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सॉना बाथ का इस्तेमाल प्राचीन काल से ही होता आया है। समय के साथ साथ इसका चलन बढ़ता जा रहा है, क्योंकि स्टीम बाथ लेने के फायदे एक नहीं, बल्कि कई हैं। आज भी इसका उपयोग शरीर को रिलैक्स करने से लेकर कई प्रकार की बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है। इसी वजह से स्टाइलक्रेज स्टीम बाथ से जुड़ी विस्तृत जानकारी लेकर आया है। यहां सॉना बाथ के फायदे और अधिक स्टीम बॉथ लेने के नुकसान क्या होते हैं, दोनों ही बताए गए हैं।

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सबसे पहले जानते हैं कि स्टीम बाथ और सॉना बाथ कहते किसे हैं।

स्टीम/सॉना बाथ क्‍या है – What is Steam/Sauna Bath in Hindi

स्टीम बाथ, यह एक प्रकार का खास स्नान है, जिसमें पानी की जगह भाप से नहाया जाता है। सॉना बाथ पूरे शरीर की थर्मोथेरेपी (गर्म थेरेपी) का एक रूप है, जिसका उपयोग दुनियाभर में अलग-अलग तरीके से होता है। इसमें सबसे पहले एक कमरे को शुष्क हवा से लगभग 80 से 100 °C तापमान पर किया जाता है। इसके भाप से लोग स्नान करते हैं, अर्थात पूरे शरीर की भाप से सिकाई की जाती है। इसी वजह से इसे स्टीम बाथ कहते हैं (1)।

वहीं, सॉना बाथ के दौरान कमरे का तापमान 80 से 90 डिग्री सेल्सियस तक होता है, जिससे पसीने के माध्यम से हानिकारक पदार्थ शरीर से निकल जाते हैं। इसे 5 से लेकर 20 मिनट तक 1 से 3 बार तक दोहराया जा सकता है (2)। स्टीम बाथ का इतिहास प्राचीन रोमन सभ्यता से जुड़ा हुआ है, जहां से इसकी शुरुआत हुई थी। प्राचीन काल में रोमन वासियों ने कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए इस तकनीक को इजात किया था।

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अब पढ़ें सॉना बाथ के फायदे से जुड़ी जानकारी।

स्टीम/सॉना बाथ के फायदे – Benefits of Steam/Sauna Bath in Hindi

स्टीम/सॉना बाथ लेने वाले लोग भी इसके फायदों से अनजान होते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम लेख में आगे सॉना बाथ के कुछ प्रमुख फायदों का जिक्र कर रहे हैं।

1. वजन कम करने के लिए स्टीम बॉथ लेने के फायदे

स्टीम बॉथ लेने के फायदे वजन नियंत्रण में भी हो सकते हैं। भले ही इस बात पर यकीन करना मुश्किल हो, लेकिन यह सच है। एक रिसर्च पेपर में इस बात का जिक्र मिलता है कि स्टीम बाथ से वजन कम हो सकता है। दरअसल, यह बॉडी में हीट को बढ़ाकर वजन को घटाने का काम कर सकता है (3)।

पुरुषों व महिलाओं पर हुए एक शोध में पाया गया कि स्टीम बाथ लेने के बाद वजन में अंतर देखने को मिल सकता है। स्टीम बाथ के दौरान होने वाले डिहाइड्रेशन के कारण इनके वजन में कमी आई (4)। एक अन्य रिसर्च में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि स्टीम बाथ से अतिरिक्त कैलोरी भी बर्न हो सकती है (5)। ऐसे में माना जा सकता है कि यह वजन कम करने में कुछ हद तक सहायक हो सकता है।

2. रक्त संचार के लिए सॉना बाथ के फायदे

रक्त संचार में सुधार करने के लिए सॉना या स्टीम बाथ एक बेहतर तरीका माना जा सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) में मौजूद एक रिसर्च पेपर के अनुसार, स्टीम बाथ से शरीर के रक्त संचार में सुधार हो सकता है (1)। माना जाता है कि जब स्टीम या सॉना बाथ लेने से शरीर की रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं, जिससे रक्तचाप कम हो जाता है (6)।

3. जोड़ों की अकड़न दूर करने के लिए

जोड़ों की अकड़न को दूर करने में सॉना बाथ फायदेमंद साबित हो सकता है। शोध की मानें, तो स्टीम बाथ मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है। इसके अलावा, यह जोड़ों में गठिया के साथ ही रीढ़ की हड्डी में गठिया की वजह से होने वाले दर्द, सूजन और अकड़न को कम कर सकता है (7)। इस तरह से देखा जाए तो यह सिर्फ अकड़न ही नहीं, जोड़ों से जुड़ी सभी असुविधाओं के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है।

4. प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बनाने में स्टीम बॉथ लेने के फायदे

प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करने में स्टीम बॉथ लेने के फायदे देखे जा सकते हैं। शोध की मानें, तो स्टीम बाथ या सॉना बाथ लेने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इससे मोनोसाइट्स (सफेद रक्त कोशिका) की गतिविधि बढ़ जाती है। ये कोशिकाएं बैक्टीरिया को खत्म करने और मृत ऊतकों को हटाती हैं। इसके अलावा, मोनोसाइट्स और न्यूट्रोफिल (सफेद रक्त कोशिका के प्रकार) हानिकारक सूक्ष्म जीवों से शरीर की रक्षा करने के साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर सकते हैं (8)।

5. तनाव को दूर करने में लाभकारी

तनाव को दूर करने के लिए स्टीम बॉथ लेने के फायदे हैं। ये खास स्नान तनाव को दूर करने और बाथ बॉडी को रिलैक्स करने के साथ ही शरीर के ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को दूर करने में लाभकारी हो सकता है। साथ ही इस स्नान से चिंता और अवसाद में कमी आ सकती है, जिससे अच्छी नींद लेने में मदद मिलेगी (1)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि सॉना बाथ के फायदे तनाव में देखे जा सकते हैं।

6. रक्तचाप नियंत्रण में सहायक

रक्तचाप की समस्या को दूर करने के लिए स्टीम बाथ बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। शोध की मानें, तो जब व्यक्ति स्टीम बाथ लेता है, तो गर्म के संपर्क में आने के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और सॉना बाथ लेने के कुछ समय बाद ब्लड प्रेशर में कमी देखने को मिलती है (9)। एक अन्य शोध के अनुसार, नियमित रूप से सॉना बाथ उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम कर सकता है (10)। ऐसे में माना जा सकता है कि स्टीम बाथ लेने के फायदे रक्तचाप नियंत्रण में फायदेमंद हो सकता है।

7. मांसपेशियों के दर्द में राहत

मांसपेशियों के दर्द से राहत पाने के लिए सॉना बाथ आरामदेह हो सकता है। जर्नल ऑफ क्लीनिकल मेडिसिन रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया है कि वर्कआउट करने के बाद स्टीम बाथ या सॉना थेरेपी लेने से रक्त प्रवाह में बढ़ोत्तरी होती है, जिससे मांसपेशियों का दर्द कम हो सकता है (11)।

एनसीबीआई पर प्रकाशित शोध की मानें, तो व्यायाम यानी एक्सरसाइज के बाद होने वाले मांसपेशियों के दर्द से राहत दिलाने में सॉना बाथ लाभकारी हो सकता है (12)। एक अन्य अध्ययन में बताया गया है कि स्टीम थेरेपी भी मांसपेशियों के दर्द में आराम पहुंचाने में मददगार हो सकती है (13)।

8. श्वसन क्रिया में सुधार

सॉना बाथ श्वसन प्रणाली के लिए लाभकारी हो सकता है। एक रिसर्च पेपर के अनुसार, सॉना बाथ हृदय, श्वसन और प्रतिरक्षा तंत्र को बढ़ाकर मूड और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में सहायक हो सकता है (14)। एनसीबीआई की मानें, तो सॉना बाथ से सांस संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है (15)। ऐसे में माना जा सकता है कि सॉना बाथ के फायदे श्वसन क्रिया में देखने को मिल सकते हैं।

9. त्वचा के लिए सॉना बाथ के फायदे

त्वचा के लिए भी स्टीम बाथ लाभकारी होता है। स्टीम बाथ से त्वचा का सीबम कम होता है, जिससे ऑयली त्वचा की समस्या से छुटकारा मिल सकता है (16)। एक अन्य अध्ययन की मानें, तो वार्म बाथ यानी स्टीम से त्वचा के पोर्स खुल जाते हैं, जिससे गहराई से त्वचा की सफाई हो सकती है व त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक बैक्टीरिया भी बाहर निकल जाते हैं (17)।

इसके अलावा, ये विषाक्त पदार्थ को भी त्वचा से अलग करने में मदद कर सकता है। रिसर्च पेपर में बताया गया है कि त्वचा को पुनर्जीवित करने में भी भाप सहायक हो सकता है (5)। यही कारण है कि त्वचा के लिए स्टीम बाथ को अच्छा माना गया है।

अंत तक पढ़ें

स्टीम बॉथ लेने के फायदे के बाद जानते हैं स्टीम बॉथ लेने के नुकसान क्या-क्या हैं।

स्टीम/सॉना बाथ के नुकसान – Side Effects of Steam/Sauna Bath in Hindi

स्टीम बाथ अगर सावधानी से लिया जाए, तो यह फायदेमंद हो सकता है, लेकिन लापरवाही बरतने पर नुकसानदायक भी हो सकता है। दरअसल, सॉना बाथ को 20 से 25 मिनट तक ही करने की सलाह दी जाती है। रिसर्च पेपर में बताया गया है कि अगर 40 मिनट तक सॉना बाथ कोई लेता है, तो उसे कई शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं (18)। ऐसे में सतर्कता बरते बिना सॉना बाथ लेने पर होने वाले नुकसान पर आगे नजर डालें।

  • स्टीम या सॉना बाथ लेने से पहले एक बात जरूर ध्यान रखें कि ज्यादा देर तक बाथ लेने से गर्म तापमान के कारण त्वचा जल सकती है और फफोले पड़ सकते हैं।
  • ज्यादा देर तक सॉना बाथ लेने के कारण अचानक मृत्यु होने का खतरा रहता है (6)।
  • अल्कोहल का सेवन करने के बाद स्टीम या सॉना बाथ नहीं लेना चाहिए, इससे रक्तचाप बढ़ सकता है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • हृदय और उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भी ये बाथ नुकसानदायक हो सकता है। इससे हृदय गति बढ़ सकती है और अचानक हार्ट अटैक आने और हृदय रोग होने की आशंका रहती है (1)।
  • अगर महिला गर्भवती है, तो ध्यान रहे कि अधिक समय तक लिया हुआ स्टीम या सॉना बाथ गर्भस्थ शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
  • स्टीम या सॉना बाथ लेने से पहले नाजुक अंगों को तौलिये से ढककर रखें, नहीं तो वहां की त्वचा पर फफोले जैसे हानिकारक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं (19)।
  • बाथ के दौरान अन्य लोगों के तौलिये और साबुन का उपयोग करने से संक्रमण का खतरा हो सकता है।
  • स्टीम बाथ में ज्यादा देर तक बैठने या फिर दिए गए निर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर त्वचा में संक्रमण व एलर्जी की समस्या हो सकती है। कुछ गंभीर मामलों में तो मृत्यु तक हो सकती है (20)।

लेख में आपने जाना स्टीम बॉथ लेने के फायदे क्या-क्या हैं। अगर सॉना बाथ लेते समय कुछ बातों का ध्यान न रखा जाए, तो स्टीम बॉथ लेने के नुकसान भी हो सकते हैं। स्टीम बॉथ से जुड़ी जानकारी पसंद आई हो, तो विशेष बातों को ध्यान में रखकर आप भी इसका लाभ उठा सकते हैं। ध्यान रहे कि अगर किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या है, तो स्टीम बॉथ लेने से पहले डॉक्टर से अवश्य सलाह ले लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या स्टीम बाथ फेफड़ों के लिए हानिकारक है?

नहीं, सॉना यानी स्टीम बाथ फेफड़ों के लिए हानिकारक नहीं है, लेकिन ध्यान रहे कि जिन लोगों को सांसों से संबंधित समस्या है, उन्हें स्टीम बाथ लेने से बचना चाहिए (21)।

स्टीम बाथ के बाद हमें क्या करना चाहिए?

• स्टीम बाथ लेने के फायदे कई सारे हैं, जिसकी चर्चा लेख में की गई है, लेकिन स्टीम बाथ लेने के बाद कुछ बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
• स्टीम बाथ लेने के बाद नॉमर्ल पानी से जरूर नहाना चाहिए।
• पहली बार स्टीम बाथ ले रहे हैं, तो कितना और कब-कब बाथ लेना है। इसके बारे में विशेषज्ञ से अवश्य पूछें।
• शरीर का तापमान किसी कारणवश अधिक है, तो स्टीम रूम में जाने से बचें।
• स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो बिना डॉक्टर से पूछे स्टीम बाथ न लें।

संदर्भ (Sources)

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Clinical Effects of Regular Dry Sauna Bathing: A Systematic Review
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5941775/

Health effects and risks of sauna bathing
http://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.1033.7490&rep=rep1&type=pdf

Effect of steam sauna bath on weight loss and lipid profile
http://jmscr.igmpublication.org/v6-i8/121%20jmscr.pdf

Sauna-induced rapid weight loss decreases explosive power in women but not in men
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/12968210/

Effect of Steam Sauna Bath on Fasting Blood Glucose Level in Healthy Adults
https://www.ijmb.in/doi/IJMB/pdf/10.5005/jp-journals-10054-0047

Beneficial effects of sauna bathing for heart failure patients
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2359619/

Infrared sauna in patients with rheumatoid arthritis and ankylosing spondylitis. A pilot study showing good tolerance short-term improvement of pain and stiffness and a trend towards long-term beneficial effects
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/18685882/

Effect of a Single Finnish Sauna Session on White Blood Cell Profile and Cortisol Levels in Athletes and Non-Athletes
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3916915/

The blood pressure and heart rate during sauna bath correspond to cardiac responses during submaximal dynamic exercise
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/31126559/

Sauna Bathing and Incident Hypertension: A Prospective Cohort Study
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/28633297/

Moist Heat or Dry Heat for Delayed Onset Muscle Soreness
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3808259/

Prophylactic Effects of Sauna on Delayed-Onset Muscle Soreness of the Wrist Extensors
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4592767/

THE BENEFITS OF STEAM THERAPY: A BRIEF REVIEW
http://prodrep.mrsteam.com/DocumentResources/aad6da53-5140-4b13-9fd2-86dba7276498.pdf

Turning up the heat on COVID-19: heat as a therapeutic intervention
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7372531/

Sauna bathing reduces the risk of respiratory diseases: a long-term prospective cohort study
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/28905164/

Effect of regular sauna on epidermal barrier function and stratum corneum water-holding capacity in vivo in humans: a controlled study
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/18525205/

STEAM BATH AND SAUNA
https://www.kau.edu.sa/Files/0057413/Files/107487_Steam%20Bath%20and%20Sauna.pdf

Correlations between Repeated Use of Dry Sauna for 4 x 10 Minutes Physiological Parameters Anthropometric Features and Body Composition in Young Sedentary and Overweight Men: Health Implications
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6360547/

Using towels and soap in steam baths could reduce infection
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1070830/

The Medical Risks and Benefits of Sauna Steam Bath and Whirlpool Use.
https://eric.ed.gov/?id=EJ354990

Lungs and ventilation in sauna
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/3218895/

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पुजा कुमारी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने वर्ष 2015 में अपने... more

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