साबित होता है। इससे सूजन और दर्द में तो राहत मिलती ही है, साथ ही ये साइटिक नर्व की क्षति को भी ठीक करने में मददगार साबित होते हैं। वैज्ञानिक अध्ययन में विटामिन-सी और ई के संयुक्त इस्तेमाल से एंटी-नोकिसेप्टिव का प्रभाव भी पाया गया है (8)। इसके लिए आप विटामिन सी (जैसे – आम, पपीता, अनानास, तरबूज) (9) और विटामिन ई (जैसे – वेजिटेबल ऑयल, नट्स व हरी पत्तेदार सब्जियां) युक्त खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं (10)। वहीं, आप डॉक्टर की सलाह पर साइटिका का उपचार करने के लिए इनके सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

7. सेलेरी जूस

सामग्री :

  • 250 एमएल पानी
  • एक कप कटी हुई सेलेरी
  • शहद स्वादानुसार

कैसे इस्तेमाल करें :

  • कटी हुई सेलेरी और पानी को ब्लेंडर में डालकर इसका जूस तैयार कर लें।
  • अब तैयार जूस को गिलास में निकाल कर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर पिएं।
  • इस जूस को दिन में दो बार पीने से अच्छे परिणाम हासिल होंगे।

कैसे है उपयोगी :

सेलेरी में विटामिन सी और ई दोनों ही पाए जाते हैं (11)। जैसा कि हम आपको लेख में पहले भी बता चुके हैं कि विटामिन सी और ई संयुक्त रूप से साइटिका की समस्या से राहत दिलाने में सहायक साबित होते हैं (8)। इस कारण हम कह सकते हैं कि साइटिका का इलाज करने में सेलेरी का जूस अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है।

8. वेलेरियन

Valerian2 Pinit

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सामग्री :

  • एक चम्मच वेलेरियन रूट
  • एक कप पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • किसी बर्तन में एक कप पानी लें।
  • उसमें एक चम्मच वेलेरियन रूट डालें।
  • अब उस बर्तन को गैस पर चढ़ा दें।
  • उसके उबलने का इंतजार करें।
  • उबाल आने पर गैस बंद करके बर्तन में मौजूद पानी को कप में छान लें।
  • स्वाद के लिए थोड़ा शहद मिलाकर तैयार पेय को चाय की तरह पिएं।
  • इस प्रक्रिया को दिन दो से तीन बार दोहराएं।

कैसे है उपयोगी :

साईटिका का उपचार करने के लिए वेलेरियन की जड़ को भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। दरअसल, इसमें दर्दनिवारक गुण पाया जाता है, जो साइटिका के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं, इसमें तंत्रिका तंत्र संबंधी विकारों को ठीक करने की क्षमता पाई जाती है। इस कारण माना जा सकता है कि यह साइटिक नर्व की क्षति को ठीक करने में मदद कर सकता है (12)।

9. मेथी दाना

सामग्री :

  • एक चम्मच मेथी दाने का पाउडर
  • एक चम्मच दूध

कैसे इस्तेमाल करें :

  • मेथी दाने के पाउडर को दूध में मिलाएं।
  • प्रभावित स्थान पर तैयार पेस्ट को लगाएं।
  • वहीं लेप के सूख जाने पर इसे गर्म पानी से धो लें।
  • इस प्रक्रिया को दिन में करीब दो बार दोहराएं।

कैसे है उपयोगी :

मेथी दाने में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-नोकिसेप्टिव (नर्व संबंधी विकार और सूजन को दूर करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। यह दोनों प्रभाव मिलकर साइटिक नर्व की क्षति और सूजन को ठीक करने में मदद करते हैं (13)। इस कारण हम कह सकते हैं कि मेथी दाने से साइटिका का इलाज संभवतः किया जा सकता है।

10. व्हाइट विलो बार्क

सामग्री :

  • व्हाइट विलो बार्क (छाल) का एक टुकड़ा
  • एक कप पानी
  • शहद स्वादानुसार

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक बर्तन में एक कप पानी लें और उसमें व्हाइट विलो बार्क का एक टुकड़ा डाल दें।
  • अब इस पानी को उबाल आने तक अच्छी तरह से पकाएं।
  • जब आपको लगे कि छाल का अर्क पानी में आ गया है, तो बर्तन को गैस से उतार लें।
  • अब तैयार काढ़े को कप में निकालें और थोड़ा शहद मिलाकर चाय की तरह पिएं।
  • इस प्रक्रिया को दिन में करीब दो बार दोहराएं।

कैसे है उपयोगी :

साइटिका का उपचार करने के लिए आप व्हाइट विलो बार्क को भी उपयोग कर सकते हैं। इसमें दर्दनिवारक गुण तो होता ही है, साथ ही यह सायटिक नर्व के लिए भी काफी लाभकारी माना गया है। इसमें साइटिक नर्व को पुनर्जीवित करने की क्षमता पाई जाती है। इस कारण हम कह सकते हैं कि यह साइटिका की समस्या से राहत पाने का एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है (14)।

11. एलोवेरा

सामग्री :

  • एक एलोवेरा का पत्ता
  • एक कप पानी
  • चार से पांच बूंद नींबू का रस
  • शहद स्वादानुसार

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एलोवेरा के पत्ते को काटकर बीच का गूदा निकाल लें।
  • इस गूदे को एक कप पानी से साथ मिक्सर में डालें और जूस बना लें।
  • अब तैयार जूस को गिलास में निकालें और नींबू व शहद मिलाकर सेवन करें।
  • इस प्रक्रिया को दिन में करीब दो बार दोहराएं।

कैसे है उपयोगी :

विशेषज्ञों के मुताबिक एलोवेरा के अर्क में नर्व के दर्द को दूर करने की क्षमता पाई जाती है। इसलिए, यह साइटिक नर्व में पैदा अवरोध और तनाव को दूर करने में भी सहायक माना जाता है (15)। इस कारण यह कहना गलत नहीं होगा कि साइटिका का उपचार करने में एलोवेरा जूस लाभकारी परिणाम दे सकता है।

12. एल्डरबेरी जूस

Alderberry juice Pinit

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सामग्री :

  • 100 ग्राम एल्डरबेरी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • 100 ग्राम एल्डरबेरी को ग्राइंडर में डालकर जूस निकाल लें।
  • इस जूस को दिन में दो बार पिएं।

कैसे है उपयोगी :

विशेषज्ञों के मुताबिक एल्डरबेरी का जूस साइटिक नर्व के तनाव और अवरोध को दूर कर साइटिका की समस्या से राहत दिला सकता है (16)। इस कारण यह कहना गलत नहीं होगा कि साइटिका से बचाव के लिए एल्डरबेरी का जूस एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। फिलहाल, यह बताना मुश्किल है कि किस गुण के कारण एल्डरबेरी का जूस साइटिका से आराम दिलाता है।

13. हॉर्सरैडिश

सामग्री :

  • आठ से दस इंच लंबा हॉर्सरैडिश का एक टुकड़ा
  • दो चम्मच पानी
  • एक चम्मच सफेद सिरका
  • एक चुटकी नमक

कैसे इस्तेमाल करें :

  • सबसे पहले हॉर्सरैडिश को अच्छे से साफ करके छिल लें।
  • अब इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • अब इन टुकड़ों को मिक्सर में डालें और साथ ही पानी, सिरका व नमक भी मिला दें।
  • अब सभी सामग्रियों को एक साथ पीस लें।
  • अब तैयार पेस्ट को चटनी की तरह स्नैक्स के साथ इस्तेमाल करें।

कैसे है उपयोगी :

साइटिका से बचाव के लिए आप हॉर्सरैडिश को भी इस्तेमाल में ला सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इसमें हॉर्सरैडिश पेरोक्साइड नाम का एक रसायन पाया जाता है, जो साइटिक नर्व की क्षति को दूर कर साइटिका की समस्या में राहत दिलाने का काम करता है (17) (18)।

14. कैमोमाइल चाय

सामग्री :

  • एक चम्मच सूखे कैमोमाइल फूल का पाउडर
  • एक कप गर्म पानी
  • एक चम्मच शहद स्वाद के लिए

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक चम्मच कैमोमाइल फूल का पाउडर गर्म पानी में मिलाएं और दो से 3 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • समय पूरा होने पर इसमें स्वाद के लिए एक चम्मच शहद मिलाएं और पी लें।

कैसे है उपयोगी :

कैमोमाइल फूल में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सीडेंट (ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को दूर करने वाला), एस्ट्रिजेंट (संकुचन पैदा करने वाला) और घाव भरने के गुण पाए जाते हैं। इन गुणों के कारण इसे कई गंभीर बीमारियों के लिए एक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें साइटिका भी शामिल है (19)। इस कारण यह माना जा सकता है कि साइटिका से बचाव का यह नुस्खा फायदेमंद साबित हो सकता है।

15. नींबू का रस

सामग्री :

  • आधा नींबू
  • एक गिलास पानी
  • एक चुटकी काला नमक स्वाद के लिए

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक गिलास पानी में एक चुटकी काला नमक और नींबू का रस मिला लें और पी जाएं।
  • इस प्रक्रिया को दिन में करीब दो बार दोहराएं

कैसे है उपयोगी :

जैसा कि आपको लेख में पहले भी बताया जा चुका है कि विटामिन-सी और ई संयुक्त रूप से साइटिक नर्व की क्षति और सूजन को दूर कर साइटिका की समस्या से राहत दिलाने का कम करते हैं (8)। वहीं, नींबू में ये दोनों ही विटामिन मौजूद होते हैं, इस कारण ऐसा माना जा सकता है कि नींबू के जूस का इस्तेमाल आपको इस समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (20)।

16. सेब का सिरका

Apple vinegar2 Pinit

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सामग्री :

  • एक गिलास गुनगुना पानी
  • दो चम्मच सेब का सिरका
  • एक चम्मच शहद स्वाद के लिए

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक गिलास गुनगुने पानी में सेब का सिरका और शहद मिलाकर सेवन करें।
  • इस मिश्रण का दिन में दो बार सेवन करें।

कैसे है उपयोगी :

जैसा कि आपको लेख में पहले भी बताया जा चुका है कि साइटिका की समस्या में कमर व कमर के नीचे के भाग में दर्द और मरोड़ का अनुभव होता है, जो साइटिक नर्व में सूजन के कारण होता है (2)। वहीं, सेब के सिरके में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला) गुण पाया जाता है। इस कारण इसे पैरों में मरोड़ और दर्द को दूर करने के लिए भी लाभदायक माना गया है (21)। इस कारण यह कहा जा सकता है कि यह साइटिका के दर्द में भी कुछ हद तक राहत पहुंचा सकता है।

[ पढ़े: सेब के सिरके (एप्पल साइडर विनेगर) के 21 फायदे, उपयोग और नुकसान ]

साइटिका के घरेलू उपचार जानने के बाद हम इससे बचने के उपायों के बारे में बात करेंगे।

साइटिका से बचने के उपाय – Prevention Tips for Sciatica in Hindi

कुछ उपाय है, जिन्हें अपना कर आप साइटिका के जोखिम को खुद से दूर रख सकते हैं। आइए, इस बारे में विस्तार से जानते हैं (22)।

  • वजन को नियंत्रित रखें।
  • धूम्रपान न करें।
  • चिंता व तनाव से दूर रहें।
  • वजन उठाते समय शरीर को संतुलित रखें। कमर पर बोझ न डालें।
  • एकदम से न झुके और न ही मुड़ें।
  • हल्का व्यायाम करें और खुद को एक्टिव रखें।

साइटिका की समस्या कितनी गंभीर है और यह आपके सामान्य जीवन को कितना बदतर कर सकती है, यह तो आप अब जान ही गए होंगे। इसलिए, वक्त रहते इसके लक्षणों को पहचान कर इस समस्या को होने से रोका जा सकता है। वहीं, अगर आप इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो लेख में सुझाए गए घरेलू उपचार इस बीमारी से उबरने में आपकी मदद कर सकते हैं। आप इस लेख में बताए साइटिका से बचाव के तरीकों को अपना कर अपनी जिंदगी में दोबारा खुशियों के रंग भर सकते हैं। इस विषय से जुड़ा कोई अन्य सवाल या सुझाव हो, तो उसे आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हम तक पहुंचा सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इस बीमारी से उबरने में यह लेख आपकी मदद करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

साइटिक नर्व में दर्द होने पर सोने की सबसे अच्छी स्थिति क्या है?

साइटिक नर्व रीढ़ के अंतिम छोर पर होती है, इसलिए बेहतर होगा कि आप बाएं या दाएं करवट में लेटकर सोएं। इससे प्रभावित स्थान पर तनाव नहीं पड़ेगा और आपको दर्द में राहत महसूस होगी।

मुझे ड्राइविंग करते समय साइटिका दर्द क्यों होता है?

दरअसल, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से साइटिक नर्व पर तनाव आता है, जिस कारण दर्द महसूस होता है। चूंकि, ड्राइविंग करते समय एक ही स्थिति में लंबे समय तक बैठना पड़ता है। इस कारण ड्राइविंग के दौरान दर्द का अनुभव अधिक होता है।

साइटिक नर्व में दर्द के लिए स्विमिंग लाभदायक है?

जी हां, स्वीमिंग साइटिका के दर्द में आराम पहुंचा सकती है। जैसा कि आपको लेख में पहले भी बताया जा चूका है कि हल्का व्यायाम साइटिका में लाभदायक साबित होता है और स्विमिंग के दौरान आपका पूरा शरीर सक्रिय हो जाता है। इस कारण यह आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है, लेकिन ध्यान रहे कि आप इसे लंबे समय तक न करें।

साइटिका में बैठने की सबसे अच्छी स्थिति क्या है?

साइटिका में बैठते वक्त आपको यह ध्यान रखना है कि आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी रहनी चाहिए। इसके लिए आप ऐसी कुर्सी का इस्तेमाल करें, जो पीठ को अच्छा सपोर्ट दे।

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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