स्वर्ण भस्म के फायदे, उपयोग और नुकसान – Swarna Bhasma Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neelanjana Singh, Nutrition Therapist & Wellness Consultant
Written by

कई प्रकार की बीमारियों के लिए शुद्ध सोने को वैज्ञानिक विधि के जरिए इस्तेमाल किया जाता है। दवाइयों में इस्तेमाल होने वाले इस सोने को स्वर्ण भस्म या फिर गोल्ड/गोल्डन भस्म कहा जाता है। आयुर्वेद में इस स्वर्ण भस्म का काफी महत्व है। लेकिन इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में ही करना चाहिए। आयुर्वेद में स्वर्ण भस्म को शुद्ध और संसाधित करने के तरीके के बारे में बताया गया है। भस्म को तैयार करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक गलत तकनी शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है।

अगर आप भी इसी शंका में हैं कि स्वर्ण भस्म स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है या नहीं, तो एक बार इस लेख को जरूर पढ़िए। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम वैज्ञानिक प्रमाण सहित स्वर्ण भस्म के फायदे और स्वर्ण भस्म का उपयोग सहित स्वर्ण भस्म के नुकसान की जानकारी दे रहे हैं।

आइए, जानते हैं कि स्वर्ण भस्म के स्वास्थ्य संबंधी फायदे क्या हो सकते हैं।

स्वर्ण भस्म  के फायदे – Benefits of Swarna Bhasma in Hindi

स्वर्ण भस्म  के फायदे - Benefits of Swarna Bhasma in Hindi

1. ह्रदय स्वास्थ्य के लिए

स्वर्ण भस्म के औषधी गुण ह्रदय को स्वस्थ रखने के काम आ सकते हैं। विशेषज्ञों के द्वारा किए गए शोध के मुताबिक सोने में क्रोनिक डिसऑर्डर यानी पुरानी गंभीर बीमारियों को ठीक करने का गुण होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ह्रदय रोग को भी क्रोनिक डिसऑर्डर माना गया है (1), (2)। यही कारण है कि ह्रदय रोगों की कुछ दवाओं में स्वर्ण भस्म का उपयोग किया जाता है।

2. कैंसर के लिए

कैंसर की समस्या में भी स्वर्ण भस्म के गुण देखे जा सकते हैं। विशेषज्ञों के द्वारा किए जा रहे एक शोध के दौरान यह पता चला है कि स्वर्ण भस्म के अति-सूक्ष्म यौगिक में कुछ ऐसे गुण भी पाए जाते हैं, जो कैंसर के इलाज के लिए बनाई जाने वाली दवा में प्रयोग किए जाते हैं (1)

एक अन्य वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, कैंसर से ग्रसित लोगों में किए गए प्रयोगों के पश्चात यह देखा गया है कि स्वर्ण भस्म एक एंटी-कैंसर दवा के रूप में कार्य कर सकती है (3)

3. मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए

स्वर्ण भस्म के आयुर्वेदिक गुण मस्तिष्क संबंधी कई समस्याओं को कम कर सकते हैं। एक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, मस्तिष्क संबंधी दोषों को ठीक करने वाली दवाओं में स्वर्ण भस्म के लाभ देखे जा सकते हैं (4), लेकिन अभी इस पर और वैज्ञानिक शोध की जरूरत है। इसलिए, मस्तिष्क सुधार में इसका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

4. तनाव की स्थिति में

तनाव की स्थिति से उबरने के लिए भी स्वर्ण भस्म के फायदे अपना असर दिखा सकते हैं। स्वर्ण भस्म में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। स्वर्ण भस्म के लाभ से मस्तिष्क से कैटेकोलामाइन (catecholamines) नामक हार्मोन निकलता है, जो तनाव की एक स्थिति को कम कर सकता है (5)

5. गर्भावस्था में सेवन

गर्भावस्था में मां के सामने कई जोखिम होते हैं, जिनमें से एक एनीमिया भी है। एनीमिया का खतरा सबसे ज्यादा गर्भावस्था में होता है। एनीमिया की स्थिति में शरीर के सभी हिस्सों तक खून के साथ पर्याप्त ऑक्सीजन की मात्रा नहीं पहुंचती है (5)। वहीं, एक वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि एनीमिया की स्थिति में स्वर्ण भस्म आराम पहुंचा सकती है (6)

नोट – गर्भावस्था में स्वर्ण भस्म का सेवन करना चाहिए या नहीं, इस संबंध में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए, इसका सेवन करने से पहले से डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

6. त्वचा के लिए

त्वचा के लिए भी स्वर्ण भस्म के फायदे देखे जा सकते हैं। पेम्फिगस (Pemphigus) त्वचा रोग की स्थिति में स्वर्ण भस्म का उपयोग सूजन को कम कर सकता हैं (1)। इसके साथ ही केसर के साथ स्वर्ण भस्म का उपयोग करने पर त्वचा का रंग बेहतर हो सकता है (7) 

7. आंखों के लिए

आंखों के लिए स्वर्ण भस्म के लाभ हो सकते हैं। विशेषज्ञों के द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के आधार पर यह बताया गया है कि स्वर्ण भस्म का उपयोग आंखों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। अध्ययन में यह भी बताया गया है कि जब स्वर्ण भस्म को पुनर्नवा (एक आयुर्वेदिक औषधीय पौधा) के साथ लिया जाता है तो और अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं (7)

लेख के इस भाग में आपको स्वर्ण भस्म के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। 

स्वर्ण भस्म का उपयोग – How to Use Swarna Bhasma in Hindi

स्वर्ण भस्म का उपयोग निम्न प्रकार से किया जा सकता है।

  • स्वर्ण भस्म को दूध के साथ खाया जा सकता है (8)
  • इसे शहद में मिलाकर भी खाया जा सकता है (8)
  • इसे गाय के घी के साथ खा सकते हैं (9)
    ● आप च्यवनप्राश के साथ भी इसे खा सकते हैं। 

कब खाएं : स्वर्ण भस्म को सुबह नाश्ते के समय या रात में सोने से पहले खाया जा सकता है। 

कितना खाएं : रोजाना 12.5 – 62.5 Mg स्वर्ण भस्म का उपयोग किया जा सकता है (10)

नोट –स्वर्ण भस्म का उपयोग करने के बाद अगर आपके स्वास्थ्य में कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो तुरंत इसका सेवन रोक दें। साथ ही बच्चों को इसका सेवन कराने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछ लें। अगर डॉक्टर कहें, तभी बच्चों को स्वर्ण भस्म दें।

स्वर्ण भस्म के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जिसके बारे में हम आगे बता रहे हैं।

स्वर्ण भस्म के नुकसान – Side Effects of Swarna Bhasma in Hindi

अगर स्वर्ण भस्म का अनुचित मात्रा और गलत तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी हानिकारक हो सकता है (11)। स्वर्ण भस्म के नुकसान उसके अशुद्ध होने से भी जुड़ा हो सकता है।

  • अगर स्वर्ण भस्म को ठीक तरह से तैयार न किया जाए, तो इसके सेवन से आपको बेचैनी महसूस हो सकती है।
  • इसका सेवन अधिक मात्रा में करने से आपकी शारीरिक शक्ति कम हो सकती है।
  • कुछ स्थितियों में यह भस्म कई प्रकार की बीमारियों का कारण भी बन सकती है।
  • अगर स्वर्ण भस्म का निर्माण अशुद्ध रूप से किया जाए, तो यह मानसिक स्थिति को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • अशुद्ध स्वर्ण भस्म का सेवन शरीर के किसी अंग के डैमेज होने का कारण भी बन सकती है।

उम्मीद है कि अब आप स्वर्ण भस्म का उपयोग और स्वर्ण भस्म के नुकसान से परिचित हो गए होंगे। इसमें कोई दो राय नहीं कि अभी स्वर्ण भस्म पर बड़े स्तर पर वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है। फिर भी अभी तक जितने भी वैज्ञानिक अध्ययन हुए हैं, उसके आधार पर कहा जाता सकता है कि विशेष सावधानियों के साथ स्वर्ण भस्म का उपयोग किया जा सकता है। आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। इस आर्टिकल को अपने परिवार और दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

Sources

Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Check out our editorial policy for further details.

और पढ़े:

Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

ताज़े आलेख