शकरकंद के फायदे, उपयोग और नुकसान – All About Sweet Potato (Shakarkandi) in Hindi

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शकरकंद खाने में जितना स्वादिष्ट होता है, स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही फायदेमंद होता है। अंग्रेजी में इसे स्वीट पोटैटो कहते हैं। शायद यही वजह है कि कुछ लोग इसे आलू से जोड़कर भी देखते हैं, यही कारण है कि इसे मीठा आलू भी कहा जाता है। मीठा आलू खाने के फायदे ढेरों हैं। आमतौर पर यह सर्दियों में अधिक बिकता है, क्योंकि तब इसके फायदे भी अधिक होते हैं। देश के लगभग सभी हिस्सोंं में पाए जाने वाले शकरकंद को कुछ क्षेत्रों में लोग शकरकंदी के नाम से भी जानते हैं और इसे खाने का तरीका भी अलग-अलग है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको शकरकंदी खाने के फायदे बताएंगे और साथ ही इस बारे में भी बात करेंगे कि अच्छी सेहत बनाने के लिए शकरकंद कैसे खाएं? यह सेहतमंद बनाए रखने में कैसे सहायता करता है, चलिए जानते हैं।

नीचे विस्तार से पढ़ें

स्वीट पोटैटो खाने के फायदे के पहले हम बता रहे हैं कि शकरकंद क्या है।

शकरकंद क्या है? – What is Sweet Potato in Hindi

सभी ने कभी न कभी तो मीठा आलू या शकरकंद जरूर खाया होगा, लेकिन क्या अपने कभी इसके फायदों के बारे में सोचा है। शकरकंद की अलग-अलग किस्में हैं। लाल किस्म के मीठे आलू के गूदे सूखे और ठोस होते हैं, जबकि सफेद और पीले रंग के मीठे आलू के गूदे में अधिक रस होता है। लाल किस्म के मीठे आलू की सुगंध में एक विशेषता है, जो उबलने पर और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। मीठे आलू का रंग ज्यादातर लाल या नारंगी होता है, जो इसे अधिक सुगंधित बनाता है। यह इसमें मौजूद बीटा कैरोटीन की उपस्थिति के कारण होता है।

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शकरकंद क्या है यह जानने के बाद अब हम शकरकंद के प्रकार जानेंगे।

शकरकंद के प्रकार- Types of Sweet Potato in Hindi

शकरकंद के प्रकार तीन तरह के होते हैं, जिनके बारे में नीचे बताया गया है।

  • गुलाबी शकरकंद
  • लाल शकरकंद
  • सफेद शकरकंद

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अब जानते हैं कि शकरकंद सेहत के लिए किस प्रकार फायदेमंद हो सकता है।

शकरकंद खाना सेहत के लिए क्यों अच्छा होता है?

शकरकंद न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी स्वीट पोटैटो के फायदे देखे गए हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, शकरंद में कई प्रकार के गुण पाए जाते हैं, जो कई प्रकार की समस्याओं को दूर कर सकते हैं। शोध में पाया गया है कि शकरकंद में एंटी-एथेरोस्क्लोरोटिक, एंटीमुटाजेनिक, एंटी-वायरस, एंटी-ऑक्सीडेटिव, एंटीहाइपरग्लिसेमिक और एंटीहाइपरटेंसिव जैसे गुण होते हैं। साथ ही इसमें कई प्रकार के पौष्टिक तत्व भी पाए जाते हैं, जो इसे सेहत और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बना सकते हैं (1)।

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आर्टिकल के इस हिस्से में हम शकरकंद के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।

शकरकंद के फायदे – Benefits of Sweet Potato in Hindi

शकरकंद में कई प्रकार के गुण और पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं, जो इसे सेहत के लिए फायदेमंद बनाते हैं। यह हमें स्वस्थ रखने के साथ-साथ विभिन्न शारीरिक समस्याओं से उबरने में भी मदद कर सकती है। हां, अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो सिर्फ शकरकंद काफी नहीं है। सही उपचार के लिए डॉक्टर से चेकअप करवाना जरूरी है। आइए, अब विस्तार से जानते हैं कि शकरकंद के फायदे क्या-क्या हैं।

1. मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए स्वीट पोटैटो के फायदे

रक्त में बढ़ता हुआ ग्लूकोज का स्तर मधुमेह की समस्या का कारण बन सकता है। इस समस्या को नियंत्रित करने या इस अवस्था से बचने में शकरकंद फायदेमंद हो सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित चूहों पर किए गए शोध के अनुसार शकरकंद में पाए जाने वाले फ्लेवोनोइड रक्त में मौजूद ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं (2)। इसके अलावा, शोध में पाया गया है कि शकरकंद में एंटीडायबिटिक गुण होते हैं, जो मधुमेह को नियंत्रित करने में मददगार हो सकते हैं (3)।

2. अच्छे पाचन में स्वीट पोटैटो के फायदे

पाचन संबंधी समस्या को दूर करने के लिए शकरकंद फायदेमंद हो सकता है। इस विषय पर कई शोध किए जा चुके हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित ऐसे ही एक शोध के अनुसार, शकरकंद में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है। फाइबर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संबंधी पाचन को सुधार करने में फायदेमंद हो सकता है (4)। वहीं, एक अन्य शोध में पाया गया है कि शकरकंद का सेवन खराब पाचन को सुधारने में कारगर हो सकता है। इसमें पाया जाने वाला प्रोटीन पाचन एंजाइमों के लिए फायदेमंद माना गया है। यह गैस्ट्रिक डाइजेशन पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है (5)।

3. कैंसर की रोकथाम के लिए शकरकंद खाने के फायदे

 कैंसर जानलेवा बीमारी है। शकरकंद का सेवन कर इस गंभीर बीमारी को पनपने से रोका जा सकता है। इस विषय पर हुए शोध के अनुसार, शकरकंद के छिलके में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीकैंसर गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा, शकरकंद में कई फायदेमंद तत्व भी होते हैं। शकरकंद में पाए जाने वाले ये गुण और तत्व विभिन्न प्रकार के कैंसर को पनपने से रोक सकते हैं (6)। साथ ही हम स्पष्ट कर दें कि शकरकंद का सेवन कैंसर का इलाज नहीं हो सकता है। किसी व्यक्ति को कैंसर होने पर डॉक्टर द्वारा बताया गया उपचार ही फायदेमंद हो सकता है।

4. रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करे

कमजोर इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण सर्दी-जुकाम जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए शकरकंद का उपयोग किया जा सकता है। शोध से पता चला है कि बैंगनी शकरकंद के अर्क में पॉलीसेकेराइड (polysaccharide) नामक कंपाउंड पाया जाता है। यह कंपाउंड इम्यून साइटोकाइन (immune cytokine) के स्तर को सुधारे में मददगार हो सकता है (7)। इम्यून साइटोकाइन एक प्रकार का प्रोटीन है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

5. स्वस्थ हृदय के लिए

हृदय की समस्या को कुछ हद तक दूर करने के लिए शकरकंद का उपयोग किया जा सकता है। शोध में पाया गया है कि शकरकंद में पोटैशियम, साेडियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा पाई जाती है। शकरकंद में पाए जाने वाले ये पोषक तत्व बल्ड क्लोटिंग को रोकने के साथ ही हृदय गति को नियंत्रित करने में मददगार हो सकते हैं। इसके अलावा, शोध में यह भी पता चला है कि शकरकंद में एंथोसायनिडिंस (Anthocyanidins) नामक फ्लेवोनोइड पाया जाता है। यह फ्लेवोनोइड एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीकार्सिनोजेनिक जैसे गुणों से भरपूर होता है, जो हृदय रोगों से सुरक्षा करने में मददगार हो सकता है (8)।

6. अस्थमा से राहत के लिए शकरकंद खाने के फायदे

अस्थमा की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी शकरकंद का सेवन लाभदायक हो सकता है। अस्थमा से लड़ने में एंटीऑक्सीडेंट कारगर हो सकता है और शकरकंद में कैरोटीन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। इसलिए, शकरकंद अस्थमा जैसी श्वास संबंधी समस्याओं में लाभकारी हो सकता (9)।

7. हड्डियों की मजबूती के लिए

कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। हड्डियों की मजबूती के लिए शकरकंद का उपयोग किया जा सकता है। शोध में पाया गया कि शकरकंद में कैल्शियम व मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जिस कारण यह हड्डियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। कैल्शियम व मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूती देने के साथ ही उनके विकास में भी मददगार हो सकता है (8)।

8. मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए

अच्छी सेहत के साथ ही मस्तिष्क का स्वस्थ होना भी आवश्यक है। इसलिए, शकरकंद का सेवन जरूर करना चाहिए। शकरकंद का नियमित सेवन मस्तिष्क की कार्य क्षमता को बढ़ा सकता है। एक शोध के मुताबिक, मीठा आलू यानी शकरकंद याददाश्त और सीखने की क्षमता को बढ़ा सकता है। इसमें एंथोसायनिन नामक कंपाउंड पाया जाता है, जिसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को दूर कर दिमाग के कार्य करने की क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है (10)।

9. गठिया के इलाज में शकरकंद खाने के फायदे

गठिया ऐसी स्थिति है, जो जोड़ों में दर्द और सूजन का कारण बनती है। गठिया की समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए शकरकंद के गुण राहत का कार्य कर सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, शकरकंद में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-अर्थराइटिस गुण पाए जाते हैं। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और दर्द में राहत देने का कार्य कर सकते हैं, जबकि एंटी-अर्थराइटिस प्रभाव गठिया के इलाज में मदद कर सकता है (11)।

10. आंखों की देखभाल

आंखों काे सुरक्षा प्रदान करने के लिए और आंखों की देखभाल के लिए शकरकंद फायदेमंद हो सकता है। शोध से पता चला है कि शकरकंद में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हानिकारक किरणों से आंखों की रक्षा करने में मददगार हो सकते हैं। साथ ही ये ऑक्सीडेटिव डैमेज को भी दूर करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, शकरकंद में एस्कॉर्बिक एसिड भी पाया जाता है, जो आंखों को कई बीमारियों से बचाकर उन्हें प्रोटेक्ट कर सकता है (8)।

11. वजन कम करने में शकरकंद के गुण

बढ़ता हुआ वजन कई समस्याओं का कारण बन सकता है और आज-कल हर कोई अपने वजन को कम करने के लिए एक्सरसाइज के साथ ही हेल्दी फूड का सेवन करना पसंद करता है। इन्हीं हेल्दी फूड में एक नाम शकरकंद का भी आता है। वजन को नियंत्रित करने में शकरकंद के लाभ हो सकते हैं। चूहों पर किए गए शोध में पाया गया कि शकरकंद में एंटी ऑबेसिटी गुण पाए जाते हैं, जो बढ़ते हुए वजन को नियंत्रित कर मोटापे को कम करने में मदद कर सकते हैं (12)।

12. गर्भावस्था में शकरकंद खाने के फायदे

माना जाता है कि विटामिन-ए की कमी अंधपन और गंभीर मामलों में मृत्यु तक का कारण बन सकती है। इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव गर्भावस्था में दिखाई दे सकता है। सामान्य अवस्था के साथ ही शकरकंद के फायदे गर्भावस्था में भी देखने को मिलते हैं। शोध में पाया गया कि शकरकंद में विटामिन-ए की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इसलिए, अगर किसी को विटामिन-ए की कमी है, तो शकरकंद का सेवन फायदेमंद हो सकता है (13)। अगर कोई गर्भवती महिला शकरकंद खाना चाहती है, तो पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें (14)।

13. बच्चों के लिए शकरकंद के गुण

बड़ों के साथ-साथ बच्चों के लिए भी शकरकंद खाने के लाभ हो सकते हैं। इस विषय पर कई शोध हो चुके हैं। उनमें से एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, बच्चों में विटामिन-ए की कमी से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। शकरकंद विटामिन-ए की कमी को पूरा करने में मददगार हो सकता है। इससे समस्या को कुछ हद तक दूर किया जा सकता है, इसके अलावा यह बच्चों में अंधेपन को भी दूर करने में फायदेमंद हो सकता है (8)।

14. त्वचा के लिए शकरकंद के लाभ

सेहत के साथ ही शकरकंद त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। शाेध के अनुसार, शकरकंद में जेंथोफाइल्स (xanthophylls) नामक घटक पाया जाता है, जो सूरज की रोशनी के कारण होने वाली स्किन डैमेज से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। शोध में आगे जिक्र है कि शकरकंद में विटामिन-सी की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो झुर्रियों की समस्या को दूर करने में मदद कर सकती है (8)।

15. बालों के लिए शकरकंद के गुण

त्वचा और सेहत के अलावा बालों के लिए भी शकरकंद खाने के लाभ हो सकते हैं। बालों के विकास के लिए और उन्हें टूटने से बचाने के लिए कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जैसे विटामिन-ए, विटामिन-सी, कैल्शियम, आयरन, जिंक और बीटा-कैरोटिन (15)। शकरकंद में इन सभी पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो बालों की कई समस्याओं को दूर करने के साथ ही उनकी ग्रोथ में मददगार हो सकते हैं (16)।

बने रहें हमारे साथ

शकरकंद खाने के फायदे के बाद हम शकरकंद में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व की जानकारी दे रहे हैं।

शकरकंद के पौष्टिक तत्व – Sweet Potato Nutritional Value in Hindi

शकरकंद में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्वों के कारण ही यह सेहत के लिए फायदेमंद होता है। यहां हम इसमें पाए जाने वाले पौष्टिक तत्वों के बारे में बता रहे हैं (16)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी76.61 ग्राम
कैलोरी108 kcal
प्रोटीन1.31 ग्राम
फैट4.23 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट16.82 ग्राम
फाइबर2.4 ग्राम
शुगर5.45 ग्राम
कैल्शियम26 मिलीग्राम
आयरन0.69 मिलीग्राम
मैग्नीशियम17 मिलीग्राम
फास्फोरस31 मिलीग्राम
पोटैशियम219 मिलीग्राम
सोडियम188 मिलीग्राम
जिंक0.19 मिलीग्राम
कॉपर0.089 मिलीग्राम
सेलेनियम0.2 माइक्रोग्राम
विटामिन-सी12.1 मिलीग्राम
थियामिन0.053 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.045 मिलीग्राम
नियासिन0.511 मिलीग्राम
विटामिन-बी 60.192 मिलीग्राम
फोलेट6 माइक्रोग्राम
कोलीन10.6 मिलीग्राम
विटामिन-ए, RAE764 माइक्रोग्राम
बीटा कैरोटिन8968 माइक्रोग्राम
विटामिन-ई1.4 माइक्रोग्राम
विटामिन-के5.8 माइक्रोग्राम
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड1.2 ग्राम
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड1.476 ग्राम
फैटी एसिड टोटल पोलीअनसैचुरेटेड1.329 ग्राम

अभी बाकी है जानकारी

शकरकंद के फायदे के बाद जानते हैं कि शकरकंद का उपयोग किस प्रकार से किया जा सकता है।

शकरकंद का उपयोग – How to Use Sweet Potato in Hindi

शकरकंद खाना सेहत के लिए क्यों अच्छा है, यह तो आप जान गए हैं। अब पता करते हैं कि शकरकंद कैसे खाएं और कितना खाएं, ताकि इसका अधिक लाभ मिल सके।

शकरकंद को कैसे खाएं आप इसे उबालकर या आग में भूनकर खा सकते हैं। देशभर में इसे अलग-अलग प्रकार से खाया जाता है। आप किसी भी प्रकार से शकरकंद खाएं, इसका लाभ आपको भरपूर मिलेगा।

शकरकंद कितना खाना चाहिए इसे लेकर कोई मानक तो तय नहीं है, लेकिन स्वीट पोटैटो के नुकसान से बचने के लिए इसका सेवन कम ही किया जाए, तो बेहतर होगा। इसमें अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पचने में समय लगता है। ऐसे में अगर आप अधिक मात्रा में शकरकंदी का सेवन करेंगे, तो आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगेगी।

शकरकंद कब खाना चाहिएस्वीट पोटैटो खाने के फायदे तो हैं, लेकिन इसे खाने को लेकर लोग असमंजस में रहते हैं। शकरकंद खाने की कोई समय सीमा तय नहीं है। आप अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी इसका सेवन कर सकते हैं। फिर चाहे आप इसे भोजन के बाद मीठे के तौर पर खाएं या फिर सुबह नाश्ते के रूप में लें। किसी भी समय इसका सेवन किया जा सकता है।

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यहां जानकारी दी जा रही है शकरकंद के सही चुनाव और स्टोरेज की।

शकरकंद का चयन कैसे करें और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

शकरकंद की जानकारी के साथ ही उसका सही चुनाव करना और लंबे समय तक स्टोर करके रखना भी जरूरी है।

शकरकंद का चुनाव:

  • शकरकंद को ऑर्गनिक ढंग से उगाया गया हो, क्योंकि ऑर्गनिक शकरकंद पर कीटनाशक नहीं होते।
  • औसत आकार के शकरकंद का चुनाव करना चाहिए।
  • शकरकंद का छिलका चिकना और ठोस होना चाहिए।
  • अधिक नर्म शकरकंद का चुनाव न करें।
  • भूरे धब्बे होने पर, छेद होने पर या फिर पानी निकलने वाले शकरकंद का चुनाव न करें, क्योंकि वह खराब हो सकता है।
  • गहरे रंग के शकरकंद एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं।

स्टोरेज:

  • शकरकंद को रेफ्रिजरेटर में रखना जरूरी नहीं है।
  • आप इन्हें कमरे के सामान्य तापमान पर रख कर सकते हैं।
  • कमरे के तापमान पर इन्हें एक सप्ताह तक उपयोग किया जा सकता है।

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जानते हैं कि आलू और शकरकंद में से ज्यादा बेहतर क्या हो सकता है।

शकरकंद और सामान्य आलू में से कौन-सा बेहतर है?

अगर हम शकरकंद और सामान्य आलू की तुलना करें, तो दोनों का अपना-अपना महत्व है। शकरकंद के जैसे ही सेहत के लिए आलू के फायदे भी देखे गए हैं, लेकिन आलू के मुकाबले शकरकंद में ज्यादा पोषक तत्व और गुण पाए जाते हैं। हालांकि, आलू को शकरकंद से रिप्लेस तो नहीं कर सकते हैं, लेकिन सेहत के मामले में शकरकंद आलू के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। फिलहाल, इस बात की पुष्टि करने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

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लेख के इस हिस्से में हम स्वीट पोटैटो के नुकसान के बारे में बता रहें।

शकरकंद के नुकसान – Side Effects of Sweet Potato in Hindi

शकरकंद क्या है और शकरकंद को कैसे खाएं, यह सब जानने के बाद अब वक्त है शकरकंद के नुकसान पता करने का।

  • जिन्हें लो शुगर की समस्या है उन्हें इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर करना चाहिए, क्योंकि इसमें ग्लूकोज को कम करने वाला गुण होता है, जो सेहत पर बुरा असर डाल सकता है (2)।
  • पेट दर्द की शिकायत होने पर भी स्वीट पोटैटो के साइड इफेक्ट हो सकते हैं, इसलिए इसे खाने से परहेज करना चाहिए।

शकरकंद खाना सेहत के लिए क्यों अच्छा है यह तो आपने ऊपर जान ही लिया है। स्वाद और सेहत से भरपूर शकरकंद न सिर्फ बीमारियों को दूर करने में मददगार होता है, बल्कि कई रोगों को हमसे दूर रखता है। आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको सेहत के लिए स्वीट पोटैटो के बेनिफिट के बारे में विस्तार से जानकारी देने का प्रयास किया है। साथ ही यह जानकारी भी दी है कि अगर इसे सही तरीके नहीं खाया गया, तो शकरकंद खाने के नुकसान भी हो सकते हैं। अगर आप भी अपनी डाइट में शकरकंद को जोड़ना चाहते हैं, तो पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें और इससे होने वाले फायदों का लाभ उठाएं। सेहत से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए जुड़े रहिए स्टाइलक्रेज के साथ।

लेख के अंतिम भाग में हम शकरकंद से संबंधित पाठकों के कुछ सवाल लेकर आए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या शकरकंद को कच्चा खा सकते हैं?

नहीं, इससे पेट खराब हो सकता है। इसलिए, हम आपको यही सलाह देंगे कि शकरकंद को उबालकर या फिर भून कर ही सेवन करें।

क्या बच्चों को शकरकंद देना सुरक्षित है?

हां, बच्चों के लिए भी स्वीट पोटैटो के बेनिफिट देखे गए हैं, तो उन्हें भी शकरकंद दे सकते हैं।

क्या गर्भावस्था में कच्चा शकरकंद खा सकते हैं?

गर्भावस्था में शकरकंद कई पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में फायदेमंद हो सकता है। इसलिए, अपने डॉक्टर से पूछकर गर्भावस्था में शकरकंद का सेवन किया जा सकता है (14)।

शकरकंद का वैज्ञानिक नाम क्या है?

शकरकंद को वैज्ञानिक भाषा में इपोमोए बताता (Ipomoea batatas) के नाम से जाना जाता है।

क्या सुबह नाश्ते के तौर पर शकरकंद खा सकते हैं?

हां, सुबह नाश्ते के दौरान शकरकंद को दूध में मैश करके लिया जा सकता है।

क्या शकरकंद को छिलके के साथ खा सकते हैं?

शकरकंद को छिलके के साथ नहीं लेना चाहिए, नहीं तो यह मुंह के स्वाद को कड़वा कर सकता है।

क्या शकरकंद की सब्जी बनाकर खा सकते हैं?

हां, दक्षिण भारत में शकरकंद की सब्जी बड़े ही चाव से खाई जाती है।

क्या शकरकंद उबालकर खाना अच्छा होता है?

प्राय: लोग शकरकंद को उबालकर ही सेवन करते हैं।

शकरकंद की तासीर कैसी होती है?

शकरकंद की तासीर ठंडी मानी जाती है।

16 संदर्भ (Sources):

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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