सूरज की रोशनी के फायदे और नुकसान – Sunlight Benefits and Side Effects in Hindi

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ठंड के मौसम में गुनगुनी धूप लेना किसे पसंद नहीं होता। लोग अक्सर समुद्र के किनारे धूप सेकते दिखाई देते हैं। इस धूप से सिर्फ गर्माहट का अहसास ही नहीं होता, बल्कि स्वास्थ्य को भी कई फायदे मिलते हैं। इसी वजह से सर्दी के मौसम में ही नहीं गर्मियों में भी कुछ देर धूप सेकना फायदेमंद माना जाता है। यह किस तरह से शरीर को फायदा पहुंचाता है, इस बारे में हम स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में विस्तार से बता रहे हैं। यहां सूरज की रोशनी के फायदे और नुकसान की जानकारी वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर दी गई है। साथ ही सूरज की धूप लेने का सही समय भी बताया गया है। बस, तो फिर सूरज की रोशनी में छिपे सेहत के सभी राज व फायदे जानने के लिए अंत तक लेख पढ़ें।

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सबसे पहले हम बता रहे हैं कि सूरज की रोशनी क्या होती है।

सूरज की रोशनी क्‍या है? – What is Sunlight in Hindi

सूरज से मिलने वाले तेज प्रकाश को ही सूरज की रोशनी कहा जाता है। इसमें कई प्रकार की किरणें होती हैं। यह पृथ्वी के तापमान को गर्म करने के साथ ही सेहत के लिए भी कई प्रकार से फायदेमंद होती है। हां, इस बात को जरूर ध्यान रखना चाहिए कि दिनभर की किरणें त्वचा और सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होती है। सूर्य की किरणों में ज्यादा देर तक बैठने व गलत समय के कारण त्वचा को हानि भी हो सकती है (1)। इसी वजह से हम नीचे सूरज की रोशनी के फायदे और नुकसान दोनों बताएंगे।

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अब सूरज की रोशनी के फायदे के बारे में बता रहे हैं। इसके बाद सूरज की रोशनी के नुकसान बताएंगे।

सूरज की रोशनी के फायदे – Benefits of Sunlight in Hindi

लेख के इस भाग में हम विस्तार से बताएंगे कि सूरज की रोशनी किस तरह से फायदेमंद होती है और शरीर को इससे क्या-क्या फायदे हो सकते हैं। इन फायदों को पढ़ने से पहले यह भी जान लें कि सूरज की रोशनी किसी बीमारी का इलाज नहीं है, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने का यह एक तरीका हो सकता है। चलिए, अब जानते हैं सूरज की रोशनी के फायदें क्या-क्या हैं।

1. विटामिन डी को बूस्ट करे

अन्य पोषक तत्वों की तरह ही सेहत के लिए विटामिन-डी की भी जरूरत होती है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट में मौजूद रिसर्च पेपर के अनुसार सूरज की रोशनी विटामिन-डी के उत्पादन का मुख्य स्रोत है। यह अनुमान लगाया जाता है कि शरीर की दैनिक आवश्यकताओं का 90 प्रतिशत विटामिन-डी सूर्य के प्रकाश के संपर्क से प्राप्त हो सकता है (2)

सूर्य की किरणों से कैल्शियम और फास्फोरस के अवशोषण को बढ़ाने में मदद मिलती है। यह रक्त कोशिकाओं के गठन, इम्यून सिस्टम को बेहतर करने और ब्लड सर्कूलेशन को सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (3)

2. हड्डियों के लिए है जरूरी

सूर्य की रोशनी हड्डियों की मजबूती के लिए भी जरूरी है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार विटामिन-डी की कमी के कारण बच्चों को रिकेट्स और वयस्कों को अर्थराइटिस की समस्या, ऑस्टियोपोरोसिस व ऑस्टियोमलेशिया (Osteomalacia) जैसी हड्डी संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। हम ऊपर बता ही चुके हैं कि सूर्य का प्रकाश विटामिड-डी का अच्छा स्रोत होता है। इसी वजह से सूर्य की रोशनी इन समस्याओं को दूर करके हड्डी को स्वस्थ रखने का काम कर सकती है (4)

इसके अलावा, सूर्य से मिलने वाला विटामिन-डी हड्डियों के लिए जरूरी कैल्शियम को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है। इससे बोन मिनरलाइजेशन (वह प्रक्रिया जिससे हड्डी तक कैल्शियम पहुंचता है) बेहतर होता है। इनकी मदद से हड्डियों की कमजोरी दूर करने और उन्हें मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है (5)

3. डिप्रेशन की समस्या को दूर करने के लिए

डिप्रेशन या अवसाद एक मानसिक विकार है। इस मानसिक स्थिति से बाहर निकलने में भी विटामिन-डी फायदेमंद हो सकता है। इस विषय पर 29 मरीजों पर हुआ शोध एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित है। उसमें कहा गया है कि रोजाना दो सप्ताह तक सुबह एक घंटे मरीजों को धूप में बैठाया गया। इसके बाद दो हफ्ते में उन सभी रोगियों के अवसाद के स्तर में कमी पाई गई। इसी आधार पर रिसर्च में कहा गया है कि सुबह के समय कुछ देर धूप में बैठने व एक्सरसाइज करने से अवसाद और अन्य मानसिक विकार से बचा जा सकता है (6)

4. कैंसर की रोकथाम में सूरज की रोशनी के फायदे

सूरज की रोशनी से मिलने वाले विटामिन-डी की कमी से कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा होता है, जिनमें कैंसर भी शामिल है। अध्ययनों से पता चलता है कि विटामिन-डी की कमी के कारण कोलोरेक्टल कैंसर (इसे आंतों का कैंसर, पेट का कैंसर या रेक्टल कैंसर भी कहा जाता है) विकसित होने का जोखिम 253 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

रिसर्च में यह अनुमान लगाया गया है कि विटामिन-डी में मौजूद एंटी-कैंसर गुण कोलोरेक्टल, स्तन और प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को 30 से 50 प्रतिशत तक कम कर सकता है। हां, ज्यादा देर तक सीधे सूर्य के संपर्क में आने से बचना भी चाहिए (7)। गौर हो कि विटामिन-डी कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए विटामिन-डी पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।

5. गठिया

सूर्य की रोशनी गठिया की समस्या से भी राहत दिला सकती है। जैसा कि हम बता चुके हैं कि सूर्य की किरणों में भरपूर विटामिन-डी होता है। सूर्य से मिलने वाला यह विटामिन गठिया से बचाव कर सकता है (8)। एक शोध में बताया गया है कि गठिया रोगियों में विटामिन-डी की मात्रा बहुत कम होती है। इसकी कमी होने से इस रोग का जोखिम बढ़ने के साथ ही इसके गंभीर होने की आशंका बढ़ सकती है। रिसर्च में यह भी कहा गया है कि सूर्य की रोशनी से भरपूर विटामिन-डी लेने से गठिया रोग के दौरान होने वाले दर्द को थोड़ा कम किया जा सकता है (9)

6. त्वचा संबंधी रोगों के लिए सूरज की रोशनी के फायदे

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सूरज के संपर्क में आने से त्वचा संबंधी कई समस्याओं का घरेलू इलाज किया जा सकता है। संगठन से जुड़े डॉक्टरों ने सोरायसिस, एक्जिमा, पीलिया, मुंहासे के इलाज के लिए सूर्य की यूवी किरणों की मदद लेने की सिफारिश की है। हां, साथ ही यह भी कहा गया है कि सूरज की रोशनी ज्यादा देर तक लेने से सनटैन और झुर्रियों जैसे समस्या भी हो सकती है (3)

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यहां हम आपको बता रहे हैं कि सूरज की धूप लेने का सही समय क्या है।

सूरज की धूप लेने का सही समय – Right Time To Get Sun Rays in Hindi

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सूर्य की यूवी किरणें सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच सबसे ज्यादा प्रभावशाली होती हैं। इस दौरान सूर्य के संपर्क में कम आने की सलाह दी जाती है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि धूप लेने का सबसे अच्छा समय सुबह 10 बजे से पहले और शाम 4 बजे के बाद का हो सकता है (10)

वहीं, भारत को लेकर हुई एक रिसर्च में कहा गया है कि 11 बजे से लेकर दो बजे तक की धूप स्किन में विटामिन-डी के उत्पादन को बढ़ा सकती है (11)। सूरज की रोशनी लेने के सही समय पर हुए एक अन्य वैज्ञानिक शोध के मुताबिक मध्याह्न यानी मिड डे के टाइम धूप सेकनी चाहिए (12)

भले ही रिसर्च में समय को लेकर विरोधाभास हो, लेकिन इन सभी रिसर्च में एक बात आम है कि अधिक समय तक धूप में नहीं रहना चाहिए। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि भले ही किसी भी समय धूप सेकें, लेकिन ज्यादा समय तक धूप में न रहें। हां, यह भी ध्यान दें कि सूर्य से विटामिन-डी तभी मिल सकता है, जब इसकी रोशनी कपड़ों की जगह सीधे अंगों पर पड़े।

बने रहें हमारे साथ

जानते हैं कि सूरज की रोशनी के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

सूरज की रोशनी के नुकसान – Side Effects of Sunlight in Hindi

सूरज की रोशनी हमेशा फायदेमंद नहीं होती सूरज की रोशनी के नुकसान भी हो सकते हैं। अब हम सूरज की रोशनी के नुकसान के बारे में बता रहे हैं (3) (13) (14)

  • सूरज की रोशनी में ज्यादा देर तक रहने पर त्वचा पर रेडनेस आ सकती है।
  • अधिक समय तक सूर्य के संपर्क में आने पर सेलुलर इम्यूनिटी (इम्यून प्रोसेस) को हानि हो सकती है।
  • लंबी अवधि तक धूप में रहने पर फोटोएजिंग (धूप के कारण समय से पहले आने वाला बुढ़ापा) और स्किन कैंसर का खतरा भी हो सकता है।
  • सूर्य रोशनी में ज्यादा देर तक रहने पर यूवी रेडिएशन की वजह से सनबर्न की समस्या भी हो सकती है।
  • धूप ज्यादा लेने से सनबर्न और स्किन कैंसर का जोखम बढ़ सकता है।
  • अधिक देर तक धूप में बैठे रहने से सनबर्न के कारण एरेथिमा (Erythema) नामक त्वचा रोग हो सकता है।
  • सन एक्सपोजर को झुर्रियों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। साथ ही इलास्टिसिटी का कम होना और झाइयां भी इसकी वजह से हो सकती है।

सूरज की रोशनी व किरणें फायदेमंद और नुकसानदायक दोनों होती हैं। बस यह व्यक्ति-व्यक्ति पर निर्भर करता है, कि वह किस तरह से और कितनी देर तक धूप में रहता है। यहां बताई बातों को ध्यान में रखकर ही धूप सेकें। ऐसा करने से धूप की किरणों का अधिक-से-अधिक लाभ लेकर शारीरिक समस्याओं से बचा जा सकता है। सूर्य की रोशनी से जुड़े इस आर्टिकल को अपने दोस्तों संग भी साझा करें और उन्हें बताएं कि धूप में कुछ देर बैठना व टहलना उनके स्वास्थ्य के लिए कितना जरूरी है।

14 संदर्भ (Sources):

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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