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स्पिरुलिना के फायदे और नुकसान – Spirulina Benefits and Side Effects in Hindi

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स्पिरुलिना के फायदे और नुकसान – Spirulina Benefits and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 October 22, 2019

हमारे आस-पास कई ऐसी औषधीय गुणों वाली वनस्पति मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल हमारे स्वास्थ्य को कई तरीके से लाभ पहुंचा सकता है। इन्हीं में से एक है, स्पिरुलिना। यह एक एल्गी यानी पानी में पाई जानी वाली वनस्पति है, जिसका नाम आपके लिए नया हो सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल सालों से एक कारगर आयुर्वेदिक औषधि के रूप में किया जाता रहा है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको इसी अपरिचित स्पिरुलिना के बारे में बताएंगे। इस लेख में आपको वैज्ञानिक प्रमाण के साथ स्पिरुलिना के फायदे और इससे संबंधित अन्य जरूरी बातों की जानकारी मिलेगी।

चलिए, पहले जान लेते हैं कि आखिर स्पिरुलिना क्या है। इसके बाद हम स्पिरुलिना के फायदे के बारे में बात करेंगे।

स्पिरुलिना क्‍या है – What is Spirulina in Hindi

स्पिरुलिना जल में पाई जाने वाली वनस्पति (एल्गी) है। यह ताजे पानी में पायी जाती है। इसे हरी-नीली एल्गी के नाम से भी जाना जाता है। यह अपने पोषक तत्वों और स्वास्थ्य लाभ की वजह से काफी प्रयोग में लाई जाने लगी है। इस नीले-हरे शैवाल में एक तीव्र स्वाद और गंध होती है, जो आपको कई स्वास्थ्य लाभ पहुंचा सकता है। स्पिरुलिना के फायदे के बारे में अधिक जानने के लिए पढ़ते रहें यह लेख।

लेख में आगे हम तथ्यों के आधार पर आपको स्पिरुलिना के फायदे और नुकसान के बारे में बताएंगे।

स्पिरुलिना के फायदे – Benefits of Spirulina in Hindi

1. कैंसर

Cancer Pinit

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स्पिरुलिना में फाइकोसाइनिन (Phycocyanin) नामक यौगिक पाया जाता है। शोध के मुताबिक, फाइकोसाइनिन में कैंसर की दवा के रूप में काम करने की क्षमता है। इसलिए, यह एंटी कैंसर दवा या एंटी कैंसर ड्रग के सप्लीमेंट के रूप में काम कर सकता है (1)। शोध बताते हैं कि स्पिरुलिना हमारे शरीर में कीमोप्रिवेंटिव (chemopreventive) की तरह भी काम करते हैं, जो कैंसर सेल्स को बढ़ने नहीं देता (2)।

2. वजन घटाने में सहायक

स्पिरुलिना में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण पेट के बीच में जमा होने वाले फैट को कम कर सकता है और लीवर में लिपिड (Fat) के जमाव और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को रोकता है, जिसके परिणामस्वरूप शरीर का वजन कम होने लगता है। हालांकि, इसको लेकर अभी और शोध की आवश्यकता है (3)।

3. डायबिटिज

स्पिरुलिना के सेवन से रक्त शर्करा और ट्राइग्लिसराइड (वसा) के स्तर में कमी आती है, जिससे टाइप 2 मधुमेह वाले रोगियों के डायबिटिज को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा, स्पिरूलीना में पाया जाने वाला फाइकोसाइनिन (Phycocyanin) में एंटीडायबिटिक गुण पाए जाते हैं। ये टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों के लिपिड प्रोफाइल को बेहतर बनाने में प्रभावी पाया गया है (4) (5)।

4. ह्रदय

The heart Pinit

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उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल का स्तर दोनों ही ह्रदय स्वास्थ्य से जुड़े हुए हैं। उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रोल दोनों हार्ट अटैक और अन्य ह्रदय संबंधी समस्या परेशानी उत्पन्न होती है (6) । स्पिरूलिना इन दोनों जोखिम कारकों को कम कर सकता है (7)। इसलिए, माना जा सकता है कि स्पिरूलिना ह्रदय रोग के लिए फायदेमंद हो सकता है।

5. मस्तिष्क स्वास्थ्य

स्पिरुलिना के फायदे में मस्तिष्क स्वास्थ्य भी शामिल है। यह दिमाग में Aβ प्रोटीन के संचय को कम करता है और घटती याददाश्त को भी रोकता है। स्पिरूलिना मस्तिष्क में सूजन को भी कम करने में सहायक माना गया है। इसलिए, यह पार्किंसंस रोग (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक विकार जो दिमाग में होने वाली हरकत को प्रभावित करता है) के उपचार में भी सहायक हो सकता है। स्पिरूलिना नए न्यूरॉन्स बनाकर न्यूरोनल घनत्व में भी सुधार करता है, जिससे मस्तिष्क स्वास्थ्य बना रहता है (8) (9)।

6. इम्यून सिस्टम

पोषक तत्वों की कमी की वजह से शरीर के प्रतिरक्षा यानी इम्यूनिटी में कमी आती है। अध्ययनों के मुताबिक, स्पिरुलिना में मौजूद पोषक तत्व पोषण संबंधी कमियों को दूर कर इम्यूनिटी में सुधार कर सकते हैं। इम्यूनिटी में होने वाले बदलाव की वजह से टी-कोशिकाओं के उत्पादन में होने वाले परिवर्तन को रोकने में स्पिरुलिना सहायक है (10)। टी-कोशिका एक प्रमुख लसीकाणु (लिम्फोसाइट) यानी एक प्रकार की श्वेत रक्त कोशिका है, जिसका सीधा संबंध इम्यून सिस्टम से है।

7. एनीमिया

Anemia Pinit

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एनीमिया का मतलब रक्त में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कोशिकाओं में कमी होना है। एनीमिया की वजह से लंबे समय तक तक कमजोरी और थकान का एहसास शरीर में रहता है (11)। स्पिरुलिना में मौजूद आयरन और फोलेट की वजह से इसका सप्लीमेंट लेने से लाल रक्त कोशिकाओं के हीमोग्लोबिन मात्रा में बढ़ोत्तरी होती है और इम्यून सिस्टम भी बढ़ता है (12) (13)।

[ पढ़े: एनीमिया (खून की कमी) के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज ]

8. पाचन

स्पिरुलिना स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। स्पिरुलिना में भरपूर मात्रा में अमीनो एसिड और प्रोटीन होता है (14)। इन तत्वों की मदद से शरीर में मौजूद खाना अच्छे से पचता है।

9. इंफ्लेमेशन से बचाव

स्पिरुलिना का मुख्य घटक फाइकोसाइनिन (phycocyanin) है, जो एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध होता है। इसलिए, कहा जा सकता है कि स्पिरुलिना शरीर में इंफ्लेमेशन को रोकने व नियंत्रित करने में एक अहम भूमिका निभा सकता है (15)। हालांकि, इंफ्लामेशन पर इसके बेहतर प्रभाव जानने के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है । स्पिरुलिना में मौजूद एंटी इंफ्लामेशन गुण गठिया रोग में उपचार में भी सहायक होते हैं (16)।

10. एचआईवी

स्पिरुलिना के फायदे बताते हुए ऊपर लेख में हम जिक्र कर चुके हैं कि ये इम्यूनिटी को बढ़ाता है। ऐसे में ये एचआईवी के मरीज जिनकी इम्यूनिटी काफी कमजोर हो गई है, उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक करने में मदद कर सकता है (17)। साथ ही इसके बढ़ते इंफेक्शन की गति को धीमा भी कर सकता है (18)। दरअसल, स्पिरुलिना का अर्क स्पिरुलिन कैल्शियम की मदद से एचआईवी वायरस के रेप्लिकेशन (एक से ज्यादा बनने की प्रक्रिया) को बाधित करता है (1)।

11. आर्सेनिक विषाक्तता से बचाव

आर्सेनिक एक ऐसा एलिमेंट है, जो धरती के नीचे, पानी, हवा सब जगह पाया जाता है, लेकिन इसमें न तो गंध होती है और न ही कोई स्वाद (19)। अगर इसकी मात्रा शरीर में ज्यादा हो जाती है, तो विषाक्तता यानी पॉइजनिंग होने लगती है। यहां स्पिरुलिना शरीर को आर्सेनिक से बचाने में भी मदद कर सकता है। स्पिरुलिना में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और इम्यूनिटी प्रभाव आर्सेनिक उपधातु को शरीर में जमने से रोकते हैं (20) (21)।

12. कैंडिडा के इलाज में

In the treatment of Candida Pinit

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स्पिरुलिना के फायदे कई हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व आपको कैंडिडा से भी बचा सकते हैं। दरअसल, कैंडिडा एक फंगस है, जो शरीर के साथ ही लगभग हर जगह मौजूद रहता है। यह इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर संक्रमण की तरह शरीर में फैलने लगता है (22)। स्पिरुलिना में एंटीफंगल गुण होते हैं, जो कैंडिडा होने के खतरे को कम करने में सहायक साबित हो सकते हैं (23)।

13. आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक

स्पिरुलिना के फायदे में आंखों की रोशनी बढ़ाना भी शामिल है। दरअसल, स्पिरुलिना में बीटा-कैरोटीन होता है (24), जो शरीर में विटामिन-ए के रूप में परिवर्तित हो जाता है (25)। विटामिन-ए आंखों की रोशनी सुधारने के साथ ही कम रोशनी में साफ देखने की क्षमता को भी बढ़ावा देता है (26)।

14. मुहांसे के लिए

स्पिरुलिना के फायदे यकीकन अनेक हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम कर सकता, जिससे नई त्वचा कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा मिल सकता है। एक शोध के मुताबिक, स्पिरुलिना में मौजूद सी-फाइकोसाइनिन मुहांसों को रोकने में मदद कर सकता है (27)।

15. स्किन एजिंग

स्पिरुलिना में टायरोसिन, विटामिन-ई (टोकोफेरोल) और सेलेनियम होते हैं, ये सभी तत्व चेहरे के एजिंग प्रभावों को खत्म करने लिए जाने जाते हैं। टायरोसिन त्वचा की कोशिकाओं की उम्र बढ़ने की गति को धीमा करते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा पर झुर्रियों का कारण बनने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं (28)। आप पानी की मदद से स्पिरुलिना पेस्ट चेहरे की झुर्रियों के लिए कर सकते हैं।

16. बालों के लिए

For hair Pinit

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बालों का बढ़ना एकदम से रुकने की वजह शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी होती है (29)। इसलिए, पोषक तत्वों का खजाना स्पिरुलिना बालों की ग्रोथ के लिए लाभदायक माना जाता है। इसमें बालों के लिए आवश्यक पोषक तत्व मौजूद हैं। इसमें पाए जाने वाले प्रोटीन, फैटी एसिड और आयरन की सहायता से झड़ते बालों को रोककर आप घने बाल पा सकते हैं (30), (31)।

स्पिरुलिना के फायदे के बाद इस जल वनस्पति से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए पढ़ते रहें यह लेख। हम आपको आगे स्पिरुलिना खाने के नुकसान के बारे में भी बताएंगे।

स्पिरुलिना के पौष्टिक तत्व – Spirulina Nutritional Value in Hindi

स्पिरुलिना में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जिसके फलस्वरूप यह शरीर को अनेक स्वास्थ्य लाभ पहुंचाता है। चलिए, स्पिरुलिना में पाए जाने वाले सभी पोषक तत्वों पर एक नजर डाल लेते हैं (13)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
जल4.68g
ऊर्जा290kcal
प्रोटीन57.47g
कुल फैट7.72g
कार्बोहाइड्रेट23.90g
फाइबर3.6g
शुगर3.10g
मिनरल्स
कैल्शियम120mg
आयरन28.50mg
मैग्नीशियम195mg
फास्फोरस, पी118mg
पोटैशियम, के1363mg
सोडियम1048mg
जिंक2.00mg
विटामिन
विटामिन सी10.1mg
थायमिन 2.380mg
राइबोफ्लेविन3.670mg
नियासिन12.820 mg
विटामिन बी-60.364mg
फोलेट, डीएफई94µg
विटामिन ए, RAE29µg
विटामिन ए, IU570IU
विटामिन ई, (अल्फा-टोकोफेरॉल)5.00mg
विटामिन के (फाइलोक्विनोन) 25.5µg
लिपिड
फैटी एसिड, सैचुरेटेड2.650g
फैटी एसिड, कुल मोनोअनसैचुरेटेड 0.675g
फैटी एसिड, कुल पॉलीअनसैचुरेटेड2.080g

स्पिरुलिना का उपयोग – How to Use Spirulina in Hindi

स्पिरुलिना का उपयोग जानने से पहले आपका यह जानना जरूरी है कि यह किस रूप में और कहां मिलता है। दरअसल, एल्गी यानी स्पिरुलिना बतौर पाउडर, गोली और कैप्सूल के रूप में बाजार में मिलता है। आप इसे ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं (32)। नीचे जानिए इसके सेवन के कुछ सामान्य तरीके-

  • आप स्पिरुलिना पाउडर की सीमित मात्रा को फलों के जूस में मिलाकर पी सकते हैं।
  • आप स्पिरुलिना कैप्सूल या पाउडर को खुराक के रूप में ले सकते हैं।
  • अगर आपको सूखे स्पिरुलिना मिलते हैं, तो आप इन्हें अपने स्नैक्स में बतौर टॉपिंग के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। स्नैक्स में स्पिरुलिना का इस्तेमाल संबंधी जानकारी डाइटिशियन से ले सकते हैं।

कितना खाना चाहिए : सामान्य तौर पर आहार पूरक के रूप में स्पिरुलिना को प्रति दिन 3 से 4.5 ग्राम तक ही खाना चाहिए (33)। हालांकि, शारीरिक जरूरत के हिसाब से इसकी सटीक मात्रा जानने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

स्पिरुलिना के फायदे और उपयोग के बाद आइए एक नजर डालते हैं स्पिरुलिना के नुकसान पर।

स्पिरुलिना के नुकसान – Side Effects of Spirulina in Hindi

स्पिरुलिना खाने के फायदे तो है ही, लेकिन इसके सेवन से आपको नुकसान भी पहुंच सकता है। इसलिए, आपको स्पिरुलिना के सेवन से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। आमतौर पर स्पिरुलिना खाने के बाद होने वाले कुछ मामूली प्रतिकूल प्रभाव कुछ इस प्रकार हैं (34) –

  • दस्त
  • पेट खराब होना
  • पेट फूलना
  • एडिमा (सूजन)
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों में दर्द
  • चेहरे का फूलना
  • पसीना

आप इस अनजान जल वनस्पति स्पिरुलिना के बारे में इस लेख के माध्यम से काफी कुछ जान गए होंगे। स्पिरुलिना के फायदे जानने के बाद अगर आप इसका सेवन करने की सोच रहे हैं, तो एक नजर इसके नुकसान पर भी जरूर डालें, क्योंकि किसी भी चीज की अधिक मात्रा हानिकारक साबित हो सकती है। कहते है न, ‘अति सर्वत्र वर्जयेत’। अगर आपके मन में अभी भी स्पिरुलिना को लेकर कुछ सवाल हैं, तो आप हमसे नीचे कमेंट बॉक्स के माध्यम से जुड़ सकते हैं। इस लेख को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ शेयर करना न भूलें।

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