स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी के तेल का उपयोग – Castor Oil for Stretch Marks in Hindi

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स्ट्रेच मार्क्स यानी खिंचाव के निशान शरीर के विभिन्न हिस्सों पर दिखाई दे सकते हैं। यह समस्या गर्भावस्था और शरीर के बढ़ते वजन जैसे कारणों की वजह से उत्पन्न हो सकती है (1)। हालांकि, यह कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन फिर भी खिंचाव के निशान त्वचा की खूबसूरती को प्रभावित कर सकते हैं। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी के तेल का उपयोग बताने जा रहे हैं। जानिए खिंचाव के निशान पर अंरडी का तेल किस प्रकार लाभकारी असर छोड़ सकता है।

चलिए शुरू करें

सबसे पहले जान लेते हैं कि स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी का तेल कितना अच्छा है।

क्या कैस्टर ऑयल स्ट्रेच मार्क्स के लिए अच्छा है? Is Castor Oil Good For Stretch Marks?

हां, अरंडी का तेल स्ट्रेच मार्क्स के लिए अच्छा माना जा सकता है (2)। दरअसल, अंरडी के तेल में रिसिनोलिक एसिड और लिनोलेनिक एसिड जैसे जरूरी फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो त्वचा की नमी को बनाए रखने के साथ-साथ त्वचा की लोच यानी इलास्टिसिटी (लोच) में सुधार का काम कर सकते हैं। इससे स्ट्रेच मार्क्स की स्थिति को कुछ हद तक सुधारा जा सकता है (3) (4)। इसलिए, स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी का तेल लाभकारी हो सकता है।

बने रहें हमारे साथ

लेख के इस भाग में हम स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी के तेल का उपयोग बताएंगे।

स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी के तेल का उपयोग – How To Use Castor Oil For Stretch Marks In Hindi

स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी के तेल का उपयोग कई तरह से किया जा सकता है। यहां हम क्रमवार तरीके से उन उपायों का जिक्र कर रहें हैं। लेकिन, उससे पहले हम यह स्पष्ट कर दें कि यहां बताए गए उपाय स्ट्रेच मार्क्स का इलाज नहीं हैं, यह केवल इन मार्क्स को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। अब पढ़ें स्ट्रेच मार्क्स को दूर करने के उपाय :

1. अरंडी का तेल (गर्म मालिश)

सामग्री :

  • अरंडी का तेल (आवश्यकतानुसार)

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले अरंडी के तेल को गुनगुना कर लें।
  • फिर शरीर के जिस हिस्से पर स्ट्रेच मार्क्स हैं, वहां हल्के हाथों से मालिश करें।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना रात में सोने से पहले करें।

कैसे है फायदेमंद : 

अरंडी के तेल से गर्म मालिश स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में मदद कर सकती है। जैसा कि हमने लेख में बताया कि अरंडी के तेल में मौजूद जरूरी फैटी एसिड त्वचा की लोच में सुधार करने के साथ-साथ त्वचा की नमी को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इससे स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में मदद मिल सकती है (3) (4)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि कैस्टर ऑयल की गर्म मालिश खिंचाव के निशान को कम करने में सहायक हो सकती है।

2. अरंडी का तेल और नारियल का तेल

सामग्री :

  • एक चम्मच नारियल का तेल
  • एक चम्मच अरंडी का तेल

उपयोग करने का तरीका : 

  • सबसे पहले नारियल तेल और अरंडी के तेल को मिला कर हल्का गुनगुना कर लें।
  • अब इस मिश्रण को स्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं और करीब 10 मिनट तक मसाज करें।
  • फिर गुनगुने पानी से धोकर वहां मॉइस्चराइजर लगा लें।
  • हर रोज एक से दो बार इसे लगाया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

अरंडी के तेल के साथ नारियल तेल का उपयोग भी स्ट्रेच मार्क्स के लिए किया जा सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है (5)। इसके अलावा, एक अन्य शोध में भी इस बात का जिक्र मिलता है कि नारियल तेल की मसाज से त्वचा के स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में मदद मिल सकती है (6)। हालांकि, इसके पीछे इसका कौन सा गुण काम करता है, फिलहाल इस बारे में सटीक जानकारी का अभाव है।

3. अरंडी का तेल और आर्गन ऑयल

सामग्री :

  • एक चम्मच अरंडी का तेल
  • दो से तीन बूंद आर्गन का तेल

उपयोग करने का तरीका :

  • एक कटोरी में अरंडी का तेल और आर्गन का तेल मिला लें।
  • फिर प्रभावित हिस्से पर इस मिश्रण से मालिश करें।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी के तेल का इस्तेमाल तो लाभकारी है, यह तो आप जान ही चुके हैं। वहीं, इसमें अगर आर्गन के तेल को मिला दें, तो यह मिश्रण और भी फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, आर्गन ऑयल त्वचा की लोच में सुधार का काम कर सकता है, जिससे खिंचाव के निशान कुछ हद तक कम हो सकते हैं (7)। वहीं, एक अन्य शोध में साफ तौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि आर्गन तेल का इस्तेमाल एंटी स्ट्रेच क्रीम में भी किया जाता है (8)

4. एलोवेरा और अरंडी का तेल

सामग्री :

  •     एक चम्मच ताजा एलोवेरा जेल
  • एक चम्मच अरंडी का तेल

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले एक कटोरी में ताजा एलोवेरा जेल निकाल लें।
  • फिर इसमें अरंडी का तेल मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण से प्रभावित जगह की मालिश करें।
  • मालिश करने के करीब 15 मिनट बाद त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें।
  • इस उपाय को दिन में एक या दो बार दोहराया जा सकता है।
  • इसके अलावा, वैकल्पिक रूप से एलोवरा जेल को सीधे प्रभावित जगह पर भी लगाया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

एलोवेरा का उपयोग भी स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के लिए किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक रिसर्च पेपर के मुताबिक, एलोवेरा और बादाम (स्वीट आलमंड) का तेल युक्त क्रीम स्ट्रेच मार्क्स की खुजली को कम कर सकती है। साथ ही उसे बढ़ने से रोकने में भी मदद कर सकती है (9)। इसके अलावा, एलोवेरा कोलेजन को बढ़ाने का काम कर सकता है। साथ ही यह त्वचा की नमी को भी बरकरार रख सकता है (10)। वहीं, कोलेजन में वृद्धि स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में मदद कर सकती है (11)

5. अरंडी का तेल और हल्दी

सामग्री :

  • एक चम्मच अरंडी का तेल
  • एक चम्मच हल्दी पाउडर

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले एक कटोरी में हल्दी और अरंडी के तेल को अच्छे से मिला लें।
  • अब इस मिश्रण से प्रभावित जगह की मालिश करें।
  • मालिश करने के करीब 15 मिनट बाद त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें।
  • इसे दिन में एक या दो बार दोहराया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी के तेल के साथ हल्दी का इस्तेमाल भी फायदेमंद हो सकता है। इससे जुडे़ एक शोध से पता चलता है कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो त्वचा से जुड़ी सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। वहीं, करक्यूमिन कोलेजन में भी सुधार कर सकता है (12)। बात दें कि कोलेजन एक प्रकार का प्रोटीन होता है, जो त्वचा की संरचना को बनाए रखने में मदद करता है (13)। ये सभी गुण खिंचाव के निशान में सुधार करने का काम कर सकते हैं (11)

6. अरंडी का तेल और विटामिन ई का तेल

सामग्री :

  • एक चम्मच अरंडी का तेल
  • एक चम्मच विटामिन ई का तेल

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले अरंडी के तेल में विटामिन ई को मिला लें।
  • फिर, स्ट्रेच मार्क्स पर इससे मसाज करें।
  • हर दिन इस प्रक्रिया को दोहरा सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद : 

खिंचाव के निशान पर कैस्टर ऑयल किस प्रकार सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, यह हम पहले ही बचा चुके हैं।  वहीं, इसमें अगर विटामिन ई का तेल मिला दिया जाए, तो यह और भी कारगर साबित हो सकता है। दरअसल, एक शोध में विटामिन-ई युक्त एंटी स्ट्रेच क्रीम खिंचाव के निशान को हल्का करने में मददगार साबित हुई है। हालांकि, इसमें और भी कई सामग्रियां शामिल थीं। इसलिए, इसमें अकेले विटामिन ई का योगदान कितना है, यह कहना थोड़ा मुश्किल है (14)

7. बादाम का तेल और अरंडी का तेल

सामग्री :

  • बादाम के तेल की कुछ बूंदें
  • एक चम्मच अरंडी का तेल

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले बादाम का तेल और अरंडी का तेल एक कटोरी में मिला लें।
  • फिर इसे हल्का गुनगुना कर स्ट्रेच मार्क्स पर इससे हल्की-हल्की मालिश करें।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना दो बार दोहरा सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के लिए बादाम के तेल का उपयोग भी लाभकारी हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, बादाम के तेल से 15 मिनट तक मालिश गर्भावस्था के दौरान होने वाले स्ट्रेच मार्क को बढ़ने से रोक सकती है (15)। इसके अलावा, बादाम का तेल त्वचा की लोच और हाइड्रेशन को बनाए रखने में भी मदद कर सकता है, जिससे स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में मदद मिल सकती है (16)

8. अरंडी का तेल और बायो ऑयल

सामग्री :

  • एक चम्मच बायो ऑयल
  • एक चम्मच अरंडी का तेल

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले एक कटोरी में अरंडी का तेल और बायो ऑयल लें।
  • फिर इस मिश्रण की मदद से 5 से 7 मिनट तक स्ट्रेच मार्क्स पर मालिश करें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में करीब दो से तीन बार दोहराया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

स्ट्रेच मार्क्स हटाने के लिए अरंडी के तेल के साथ बायो ऑयल का मिश्रण भी कारगर सिद्ध हो सकता है। दरअसल, इससे जुड़े शोध से पता चलता है कि बायो ऑयल का इस्तेमाल खिंचाव के निशान को कम करने के लिए किया जा सकता है। इस शोध के मुताबिक, 50 लोगों ने 8 हफ्ते तक स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के लिए बायो ऑयल का इस्तेमाल किया, जिसमें काफी हद कर सुधार देखा गया (16)। यही कारण है कि खिंचाव के निशान को हल्का करने के लिए अरंडी और बायो ऑयल के इस्तेमाल की सलाह दी जा सकती है।

9. ओटमिल और अरंडी का तेल

सामग्री :

  • आधा चम्मच ओटमील पाउडर
  • एक चम्मच अरंडी का तेल

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले एक कटोरी में अरंडी का तेल और ओटमील मिला लें।
  • फिर इस मिश्रण से स्ट्रेच के निशान पर 5 मिनट तक मालिश करें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में करीब दो से तीन बार दोहराया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

त्वचा के लिए ओट्स के फायदे तो हैं ही, वहीं, अरंडी तेल के साथ इसका उपयोग स्ट्रेच मार्क्स में लाभकारी हो सकता है। दरअसल, ओटमील के अर्क में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो स्ट्रेच मार्क्स से जुड़ी सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, ओट्स त्वचा की शुष्कता, खुरदरापन और खुजली को दूर करने में मदद कर सकता है (17)। हालांकि, ओट्स का उपयोग खिंचाव के निशान को दूर करने में कितना फायदेमंद साबित होगा, इससे जुड़े सटीक शोध का अभाव है।

10. अरंडी का तेल और शिया बटर

 सामग्री :

  • आधा चम्मच शिया बचर
  • एक चम्मच अरंडी का तेल

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले अरंडी के तेल में शिया बटर मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें।
  • अब इस मिश्रण को स्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं।
  • फिर 10 मिनट बाद इसे ठंडे पानी से धो लें।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

स्वास्थ्य के अलावा स्ट्रेच मार्क्स हटाने के घरेलू उपाय के तौर पर भी शिया के फायदे देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद रिसर्च पेपर के अनुसार, शिया बटर युक्त क्रीम स्किन इलास्टिसिटी (त्वचा की लोच) को बढ़ा कर स्ट्रेच मार्क्स को हल्का कर सकती है (16)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि शिया बटर और अंरडी के तेल का मिश्रण खिंचाव के निशान को कुछ हद तक कम कर सकता है।

11. नींबू का रस और अरंडी का तेल

सामग्री :

  • दो चम्मच नींबू का रस
  • एक चम्मच अरंडी का तेल

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले नींबू के रस में अरंडी का तेल मिलाएं।
  • फिर इसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं।
  • 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से उस हिस्से को धो लें।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना एक से दो बार कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के आसान तरीकों में नींबू का उपयोग भी शामिल है। बता दें कि नींबू विटामिन-सी से भरपूर होता है (18)। स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। दरअसल, विटामिन-सी त्वचा में कोलेजन को बढ़ाने में मदद कर सकता है, जिससे खिंचाव के निशान को कम करने में मदद मिल सकती है (13) (19)। यही कारण है कि स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी के तेल के साथ नींबू का उपयोग किया जा सकता है।

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अंत में जानिए अरंडी के तेल के इस्तेमाल से जुड़ी सावधानियां।

स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी के तेल का उपयोग करने से जुड़ी सावधानी

स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी के तेल का उपयोग तो आप जान ही चुके हैं। वहीं, इसके इस्तेमाल से पहले कुछ सावधानी बरतनी भी जरूरी है। अब पढ़ें आगे :

  • अगर किसी की त्वचा संवेदनशील है, तो अरंडी के तेल के इस्तेमाल से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर करें।
  • इसके अलावा, अगर  किसी को अरंडी के तेल से एलर्जी की समस्या है, तो इसके इस्तेमाल से बचें।
  • मालिश के लिए हमेशा अरंडी के तेल को हल्का ही गर्म करें, अधिक गर्म करने से त्वचा जल सकती है।
  • वहीं, अरंडी के तेल के साथ बताई गई किसी भी सामग्री से अगर किसी को एलर्जी है, तो उसका इस्तेमाल न करें। इसकी जगह लेख में बताए गए अन्य किसी सुरक्षित उपाय को अपनाया जा सकता है।

तो ये थे स्ट्रेच मार्क्स के लिए अरंडी के तेल का उपयोग और उससे जुड़े कुछ टिप्स। हम उम्मीद करते हैं कि यहां बताए गए उपाय खिंचाव के निशान से राहत दिलाने में आपके लिए मददगार साबित होंगे। वहीं, ध्यान रहे कि यह कोई जादू की छड़ी नहीं है, जो चुटकियों में इसे जड़ से मिटा देगी। इसके प्रभाव धीरे-धीरे सामने आ सकते हैं। इसलिए, इसके उपयोग के दौरान संयम जरूर बरतें। इस तरह की अन्य जानकारी के लिए स्टाइलक्रेज के साथ जुड़े रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

स्ट्रेच मार्क्स को हटाने में अरंडी के तेल को कितना समय लगता है?

अरंडी के तेल से स्ट्रेच मार्क्स को हटाने में कितना समय लगेगा, यह बताना थोड़ा मुश्किल है। वहीं, इसके इस्तेमाल के समय संयम बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि इसका प्रभाव धीरे-धीरे सामने आ सकता है।

क्या काले अरंडी का तेल स्ट्रेच मार्क्स के लिए प्रभावी है?

काले अरंडी का तेल स्ट्रेच मार्क्स के लिए कितना प्रभावी हो सकता है, फिलहाल इस संबंध में सटीक जानकारी उपल्बध नहीं हैं।

क्या गर्भावस्था में स्ट्रेच मार्क्स के लिए कैस्टर ऑयल का इस्तेमाल करना सुरक्षित है?

खिंचाव के निशान को कम करने के लिए कैस्टर ऑयल का इस्तेमाल लाभकारी हो सकता है। लेकिन, गर्भावस्था में इसका उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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Sources

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अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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