सोया मिल्क (सोयाबीन दूध) के फायदे और नुकसान – Soya Milk Benefits and Side Effects in Hindi

by

दूध हमारे लिए फायदेमंद होता है। हाे भी क्यों न, इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद जो होते हैं। आजकल बाजार में दूध भी कई प्रकार के मिल रहे हैं। दूध का ऐसा ही एक प्रकार सोया मिल्क है। सोयाबीन से बना यह दूध कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर रखने में मदद कर सकता है (1)। यह दूध कई बीमारियों को दूर करने में मदद कर सकता है। वैसे तो सोयामिल्क स्वास्थ्य और सेहत के लिए लाभदायक है और कई बीमारियों में फायदेमंद भी हो सकता है। फिर भी कैंसर जैसी बड़ी बीमारियों के मामले में चिकित्सीय परामर्श ही लाभदायक हो सकता है। आइए, इस आर्टिकल में सोयाबीन दूध के फायदे, उपयोग और नुकसान के बारे में विस्तार से जानते हैं।

विषय सूची


नीचे है जरूरी जानकारी

हम यहां सोया मिल्क के फायदे के बारे में बता करें।

सोया मिल्क के फायदे – Benefits of Soya Milk in Hindi

1. स्वस्थ हृदय के लिए सोया मिल्क के फायदे

सोया मिल्क हृदय संबंधी समस्याओं को दूर रखने में फायदेमंद हो सकता है। कुछ शोध में पाया गया है कि सोया मिल्क में कई प्रकार के जरूरी पोषक तत्व होते हैं। इसमें पाए जाने वाले आइसोफ्लेवोंस, फैटी एसिड, फाइटोस्टेरोल, अच्छा वसा, इनोसिटॉल जैसे पोषक तत्व वजन नियंत्रण और रक्तचाप जैसी समस्याओं में लाभदायक हो सकते हैं। वजन घटाने और रक्तचाप को कम करने से हृदय संबंधी जोखिमों को दूर किया जा सकता है (2)। वहीं, अगर कोई हृदय संंबंधी रोग से पीड़ित है, तो उसे सोया मिल्क का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर पूछ लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि सभी की स्वास्थ्य स्थिति एक जैसी नहीं होती है। इसलिए, डॉक्टर ही बेहतर बता सकते हैं कि मरीज को सोया मिल्क पीना चाहिए या नहीं।

2. ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या को दूर करने के लिए

ऑस्टियोपोरोसिस ऐसी बीमारी है, जिसमें हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। हड्डियों के आसानी से टूटने की आशंका बढ़ जाती है। इस समस्या से लड़ने के लिए सोया मिल्क फायदेमंद हो सकता है। इसमें विटामिन-डी की मात्रा पाई जाती है। शोध के अनुसार, विटामिन-डी ऑस्टियोपोरोसिस की इस समस्या को दूर करने में लाभदायक हो सकता है (3)। अब मरीज को प्रतिदिन विटामिन-डी की कितनी मात्रा की जरूरत है, इस बारे में डॉक्टर की सलाह लेना सही रहेगा।

3. कैंसर की समस्या के लिए सोया मिल्क के फायदे

कैंसर को अपने शरीर से जितना दूर रखा जाए, उतना ही अच्छा है। इससे बचने का सबसे बेहतरीन तरीका पौष्टिक भोजन और नियमित व्यायाम है। सिर्फ छोटे-छोटे नुस्खों के जरिए इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है। ऐसे में सोया मिल्क लाभदायक हो सकता है। सोया उत्पाद, जैस कि सोया दूध में प्रचुर मात्रा में लाभदायक तत्व होते हैं, जैसे कि सोया प्रोटीन और आइसोफ्लेवोंस (Isoflavones)। आइसोफ्लेवोंस को एंटी-एस्ट्रोजेनिक (anti-estrogenic) गुण के रूप में जाना जाता है, जो स्तन कैंसर को रोकने में फायदेमंद हो सकता है। यह कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने में मदद करता है और ट्यूमर को विकसित होने का मौका नहीं देता (4)। ध्यान रहे कि कैंसर जानलेवा बीमारी है। इससे ग्रस्त मरीज को डॉक्टर से अपना उचित इलाज करवाना चाहिए।

4. वजन कम करने के लिए

बढ़ता हुआ वजन और मोटापा कई बीमारियों की जड़ बन सकता है। इसके लिए जरूरी है कि वजन को समय रहते नियंत्रित कर लिया जाए। इस काम में सोया मिल्क कुछ हद तक मदद कर सकता है। सोया मिल्क में पाई जाने वाली कैल्शियम की मात्रा वजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही मोटापे को कम करने में फायदेमंद हो सकता है (5)। अभी इस संबंध में वैज्ञानिक और शोध कर रहे हैं कि सोया मिल्क कैल्शियम के अलावा कैसे अन्य तरह से मोटापे को कम कर सकता है।

5. कोलेस्ट्रॉल में फायदेमंद

बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल कई प्रकार की बीमारियों का कारण बन सकता है, जिसमें हृदय की समस्या सबसे प्रमुख है। बढ़ते हुए खराब कॉलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए सोया दूध फायदेमंद हो सकता है। चुहों के ऊपर किए गए अध्ययनों से पता चला है कि सोया मिल्क में आइसोफ्लेवोंस नामक घटक पाया जाता है। इस घटक में हाइपोकोलेस्टेरोलेमिक और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह दोनों ही गुण कोलेस्ट्रॉल को कम करने में फायदेमंद हो सकते हैं (6)। एक अन्य शोध में पाया गया कि सोया मिल्क रक्त में मौजूद एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके एचडीएल यानी अच्छे कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद कर सकता है। कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित होने से कई बीमारियों से बचने रहने में मदद मिल सकती है (7)।

6. रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए सोया मिल्क के फायदे

अक्सर बीमार रहना और बीमारी को ठीक होने में अधिक समय लगना प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने की निशानी है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करने के लिए सोया मिल्क फायदेमंद हो सकता है। सोया मिल्क में आइसोफ्लेवोंस पाया जाता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होने से मोटापे, कैंसर, अर्थराइटिस व हृदय संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है। इस तथ्य की पुष्टि एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध वैज्ञानिक शोध से होती है (8)।

7. एनीमिया की समस्या को दूर करे सोया मिल्क

एनीमिया ऐसी समस्या है, जो रक्त में आयरन की कमी के कारण होती है। इसमें हीमोग्लोबिन सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। इस समस्या से निपटने में सोया मिल्क मदद कर सकता है। सोया मिल्क फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है। ये सभी पोषक तत्व रक्त में आयरन की कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही सोया मिल्क में आयरन की मात्रा भी पाई जाती है, जो एनीमिया की समस्या से छुटकारा दिलाने में फायदेमंद हो सकता है (9)।

8. मासिक धर्म में लाभदायक

मासिक धर्म से पहले महिलाओं को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसमें मूड स्विंग से लेकर, थकान और स्तनों में दर्द आदि समस्याएं होती हैं। मेडिकल भाषा में इसे पीएमएस यानी प्रीमेस्ट्रॉल सिंड्रोम कहा जाता है। इस अवस्था से बचने के लिए सोया मिल्क का सहारा लिया जा सकता है। एक रिसर्च की माने, तो सोया मिल्क में पाया जाने वाला आइसोफ्लेवोंस इस समस्या से बचाता है। यह पीएमएस की समस्या को कुछ हद तक कम कर सकता है। फिलहाल, इस संबंध में और शोध की जरूरत है (10)।

पढ़ते रहें यह आर्टिकल

सोयाबीन दूध के फायदे के बाद यहां हम सोया मिल्क में पाए जाने पोषक तत्वों के बारे में बता रहे हैं।

सोया मिल्क के पोषक तत्व – Soya Milk Nutritional Value in Hindi

साेया मिल्क में पाए जाने वाले पोषक तत्व कुछ इस प्रकार हैं (11):

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी90.36 ग्राम
ऊर्जा43 kcal
प्रोटीन2.6 ग्राम
फैट1.47 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट4.92 ग्राम
फाइबर0.2 ग्राम
शुगर3.65 ग्राम
मिनरल्स
कैल्शियम123 मिलीग्राम
आयरन0.42 मिलीग्राम
मैग्नीशियम15 मिलीग्राम
फास्फोरस43  मिलीग्राम
पोटैशियम122 मिलीग्राम
सोडियम47 मिलीग्राम
जिंक0.26 मिलीग्राम
कॉपर0.165 मिलीग्राम
सेलेनियम2.3 माइक्रोग्राम
विटामिन
थायमिन0.029 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.184 मिलीग्राम
नियासिन0.425 मिलीग्राम
विटामिन-बी60.031 मिलीग्राम
फोलेट9 माइक्रोग्राम
कोलिन23.6 मिलीग्राम
विटामिन-बी120.86 माइक्रोग्राम
विटामिन-ए, RAE3 माइक्रोग्राम
रेटिनॉल55 आईयू
विटामिन-ई0.11 मिलीग्राम
विटामिन-डी1.1 मिलीग्राम
विटामिन-के3 माइक्रोग्राम
लिपिड
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड0.205 ग्राम
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.382 ग्राम
फैटी एसिड टोटल पोलीअनसैचुरेटेड0.858 ग्राम

स्क्रॉल करें

सोया दूध में पाए जाने वाले पोषक तत्वों को जानने के बाद सोया दूध के उपयोग के बारे में बात करते हैं।

सोया मिल्क का उपयोग – How to Use Soya Milk in Hindi

सोया दूध को गाय के दूध के विकल्प में उपयोग कर सकते हैं। यहां हम सोया दूध को कुछ खास तरह से उपयोग करने के बारे में बता रहे हैं, जो इस प्रकार है :

  • सोया मिल्क का उपयोग आप ओटमिल में दूध के स्थान पर कर सकते हैं।
  • सोयाबीन दूध का उपयोग करके एक स्वादिष्ट पेनकेक या मफिन बनाए जा सकते हैं।
  • स्मूदी में सोया मिल्क थोड़ी मिठास लाता है। साथ ही उसे और स्वादिष्ट व पौष्टिक भी बना सकता है।
  • आप कॉफी में अन्य दूध के स्थान पर सोया मिल्क का उपयोग कर सकते हैं।
  • जिम के बाद प्रोटीन की मात्रा को पूरा करने के लिए सोया मिल्क का उपयोग कर सकते हैं।

मात्रा : सोया मिल्क का उपयोग प्रतिदिन 240 मिली यानी करीब 1 गिलास तक कर सकते हैं। खासकर, वजन घटाने का प्रयास कर रहे लोगों को इसका सेवन जरूर करना चाहिए (2)। फिर भी इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह ले लेनी चाहिए।

सोया मिल्क का उपयोग जानने के बाद सोया मिल्क के नुकसान के बारे में जानते हैं।

सोया मिल्क के नुकसान – Side Effects of Soya Milk in Hindi

सोया मिल्क का उपयोग सीमित मात्रा में करना ही ठीक है, वरना इसके नुकसान भी हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • जिन लोगों को सोयाबीन के पदार्थों से एलर्जी होती है, उनके लिए सोयाबीन दूध का उपयोग नुकसानदायक हो सकता है (12)
  • साेयाबीन के दूध का अधिक सेवन गर्भाशय संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है (13)।

गाय के दूध की तरह ही सोयाबीन का दूध भी कई मामलों में स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। इसका सेवन करने से कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं के इलाज में मदद मिल सकती है। सोया मिल्क के फायदे के बारे में आप ऊपर जान ही गए हैं। फिर भी अगर कोई गंभीर समस्या से जूझ रहा है, तो पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे इस लेख में दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। इस तरह के कई अन्य लेख आप यहां पढ़ सकते हैं।

13 sources

Stylecraze has strict sourcing guidelines and relies on peer-reviewed studies, academic research institutions, and medical associations. We avoid using tertiary references. You can learn more about how we ensure our content is accurate and current by reading our editorial policy.
Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

ताज़े आलेख

scorecardresearch