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सिरदर्द का इलाज और 15 आसान घरेलू उपाय – Headache (Sir Dard) Home Remedies in Hindi

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सिरदर्द का इलाज और 15 आसान घरेलू उपाय – Headache (Sir Dard) Home Remedies in Hindi December 18, 2018

आजकल हर किसी के पास समय कम है और काम ज्यादा। ऐसे में लोग अपनी सेहत पर ध्यान नहीं देते और नतीजन शरीर छोटी-छोटी बीमारियों का घर बन जाता है। भले ही ये बीमारियां सामान्य लगती हों, लेकिन आगे चलकर गंभीर रूप ले लेती हैं। सिरदर्द भी इन्हीं बीमारियों में से एक है। कई बार सिरदर्द इतना बढ़ जाता है कि लोग सिरदर्द की दवा तक लेने लगते हैं। बाद में इन्हीं दवाइयों का बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए, दवा लेने से बेहतर है कि सिरदर्द के लिए घरेलू उपचार किए जाएं। आज इस लेख में हम सिरदर्द के कारण और सिरदर्द के लिए घरेलू उपचार आपको बता रहे हैं।

विषय सूची


सिरदर्द क्या है?

सिरदर्द के उपाय जानने से पहले यह जानना ज़रूरी है कि सिरदर्द क्या है और इसके लक्षण क्या है? सिरदर्द इंसान के तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम और गर्दन से जुड़ी परेशानी होती है। आमतौर पर जब आप किसी भावनात्मक या शारीरिक तनाव से गुज़रते हैं, तो यह समस्या शरीरिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आती है। ऐसे में न सिर्फ़ सिर, बल्कि गर्दन और पीठ में भी दर्द होने लगता है। आजकल सिरदर्द बहुत ही आम समस्या है, लेकिन वक़्त रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह परेशानी बढ़ भी सकती है।

आगे इस लेख में हम सिरदर्द के विभिन्न प्रकार आपको बता रहे हैं, जिन्हें जानकार आप सही घरेलू इलाज कर सकेंगे।

सिरदर्द के प्रकार – Types of Headache in Hindi

Types of Headache in Hindi Pinit

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अब वक़्त है सिरदर्द के प्रकार जानने का। ज़रूरी नहीं कि सारे सिरदर्द में डॉक्टर और चिकित्सा की ज़रूरत हो और यह भी ज़रूरी नहीं है कि सारे सिरदर्द सामान्य हों। इसलिए, हम नीचे कुछ सिरदर्द के प्रकारों के बारे में बता रहे हैं।

1. तनाव से होने वाला सिरदर्द

यह सबसे सामान्य रूप से होने वाला सिरदर्द है। इस तरह के सिरदर्द में व्यक्ति अपने सिर के दोनों तरफ़ तेज़ दर्द महसूस करता है, जैसे कोई दोनों ओर से सिर में रबर बैंड से दबा रहा हो। ऐसे सिरदर्द की वजह से गर्दन व कंधे की मांसपेशियां काफ़ी कड़ी हो जाती हैं और सूजन महसूस होती है।

कारण : इस तरह का दर्द तनाव, नींद की कमी या सिर पर चोट लगने से होता है।

नोट : तनाव संबंधी सिरदर्द ठंडी हवा के संपर्क में आने से भी हो सकता है। जब सर्दी आती है और ठंडी हवा चलती है या एयर-कंडीशन के संपर्क में आने से जब हवा आपके गर्दन और सिर पर लगती है, इस स्थिति में भी यह सिरदर्द हो सकता है। टेंशन से होने वाले सिरदर्द में फिज़ियोथेरेपी काफ़ी लाभदायक हो सकती है (1)।

2. माइग्रेन

माइग्रेन में होने वाला दर्द सिर के एक तरफ होता है, जिसे इसे अधकपारी भी कहते हैं। इस सिरदर्द में मरीज़ को मितली, उल्टी और रोशनी से परेशानी हो सकती है। इसमें मरीज़ को सिर में कोई चीज चुभने जैसा दर्द होता है।

कारण : यह सिरदर्द तेज़ सुगंध, सोने की मुद्रा में परिवर्तन, हार्मोंस में बदलाव, शराब के सेवन, तनाव या फिर तेज़ आवाज़ के कारण हो सकता है।

नोट : इसके अलावा यह सिरदर्द कुछ ख़ास तरीकों के खाद्य पदार्थों के सेवन से भी होता है, जैसे – चॉकलेट, डेयरी उत्पाद, मूंगफल व सिट्रस वाले फल (2)।

3. क्लस्टर सिरदर्द

इस तरह का सिरदर्द काफ़ी तीव्र और पीड़ादायक होता है। क्लस्टर सिरदर्द एक दिन में कई बार हो सकता है, लेकिन ज़्यादा देर के लिए नहीं होता है। कभी-कभी यह किसी एक वक़्त पर ही शुरू होता है, जैसे – अगर यह सुबह शुरू हुआ, तो कुछ वक़्त तक रोज़ सुबह ही होगा। यह दर्द सिर के किसी एक साइड और एक आख में हो सकता है, क्योंकि यह चेहरे के किसी नर्व पर भी प्रभाव डालता है।

कारण : यह गर्मी, थकावट, धूम्रपान, शराब का सेवन और ज़्यादा या तेज़ रोशनी के वजह से हो सकता है (3)।

4. साइनस सिरदर्द

साइनस में दर्द सिर के आगे के हिस्से में और चेहरे पर महसूस होता है। इस तरह का सिरदर्द तब होता है, जब गाल, नाक, सिर व् आंखों में साइनस कैविटी हो जाती है। यह सिरदर्द तब और ज़्यादा तीव्र हो जाता है, जब सुबह उठने के बाद इंसान आगे की ओर झुकता है या सिर को झुकाता है।

कारण : यह सिरदर्द तब होता है जब ठंड पड़ती है, ठंडी हवाएं चलती हैं, सर्दी-ज़ुकाम होता है, बुख़ार होता है, धूल-मिट्टी व ज़्यादा प्रदूषण होता है या फिर कोई संक्रमण होता है (4)।

सिरदर्द के प्रकार जानने के बाद यह ज़रूरी है कि आप सिरदर्द के कारण भी जान लें।

सिरदर्द के कारण – Causes of Headache in Hindi

ऊपर हमने चार तरह के सिरदर्द के बारे में बताया है। अब यह जान लेते हैं कि सिरदर्द के मुख्य कारण क्या होते हैं। नीचे हम कुछ सामान्य, लेकिन गंभीर कारणों के बारे में आपको बता रहे हैं, जिन पर आपने शायद ही कभी ध्यान दिया हो।

  1. तनाव
  2. सिर पर चोट लगने से
  3. भूखे रहने से
  4. ज़्यादा तीव्र आवाज़ से
  5. ज़्यादा तीव्र रोशनी से
  6. ठंडी हवा से
  7. ज़्यादा गर्मी से
  8. हार्मोनल बदलाव होने से
  9. माइग्रेन, साइनस जैसी बीमारी होने से
  10. नींद पूरी न होने से
  11. थकावट से
  12. बुखार या ठंड लगने से
  13. आंखों की समस्या होने से
  14. ज़्यादा देर फोन पर बात करने से
  15. कोई गंभीर बीमारी होने से
  16. धूल-मिट्टी या प्रदूषण के संपर्क में आने से
  17. ज़्यादा देर तक टीवी, कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करने से
  18. ज़रूरी पोषक तत्व न लेने से

सिरदर्द के घरेलू इलाज – Home Remedies for Headache in Hindi

ये तो थे कुछ कारण जिनसे सिरदर्द होता है। ऐसे में अगर बार-बार सिरदर्द की दवा ली जाए तो यह सेहत के लिए अच्छा नहीं है। ऐसे में ज़रूरी है कि आप कुछ ऐसे उपाय करें, जिसका आपकी सेहत पर बुरा असर भी न पड़े और आपका सिरदर्द भी ठीक हो जाए। इसलिए, नीचे हम सिरदर्द के लिए घरेलू उपचार आपको बता रहे हैं, जिससे न सिर्फ़ आपको सिरदर्द में आराम मिलेगा, बल्कि आप पर कोई बुरा प्रभाव भी नहीं पड़ेगा।

1. ठंडा या गर्म सेंक

Cold or warm Compress for Headache in Hindi Pinit

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कई बार ज़्यादा ठंड या गर्मी होने से सिरदर्द होने लगता है। ऐसे में तुरंत सिरदर्द की दवा लेने से अच्छा है कि आप सिरदर्द के लिए घरेलू उपचार करें। सिकाई उन्हीं उपचारों में से एक है।

सामग्री

  • बर्फ के टुकड़े
  • गर्म पानी
  • आइस बैग
  • हॉट वॉटर बैग

कैसे उपयोग करें ?

  • अगर आपको गर्मी के दिनों में सिरदर्द की परेशानी हो रही है, तो बर्फ के टुकड़ों को आइस बैग में भरकर अपने माथे, गर्दन और पीठ पर 10 से 15 मिनट के लिए रखें।
  • अगर आपके पास आइस बैग नहीं है, तो बर्फ के टुकड़ों को किसी कपड़े में बांधकर, उसे दर्द वाली जगह पर थोड़ी-थोड़ी देर के लिए रखें।
  • अगर आपको ठंड के दिनों में सिरदर्द हो रही है, तो आप पानी को गुनगुना करके हॉट वॉटर बैग में डालकर उससे सेंक लें।
  • अगर हॉट वॉटर बैग नहीं है, तो तौलिये या फिर साफ़ कपड़े को गर्म पानी में भिगोकर उससे दर्द वाली जगह पर सेंक लें।

कैसे फायदेमंद है ?

सिरदर्द तब होता है जब आपके सिर की मांसपेशियां और रक्त वाहिकाएं संकुचित होने लगती हैं। ऐसे में सिकाई करने से मांसपेशियों और रक्त वाहिकाओं को आराम मिलने लगता है। इससे रक्त प्रवाह सामान्य होता है और सूजन कम होती है, जिससे दर्द कम होने लगता है। ठंडा सेंक माइग्रेन के सिरदर्द में ज़्यादा फायदेमंद साबित होता है (5)। इसके अलावा कुछ सिरदर्द में गर्म सेंक की ज़रूरत होती है, जब गर्म सेंक लेते हैं, तो रक्त प्रवाह बढ़ जाता है और दर्द कम होने लगता है (6)।

2.अदरक

सामग्री

  • चार छोटे-छोटे अदरक के टुकड़े
  • तीन कप पानी

बनाने की विधि

  • एक बर्तन में पानी उबालें।
  • अदरक के टुकड़ों को घिसकर उबलते पानी में डाल दें।
  • अब इस उबलते पानी को थोड़ी देर के लिए ढक दें।
  • थोड़ी देर बाद मिश्रण को छान लें और गरमा-गर्म पिएं।
  • आप एक दिन में एक या दो कप इस मिश्रण का सेवन कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

वैसे तो अदरक सिरदर्द को कम कर सकता है, लेकिन यह सबसे ज़्यादा माइग्रेन में असरदार होता है (7) (8) (9)। इसके अलावा] यह मितली की परेशानी को भी कम करता है। यह घरेलू नुस्खा काफ़ी कम वक़्त में सिरदर्द का इलाज कर सकता है।

नोट : अदरक का अधिक सेवन आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए, इसका सीमित मात्रा में सेवन करें।

3. तुलसी

Basil for Headache in Hindi Pinit

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तुलसी को वर्षों से औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। सिर्फ़, सर्दी-ज़ुकाम ही नहीं, बल्कि सिरदर्द में भी तुलसी काफ़ी फायदेमंद है।

सामग्री

  • एक या दो बूंद तुलसी का तेल
  • एक या दो चम्मच अन्य तेल जो आपको सूट करे (कैरियर ऑयल)

कैसे उपयोग करें ?

  • तुलसी के तेल को अन्य तेल के साथ मिलाएं।
  • अब इस तेल के मिश्रण को रूई की मदद से या अंगुलियों पर लगाकर माथे और गर्दन पर हल्की-हल्की मालिश करें।
  • फिर इसे कुछ घंटों के लिए छोड़ दें।
  • इससे आपको आराम मिलेगा।
  • अधिक दर्द होने पर हर कुछ घंटों में इसे लगा सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

यह तेल आपकी मांसपेशियों में तनाव व अकड़न को दूर करता है। इसे दर्द वाले जगह पर लगाने से काफ़ी हद तक आराम मिलेगा। इसके एंटी-माइक्रोबियल गुण सिरदर्द से राहत दिलाते हैं (10)। यह तनाव और माइग्रेन के लिए बहुत ही फायदेमंद है।

4. पुदीने का तेल

पुदीने के साथ-साथ उसका तेल भी फायदेमंद है। सिरदर्द में पुदीने का तेल काफ़ी लाभकारी होता है।

सामग्री

  • एक या दो बूंद पुदीने का तेल
  • एक चम्मच जैतून या नारियल तेल

कैसे उपयोग करें ?

  • दोनों तेल को मिला लें और इससे अपने माथे पर मालिश करें।
  • दर्द के दौरान आप थोड़े-थोड़े अंतराल में इस मिश्रण से मालिश करते रहें।

कैसे फायदेमंद है ?

यह तेल आपको दर्द से राहत देगा और ठंडक का एहसास दिलाएगा। जब आप इस तेल को अपने माथे पर लगाएंगे, तो यह सिरदर्द से तुरंत आराम दिलाएगा। यह मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन को बढाकर मांसपेशियों के संकुचन को रोकता है। यह तनाव से होने वाले सिरदर्द में बहुत ही फायदेमंद है (11)। पुदीने में मेंथोल भी होता है, जो सिरदर्द से राहत दिला सकता है और माइग्रेन में लाभकारी होता है (12) (13)।

5. रोज़मेरी तेल

यह तेल बाज़ार या फिर ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध है। नीचे हम इस तेल को इस्तेमाल करने का तरीका बता रहे हैं।

सामग्री

  • दो-तीन बूंद रोज़मेरी तेल

कैसे उपयोग करें ?

  • तेल को अपने हाथों पर लें और मुंह व नाक के पास ले जाएं।
  • फिर बार-बार सांस लें और छोड़ें या फिर तेल की खुशबू को सूंघे।

कैसे फायदेमंद है ?

रोज़मेरी तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी होता है, जो सिरदर्द से आराम देता है (14) (15)। यह हल्का होता है और दर्द पर कुछ ही देर में असर करने लगता है। यह तेल साइनस व हार्मोन में बदलाव के वक़्त होने वाले सिरदर्द से आराम दिला सकता है। इस तेल से अनिद्रा की परेशानी भी काफ़ी हद तक कम हो सकती है।

6. लौंग

घंटों काम करना या किसी तनाव के कारण सिरदर्द होना आम बात होती है। ऐसे में लौंग का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है। दांत दर्द के लिए लौंग का उपयोग सब जानते हैं, लेकिन सिरदर्द के लिए भी लौंग काफ़ी फायदेमंद है। लौंग में चमत्कारी दर्द-निवारक गुण होते हैं।

सामग्री

  • कुछ लौंग के टुकड़े
  • लौंग का तेल
  • बादाम या नारियल तेल

कैसे उपयोग करें ?

  • लौंग को एक कपड़े या रूमाल में बांधकर दर्द के दौरान सूंघ सकते हैं।
  • इसके अलावा, एक या दो चम्मच लौंग के तेल को बादाम या नारियल तेल में मिलाकर माथे पर लगाएं।
  • अधिक दर्द होने पर कुछ घंटो के अंतराल में इस मिश्रण से लगातार अपने माथे पर मालिश करें।
  • इससे आपको सिरदर्द से राहत मिलेगी।

कैसे फायदेमंद है ?

लौंग का तेल सिरदर्द में गुणकारी घरेलू उपाय है। इससे थोड़े देर के लिए ही सही, लेकिन सिरदर्द से राहत मिलती है। यह प्राकृतिक तौर से एंटी-इंफ्लेमेटरी व एंटीसेप्टिक तो है ही, साथ ही इसमें अन्य कई पोषक तत्व भी मौजूद हैं। यह न सिर्फ़ सिरदर्द का इलाज करता है, बल्कि तनाव की परेशानी को भी कम करता है (16)।

7. लैवेंडर ऑयल

Lavender oil for Headache in Hindi Pinit

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लैवेंडर की खुशबू तो हर किसी को मोहित कर देती है, लेकिन इसका तेल भी काफ़ी गुणकारी है। यह सिरदर्द में रामबाण का काम करता है।

सामग्री

  • एक या दो चम्मच लैवेंडर ऑयल

कैसे उपयोग करें ?

  • इस तेल को आप कई तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • आप इस तेल को कपड़े या रूमाल में लगाकर सूंघ सकते हैं।
  • इस तेल से माथे, गर्दन व पीठ पर मालिश कर सकते हैं।
  • आप इस तेल को सोने से पहले लगाएं, ताकि आपको अच्छी नींद आए।

कैसे फायदेमंद है ?

इस तेल को सूंघने से सिरदर्द में काफ़ी आराम मिलता है। इसमें लिनलील एसीटेट (linalyl acetate) और लिनालूल (linalool) होता है, जो सिरदर्द को कम करता है। यह काफ़ी हल्का होता है, इसलिए यह तेल बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी लगा सकती हैं (17)। यह माइग्रेन में सबसे ज़्यादा प्रभावशाली है। इसकी मनमोहक खुशबू तनाव, चिंता, निराशा और नींद की कमी की परेशानी को बहुत हद तक कम कर सकती है।

नोट – अगर आप चाहते हैं कि यह तेल और अच्छे से अपना प्रभाव डाले, तो आप एक बर्तन में पानी को उबालें और उस उबलते पानी में लैवेंडर के तेल की कुछ बूंदें डालकर भाप लें। इससे आपको काफ़ी आराम मिलेगा।

8. कैमोमाइल चाय

जब भी सिरदर्द होता है, तो सबसे पहले चाय-कॉफ़ी याद आती है। ऐसे में अगर कैमोमाइल चाय का सेवन किया जाए, तो बहुत हद तक सिरदर्द ठीक हो सकता है।

सामग्री

  • एक कैमोमाइल टी बैग (बाज़ार में या ऑनलाइन उपलब्ध है)
  • एक कप या एक गिलास गर्म पानी
  • शहद

कैसे बनाए और सेवन करें ?

  • एक कप गर्म पानी में कैमोमाइल टी बैग को भिगोएं।
  • अब इसमें स्वादानुसार शहद मिलाएं (अगर आपकी इच्छा हो तो)
  • फिर इसे अच्छे से मिलाकर इस चाय को गरमा-गर्म पिएं।
  • कोशिश करें कि सिरदर्द के दौरान शोर-शराबे से दूर रहें।

कैसे फायदेमंद है ?

कैमोमाइल टी में कुछ ऐसे गुण और यौगिक हैं, जो दर्द को कम कर सकते हैं और मस्तिष्क को शांत करते हैं। इसमें बीसाबोलोल (Bisabolol) पाया जाता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं (18)। इसके अलावा, कैमोमाइल का तेल भी माइग्रेन में फायदेमंद है (19)।

9. पुदीने की चाय

Mint tea for Headache in Hindi Pinit

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पुदीने से खाने का स्वाद तो बढ़ाता ही है, साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। अगर आपको सिरदर्द की परेशानी है, तो आप पुदीने की चाय पी सकते हैं। नीचे हम पुदीने की चाय की रेसिपी आपको बता रहे हैं।

सामग्री

  • कुछ पुदीने के पत्ते
  • काला नमक
  • काली मिर्च
  • पानी

बनाने की विधि

  • आप एक बर्तन में पानी उबालें और उबलते पानी में पुदीने के पत्ते, काला नमक व काली मिर्च डालकर उबालें।
  • फिर इस चाय को छानकर गरमा-गर्म पिएं।

कैसे फायदेमंद है ?

पुदीना बहुत ही ठंडा होता है और इसकी चाय सिरदर्द में काफ़ी असरदार हो सकती है। पुदीने के एंटी-ऑक्सीडेंट गुण और इसमें मौजूद मेंथोल (20) न सिर्फ़ सिरदर्द से आराम दिला सकते हैं, बल्कि तनाव को भी दूर कर मन को शांत कर सकते हैं। मेंथोल माइग्रेन में भी फायदेमंद हो सकता है (21)।

10. ग्रीन-टी

आजकल ग्रीन-टी का सेवन आम हो चुका है। इसके कई फायदों और गुणों के कारण लगभग हर कोई इसका सेवन कर रहा है। ग्रीन-टी सिरदर्द में भी काफ़ी फायदेमंद होता है।

सामग्री

  • ग्रीन-टी के पत्ते या ग्रीन-टी बैग

कैसे बनाए और उपयोग करें ?

  • ग्रीन-टी के पत्ते को या ग्रीन-टी के बैग को एक कप उबलते पानी में डालें।
  • फिर इसे छानकर गरमा-गर्म पीएं।
  • आप इसमें स्वाद के लिए थोड़ा नींबू का रस और शहद भी मिला सकते हैं।
  • स्वस्थ रहने के लिए हर रोज़ दो कप ग्रीन-टी का सेवन कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

ग्रीन-टी में सीमित मात्रा में मौजूद कैफीन मस्तिष्क में रक्त प्रवाह में सुधार करता है और इससे सिरदर्द में आराम मिलता है। इससे न सिर्फ सिरदर्द की परेशानी ठीक होती है, बल्कि वज़न भी संतुलित रहता है, लेकिन अत्याधिक कैफीन का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है, इसलिए इसका सीमित मात्रा में सेवन करें (22)।

11. लाल मिर्च

लाल मिर्च का तड़का अगर खाने में लग जाए, तो खाने का स्वाद बढ़ जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि लाल मिर्च से आपका सिरदर्द भी ठीक हो सकता है ? हां, आप सिरदर्द के लिए लाल-मिर्च का उपयोग कर सकते हैं।

सामग्री

  • चुटकीभर या आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • एक गिलास गर्म या गुनगुना पानी

कैसे उपयोग करें?

  • आप एक गिलास गर्म या गुनगुने पानी में चुटकीभर या आधा चम्मच, जितना आप पी सकें, उतना मिर्ची पाउडर डालकर मिश्रण तैयार कर लें।
  • फिर इसे पी जाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

लाल मिर्ची दर्द निवारक की तरह काम करती है। इसमें कैपेनिसिन नामक यौगिक होता है, जिससे मिर्ची तीखी होती है। कैपेनिसिन दर्द को कम करने का भी काम करता है (23)। ऐसे में अगर लाल मिर्च का सेवन किया जाए, तो सिरदर्द से भी राहत मिल सकती है।

12. चंदन

यह तो सभी जानते हैं कि चंदन त्वचा पर निखार लाता है, लेकिन यह सिरदर्द में भी बहुत फायदेमंद है।

सामग्री

  • चंदन पाउडर
  • पानी
  • चंदन का तेल

कैसे उपयोग करें ?

  • थोड़ा-सा चंदन पाउडर और पानी मिलाकर एक पेस्ट बना लें।
  • फिर इस पेस्ट को अपने माथे पर थोड़ी देर के लिए लगा रहने दें और सूखने पर धो लें।
  • अगर पेस्ट नहीं लगाना चाहते, तो आप चंदन के तेल (बाज़ार या ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध हैं) को अपने माथे पर लगाएं।
  • आप चंदन के तेल को सूंघ भी सकते हैं।
  • इसके अलावा, आप गर्म पानी में चंदन के तेल की कुछ बूंदें डालकर भाप भी ले सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

चंदन की खुशबू काफ़ी मनमोहक होती है और यह ठंडा भी होता है। ऐसे में सिरदर्द के दौरान इसे अगर लगाया जा सके या इसकी खुशबू ली जाए, तो सिरदर्द कम हो सकता है। हालांकि, अभी तक इसका कोई ठोस प्रमाण साबित नहीं हुआ है, भारतीय पुराणों में इसके गुणों के बारे में विस्तार से लिखा गया है।

13. पान के पत्ते

खाने के बाद पान का सेवन बहुत लोग करते हैं ,लेकिन यही पान के पत्ते आपका सिरदर्द भी ठीक कर सकते हैं।

सामग्री

  • 4 से 5 पान के पत्ते
  • कपूर के तेल की कुछ बूंदें
  • पानी

कैसे उपयोग करें ?

  • पान के पत्तों को पानी के साथ पीसकर उसमें कपूर का तेल मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण को अपने माथे पर लगाएं और 10 से 15 मिनट के लिए रहने दें।

कैसे फायदेमंद है ?

पान के पत्तों में एनाल्जेसिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है (24)। साथ ही यह ठंडा भी होता है, जिससे आपको ठंडक मिलेगी। वहीं, कपूर दर्द निवारक बाम में काफ़ी इस्तेमाल किया जाता है।

14. एक्यूप्रेशर

एक्यूप्रेशर सदियों से कई तरह के दर्द के लिए किया जाने वाला परीक्षण है। सिरदर्द से राहत प्रदान करने के लिए भी एक्यूप्रेशर काफ़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सिरदर्द से छुटकारा पाने के लिए हमारे शरीर में कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट होते हैं, जिन पर प्रेशर देना होता है और यहां हम इन पॉइंट्स के बारे में बता रहे हैं।

  • आईब्रो के बीच में – दोनों आईब्रो के बीच की जगह। आसान शब्दों में कहें, तो बिंदी लगाने की जगह।
  • आईब्रो के नीचे – यह जगह आईब्रो के नीचे आंखों के कोने में होती है।
  • हाथ का पॉइंट – यह अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के ठीक बीच का पॉइंट होता है।
  • पैर का पॉइंट – पैर के अंगूठे और दूसरी अंगुली के बीच नीचे की जगह।

जब भी सिरदर्द हो, तो इन पॉइंट्स को हल्का-हल्का दबाएं। इन बिंदुओं पर दबाव पड़ने से रक्त संचार अच्छा होता है और मांसपेशियाें की अकड़न कम होती है। ऐसा करने से सिरदर्द में आराम मिलता है। साथ ही तनाव और माइग्रेन से भी राहत मिलती है (25)।

सावधानी : अगर आप गर्भवती हैं, तो हाथ के पॉइंट पर दबाव न डालें, क्योंकि ऐसा करने से गर्भाशय में संकुचन हो सकता है। इसके अलावा, एक्यूप्रेशर की विधि किसी एक्सपर्ट की देखरेख में ही करें।

15. कॉफ़ी

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आजकल लगभग हर कोई चाय और कॉफ़ी का आदि बन गया है। चाय और कॉफ़ी शरीर में ऊर्जा बढ़ाकर ताज़गी भर देते हैं। साथ ही कॉफ़ी पीने से सिरदर्द में भी कुछ आराम मिलता है। कॉफ़ी में मौजूद कैफीन सिरदर्द में बहुत प्रभावशाली होता है। इसलिए, कह सकते हैं कि कैफीन दर्द निवारक की तरह काम करता है (26), लेकिन इसका लगातार सेवन सिरदर्द को बढ़ा भी सकता है। इसलिए, अगर आप सीमित मात्रा में कॉफ़ी का सेवन करते हैं, तो आपको सिरदर्द में काफ़ी राहत मिल सकती है (27) (28)।

सिरदर्द के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं – Diet for Headache in Hindi (Include what to eat and what not to eat both)

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सिरदर्द में सिर्फ़ घरेलू उपाय ही नहीं, बल्कि खाने-पीने का भी ख़ास ध्यान रखना चाहिए। आप जो खाते हैं, उसका सीधा असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ता है, इसलिए यह ज़रूरी है कि आप अपने खानेपीने का भी ध्यान रखें। नीचे हम कुछ आहार बता रहे हैं, जिनका सेवन आपको करना चाहिए और कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में भी बता रहे हैं, जिनका सेवन आपको नहीं करना चाहिए।

क्या खाएं ?

  1. हरी पत्तेदार सब्ज़ियां – हरी सब्ज़ियां अपने भोजन में ज़रूर शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्ज़ियों में मौजूद पोषक तत्व आपके स्वास्थ्य को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं और सिरदर्द से आराम देना उन्हीं में से एक लाभ है। जिन्हें माइग्रेन की शिकायत होती है, उन्हें हरी पत्तेदार सब्ज़ियां खाने की काफ़ी ज़रूरत होती है, क्योंकि इनमें मैग्नेशियम पाया जाता है और माइग्रेन के मरीज़ों के लिए मैग्नेशियम काफ़ी ज़रूरी होता है।
  1. खूब पानी पिएं – पानी शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ज़रूरी है, लेकिन कई लोग इस बात को भूल जाते हैं और पानी कम पीते हैं। शरीर में पानी की कमी होने से कई तरह की बीमारियां होती है और सिरदर्द उन्हीं में से एक है (29)। इसलिए ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिएं और जब भी आप बाहर जाएं, तो अपने से साथ एक पानी की बोतल ज़रूर रखें, ताकि प्यास लगते ही पानी पी सकें।
  1. पोषक तत्वों वाले आहार – पोषक तत्व] जैसे – विटामिन-डी, मैग्नीशियम और कैल्शियम युक्त आहार का सेवन करें। इससे माइग्रेन और पीरियड्स के पहले होने वाले सिरदर्द से काफ़ी हद तक आराम मिलेगा (30) (31)। इसके लिए आप दूध, अंडा व सोया प्रोडक्ट का सेवन कर सकते हैं।
  1. चाय-कॉफ़ी – अगर आपको दूध पीना पसंद नहीं, तो आप नियमित मात्रा में चाय या कॉफ़ी का भी सेवन कर सकते हैं। इससे आपको दूध का पोषण भी मिलेगा और कैफीन से आपका सिरदर्द भी ठीक रहेगा, लेकिन याद रहे कि आप कैफीन का ज़रूरत से ज़्यादा सेवन न करें, नहीं तो सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है।
  1. सलाद खाएं –  खाने में सलाद को जरूर शामिल करें, जैसे – खीरा, गाजर व टमाटर आदि। इसके अलावा, फलों की सलाद भी खा सकते हैं, जिसमें आप तरबूज़, केला व सेब जैसे फल शामिल कर सकते हैं।

क्या न खाएं

  1. ज़्यादा तैलीय खाद्य पदार्थ या बाहर का खाना न खाएं।
  2. ज़्यादा चॉकलेट या मीठा न खाएं (32)।
  3. शराब का सेवन न करें।
  4. धूम्रपान न करें।
  5. सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन न करें।
  6. सिट्रस फल जैसे – संतरे व नींबू का सेवन कम करें।
  7. चीज़ का सेवन ज़्यादा न करें।

सिरदर्द के लिए योगासन – Yoga for Headache in Hindi

सिरदर्द के लिए घरेलू उपचार और संतुलित खानपान के साथ-साथ शारीरिक क्रिया, योग व व्यायाम भी जरूरी है। कुछ योग होते हैं जिससे सिरदर्द के उपाय हो सकते हैं। यहां हम कुछ ऐसे ही योगासानों के बारे में बता रहे हैं, जिसे करने से आपको सिरदर्द की समस्या से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

1. पद्मासन या कमल आसन

 Padmasana or Kamal Asana for Headache in Hindi Pinit

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यह बहुत ही आसान और फायदेमंद योगासन है। आप ज़मीन पर योग मैट बिछाकर उस पर बैठ जाएं। खुद को सीधा रखें और आंखें बंद कर लें व हल्की-हल्की सांस लेते रहें। इस योगासन को करने से मन शांत रहता है व सिरदर्द से राहत मिलती है।

2. अर्द्ध पिंचा मयूरासन

Arddh pincha mayooraasan for Headache in Hindi Pinit

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अर्द्ध पिंचा मयूरासन को डॉलफिन पोज़ भी कहते हैं। इस आसान को करने के दौरान आप पहले सीधे खड़े हो जाएं और फिर धीरे-धीरे घुटने टेकने की मुद्रा में आगे की ओर झुकें। अब अपनी कोहनी, हथेली व अंगुलियों को ज़मीन पर रखें। इस मुद्रा में आने के बाद आप धीरे-धीरे अपने पीठ, पैर और हिप्स को ऊपर की ओर उठाएं। ध्यान रहे कि आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी रहे। इसी मुद्रा में रहते हुए गहरी सांस लें और छोड़ें। इस आसान को करने से आपकी सिर और गर्दन को काफ़ी आराम मिलेगा और दर्द भी दूर होगा।

3. मार्जरी आसन

Maarjaree aasan for Headache in Hindi Pinit

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मार्जरी आसन को कैट पोज़ भी कहते हैं। यह आसन ज़्यादा मुश्किल नहीं है। इसमें आप दोनों घुटनों और हाथों के बल बिल्ली की मुद्रा में आ जाएं। अब सांस लेते हुए सिर को ऊपर की तरफ ले जाएं और कमर को नीचे की तरफ दबाएं। इसके बाद सांस छोड़ते हुए सिर को नीचे ले जाएं व ठोड़ी को छाती से लगाने की कोशिश करें और साथ ही कमर को ऊपर की तरफ उठाएं। इससे आपकी गर्दन, पीठ व कंधे को आराम मिलेगा और लचक आने के साथ-साथ दर्द भी कम होगा।

4. शवासन

Shavaasan for Headache in Hindi Pinit

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यह सबसे अंत में किया जाने वाला योग है। इसमें आप ज़मीन पर मैट बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं और आंखें बंद कर लें। फिर धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें। इससे आपका मन शांत होगा, तनाव कम होगा और पीठ, कमर व सिरदर्द से आराम मिलेगा।

अगर आप ये योगासन नियमित रूप से करते हैं, तो आपको सिरदर्द की परेशानी से आराम मिल सकता है। इन योगासनों को करते वक़्त सावधानी ज़रूर बरतें और कोशिश करें कि किसी एक्सपर्ट की देखरेख में ही करें। इसके अलावा, अगर आपको कंधे, गर्दन या पीठ में कोई चोट या दर्द है, तो ये योगासन योग गुरु से पूछकर ही करें।

सिरदर्द से बचाव – Prevention Tips for Headache in Hindi

सिरदर्द के लिए घरेलू उपचार, खानपान व योग के अलावा कुछ अन्य आदतें भी होती हैं, जिससे सिरदर्द से बचाव हो सकता है। आपकी जीवनशैली भी आपके स्वास्थ्य पर बहुत प्रभाव डालती है, इसलिए ज़रूरी है कि आप अपनी रोज़ की आदतों और जीवनशैली में कुछ बदलाव करें। नीचे हम ऐसे ही कुछ आदतों के बारे में आपको बता रहे हैं।

1. नींद पूरी करें

सिरदर्द के कारणों में सबसे पहला नंबर है नींद पूरी न होना। आजकल लोगों में अनिद्रा की परेशानी बढ़ती जा रही है। मन में कई तरह के उथल-पुथल और तनाव के कारण लोग देर रात तक जागते हैं। वक़्त पर न सोना और जल्दी उठ जाना और फिर पूरे दिन नींद में रहने से भी सिरदर्द होता है। इसलिए, ज़रूरी है कि आप सही वक़्त पर सोएं और सही वक़्त पर उठें।

2. भूखे न रहें

बहुत देर तक खाना न खाने से या भूखे रहने से भी सिरदर्द होता है। ऐसे में सही वक़्त पर खाना खाएं और किसी भी वक़्त का आहार न छोड़ें।

3. तेल मालिश

हफ़्ते में कम से कम एक बार सिर की मालिश जरूर करें। इससे न सिर्फ आपके बाल अच्छे होंगे, बल्कि आप सिरदर्द की समस्या से भी बचे रहेंगे। आप अपने पसंद का कोई भी तेल, जैसे- नारियल, बादाम या जैतून को मालिश के लिए उपयोग कर सकते हैं। सिर्फ सिर पर ही नहीं आप गर्दन व कंधो पर भी मसाज कर सकते हैं। इससे आपको आराम मिलेगा।

4. ध्यान

योग और व्यायाम के साथ-साथ मेडिटेशन भी ज़रूरी है। जब भी वक़्त मिले आप थोड़ी देर के लिए ध्यान लगाएं। सुबह व शाम के वक़्त ध्यान लगाना ज्यादा फायदेमंद रहता है। इससे न सिर्फ तनाव कम होगा, बल्कि मन भी शांत रहेगा।

5. सही मुद्रा में सोना और बैठना

सोने और बैठने की सही मुद्रा भी बहुत ज़रूरी है। इसलिए, सोने के वक़्त कोशिश करें कि तकिये के बिना सोएं। अगर तकिये का इस्तेमाल कर भी रहे हैं, तो वह न तो ज़्यादा ऊंचा हो और न ही मोटा हो। इसके अलावा, जब आप कुर्सी पर बैठें, तो ध्यान रहे कि आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए।

6. तुरंत सिरदर्द की दवा न लें

कई लोगो की आदत होती है कि हल्के सिरदर्द में भी दवा ले लेते हैं और फिर धीरे-धीरे उन्हें आदत हो जाती है। ऐसे में ज़रूरी है कि पहले सिरदर्द के कारण को जानें और फिर उसी के अनुसार कुछ घरेलू उपाय करें। अगर तब भी ठीक न हो तो डॉक्टर से जांच करवाएं, लेकिन खुद से दवा न लें।

7. शोर-शराबे से दूर रहें

ज़्यादा ज़ोर से म्यूजिक न सुनें और अगर आप हैडफ़ोन का इस्तेमाल कर रहे हो, तो भी साउंड तेज़ न करें। ज़्यादा शोर-शराबे से भी सिरदर्द की समस्या हो सकती है।

8. टीवी, फ़ोन, कंप्यूटर या लैपटॉप से दुरी

अगर आप टीवी देखने के आदि हैं, तो आप टीवी देखने का एक सीमित वक़्त तय कर लें, न कि पूरे दिन टीवी देखें। रात को सोने से पहले फ़ोन को अपने से दूर रखें और उस समय फ़ोन का इस्तेमाल न करें। अगर आप ऑफिस में काम कर रहे हैं, तो लगातार लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने न बैठें, बल्कि थोड़ी-थोड़ी देर का ब्रेक लें।

अब सिरदर्द की दवा लेने से पहले ऊपर दिए गए, घरेलू उपचार को अपनाकर फर्क देखें और नीचे कमेंट बॉक्स में अपने अनुभव हमारे साथ ज़रूर शेयर करें। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि अगर आपका सिरदर्द लगातार और बार-बार हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। हमेशा याद रखें कि आपकी सेहत आपके हाथों में है। इसलिए, कभी भी अपने स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न बरतें।

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