क्या है चक्र फूल (स्‍टार ऐनिस) और इसके स्‍वास्‍थ्‍य लाभ? – Star Anise Benefits in Hindi

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खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए कई तरह के मसाले प्रयोग किए जाते हैं। ये मसाले सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। ऐसा ही एक मसाला है, जिसे स्टार एनिस कहा जाता है। आम बोलचाल की भाषा में इसे चक्र फूल के नाम से जाना जाता है। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम इसी मसाले के बारे में बात करेंगे। सबसे पहले हम चक्र फूल क्या है, इस बारे में जानेंगे। फिर सेहत के लिए चक्र फूल के फायदे पर चर्चा करेंगे। साथ ही पता करेंगे कि इसे उपयोग कैसे किया जाता है और इसके नुकसान क्या-क्या हैं। यह मसाला न सिर्फ सेहतमंद रहने में मदद करता है, बल्कि बीमारी की अवस्था में कुछ लक्षणों को कम कर सकता है, लेकिन गंभीर रोग की अवस्था में पूरी तरह ठीक कर सके, यह संभव नहीं है।

लेख की शुरुआत हम यह जानने से करते हैं कि चक्र फूल क्या है।

चक्र फूल (स्‍टार ऐनिस) क्या है? – What is Star Anise in Hindi

जो चक्र फूल के बारे में पहली बार पढ़ रहे होंगे, उनके दिमाग में एक बात तो जरूर आई होगी कि आखिर चक्र फूल क्या है और देखने में कैसा होता है। यहां हम बता दें कि चक्र फूल देखने में सितारे के आकार का होता है। स्टार ऐनिस को इलीसिएसी (Illiciaceae) परिवार का पौधा माना गया है (1)। इसकी खेती मुख्य रूप से लाओस, कंबोडिया, भारत, फिलीपींस और जमैका में होती है। इसकी विशिष्ट आकृति के कारण चीन में इसे बाट गोक (baat gok) या फिर बा जिओ (Ba jiao) कहा जाता है, जिसका मतलब आठ-कोनों वाला सितारा है।

चक्र फूल के बारे में जानने के बाद यहां हम चक्र फूल के स्वास्थ्य लाभ के बारे में बता रहे हैं।

क्या हैं चक्र फूल के फायदे? – Benefits of Star Anise in Hindi

चक्र फूल पर हुए शोध में पाया गया है कि इसमें कुछ ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो कई प्रकार की समस्याओं को दूर करने में फायेदमंद हो सकते हैं। इससे होने वाले कुछ प्रमुख फायदे इस प्रकार हैं।

1. गैस और अपच की समस्या के लिए चक्र फूल के स्वास्थ्य लाभ

गैस और अपच की समस्या से पेट दर्द और पेट फूलने की परेशानी हो सकती है। स्टार ऐनस यानी चक्रफूल इस समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं। एक शोध के अनुसार, चक्रफूल का तेल अरोमाथैरेपी की तरह प्रयोग किया जा सकता है। इससे खांसी, ऐंठन व हिचकी के साथ-साथ अपच और गैस की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। दरअसल, शोध में पाया गया है कि इसमें कार्मिनेटिव (Carminative) यानी गैस को बनने से रोकने वाला गुण पाया जाता है, जो इन समस्याओं को दूर करने में कारगर हो सकते हैं (2)।

2. एंटी-माइक्रोबियल गुण

बैक्टीरिया, फंगल और यीस्ट कई प्रकार के संक्रमण का कारण बन सकते हैं। वहीं, चक्र फूल में पाया जाने वाला एंटी माइक्रोबियल गुण इन तीनों समस्याओं को कम करने में फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, चक्र फूल में एनेथोल नामक जरूरी कंपाउंड पाया जाता है। इस एनेथोल में एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं। ये गुण बैक्टीरिया, फंगल और यीस्ट के कारण होने वाले संक्रमण को कम करने में लाभदायक हो सकते हैं (3)। इस प्रकार चक्र फूल के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ में इस गुण को भी शामिल किया जा सकता है।

3. एंटीइंफ्लेमेटरी गुण से भरपूर स्टार ऐनिस

चक्र फूल में एंटी बैक्टीरियल गुण के साथ ही एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण भी पाया जाता है। जैसा कि ऊपर बताया गया है कि चक्र फूल में एनेथोल नामक जरूर कंपाउंड पाया जाता है (3)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार इस कंपाउंड में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीइंफ्लेमेटरी और एनेस्थेटिक गुण पाए जाते हैं। यह एंटीइंफ्लेमेटरी गुण कई प्रकार से मावन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। शोध में पाया गया है कि चक्र फूल के अर्क में मौजूद यह गुण फेफड़ों की गंभीर सूजन को रोकने में मददगार हो सकता है। इसके अलावा, सूजन की अन्य गंभीर परिस्थितियों को दूर करने में एनेथोल चिकित्सकीय रूप से कुछ हद तक कारगर हो सकता है (4)।

4. कीमो-प्रोटेक्टिव (Chemoprotective) गुण

स्टार ऐनिस कैंसर से बचाने में कारगर हो सकता है। इसमें फेनिलप्रोपानोइड्स (Phenylpropanoids) नामक कंपाउंड पाया जाता है। इस कंपाउंड में एंटी-ट्यूमर गुण पाया जाता है, जो कैंसर के मरीज में ट्यूमर को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही इस कंपाउंड में कीमोप्रिवेंटिव गुण भी होते हैं, जो कैंसर के लक्षणों को कम करने में कुछ मदद कर सकते हैं (2)। एनीसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, स्टार ऐनीज के तेल में पॉलीसैकेराइड्स (polysaccharides) और शिकीमिक एसिड (shikimic acid) पाया जाता है, जिनमें कीमोप्रिवेंशन गुण पाए जाते हैं (5)। साथ ही हम स्पष्ट कर दें कि कोई भी घरेलू उपचार कैंसर को पूरी तरह से ठीक नहीं कर सकता। इसके लिए डॉक्टर से उचित चेकअप करवाना जरूरी है।

5. अरोमा थेरेपी के लिए चक्र फूल के फायदे

अरोमा थेरेपी चिकित्सा जगत की वो पद्धति है, जिसमें खुशबू के द्वारा दिमाग को शांत करने के साथ-साथ कई बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। चक्र फूल का अर्क इस थेरेपी के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। स्टार ऐनिस का उपयोग एरोमाथेरेपी में खांसी, पेट का दर्द, ऐंठन, हिचकी और अपच की समस्या को कुछ कम कर सकता है (2)।

चक्र फूल के स्वास्थ्य लाभ जानने के बाद आगे हम इसके उपयोग के बारे में बता रहे हैं।

चक्र फूल का उपयोग – How to Use Star Anise in Hindi

स्टार ऐनिस को कई प्रकार से उपयोग में लाया जा सकता है, जो इस प्रकार है:

  • दक्षिण भारत में चक्र फूल का उपयोग रसम और सांबर बनाने के लिए किया जाता है।
  • चक्र फूल का उपयोग अरोमो थेरेपी में सुगंधित पदार्थ के रूप में भी किया जा सकता है।
  • शहद के साथ चक्र फूल का उपयोग करके ग्रीन टी बनाई जा सकती है।

उपयोग और फायदों के बाद अब हम यह भी जान लेते हैं कि चक्र फूल का सेवन सुरक्षित है या नहीं।

चक्र फूल (स्‍टार ऐनिस) के नुकसान क्या हैं? Side Effects of Star Anise in Hindi

चक्रफूल को सीधे तौर पर खाने की जगह मसालों और औषधि के रूप में सेवन करना अधिक सुरक्षित हो सकता है और इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं, जो हम आपको ऊपर बता चुके हैं। बच्चों की कई समस्याओं जैसे कि पेट की बीमारी और दर्द के दौरान चक्र फूल का काढ़ा देने की एक प्राचीन पारंपरिक रही है । वहीं, इसकी अधिक मात्रा व गलत तरीके से सेवन करने से कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं, जो निम्न प्रकार से हैं (6):

  • नशा
  • दस्त
  • अनियमित हृदय गति (ब्रेडीकार्डिया)
  • कंपन (न्यूरोटॉक्सिसिटी)
  • उल्टी
  • नजर का धुंधला होना
  • आंखों की समस्या (निस्टागमस)

आपने इस आर्टिकल में चक्र फूल के बारे में पढ़ा, जिसे स्टार ऐनिस के नाम से भी जाना जाता है। आर्टिकल के माध्यम से आपने चक्र फूल के फायदे, उपयोग और नुकसान के बारे में जाना। चक्र फूल न सिर्फ मसालों के रूप में उपयोग होता है, बल्कि इसमें पाए जाने वाले औषधीय गुणों के कारण यह कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद हो सकता है। अगर आप इसके फायदों को जानकर इसका उपयोग करना चाहते हैं, तो अपने चिकित्सक की सलाह से इसे औषधि के रूप में उपयोग कर सकते हैं। चक्र फूल की जानकारी देता यह आर्टिकल आपको कैसा लगा नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हमें जरूर बताएं।

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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