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स्वस्थ आहार क्या है, इसके फायदे और डाइट चार्ट – Healthy Food in Hindi

Medically reviewed by Dt. Arpita Jain, Clinical Dietitian, Certified Sports Nutritionist
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स्वस्थ आहार क्या है, इसके फायदे और डाइट चार्ट – Healthy Food in Hindi Hyderabd040-395603080 October 4, 2019

‘खाना’ शरीर की मूलभूत जरूरत से अलग अब लोगों के मन को तृप्त करने वाली चीज बन चुका है। कुछ लोग भूख लगने पर खाते हैं, जबकि कुछ लोग सिर्फ भोजन को चखने के लिए खाते हैं। हालांकि, इन सबके बीच अगर आपसे पूछा जाए कि क्या आप पौष्टिक आहार का सेवन करते हैं, तो हो सकता है कि आप थोड़ी देर के लिए सोच में पड़ जाएं। यह एक गंभीर विषय है, इसलिए बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस पर विचार करना जरूरी है। आइए जानते हैं स्वास्थ्य के लिए अच्छा खाना क्या है और स्वस्थ भोजन के फायदे क्या-क्या हैं।

इस लेख की शुरुआत इस सवाल से करते हैं कि स्वस्थ आहार क्या है? आप में से कई लोगों के मन में यह दुविधा चलती होगी कि आज के वक्त में स्वस्थ भोजन जैसी चीज न के बराबर है और अगर है भी, तो वो शायद स्वाद में अच्छी न लगे। इसलिए, नीचे हम आपको स्वस्थ आहार के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं।

स्वस्थ आहार क्या है – What is Healthy Food in Hindi

What is Healthy Food in Hindi Pinit

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स्वस्थ आहार का मतलब ऐसे खाद्य पदार्थों से है, जो विटामिन, मिनरल, आयरन, प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। आहार जो आपको सेहतमंद और तंदुरुस्त रखने का काम करें और आपको बीमारियों से दूर रखें। स्वस्थ आहार को पांच श्रेणी में बांटा जा सकता है(1) :

  • हरी सब्जियां और फलियां
  • फल
  • मीट-मछली, पोल्ट्री उत्पाद
  • अनाज
  • दूध उत्पाद जैसे – पनीर, दही

लेख के आगे के भाग में जानिए कि स्वास्थ्य के लिए अच्छा खाना खाने से क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।

स्वस्थ आहार के फायदे – Benefits of Eating Healthy Food in Hindi

स्वस्थ आहार के फायदे अनेक हैं जिन्हें हम निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से जान सकते हैं –

  • स्वस्थ भोजन करने से न सिर्फ आपका शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि आपका दिमाग भी तेज होता है(2)।
  • स्वास्थ्य के लिए अच्छा खाना खाने से शरीर मजबूत होता है।
  • स्वस्थ आहार हड्डियों को मजबूत रखते हैं।
  • पौष्टिक भोजन गर्भावस्था के दौरान एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।
  • हरी-सब्जियां और फल मोटापा, कैंसर, डायबिटीज, ह्रदय रोग जैसी गंभीर शारीरिक समस्याओं से बचाव करते हैं। (3)। खासकर वो खाद्य पदार्थ जिसमें फ़ाइबर की अधिक मात्रा होती है (4)।

पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से किडनी स्टोन और ब्लड प्रेशर का खतरा कम हो सकता है(4)।

आगे हम आपके साथ स्वस्थ आहार चार्ट की एक सूची शेयर कर रहे हैं।

स्वस्थ आहार का नमूना चार्ट – Sample Healthy Diet Chart in Hindi

नीचे हम आपके साथ स्वस्थ भोजन का आहार चार्ट शेयर कर रहे हैं, हालांकि यह आपके लिए एक उदाहरण के तौर पर साझा कर रहे हैं। इस चार्ट में बताए गए खाद्य पदार्थों में आप अपने अनुसार बदलाव भी कर सकते हैं।

खाने का वक्तक्या खाएं
सुबह उठते ही – 6 से 7 बजे के करीबसंतरा, नींबू, मोसंबी या किसी अन्य फल का सेवन करें, जो आपको सूट करे
नाश्ता – 8 से 10 बजे के बीचमांसाहारी – ब्राउन ब्रेड – ओमलेट या उबला अंडा या
शाकाहारी – कम तेल वाला पराठा, पोहा या उपमा और साथ में चाय, कॉफी या ग्रीन टी।
ब्रंच – 11 से 12 बजे के बीचअपनी पसंद का कोई मौसमी फल या एक कटोरा फलों का सलाद और कुछ संतुलित मात्रा में ड्राई फ्रूट (बादाम, काजू, किशमिश आदि)।
दोपहर का खाना – 1 से 2 बजे के बीचमांसाहारी – संतुलित मात्रा में दाल, चावल, मछली/अंडा/चिकन करी, दो से तीन रोटी और सलाद।
शाकाहारी – दो से तीन रोटी, दाल, थोड़ा चावल, एक मिक्स सब्जी या अपने पसंद की सब्जी, सलाद और दही ।
शाम का नाश्ता 4 से 5 बजे के बीचहर्बल टी या कॉफी और साथ मूंगफली, मखाने, मुरमुरे या फिर उबले चने का सेवन कर सकते हैं।
रात का खाना 10 से 11 बजे के बीचमांसाहारी – तीन से चार रोटी और अंडा या चिकन या मछली करी, सलाद ।
शाकाहारी – तीन से चार रोटी, एक सब्जी, दाल, सलाद।
सोने से पहलेएक गिलास गरम दूध, मन करे तो आप दूध में इलायची या हल्दी भी डाल सकते हैं।

नोट : यह सूची बस उदाहरण के तौर पर दी गई है, इसमें मौजूद खाद्य पदार्थ या उसकी मात्रा अलग-अलग व्यक्ति के स्वास्थ्य या उनके भूख पर निर्भर करती है। खाने के वक्त में भी बदलाव हो सकता है और बीच-बीच में कुछ अन्य चीजों का भी सेवन किया जा सकता है।

अब हम आपको कुछ पौष्टिक आहार के बारे में बताएंगे जिसे आप अपने हर रोज के डाइट में शामिल कर खुद को स्वस्थ रख सकते हैं।

स्वस्थ खाद्य पदार्थ की तालिका – Healthy Food List in Hindi

नीचे जानिए कुछ ऐसे स्वस्थ भोजन जो कि आसानी से बाजार में उपलब्ध हैं, जिसे आप अपने डाइट में शामिल कर खुद को सेहतमंद रख सकते हैं।

हरी सब्जियां – कई लोग खाने में हरी सब्जियां ज्यादा पसंद नहीं करते हैं लेकिन वो ये भूल जाते हैं कि इनसे उन्हें कितना फायदा हो सकता है। सब्जियों में मौजूद विटामिन, कैल्शियम, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को मोटापे, ह्रदय रोग के अलावा कई गंभीर बीमारियों से से बचाने का काम करते हैं। स्वस्थ जीवन के लिए दैनिक आहार में हरी-सब्जियों को जरूर शामिल करना चाहिए (5) (6)।

फल – सब्जियों की तरह ही फल भी सेहत के लिए बहुत जरूरी है। डायबिटीज हो, ब्लड प्रेशर हो, कोलेस्ट्रॉल हो या वजन घटाना हो, फल आपकी मदद करेंगे। फलों में सेब, संतरा, आम और अपने पसंद का कोई भी एक या दो फल आप अपने खाने के रूटीन में शामिल जरूर करें। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि फलों का सेवन संतुलित मात्रा में किया जाना चाहिए (5) (6)।

सूप – अपने डाइट में सूप भी जरूर शामिल करें, खासकर के तब जब आप अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं। नियमित योग या व्यायाम के साथ अपने डाइट में सूप को शामिल करके आप मोटापे की समस्या से बचाव कर सकते हैं(7)। इसके साथ ही साथ कभी-कभी आप सूप को अपने एक वक्त के डाइट में भी ले सकते हो क्योंकि यह हल्का होता है।

सब्जियों का जूस – पोटैशियम, विटामिन, कैल्शियम युक्त सब्जियों के जूस को अपने डाइट में शामिल करें। विटामिन सी युक्त जूस से न सिर्फ शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि ये चोट और घाव को जल्दी भरने का काम भी करते हैं। आप गाजर, टमाटर व हरी सब्जियों के जूस को शामिल कर सकते हैं। सिर्फ जूस ही नहीं, बल्कि नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ भी आपको सेहतमंद रखने का काम कर सकते हैं। नारियल पानी से शरीर ठंडा होता है और पेट संबंधी समस्याओं से काफी हद तक आराम मिल सकता है (8) (9) (10) (11)।

फलियां और दाल – प्रोटीन, फाइबर और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर दाल और फलियां रक्तचाप, मधुमेह जैसी घातक बीमारियों से रोकथाम का काम कर सकती हैं। इसलिए अपने दैनिक आहार में दाल और फलियों को जरूर शामिल करें(12)(13)(14)।

अनाज – चावल, गेहूं, दलिया, मकई, ब्राउन राइस जैसे अनाज और अनाज उत्पाद स्वास्थ्य के लिए जरूरी माने जाते हैं। ये शरीर में ऊर्जा की पूर्ति का काम करते हैं और आपको बीमारियों से बचाने का काम करते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप अपने दैनिक आहार में रोटी, चावल और अन्य अनाज उत्पादों को शामिल करें(15)(16)।

दूध या दूध युक्त उत्पाद – दूध में कई तरह के पोषक तत्व जैसे – कैल्शियम, विटामिन ए, विटामिन बी 12, पोटैशियम, मैग्नीशियम, जिंक होते हैं। दूध हड्डियों को मजबूत बनाने से लेकर हृदय रोगों, टाइप 2 डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से बचाव करने का काम करता है(16), (17)।

इसके साथ ही कोशिश करें आप कम फैट वाला या फैट फ्री दूध उपयोग करें क्योंकि हाई सैचुरेटेड फैट से शरीर हानिकारक कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा हो सकता है। हालांकि यह पहले के शोध में कही गई बात है, अभी के नए शोध के में कुछ बदलाव हुए हैं जिसके परिणाम में यह कहा गया है कि फुल क्रीम दूध ह्रदय के लिए लाभकारी हो सकता है(18), हालांकि इसपर मिलीजुली प्रतिक्रिया है। आपको अगर दूध न पसंद हो तो आप दूध युक्त उत्पाद जैसे – पनीर, चीज़ और अन्य सामग्रियों का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि अगर आपको दूध से एलर्जी है तो आप उसके बदले सोया मिल्क, बादाम दूध का उपयोग कर सकते हैं(19), (20)। इसके अलावा डॉक्टर से भी इस बारे में बात कर सकते हैं।

अंडा – प्रोटीन, मिनरल, विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और ऐसे ही कई पौष्टिक तत्वों से भरपूर अंडा शरीर को न सिर्फ एनर्जी देता है बल्कि स्वस्थ भी रखता है। अंडा उन खाद्य पदार्थों में से एक है जिसमें प्राकृतिक रूप से विटामिन डी पाया जाता है। यह मनुष्य के दिमागी विकास में मदद कर संज्ञानात्मक (cognitive) समस्याओं से बचाव कर सकता है। कई बार उम्र के साथ यादादश्त कमजोर होने लगती है ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ आपकी याददाश्त सही रहे तो अपने डाइट में अंडे को शामिल करना न भूलें(21)। अंडे का सेवन बच्चे, बूढ़े, जवान लगभग हर उम्र के लोग कर सकते हैं (22)। हालांकि अगर किसी को ऐलर्जी की परेशानी है तो वो अंडे के सेवन से पहले एक बार डॉक्टर से राय लें।

मीट – हरी सब्जियों और फलों की तरह मीट भी स्वस्थ शरीर के लिए बहुत जरूरी है। इसमें न सिर्फ प्रोटीन होता है बल्कि इसमें जिंक भी मौजूद होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करता है, त्वचा को स्वस्थ बनाता है और प्रजनन स्वास्थ्य (reproductive health) को बरकरार रखने का काम करता है। इतना ही नहीं मीट में विटामिन बी 12 और ओमेगा-3 भी होता है जो तंत्रिका तंत्र (Nervous System) , ह्रदय और मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है(23)।

मछली – अगर आप अपनी डाइट में मीट नहीं शामिल करना चाहते हैं तो आप मछली का सेवन कर सकते हैं। देखा गया है कि जो बच्चे मछली का सेवन करते हैं उनमें दमा जैसी बीमारी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। मछली में मौजूद ओमेगा-3 मस्तिष्क और दृष्टि के लिए फायदेमंद होता है। इतना ही नहीं मछली का सेवन अल्जाइमर जैसी भूलने की बीमारी के जोखिम को भी कम कर सकते हैं। मधुमेह के मरीजों में रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मछली का सेवन किया जा सकता है(24)। हालांकि हमेशा उस मछली का चुनाव करें जिसमें मरकरी कम मात्रा में हो क्योंकि ज्यादा मरकरी वाली मछली के सेवन नुकसानदायक हो सकता है।

सेब का सिरका – सेब का सिरका वजन कम करने में मददगार साबित हो सकता है। इतना ही नहीं यह ब्लड शुगर के स्तर को कम कर सकता है। हालांकि इसके सेवन के दौरान कुछ सावधानियां रखनी चाहिए और संतुलित मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए(25)।

डार्क चॉकलेट – चॉकलेट का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। अगर आपको हृदय रोगों से बचना है तो अपनी डाइट में डार्क चॉकलेट को शामिल करें। डार्क चॉकलेट में कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो हृदय को स्वस्थ रखने का काम कर सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि डार्क चॉकलेट का सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए(26)।

ये तो थे पौष्टिक आहार की सूची जिसे आप अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं। इस लेख के आगे के भाग में हम आपको उन खाद्य पदार्थों के बारे में बताएंगे जिसे आपको अपने डाइट से हटाना या कम कर देना चाहिए।

खाद्य पदार्थ जो बिल्कुल नहीं खाने चाहिए – Foods to Avoid in Healthy Diet in Hindi

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नीचे हम कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आपको डाइट से बिल्कुल हटा देना चाहिए और अगर आप उन्हें पूरी तरह हटा नहीं सकते तो कम से कम उसके सेवन सीमित कर दें।

तला-भूना खाना – तला-भूना भोजन शरीर के लिए घातक हो सकता है। तले-भूने खाने से ह्रदय संबंधी समस्या, मोटापा, मधुमेह और कई अन्य बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए जितना हो सके इनसे दूर रहें और अगर आपको तला-भूना भोजन बहुत पसंद है तो आप घर का बना तला-भूना भोजन खा सकते हैं, जिसके लिए आप जैतून का तेल या सूरजमुखी के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं (27), (28)। कोशिश करें कि इनके सेवन को सीमित करने की।

मीठे खाद्य पदार्थ – मीठे खाद्य पदार्थ जैसे मीठाई, आइस क्रीम, चॉकलेट लोगों के पसंदीदा होते हैं। लेकिन इनका अनियंत्रित मात्रा में किया गया सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ज्यादा शुगर वाले खाद्य पदार्थ न सिर्फ मोटापा बढ़ाते हैं बल्कि डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बनते हैं। इसके अलावा ये आपके दांतों को भी खराब कर सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप इनके सेवन को सीमित करें (29), (30)।

जंक फूड्स – झटपट बनने वाले और आसानी से उपलब्ध बर्गर, पिज्जा, फ्राइज, पैटीज जैसे जंक फूड्स आज धीरे-धीरे स्वस्थ आहार की जगह ले रहे हैं। लेकिन इन पर बढ़ती निर्भरता आपके स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकती है। ऐसे खाद्य पदार्थ मोटापे के साथ हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज, कैंसर और लीवर से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इसलिए जितना हो सके जंक फूड्स के सेवन से बचें (31), (32)।

कैफीन – चाय, कॉफी की आदत लगभग हर किसी को होती है। अक्सर लोग तनाव को दूर करने के लिए इसका सेवन करते हैं। लेकिन इनका अनियंत्रित मात्रा में किया गया सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। चाय और कॉफी कैफीन युक्त होते हैं और शरीर में कैफीन की अधिक मात्रा से अनिद्रा, सिरदर्द, जी मिचलाना, उल्टी, चिंता जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए जितना हो सके इन पेय पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करें(33), (34), (35)।

चीज़, बटर, मायोनीज – जैसा कि ऊपर हमने बताया कि दूध उत्पाद जैसे पनीर, चीज़ का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है। लेकिन इसमें आप ध्यान रखें कि चीज़, बटर, मायोनीज जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन एक संतुलित मात्रा में कभी-कभी करें, खासकर जब आपका वजन कम हो । इनके ज्यादा सेवन से आपको मोटापा और अन्य कई स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है(36)।

सॉफ्ट ड्रिंक – सोडायुक्त पेय पदार्थ या सॉफ्ट ड्रिंक पीने का चलन लगभग हर उम्र के लोगों में दिख रहा है। सॉफ्ट ड्रिंक की बढ़ती यह आदत स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन सकती है। दरअसल, इसमें मौजूद शुगर और कैफीन की मात्रा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। वैज्ञानिक शोध के अनुसार सॉफ्ट ड्रिंक से सेवन से मोटापा, भूख न लगना, दांत खराब होना जैसी स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए जितना हो सके इन पेय पदार्थों से दूर रहें(37), (38), (39)।

संरक्षित या डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ – जितना हो सके डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ या फ्रोजेन मटर, मीट, मछली और ऐसी ही कई अन्य चीजों के सेवन से बचे। इसके सेवन से बोटुलिज्म नामक बीमारी हो सकती है। यह एक घातक बीमारी है जो क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम नामक एक रोगाणु द्वारा उत्पन्न जहर के कारण होती है। अगर डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ सही तरीके से न रखा गया हो तो इस बीमारी के होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे व्यक्ति के जान भी जा सकती है(40)।

अल्कोहल– जितना हो सके अल्कोहल के सेवन से बचे। लगातार अल्कोहल का किया गया सेवन कैंसर, हृदय रोग मधुमेह जैसी घातक बीमारियों का कारण बन सकता है(41)।

स्वस्थ और हानिकारक आहार के बाद आगे जानिए स्वस्थ भोजन के लिए कुछ और टिप्स।

स्वस्थ भोजन के लिए कुछ और टिप्स – Other Tips for Healthy Diet in Hindi

तेल-मसाले वाले खाद्य पदार्थ – जितना हो सके तेल मसाले वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचे। इनके लगातार सेवन से कई तरह की जानलेवा बीमारी हो सकती है, जैसे – कैंसर, ह्रदय रोग, सांस संबंधी समस्या(42)।

पानी खूब पिएं – शरीर में पानी की कमी निर्जलीकरण का कारण बनती है, जिससे किडनी की समस्या, त्वचा संबंधी समस्या, उल्टी, बुखार और कई अन्य परेशानियां हो सकती है। इसलिए जितना हो सके पानी पिएं(43), (44)।

कम शुगर – शुगर शरीर के लिए जरूरी है लेकिन ज्यादा शुगर युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे दांत खराब हो सकते हैं, मोटापा, डायबिटीज जैसी समस्या खड़ी हो सकती हैं(29)।

उपवास – उपवास करना शरीर के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। उपवास माटोपे का कम करने के साथ-साथ शरीर की कई अन्य समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है। हालांकि उपवास के दौरान आप नियमित रूप से पानी पीते रहे, फल, ड्राय फ्रूट का सेवन करें ताकि आपके शरीर में उर्जा बनी रहे(45)।

इस लेख के जरिए आपको यह तो पता चल ही गया है कि स्वास्थ्य के लिए अच्छा खाना कितना जरूरी है। हमेशा याद रखें कि आप जो खाएंगे, उसी के परिणाम आपकी सेहत पर नजर आएंगे। अब आपको स्वस्थ भोजन के बारे में कई चीजें पता चल गई होगी। इसलिए, अगर अभी तक आप स्वस्थ आहार से अनजान थे, तो अब इनके बारे में जानकर इसे अपने डाइट में शामिल करें। इसके अलावा, अगर आपके पास भी पौष्टिक आहार की जानकारी या सूची है, जिसके बारे में यहां नहीं बताया गया है, तो आप उसे हमारे साथ कमेंट बॉक्स में जरूर शेयर करें।
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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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