सूखी खुबानी के फायदे, उपयोग और नुकसान – Dried Apricot Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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आपने कई प्रकार के ड्राईफ्रूट्स और नट्स के नाम सुने होंगे। उनमें से कई स्वाद में अच्छे होते हैं, तो कुछ सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। ऐसा ही एक ड्राईफ्रूट सूखी खुबानी है। जैसे सेहत के लिए खुबानी के फायदे होते हैं, ठीक वैसे ही इसका सूखा फल भी स्वाद के साथ-साथ सेहतमंद होता है। सूखी खुबानी को कश्मीर और हिमाचल के कई इलाकों में किश्त या किष्ट कहा जाता है। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम सूखी खुबानी के फायदे के बारे में जानेंगे। साथ ही इसके उपयोग और नुकसान के संबंध में भी विस्तार से चर्चा करेंगे। जहां सूखी खुबानी सेहतमंद रहने में मदद कर सकती है, वहीं बीमारी की अवस्था में कुछ लक्षणों को कम कर सकती है। वहीं, यह कहना गलत होगा कि सूखी खुबानी किसी भी बीमारी को ठीक करने में सक्षम है। बेहतर यही होगा कि गंभीर बीमारी की अवस्था में डॉक्टर की सलाह ली जाए।

आइए, अब सूखी खुबानी के फायदे के बारे में विस्तार से जानते हैं।

सूखी खुबानी के फायदे – Benefits of Dried Apricot in Hindi 

यहां हम सूखी खुबानी के 9 स्वास्थ्य लाभों के बारे में बता रहे हैं, जो इस प्रकार हैं :

1. पोषक तत्वों से भरपूर 

सूखी खुबानी कई प्रकार के महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इन पोषक तत्वों में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, सेलेनियम, विटामिन-ए, सी और फोलेट शामिल हैं, जो सेहत के लिए लाभकारी होते हैं (1) (2)। इसके अलावा, सूखी खुबानी में कैरोटिनॉइड और पॉलीफेनोल जैसे फाइटोकेमिकल भी होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं (3)।

2. वजन कम करने के लिए 

माना जाता है कि जब सूखी खुबानी का सेवन सीमित मात्रा में किया जाता है, तो यह वजन को नियंत्रित करने में फायेदमंद हाे सकती है। 100 ग्राम खुबानी में करीब 7.3 ग्राम फाइबर की मात्रा होती है (1)। अन्य शोध में पाया गया कि फाइबर का सेवन भूख को नियंत्रित करने में कारगर हो सकता है। इससे बढ़ते वजन को कम करने और उसे नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है (4)। यहां हम स्पष्ट कर दें कि सूखी खुबानी को सीधे वजन घटाने से जोड़ने वाला कोई वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है। इसलिए, वजन कम करने के लिए सूखी खुबानी के उपयोग से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

3. गर्भावस्था के दौरान लाभदायक 

सूखी खुबानी का उपयोग गर्भावस्था के दौरान फायदेमंद हाे सकता है। इसमें आयरन की मात्रा पाई जाती है, जो खून का अहम हिस्सा होता है। साथ ही आयरन गर्भवती और भ्रूण के शरीर के सभी हिस्सों में ऑक्सीजन ले जाने में मददगार होता है (5)। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त लाल रक्त कोशिकाओं की जरूरत होती है, ताकि गर्भवती और भ्रूण के सभी अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सके। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अन्य शोध के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान पोषक तत्वों से युक्त सूखी खुबानी का सेवन कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है (6)। साथ ही यह गर्भावस्था के दौरान होने वाली एनीमिया की समस्या से बचाने में भी मददगार हो सकता है (7)।

4. एनीमिया की रोकथाम के लिए 

जैसा कि ऊपर वाले पॉइंट में भी बताया गया है कि शरीर में आयरन की कमी के कारण एनीमिया की समस्या हो सकती है। इस समस्या को दूर करने के लिए सूखी खुबानी फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट हेल्थ द्वारा प्रकाशित एक पत्र में पाया गया कि 10 सूखी खुबानी में 1 से लेकर 2.5 मिलीग्राम आयरन की मात्रा पाई जाती है। इसलिए, सूखी खुबानी का सेवन करने से आयरन के स्तर को सामान्य बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे एनीमिया की समस्या से कुछ हद तक बचा जा सकता है (8) (9)।

5. कब्ज को दूर करने में मददगार 

सूखी खुमानी में फाइबर की मात्रा पाई जाती है। माना गया है कि फाइबर पाचन तंत्र की समस्याओं को सुधारने में फायदेमंद हो सकता है। उन्हीं में से एक कब्ज भी है। फाइबर मल को पतला करके शरीर से बाहर निकालने में मददगार हो सकता है। इससे कब्ज की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है (10)। हां, अगर किसी की कब्ज की समस्या गंभीर है, तो उसे डॉक्टर से इलाज जरूर करवाना चाहिए। साथ में घरेलू उपचार के तौर पर सूखी खुबानी का भी सेवन किया जा सकता है।

6. मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए 

मधुमेह से छुटकारा पाने के लिए लोग कई प्रकार के उपाय करते हैं। वहीं, आपको जानकर आश्चर्य होगा कि स्वाद में मीठी होने के बावजूद सूखी खुबानी मधुमेह को नियंत्रित करने में मददगार हो सकती है। एनसीबीआई के जरिए प्रकाशित एक शोध में सूखी खुबानी जैसे फल को कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (रक्त में मौजूद शुगर को मापने की इकाई) की श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि इसका सेवन करने पर रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है (11)। साथ ही हम स्पष्ट कर दें कि मधुमेह की स्थिति में सूखी खुबानी का सेवन कोई उपचार नहीं है। इसलिए, मधुमेह के मरीज को डॉक्टर की ओर से दी गई दवा का सेवन जरूर करना चाहिए।

7. स्वस्थ आंखों के लिए 

सेहत के साथ ही सूखी खुबानी आंखों के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। इसमें विटामिन-ए की मात्रा पाई जाती है। इसके सेवन से विटामिन-ए की कमी से होने वाली कई प्रकार की आंखों की समस्याओं से भी बचा जा सकता है, जिनमें रतौंधी और आंखों के नीचे बनने वाले धब्बे प्रमुख हैं। इसके अलावा, विटामिन-ए आंखाें की कई प्रकार की समस्याओं को दूर करने और उनके प्रभाव को कम करने में फायदेमंद हो सकता है। उन समस्याओं में बढ़ती उम्र के साथ होने वाली आंखों की समस्याएं आदि शामिल है (12)।  

8. मजबूत हड्डियों के लिए 

ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोअर्थराइटिस कमजोर हड्डियों से जुड़ी समस्या है। क्लिनिकल केसिस इन मिनरल एंड बोन मेटाबॉलिज्म के द्वारा किए गए शोध के अनुसार, सूखी खुबानी का सेवन हड्डियों को कमजोर होने से बचाने में मदद कर सकता है। दरअसल, इसमें बोरॉन (boron) नामक पोषक तत्व पाया जाता है। इसके महत्व को जांचने के लिए मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) से ठीक पहले कुछ महिलाओं को एक वर्ष तक 3-4mg बोरॉन दिया गया। इस शोध के दौरान पाया गया कि बोरॉन लेने से हड्डियों के मिनरल डेंसिटी में सुधार हुआ और खुबानी को बोरॉन का स्रोत माना गया है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि सूखी खुबानी के सेवन से ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोअर्थराइटिस जैसी समस्या से बचा जा सकता है (13)।

9. बढ़ती उम्र से त्वचा की रक्षा 

सूखी खुबानी सेहत के साथ-साथ त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने में मददगार हो सकती है। कई शोधों में पाया गया है कि सूखी खुबानी में विटामिन-ए और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्वों के साथ ही एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। सूखी खुबानी में पाए जाने वाले ये पोषक तत्व और गुण त्वचा को स्वस्थ रखने के साथ ही त्वचा की देखभाल के लिए मददगार हो सकते हैं (14)।

सूखी खुबानी के फायदे के बाद हम इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में बता रहे हैं।

सूखी खुबानी के पौष्टिक तत्व – Dried Apricot Nutritional Value in Hindi 

सूखी खुबानी में कई प्रकार के पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं, जो इस प्रकार हैं (1)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी 30.89 ग्राम
ऊर्जा241 kcal
प्रोटीन3.39 ग्राम
फैट0.51 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट62.64 ग्राम
फाइबर7.3 ग्राम
शुगर53.44 ग्राम
मिनरल्स
कैल्शियम55 मिलीग्राम
आयरन2.66 मिलीग्राम
मैग्नीशियम32 मिलीग्राम
फॉस्फोरस71 मिलीग्राम
पोटैशियम1162 मिलीग्राम
सोडियम10 मिलीग्राम
जिंक0.39 मिलीग्राम
मैंगनीज0.235 मिलीग्राम
कॉपर0.343 मिलीग्राम
सेलेनियम2.2 माइक्रोग्राम
विटामिन
विटामिन सी1 मिलीग्राम
थायमिन0.015 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.074 मिलीग्राम
नियासिन2.589 मिलीग्राम
विटामिन-बी 60.143 मिलीग्राम
फोलेट10 माइक्रोग्राम
कोलीन13.9 मिलीग्राम
विटामिन-ए180 माइक्रोग्राम
बीटा कैरोटिन2168 माइक्रोग्राम
विटामिन-ए IU3604 IU
विटामिन-इ4.33 मिलीग्राम
विटामिन-के3.1 माइक्रोग्राम
लिपिड
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड0.017 ग्राम
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.074 ग्राम
फैटी एसिड टोटल पोलीअनसैचुरेटेड0.074 ग्राम

पोषक तत्वों की सूची के बाद जानते हैं कि सूखी खुबानी का उपयोग किस प्रकार से कर सकते हैं।

सूखी खुबानी का उपयोग – How to Use Dried Apricot in Hindi 

सूखी खुबानी का उपयोग रसोई में कई प्रकार से किया जा सकता है। यहां पर हम बता रहे हैं कि इसका उपयोग कितने प्रकार से और कैसे-कैसे किया जा सकता है।

  • सुबह-सुबह इसका उपयोग नाश्ते में कर सकते हैं।
  • इसका उपयोग कई पकवानों जैसे केक आदि की टाॅपिंग के लिए किया जा सकता है।
  • फ्रूट सलाद का स्वाद व उसके पौषक तत्वों को बढ़ाने के लिए आप सूखी खुबानी को मिला सकते हैं।
  • कई स्थानों में आईसक्रीम के लिए भी इसे उपयोग में लिया जाता है।
  • सूखी खुबानी की जैम भी बनाई जा सकती है।

मात्रा : सूखी खुबानी के रोजाना सेवन की मात्रा पर सीधे तौर कोई सटीक रिसर्च उपलब्ध नहीं है। सामान्य तौर पर आप इसका सेवन सीमित मात्रा में एक चौथाई कप यानी लगभग 50 ग्राम सूखी खुबानी का सेवन कर सकते हैं (15)। फिर भी इसका सेवन करने से पहले आहार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

सूखी खुबानी के उपयोग जानने के बाद हम सूखी खुबानी के नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

सूखी खुबानी के नुकसान – Side Effects of Dried Apricot in Hindi 

सूखी खुबानी के लाभ के लिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। अधिक मात्रा में किया गया सेवन कई प्रकार की समस्याओं का कारण बन सकता है। यहां हम सूखी खुबानी के नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

  • सूखी खुबानी के अधिक सेवन से छोटी आंत और गैस की समस्या हो सकती है (16)।
  • बाजार में कुछ सूखे मेवों को सल्फर डाइऑक्साइड के उपयोग से संरक्षित किया जाता है, जो संवेदनशील व्यक्तियों में अस्थमा को बढ़ावा दे सकता है (17)।
  • कुछ शोधों में पाया गया कि सूखी खुमानी में ओक्राटॉक्सिन ए (ochratoxin A) की कुछ मात्रा पाई जाती है, जो एक प्रकार के टॉक्सिन (विषैले पदार्थ) होते हैं। इनसे कई प्रकार की बीमारियां होने की संभावना हो सकती हैं (18)।
  • सूखी खुबानी को गलत तरीके से संग्रहीत करने पर खराब हो सकती हैं और उनमें फंगस पैदा हो सकती हैं। ऐसी सूखी खुबानी का सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

सूखी खुबानी को कैसे करें स्टोर?

सूखी खुबानी को स्टोर करने के लिए आप इन्हें पेपर बैग में रख कर स्क्रू जार के अंदर स्टोर कर सकते हैं, लेकिन ये तरीका सूखी खुमानी को केवल एक महिने तक ही ठीक रख सकता है। इसके अलावा आप इसको रेफ्रिजरेटर में स्टोर सकते हैं।  रेफ्रिजरेटर में 6 महीने तक सूखी खुबानी को ठीक रखा जा सकता है।

सूखी खुबानी का उपयोग न सिर्फ स्वाद के लिए किया जा सकता है, बल्कि सेहत के लिए भी उपयोगी है। आपने इस आर्टिकल में सूखी खुमानी और उसके फायदों के बारे में जाना। साथ ही इसका उपयोग कैसे करें और इससे होने वाले नुकसान की जानकारी भी आपको आर्टिकल के माध्यम से प्राप्त हुई। अगर आप आर्टिकल के माध्यम से सूखी खुबानी को अपनी डाइट में शामिल करना चाहते हैं, तो डाक्टर से पूछ कर ही इसका सेवन करें और सूखी खुबानी के लाभ उठाएं। सूखी खुबानी की जानकारी देता यह आर्टिकल आपके लिए किस प्रकार से फायदेमंद रहा हमें नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताना न भूलें।

अकसर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सूखी खुबाना का सेवन गैस का कारण बन सकता है?

हां, अगर इसका सेवन अधिक मात्रा में या अच्छी तरह चबाए बिना किया जाए, तो यह गैस की समस्या के साथ ही छोटी आंत की समस्या का कारण बन सकता है (19)।

क्या इसका सेवन धोकर किया जा सकता है?

बाजार से लाए गए किसी भी ड्राईफ्रूट का सेवन धोकर ही करना चाहिए, क्योंकि इन्हें स्टोर करने में कई प्रकार के केमिकल का उपयोग किया जाता है, जोकि सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

सूखी खुबानी का आनंद कैसे ले सकते हैं?

सूखी खुबानी को आप कई प्रकार से उपयोग में लेकर इसका आनंद ले सकते हैं। ऊपर आर्टिकल में हमने इसे उपयोग करने के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया है।

क्या सूखी खुबानी में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं?

सूखे मावे में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं (20), लेकिन सूखी खुबानी में यह गुण होता है या नहीं, इस संबंध में फिलहाल कोई शोध उपलब्ध नहीं है।

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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