सिंघाड़ा खाने के फायदे और नुकसान – Water Chestnuts Benefits in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

पेड़-पौधों के साथ-साथ कुछ जड़ी-बूटियां पानी से भी प्राप्त होती हैं। पानी से प्राप्त होने वाली औषधीय वनस्पति में सिंगाड़ा भी शामिल है। यह पानी में उगने वाला ऐसा फल है, जिसे अक्सर उपवास में इस्तेमाल किया जाता है। शायद ही लोगों को पता होगा कि हल्के, मीठे और कठोर सिंघाड़े के फायदे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होते हैं। बीमारियों से बचने और उनके लक्षणों को कम करने के लिए सिंघाड़े को उपयोग में लाया जा सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम सिंघाड़े के संभावित स्वास्थ्य लाभ के साथ ही इससे संबंधित अन्य जरूरी जानकारियां प्राप्त करेंगे। इन आर्टिकल में अधिक जानकारियां रिसर्च के आधार दी गई हैं।

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आर्टिकल में सबसे पहले हम सिंघाड़ा से परिचय कर लेते हैं।

सिंघाड़ा क्या है? – What is Water Chestnut in Hindi

सिंघाड़े को हर कोई एक जलीय पौधे के रूप में जानता है। इसकी खेती पानी में की जाती है। यह पौधा पानी में लता के जैसा फैला रहता है, जिसकी पत्तियां जलकुंभी के समान होती हैं। इसका फल दो सींगों या दो कांटों वाला होता है और कठोर शैल यानी कवच से ढका रहता है। इसके अंदर सफेद रंग का, रूखा और हल्का मीठा स्वाद लिए एक कठोर फल होता है। इसका उपयोग अक्सर व्रत में खाद्य पदार्थ के रूप में किया जाता है। सिंघाडे़ की सबसे ज्यादा खेती एशिया और यूरोप में की जाती है। इसे खाने के साथ-साथ हर्बल औषधि के रूप में भी उपयोग किया जाता है। एनीसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, सिघाड़े को मधुमेह, दस्त, नकसीर (नाक से खून आना), फ्रैक्चर और सूजन संबंधी विकार आदि के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है (1) (2)। सिंघाड़े के ऐसे ही तमाम फायदों के बारे में हम लेख में विस्तार से बताएंगे।

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आइए, अब सिंघाड़े के विभिन्न प्रकारों के बारे में बात करते हैं।

सिंघाड़े कितने प्रकार के होते है?

मुख्य रूप से सिंघाड़े के दो प्रकार माने गए हैं, जिसके बारे में नीचे बताया गया है (3):

  1. एलोचार्सिस डलसिस (Eleocharis dulcis): यह डंठल सहित पौधा है। इसे चीन में बड़े पैमाने पर तालाबों में उगाया जाता है।
  2. ट्रापा नटंस (Trapa natans): ट्रापा नटंस पानी की सतह पर तैरने वाली बड़ी पत्तियों वाला एक फल है। यह चीनी खाद्य पदार्थों में प्रमुख रूप से उपयोग किया जाता है। इसकी खेती दक्षिणी यूरोप और एशिया बड़े स्तर पर की जाती है।

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आर्टिकल के इस खास भाग में हम बता रहे हैं कि सिंघाड़ा सेहत के लिए किस प्रकार फायदेमंद है।

क्या है सिंघाड़े के फायदे – Benefits of Water Chestnut in Hindi

सिंघाड़ा कई औषधीय गुणों से सम्पन्न है। इसमें पाए जाने वाले गुण और पोषक तत्व सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकते हैं। वहीं, उससे पहले हम बता दें कि सिंघाड़ा खाने से कई बीमारियों को खुद से दूर रखा जा सकता है। साथ ही यह आम बीमारियों के विभिन्न लक्षणों को कम करने व उनसे उबरने में मदद कर सकता है। वहीं, अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो सिर्फ सिंघाड़े जैसे घरेलू उपचार के भरोसे रहना सही निर्णय नहीं है। इस अवस्था में डॉक्टर से उपचार जरूर करवाना चाहिए। अब पढ़ें आगे :

1. दर्द और सूजन से छुटकारा दिलाए सिंघाड़ा

अगर किसी को अक्सर दर्द या सूजन की समस्या रहती है, तो इससे छुटकारा पाने के लिए सिंघाड़ा फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध अनुसार, सिंघाड़े के अर्क में एनाल्जेसिक (analgesic) और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। जहां एक ओर एनाल्जेसिक गुण दर्द निवारक के रूप में कार्य करता है, तो वहीं एंटीइंफ्लेमेटरी गुण सूजन की समस्या को कम करने में फायदेमंद हो सकता है (2)।

2. रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए

उच्च रक्तचाप आज एक आम समस्या बन गई है। इसके कारण हृदयाघात तक का सामना करना पड़ सकता है। उच्च रक्तचाप से बचने और इसे नियंत्रित करने के लिए सिंघाड़ा औषधि के रूप में काम आ सकता है। सिंघाड़े में पोटैशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है। पोटैशियम रक्त वाहिकाओं की दीवारों को आराम पहुंचाता है। साथ ही रक्तचाप काे नियंत्रित करने का काम भी कर सकता है। इसके अलावा, पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थों में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है, जिस कारण वजन को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है। वहीं, वजन के नियंत्रित रहने से उच्च रक्तचाप की समस्या से कुछ हद तक बचा जा सकता है (4)।

3. हृदय को स्वस्थ रखने के लिए सिंघाड़े के फायदे

बढ़ता हुआ रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा जैसी कई स्थितियां हृदय से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। इन दोनों स्थितियों को नियंत्रित करने के लिए सिंघाड़ा फायदेमंद हो सकता है। जयपुर के कुछ वैज्ञानिकों ने इस विषय पर शोध किया है। उनके अनुसार, सिंघाड़े में पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है, जबकि सोडियम की मात्रा कम होती है। इस कारण यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रित कर सकता है। साथ ही हृदय के लिए अच्छा होता है (5)।

4. मधुमेह में फायदेमंद सिंघाड़ा

रक्त में शुगर की मात्रा ज्यादा होने से मधुमेह की समस्या हो सकती है। इस समस्या से बचे रहने के लिए और रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को नियंत्रित करने के लिए सिंघाड़ा लाभदायक हो सकता है। जापान की एक शोध संस्था के अनुसार, सिंघाड़े के अर्क में पाया जाने वाला पॉलीफेनोल्स नामक घटक रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में कारगर हो सकता है। इस कारण सिंघाड़े के सेवन से मधुमेह जैसी अवस्था से बचा जा सकता है (1)।

5. एंटीऑक्सीडेंट और एंटीकैंसर गुणों से समृद्ध

सिंघाड़ा एंटीऑक्सीडेंट और एंटी कैंसर गुणों से समृद्ध होता है। इस संबंध में किए गए शोध में पाया गया कि सिंघाड़े में पाया जाने वाला एंटी कैंसर कुछ हद तक कैंसर से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट गुण मुंहे के खराब स्वाद, अनिद्रा, बीमारी, खांसी और थकान जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है (5)। यहां हम स्पष्ट कर दें कि कैंसर घातक बीमारी है। अगर कोई इस रोग की चपेट में है, तो उसे डॉक्टर से चेकअप करवा के इलाज करवाना चाहिए। सिर्फ सिंघाड़े को उपचार के रूप में उपयोग करने पर स्थिति गंभीर भी हो सकती है।

6. वजन नियंत्रित करने में मददगार

बढ़ते वजन और मोटापे के कारण कई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सिंघाड़े का सेवन मोटापे की समस्या को कुछ हद तक दूर करने में मदद कर सकता है। इसमें फाइबर और प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है (6)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, फाइबर और प्रोटीन को पचने में समय लगता है। इस कारण पेट भरा हुआ और भूख कम लगती है। साथ ही कुछ भी खाने का मन नहीं करता। इसके अलावा, अतिरिक्त वसा की खपत होती है और वजन कम होने लगता है (7)।

7. एंटी माइक्रोबियल गुण

बैक्टीरिया जैसे सूक्ष्मजीव शरीर में तेजी से फैलते हैं और कई प्रकार के संक्रमण व बीमारियों का कारण बन सकते हैं। ऐसे संक्रमण से लड़ने के लिए सिंघाड़ा फायदेमंद हो सकता है। इस संबंध में एक शोध किया गया है। इस शोेध में बताया गया है कि सिंघाड़े के अर्क में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकते हैं (8)।

8. पेट की समस्या से छुटकारा पाने के लिए

खराब खानपान के कारण कब्ज, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए सिंघाड़ा फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, इसमें कुछ मात्रा फाइबर की पाई जाती है (6)। फाइबर पाचन की समस्या को दूर करने में कारगर होता है। यह दस्त के साथ ही कब्ज की समस्या को भी कम कर सकता है। इससे पेट से संबंधित कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है (9)। साथ ही इसमें एंटी अल्सर गुण भी पाए जाते हैं, जो पेट के अल्सर से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकते हैं (10)।

9. गर्भावस्था में लाभदायक हो सकता है

सिंघाड़ा सामान्य लोगों के लिए तो फायदेमंद होता ही है, साथ ही गर्भावस्था में भी लाभकारी हो सकता है। गर्भावस्था में सिंघाड़े को खाने के संबंध में शोध किया गया है। इस शोध में पाया गया है कि सिंघाड़े के सेवन से गर्भावस्था में हाईपरटेंशन जैसी समस्या को दूर किया जाता सकता है। साथ ही इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व गर्भ में पल रहे भ्रूण के विकास में भी सहायक हो सकते हैं (11)। बेशक, वैज्ञानिक प्रमाण के अनुसार सिंघाड़ा गर्भावस्था में फायदेमंद है, लेकिन गर्भावस्था को सबसे नाजुक समय माना जाता है। इसलिए, कोई भी गर्भवती महिला इसका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

10. दांतों के लिए लाभकारी

दांतों को मजबूत बनाने के लिए भी सिंघाड़े का सेवन फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, सिंघाड़े में फास्फोरस की मात्रा पाई जाती है। फास्फोरस दांतों की मजबूती के लिए फायदेमंद हो सकता है। दांतों के साथ ही यह हड्डियों की मजबूती के लिए भी लाभकारी हो सकता है (12)।

11. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद

 सिंघाड़ा त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी हो सकता है। इसी संबंध में जयपुर के कुछ शोधकर्ताओं ने रिसर्च किया है। उनके अनुसार, सिंघाड़ा शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालकर रक्त को शुद्ध कर सकता है। इससे त्वचा पर निखार बना रहता है। सिंघाड़े को पानी में उबाल कर सेवन करने से खसरा जैसी अवस्था को कुछ कम किया जा सकता है। साथ ही इसके पाउडर से पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगाने से सूजन को ठीक करने में मदद मिल सकती है। त्वचा के साथ-साथ सिंघाड़ा बालों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। इनमें पोटैशियम, जिंक, विटामिन-बी व ई पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व बालों को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें चमकदार, लंबा व घना बनाने में लाभकारी हो सकते हैं (5)।

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सिंघाड़ा के फायदे के बाद यहां हम इसमें मौजूद पोषक तत्वों के बारे में बता रहे हैं।

सिंघाड़े के पौष्टिक तत्व – Water Chestnut Nutritional Value in Hindi

नीचे जानिए कि सिंघाड़ा में कौन-कौन से पोषक तत्व और कितनी मात्रा में पाए जाते हैं (6):

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
ऊर्जा64 kcal
प्रोटीन1.43 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट15.71 ग्राम
फाइबर5.7 ग्राम
शुगर2.86 ग्राम
सोडियम14 मिलीग्राम

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हम यहां बता रहे हैं कि किस प्रकार से और कितनी मात्रा में सिंघाडे़ का उपयोग करना चाहिए।

सिंघाड़े खाने के तरीके – How to Eat Water Chestnuts in Hindi

सिंघाडे़ का उपयोग कई प्रकार से कई व्यंजनों में किया जा सकता है। यहां हम इसके कुछ आसान तरीके बता रहे हैं।

  • सिंघाड़े को उबाल कर उसका छिलका निकालकर खा सकते हैं।
  • इसका जूस बना कर भी सेवन कर सकते हैं।
  • सिंघाड़े को सुखाने के बाद पाउडर बनाकर आटे के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। इसके आटे से रोटी, मिठाई और अन्य पकवान बनाए जाते हैं।
  • सिंघाड़ा पाक को इसकी सबसे स्वादिष्ट मिठाई के रूप में जाना जाता है।
  • इसके आटे को नमकीन के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, अलग-अलग स्थानों पर इसके विभिन्न प्रकार के व्यंजन भी बनाए जाते हैं।

मात्रा : सिंघाड़े के फायदे के लिए इसका उपयोग सीमित मात्रा में करें। अधिक मात्रा में किया गया सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। फिलहाल, इस संबंध में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, जिसके आधार पर कहा जा सके कि प्रतिदिन कितना सिंघाड़ा खाया जा सकता है।

आगे है कुछ खास

सिंघाडे़ से होने वाले नुकसान को जानना भी जरूरी है, जिसके बारे में लेख के अगले हिस्से में बताया जा रहा है।

सिंघाड़ा के नुकसान – Side Effects of Water Chestnut in Hindi

माना कि सिंघाड़ा खाने के फायदे हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसके नुकसान भी देखने को मिल सकते हैं, जो इस प्रकार हैं (11):

  • कब्ज से पीड़ित होने पर सिंघाड़े को न खाएं, क्योंकि इसमें पाया जाने वाला एस्ट्रिंजेंट (astringent) प्रभाव कब्ज की समस्या को और बढ़ा सकता है।
  • सिंघाड़ा खाने के बाद पानी पीना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
  • अधिक मात्रा में सेवन करने पर इससे पेट में दर्द व सूजन की शिकायत हो सकती है।
  • सिंघाड़े जल्दी खराब हो जाते हैं। अगर उनमें से बदबू आ रही है, तो इसका उपयोग न करें।

ताे दोस्तों, आपने इस आर्टिकल के माध्यम से सिंघाड़ा खाने के फायदे के साथ ही इसके उपयोग और नुकसान के बारे में विस्तार से पढ़ा। साथ ही आपने ऊपर उन समस्याओं के बारे में पढ़ा, जिन्हें सिंघाड़ा पूरी तरीके से ठीक तो नहीं कर सकता, लेकिन कुछ हद तक लाभकारी जरूर हो सकता है। चिकित्सक की सलाह पर आप सिंघाड़े को अपने दैनिक आहार में जरूर शामिल करें और इससे होने वाले फायदों का लाभ लें। साथ ही इससे होने वाले नुकसान से बचने के लिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।

Sources

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  1. Inhibitory effects of polyphenols from water chestnut (Trapa japonica) husk on glycolytic enzymes and postprandial blood glucose elevation in mice
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25038647/
  2. Trapa bispinosa Roxb.: A Review on Nutritional and Pharmacological Aspects
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3941599/
  3. Water chestnut
    https://hort.purdue.edu/newcrop/Crops/WaterChestnut.html
  4. Potassium lowers blood pressure
    https://www.health.harvard.edu/heart-health/potassium-lowers-blood-pressure
  5. Health Benefits of Scrumptious Water Chestnuts /Water Caltrop (Trapa natans L.)
    http://soeagra.com/iaast/iaast_sept2016/7a.pdf
  6. WATER CHESTNUTS
    https://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/1490453/nutrients
  7. A nonrestrictive, weight loss diet focused on fiber and lean protein increase
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/29704862/
  8. Antibacterial performance of fruit extracts of wild variety of Trapa quadrispinosa Roxb. found in Bangladesh
    http://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.655.2835&rep=rep1&type=pdf
  9. Dietary fiber in irritable bowel syndrome (Review)
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5548066/
  10. Trapa bispinosa Roxb.: A Review on Nutritional and Pharmacological Aspects
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3941599/
  11. Water caltrop : A potential crop of water bodies
    http://researchjournal.co.in/online/RKE/rkE%2011%20(2)/11_7-11_999999.pdf
  12. Wheat-water chestnut flour blends: effect of baking on antioxidant properties of cookies
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5223262/
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