सेंधा नमक के 10 फायदे, उपयोग और नुकसान – All About Epsom Salt (Sendha Namak) in Hindi

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क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि सैलून में आपके पेडीक्योर टब में क्या होता है? जब आपके पैरों में दर्द होता है या सूजन आती है, तो घर के बड़े-बुजुर्ग कौन-से नमक के पानी में पैर डालकर रखने के लिए कहते हैं? अगर आपको लगता है कि यह हर रोज खाने में उपयोग होने वाला नमक है या रॉक साल्ट है, तो आप गलत हैं। इस खास नमक को एप्सम सॉल्ट कहते हैं। हालांकि, इसे सेंध या सेंधा नमक भी कहते हैं, लेकिन यह रॉक सॉल्ट और व्रत में खाने वाला सेंधा नमक नहीं है। इस लेख में हम सेंधा नमक के फायदे बताएंगे, जिसके बारे में शायद कम ही लोग जानते होंगे। इस आर्टिकल में हम सेंधा नमक के गुण के बारे में विस्तार से बताएंगे।

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लेख के शुरुआत में हम आपको बता रहे हैं कि सेंधा नमक क्या है।

सेंधा नमक क्या है? – What is Epsom Salt in Hindi

सेंधा नमक क्या होता है, अक्सर यह सवाल लोगों के दिमाग में उठता है। यह नमक नहीं बल्कि स्वाभाविक रूप से पाया जाने वाला एक मिनरल है, जो मैग्नीशियम और सल्फर से मिलकर बना है। इसे एप्सम सॉल्ट (Epsom salt) के नाम से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम मैग्नीशियम सल्फेट है। एप्सम सॉल्ट का नाम इंग्लैंड के शहर एप्सम पर रखा गया है, जहां मैग्नीशियम सल्फेट की उच्च मात्रा प्राकृतिक रूप से पानी में मौजूद होती है। आसानी से घुलने वाला यह खनिज पानी में मिलते ही चार्ज होता है और सल्फेट व मैग्निशियम आयन (ion) को रिलीज करता है (1)

सेंधा नमक क्या होता है, यह तो आप जान गए हैं। अब जानते हैं कि सेंधा नमक किस तरह काम करता है।

सेंधा नमक कैसे काम करता है?

जैसा कि हम ऊपर बता ही चुके हैं कि पानी में घुलते ही यह एप्सम सॉल्ट चार्ज हो जाता है। ऐसा होने पर यह पॉजिटिवली चार्ज मैग्नीशियम और नेगेटिवली चार्ज सल्फेट आयन रिलीज करता है। माना जाता है कि यह शरीर से संबंधित कई परेशानियों को कम करने व उनसे बचाव में मदद कर सकता है। आइए, नीचे विस्तार से जानते हैं कि सेंधा नमक के फायदे क्या-क्या हैं। हां, इसके फायदे के लिए सेंधा नमक कौन सा होता है, यह जानना भी जरूरी है। व्रत वाले नमक को भी सेंधा नमक कहा जाता है, लेकिन इन फायदों के लिए बाजार से एप्सम सॉल्ट बोलकर ही इसे खरीदें।

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आगे हम विस्तार से सेंधा नमक के फायदे और सेंधा नमक के गुण के बारे में बता रहे हैं।

सेंधा नमक के फायदे – Benefits of Epsom Salt in Hindi

सेंधा नमक के फायदे और नुकसान दोनों ही हो सकते हैं। बस यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसका इस्तेमाल किस तरह से किया जा रहा है, क्योंकि इसके सेवन से ज्यादा इसे नहाने और पैर डुबाने के लिए सुरक्षित माना जाता है। सेंधा नमक के फायदे और सही इस्तेमाल के बारे में हम नीचे विस्तार से बता रहे हैं। बस ध्यान दें कि यह किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं बल्कि स्वस्थ रहने और शारीरिक समस्याओं से बचाव का एक तरीका मात्र है।

1. तनाव कम करने के लिए सेंधा नमक के फायदे

सेंधा नमक के पानी से नहाने या फ्लोटेशन रेस्ट (Floatation-REST) थेरेपी लेने से तनाव काफी हद तक कम हो सकता है। इस थेरेपी के दौरान पीड़ित व्यक्ति को नमक वाले गुनगुने पानी से भरे टैंक में लेटाया जाता है। एक शोध के दौरान इससे स्ट्रेस में ही नहीं बल्कि मांसपेशियों में होने वाले दर्द, अवसाद और चिंता में भी कमी पाई गई है (2)। हफ्ते में दो से तीन बार सेंधा नमक से नहाने के फायदे को उठाया जा सकता है। इससे स्ट्रेस से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

2. मांसपेशियों में खिंचाव, पैर दर्द और हल्की खरोंच के लिए सेंधा नमक के फायदे

सेंधा नमक से नहाने के फायदे में मांसपेशियों का खिंचाव और पैर दर्द से राहत भी शामिल है। गर्म पानी में सेंधा नमक डालकर उससे नहाने या पैर डुबोने से आराम मिल सकता है। इससे न सिर्फ पैर दर्द कम होगा बल्कि मांसपेशियों में खिंचाव, ऐंठन और दर्द से भी राहत भी मिल सकती है (3)। माना जाता है कि यह ब्रूस (Bruise) यानी हल्की खरोंच व त्वचा के छिलने पर भी राहत दे सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी शोध की आवश्यकता है (4)

3. इंसुलिन उत्पादन और मधुमेह नियंत्रण के लिए सेंधा नमक के फायदे

कई बार शरीर में मैग्नीशियम की कमी भी डायबिटीज का कारण बन जाती है। डायबिटिक लोगों के शरीर से मैग्नीशियम यूरिन के जरिए बाहर निकल जाता है। ऐसा होने से टिश्यू इंसुलिन के प्रति असंवेदनशील हो जाते हैं, जिससे इंसुलिन हार्मोन का स्तर कम हो सकता है और डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से माना जाता है कि सेंधा नमक से इंसुलिन प्रतिरोध और डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है (5) (6)। इसके लिए सेंधा नमक के सप्लीमेंट का सेवन किया जा सकता है (7)। ध्यान रहे कि इसका इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर से अवश्य परामर्श लें, क्योंकि इसका अधिक सेवन विषाक्तता का कारण बन सकता है (8)

4. लैक्सेटिव गुण और कब्ज की समस्या

सेंधा नमक में लैक्सेटिव गुण होता है। यह गुण पेट साफ करने में मदद कर सकता है। एक रिसर्च में कहा गया है कि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि एप्सम सॉल्ट पाचन हार्मोन और न्यूरोट्रांसमीटर को रिलीज करके शक्तिशाली लैक्सेटीव प्रभाव को दर्शाता है। इसी रिसर्च में यह भी बताया गया है कि यह कब्ज व पेट साफ करने में कितना फायदेमंद है, इसपर किसी तरह का ट्राइल नहीं किया गया है (9)

एक अन्य शोध में जिक्र है कि मैग्नीशियम का इस्तेमाल कब्ज के लिए किया जाता है, लेकिन लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में उपयोग करने से विषाकतता हो सकती है (8)। इसी वजह से सेंधा नमक का पानी पीने के फायदे में कब्ज को भी गिना जाता है।

5. टो नेल फंगस और इंफ्लेमेशन (सूजन) के लिए सेंधा नमक

पैर के नाखून में होने वाले संक्रमण से राहत पाने के लिए भी एप्सम सॉल्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह संक्रमण के कारण होने वाली सूजन और दर्द को कम कर सकता है (10)। गर्म पानी में सेंधा नमक डालकर प्रभावित अंग को करीब 30 मिनट तक डालने से आराम मिल सकता है। इससे त्वचा हाइड्रेट रहती है और त्वचा संबंधित सूजन से भी बचाव हो सकता है (11)

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6. पाचन

गलत खान-पान के कारण कई लोगों को पाचन से संबंधित समस्याएं होती हैं। पाचन शक्ति को सुधारने में सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है। एक शोध के मुताबिक सेंधा नमक डाइजेस्टिव हार्मोन्स को रिलीज करता है। इसी वजह से माना जाता है कि सेंधा नमक का पानी पीने के फायदे में पाचन में मदद व सुधार भी शामिल है (9)

7. सिरदर्द और माइग्रेन

सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या आम है। माना जाता है कि मैग्नीशियम की कमी होने से माइग्रेन का दर्द हो सकता है। ऐसे में मैग्नीशियम की कमी को कुछ हद तक एप्सम सॉल्ट पूरा कर सकता है, जिससे सिरदर्द और माइग्रेन कम हो सकता है (12)। इसके लिए डॉक्टरी परामर्श पर एप्सम सॉल्ट के सप्लीमेंट लिए जा सकते हैं। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

एक अन्य अध्ययन में कहा गया है कि कई बार सिरदर्द की समस्या से आराम दिलाने के लिए मैग्नीशियम सल्फेट को इंजेक्शन के जरिए दिया जाता है (13)। ध्यान दें कि घर पर इसका इस्तेमाल इंजेक्शन की तरह नहीं बल्कि नहाने और सप्लीमेंट के रूप में किया जाना चाहिए। अगर इसका सेवन खाने के लिए करें, तो मात्रा पर गौर करें, जैसा कि हम ऊपर भी बता चुके हैं कि इसकी अधिकता टॉक्सिसिटी का कारण बन सकती है।

8. दर्द से राहत

दर्द से राहत दिलाने में भी सेंधा नमक मदद कर सकता है। मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द के लिए इसे फायदेमंद माना जाता है। हम ऊपर बता चुके हैं कि मांसपेशियों में होने वाली ऐंठन के लिए भी सेंधा नमक लाभदायक हो सकता है। इसके अलावा, पेट दर्द होने पर भी लोग सेंधा नमक के पानी से सिकाई व नहाने से बेहतर महसूस कर सकते हैं (3)

9. त्वचा के लिए सेंधा नमक के लाभ

जैसा कि हम ऊपर बता ही चुके हैं कि सेंधा नमक त्वचा को हाइड्रेट कर सकता है। इसके लिए सेंधा नमक को पानी में घोलकर रूई की मदद से चेहरे पर लगाया जा सकता है या फिर नहाते हुए स्किन को एप्सम वाटर में सोक करके रख सकते हैं (11)। कुछ लोग त्वचा विकार के लिए भी एप्सम सॉल्ट की गुनगुनी सिकाई का इस्तेमाल करते हैं (14) (15)

इसके अलावा, सेंधा नमक का हल्का दरदरापन चेहरे को एक्सफोलिएट भी कर सकता है। इसके लिए इसका पेस्ट बनाकर चेहरे पर मास्क के रूप में लगाया जा सकता है। हालांकि, इसका कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है, लेकिन लोक मान्यता है कि यह स्किन के लिए फायदेमंद हो सकता है।

10. बालों के लिए सेंधा नमक

सेंधा नमक बालों के लिए भी गुणकारी हो सकता है। बताया जाता है कि मैग्नीशियम बालों की ग्रोथ के लिए जरूरी मिनरल्स में से एक है (16)। इसी वजह से लोग इसको घोल से बालों को साफ करते हैं। साथ ही इसे बालों के स्प्रे की तरह भी उपयोग करते हैं। माना जाता है कि बालों के रोम से मैग्नीशियम आसानी से शरीर में प्रवेश कर सकता है (14)

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आगे हम बता रहे हैं कि सेंधा नमक का उपयोग।

सेंधा नमक का उपयोग – How to Use Epsom Salt in Hindi

सेंधा नमक के लाभ के बारे में तो आप जान चुके हैं। इसका फायदा शरीर को सही तरीके से पहुंचे इसके लिए सेंधा नमक का उपयोग करने की सटीक जानकारी भी जरूरी है। आइए जानते हैं इसके बारे में।

  1.   पैरों को भिगोने के लिए सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए चाहिए आधा कप सेंधा नमक और गर्म पानी। पानी उतना ही गर्म हो, जितना पैर सह सकें।
  2.   सेंधा नमक से नहाने के फायदे के बारे में तो हम ऊपर बता ही चुके हैं। नहाने के लिए भी सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए सिर्फ सेंधा नमक और गर्म पानी का ही इस्तेमाल करें।
  3.   इसका पेस्ट बनाकर बतौर स्किन मास्क इस्तेमाल किया जा सकता है।
  4.   गार्डनिंग के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
  5.   इसे दांतों की चमक बढ़ाने या मुंह की बदबू हटाने के लिए भी उपयोग कर सकते हैं।
  6.   कुछ लोग मानते हैं कि सेंधा नमक खाने के फायदे भी होते हैं, तो उन्हें बता दें कि सेंधा नमक खाने के फायदे से जुड़ा कोई ठोस वैज्ञानिक शोध नहीं है। इसे खाने के बजाए इससे नहाने और इसमें हाथ-पैर को डुबोने की सलाह दी जाती है।

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अब हम सेंधा नमक को सुरक्षित रखने के तरीके पर बात करते हैं।

सेंधा नमक को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

सेंधा नमक को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इसे एयरटाइट डिब्बे में बंद करके रखें। ऐसा न करने पर इसमें नमी आ सकती है और यह खराब हो सकता है।

आगे हम सेंधा नमक के अन्य फायदों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

सेंधा नमक के अन्य फायदे

सेंधा नमक के गुण की वजह से शरीर को इसके कई अन्य फायदे भी हो सकते हैं। आइए, जानते हैं सेंधा नमक के कुछ और फायदों के बारे में  (12) (17)

  • मैग्नीशियम की कमी की वजह से हड्डियों का घनत्व कम हो सकता है, जिस वजह से ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी संबंधी समस्या) हो सकता है। इसी वजह से माना जाता है कि मैग्नीशियम से समृद्ध एप्सम सॉल्ट इस समस्या से राहत दिला सकता है।
  • मैग्नीशियम की कमी को पूरा कर सकता है।
  • अवसाद और चिंता को दूर करने में मदद कर सकता है।
  • मैग्नीशियम की कमी की वजह से नींद की गुणवत्ता में भी कमी आती है। इसी वजह से माना जाता है कि एप्सम सॉल्ट से स्नान करने से नींद संबंधी परेशानी कम हो सकती है। हालांकि, इसमें अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

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अब जानें सेंधा नमक को कहां से खरीदा जा सकता है।

सेंधा नमक कहां से खरीदें?

सेंधा नमक को पास के लोकल मार्केट व किराने की दुकान से खरीद सकते हैं। इसके अलावा, इसे ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है।

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सेंधा नमक खाने के फायदे और नुकसान दोनों हो सकते हैं। इस नमक के उपयोग से होने वाले फायदे के बारे में तो आप जान चुके हैं, आइए अब नुकसान पर नजर डालें।

सेंधा नमक के नुकसान – Side Effects of Epsom Salt in Hindi

सेंधा नमक के ज्यादा उपयोग से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। नीचे हम कुछ संभावित सेंधा नमक के नुकसान के बारे में बता रहे हैं (8) (18)

  • अगर किसी को डायबिटीज है, तो एप्सम सॉल्ट के पानी में बिना डॉक्टर की सलाह के पैर नहीं डुबोने चाहिए। ऐसा करने से सेंधा नमक के नुकसान हो सकते हैं।
  • जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि इसमें लैक्सेटिव गुण होते हैं, इसलिए इसका ज्यादा सेवन डायरिया की वजह बन सकता है।
  • गर्भवती महिलाओं को सेंधा नमक का उपयोग करने से बचाना चाहिए या फिर डॉक्टर के परामर्श पर ही इस्तेमाल करना चाहिए।
  • इसका लंबे समय तक ज्यादा उपयोग करने से विषाक्तता हो सकती है।

अगर सेंधा नमक को सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो सेंधा नमक के फायदे शरीर को कई तरह से हो सकते हैं। इसके नुकसानों को पढ़कर घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि किसी भी चीज का अत्यधिक उपयोग हानिकारक होता है। सेंधा नमक के गुण से फायदा तभी होगा जब इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए। आगे हम सेंधा नमक से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गठिया को ठीक करने के लिए सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है?

गठिया से राहत पाने के लिए सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है। सेंधा नमक गठिया की वजह से होने वाली सूजन और दर्द से राहत दिला सकता है (4)

सेंधा नमक के विकल्प क्या हैं?

फुट सोक या नहाने के लिए समुद्री नमक एक सुरक्षित विकल्प है। अपनी त्वचा, पैर और स्कैल्प को स्वस्थ रखने के लिए ओटमील, सेब का सिरका या एसेंशियल ऑयल का उपयोग कर सकते हैं।

क्या एप्सम सॉल्ट को खाया जा सकता है?

बिना डॉक्टरी परामर्श के इसे खाने की सलाह नहीं दी जाती है। इसे खाने से डायरिया, उल्टी, जी-मिचलाना या पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं (19)

क्या गर्भावस्था में एप्सम सॉल्ट का इस्तेमाल सुरक्षित है?

हेल्थी प्रेगनेंसी के लिए मैग्नीशियम जरूरी होता है (17)। वहीं, इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर ही किया जाना चाहिए अन्यथा इसके नकारात्मक परिणाम भी हो सकते हैं।

क्या लंबे समय तक एप्सम सॉल्ट में पैर भिगोए जा सकते हैं?

नहीं, ज्यादा देर तक एप्सम सॉल्ट में पैर भिगोए रखने की सलाह नहीं दी जाती है।

क्या एप्सम सॉल्ट का पानी पिया जा सकता है?

कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए कम मात्रा में इसे पिया जा सकता है। इसे पीते ही अधिक से अधिक पानी भी पीना चाहिए (18)। हां, इसका सेवन ज्यादा बार और अधिक मात्रा में करना वर्जित है।

सेंधा नमक में आयोडीन होता है या नहीं?

जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि सेंधा नमक मैग्नीशियम और सल्फेट से बना होता है। इसी वजह से इसमें आयोडीन नहीं होता है।

19 संदर्भ (Sources) :

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vinita pangeni

विनिता पंगेनी ने एनएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में बीए ऑनर्स और एमए किया है। टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में काम करते हुए इन्हें करीब चार साल हो गए हैं। इन्हें उत्तराखंड के कई पॉलिटिकल लीडर और लोकल कलाकारों के इंटरव्यू लेना और लेखन का अनुभव है। विशेष कर इन्हें आम लोगों से जुड़ी रिपोर्ट्स करना और उस पर लेख लिखना पसंद है। इसके अलावा, इन्हें बाइक चलाना, नई जगह घूमना और नए लोगों से मिलकर उनके जीवन के अनुभव जानना अच्छा लगता है।

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