स्लीप पैरालिसिस (नींद पक्षाघात) के कारण, लक्षण और इलाज – Sleep Paralysis in Hindi

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नींद न आना, नींद में चलना, सोते वक्त सपने देखना या कुछ अजीब या डरावने सपने देखने की बात अक्सर सुनने को मिल जाती है। ये सभी नींद से जुड़े विकार होते हैं। इन्हीं विकारों में शामिल है स्लीप पैरालिसिस यानी नींद पक्षाघात। देखा जाए तो कई लोग अभी तक स्लीप पैरालिसिस की समस्या के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं। ऐसे में हमने सोचा क्यों न स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल से स्लीप पैरालिसिस के बारे में जानकारी दी जाए। हो सकता है किसी को स्लीप पैरालिसिस के लक्षण हो, लेकिन जानकारी के अभाव के कारण स्लीप पैरालिसिस के लक्षण जैसी गंभीर समस्या से अनजान हो। ऐसे में यहां दी जा रही स्लीप पैरालिसिस से जुड़ी जानकारी से काफी मदद मिल सकती है। यहां हम न सिर्फ स्लीप पैरालिसिस के कारण और लक्षण की जानकारी देंगे, बल्कि स्लीप पैरालिसिस का इलाज संभव है या नहीं इसकी जानकारी भी देंगे। नींद पक्षाघात के उपचार और अन्य जानकारियों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ।

लेख विस्तार से पढ़ें

सबसे पहले जानते हैं कि स्लीप पैरालिसिस क्या होता है।

स्लीप पैरालिसिस क्या है? – What is Sleep Paralysis in Hindi

स्लीप पैरालिसिस ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति सोते वक्त सही तरीके से हिलने या बोलने में असमर्थ होता है। हैरानी की बता यह है कि इस दौरान व्यक्ति को पता होता है कि क्या हो रहा है, लेकिन व्यक्ति उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे पाता है। स्लीप पैरालिसिस तब होता है, जब व्यक्ति अचानक रैपिड आई मूवमेंट (REM) के चरण से उठता है। इस वक्त व्यक्ति का मस्तिष्क जाग रहा होता है, लेकिन शरीर रैपिड आई मूवमेंट में ही होता है। इस कारण व्यक्ति को लगता है कि उसका शरीर पैरालाइज्ड यानी शरीर को लकवा मार गया हो। अगर बात करें, आरईएम की तो यह एक स्टेज होता है, जिस दौरान आंखें बहुत ही तेजी से मूव करती है और व्यक्ति को इस दौरान अलग-अलग सपने आने लगते हैं। आरईएम नींद के दौरान, व्यक्ति का शरीर शिथिल होता है और मांसपेशियां नहीं हिलती हैं (1)।

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अब जानते हैं कि स्लीप पैरालिसिस के लक्षण क्या हो सकते हैं।

स्लीप पैरालिसिस के लक्षण – Symptoms of Sleep Paralysis in Hindi

स्लीप पैरालिसिस के लक्षण जानना जरूरी है, क्योंकि किसी भी बीमारी के सटीक इलाज के लिए उसके लक्षणों का पता होना आवश्यक है। इसलिए, यहां हम नींद पक्षाघात के लक्षण के बारे में जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं (2)।

  • वहम या भ्रम होना।
  • एक ही वक्त पर अलग-अलग सपने देखना।
  • नींद की शुरुआत में या जागने के बाद अंगों को हिलाने में असमर्थ होना।
  • स्लीप पैरालिसिस के दौरान अपने आसपास बुरी उपस्थिति महसूस करना।
  • भूत-प्रेत का स्पर्श महसूस होना।
  • सांस की तकलीफ होना।
  • सीने पर दबाव महसूस होना।
  • उलझन महसूस होना।
  • बेबसी का एहसास होना।
  • डर लगना।

अब स्लीप पैरालिसिस के कारण के बारे में जानते हैं।

स्लीप पैरालिसिस के कारण – Causes of Sleep Paralysis in Hindi

नींद का पक्षाघात काफी आम है और लोगों को उनके जीवनकाल में एक न एक बार यह जरूर हो सकता है। अगर स्लीप पैरालिसिस के कारण की बात की जाए, तो इसके पीछे का सही कारण पूरी तरह से ज्ञात नहीं है। हालांकि, नीचे बताई गई कुछ स्थितियों की वजह से यह परेशानी हो सकती है (1):

  • नींद पूरी न होने के कारण।
  • सोने का एक तय रूटीन न होना।
  • किसी प्रकार का मानसिक तनाव।
  • पीठ के बल सोना।

कुछ मेडिकल समस्या के कारण भी यह हो सकता है, जो इस प्रकार है :

  • नींद संबंधी विकार, जैसे कि नार्कोलेप्सी (जरूरत से ज्यादा नींद आने की समस्या)।
  • कुछ मानसिक स्थितियां, जैसे कि बाईपोलर डिसऑर्डर, पीटीएसडी, पैनिक डिसऑर्डर।
  • कुछ खास तरह की दवाइयों के उपयोग से।
  • कुछ पदार्थों के उपयोग के कारण।

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अब जानते हैं कि स्लीप पैरालिसिस का जोखिम कारक क्या हो सकता है।

स्लीप पैरालिसिस के जोखिम कारक – Risk Factors of Sleep Paralysis in Hindi

स्लीप पैरालिसिस के जोखिम कारक काफी हद तक इसके कारणों से ही मिलते-जुलते हैं। यहां हम ऐसे ही कुछ कारकों की जानकारी आपको दे रहे हैं (3) (4):

  • किसी प्रकार की शारीरिक समस्या।
  • आनुवंशिक प्रभाव के कारण यानी अगर परिवार में किसी को यह समस्या रही हो।
  • नींद की खराब गुणवत्ता के कारण।
  • अनियमित नींद की आदतें जैसे – सही वक्त पर न सोना, हर रोज अलग-अलग वक्त पर सोना।
  • शराब या किसी नशीली पदार्थों का सेवन।
  • बचपन में किसी प्रकार की बुरी घटना जैसे – यौन शोषण या कोई दुर्घटना।
  • घबराहट की बीमारी।
  • किसी प्रकार का गहरा सदमा लगना।

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अब बात करते हैं स्लीप पैरालिसिस के निदान की।

स्लीप पैरालिसिस का नादान – Diagnosis of Sleep Paralysis in Hindi

स्लीप पैरालिसिस का निदान डॉक्टर मरीज की स्थिति के आधार पर कर सकते हैं। डॉक्टर नीचे दिए गए तरीकों से स्लीप पैरालिसिस का निदान कर सकते हैं (1):

  • मरीज की नींद की आदतों से जुड़े सवाल कर सकते हैं।
  • मरीज और उसके परिवार दोनों की मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूछ सकते हैं।
  • अगर मरीज किसी प्रकार की दवा का सेवन कर रहा हो, तो डॉक्टर उसकी जानकारी ले सकते हैं।
  • डॉक्टर मरीज से उसके अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में पूछ सकते हैं।
  • हो सकता है कुछ पुरानी बातें या घटना के बारे में भी डॉक्टर मरीज से सवाल करे।

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अब हम नींद पक्षाघात के उपचार की जानकारी देंगे।

स्लीप पैरालिसिस का इलाज – Treatment of Sleep Paralysis in Hindi

अगर स्लीप पैरालिसिस के इलाज की बात करें, तो इसमें दुर्लभ मामलों में ही उपचार की जरूरत पड़ सकती है। सीधे तौर पर इसका कोई इलाज नहीं है, लेकिन इसके कारणों के आधार पर डॉक्टर कुछ उपचार कर सकते हैं। नींद पक्षाघात के उपचार कुछ इस प्रकार हैं (1) :

जीवनशैली में बदलाव – डॉक्टर हर दिन के रूटीन में बदलाव करने का सुझाव दे सकते हैं। खासतौर से अगर नींद की कमी के कारण ऐसा हो रहा हो। स्वस्थ और संतुलित डाइट के साथ-साथ अच्छी नींद के टिप्स भी दे सकते हैं, जैसे – योग, मेडिटेशन व व्यायाम आदि।

थेरेपी – मानसिक तनाव या किसी मानसिक समस्या के कारण ऐसा हो। किसी प्रकार की दुर्घटना या सदमे के कारण अगर यह समस्या उत्पन्न हो, तो डॉक्टर काउंसलिंग थेरेपी की सलाह दे सकते हैं। इसमें बातचीत से समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।

कारण के अनुसार – अगर स्लीप पैरालिसिस किसी अन्य शारीरिक या मानसिक परेशानी के कारण हो, तो डॉक्टर उस समस्या के अनुसार इलाज कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर शरीर में किसी प्रकार का दर्द हो या स्वास्थ्य समस्या हो और सही तरीके से नींद न आ रही हो। ऐसे में डॉक्टर उस शारीरिक परेशानी की दवा दे सकते हैं, ताकि उससे राहत मिले और नींद आने में मदद मिले। इसके अलावा, कभी-कभी नींद के दौरान रैपिड आई मूवमेंट (REM) को रोकने वाली दवाएं निर्धारित की जा सकती हैं।

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यहां हम बताएंगे स्लीप पैरालिसिस से बचने के उपाय।

स्लीप पैरालिसिस से बचने के उपाय – Prevention Tips for Sleep Paralysis in Hindi

कुछ उपायों को करके कुछ हद तक स्लीप पैरालिसिस की समस्या से बचाव किया जा सकता है। यहां हम ऐसे ही कुछ आसान टिप्स दे रहे हैं, जिससे स्लीप पैरालिसिस से कुछ हद तक बचाव संभव हो सकता है। स्लीप पैरालिसिस से बचने के टिप्स कुछ इस प्रकार हैं (5):

  • सोने की मुद्रा में बदलाव करें। पीठ के बल सोने से बचें, क्योंकि हमने पहले ही बताया है कि पीठ के बल सोना स्लीप पैरालिसिस का कारण हो सकता है।
  • मन को शांत करने की कोशिश करें। इसके लिए योग या ध्यान का सहारा लें।
  • डाइट में बदलाव करें और स्वस्थ डाइट लें।
  • कैफीन युक्त पदार्थों के सेवन से परहेज करें, खासतौर से रात को सोने से पहले।
  • व्यायाम या वॉक करें।
  • धूम्रपान, शराब का सेवन या अन्य किसी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन न करें।

ये थे स्लीप पैरालिसिस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां। यह किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में स्लीप पैरालिसिस का जोखिम ज्यादा हो सकता है। ऐसे में अगर ऊपर बताए गए स्लीप पैरालिसिस के लक्षण महसूस हों या परिवार में किसी में दिखे, तो डॉक्टरी सलाह जरूर लें। जैसा कि हमने पहले ही जानकारी दे दी है कि स्लीप पैरालिसिस का इलाज उसके कारणों के अनुसार किए जा सकते हैं। ऐसे में बार-बार अगर ऐसा हो, तो नींद पक्षाघात के उपचार के लिए देर न करें और मेडिकल ट्रीटमेंट का सहारा लें। उम्मीद है कि यहां स्लीप पैरालिसिस से जुड़ी जानकारी से आपको एक नई बात पता चली होगी। तो इस लेख को अन्य लोगों के साथ शेयर कर हर किसी को स्लीप पैरालिसिस के विषय से अवगत कराएं। ऐसे ही अन्य आर्टिकल्स पढ़ने के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

स्लीप पैरालिसिस को क्या ट्रिगर करता है?

स्लीप पैरालिसिस के ट्रिगर होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे (6)-

  • तनाव
  • किसी प्रकार का सदमा
  • सोने की आदतों में बदलाव
  • शारीरिक या मानसिक समस्या
  • अन्य नींद संबंधी विकार।

क्या नींद पक्षाघात से चोट लग सकती है?

नींद पक्षाघात से चोट नहीं लग सकती है, लेकिन यह व्यक्ति के लिए एक डरावना एहसास जरूर हो सकता है।

नींद के पक्षाघात से कैसे बाहर निकल सकते हैं?

इससे व्यक्ति अपने आप ही बाहर निकल सकता है या फिर किसी के हिलाने से भी व्यक्ति की नींद टूट सकती है और वो बाहर आ सकता है।

क्या स्लीप पैरालिसिस के दौरान सांस रुक सकती है?

हां, स्लीप पैरालिसिस के दौरान व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ या सीने पर भारीपन का एहसास हो सकता है। इसके अलावा, व्यक्ति को ऐसा भी महसूस हो सकता है कि कोई उसका गला दबा रहा हो (2)।

स्लीप पैरालिसिस किसे हो सकता है?

स्लीप पैरालिसिस किसी को भी हो सकता है (1), लेकिन कुछ लोगों को इसका जोखिम ज्यादा होता है। इसके बारे में हमने ऊपर लेख में विस्तार से बताया है।

क्या सभी को स्लीप पैरालिसिस होता है?

हर व्यक्ति अपने जीवनकाल में एक न एक बार स्लीप पैरालिसिस की स्थिति का सामना कर सकता है (1)।

स्लीप पैरालिसिस कितनी देर तक रहता है?

स्लीप पैरालिसिस कुछ सेकंड से लेकर एक या दो मिनट तक रह सकता है (1)।

क्या स्लीप पैरालिसिस में आंखों को हिला सकते हैं?

हां, स्लीप पैरालिसिस में व्यक्ति आंखों को हिला सकता है (1)।

संदर्भ (Sources)

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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