सेलेनियम के फायदे, इसकी कमी के कारण और लक्षण – Selenium Benefits in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

हमारे शरीर में प्रत्येक पोषक तत्व का अपना महत्व है। उनमें से किसी भी एक की कमी या अधिकता स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। इन्हीं पोषक तत्वों में से एक है सेलेनियम। शायद ही सभी को पता होगा कि सेलेनियम का हमारे शरीर और मस्तिष्क की कार्य प्रणाली में बहुत महत्व है। वहीं, सेलेनियम की कमी के कारण कई गंभीर रोग या स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको बता रहे हैं सेलेनियम के फायदे के बारे में। साथ ही आप सेलेनियम की कमी के लक्षण और सेलेनियम के स्रोत के बारे में भी जानेंगे। तो सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थ और सेलेनियम के फायदे जानने के लिए लेख को अंत तक पढ़ें।

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लेख में सबसे पहले जानते हैं कि सेलेनियम क्या है।

सेलेनियम क्या है? – What is Selenium in Hindi

सेलेनियम एक प्रकार का मिनरल (Trace mineral) है, जो हमारे शरीर के लिए जरूरी माना गया है। शरीर के लिए सेलेनियम की थोड़ी मात्रा ही लाभकारी है। सेलेनियम शरीर को विशेष प्रोटीन बनाने में मदद करता है, जिसे एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम कहा जाता है। ये कोशिका क्षति को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं (1)। शरीर को स्वस्थ रहने के लिए सेलेनियम की आवश्यकता होती है। सेलेनियम प्रजनन, थायरॉयड ग्रंथि के कार्य, डीएनए उत्पादन और शरीर को मुक्त कणों और संक्रमण से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए उपयोगी हो सकता है (2)। यही नहीं, सेलेनियम गर्भपात के जोखिम को कम करने और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन से जुड़ी समस्याओं में लाभदायक हो सकता है (3)। आगे हम सेलेनियम के फायदे और विस्तार से साझा कर रहे हैं।

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आगे हम बता रहे हैं सेलेनियम की कमी होने के कारण के बारे में।

सेलेनियम की कमी होने के कारण – Causes of Selenium Deficiency in Hindi

देखा जाए तो सेलेनियम की कमी दुर्लभ मामलों में ही होती है (2)। वहीं, जिनमें सेलेनियम की कमी होती है, उसके पीछे नीचे बताए गए कारण हो सकते हैं। तो सेलेनियम की कमी के कारण कुछ इस प्रकार हैं (4) (5):

  • सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थों का कम सेवन।
  • सेलेनियम की कमी को विटामिन ई की कमी से जोड़कर भी देखा जाता है।
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परेशानियां (Gastrointestinal problems- पेट या आंत संबंधी समस्याएं) जैसे – क्रोन रोग (Crohn’s disease- आंत से जुड़ी समस्या) के कारण।
  • पेट से जुड़ी किसी तरह की सर्जरी, जिसमें पेट के किसी हिस्से को हटाया गया हो, जिस कारण खाद्य पदार्थों में मौजूद पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा आए।

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लेख में यहां हम सेलेनियम की कमी के लक्षणों के बारे में बता रहे हैं।

सेलेनियम की कमी के लक्षण – Symptoms of Selenium Deficiency in Hindi

जैसे कि हमने लेख की शुरुआत में ही जानकारी दी है कि सेलेनियम की कमी होना दुर्लभ है। वहीं इसकी कमी होने से कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे – पुरुष बांझपन (Male infertility), केशन रोग (Keshan disease – एक प्रकार का हृदय रोग) और काशिन-बेक (Kashin-Beck disease – एक प्रकार का गठिया) रोग हो सकता है (2)। ऐसे में इन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लक्षणों की जानकारी ही हम नीचे दे रहे हैं, ताकि इन लक्षणों से सेलेनियम की कमी का पता लगाया जा सके।

काशिन-बेक रोग के लक्षण :

केशन रोग (Keshan disease – एक प्रकार का हृदय रोग) के लक्षण (6):

  • मांसपेशियों में कमजोरी
  • मांसपेशियों में दर्द

आगे है कुछ खास

आर्टिकल में बारी है सेलेनियम के फायदे जानने की जो लेख के इस हिस्से में बताए गए हैं।

सेलेनियम के फायदे – Selenium Benefits In Hindi

अब लेख के इस हिस्से में जानते हैं सेहत के लिए सेलेनियम के फायदे के बारे में। सेलेनियम के फायदे कई प्रकार से हो सकते हैं, जिनके बारे में हम यहां विस्तार से बता रहे हैं।

1. कैंसर से बचाव

कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका सही इलाज अभी तक खोजा नहीं जा सका है। डॉक्टरों का मानना है कि कैंसर से बचाव ही इसका इलाज हो सकता है। वहीं, सेलेनियम भी कैंसर से बचाव में मददगार हो सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार सेलेनियम का उपयोग कैंसर की रोकथाम के साथ ही कैंसर के उपचार में होने वाली दवाओं में भी किया जा सकता है। रिसर्च में इस बात की भी पुष्टि की गई कि कैंसर की कोशिकाओं को फैलने से रोकने में सेलेनियम एक प्रॉक्सिडेंट (Prooxidant) के जैसे कार्य कर सकता है (7)

यही नहीं, कुछ शोध यह बताते हैं कि सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थ के कम सेवन से पेट, फेफड़े, प्रोस्टेट, त्वचा के कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है (2)। ऐसे में कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए सेलेनियम युक्त आहार का सेवन लाभकारी हो सकता है। हालांकि, ध्यान रहे कि कैंसर के उपचार के लिए सेलेनियम के सप्लीमेंट या घरेलू उपाय न करें। कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसके लिए डॉक्टरी चिकित्सा आवश्यक है। सेलेनियम युक्त आहार कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं, इन्हें कैंसर का उपचार समझने की भुल न करें।

2. हृदय के स्वास्थ्य के लिए

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए भी सेलेनियम के फायदे देखे गए हैं। सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से हृदय रोग का जोखिम कम हो सकता है (2)। इस विषय में जानवरों पर हुए एक रिसर्च में पाया गया है कि सेलेनियम की कमी के कारण हृदय में लिपिड पेरोक्साइड (Lipid peroxides) इकट्ठा हो सकता है। इसके अलावा, सेलेनियम की कमी उच्च रक्तचाप का कारण भी बन सकता है, जो हृदय की समस्या की वजह हो सकता है। वहीं, आगे इस बात की पुष्टि भी की गई है कि सेलेनियम कार्डियोटॉक्सिक तत्वों (Cardiotoxic elements – हृदय को क्षति पहुंचाने वाले तत्व) और वायरल संक्रमणों से बचा सकता है (8)

इसके अलावा एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि सेलेनियम सप्लीमेंट का उपयोग सीरम सी-रिएक्टिव प्रोटीन (सीआरपी – लीवर द्वारा बनाया गया प्रोटीन) के स्तर को कम कर ग्लूटाथियोन पेरोक्सीडेज (Glutathione peroxidase – एक प्रकार का एंजाइम) के स्तर को बढ़ाने में मददगार हो सकता है। जिससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम कर हृदय रोग का खतरा (Coronary heart disease) कम किया जा सकता है (9)

3. मस्तिष्क को रखे स्वस्थ

सेलेनियम का उपयोग मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के साथ ही उसकी कार्यप्रणाली में भी फायदेमंद माने गए हैं। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, बढ़ती उम्र के कारण खून में सेलेनियम की कमी होने के कारण मस्तिष्क स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव पड़ सकता है (2)। हालांकि, सेलेनियम की खुराक बुजुर्गों में संज्ञानात्मक गिरावट के जोखिम को कम करने या उसका इलाज करने में मदद कर सकती है या नहीं, इस विषय में अभी और शोध की आवश्यकता है।

4. थायराइड में करे सुधार

सेलेनियम संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखने के साथ ही थायराइड संबंधी रोग को रोकने के लिए जरूरी माना गया है। शरीर में सेलेनियम की कमी थायराइड संबंधी रोग का जोखिम कारक हो सकता है। शोध के अनुसार थायराइड में आंखों से जुड़े विकार में (Graves’ orbitopathy) सेलेनियम को उपयोगी माना गया है (10)। इसके अलावा, थायराइड ग्रंथि के सही तरह से काम करने के लिए भी आयोडीन की तरह ही सेलेनियम की भी जरूरत होती है। यह थायराइड को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचा सकता है (11)। हालांकि, बेहतर है थायराइड के मरीज सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह भी जरूर लें।

5. रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए

कमजोर प्रतिरोधक क्षमता कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियों का कारण बन सकता है (12)। वहीं, सेलेनियम रिच फूड्स का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में मददगार पाया गया है (13)। रिसर्च के अनुसार, मुख्य रूप से सेलेनोप्रोटीन (Selenoproteins) इम्यूनिटी बढ़ाने में सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है (14)। इसके अलावा, सेलेनियम एंटीऑक्सीडेंट के कैटेगरी में भी आता है, जो फ्री रेडिकल के कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से शरीर को होने वाले क्षति से बचा सकता है (15)। ऐसे में इम्यून बूस्टिंग खाद्य पदार्थ और एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ, दोनों में ही सेलेनियम युक्त आहार को शामिल किया जा सकता है (14)

6. प्रजनन क्षमता को बढ़ाए

अच्छी सेहत के साथ ही सेलेनियम प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में भी मददगार हो सकता है। सेलेनियम की कमी कई समस्याओं के साथ ही प्रजनन क्षमता पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है (16)। शोध के मुताबिक सेलेनियम की कमी के कारण वीर्य की गुणवत्ता और शुक्राणु की गतिशीलता में कमी के कारण पुरुषों में बांझपन की समस्या हो सकती है। वहीं, महिलाओं में इसकी कमी के कारण गर्भकालीन जटिलताएं, गर्भपात और भ्रूण के तंत्रिका को नुकसान हो सकता है (17)। एक अन्य रिसर्च के अनुसार सेलेनियम के साथ विटामिन ई के सप्लीमेंट के सेवन का सकारात्मक प्रभाव वीर्य की गुणवत्ता पर देखा गया है (18)

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लेख के इस हिस्से में हम बता रहे हैं, सेलेनियम के स्रोत के बारे में।

सेलेनियम के स्रोत – Selenium Food Sources in Hindi

सेलेनियम के फायदे के बाद अब हम सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। नीचे सेलेनियम युक्त आहार कुछ इस प्रकार दिए गए हैं (19)

  • ब्राजील नट्स
  • मैकरोनी
  • पनीर
  • ब्राउन राइस
  • रोटी
  • बेक्ड बीन्स
  • दूध
  • दही
  • दाल
  • पालक
  • काजू
  • हरी मटर
  • टूना मछली
  • केले
  • आलू
  • आड़ू
  • गाजर
  • सलाद पत्ते

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यहां हम जानते हैं कि हमारे लिए सेलेनियम की कितनी मात्रा जरूरी है।

सेलेनियम की जरूरी मात्रा – Recommended Daily Intake Of Selenium

सेलेनियम की मात्रा उम्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, जिसके बारे में हम नीचे बता रहे हैं (19):

उम्रमात्रा

पुरुष

मात्रा
महिला
जन्म से 6 माह तक15 माईक्रो ग्राम15 माईक्रो ग्राम
7 से 12 माह तक20 माईक्रो ग्राम20 माईक्रो ग्राम
1 से 3 साल तक20 माईक्रो ग्राम20 माईक्रो ग्राम
4 से 8 साल तक30 माईक्रो ग्राम30 माईक्रो ग्राम
9 से 13 साल तक40 माईक्रो ग्राम40 माईक्रो ग्राम
14 से 18 साल तक55 माईक्रो ग्राम55 माईक्रो ग्राम
14 से 18 साल तक गर्भवती महिला60 माईक्रो ग्राम
14 से 18 साल तक स्तनपान कराने वाली महिला70 माईक्रो ग्राम
19 से 50 साल तक55 माईक्रो ग्राम55 माईक्रो ग्राम
19 से 50 साल तक गर्भवती महिला60 माईक्रो ग्राम
19 से 50 साल तक स्तनपान कराने वाली महिला70 माईक्रो ग्राम
50 साल से अधिक उम्र55 माईक्रो ग्राम55 माईक्रो ग्राम

आगे पढ़ें कुछ खास

लेख के इस हिस्से में हम जानकारी दे रहे हैं सेलेनियम लेते समय ध्यान देने योग्य बातों के बारे में।

सावधानियां- Precautions to Take while taking Selenium

सेलेनियम का सेवन करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, उनके बारे में हम यहां बता रहे हैं।

  • किसी विशेष सेलेनियम युक्त आहार से अगर एलर्जी हो तो उसका सेवन न करें।
  • सेलेनियम सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
  • सेलेनियम रिच फूड्स सिर्फ बीमारी का जोखिम या लक्षणों कम कर सकते हैं। इसलिए, सेलेनियम खाद्य पदार्थों को किसी गंभीर बीमारी का इलाज न समझें
  • सेलेनियम युक्त आहार या सप्लीमेंट के सेवन के बाद शरीर में थोड़ी भी असुविधा महसूस हो तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।

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यहां हम जानते हैं कि सेलेनियम के अधिक सेवन से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं।         

सेलेनियम साइड इफेक्ट – Selenium Side Effects in Hindi

सेलेनियम की सही मात्रा कई समस्याओं में मददगार हो सकती है, वहीं रक्त में अधिक सेलेनियम होने से सेलेनोसिस (Selenosis) नामक स्थिति पैदा  हो सकती है। सेलेनोसिस के कारण कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं (1):

इसके अलावा सेलेनियम के कारण होने वाले दुष्प्रभावों में नीचे दी गई समस्याएं भी शामिल हैं। ये कुछ इस प्रकार हैं (19):

इसके साथ ही ब्राजील नट्स में सेलेनियम की अधिक मात्रा होती है और यदि नियमित रूप से सेवन इसका किया जाए तो सेलेनियम विषाक्तता हो सकती है। जो निम्न समस्याओं का कारण बन सकता है (19):

  • गंभीर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और न्यूरोलॉजिकल लक्षण
  • एक्यूट रेस्वारेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम (श्वसन संबंधी गंभीर समस्या)
  • मायोकार्डियल इंफार्क्शन (हार्ट अटैक)
  • मांसपेशियों की कोमलता
  • कंपकंपी
  • चक्कर आना
  • चेहरे का लाल होना
  • किडनी की समस्या
  • हार्ट फेल होना
  • दुर्लभ मामलों में मृत्यु का कारण बन सकती है।

इस लेख को पढ़ने के बाद आपको सेलेनियम के फायदे तो पता चल ही गए होंगे। स्वास्थ्य के लिए सेलेनियम युक्त आहार कितना जरूरी है, इसकी जानकारी भी आपको मिल चुकी होगी। ऐसे में बीमारियों से बचाव के लिए सीमित मात्रा में सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में जरूर शामिल करें। वहीं, अगर सेलेनियम युक्त आहार के सेवन के बाद भी शरीर में सेलेनियम की कमी का कोई भी लक्षण नजर आता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सेलेनियम के स्रोत के लिए आहार या सप्लीमेंट की जरूरत है, इसका निर्णय डॉक्टर को लेने दें और उन्हीं के कहे अनुसार आगे का उपचार करें। उम्मीद है यह लेख आपको पसंद आया होगा। तो इसे अन्य लोगों के साथ शेयर जरूर करें। आगे हम सेलेनियम से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब भी साझा कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सेलेनियम शरीर में क्या कार्य करता है?

सेलेनियम शरीर को विशेष प्रोटीन बनाने में मदद करता है, जिसे एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम कहा जाता है। ये कोशिका क्षति को रोकने में अहम भूमिका निभाता है (1)। साथ ही यह कई तरह के बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी सहायक हो सकता है।

मुझे सेलेनियम कब लेना चाहिए?

सेलेनियम युक्त आहार के जरिए सेलेनियम का सेवन कभी भी किया जा सकता है। वहीं, सेलेनियम सप्लीमेंट के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

क्या सेलेनियम वजन कम करने में मदद करता है?

हां, सेलेनियम में मौजूद एंटी ओबेसिटी प्रभाव वजन को कम करने में मददगार हो सकता है (20)। हालांकि, इसके साथ नियमित एक्सरसाइज या योग और वजन कम करने के लिए संतुलित डाइट भी जरूरी है।

क्या सेलेनियम को रोजाना लेना सुरक्षित है?

सीमित मात्रा में सेलेनियम युक्त आहार रोजाना लिया जा सकता है। वहीं, सेलेनियम सप्लीमेंट रोजाना लेने से पहले डॉक्टरी परामर्श लें।

क्या मुझे सेलेनियम की सप्लीमेंट की आवश्यकता है?

अगर सेलेनियम युक्त आहार के सेवन के बाद भी शरीर में ऊपर बताए गए सेलेनियम की कमी के लक्षण महसूस हो, तो डॉक्टरी सलाह लें। सेलेनियम के सप्लीमेंट लेना है या नहीं, इसका फैसला डॉक्टर को करने दें।

क्या सेलेनियम और जिंक एक साथ ले सकते हैं?

हां, सेलेनियम और जिंक को एक साथ सीमित मात्रा में डॉक्टर की सलाह से लिया जा सकता है (19)।

क्या सेलेनियम त्वचा और बालों के लिए अच्छा है?

हां, शोध के अनुसार सेलेनियम त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है (21)।

सेलेनियम शरीर में कितने समय तक रहता है?

माना जाता है कि शरीर से अधिकांश सेलेनियम 24 घंटों के भीतर निकल जाते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी शोध की आवश्यकता है। वहीं, कुछ जानकारियों के अनुसार, यह माना गया है कि सेलेनियम मूत्र के जरिए शरीर से निकलता है (22)।

क्या कम सेलेनियम गंजापन का कारण बन सकता है?

सेलेनियम की कमी के कारण नहीं, बल्कि सेलेनियम की अधिकता (Selenosis) के कारण बाल झड़ने की समस्या हो सकती है (1)।

पुरुषों के लिए सेलेनियम के क्या लाभ होते हैं?

सेलेनियम का उपयोग पुरुषों की प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मददगार हो सकता है। साथ ही यह पुरुष बांझपन (Male Infertility) के जोखिम को भी कम कर सकता है (18)।

संदर्भ (Sources):

  1. Selenium in diet
    https://medlineplus.gov/ency/article/002414.htm
  2. Selenium Fact Sheet for Consumers
    https://ods.od.nih.gov/factsheets/Selenium-Consumer/
  3. The importance of selenium to human health
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/10963212/
  4. Selenium Deficiency
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK482260/
  5. Trace Elements: Selenium
    https://www.cdc.gov/nutritionreport/pdf/nr_ch4b.pdf
  6. Keshan Disease
    https://www.sciencedirect.com/topics/neuroscience/keshan-disease#:~:text=Keshan%20disease%20is%20a%20reversible,congestive%20heart%20failure%20%5B32%5D
  7. Selenium and cancer: from prevention to treatment
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/21717786/
  8. Selenium and cardiovascular disease
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/1702669/
  9. The effect of selenium supplementation on coronary heart disease: A systematic review and meta-analysis of randomized controlled trials
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/28965605/
  10. Selenium and Thyroid Disease: From Pathophysiology to Treatment
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5307254/
  11. Role of iodine, selenium and other micronutrients in thyroid function and disorders
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/19594417/
  12. Disorders of the Immune System
    https://www.niaid.nih.gov/research/immune-system-disorders#:~:text=Immune%20Deficiencies&text=Temporary%20immune%20deficiency%20can%20be,severe%20immune%20suppression%20can%20occur.
  13. Structure, Function, and Nutrition of Selenium-Containing Proteins from Foodstuffs
    https://www.researchgate.net/publication/314189136_Structure_Function_and_Nutrition_of_Selenium-Containing_Proteins_from_Foodstuffs
  14. The Role of Selenium in Inflammation and Immunity: From Molecular Mechanisms to Therapeutic Opportunities
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3277928/#:~:text=Dietary%20selenium%20(%5DSe)%2C%20mainly,immune%20responses%20and%20chronic%20inflammation.
  15. Antioxidants
    https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/antioxidants
  16. Selenium Fact Sheet for Consumers
    https://ods.od.nih.gov/pdf/factsheets/Selenium-Consumer.pdf
  17. The role of selenium in human conception and pregnancy
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25175508/
  18. Selenium–vitamin E supplementation in infertile men: effects on semen parameters and pregnancy rate
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3048346/
  19. Selenium Fact Sheet for Health Professionals
    https://ods.od.nih.gov/factsheets/Selenium-HealthProfessional/#h10
  20. Selenium and Selenoproteins in Adipose Tissue Physiology and Obesity
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7225961/
  21. Selenoproteins are essential for proper keratinocyte function and skin development
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/20805887/
  22. Absorption, excretion, and retention of selenium from a high selenium yeast in men with a high intake of selenium
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2596749/

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