शिलाजीत के फायदे, उपयोग और नुकसान – Shilajit Benefits and Side Effects in Hindi

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शिलाजीत, हिमालयी क्षेत्र में पाया जाने वाला एक खास खनिज पदार्थ है। माना जाता है कि यह औषधीय गुणों से भरपूर होता है और कई शारीरिक समस्याओं से बचाव और उनके असर को कम करने में मदद कर सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको शिलाजीत के फायदे, शिलाजीत का प्रयोग और शिलाजीत खाने का तरीका बताने जा रहे हैं। साथ ही आपको शिलाजीत के नुकसान और शिलाजीत की पहचान कैसे करें, इस विषय में भी जानकारी देंगे। इस लेख में बताए गए शिलाजीत के फायदे आपको बीमारी से बचाने में मदद कर सकते हैं। वहीं, अगर किसी को कोई बीमारी है, तो उससे उबरने में मदद कर सकते हैं।

सबसे पहले आइए जानते हैं कि शिलाजीत क्या है?

शिलाजीत क्या है? – What is Shilajit in Hindi

शिलाजीत एक प्राकृतिक खनिज पदार्थ है। यह मुख्य रूप से हिमालय पर्वत क्षेत्रों में पाया जाता है। इसका निर्माण प्राकृतिक रूप से अपने आप ही होता है, लेकिन इसे बनने में हजारों साल लगते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि यूफोरबिया, रायलियाना और ट्राइफोलिया रेपेंस जैसी पौधों की प्रजातियों के अपघटन (Decomposition) क्रिया के बाद यह तैयार होता है। इस आधार पर शिलाजीत को प्रकृति का अनमोल उत्पाद भी माना जाता है (1)। यह चिपचिपा होता है और शुद्ध रूप में इसकी महक गौमूत्र की तरह होती है (2)

आइए, अब लेख के अगले भाग में जानते हैं कि शिलाजीत आपके स्वास्थ्य के लिए किस प्रकार लाभदायक है।

शिलाजीत के फायदे – Benefits of Shilajit in Hindi

शिलाजीत के स्वास्थ्य फायदे आपको नीचे बताए जा रहे हैं।

1. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को शिलाजीत के फायदे मिल सकते हैं। दरअसल, शिलाजीत में पोटैशियम की मात्रा पाई जाती है (3)। विशेषज्ञों के द्वारा किए गए वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार यह बताया गया कि पोटैशियम का सेवन ब्लड प्रेशर के जोखिम को कम कर सकता है (4)। इस प्रकार कहा जा सकता है कि शिलाजीत आपको उच्च रक्तचाप की समस्या से निजात दिलाने में मदद कर सकता है।

2. अर्थराइटिस के इलाज में

अगर कोई अर्थराइटिस की समस्या से परेशान है, तो शिलाजीत का प्रयोग उनके लिए लाभकारी हो सकता है। अर्थराइटिस दर्द और सूजन की बीमारी है, जो शरीर के जोड़ वाले हिस्सों को अपनी चपेट ले लेती है और पीड़ित को सूजन व दर्द की समस्या से गुजरना पड़ता है (5)। वहीं, शिलाजीत में फुलविक एसिड के रूप में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है (1)। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण अर्थराइटिस में होने वाले दर्द और सूजन से आपको राहत दिला सकता है (6)

3. डायबिटीज के उपचार में

शिलाजीत का प्रयोग डायबिटीज से बचने के लिए भी किया जा सकता है। दरअसल, शिलाजीत में एंटी-डायबिटिक गुण पाए जाते हैं। यह ब्लड ग्लूकोज के स्तर को सुधारने में मदद करता है। इसलिए, शिलाजीत का सेवन CEF  साबित हो सकता है (7)। वहीं, अगर किसी को डायबिटीज है, तो शिलाजीत का प्रयोग करने से उसके लक्षणों को कम किया जा सकता है।

4. कोलेस्ट्रॉल के संतुलन के लिए

कोलेस्ट्रॉल से बचने के लिए भी शिलाजीत का प्रयोग किया जा सकता है। कोलेस्ट्रॉल मोम जैसा वसा पदार्थ होता है, जो आपके शरीर की सभी कोशिकाओं में पाया जाता है (8)। शिलाजीत में सीरम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने का प्रभावी गुण पाया जाता है (9)। इसलिए, अगर आप कोलेस्ट्रॉल से बचना चाहते हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर शिलाजीत को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

5. अल्जाइमर की स्थिति में

अल्जाइमर रोग में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली ठीक से कार्य नहीं करती, जिसका प्रभाव आपकी याददाश्त, सोच और व्यवहार पर पड़ता है (10)। इस स्थिति से बचने के लिए शिलाजीत का प्रयोग लाभदायक हो सकता है। दरअसल, शिलाजीत में पाए जाने वाले फुलविक एसिड में याददाश्त की क्षमता को बढ़ाने का गुण पाया जाता है, जो अल्जाइमर की स्थिति में लाभदायक हो सकता है। इसके अलावा, फुलविक एसिड में एंटी-एग्रीगेशन (Antiaggregation – एक चिकित्सकीय गुण) गुण पाया जाता है, जो अल्जाइमर के इलाज में आपके काम आ सकता है (11)

6. हृदय स्वास्थ्य के लिए

अगर शिलाजीत खाने का तरीका सही रूप से इस्तेमाल किया जाए, तो यह हृदय को भी स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। शिलाजीत में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होता है (12) (1)। एक वैज्ञानिक शोध में बताया गया है कि एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने के साथ-साथ कैंसर और हृदय रोग से भी बचाता है (13)

7. एनीमिया की स्थिति में

एनीमिया की स्थिति में खून में रेड ब्लड सेल्स की कमी भी हो जाती है, साथ ही रक्त के साथ ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा शरीर के सभी हिस्सों तक नहीं पहुंचा पाती है (14)। ऐसे में शिलाजीत के जरिए इस रोग से बचा जा सकता है। शिलाजीत में आयरन की मात्रा पाई जाती है, जो एनीमिया को होने नहीं देता और अगर किसी को एनीमिया है, तो उसके लक्षणों को करने में प्रभावी रूप से कार्य कर सकता है (12)

8. थकान की समस्या को दूर करने के लिए

शिलाजीत का सेवन इम्यून सिस्टम को मजबूत और थकान को दूर करने का काम कर सकता है। इससे आप हर समय खुद को तंदुरुस्त और तरोताजा महसूस कर सकते हैं। फिलहाल, यह कहना मुश्किल है कि शिलाजीत में ऐसे क्या गुण होते हैं, जो हमें हमेशा तंदुरुस्त रखते हैं। इस संबंध में वैज्ञानिक अभी शोध कर रहे हैं (9)

9. इनफर्टिलिटी और टेस्टोस्टेरोन के लिए

इनफर्टिलिटी की समस्या से बचने के लिए भी शिलाजीत का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, शिलाजीत में सक्रिय एंड्रोजेनिक (Androgenic – एक हार्मोन) का गुण पाया जाता है, जो कैडमियम (Cadmium – एक रासायनिक तत्व) के कारण होने वाली इनफर्टिलिटी के विपरीत प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकते हैं (15)

टेस्टोस्टेरोन एक मेल हार्मोन है, जो यौन क्रिया से संबंधित होता है (16)। हंटिंगटन कॉलेज ऑफ हेल्थ साइंस (Huntington College of Health Sciences) के द्वारा किए गए एक वैज्ञानिक अध्ययन में देखा गया है कि शिलाजीत ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके टेस्टोस्टेरोन और स्पर्म काउंट को बढ़ाने के साथ स्पर्म की गतिविधि को तेज करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर सकता है (17)

10. यूरीनरी (Urinary) संबंधी समस्याएं

शिलाजीत के फायदे यूरीनरी संबंधी समस्याओं को दूर करने में लाभदायक साबित हो सकते हैं। दरअसल, शिलाजीत में फुलविक एसिड की मात्रा पाई जाती है। यह एसिड यूरीनरी संबंधी समस्याओं से बचाने में आपकी मदद कर सकता हैं (1)

11. दिमाग तेज करने के लिए

शिलाजीत खाने का तरीका सही रूप से इस्तेमाल करके दिमाग को तेज किया जा सकता है। दरअसल, शिलाजीत कॉग्निटिव डिसऑर्डर (Cognitive Disorders – मस्तिष्क संबंधी विकार) के लक्षणों पर प्रभावि रूप से कार्य कर दिमाग की कार्यक्षमता को बढ़ा सकता है। वहीं, नियमित रूप से इसका सेवन करने से मस्तिष्क की कार्यक्षमता तेज हो सकती है (1)

12. एंटी-एजिंग के रूप में

आज के समय में हर कोई युवा और जवां दिखने की चाहत रखता है। यहां शिलाजीत एक बेहतर विकल्प के रूप में साबित हो सकता है। दरअसल, शिलाजीत में एंटी-एजिंग गुण पाए जाते हैं। यह शरीर पर नजर आने वाले बढ़ती उम्र के प्रभाव को कुछ हद तक कम कर सकता है। यह कोशिकाओं को कमजोर होने से रोकने और उन्हें सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है (3)

शिलाजीत के स्वास्थ्य लाभ जानने के बाद, इसे उपयोग के तरीके के बारे में बात करते हैं।

शिलाजीत का उपयोग – How to Use Shilajit in Hindi

यहां हम शिलाजीत को उपयोग करने के कुछ विकल्प दे रहे हैं। आप इसे उपयोग करने से पहले किसी आहार विशेष से एक बार जरूर पूछ लें।

  • इलाइची के दाने और शहद के साथ शिलाजीत पाउडर का सेवन किया जा सकता है।
  • शिलाजीत का सेवन घी या मक्खन के साथ भी कर सकते हैं।
  • शिलाजीत का सेवन दूध के साथ भी किया जा सकता है।
  • नारियल तेल के साथ भी शिलाजीत का सेवन किया जा सकता है।

कब खाएं : शिलाजीत का सेवन रात को सोने से पहले और व्यायाम करने से पहले किया जा सकता है।

कितनी मात्रा में खाएं : बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रतिदिन शिलाजीत की 300-500 मिलीग्राम मात्रा का उपयोग किया जा सकता है (18)। शिलाजीत की यह मात्रा प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक क्षमता के अनुसार कम या ज्यादा हो सकती है। इस बारे में आपको डॉक्टर बेहतर बता सकते हैं।

शिलाजीत के कुछ नुकसान भी हैं, जो कुछ स्थितियों में आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

शिलाजीत के नुकसान – Side Effects of Shilajit in Hindi

शिलाजीत के सेवन से निम्न प्रकार के दुष्प्रभाव नजर आ सकते हैं :

  • शिलाजीत की तासीर गर्म होती है, जिस कारण अधिक सेवन करने से आपको सिरदर्द की समस्या हो सकती है।
  • शिलाजीत का सेवन अगर अशुद्ध रूप में किया जाए, तो इससे आपको नशा भी हो सकता है, क्योंकि इसमें माइकोटॉक्सिन (फंगस द्वारा उत्पन्न एक विषैला पदार्थ) और फ्री रेडिकल्स आदि मौजूद होते हैं (1)

अभी तक कई लोग शिलाजीत का सेवन केवल पुरुषत्व बढ़ाने के लिए ही कर रहे होंगे, लेकिन इसके विभिन्न फायदों को जानने के बाद शिलाजीत को अब कई स्वास्थ्य फायदों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इस बात पर जरूर ध्यान दें कि यह बताई गई बीमारियों का सटीक इलाज नहीं है, लेकिन यह इनसे बचाव या फिर बीमार होने की अवस्था में इसमें सुधार करने में सहायक भूमिका निभा सकता है। इससे होने वाले किसी भी तरह के दुष्प्रभाव से बचने के लिए इसका सेवन डॉक्टरी परामर्श पर ही करें। अगर आप शिलाजीत के सेवन से जुड़ा कोई सवाल हमसे पूछना चाहते हैं, तो उसे नीचे दिए गए कॉमेंट बॉक्स के जरिए हम तक पहुंचा सकते हैं।

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