शिलाजीत के 13 फायदे, उपयोग और नुकसान – Shilajit Benefits and Side Effects in Hindi

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शिलाजीत हिमालयी क्षेत्र में पाया जाने वाला एक खास खनिज पदार्थ है। माना जाता है कि यह औषधीय गुणों से भरपूर होता है और कई शारीरिक समस्याओं से बचाव व उनके असर को कम करने में मदद कर सकता है। ऐसा माना जाता है कि शिलाजीत के सेवन से मर्दानगी में सुधार हो सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम शिलाजीत के फायदे, शिलाजीत का प्रयोग और शिलाजीत खाने का तरीका बता रहे हैं। साथ ही शिलाजीत के नुकसान भी बताएंगे ताकि शिलाजीत के फायदे और नुकसान दोनों को समझते हुए शिलाजीत के लाभ उचित तरीके से हासिल किए जा सकें। इसके साथ ही आपको ध्यान रखना होगा कि किसी भी बीमारी का इलाज डॉक्टरी सलाह पर ही संभव है। शिलाजीत सिर्फ स्वस्थ रख सकता है या फिर समस्या में थोड़ी राहत दे सकता है।

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आइए, लेख में आगे बढ़ने से पहले हम शिलाजीत क्या है यह समझ लेते हैं। 

शिलाजीत क्‍या है? – What is Shilajit in Hindi

शिलाजीत एक प्राकृतिक खनिज पदार्थ है। इसका निर्माण प्राकृतिक रूप से अपने आप ही होता है, लेकिन इसे बनने में हजारों साल लगते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि यूफोरबिया, रायलियाना और ट्राइफोलिया रेपेंस जैसी पौधों की प्रजातियों के अपघटन (Decomposition) के बाद यह तैयार होता है। इस आधार पर शिलाजीत को प्रकृति का एक अनमोल उत्पाद भी माना जाता है (1)। यह चिपचिपा होता है और शुद्ध रूप में इसकी महक गौमूत्र की तरह होती है (2)

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शिलाजीत क्या है, समझने के बाद आइए अब हम शिलाजीत के फायदे जान लेते हैं।

शिलाजीत के फायदे – Benefits of Shilajit in Hindi

यहां हम क्रमवार शिलाजीत के फायदे बता रहे हैं, जिन्हें जानने के बाद आसानी से इसकी उपयोगिता को समझा जा सकता है।

1. बढ़े ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करे

बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए शिलाजीत को बेहतर विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इस बात को शिलाजीत से संबंधित एक आयुर्वेदिक शोध में भी माना गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि शिलाजीत के औषधीय गुणों में से एक इसका एंटीहाइपरटेंसिव (ब्लड प्रेशर कम करने वाला) प्रभाव भी है। इस प्रभाव के कारण शिलाजीत का सेवन बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकता है (3)। इस आधार पर शिलाजीत के लाभ हाई बीपी की समस्या में उपयोगी हो सकते हैं।

2. अर्थराइटिस में पहुंचाए आराम

अर्थराइटिस की समस्या में भी शिलाजीत के फायदे हासिल किए जा सकते हैं। अर्थराइटिस में अश्वशिला नाम की आयुर्वेदिक दवा के प्रभाव को जांचने के लिए किए गए चूहों पर आधारित साइंटिफिक रिपोर्ट्स के एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है। यह शोध एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नॉलाजी इंफॉर्मेशन) की साइट पर उपलब्ध है। इस दवा को मुख्य रूप से अश्वगंधा और शिलाजीत दोनों को मिलाकर तैयार किया जाता है। शोध में यह भी स्वीकार किया गया है कि शिलाजीत में सेलेनियम पाया जाता है। सेलेनियम के कारण इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला) प्रभाव मौजूद होता है। यह एंटीइंफ्लेमेटरी प्रभाव ओस्टियोअर्थराइटिस (अर्थराइटिस का प्रकार) से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है (4)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि अर्थराइटिस की सूजन को कम करने में शिलाजीत के लाभ सहायक हो सकते हैं।

3. डायबिटीज में दिलाए राहत

शिलाजीत का प्रयोग डायबिटीज से बचने के लिए भी किया जा सकता है। शिलाजीत में एंटी-डायबिटिक (ब्लड शुगर को कम करने वाला) गुण पाया जाता है। यह गुण हाई ब्लड शुगर के स्तर को कुछ हद तक नियंत्रित करने का काम कर सकता है (5)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि डायबिटीज की समस्या को नियंत्रित करने के लिए बेनिफिट ऑफ शिलाजीत कारगर हो सकते हैं।

4. कोलेस्ट्रोल को कम करने में सहायक

शिलाजीत के लाभ बढ़े हुए कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने के मामले में भी मददगार हो सकते हैं। शिलाजीत के प्रभाव को समझने के लिए चूहों पर शोध किया गया। शोध में जिक्र मिलता है कि शिलाजीत का एक अहम गुण संपूर्ण लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रोल, ट्रिगलिसेराइड और हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन) को सुधारना भी है। इस गुण के कारण यह बढ़े हुए कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकता है (5)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि हाई कोलेस्ट्रोल की समस्या को नियंत्रित करने के लिए भी बेनिफिट ऑफ शिलाजीत हासिल किए जा सकते हैं।

5. अल्जाइमर में लाभकारी

आमतौर पर बुजुर्गों को प्रभावित करने वाली अल्जाइमर की समस्या से राहत पाने के लिए भी बेनिफिट ऑफ शिलाजीत उपयोगी हो सकते हैं। एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध शोध से इस बात की पुष्टि होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि शिलाजीत में फुल्विक एसिड (fulvic acid) पाया जाता है। यह तत्व याददाश्त को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। इसी तत्व की मौजूदगी के कारण शिलाजीत में एंटीअल्जाइमर (अल्जाइमर से राहत दिलाने वाला) प्रभाव पाया जाता है (6)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि शिलाजीत का उपयोग अल्जाइमर की समस्या से बचा सकता है। वहीं, अगर किसी को यह समस्या है, तो कुछ सकारात्मक प्रभाव नजर आ सकता है।

6. दिल को रखे स्वस्थ

लेख में ऊपर बताया गया है कि शिलाजीत के उपयोग से हाई बीपी को कम करने में मदद मिल सकती है (3)। साथ ही यह संपूर्ण लिपिड प्रोफाइल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है (5)। ये दोनों कारण हृदय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाते हैं (7) (8)। इसके अलावा, शिलाजीत से संबंधित एक अन्य शोध में शिलाजीत को हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया गया है (3)। इस आधार पर शिलाजीत को अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के साथ ही हृदय के लिए भी उपयुक्त माना जा सकता है।

7. एनीमिया में मददगार

आयरन की कमी के कारण होने वाली एनीमिया की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी शिलाजीत किसी औषधि से कम नहीं है। एशियन पेसेफिक जर्नल ऑफ टोपिकल बायोमेडिसिन के चूहों पर आधारित शोध में भी इस बात को स्वीकार किया गया है। शोध में माना गया है कि शिलाजीत में पर्याप्त मात्रा में आयरन मौजूद होता है। यह शरीर में आयरन की पूर्ति कर एनीमिया की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। यह शोध एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध है (9)। इस तथ्य को देखते हुए यह माना जा सकता है कि एनीमिया रोगी के लिए भी बेनिफिट ऑफ शिलाजीत लाभकारी साबित हो सकते हैं।

8. थकान को दूर करे

शिलाजीत के फायदे में थकान की समस्या से राहत दिलाना भी शामिल है। मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों में थकान होना आम माना जाता है। वहीं, शिलाजीत का सेवन मोटापे की इस समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। ऐसे में मोटापे के कारण होने वाली थकान की समस्या से राहत दिलाने में भी शिलाजीत सहायक साबित हो सकता है (3)

9. मर्दानगी बढ़ाए, बांझपन में लाभ पहुंचाए

शिलाजीत को पुरुषों की मर्दानगी यानी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में भी उपयोगी माना जाता है। वजह यह है कि इसमें पुरुष टेस्टोस्टेरॉन (यौन क्षमता से संबंधित हॉर्मोन) को बढ़ाने की क्षमता पाई जाती है। इसके अलावा, यह ओलिगोस्पर्मिया (पुरुष स्पर्म का कम होना) और बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण पुरुष प्रजनन क्षमता में कमजोरी को ठीक करने में भी मदद कर सकता है (3)। इस आधार पर इसे पुरुषों की मर्दानगी बढ़ाने के मामले में कारगर माना जा सकता है।

10. मूत्र संबंधी समस्याओं में उपयोगी

मूत्र संबंधी समस्याओं से निजात पाने के लिए भी शिलाजीत का प्रयोग लाभकारी माना जा सकता है। इसकी पुष्टि इंटरनेशनल जर्नल ऑफ आयुर्वेदा रिसर्च के एक शोध के जरिए होती है। एनसीबीआई की साइट पर पब्लिश इस शोध में जिक्र मिलता है कि शिलाजीत में इम्यूनोस्ट्यूमुलेंट (प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाला) गुण पाया जाता है। इस गुण के कारण ही यह मूत्र संबंधी समस्याओं को दूर करने में सहायक हो सकता है। आयुर्वेद में भी मूत्र संबंधी समस्याओं के लिए शिलाजीत का प्रयोग किया जाता है (10)

11. दिमागी शक्ति को बढ़ाए

लेख में आपको पहले ही बताया जा चुका है कि शिलाजीत में फुल्विक एसिड (fulvic acid) पाया जाता है। यह तत्व याददाश्त को बढ़ावा देने का काम कर सकता है (6)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि व्यक्ति की याद रखने की क्षमता को बढ़ाकर यह दिमागी शक्ति को बढ़ाने का काम कर सकता है।

12. डिमेंशिया में कारगर

डिमेंशिया भी एक यादाश्त से संबंधित बीमारी है। इसमें व्यक्ति को चीजों को याद रखने में परेशानी महसूस होती है। वहीं, इस बीमारी में सोचने-समझने की क्षमता भी कम हो जाती है। ऐसे में शिलाजीत इस समस्या का एक बेहतर हल माना जा सकता है। दरअसल, शिलाजीत में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है, जो याददाश्त को बढ़ाने में मदद कर सकता है। वहीं, इसका इम्यूनोस्ट्यूमुलेंट (प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाला) गुण तंत्रिका संबंधी समस्या को ठीक करने में मदद कर सकता है। साथ ही यह दिमाग में मौजूद विषैले और हानिकारक तत्वों को हटाने में भी सहायक हो सकता है। ऐसे में इन सभी गुणों के सम्मिलित प्रभाव के तौर पर शिलाजीत डिमेंशिया की समस्या से उबरने में मददगार हो सकता है (10)

13. बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करे

शिलाजीत का प्रयोग अल्जाइमर्स और डिमेंशिया जैसी बुढ़ापे में होने वाली दिमागी समस्याओं में राहत दिला सकता है (6) (10)। वहीं, शिलाजीत से संबंधित एनसीबीआई की ओर से उपलब्ध शोध में स्पष्ट रूप से माना गया है कि इसमें एंटीएजिंग (बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करना) और रेज्यूवेनेटिंग (तरोताजा करने वाला) गुण पाया जाता है (1)। ये दोनों गुण सम्मिलित रूप से शरीर को नई ऊर्जा प्रदान कर बढ़ती उम्र के शरीर पर दिखने वाले प्रभावों को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

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आगे अब हम शिलाजीत खाने का तरीका बताएंगे।

शिलाजीत का उपयोग – How to Use Shilajit in Hindi

शिलाजीत खाने का तरीका समझने के लिए यहां हम शिलाजीत के उपयोग के कुछ विकल्प दे रहे हैं, जो इस प्रकार हैं :

  • इलाइची के दाने और शहद के साथ शिलाजीत पाउडर का सेवन किया जा सकता है।
  • शिलाजीत का सेवन घी या मक्खन के साथ भी कर सकते हैं।
  • शिलाजीत का सेवन दूध के साथ भी किया जा सकता है।
  • नारियल तेल के साथ भी शिलाजीत का सेवन किया जा सकता है।

कब खाएं : शिलाजीत का सेवन रात को सोने से पहले और व्यायाम करने से पहले किया जा सकता है।

कितनी मात्रा में खाएं : बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रतिदिन शिलाजीत की 300-500 मिलीग्राम मात्रा का उपयोग किया जा सकता है (10)। शिलाजीत की यह मात्रा प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक क्षमता के अनुसार कम या ज्यादा हो सकती है। इस बारे में आपको डॉक्टर बेहतर बता सकते हैं। वहीं, अगर कोई शिलाजीत कैप्सूल्स के फायदे हासिल करना चाहता है, तो इस संबंध में भी डॉक्टर से राय ली जा सकती है।

शिलाजीत खाने का तरीका जानने के बाद अब हम शिलाजीत के नुकसान भी समझ लेते हैं।

शिलाजीत के नुकसान – Side Effects of Shilajit in Hindi

चूंकि, शिलाजीत का सेवन एक औषधि के रूप में ही किया जाता है, इसलिए इसकी ली जाने वाली औषधीय खुराक के कोई भी ज्ञात दुष्परिणाम नहीं है। हां, कुछ परिस्थियों में शिलाजीत से नुकसान भी हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं :

  • शिलाजीत में ब्लड प्रेशर कम करने वाला प्रभाव पाया जाता है। इसलिए, ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले लोगों को इसके सेवन से पूर्व डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लेना चाहिए (3)
  • ब्लड शुगर को कम करने में सहायक है। इसलिए, डायबिटीज की दवा के साथ इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से इस बारे में जरूर पूछ लें (5)
  • शिलाजीत का सेवन अगर अशुद्ध रूप में किया जाए, तो इससे नशा भी हो सकता है, क्योंकि इसमें माइकोटॉक्सिन (फंगस द्वारा उत्पन्न एक विषैला पदार्थ) और फ्री रेडिकल्स आदि मौजूद होते हैं (1)
  • शिलाजीत की तासीर गर्म होती है, जिस कारण अधिक सेवन करने से सिरदर्द की समस्या हो सकती है।

अभी तक कई लोग शिलाजीत का सेवन केवल पुरुषत्व बढ़ाने के लिए ही कर रहे होंगे, लेकिन शिलाजीत के फायदे जानने के बाद शिलाजीत को अब कई स्वास्थ्य फायदों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इस बात पर जरूर ध्यान दें कि यह बताई गई बीमारियों का सटीक इलाज नहीं है, लेकिन यह इनसे बचाव या फिर बीमार होने की अवस्था में इसमें सुधार करने में सहायक भूमिका निभा सकता है। वहीं, शिलाजीत के नुकसान से बचने के लिए इसका सेवन डॉक्टरी परामर्श पर ही करें। सेहत और स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे ही अन्य लेख पढ़ने के लिए हमारी स्टाइलक्रेज वेबसाइट पर यूं ही आते रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या शिलाजीत इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष) के लिए अच्छा है?

हां, लेख में ऊपर विस्तार से बताया गया है कि शिलाजीत पुरुष स्पर्म और पुरुष प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में कारगर साबित हो सकता है। वहीं, पुरुष नपुंसकता से संबंधित एक शोध में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष) के जोखिमों को कम करने के मामले में शिलाजीत को सहायक औषधि बताया गया है। इस आधार पर शिलाजीत को इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए अच्छा माना जा सकता है (11)

क्या शिलाजीत एक स्टेरॉयड है?

नहीं, शिलाजीत एक प्राकृतिक पदार्थ है, जिसमें प्रोटीन, मिनरल और लिपिड के साथ 5 प्रतिशत स्टेरॉयड भी मौजूद होता है (12)

क्या शिलाजीत लिवर के लिए अच्छा है?

हां, शिलाजीत के उपयोग से लिवर स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिल सकती है (2)। इसलिए, लिवर के लिए इसे अच्छा माना जा सकता है।

क्या शिलाजीत महिलाओं के लिए अच्छा है?

हां, शिलाजीत के उपयोग से महिलाओं की प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। यह महिलाओं में ओवेल्यूशन (गर्भधारण के लिए अंडो के सक्रिय होने की प्रक्रिया) को बढ़ावा दे सकता है (13)

13 संदर्भ (Source):

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अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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